उत्तराखंड में 14 फरवरी को चुनाव, 10 मार्च को परिणाम

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों का ऐलान आज चुनाव आयोग ने कर दिया है। उत्तराखंड में 14 फरवरी को मतदान होगा। 21 जनवरी को अधिसूचना जारी होगी। 28 जनवरी को नामांकन का अंतिम दिन होगा। नामांकन पत्रो की जांच 29 जनवरी और नाम वापसी के लिए 31 जनवरी का दिन निर्धारित किया गया है। पांचों राज्यों के परिणाम 10 मार्च को आयेंगे। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि किसी भी राज्य में रैलियों और रोड शो के आयोजन की परमिशन नहीं होगी। इसके अलावा किसी नुक्कड़ सभा का आयोजन भी सार्वजनिक स्थानों पर नहीं किया जा सकेगा। साइकिल रैली और बाइक रैली जैसी चीजों पर भी रोक रहेगी। कई नियमों का ऐलान करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चन्द्रा ने कहा कि उम्मीदवार ऑनलाइन नामांकन भी दाखिल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि गोवा, पंजाब और उत्तराखंड में एक फेज में चुनाव होगा।
यूपी में पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होगा। 14 फरवरी को दूसरे मतदान का चुनाव होगा। पंजाब और उत्तराखंड में 14 फरवरी को मतदान होगा। यूपी में 20 फरवरी को तीसरे चरण का मतदान होगा। यूपी में 23 फरवरी को चौथे चरण का मतदान होगा। यूपी में 27 फरवरी को पांचवे चरण का मतदान होगा। मणिपुर में दो चरणों में मतदान होगा। चुनाव आयुक्त ने कहा कि मीडिया का चुनाव में अहम रोल है। मीडिया हमारा दोस्त है। आपके जरिए हमारी बातें लोगों तक पहुंचती है। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। कोरोना नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। वहीं, उत्तराखंड सहित तीन राज्यों में उम्मीदवार 40 लाख ही चुनाव खर्च कर पाएंगे। डिजिटल और वर्चुअल तरीके से चुनाव प्रचार होगा। पदयात्रा और रोड शो, साइकिल रैली और बाइक रैली नहीं होगी। 15 जनवरी तक इन पर रोक रहेगी। चुनाव आयुक्त ने कहा कि जीत के बाद जश्न या विजय जुलूस की इजाजत नहीं होगी। डोर टू डोर कैंपने के लिए पांच लोगों की ही इजाजत रहेगी। कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। किसी भी तरह के नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयुक्त ने कहा हम मेडिकल एक्सपर्ट्स से सलाह भी ले चुके हैं। सभी चुनाव कर्मी फ्रंटलाइन कर्मी हैं। पोलिंग बूथ पूरी तरह से सैनिटाइज होगा। पोलिंग की टाइमिंग एक घंटे से ज्यादा होगी। चुनाव आयोग ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान की अपील की है।
पांच राज्यों में मतदान की घोषणा के बाद चुनाव की अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चुनाव आयुक्त ने बताया कि 80 प्लस और दिव्यांग और कोविड प्रभावित के लिए पोस्टिंग बैलेट की व्यवस्था बनेगी। उम्मीदवारों के लिए आपराधिक जानकारी देना जरूरी होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 5 जनवरी को मतदाता की सूची डाली गई थी। 24.9 लाख मतदाता की पहली बार वोट डालेंगे।

मुख्यमंत्री के अनुरोध पर धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन के परीक्षण के निर्देश

केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन के परीक्षण कराने के लिए रेल मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेल मंत्री से धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन के लिए अनुरोध किया था। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सम्बंध में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश देने के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन का शीघ्र परीक्षण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिये रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है।

