पीएम आवास की 9 योजनाओं में 7776 मकान बनाए जाएंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार प्रेक्षागृह प्रांगण उदयराज हिंदू इंटर कॉलेज पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 547 करोड़ रुपए लागत की 9 योजनाओं का शिलान्यास किया। जिसमें से 8 योजनाएं उधम सिंह नगर की व 1 योजना नैनीताल जिले के रामनगर की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजना निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो और निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में लेटलतीफी एवं हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने 6499.53 लाख रुपये की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना मटकोटा, रुद्रपुर, 6681.26 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना भयामनगर, गदरपुर, 6625.96 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना उकरौली, सितारगंज, 8946.21 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना शिमला पिस्तौर, रुद्रपुर, 4345.06 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना गंगापुर गोसाई, काशीपुर, 8418.83 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना, जसपुर, 3560.40 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना मानपुर, काशीपुर, 3793.16 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना उमेधपुर, रामनगर, नैनीताल एवं 5833.85 लाख की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना महुआखेड़ागंज, काशीपुर की योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत 9 आवासीय परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। यह हमारा सौभाग्य है कि आज ऐसे पावन दिवस पर ये पुण्य कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरा विश्वास है कि सितंबर 2024 तक यह सभी योजनाएं अपने तय समय पर पूरी होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनको भी प्रधानमंत्री की इस योजना का लाभ मिला है उन सभी लाभार्थियों को उनके सपनों का घर मिलेगा, उनके सपनों का आशियाना मिलेगा, आज इन परियोजनाओं की नींव नहीं रखी जा रही है बल्कि उस स्वर्णिम काल की भी नींव रखी जा रही है जिसकी परिकल्पना बरसों से की जा रही थी। बरसों से एक सपना था कि सभी गरीबों को घर मिलना चाहिए, सबके सर के ऊपर छत होनी चाहिए। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह सपना आज पूरा हो रहा है हम उसके साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड बनाने के मार्ग पर अग्रसर हैं और सभी परियोजनाएं इस मार्ग पर मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि ईंट-पत्थर जोड़कर इमारत तो बन सकती है लेकिन उसे घर नहीं कह सकते, वह घर तब बनता है जब उसमें परिवार के हर सदस्य का सपना जुड़ा हो, अपना व परिवार के सदस्य एक लक्ष्य के लिए जी-जान जुड़े हों, तब एक इमारत घर बन जाती है।
उन्होंने कहा कि हमारे बीच आज अनेकों ऐसे परिवार है जिनके लिए अपना घर किसी सपने से कम नहीं है और वह बरसों की मेहनत के बाद भी अपने इस सपने को साकार नहीं कर पा रहे हैं । जब एक गरीब को घर मिलता है तो उसके जीवन में स्थिरता आती है, वह नई उम्मीद और आशाओं के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ता है। इसलिए गरीबों को पक्का घर देने का यह अभियान सिर्फ सरकारी योजना मात्र नहीं है, प्रधानमंत्री का यह अभियान एक सरकारी योजना मात्र नहीं है,प्रदेश के एक-एक वंचित को इस बात का विश्वास देने की भी प्रतिबद्धता है एवं संकल्प है कि सरकार उनके सशक्तिकरण, आगे बढ़ाने के लिए, समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति को जिसके पास कोई सुविधा नहीं है, कोई साधन नहीं है, कोई सोच नहीं है, उसको भी आगे बढ़ाने का काम किसी ने किया है तो हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया है।
