सोशल मीडिया का हुआ सही इस्तेमाल, 14 माह बाद बिछड़ा लड़का परिजनों से मिला

14 माह पूर्व लापता हुए बेटे की जिंदा होने की खबर लगते ही परिवार में खुशी का माहौल है। यह खुशी का माहौल सोशल मीडिया की वजह से संभव हो पाया। जी हां, यह हकीकत है, घटना उत्तर प्रदेश के जनपद उन्नाव के ग्राम शफीपुर की है। यहां 13 वर्षीय मिथिलेश पुत्र कमलेश को 14 महीने पूर्व मेले में देर होने पर घरवालों ने फोन पर डांट लगा दी। डांट से घबराया मिथिलेश ट्रेन पकड़कर नानी के यहां जाने की बात कहने लगा। मगर, गलत ट्रेन में सवार हो गया और उन्नाव से ढंढेरा रूड़की पहुंच गया। यहां ढंडेरा निवासी राव इमरान नामक मुस्लिम नागरिक ने मिथिलेश को अपने पास रखा और उसके परिजनों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।

राव इमरान को इसमें सफलता भी हाथ लग गई। बेटे के जिंदा होने की जानकारी जैसे ही परिजनों को मिली तो वह खुशी से झूम उठे। बृहस्पतिवार को मिथिलेश की माता फूल दुलारी, पिता कमलेश और दादा रामपाल ढंढ़ेरा पहुंचे और बेटे को लेकर उन्नाव के लिए निकले।

नौ नवंबर को यूपी और उत्तराखंड में राज्यसभा की रिक्ट सीटों के लिए होगा चुनाव

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की रिक्त चल रही राज्यसभा की सीटों के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए नौ नवंबर को चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। इसके तहत उत्तराखंड में एक और उत्तर प्रदेश में दस सीटों पर चुनाव होना है। सभी 11 सीटों पर 27 अक्टूबर को नामांकन होगा। नौ नवंबर को मतदान किया जाएगा। इसी शाम को मतों की गिनती कर चुनाव परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
बता दें कि ये सभी 11 सीटें 25 नवंबर को खाली हो रही हैं। उत्तराखंड की खाली हो रही सीट से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य राज बब्बर का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। भाजपा ने उत्तराखंड में पिछले दो लोकसभा चुनाव में पांचों सीटों पर परचम फहराने में कामयाबी पाई। साथ ही 2017 के विधानसभा चुनाव में 70 में से 57 सीटों पर कब्जा किया। अब राज्यसभा की रिक्त सीट पर भाजपा अगले महीने एक और चुनावी उपलब्धि खाते में जुड़ने का इंतजार कर रही है। फिलहाल यह सीट कांग्रेस के पास है। अब जिस तरह का गणित राज्घ्य विधानसभा में है, उसमें भाजपा की जीत तय है।

यह रहेगा चुनाव आयोग का शेड्यूल
चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के अनुसार, 27 अक्टूबर को नामांकन होगा। 28 अक्टूबर को नामांकन की स्क्रूटनी की जाएगी। 2 नवंबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं। 9 नवंबर को राजसभा की खाली हो रही सीटों पर मतदान होगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। वोटिंग के दिन ही शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू कर दी जाएगी। 11 नवंबर तक राज्यसभा चुनाव की सारी प्रक्रिया पूरी करके रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।

हाथरस की घटना शर्मनाक, आरोपियों को मिले कठोर सजाः नीरजा

त्रिवेणी घाट पर हाथरस पीड़िता मनीषा वाल्मीकि को नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट ने कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मौन रखकर व ईश्वर से पीड़ित परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य धारण करने की कामना की गई।

ट्रस्ट की संस्थापक व पैरा ओलंपिक खिलाड़ी नीरजा गोयल ने हाथरस घटना को शर्मनाक बताया। कहा कि मामले की किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। जरूरत है तो पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने और न्याय दिलाने की। उन्होंने कहा कि गैंगरेप के आरोपियों को ऐसा सजा मिलनी चाहिए जो एक मिसाल बने और भविष्य में किसी भी बेटी व बहन के साथ ये घटना न हो।