मुख्यमंत्री परिषद में पीएम मोदी को धामी ने दिलाया विश्वास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित सुशासन सम्मेलन (मुख्यमंत्री परिषद) में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्य की ओर से बेस्ट प्रैक्टिस के तहत उत्तराखण्ड होम स्टे पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान जानकारी दी गई कि राज्य में स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने, नये पर्यटन स्थलों को विकसित करने, पर्यटकों को राज्य की संस्कृति से परिचित कराने एवं पलायन को रोकने के उद्देश्य से राज्य में होम स्टे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। होम स्टे के तहत राज्य में दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना, ट्रेकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना चलाई जा रही है। दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत होमस्टे का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। लाभार्थी को 15 लाख रूपये तक पूंजी सहायता एवं ब्याज सहायता 1.50 लाख तक दी गई है। 5 वर्षों हेतु राज्य जीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
राज्य में 3700 से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं। 14.53 करोड़ की पूंजी सहायता वितरित की जा चुकी है। इस योजना से 8 हजार से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है। राज्य सरकार द्वारा होम स्टे संचालकों को गांवों में पर्यटन के बुनियादी ढ़ाचे के विकास, निजी वेब-साईट पर होम स्टे विज्ञापित करने, सरकारी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन प्रचार, निःशुल्क प्रशिक्षण, ट्रैवल मार्ट में निःशुल्क भागीदारी एवं गुणवत्ता निर्धारण हेतु सरकार द्वारा ग्रेडिंग की सुविधाएं दी जा रही हैं।
राज्य में सीमान्त क्षेत्रों से पलायन रोकने एवं एवं पर्वतारोहण की गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही ट्रेकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना हेतु वित्तीय अनुदान की व्यवस्था है। इस योजना के तहत अक्टूबर 2021 तक 120 लाभार्थियों को 3.20 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया जा चुका है।
सुशासन सम्मेलन के दौरान उत्तराखण्ड की ओर से अटल आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पी.एम.स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना एवं स्वामित्व योजना पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान जानकारी दी गई कि अटल आयुष्मान योजना के तहत राज्य में 45.22 लाख आयुष्मान कार्ड निर्गत किये जा चुके हैं। कार्डों का वितरण निःशुल्क किया जा रहा है। चिकित्सालयों को एक सप्ताह के अन्दर भुगतान किया जा रहा है। शिकायतों के निवारण हेतु 155368 टोल फ्री कॉल सेंटर की सुविधा एवं पर्वतीय अंचल के चिकित्सालयों हेतु पैकेज दरों के अतिरिक्त 10 प्रतिशत प्रोत्साहन धनराशि का भुगतान किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत भारत सरकार से प्राप्त लक्ष्य के तहत फेज-1 में 12662 लाभार्थियों को चयनित किया गया जिसके सापेक्ष 12427 आवास पूर्ण हो चुके हैं। फेज-2 में भारत सरकार से 16472 आवास बनाने का लक्ष्य मिला है, जिस पर कार्यवाही गतिमान है। इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों को बर्तन खरीद हेतु प्रति लाभार्थी 5 हजार रूपये की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। सभी पात्र भूमिहीन परिवारों को राज्य सरकार द्वारा भूमि पट्टा आवंटित किया जा रहा है। आवासीय कालोनियों के विकास के लिए बिजली, पानी, सड़क, नाली की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में बी.एल.सी. के तहत 3802, सी.एल.एस.एस के तहत 13287 एवं ए.एच.पी के तहत 464 आवासों की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है। डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को धनराशि का वितरण किया जा रहा है। आवासों की जियो टैगिंग की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा बी.एल.सी. के तहत 50 हजार रूपये एवं ए.एच.पी के तहत 1 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है। निशुल्क भू-उपयोग परिवर्तन की व्यवस्था की गई है। पीएमएवाई के लाभार्थियों हेतु 50 वर्ग मीटर नजूल भूमि के निःशुल्क आवंटन की व्यवस्था की गई है।
पी.एम. स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत 11543 स्वीकृत आवेदनों में से 10101 लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों को 02 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जा रहा है एवं स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जा रही है।
स्वामित्व योजना के तहत राज्य में 2409 ग्रामों के 102291 अभिलेख तैयार किये गये हैं। जिसमें से 98236 अभिलेख वितरित किये गये हैं। इस योजना के तहत चार जनपदों पौड़ी गढ़वाल, ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार एवं देहरादून में सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष जनपदों में सर्वेक्षण कार्य की प्रक्रिया गतिमान है।

काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता देखते ही बन रही-मोदी

भारत की सभ्यागत धरोहर की जीवटता की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि औरंगजेब जैसे आततायियों ने इस धरोहर को ध्वस्त करने के प्रयास किए, लेकिन आतंक के वे पर्याय इतिहास के काले पन्नों तक सिमट कर रह गए, जबकि पवित्र नगरी काशी अपने गौरव को फिर से नई भव्यता दे रही है। काशी विश्वनाथ धाम का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने कहा कि भारत सदियों की गुलामी से उत्पन्न हीनभावना से बाहर निकल रहा है। उन्होंने साथ ही कहा कि नया गलियारा देश को एक निर्णायक दिशा देगा तथा इसे एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगा। देश के एक नए इतिहास के रचनाकाल से गुजरने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, यहां अगर औरंगजेब आता है तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं! अगर कोई सालार मसूद इधर बढ़ता है तो राजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा उसे हमारी एकता की ताकत का अहसास करा देते हैं। और अंग्रेजों के दौर में भी, (ब्रिटिश गर्वनर जनरल) वारेन हेस्टिंग्स का क्या हश्र काशी के लोगों ने किया था, ये तो काशी के लोग जानते ही हैं। आततायियों ने इस नगरी पर आक्रमण किए, इसे ध्वस्त करने के प्रयास किए!
उन्होंने काशी की धरोहर के वैभव का जिक्र करते हुए कहा, कितनी ही सल्तनतें उठी और मिट्टी में मिल गई लेकिन बनारस बना हुआ है। मोदी ने कहा, औरंगजेब के अत्याचार, उसके आतंक का इतिहास साक्षी है… जिसने सभ्यता को तलवार के बल पर बदलने की कोशिश की, जिसने संस्कृति को कट्टरता से कुचलने की कोशिश की! लेकिन इस देश की मिट्टी बाकी दुनिया से कुछ अलग है। उन्होंने हर-हर महादेव का उद्घघोष करते हुए यह बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा, देखिए, कैसे समय बदल गया। आज, आंतक के पर्याय रहे लोग इतिहास के काले पन्नों तक सिमट कर रह गये, जबकि काशी आगे बढ़ रही है और वह अपने गौरव को फिर से नयी भव्यता दे रही है।

कई इतिहासकारों का मानना है कि औरंगजेब ने मंदिर को ध्वस्त कर एक मस्जिद बनाने का आदेश दिया था। मोदी ने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए रानी अहिल्याबाई होल्कर और मंदिर के गुंबद पर स्वर्ण आवरण (प्लेटिंग) चढ़ाने को लेकर सिख शासक रणजीत सिंह की सराहना की। मोदी ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम का पूरा परिसर महज एक भव्य भवन नहीं है बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, इसकी आध्यात्यिमक आत्मा और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यदि भारत राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम बना रहा है तो वह समुद्र में हजारों किमी लंबी ऑप्टिकल फाइबर भी बिछा रहा है, गरीबों के लिए लाखों मकान बना रहा है और लोगों को अंतरिक्ष में भेज रहा है।
उन्होंने बौद्ध और सिख तीर्थ यात्रा केंद्रों के लिए किये गये कार्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्राचीन और नवीनता का समन्वय है। यह हमारी ताकत का और इस बात का भी गवाह है कि यदि एक दृढ़ संकल्प हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री ने लोगों से स्वच्छता, सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लिए निरंतर प्रयास करने की भी अपील की। मोदी ने गुलामी की लंबी अवधि का उल्लेख करते हुए कहा, इसने हमारे विश्वास को इस कदर तोड़ दिया कि हमने अपनी सृजन क्षमता में विश्वास खो दिया। उन्होंने कहा, आज इस हजारों साल पुरानी काशी से मैं हर देशवासी से पूरे विश्वास के साथ सृजन और नवोन्मेष करने की अपील करता हूं।
उन्होंने काशी के गौरव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नगर अविनाशी है और यह भगवान शिव के संरक्षण में है। मोदी ने भव्य मंदिर परिसर के निर्माण कार्य में शामिल श्रमिकों का भी आभार प्रकट किया। उन्होंने उनसे मुलाकात की और उन पर फूल बरसाए। बाद में उनके साथ भोजन भी किया। उन्होंने भाषण के बीच में स्थानीय बोली का भी उपयोग किया।

मोबाइल चुराने वाला गिरफ्तार, एम्स की लाईब्रेरी से किया था चोरी

कोतवाली पुलिस के मुताबिक शिकायकर्ता इति जैन पुत्री डॉक्टर पंकज जैन निवासी न्यू आवास विकास जेवी जैन डिग्री कॉलेज रोड, सहारनपुर उत्तर प्रदेश हाल निवासी एमीबीबीएस अंतिम वर्ष एम्स, ऋषिकेश ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया कि उसका और एक अन्य का मोबाइल एम्स की लाइब्रेरी से अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर लिया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धारा में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। छानबीन के बाद संदिग्ध की पहचान की गई। जिसे यूपी के बरेली से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को मोबाइल चोर की पहचान वीरपाल पुत्र ओमपाल सुमन निवासी ग्राम सेमी, खेड़ी बहेड़ी देवरनिया, बरेली यूपी के रूप में कराई है। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि चोरी का माल बरामद होने पर धारा 411 की भी बढ़ोत्तरी की गई है।

मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में सीएम धामी राज्य की योजनाओं की जानकारी देंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वाराणसी में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में प्रतिभाग करेंगे। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री राज्य में संचालित केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर चर्चा करेंगे।
इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने रविवार को सायं मुख्यमंत्री आवास में विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने वाले लाभार्थियों, योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनाई गई प्रक्रियाओं एवं इस दिशा में आने वाली चुनौतियों के निराकरण के लिये किये जा रहे प्रयास आदि के सम्बन्ध में योजनावार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सम्बन्धित विभागीय सचिवों द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य सरकार द्वारा संचालित होम स्टे योजना को राज्य की संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने वाला बताया है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में विशेष प्रयासों की जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री द्वारा कॉन्क्लेव में राज्य सरकार द्वारा संचालित होम स्टे योजना के क्रियान्वयन आदि की जानकारी भी साझा की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में होम स्टे योजना तथा ट्रेकिंग ट्रेक्शन सेंटरों की स्थापना से राज्य के पर्यटन, साहसिक पर्यटन एवं आर्थिकी को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन तथा पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, एस.ए. मुरूगेशन, चन्द्रेश कुमार, मुख्यमंत्री के मुख्य समन्वयक प्रो. दुर्गेश पंत, अपर सचिव आशीष कुमार, आनन्द स्वरूप, अरूणेन्द्र सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।

गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 355 रू प्रति कुन्तल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सोमवार को सितारगंज में लम्बे समय से बन्द पड़ी किसान सहकारी चीनी मिल्स लि के पेराई सत्र का विधिवत पटला पूजन व कनवेयर में गन्ना डालकर शुभारम्भ किया गया। साथ ही सरकडा के गन्ना किसान प्रकट सिंह व तरसेम सिंह को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होने गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 355 रू प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य 345 रू प्रति कुन्तल किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किसानों को बधाई देते हुए कहा कि आज सितारगंज के लिए ऐतिहासिक दिन है। सितारगंज किसान सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र के शुभारम्भ से विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। भविष्य में इस चीनी मिल से बिजली व एथेनॉल का उत्पादन भी किया जायेगा। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार व केन्द्र सरकार हमेशा किसानों को आधुनिक व सम्पन्न बनाये जाने हेतु कार्यरत है। हम हमेशा किसानो के साथ थे और भविष्य में भी किसानो के साथ खडे रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड की विशेष चिंता रहती है, जल्द ही उत्तराखण्ड में दूसरा एम्स खुलने जा रहा है ताकि लोगो एम्स की तरह सारी चिकित्सा सुविधाएं मिल सके। उन्होने कहा केन्द्र सरकार के सहयोग से किच्छा से खटीमा रेल लाईन व टनकपुर से बागेश्वर रेल लाईन की मंजूरी मिल गई है साथ ही जमरानी बांध परियोजना भी स्वीकृत हो चुकी है। उन्होने बताया कि भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पहाडी और मैदानी किसानों के लिए अलग-अलग कृषि योजनाएं बनाई जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा हर वर्ग, हर क्षेत्र के लिए योजनाएं बनाई जा रही है। 