उन्होंने कहा कि आज जिन 9 परियोजना का शिलान्यास किया गया है जिनके जरिए 7776 मकान बनाए जाएंगे यह संख्या कोई छोटी संख्या नहीं है। इन 7776 परिवारों में समृद्धि के नए युग की शुरुआत होगी, एक नया दौर उनके लिए प्रारम्भ होगा, एक नया अवसर उनके पास आएगा। इतना ही नहीं इस योजना से हमारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बहुत ही निर्णायक पहल शुरू हुई है। आज देश में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 3 करोड़ से भी अधिक मकान बनाए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार और पूर्ववर्ती सरकारों ने किस प्रकार कार्य किया है, इसका तुलनात्मक विवरण भी हमें देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीबों एवं जरूरतमंदों को जो सुविधाएं बहुत पहले ही मिल जानी चाहिए थी, वे सभी सुविधाएं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुहैया कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के केवल श्रम योगी ही नहीं भविष्य दृष्टा भी है जो भविष्य को भी देख रहे हैं कि कैसे एक सशक्त भारत बनेगा, कैसे एक श्रेष्ठ भारत बनेगा।
उन्होंने कहा कि शोषित वंचित एवं निर्बलों का सशक्तिकरण हो रहा है, ऐसा सशक्तिकरण देश में पहले कभी नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री जी का उत्तराखंड की धरती से विशेष लगाव है, उन्होंने कई बार कहा है कि उनका उत्तराखंड की धरती से कर्म और मर्म का रिश्ता है। किच्छा में एम्स के लिए भी जमीन स्वीकृत हो गई है, आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं आसपास ही मिलेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास के नए युग की शुरुआत हो चुकी है। प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर तेजी से आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बन रहे हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए हम निरंतर अपने शहर को कल के लिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने यह भी संकल्प लिया है कि अगले 5 वर्षों के अंदर हम उत्तराखंड के अंदर 5 नए शहर बनाने का भी काम करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को तेजी से बढ़ाने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि तीसरे दशक उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए जी तोड़ मेहनत करनी होगी, अपने-अपने क्षेत्रों में परिश्रम करना होगा, जिसको जो भी जिम्मेदारी मिली है, उसको पूरे सामर्थ्य, कर्मठता एवं तन्मयता से निभाना होगा और प्रधानमंत्री के कथन को सिद्ध करके दिखाना होगा। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है कि कर्म पथ पर चलते हुए अगर आप बैठ जाएंगे तो आपकी सफलता भी रुक जाएगी, अगर आप खड़े होंगे तो सफलता भी उठ खड़ी होगी, अगर आप आगे बढ़ते हैं तो सफलता भी वैसे ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड जो कि हमारा विकल्प रहित संकल्प है, इस संकल्प को सिद्ध करने के लिए सभी को एकजुट होकर अपने-अपने क्षेत्र में पूरी ईमानदारी से कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब हम सब मिलकर एकजुट होकर एक दिशा में आगे बढ़ेंगे तो कोई भी ऐसी ताकत नहीं होगी जो हमें भारत के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल होने से रोक सकें, श्रेष्ठ बनने से रोक सके।
उन्होंने कहा कि रामनगर रोड से सेठी पेट्रोल पंप तक सुधारीकरण का काम किया जाएगा। काशीपुर में बरसात के समय में ड्रेनेज की समस्या से निजात हेतु ठीक करने की योजना बनाई जाएगी, गिरीताल का भी विकास का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने मां भगवती से सभी पर कृपा दृष्टि बनाए रखने की कामना की।
इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट, शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर वन विकास निगम कैलाश गहतोड़ी, मेयर उषा चौधरी, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोरा, दीवान सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, डॉ.शैलेंद्र मोहन सिंघल, अध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग मुकेश कुमार,उपाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य महिला आयोग सायरा बानो, जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, राम मेहरोत्रा, सीमा चौहान, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत एसएसपी मंजूनाथ टीसी मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा सचिव आवास एसएन पाण्डे,अपर आवास आयुक्त पीसी दुमका, अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह नगर आयुक्त विवेक राय, उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह आदि उपस्थित थे।