उन्होंने कहा कि रेप जैसी घटना देशभर में बढ़ रही है। इसके लिए सांसदों को आगे आना चाहिए और एक ऐसा कानून बनाने की पैरवी करनी चाहिए। जिससे ऐसी घटना को अंजाम देने वालो के भीतर भय बने। इस मौके पर 2 मिनट का मौन रखकर पीड़िता की आत्मशांति की कामना की गई।

इस अवसर पर ट्रस्ट की सह संस्थापक नूपुर गोयल, ट्रस्ट सदस्य मनीष अग्रवाल, अंशुल, दिवाकर मिश्रा, आचार्य संतोष व्यास, शिवानी गुप्ता, विकास, डीपी राठौड़ी, आशू, सूरज रतूड़ी, अमित जायसवाल आदि मौजूद थे।

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के इतिहास में दो अक्टूबर काला धब्बा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शहीद स्थल रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर में शहीद स्मारक पर उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलकारी शहीदों की पुण्य स्मृति में श्रद्धासुमन अर्पित किये। राज्य निर्माण के लिए बलिदान देने वाले आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आन्दोलनकारियों के सपनों के उत्तराखण्ड की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। राज्य आन्दोलनकारियों के योगदान को हमेशा याद किया जायेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड एवं तत्कालीन उत्तर प्रदेश के इतिहास में आज के दिन को एक काले धब्बे के रूप में भी हम लोग देखते हैं। जिस तरह से रामपुर तिराहा में राज्य आन्दोलनकारियों पर आमानवीय अत्याचार हुआ, अनेक नौजवान शहीद हुए। यहां के स्थानीय लोगों ने इन नौजवानों के सम्मान और सुरक्षा के लिए जिस तरह योगदान दिया, उनके योगदान को हमेशा याद किया जायेगा।

इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक वंशीधर भगत, विधायक हरवंश कपूर, प्रदीप बत्रा, मुजफ्रनगर के विधायक प्रमोद उडवाल, मेयर रूड़की गौरव गोयल, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजेन्द्र अंथवाल आदि मौजूद रहे।

यूपी के गैंगरेप की घटना दिलदहला देने वाली, सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को दे दंडः राकेश पारछा

14 सितंबर को उत्तर प्रदेश में वाल्मीकि समाज की युवती मनीषा वाल्मीकि के साथ बारी-बारी से गैंगरेप करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है। देशभर से वाल्मीकि समाज आरोपियों पर ठोस कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सुरक्षा आदि मांग उठा रहे है।

शुक्रवार को तीर्थनगरी के अंबेडकर चैक में राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के प्रदेश सचिव एडवोकेट राकेश पारछा के नेतृत्व में समाज के लोगों ने सांकेतिक धरना दिया। एडवोकेट राकेश पारछा ने कहा कि 14 सितंबर को यूपी में वाल्मीकि समाज की युवती के साथ हुई घटना कभी भुलाई नहीं जा सकती है। जब तक समाज में किसी भी युवती के खिलाफ अन्याय, छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसी वारदातें नहीं रूकेंगी। देश तरक्की नहीं कर सकता। वाल्मीकि समाज यूपी में हुई घटना की घोर निंदा करता है। समाज के लोगों ने यूपी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी सांकेतिक तरीके से की।

सांकेतिक धरना देने वालों में विनोद सौदाई, विनोद भारती, नरेश खैरवाल, संजय वाल्मीकि, सुभाष वाल्मीकि, रणवीर भारती, दिनेश चारण, राकेश खैरवाल, अजय बागडी, तीरथ बिडलान, सुरेंद्र, मयंक, मुकेश भारती, जितेंद्र भारती, सन्नी चैहान, महेंद्र कालरा, हरिओम भोला, आकाशदीप भारती, महेश, राकेश, अमित हवलदार, रविंद्र बिरला, महेंद्र सिंह, सुलेखा वाल्मीकि, विक्की खैरवाल, चुनमुन, शुभम भगत, विक्की चैहान, अक्षय खैरवाल, ईलम सिंह, मुकेश खैरवाल आदि मौजूद रहे।

लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी सहित सभी आरोपियों को बाबरी विध्वंस मामले में क्लीनचीट

आखिरकार 28 साल के लंबे इंतजार के बाद बाबरी विध्वंस केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाया। छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के आपराधिक मामले में सभी आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया गया है। सीबीआई न्यायधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। फैसला सुनाते वक्त सीबीआई की विशेष अदालत के जज ने कहा कि बाबरी विध्वंस की घटना कोई पूर्व नियोजित नहीं थी। मस्जिद को ढाए जाने की घटना आकस्मिक थी।

विशेष सीबीआई न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना में साजिश के प्रबल साक्ष्य नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि वीडियो कैसेट के सीन भी स्पष्ट नहीं, कैसेट्स को सील नहीं किया गया और फोटोज की निगेटिव नहीं पेश की गई।

कोर्ट ने यह भी कहा कि 12 बजे विवादित ढांचा के पीछे से पथराव शुरू हुआ। अशोक सिंघल ढांचे को सुरक्षित रखना चाहते थे, क्योंकि ढांचे में मूर्तियां थीं। कारसेवकों के दोनों हाथ व्यस्त रखने के लिए जल और फूल लाने को कहा गया था। बता दें कि किसी ने कोर्टरूम में किसी ने जय श्री राम के नारे भी लगाए।

फैसला कानून और हाईकोर्ट के खिलाफ
वहीं, मुस्लिम पक्ष ने कहा कि यह फैसला कानून और हाईकोर्ट दोनों के खिलाफ है। जफरयाब जीलानी ने कहा कि विध्वंस मामले में जो मुस्लिम पक्ष के लोग रहे हैं उनकी तरफ से हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि एलआईयू की रिपोर्ट में पहले से थी 6 दिसम्बर 1992 को अनहोनी की आशंका, लेकिन उसकी जांच नहीं की गई।

यह आरोपी हुए बरी
लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ. राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश वर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण सिंह, कमलेश्वर त्रिपाठी, रामचंद्र, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमरनाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, स्वामी साक्षी महाराज, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धर्मेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ व धर्मेंद्र सिंह गुर्जर। यह सभी आरोपी वर्तमान में जीवित है। अब वह आरोपी जो इस दुनिया में नहीं है। इसमें अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया, विजयाराजे सिंधिया, मोरेश्वर सावें, महंत अवैद्यनाथ, महामंडलेश्वर जगदीश मुनि महाराज, बैकुंठ लाल शर्मा, परमहंस रामचंद्र दास, डॉ. सतीश नागर, बालासाहेब ठाकरे, डीबी राय (तत्कालीन एसएसपी), रमेश प्रताप सिंह, महात्यागी हरगोविंद सिंह, लक्ष्मी नारायण दास, राम नारायण दास और विनोद कुमार बंसल शामिल है।

प्रसव पीड़ा होने पर रोडवेज बस में बुजुर्ग महिला ने कराई डिलीवरी, रोडवेज कर्मियों ने किया नामकरण

उत्तर प्रदेश की महोबा डिपो की रोडवेज बस में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया। तो रोडवेज कर्मियों ने उसका नाम महोबा डिपो ही रख दिया।

दरअसल, एक खानाबदोश महिला को जब असहनीय प्रसव पीड़ा हुई तो परिवार के लोगों ने एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन घुमाया। एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर परिवार के सदस्यों ने जिला अस्पताल जाने के लिए रोडवेज की बस को चुना। महिला को रोडवेज की बस दर्द उठना शुरू हो गया। इसी दौरान बस में मौजूद एक बुजुर्ग महिला का दिल पसीजा और बस में पर्दा डालकर उसने गर्भवती महिला का प्रसव करा दिया। बस में नवजात की किलकारियां गूंजी और सभी लोग खुश नजर आ रहे थे। रोडवेज कर्मियों ने भी अपने अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और बस को सीधे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां जज्बा और बच्चा को भर्ती कराया गया। चिकित्सक ने दोनों को खतरे से बाहर बताया है। वहीं, परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई और नवजात शिशु का नाम महोबा डिपो रख दिया।

