जमरानी बांध के निर्माण को सीएम से मिले बंशीधर भगत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास में विधायक बंशीधर भगत के साथ जमरानी बांध पर चर्चा हुयी। चर्चा के दौरान, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिछली मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इस विषय पर वार्ता हो चुकी है। शीघ्र ही इस बहुद्देश्यीय प्रोजेक्ट के लिये केन्द्र सरकार, उत्तराखण्ड सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की मध्य एमओयू साईन किया जाएगा एवं केन्द्र सरकार से भी शीघ्र ही मंजूरी मिल जाएगी।
विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि इस बहुद्देश्यीय जमरानी बांध के बन जाने से भू-जल स्तर में सुधार आएगा, जिससे कुमांऊ के भाबर क्षेत्र में पानी की कमी से निजात मिल सकेगी। जमरानी बांध का फायदा प्रदेश के नैनीताल, ऊधमसिंह नगर के अलावा यूपी के बरेली जिले को बिजली-पानी की सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 40 वर्षाें से रूके इस कार्य में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में बांध के कार्य में तेजी आयी है।

देहरादून आएं फार्मासिस्ट की स्वाइन फ्लू से मौत!

रामनगर के पीरुमदारा में स्वाइन फ्लू से हुई फार्मासिस्ट की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग मे हडकम्प मचा हुआ है। सीएमओ डा. एचके जोशी ने सोमवार को रामनगर का दौरा किया। उन्होंने मृतक के करीबियों को स्वाइन फ्लू की दवाइयां दी। उन्होंने मृतक की रिपोर्ट देखने के बाद माना कि मौत
स्वाइन फ्लू से ही हुई है। बताया जा रहा है फार्मेसिस्ट अपने निजी काम से देहरादून गया था। जहां भीडभाड वाले इलाके में इस वायरस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। जिसके बाद दिल्ली में उसकी पुष्टि हुई, और दिल्ली में ही इलाज के दौरान कल उसकी मृत्यु हो गई। सीएमओ ने कहा कि इस क्षेत्र में अभी तक यह वायरस सक्रिय नही है। इसलिए इससे घबराने की कोई जरुरत नही है। यदि सर्दी-जुकाम और बुखार की शिकायत हो तो अस्पताल में अपना इलाज करायें।

बेटे की शहादत पर बोले पिता, आरपार की लड़ाई हो

कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए उत्तराखंड का एक और लाल शहीद हो गया है। मूल रूप से अल्मोड़ा के कनालीछीना के रहने वाले व हाल निवासी हल्द्वानी के ऊंचा पुल क्षेत्र के हिम्मतपुर मल्ला गांव के मेजर कमलेश पांडे जम्मू कश्मीर के शोफिया क्षेत्र में बुधवार देर रात आतंकियों से लड़ते शहीद हो गए। शहीद मेजर कमलेश पांडे का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंच गया है और देर रात तक हल्द्वानी उनके ऊंचा पुल स्थित उनके आवास में ससम्मान उनका पार्थिव शरीर पहुंचेगा और कल रानी बाग स्थित चित्रशीला घाट में सैन्य सम्मान के साथ शहीद मेजर कमलेश पांडे की अंत्येष्टि की जाएगी। कमलेश पांडे की शहादत का समाचार जैसे ही उनके परिवार के पास पहुंचा तो पूरा परिवार गमगीन हो गया। मेजर कमलेश पांडे 28 साल के थे और उनकी एक दो साल की बेटी भी है और उनकी पत्नी गाजियाबाद में नौकरी करती है जोकि देर शाम तक हल्द्वानी स्थित अपने आवास पहुंच जाएगी। शहीद मेजर कमलेश पांडे के पिता मोहन चंद्र पांडेय भी आर्मी से रिटायर हैं। मोहन चंद्र पांडे आर्मी में हवलदार थे, शहीद मेजर कमलेश पांडे का छोटा भाई भी आर्मी में तैनात है। शहीद के पिता मोहन चंद्र पांडे का कहना है कि उनको अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। लेकिन वह देश के राजनेताओं से चाहते हैं कि एक बार पाकिस्तान से आर पार की लड़ाई हर हाल में होनी चाहिए तभी इस तरह की शहादत रुकेंगे। अपने बेटे को देश की रक्षा में खो चुके है लेकिन उनका मानना है कि जिस तरह घर में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध हुआ। उसी तरह इस बार भी होना चाहिए क्योंकि पाकिस्तान को तभी सबक मिलेगा। उधर, शहीद कमलेश पांडे के घर पहुंचे आर्मी के अधिकारियों ने परिवार को दिलासा दिलाई और देर शाम तक शहीद मेजर कमलेश पांडे के पार्थिव शरीर को उनके आवास लाए जाने की सूचना दी।