वेटरन सोल्जर्स सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवा पखवाडा के तहत सैनिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ‘‘वेटरन सोल्जर्स सम्मान समारोह‘‘ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में 80 वर्ष से अधिक आयु के 66 वेटरन सोल्जर्स सम्मानित हुए।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सेवा पखवाड़ा हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस से प्रारम्भ होकर आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर समाप्त हो रहा है। इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी वीर सैनिकों का सम्मान हम सभी के लिए अत्यन्त गर्व का विषय है, आज ये आपका सम्मान नहीं, अपितु आप वीरों को सम्मानित कर हम सभी स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। आप लोगों की वीरता, शौर्य और समर्पण के कारण ही हमारे देश की सीमाएं सदा सुरक्षित रहीं है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का एक गौरवशाली इतिहास है और उस इतिहास के कुछ स्वर्णिम हस्ताक्षर आज हमारे सम्मुख उपस्थित हैं। हमारे वीर सैनिकों ने हर मोर्चे पर तिरंगे के गौरव और मान को बढ़ाने का कार्य किया है। और यही कारण है कि इस देश का हर नागरिक भारतीय सेना के प्रति सम्मान का एक अति विशिष्ट भाव रखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने लाखों वीर सैनिक इस देश को दिए, जिन्होंने अपनी बहादुरी और साहस से ये दिखलाया कि देवभूमि ना केवल विश्व को शान्ति का मार्ग दिखा सकती है, वरन आवश्यकता पड़ने पर शौर्य और वीरता को भी प्रदर्शित कर सकती है। हमारे उत्तराखंड की तो पहचान ही देवभूमि के बाद वीर भूमि के नाम से है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंडी युवाओं के लिए सेना केवल आजीविका का माध्यम नहीं अपितु मां भारती की सेवा का एक मार्ग है। मैं स्वयं एक सैनिक परिवार से आता हूं और एक सैनिक पुत्र होने के नाते मैंने राष्ट्र सेवा के प्रति उस जज्बे को बहुत करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि एक सैनिक का समर्पण तो किसी से नहीं छिपता लेकिन उसका परिवार जो त्याग करता है, उस त्याग को हृदयंगम करने के अवसर बहुत कम आते हैं।
उन्होंने कहा कि इस देश में एक ऐसा दौर भी रहा जब हमारे इन वीरों को को बुनियादी सुविधाओं तक के लिए संघर्ष करना पड़ा। रोजमर्रा की आवश्यकता के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था, इन अभावों के बावजूद हमारे वीर सैनिकों ने कभी भी तिरंगे की आन पर आंच नहीं आने दी। लेकिन आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सेना के सशक्तिकरण का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। आज ना केवल हमारे सैनिक अत्याधुनिक हथियारों और सुविधाओं से लैस हैं बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज सेना दुश्मन को जवाब देने के लिए पहले की तरह इंतजार नहीं करती, बल्कि गोली का जवाब गोले से देती है। सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने का जो कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी जी द्वारा किया गया है वो अभूतपूर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन रैंक, वन पेंशन जैसे कदमों से शुरू हुई इस सुधारवादी यात्रा में राफेल, डिफेंस कॉरिडोर और सीडीएस के पद का सृजन जैसे कई महत्वपूर्ण पड़ाव आ चुके हैं। हमारी वीरभूमि के लिए ये एक बार फिर से गौरव का क्षण है जब हमारे सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान जी को देश का दूसरा चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर जैसी बहुआयामी भर्ती योजना ने सेना हेतु युवाओं को और भी अधिक प्रोत्साहित किया है। वीरता में भारतीय सेना का पहले से कोई सानी नहीं है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अब वो दिन भी दूर नहीं है जब आधुनिकता में भी भारतीय सेना पूरे विश्व में श्रेष्ठ होगी। इसके लिए खाका तैयार हो चुका है और आप जैसे प्रतिभावान पूर्व सैनिकों के मार्गदर्शन में इस अभियान की सफलता भी सुनिश्चित हो रही है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह सभी वेटरन सोल्जर वो हैं, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए कई बार युद्ध लड़ा है। हम सब जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सेवा के अनवरत कार्याे के लिए हमेशा तत्परता से लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि एकमात्र उनके ही विभागों द्वारा सेवा पखवाड़ा के तहत आठ कार्यक्रम करवाये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हम किसानों से लेकर सैनिकों तक सबकी चिंता कर रहे हैं। हमारी सरकार जहां किसानों के हितों को लेकर एवं उनकी आय दोगुनी करने के संकल्प को लेकर कार्य कर रही है, वही दूसरी ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हमारी सरकार सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। हमने सम्पूर्ण प्रदेश में शहीद सम्मान यात्रा का आयोजन किया, जिसमें प्रदेश के सभी शहीदों के आंगन की पवित्र मिट्टी को कलश के माध्यम से सैन्यधाम लाया गया। सैन्यधाम निर्माण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। सरकार का संकल्प है कि दिसम्बर 2023 तक सैन्यधाम का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाए।
उन्होंने सैनिक कल्याण विभाग द्वारा पिछले दौरान पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के लिए किये गये विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण निदेशक कर्नल बीएस रावत, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सीबीएस बिष्ट सहित लेफ्टिनेंट जनरल शक्ति गुरुंग, लेफ्टिनेंट जनरल राम प्रधान, मेजर जनरल सम्मी सभरवाल, बिग्रेडियर भगवान सिंह खत्री एवं सैकड़ों पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