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जायेगा इसके लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। अभी तक 400 से अधिक फैसले लिए है, जिनका शासनादेश भी जारी हो चुका है। उन्होने बताया आशा, आंगनबाडी, उपनल, राज्य आंदोलनकारी, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, भोजन माताओं, पी.आर.डी. जवानों आदि की मांगो पर विचार कर इनका मानदेय बढाया गया। उन्होने कहा जिनकी मांगे छूट गई है, उनको भी शीघ्र पूरा किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के अन्तर्गत ऐसे खिलाडी जिसमे योग्यता और क्षमता है, उनका सारा खर्च प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। उन्होने बताया महामारी में जो बच्चे अनाथ हो चुक है उन्हे वात्सल्य योजना के अन्तर्गत 3000 रू प्रतिमाह की राशि दी जा रही है तथा शिक्षा का खर्च प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। नवजात बच्चों की माताओं को जरूरी सामान की महालक्ष्मी किट दी जा रही है। रोजगार के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है तथा रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है ताकि बेरोजगारों को रोजगार के लिए भटकना न पडे। नई खनन नीति बनाने के लिए पब्लिक डोमेंन के माध्यम से लोगो के सुझाव मांगे गए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बंगाली समुदाय के नमो शुद्र के कारपस फंड तथा संत केसर सिंह छात्रवृति के कारपस फंड को 2 करोड से बढाकर 4 करोड किये जाने की भी घोषणा की।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने बताया कि लम्बे समय से बन्द पड़ी इस चीनी मिल को चलाने का संकल्प प्रदेश सरकार ने लिया था वो संकल्प आज पूरा हुआ। उन्होने कहा हमारी सरकार किसानों के साथ है। उन्होने बताया इस चीनी मिल के खुलने से सितारगंज, नानकमत्ता व खटीमा के गन्ना किसानों को फायदा होगा। उन्होने बताया प्रदेश सरकार ने गन्ना का भुगतान समय से किया है और आगे भी समय से किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू0 317 प्रति कुण्टल था तथा अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू० 327 प्रति कुण्टल था। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार अब सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू0 345 प्रति कुण्टल तथा अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू० 355 प्रति कुण्टल हो गया है, जो उत्तर प्रदेश की तुलना में 5/- रू० प्रति कुण्टल अधिक है। गत वर्षाे में क्रय केंद्रों से गन्ना खरीद पर 11 रुपये प्रति कुंटल का गन्ना भाड़ा किसानों को चुकाना पड़ता था जो आज की घोषणा के 9.50 रुपये मात्र प्रति कुंटल देना होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद करते हुए क्षेत्रीय विधायक सौरभ बहुगुणा ने किसानों को बधाई दी। उन्होने कहा सितारगंज, नानकमत्ता व खटीमा के लिए आज बहुत शुभ दिन है। उन्होने कहा इस चीनी मिल को भविष्य में और आधुनिक बनाये जाने के प्रयास किये जायेंगे।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने क्षेत्र के किसानो की भावनाओं का ख्याल रखा। उन्होने कहा जो भी कार्य सम्भव है वे कार्य किये जा रहे है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रंजना राजगुरू, एसएसपी दलीप सिंह कुॅवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई, अपर जिलाधिकारी जयभारत सिंह, जीएम चीनी मिल आरके सेठ, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी आदि उपथित रहे।

