अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिले-धामी

रामनगरी अयोध्या में प्रवास के दूसरे दिन उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ’दिल्ली सेवा धाम ट्रस्ट’ की प्रस्तावित धर्मशाला के शिलान्यास पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ में आहूति दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला के निर्माण के बाद रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या आने वाले देश और दुनिया के रामभक्तों को विश्व स्तरीय आवासीय सुविधा मिलेगी। इससे पूर्व उन्होंने जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मिलकर उनका हाल जाना और आशीर्वाद लिया।
धर्मशाला के शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो चुका है। मंदिर को दिव्य और भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। मंदिर निर्माण से अयोध्या पूरी दुनिया के लिए एक धार्मिक केन्द्र बन जाएगा। उसके बाद यहां रामभक्तों और श्रद्धालुओं की आवाजाही और अधिक बढ़ जाएगी। यहां श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए सामाजिक संगठनों को भी सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामभक्तों को अयोध्या में ठहरने के लिए उच्चस्तरीय सुविधा मुहैया करवाने के लिए ’दिल्ली सेवा धाम ट्रस्ट’ भव्य धर्मशाला का निर्माण कर रहा है। आगे चलकर यह धर्मशाला एक धरोहर बनने के साथ ही स्थानीय लोगों और रामभक्तों के लिए बहुपयोगी साबित होगी।
इससे पहले सुबह के वक्त मुख्यमंत्री ने मणिराम दास की छावनी पहुंचकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। महंत नृत्य गोपाल दास ने मुख्यमंत्री को रामनामा भेंट कर आशीर्वाद दिया।
इस मौके पर सांसद लल्लू सिंह, विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा व अन्य लोग भी मौजूद रहे।

शारदीय नवरात्रों में कब करनी है घट स्थापना, जानिए पूरी विधि

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत कल से हो रही है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत अधिक महत्व होता है। 7 अक्टूबर को नवरात्रि का पहला दिन है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है और अखंड ज्योत जलाई जाती है। नवरात्रि का दौरान मां के 9 रूपों की पूजा- अर्चना की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम रूप शैलपुत्री की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और मां दुर्गा की पूजा विधि जानिए।

अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना का विशेष महत्व है। घट स्थापना के दिन चित्रा नक्षत्र जैसे शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। इस दिन कन्या राशि में चर्तुग्रही योग का शुभ संयोग बन रहा है। घट स्थापना मुहूर्त 7 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 7 बजकर 7 मिनट तक और अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट के बीच है। जो लोग इस शुभ योग में कलश स्थापना न कर पाएं, वे दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से दोपहर 1 बजकर 42 मिनट तक लाभ का चौघड़िया में और 1 बजकर 42 मिनट से शाम 3 बजकर 9 मिनट तक अमृत के चौघड़िया में कलश-पूजन कर सकते हैं।

पूजा विधि-
इस दिन सुबह उठकर जल्गी स्नान कर लें, फिर पूजा के स्थान पर गंगाजल डालकर उसकी शुद्धि कर लें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें।
मां को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें, प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं।
धूप और दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें और फिर मां की आरती करें।
मां को भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।

पूजा सामग्री-
लाल चुनरी
लाल वस्त्र
मौली
श्रृंगार का सामान
दीपक
घी/ तेल
धूप
नारियल
साफ चावल
कुमकुम
फूल
देवी की प्रतिमा या फोटो
पान
सुपारी
लौंग
इलायची
बताशे या मिसरी
कपूर
फल-मिठाई
कलावा

धामी सरकार को मिली कामयाबी, हाईकोर्ट ने श्रद्धालुओं की संख्या से रोक हटाई

हाइकोर्ट नैनीताल ने बदरीनाथ-केदारनाथ सहित चारधाम यात्रा के श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाए जाने के मामले को लेकर दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। हाइकोर्ट ने चारों धाम में श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या से रोक हटा दी है। अब तीर्थ यात्री बेरोकटोक चारधाम यात्रा के लिए जा सकेंगे। साथ ही हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि शासन को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाना होगा। कोर्ट के इस आदेश से सरकार सहित दूसरे प्रदेशों से आने वाले तीर्थ यात्रियों, चारधाम यात्रा रूट पर होटलों, दुकानदारों आदि स्थानीय लोगों को भी बड़ी राहत मिली है।
मुख्य न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर व मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने उत्तराखंड सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि चारधाम यात्रा शुरू करने के लिए तीर्थ यात्रियों की सख्यां को निर्धारित किया गया था। साथ ही, तीर्थ यात्रियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की भी सख्त हिदायत दी गई थी।
माधिवक्ता द्वारा कहा गया कि चारधाम यात्रा करने के लिए कोविड को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व में श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित कर दी थी। लेकिन वर्तमान समय मे प्रदेश में कोविड के केस ना के बराबर आ रहे है। इसलिए चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या के आदेश में संशोधन किया जाए।कहा कि चारधाम यात्रा समाप्त होने में 40 दिन से कम का समय बचा हुआ है।
इसलिए जितने भी श्रद्धालु वहां आ रहे है उन सबको दर्शन करने की अनुमति दी जाए। जो श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन करने हेतु रजिस्ट्रेशन करा रहे है, वे भी नहीं आ पा रहे हैं। जिसके कारण वहां के स्थानीय लोगो पर रोजी-रोटी का खतरा उत्पन्न हो रहा है। सरकार द्वारा कोर्ट ने पूर्व दिए गए दिशा-निर्देशों का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा। चारधाम यात्रा में सभी सुविधाओं को उपलब्ध करा दिया गया है।
सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या से रोक हटाई जाए या फिर श्रद्धालुओं की संख्या तीन से चार हजार प्रतिदिन किया जाए ताकि दूसरे प्रदेशों से भी लोग दर्शन को आ सकें। कहा कि कोरोना महामारी पर कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन भी किया जा रहा है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रोक हटा दी गई है।