19 वर्षीय युवती की हत्या के विरोध में ग्रामीणों ने निकाला विरोध जुलुस

यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित रिसॉर्ट में कार्यरत युवती के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए दुर्गा मन्दिर बीस बीघा से सिटी गेट शनि मंदिर तक विरोध प्रदर्शन किया गया। साथ ही दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धाजलि अर्पित की गई।

जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा मनीष भट्ट ने कहा कि अंकिता एकमात्र पौड़ी जनपद की ही नहीं अपितु पूरे उत्तराखंड के हर समाज, वर्ग की बेटी है। अंकिता के परिवार के प्रति आज पूरा राज्य अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहा है, यह हमारे राज्य की एकता का सूचक भी है। उन्होंने अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना को दुखद बताते हुए इसकी निंदा की। कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे उत्तराखंड ही नहीं बल्कि किसी भी राज्य व समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध का किसी भी व्यक्ति व समाज के लिए कोई क्षमा नहीं है और न ही स्वीकार योग्य है।

इस मौके पर सतवीर भंडारी, रवि अमोली, कस्तूरी चौहान, सुंदरी कंडवाल, कांता प्रसाद जोशी, मोहनलाल चमोली, रविंद्र रावत, विनोद पांडे, संजू जुगलान, विनीश नैथानी, गौरव यादव, दिनेश बडोनी, मोंटी मिश्रा सहित समस्त महिला शक्ति 20 बीघा बापू ग्राम मौजूद थे।

हमारी संस्कृति और दर्शन में जैन धर्म का अतिविशिष्ट स्थानः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राम वहलना मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के अवसर पर आयोजित वार्षिक मेला एवं रथयात्रा महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने श्री जैन दिगंबर मंदिर, वहलना में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज ही के दिन देश में दो महान विभूतियों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और दूसरे मां भारती के सच्चे सपूत व भारत रत्न से अलंकृत पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म हुआ। उन्होंने दोनों महामानवों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके स्थापित किए आदर्शों को आत्मसात करने का प्रण लेने की बात कही। इन दोनों की जीवन यात्रा देश की हर पीढ़ी को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करती रहेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी संस्कृति और दर्शन में जैन धर्म का अतिविशिष्ट स्थान है। जैन धर्म में प्राणी मात्र के कल्याण की भावना निहित है। अहिंसा जैन धर्म का प्रमुख आधार है और जैन धर्म के अनुयायी के जीवन में अहिंसा को सर्वाेच्च स्थान दिया गया है। महात्मा गांधी जी के पूरे जीवन एवं विचारों में सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह के साक्षात् दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा जैन दर्शन के ही अनुरूप गांधी जी ने भी आजीवन सिद्धांतों पर अटल रहते हुए सामाजिक, नैतिक और आर्थिक प्रगति को सुनिश्चित करने की शिक्षा दी। राष्ट्रपिता ने अहिंसा का एक ऐसा प्रायोगिक रूप प्रस्तुत किया जिससे पूरी दुनिया ने परतंत्रता के बंधन तोड़े।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जैन समाज का देश की आर्थिक गतिविधियों में बहुत बड़ा योगदान है और अपने विभिन्न व्यवसायों के जरिए असंख्य लोगों को रोजगार दिया है। जैन समाज ने हमेशा अपनी सर्वश्रेष्ठ संस्थाओं के माध्यम से समाज की उत्तम से उत्तम सेवा की है और यही कारण है कि केवल हमें ही नहीं पूरे देश को जैन समाज पर गर्व है। उन्होंने जैन समाज के उद्यमियों को उत्तराखंड में भी अपनी निर्माण और व्यवसायिक इकाइयां स्थापित करने एवं प्रदेश के विकास में अपना योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा उत्तराखंड सरकार आपके ऐसे हर विचार को प्रोत्साहित करेगी और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव कुमार बाल्यान, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार (उत्तर प्रदेश सरकार) कपिलदेव, विधायक प्रदीप बत्रा, क्षेत्र प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेश जैन, महामंत्री संजय जैन, कोषाध्यक्ष मनोज जैन, योगेश जैन, विपिन जैन, अजय जैन एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