अजीब नाम से क्या पर्यटक डर जाते है?

नाम में क्या रखा है ? शैक्सपीयर ने भले कहा हो कि गुलाब का नाम कुछ और रख देने से उसकी खुशबू थोड़े ही बदल जायेगी ? लेकिन नैनीताल के विधायक संजीव आर्य शैक्सपीयर के इस कथन से सहमत नहीं हैं। वे नैनीताल की कुछ झीलों के नाम तो बदलना चाहते हैं जिनके नाम अजीब हैं। जैसे यहां एक झील का नाम है-‘सुसाइड प्वाइंट’, तो दूसरी ‘फांसी गधेरा’ कहलाती है तो तीसरी सादिया (नष्ट हो रही ) ताल। आर्य इस बारे में सरकार को पत्र लिख रहे है कि इन नामों के सुनने से पर्यटकों को धक्का लगता है। गौरतलब हो कि पिछले साल भी कुमाऊ में ही चोरगलिया का नाम बदले जाने का अभियान चला था।
विधायक संजीव आर्य का कहना है कि कुछ पर्यटक स्थलों के नाम सुनकर पर्यटकों को अजीब लगता है। विधायक ने जनता से इन और ऐसे नामों की जगह वैकल्पिक नामों के सुझाव मांगें हैं। उनका कहना है कि इनमें बहुत से नाम तो अधिकृत भी नही हैं। जैसे कि सुसाईड प्वाइंट नाम तो कुछ गाइडों और घोड़े वालों ने पर्यटकों के बीच केवल उत्सुकता पैदा करने को रख दिया और इसके समर्थन में मन गढ़ंत कहानियां तक सुनानी शुरू कर दी। जिसके पीछे कोई तर्क नहीं है। जबकि इस स्थल का नाम यहां की साहसिक संभावनाओं के दोहन को होना चाहिये। उन्होने बताया कि कुछ साल पहले जब सादिया ताल का सौन्दर्यीकरण किया गया तो इसका नाम सरिता ताल रखा गया था लेकिन प्रचलन में अभी सादिया ताल ही है। विधायक संजीव आर्य ने नगर पालिका से भी इनके नामकरण से संबंधित रिकार्ड खंगालने को कहा है ताकि इसके बाद मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री से इस बारे मे बातचीत की जा सके।
अलबत्ता, इतिहास में रूचि रखने वाले जानकारों का कहना है कि सुसाइड प्वाइंट नाम तो कभी अस्तित्व में ही नही रहा लेकिन बाकी दो का नाम इतिहास में है और उनका नाम न ही बदला जाये, तो अच्छा होगा। उदाहरण को फांसी गधेरा प्रथम विश्व युद्ध में अंग्रेजों के रोहिलाओं को फांसी दिये जाने की याद दिलाता है जिन्होने 1857 में हल्द्वानी पर हमला किया था। इसका नाम बदलने का अर्थ होगा, इतिहास को भुलाना। इसी प्रकार सादिया ताल मूलतः वेटलेंड और क्षेत्र के जल प्रबंधन का हिस्सा है। यहीं पर कुमाऊ कमिश्नर सर हेनरी रैमजे ने पहली बार 1856 में आलू की खेती शुरू कराई थी।

