पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मिला यह सम्मान

पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 अजीत पाठक को जनसंपर्क के क्षेत्र में सराहनीय कार्यों के लिए एमिटी यूनिवर्सिटी जयपुर ने मानद प्रोफेसर के सम्मान से नवाजा है। पीआरएसआई की उपलब्धि पर देश भर के सोसाइटी से जुड़े सदस्यों सहित पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया देहरादून चौप्टर ने हर्ष जताया है।

शनिवार को जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एमिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ0 असीम चौहान ने पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 अजीत पाठक को मानद प्रोफेसर की उपाधि से सम्मानित किया। इस अवसर पर जनसंपर्क के क्षेत्र में पीआरएसआई की उपलब्ध्यिों और गतिविधियों को बेहद अहम बताते हुए डॉ0 असीम ने कहा कि आज के तकनीकी युग में जनसंपर्क के बिना विकास को गति प्रदान करने की बात अधूरी है। वहीं डॉ0 पाठक ने एमिटि यूनिवर्सिटी का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी पीआरएसआई टीम को समर्पित है।

रविवार को दून के एक होटल में पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया देहरादून चौप्टर की बैठक में अध्यक्ष विमल डबराल ने डॉ0 पाठक को शुभकामनायें देते हुए कहा कि सम्मान और पुरस्कार किसी भी कार्य की दिशा में प्रोत्साहन देने वाले होते हैं।

पीआरएसआई देहरादून चौप्टर के सचिव अनिल सती ने हर्ष जताते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 अजीत पाठक को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पीआरएसआई योजनागत तरीके से अपने कार्य को अंजाम दे रही हैै। बीते वर्ष दिसंबर 2017 में पीआरएसआई देहरादून चौप्टर को विशाखापट्नम में आयोजित 39वीं पीआरएसआई कॉन्फ्रेन्स के दौरान सर्वश्रेष्ठ इमर्जिंग सम्मान प्राप्त हुआ है जिससे सभी सदस्यों में जनसंपर्क कार्यों के प्रति सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

पीआरएसआई देहरादून चौप्टर के कोषाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड में ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेन्स के आयोजन को लेकर प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री ने भी प्रदेश सरकार की ओर से उक्त आयोजन के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।

सोशल मीडिया में ब्लैक डे पर मचा घमासान

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सेना के पक्ष में खुल कर उतरे देश के नौजवान
आर्मी का प्रतीक चिन्ह लगा कर रहे समर्थन
दयाशंकर पाण्डेय।
कश्मीर में आंतकी को मार गिराने के बाद देश व विदेशों में भारतीय सेना को निशाना बनाये जाने की घटना के बाद देश के युवा अब खुल कर सेना के समर्थन में आ गये है। दरअसल कश्मीर में सेना के हाथों मारे गये आंतकी के मौत के बाद कश्मीर में हिसंक घटनाएं बढ गई है। पूरे देश में सेकुरलिज्म और तथाकथित नेता आंतकी को मारे जाने की घटना पर संवेदना व्यक्त कर रहे है। पड़ौसी देश 19 जुलाई को इंडियन आर्मी के खिलाफ ब्लैक डे मनाने की खबर सोशल मीडिया में फैल गई है।
क्या इस दिन का इंतजार हर कोई भारतीय करेगा कि कोई पडौसी देश उसकी आर्मी के खिलाफ के ब्लैक डे मनाये? इसी अंदाज में देश का नौजवान अपने गुस्से की प्रतिक्रिया सोशल साईटों में दे रहा है। कश्मीर में सेना के हाथों मारे गये आंतकी वानी के समर्थन में पडौसी देश ही नही हिंदुस्तान के कई राजनेता व धर्मगुरु संवेदना वयक्त कर रहे है। सेना का मनोबल बढाना तो दूर ऐसी प्रतिक्रिया देखने और सुनने को मिल रही जिससे सेना पर दोष मढा जा रहा है।
कश्मीर में जवानों पर हो रहे पथराव व प्रदर्शन के बीच पाकिस्तान ने भारतीय सेना के खिलाफ ब्लैक डे मनाने की घोषणा से देश का नौजवान ने प्रतिक्रिया देनी शुरु कर दी है। 19 जुलाई को युवा, धैर्य व साहस का परिचय दे रही सेना के
का प्रतीक चिन्ह अपनी सोशल साईट्स में शेयर कर रहे है। और सेना के पक्ष में खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे है। कई पोस्ट तो युवाओं के आक्रोश से भरी हुई है। सेना के जवानों की तारीफ करने से भी युवा पीछे नही रह रहे है।