रामपुर तिराहा कांड को सीएम ने किया याद, 28वीं बरसी पर मुजफ्फरनगर में हुआ कार्यक्रम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्थल रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलकारी शहीदों की पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में शहीद स्थल पर उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस मौके पर घोषणा की कि दिवंगत महावीर शर्मा, जिन्होंने इस शहीद स्थल के लिये अपनी भूमि दान की, उनकी स्मृति में यहां पर एक प्रतिमा स्थापित की जायेगी तथा ग्राम- रामपुर, सिसौना, मेघपुर एवं बागोंवाली ग्रामवासियों की सहृदयता एवं जन भावना के दृष्टिगत 2016 में जन मिलन केन्द्रों का निर्माण कराया गया था, उनके पुनर्निर्माण का कार्य किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए सही गई कठोरतम पीड़ाओं में से एक रामपुर तिराहा कांड की बरसी पर मैं उत्तराखंड के एक-एक आंदोलनकारी को दंडवत नमन करता हूं। उन्होंने कहा अपनी अस्मिता के लिए शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे उत्तराखंडियों को मिला ये घाव आज तक भरा नहीं है और प्रदेश का एक-एक जन आज भी इसके दर्द को महसूस करता है। उन्होंने रामपुर तिराहा गोलीकांड में अपना बलिदान देने वाले आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने कहा शहीद हुए आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य का निर्माण हो इसके लिए हमारी सरकार हर क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे ले जाने का कार्य कर रही है। उन्होंने प्रण लेते हुए कहा कि हम शहीद आंदोलनकारियों द्वारा दिखाई गई राह और उनके द्वारा स्थापित आदर्शों को अपना आधार बनाकर उत्तराखंड का विकास सुनिश्चित करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम प्रत्येक दिन उत्तराखंड राज्य को उसकी मूल रचना एवं आधार के अनुरूप आगे ले जाने का कार्य कर रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम से 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था जिस पर केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा इस बार चार धाम यात्रा में अभी तक 39 लाख (रजिस्टर्ड) श्रद्धालुओं ने यात्रा की है, मां गंगा एवं बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा सुगम एवं सुरक्षित चल रही है। पहली बार हमारी सरकार ने काँवड़ यात्रा में बजट का प्रावधान किया। उन्होंने कहा 2013 आपदा के बाद केदारनाथ पुनर्निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ जिसके फलस्वरूप आज केदारनाथ का भव्य एवं दिव्य प्रांगण पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाया हुआ है, एवं बद्रीनाथ के मास्टर प्लान पर कार्य चल रहा है, उन्होंने कहा दिल्ली – देहरादून हाईवे बनने से दोनों शहरों की दूरी करीब 2 घंटे में तय कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु पौराणिक मंदिरों को जोड़ कर मानसखण्ड कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के साथ हुआ कृत्य क्षमा योग्य नहीं है एवं ऐसे असामाजिक तत्वों को हमारे राज्य में रहने का कोई हक नहीं है। उन्होंने कहा कानून के माध्यम से अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से माननीय न्यायालय में मामले को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने इस अवसर पर शहीद स्मारक स्थल हेतु अपनी जमीन दान करने वाले दिवंगत पंडित महावीर शर्मा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों की कुर्बानियों पर यह राज्य बना हुआ है। उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर हुए आंदोलन ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खिंचा था। उन्होंने कहा स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी ने राज्य निर्माण की घोषणा की।अलग राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के लोगों में प्यार अभी भी बना हुआ है। उन्होंने कहा राज्य निर्माण की मांग इसलिए हुई थी ताकि हमारे दूरदराज पहाड़ों में मूलभूत सुविधाएं पहुंचे। आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संपूर्ण उत्तराखंड का विकास हमारे आंदोलनकारियों एवं शहीदों के सपनों के अनुरूप हो रहा है।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव कुमार बाल्यान, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार (उत्तर प्रदेश सरकार) कपिलदेव अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक प्रदीप बत्रा, सचिव उत्तराखंड शासन एच.सी सेमवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

समान नागरिक संहिता विषेशज्ञ समिति के सदस्यों ने नागरिकों से सुझाव लिये

राज्य स्तरीय समान नागरिक संहिता विषेशज्ञ समिति के सदस्यों द्वारा नागरिकों का पक्ष सुनने के लिए क्षेत्र में भ्रमण का कार्यक्रम निर्धारित किया गया। इसका उद्देश्य राज्य के दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को समान नागरिक संहिता की जानकारी देकर उनके सुझाव प्राप्त करना है। विशेषतौर से महिलाओं व युवाओं को इसके बारे में बताते हुए विवाह, संरक्षण, तलाक, गोद लेना, सम्पत्ति का अधिकार, आदि पर सुझाव प्राप्त कर तैयार की जाने वाली रिपोर्ट में समाहित करना है।
समिति के सदस्यों द्वारा भ्रमण का कार्यक्रम राज्य के सीमान्त गॉव, माणा जनपद चमोली से आरम्भ किया गया। दिनांक 01.10.2022 को माणा गॉव में सदस्यों द्वारा बैठक आयोजित की गयी। समान नागरिक संहिता के बारे में जानकारी देने के उपरान्त उपस्थित महिलाओं, पुरूषों व युवाओं द्वारा अपने क्षेत्र से सम्बन्धित रीति-रिवाजों के विषय में जानकारी दी गयी। उनके द्वारा विभिन्न मुद्दों पर सुझाव प्रेषित किये गये। इस कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा पारम्परिक वेशभूषा पहन कर प्रतिभाग किया गया।
जोशीमठ के नगर पालिका भवन में विशेषज्ञ समिति के सदस्यों द्वारा बैठक आयोजित कर उपस्थितजनों के सुझाव मांगे गये। इस बैठक में महाविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, प्रबुद्ध जनों द्वारा उपस्थित हो कर अपने अमूल्य सुझाव प्रेषित किये गये। क्षेत्रीय भ्रमण में माननीय सदस्य शत्रुघ्न सिंह, मनु गौड़ व डॉ सुरेखा डंगवाल द्वारा प्रतिभाग किया गया। सदस्यों द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 15.10.2022 से कुमाऊॅ मण्डल के जनपदों के लिए भी प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम तैयार किया जा चुका है। उनके द्वारा बताया गया कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्र हनोल, पुरोला, उत्तरकाशी आदि में क्षेत्र भ्रमण कर लोगों को अपने सुझाव देने के लिए जागरूक किया जायेगा।