कार मे रात बिताई, सुबह मृत मिला चालक


नैनीताल। 
मल्लीताल कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत अल्टो कार में चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव कार में ही मिला। मृतक की पहचान कैलाश भाकुनी पुत्र भीम सिंह भाकुनी मूल निवासी बलदियाखान हाल निवासी चार्टन लॉज मल्लीताल के रूप में हुई है। 
पुलिस ने वाहन समेत शव कब्जे में ले लिया है। मृतक के परिवार में बीवी समेत दो छोटे बच्चे हैं। आज सुबह नौ बजे मल्लीताल स्थित तिराहे के समीप किसी ने आल्टो संख्या यूके-04 टी ए, 8346 में चालक सीट पर शव पड़ा देखा। इस पर इसकी सूचना कोतवाली में दी। कोतवाल विपिन पंत ने एसआई देवेंद्र बिष्ट व अन्य कर्मियों को मौके पर भेजा। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में पता चला है कि कल तीन बजे से कैलाश व उसके चालक साथियों ने एक साथ शराब पी थी। नशे की वजह से कैलाश घर नही जा सका और गाड़ी में ही सो गया। उसने उल्टी भी कर रखी है। 

एसओजी कर रही पूर्व सीएम की पुत्रवधू को आ रहे कॉल्स की जांच


तकनीक का जमाना सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की पुत्रवधू के लिए जी का जंजाल बन गया है।  आलम ये है कि गंदे- मैसेज के लगातार हो रहे प्रवाह से उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व सीएम के पुत्र ने पहले उस नंबर पर बात कर उसे ऐसा न करने की हिदायत दी लेकिन सिरफिरे पर  आनंद की बात का कोई असर नहीं हुआ। उसकी हरकत लगातार बढ़ती रही।
मजबूरन रावत दम्पति को पुलिस में शिकायत दर्ज करवानी पड़ी। जैसे ही यह खबर आम हुई पूरे राज्य  में हंगामा मच गया। लिखित शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए SOG दस्ते ने जांच को अपने हाथ मे ले लिया है। बताया जा रहा है कि प्रारंभिक जांच में मैसेज राजस्थान से भेजे गए हैं। हालांकि अभी पूरी जांच रिपोर्ट  और बदतमीज सिरफिरे का पकड़ा जाना बाकी है।
बहरहाल असल बात ये है कि ऐसी मानसिकता वाले सिरफिरों से आम आदमी कैसे बचेगा जो खास की भी परवाह न करते हों। जरूरत है ऐसी नापाक दंबगई को सबक सिखाने की, ताकि जमीर वालों के आत्मसम्मान को ठेस न पहुंचे।  फिर चाहे वो आम हो या फिर खास ।

गोला में खनन को लेकर वर्क ऑर्डर तैयार

हल्द्वानी।
सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी के बाद सरकार ने खनन को लेकर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। कुमाऊ की सबसे बड़ी नदी लालकुआं की गौला नदी में गुरुवार से फिर खनन निकासी शुरू हो जाएगी होगी। खनन सुचारू करने के लिऐ वन विभाग ने गेटों पर खोदी खाईयां पाटने के साथ ही वन कर्मियों की तैनाती कर दी है। कांटों पर कंप्यूटर फिट किए जा रहे हैं इसके साथ ही ई- रवन्ना प्रणाली को अपडेट करना शुरू किया जा रहा है। सभी गेटों पर फिर से सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं साथ ही किसी भी प्रकार का कोई अवैध खनन, नहीं हो इसके लिए वन विभाग व वन विकास निगम के कर्मचारियों को हिदायत दी गई है। वही वनक्षेत्राधिकारी गोला नदी चन्दन सिंह अधिकारी का कहना है कि कई निकासी गेटो पर अवैध खनन नहीं हो जिसके लिए कर्मचारियों को सख्त हिदायत दे दी गई है। किसी भी वाहन को अवैध खनन में लिप्त पाया गया तो उसका रजिस्टेशन रद्द किया जायेगा।