बदमाश मुख्तार अंसारी को जेल से बाहर निकालों, नहीं निकालने पर योगी आदित्यनाथ को धमकी

यूपी की जेल में बंद बदमाश मुख्तार अंसारी को न छोड़े जाने पर सीएम योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी मिली है। यह मैसेज 9696755113 नंबर से यूपी 112 के नंबर पर मैसेज भेज कर दी गई। पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि मैसेज में सीएम के प्रति अभद्र बातें और मुख्तार को जेल से बाहर निकलने की बात लिखी है। धमकी देने वाले ने मैसेज में लिखा था कि मुख्तार को जेल से नहीं छुड़ाया गया तो सरकार मिटा दी जाएगी। बताया कि नंबर ट्रेस कर लिया गया है। जल्द आरोपी गिरफ्त में होंगे।

विकास दुबे की तरह मथुरा में भी पुलिस टीम पर फायरिंग

कानुपर में विकास दुबे द्वारा पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग जैसी घटना यूपी में पुनः दोहराई गई। इस बार मथुरा जिले में गोविंद नगर इलाके के मनोहरपुरा अहाते मोहल्ले में जुआरियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर कुछ लोगों ने हाथापाई करते हुए पथराव कर दिया। इसी बीच एक आरोपी मौके से भाग खड़ा हुआ। पथराव में चार सिपाही घायल हो गए तो बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। जानकारों के मुताबिक हमलावरों ने पुलिस टीम पर फायर कर खोखे में आग लगाने का प्रयास भी किया। सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी ने मौका मुआयना कर पुलिस टीम के साथ दबिश की, जिसमें एक आरोपी पकड़ा गया है।

बीते शुक्रवार की दोपहर को चैकी प्रभारी डीगगेट शिव शरण सिंह पुलिस बल व मोबाइल बाइक के साथ मनोहरपुरा क्षेत्र में जुआ और एक वांछित की तलाश में पहुंचे। थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह सहित पुलिस टीम ताश खेल रहे लोगों में से आरोपी डेला को पकड़कर ले जाने लगी। उसी वक्त मौजूद लोगों ने टीम पर पथराव कर दिया। इससे सिपाही राघवेन्द्र, सुनील, अनिरुद्ध व हरिओम चोटिल हो गए और पुलिस की बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। तभी कुछ उपद्रवियों ने वहां रखे खोखे में आग लगाने का प्रयास किया और पुलिस पर फायर भी किया। इससे पुलिस कर्मियों में भगदड़ मच गई। पुलिस पर हमले की सूचना पर एसपी सिटी उदय शंकर सिंह तत्काल कोतवाली, सदर, गोविंदनगर व क्यूआरटी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। भारी संख्या में पुलिस को आते देख उपद्रवी मौके से भाग गए।

योगी सरकार का ऐलान, रेप और छेड़खानी करने वालों के पोस्टर सड़क किनारे लगाए जाएंगे

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पर योगी सरकार सख्त है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध की जांच को आॅपरेशन दुराचारी शुरू करने को कहा है। इसके तहत महिलाओं के खिलाफ अपराध के दोषियों के राज्य की सड़कों, सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाए जाएंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी निर्देश दिया है कि महिला पुलिसकर्मियों को ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा जाना चाहिए और उनकी तस्वीरों, नाम को क्राॅसिंग पर लगाया जाए, जिससे उनहें शर्मिदगी महसूस हो। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के लोगों को यह पता होना चाहिए कि यह कौन लोग है।

बीट प्रभारी, चैकी व थाना प्रभारी होंगे जिम्मेदारी
सीएम ने यह भी कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित कोई भी घटना होती है, तो संबंधित क्षेत्र का बीट प्रभारी, चैकी प्रभारी, थाना प्रभारी और सर्कल अधिकारी जिम्मेदार होगा।