प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार को मिला सम्मान

भारत सरकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर 2022 से 1 अक्टूबर 2022 तक देशभर में आयोजित रक्तदान अमृत महोत्सव में उत्तराखंड को रक्तदाता कलेक्शन में दूसरा स्थान हासिल हुआ है। इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर दिल्ली में एम्स सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया द्वारा उत्तराखंड के प्रभारी सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ आर राजेश कुमार को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के महानिदेशक डॉ अतुल गोयल व एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ श्रीनिवासन भी उपस्थित रहे।
सम्मान समारोह में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व प्रभारी सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार, निदेशक उत्तराखंड रक्त संचरण परिषद डॉ सरोज नैथानी, प्रभारी अधिकारी ब्लड सैल डॉ सुजाता सिंह भी मौजूद रही। स्वैच्छिक रक्तदान में उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रदेश को मिली इस उपलब्धि पर प्रभारी सचिव ने सभी अधिकारी, कर्मचारी को बधाई देते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड को मिला यह सम्मान गौरव का विषय है, इसके साथ ही प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

धामी के नेतृत्व का करिश्मा, देशभर में बज रहा उत्तराखंड का डंका

उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्त में उत्तराखंड विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले 2 दिनों में मिले 3 राष्ट्रीय पुरस्कारों ने यह बताने का काम किया है कि राज्य का नेतृत्व एक ऐसे व्यक्ति के हाथों में है जो उत्तराखंड को 2025 में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इन दो दिनों में उत्तराखण्ड को भारत सरकार से तीन क्षेत्र में पुरस्कार मिले है। 16 सितम्बर 1975 को पिथौरागढ़ में जन्मे पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड के एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिनकी अगुवाई में किसी पार्टी की लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी हुई। पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को वर्ष 2025 तक देश का अग्रणी राज्य बनाने के विकल्प रहित संकल्प पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। स्वयं धामी का मानना है कि देवभूमि को सर्वाेच्च शिखर पर पहुंचाने की यह यात्रा उनकी अकेली नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की है।

पहला- ’फिल्म पुरस्कार’
भारत के राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा उत्तराखण्ड को 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्तर्गत Most Film Friendly State (Special Mention) पुरस्कार प्रदान किया गया। राज्य सरकार की ओर से यह पुरस्कार महानिदेशक, सूचना एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद बंशीधर तिवारी द्वारा प्राप्त किया गया है।

दूसरा- ’रक्तदान पर पुरस्कार’
देशभर में आयोजित रक्तदान अमृत महोत्सव में उत्तराखंड को रक्तदाता कलेक्शन में दूसरा स्थान हासिल हुआ है। इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर दिल्ली में एम्स सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया द्वारा उत्तराखंड के प्रभारी सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ आर राजेश कुमार को सम्मानित किया गया।

तीसरा- स्वच्छता पुरस्कार
आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में 100 से कम निकाय वाले राज्यों में उत्तराखंड का स्थान टॉप 3 में आने पर शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल को राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया। बता दे कि उत्तराखंड के 5 शहरों (हरिद्वार, लंढोर कैंट, डोईवाला, नरेंद्रनगर और रामनगर) का भी चयन स्वच्छ भारत मिशन में होने पर सम्मानित किया गया।

विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री की कुर्सी के साथ पुष्कर सिंह धामी के कंधों पर बहुत सी जिम्मेदारियां आ गईं, जिनको बखूबी निभाते हुए उन्होंने जनता का दिल जीत लिया। महज छह माह के कार्यकाल में धामी अपने जनहित के फैसलों से लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच गए। धामी की काबीलियत पर विश्वास करते हुए भाजपा हाईकमान ने उन्हें वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया। मृदुभाषी, ईमानदार और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व से धामी ने भाजपा नेतृत्व के भरोसे पर खरे उतरे। चुनाव के अप्रत्याशित परिणाम आये और भाजपा प्रचण्ड बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता में लौट आाई। इस जीत के साथ ही धामी ने तमाम सियासी मिथक तोड़ डाले। उसी का परिणाम था कि खटीमा विधानसभा से हार के बाद भी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उनको दोबारा मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप दी। संवैधानिक बाध्यता के चलते धामी को चंपावत सीट से विधानसभा का उपचुनाव लड़ना पड़ा। वहां की जनता ने अपने युवा मुख्यमंत्री के लिए रेड कार्पेट बीच दिया। मतदान के दिन इस चमकते हुए सितारे के पक्ष में वोटों की बरसात कर दी। धामी ने पड़े वोटों के 94 फीसद मत हासिल कर देश में अबतक की सबसे बड़ी जीत अपने नाम कर ली।