38 हजार लोगों के राशनकार्ड निरस्त

नैनीताल।
आधार कार्ड जमा नहीं कराने वाले राशनकार्ड धारकों का सरकारी सस्ते गल्ले का अप्रैल से राशन कोटा समाप्त कर दिया गया है। जिले के 38 हजार लोगों को अप्रैल से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन नहीं मिलेगा। साथ ही आधार जमा नहीं कराने पर राशनकार्ड भी निरस्त किए जाएंगे।
आधार लिंक नहीं कराने का अधिक मार उन लोगों पर पड़ेगी, जिनके आधार बने ही नहीं या फिर जानकारी के अभाव में बना ही नहीं पाए।अगर राशन कार्ड निरस्त होने के बाद फिर से बनाना और मुश्किल हो जाएगा। जिला पूर्ति अधिकार रवि सनवाल ने बताया की नैनीताल जिले में अभी 85 फीसद राशन कार्ड ही आधार से लिंक हुए हैं।
गौरतलब है की नैनीताल जिले में 230035 राशनकार्ड धारक हैं। इनमें से लगभग 2 लाख कार्ड ही आधार से लिंक हुए है। वही केंद्र सरकार ने चीनी कोटा बंद करने के बाद एक सस्ता चीनी पर भी झटका लग सकता है अगर केंद्र से सब्सिडी नहीं मिलती है तो अप्रैल से लोगो का चीनी बंद हो सकता है ।

मुख्यमंत्री ने ढोलक बजाकर आनन्द उठाया

नैनीताल।
प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नैनीताल पहुचे। श्री रावत तल्लीताल से मल्लीताल तक रामलीला झॉकी व दुर्गा माता डोला के साथ पैदल भम्रण कर जनसम्पर्क किया। उन्होंने झॉकी के साथ झोड़ा किया व ढोलक बजाकर आनन्द उठाया। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री मोटरसाइकिल से नैनीताल क्लब पहुॅचे जहॉ पर उन्होंने जनप्रतिधियों व कार्यकर्ता को सम्बोधित किया।
रावत ने दुर्गा महोत्सव व विजया दशमी की सभी को बधाई देते हुये कहा कि आज का दिन असत्य पर सत्य का दिन है, हमें अपनी संस्कृति को संजोह के रखना होगा। उन्होने कहा कि पिछले दो वर्ष पूर्व हमारे प्रदेश की कृषि विकास दर 3 प्रतिशत थी जो आज बढकर 5.5 प्रतिशत हो गयी है। हम भारत के उन 06 राज्यों मे शामिल हो चुके हैं जो विकास मे सबसे आगे है। हम 13 प्रतिशत वार्षिक विकास दर बनाये हुये है। इसे 2017 तक 18 प्रतिशत तक ले जाया जायेगा। उन्होने कहा कि 2014 मे हमारी प्रतिव्यक्ति आय मात्र 84 हजार थी, जो आज बढकर 1.73 लाख हो गयी है, जो देश की प्रतिव्यक्ति आय के लगभग दोगुनी है। हमें सभी को साथ लेकर विकास की मुख्यधारा से जोडते हुये समावेशी विकास करना होगा। ऐसे में जरूरी है कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को रोजगार मिले। लोग हस्तशिल्प से जुडे और उत्तराखण्ड का पुराना वैभव साकार हो सके। इसलिए प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों, कलाकारों, धार्मिक अनुष्ठान कराने वालों लोगों को आर्थिक विकास हेतु पेंशन दे रही है।
रावत ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 1000 किमी0 नई सडकों का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में 2017 तक 24 घन्टे विद्युत प्रदान किया जायेगा। उन्होने कहा कि सक्रिय स्वयं सहायता समूहों को 25 हजार सीडमनी के रूप में दी जायेगी, साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहो द्वारा उत्पादित सामग्री का विपणन हेतु जिलाधिकारियों द्वारा साप्ताहिक हाट बाजारों का आयोजन किया जायेगा, ताकि ग्रामीण महिलाओ द्वारा उत्पादित वस्तुओ को स्थानीय बाजार मिल सके। पहाडी क्षेत्रो में ईको टूरिज्म, हस्तशिल्प,जैविक खेती, फल,दालें आदि उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनाकर पलायन को रोके जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सभी प्रकार के भूमि के वर्गो को एक समान कर विनियमितीकरण किया जायेगा। मलिन बस्तीयों का भी विनियमितीकरण किया जायेगा साथ ही जनआवास के तहत 35 हजार गरीबों को घर भी आवंटित किये जायेगें। प्रदेश में लगभग 7 लाख 13 हजार गरीब पात्र लोगों को समाज कल्याण द्वारा पेंशन दी जा रही है, पेंशन धनराशि 800 रूपये से बढाकर 1000 रूपये कर दी गयी हैै। उन्होने कहा कि 2017 तक 10 लाख पात्र लोगो को पेंशन देने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तराखण्ड पहला प्रदेश है जहा पर पंेशन धनराशि सर्वाधिक है। उन्होने कहा जगरियां, डंगरिया, कलाकार, सगुन आंखर वालोे के साथ ही बौना लोगों को भी पेंशन लागू कर दी गयी है।