धामी और योगी की जोड़ी ने परिसम्पत्ति विवाद को सुलझाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्य के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के लंबित प्रकरणों के संबंध में बैठक की। इस अवसर दोनों राज्यों के परस्पर हितों को ध्यान में रखते हुए चर्चा हुई।
दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि हरिद्वार स्थित अलकनंदा पर्यटक आवास गृह का लोकार्पण दिसम्बर 2021 में किया जाएगा और तत्समय पूर्व पर्यटक आवास गृह उत्तराखंड को हस्तांतरित किया जाएगा। किच्छा में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की बस स्टैंड की भूमि को उत्तराखण्ड को 15 दिन के अन्दर हस्तांतरित किया जायेगा। वन विभाग के अवशेष 90 करोड़ के देयकों का भुगतान भी तत्काल उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को किया जायेगा। जनपद उधमसिंह नगर स्थित धौरा, बैगुल, नानक सागर जलाशय में पर्यटन एवं वाटर स्पोर्ट की अनुमति दी गई। ऊपरी गंग नहर में वाटर स्पोर्ट की अनुमति भी दी गई। गुरुवार को बैठक में सभी प्रकरणों पर सहमति बनी है। 21 सालों से जो प्रकरण लंबित चल रहे थे, उनका निस्तारण किया गया। कुछ प्रकरणों पर 15 दिनों का समय लिया गया है। ऐसे प्रकरणों पर दोनों राज्यों द्वारा ज्वाइंट सर्वे कर निस्तारण किया जायेगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सिंचाई विभाग की 5700 हेक्टेयर भूमि और 1700 आवासों में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के उपयोग हेतु आवश्यक भूमि एवं भवन के आकलन के लिये संयुक्त सर्वे कर शीघ्र चिन्हीकरण किया जायेगा। दोनों राज्यों के मध्य सहमति बनी कि न्यायालयों में लम्बित विभिन्न वादों को वापस लिया जायेगा और आपसी सहमति से मामलों को हल किया जायेगा। दो बैराज भारत नेपाल सीमा पर बनबसा बैराज तथा किच्छा का बैराज जो आपदा से नुकसान के कारण जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, इन बैराजों का निर्माण उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा किया जायेगा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा उत्तराखण्ड परिवहन निगम को 205 करोड़ का भुगतान करने पर सहमति बनी। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद् की उत्तराखण्ड में अवस्थित परिसम्पतियों के निस्तारण से होने वाली आय एवं देनदारियों का दोनों राज्यों को 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बंटवारा होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उत्तराखण्ड की जनता की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 21 साल से जो मामले लंबित पड़े थे, सभी मांगों पर सहमति बन गई है। सभी मामले जल्द ही निस्तारित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड दोनों राज्य का आपस में बड़े एवं छोटे भाई का सबंध है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आर. के. तिवारी, उत्तराखण्ड से सचिव रंजीत सिन्हा, प्रमुख अभियंता सिंचाई मुकेश मोहन एवं उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी ने लखनऊ में एबीवीपी के कार्यालय का भ्रमण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को लखनऊ के केसर बाग स्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यालय से उनकी बहुत सारी यादें जुड़ी हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि “मैं भी इसी कार्यालय से निकला हूँ और आज मुख्य सेवक के रूप में कार्य कर रहा हूं”। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थी परिषद से जुड़े युवाओं के साथ संवाद करते हुए अपने पुराने सस्मरण साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच दो दशकों से चल रहे परिसंपत्तियों के मामलों का निस्तारण हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हर क्षेत्र में बेहतर कार्य संस्कृति के साथ कार्य हो रहा है, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी बेहतर कार्य संस्कृति से काम किया जा रहा है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद और विधायक राजेश शुक्ला मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रवसियों से किया समृद्ध, सशक्त और आध्यात्मिक उत्तराखण्ड बनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लखनऊ दौरे के दूसरे दिन बीरबल साहनी मार्ग स्थित पंडित गोविंद बल्लभ पंत सांस्कृतिक ऑडिटॉरीयम में उत्तराखंड महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड महोत्सव 2021 के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड महापरिषद से जुड़े हजारों प्रवासी उत्तराखंडियों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखण्ड के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया था कि “ऐसे बंटवारा कर दीजिए जैसे एक छोटे और बड़े भाई के बीच में होता है, ना कि 2 राज्यों के मध्य में और उन्होंने भी हमारी बात को सहृदय स्वीकार किया”। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार प्रकट करते हुए कहा कि जो मुद्दे दो दशक से ज्यादा समय से नहीं सुलझ पाई वे आज आपसी सहमति से सुलझ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के निर्माण में राज्य आंदोलनकारियों की विशेष भूमिका रही है, उन्हीं आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, युवाओं और हर क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में प्रदेश सरकार ने 600 करोड़ का कोविड-19 पैकेज, घस्यारी योजना, वात्सल्य योजना के साथ ही महालक्ष्मी योजना समेत अनेक कल्याणकारी योजना प्रारंभ की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड का चौमुखी विकास हो रहा है। केदारनाथ -बदरीनाथ में पुनर्निर्माण कार्य, ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेल परियोजना, टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना, कुमाऊं में एम्स के सेटेलाइट सेंटर समेत एक लाख करोड़ के योजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सभी प्रवासी उत्तराखंडवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सभी लोग 25 साल के युवा उत्तराखंड को समृद्ध सशक्त और अध्यात्म का केंद्र बनाने में सहभागी बनें।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस उत्तराखंड महोत्सव को और अधिक भव्य रूप से आयोजित करने हेतु 21 लाख देने की घोषणा की। इसके अलावा ही उत्तराखंड महोत्सव में समस्त कलाकारों को 2000 पुरस्कार, लखनऊ से रामनगर ट्रेन चलाने हेतु केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने, और भविष्य में उत्तराखंड से संबंधित समस्याओं के निस्तारण हेतु उत्तराखंड भवन गोमती नगर में प्रकोष्ठ के स्थापना करने की भी घोषणा की।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद, सांसद प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी, विधायक राजेश शुक्ला, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह, उत्तराखंड महासंघ के अध्यक्ष हरीश चंद्र पंत महासचिव भरत सिंह बिष्ट समेत हजारों की संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी मौजूद रहे।