मुख्यमंत्री धामी ने अब तक के अपने अल्प कार्यकाल में ताबड़तोड़ बड़े फैसले ले चुके हैं, जिनमें 10 वीं से स्नात्तक के छात्रों को टेबलेट, नौंवी से 12 वीं तक के छात्र-छात्राओं को मुफ्त किताबें, उत्तराखंड देव स्थानम बोर्ड को भंग करने, गेस्ट टीचरों, शिक्षा मित्रों व इंटर्न डाक्टरों का मानदेय बढाने के साथ ही सैन्य धाम, भ्रष्टाचार मुक्त ऐप-1064, सीएम वात्सलय योजना, महालक्ष्मी योजना, वृद्धावस्था पेंशन में बढ़ोतरी, गरीब परिवारों को तीन मुफ्त सिलेंडर, बेहतर हवाई कनेक्टिविटी, कोरोना काल के दौरान विभिन क्षेत्रों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करना, प्रदेश स्तर के विभिन्न पुरस्कारों में धन राशि की बढ़ोतरी, स्वरोजगार कैंपो के माध्यम से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित करना आदि प्रमुख फैसले हैं।

इसके अलावा, प्रदेश में भ्रष्टाचार और नकल माफियाओं के खिलाफ भी मुख्यमंत्री ने फैसले लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की व प्रदेश में लंबे समय से चली आ रही समान नागरिक संहिता और भू-कानून की मांग को प्रदेश हित में लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता दिखाई। आत्मविश्वास से लबरेज धामी अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना ही उनका एकमात्र लक्ष्य है। वो जानते हैं कि जनसहभागिता से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। हर हाल में उन्हें देवतुल्य जनता की आशाओं और आकांक्षाओं को पूर्ण करना है। जनता को सुशासन और पारदर्शी प्रशासन मिले इसके लिए उन्होंने नौकरशाहों को सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और सन्तुष्टि का मंत्र दिया है।

संदेश साफ है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास सूत्रवाक्य को आत्मसात कर राज्य के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। प्रदेश में सुदृढ़ वित्तीय अनुशासन एवं राजकोषीय प्रबंधन के लिए उन्होंने ठोस प्रयास शुरू कर दिए हैं। जरूरतमंदों की सेवा के साथ ही प्रदेश समृद्धि की ओर अग्रसर है। पर्यटन क्षेत्र में तीव्र विकास से समृद्ध उत्तराखण्ड का सपना संजोया गया है, जिसका रोडमैप तैयार है। शिक्षा को गुणवत्तापरक और कौशल विकास को रोजगारपरक बनाने की पहल शुरू हो चुकी है। निर्बल वर्गों का सशक्तीकरण करते हुए उनमें सामाजिक सुरक्षा का भाव जागृत किया जा रहा है। इतना ही नहीं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भरता उत्तराखण्ड की नींव रखी जा चुकी है। सधे और संतुलित कदमों के साथ धामी निरन्तर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

नाना को पहाड़ी संस्कृति से सीएम ने कराया रुबरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नाना पाटेकर को पहाड़ी टोपी पहनाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। फिल्म नीति को और अधिक आकर्षक बनाया जा रहा है ताकि राज्य में अधिक से अधिक फिल्म निर्माता आयें। सिंगल विंडो सिस्टम से शूटिंग की अनुमति प्रदान की जा रही है। शूटिंग हेतु कोई भी शुल्क नही लिया जा रहा है। 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य ने मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट (स्पेशल मेंशन) पुरस्कार प्राप्त किया है।
फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य फिल्मों की शूटिंग के लिए बहुत अच्छा है एवं फिल्मांकन के लिए वातावरण भी बहुत अच्छा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के लोग बहुत अच्छे हैं, यहां के लोगों के व्यवहार में सौम्यता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग का उनका अच्छा अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि वे उत्तराखण्ड में अपना घर बनाना चाहते हैं। नाना पाटेकर उत्तराखण्ड में एक मराठी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं।

वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ कर सीएम ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को लच्छीवाला नेचर पार्क में राज्य वन्यजीव सप्ताह 2022 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजाजी नेशनल पार्क की ऑफिशियल वेबसाइट लॉच की एवं राजाजी नेशनल पार्क के लिए 2 रैपिड रिस्पांस वाहन का लोकार्पण भी किया। वन्यजीवों से हुई मवेशी एवं फसल क्षति के लिए 16 लोगों को मुआवजा चेक भी मुख्यमंत्री ने प्रदान किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य वन्यजीव सप्ताह 2022 के शुभारंभ के अवसर पर घोषणा की कि वन्यजीवों द्वारा वयस्क एवं अवयस्क की मृत्यु पर देय अनुग्रह राशि की दर को 4 लाख रूपये से बढ़ाकर 5 लाख रूपये किया जायेगा। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को देय अनुग्रह राशि को 50 हजार रूपये से बढ़ाकर 1 लाख रूपये किया जायेगा। प्रदेश में राजकीय ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले वन कर्मियों के परिजनों को सम्मान स्वरूप 15 लाख रूपये अनुग्रह राशि के रूप में भुगतान किया जायेगा। प्रदेश में जिम कॉर्बेट हैरिटेज ट्रेल की स्थापना की जायेगी। जिसमें कॉर्बेट के जीवन से जुड़े स्थानों को चिन्हित कर वहां पर ईको पर्यटन की विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जायेगा। इसमें चम्पावत, तल्लादेश, मंच, बूम, कालाढूंगा, चूका, दूर्गा पीपल, देवीधूरा, चौगढ़, कालाढूंगी, नैनीताल, मोहान, काठ की नाव, कांडा, मुक्तेश्वर एवं रूद्रप्रयाग जैसे स्थानो पर विशेष पट्टिका का निर्माण किया जायेगा, इसके साथ ही ट्रैक मार्गों का जीर्णाेद्धार किया जायेगा और होम स्टे को बढ़ावा दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वन विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से प्रदेश के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच मानव-वन्यजीव संघर्ष के निवारण की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष निवारण में सकारात्मक सहयोग एवं त्वरित कार्यवाही के लिए 10 संवेदनशील वन प्रभागों में त्वरित कार्यवाही दल का गठन किया जायेगा, 5 स्थानों पर त्वरित कार्यवाही दल का गठन पहले ही किया जा चुका है। भारत सरकार से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में गर्जिया पर्यटन जोन को प्रारम्भ करने के लिए अनुमति प्रदान हो चुकी है, इसे शीघ्र ही प्रारंभ किया जायेगा। शिवालिक एलीफेंट रिजर्व की पुनर्स्थापना की जायेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक जिले में प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर एक-एक नए पर्यटन स्थल को विकसित किए जाएं। नये पर्यटन स्थलों का निर्माण में विशेष ध्यान रखा जाए कि उनके प्राकृतिक स्वरूप से अधिक छेड़छाड न हो। उन्होंने कहा कि वन्यजीव हमारी आस्था और संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। हमारी संस्कृति में देवताओं के साथ वन्यजीवों को भी पूजनीय माना गया है। वन्यजीवों के संवर्धन एवं संरक्षण की जिम्मेदारी सबकी है। मानव एवं वन्य जीव संघर्ष को कम करने की दिशा में तेजी से कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से राज्य में इकोनॉमी और ईकोलॉजी में सामंजस्य स्थापित करने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। आज संपूर्ण विश्व का वन्यजीव संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील मुद्दे पर ध्यान गया। उन्होंने कहा क्लाइमेट चेंज जैसे गंभीर मुद्दों पर आज विश्व चिंता कर रहा है एवं इन मुद्दों पर दूरदर्शी सोच के साथ कठोर नीति बनाए जाने की आवश्यकता है। पर्यावरण एवं विकास में संतुलन बनाना बहुत जरूरी है।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की परंपराओं में वनों एवं वन्यजीवों का महत्वपूर्ण स्थान है। हमारी आर्थिकी को बढ़ावा देने में भी वनों का महत्वपूर्ण योगदान है। हमारे राज्य के लोग जंगलों वन्य जीव के संरक्षण हेतु बेहद संवेदनशील एवं जागरूक हैं। आर्थिक मजबूती के साथ पर्यावरण की रक्षा हमारी प्राथमिकता है। वनों एवं वन्यजीव को संरक्षित करने का संदेश हमारी संस्कृति में गानों के माध्यम से भी दिया गया है।
इस अवसर पर विधायक बृजभूषण गैरोला, प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ डॉ. समीर सिन्हा, निदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व डॉ. साकेत बडोला एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।