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मुख्यमंत्री को भारतीय मजदूर संघ, बाल्मीकि समाज, विद्यालय कर्मचारी संगठन, होटल कर्मचारी संगठन, बार ऐसोशिऐशन, एनएसयूआई, खुर्पाताल न्याय पंचायत, रामसेवक सभा,रामलीता कमेटी तल्लीताल, ग्राम प्रधान संगठन, कोटाबाग,कालाढुंगी, बगड़ के जनप्रतिनिधियों द्वारा ज्ञापन दिये गये। मुख्य मंत्री लौटते वक्त फ्लैट्स मैदान गये जहॉ पर उन्होंने दुर्गा महोत्सव में लगी दुकानों व रावण के पुतलों का अवलोकन किया।
कार्यक्रम को संसदीय सचिव/विधायक सरिता आर्या, डॉ0 महेन्द्र पाल, डीडी रूवाली, जया बिष्ट, पुष्कर सिंह मेहरा द्वारा सम्बोधित किया गया। कार्यक्रम में आयुक्त डी सेंथिल पाण्डियन, डीआईजी अजय रौतेला, जिलाधिकारी दीपक रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनमेजय खंण्डूरी, मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चन्द, अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल, बीएल फिरमाल, अपर पुलिस अधीक्षक यशवन्त चौहान,हरीश चन्द्र सती, खजान पाण्डेय, डॉ0 हरीश बिष्ट, गणेश मेहरा, राजेन्द्र सिंह नेगी, मारूति नन्दन साह, भावना नौलिया, खष्टी बिष्ट, हुकुम सिंह कुवंर, गोपाल बिष्ट, मनमोहन सिंह कनवाल, कृपाल मेहरा, बालम बिष्ट, हिमान्शु पाण्डेय, त्रिभुवन फर्त्याल,सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी व बडी संख्या में गणमान्य मौजूद थे।

पर्वतीय मार्गो की सड़कें प्राथमिकता के आधार पर खोलें: राज्यपाल

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नैनीताल।
राज्यपाल डॉ. कृष्ण कंात पॉल श्निवार को राजभवन नैनीताल पहुँचे। खराब मौसम के चलते राज्यपाल आर्मी हैलीपैड हल्द्वानी उतरे जहाँ से वे सड़क मार्ग से नैनीताल राजभवन पहुँचे।
राजभवन पहुँचने पर कुमायूँ मण्डलायुक्त अवनेन्द्र सिंह नयाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक पुष्कर सिंह सैलाल, जिलाधिकारी दीपक रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल, महाप्रबंधक कुमविनि टीएस मर्ताेलिया, अधीक्षक अभियंता लोक निर्माण डीएस नबियाल, व राजभवन स्टाफ द्वारा पुष्पगुच्छ से राज्यपाल का स्वागत किया। गार्ड ऑफ आनर लेने के उपरान्त राज्यपाल द्वारा आयुक्त, उपमहानिरीक्षक पुलिस, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ वार्ता कर कुमाऊँ मण्डल में हो रही बरसात के कारण अवरूद्ध सड़कों की जानकारी ली गई।
राज्यपाल ने कहा कि सड़के पर्वतीय क्षेत्रों की जीवन रेखा हैं ऐसे में आपदा के दौेरान सड़के लंबे समय तक अवरूद्ध ना रहें, लिहाजा सभी अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर सड़कें खुलवाने का कार्य करें। साथ ही भूस्खलन से सम्भावित क्षेत्रों में जेसीबी व अन्य संसाधनों की व्यवस्था भी करें। राज्यपाल के साथ सचिव राज्यपाल अरूण कुमार ढौंडियाल, परिसहाय मेजर अनुज राठौर भी नैनीताल पहुँचे।