दर्शन करने आ रहे यात्रियों की संख्या बढ़ाने का सरकार हाईकोर्ट से करेगी अनुरोध

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में चार धाम यात्रा से जुड़े सभी विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को स्मार्ट सिटी एवं देवस्थानम् बोर्ड के पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा रहा है। पंजीकरण कराये जाने हेतु अभिलेख एवं शर्तें दोनों पोर्टलों में समान हैं। यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत देवस्थानम् बोर्ड के ई-पास होल्डर को स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर पंजीकरण की बाध्यता को एसओपी से हटाये जाने पर विचार किया जाय।
देवस्थानम् बोर्ड की वेबसाईट / पोर्टल खालने में उत्पन्न हो रही समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाय। धामों के चैक प्वाइंट पर ई-पास की चैकिंग हेतु क्यूआर कोड की व्यवस्था की जाय। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि देवस्थानम् बोर्ड के पोर्टल पर यात्रियों के पंजीकरण हेतु One Phone number, one booking, one adhar number की व्यवस्था की जाय। चारों धामों में समस्त प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चत करते हुये मन्दिर खुलने के निर्धारित समय के अन्तर्गत धाम एवं मन्दिर परिसर की वास्तविक क्षमता का आंकलन वीडियोग्राफी सहित शासन को उपलब्ध करायी जाय। माननीय उच्च न्यायालय में अंतरिम एप्लीकेशन दायर करते हुए तत्काल यात्रियों की प्रतिदिन दर्शन की अनुमन्य संख्या को बढ़ाये जाने हेतु अनुरोध किया जाय।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि ई-पास को निर्गत किये जाने एवं ई-पास की चैकिंग व्यवस्था को अत्यन्त सरलीकृत किया जाय, जिससे कि तीर्थ यात्रियों को ई-पास हेतु पंजीकरण कराने में किसी तरह की असुविधा न हो। बैठक में बताया गया कि निर्धारित यात्रियों के सापेक्ष पूर्व से पंजीकृत यात्रियों में से अपेक्षाकृत कम यात्री चार धामों में दर्शन आ रहे हैं, इस स्थिति में सम्बंधित जिलाधिकारियों द्वारा उक्त यात्रियों के स्थान पर अन्य पंजीकृत यात्रियों को दर्शन की अनुमति दे सकते हैं। बैठक में चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रविनाथ रमन ने बताया कि चार धाम यात्रा हेतु पंजीकरण एवं ई-पास देवस्थानम् बोर्ड की वेबसाइट से निर्गत किये जा रहे हैं। वेबसाइट पर तक चार धाम यात्रा हेतु यात्रियों द्वारा पंजीकरण करा लिया गया चारों धाम में पूजा प्रातः 4.00 बजे से सायं 7.00 बजे तक संचालित की जा रही है।
बैठक सचिव पर्यटन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, चार धाम देवस्थानम् बोर्ड / आयुक्त, गढ़वाल मण्डल, सचिव, आपदा, सचिव, संस्कृति एवं धर्मस्व, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, यूकाडा, उपमहानिरीक्षक, पुलिस, गढ़वाल परिक्षेत्र, अपर सचिव, संस्कृति एवं धर्मस्व, जिलाधिकारी चमोली एवं जिलाधिकारी उत्तरकाशी, जिलाधिकारी, रूद्रप्रयाग, पुलिस अधीक्षक, उत्तरकाशी / रूद्रप्रयाग (वीसी के माध्यम से) सम्मिलित थे।

टैक्सी टैक्सी संचालकों ने एसडीएम के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन

संयुक्त रोटेशन टैक्सी मैक्सी संचालक समिति ऋषिकेश/ लक्ष्मण झूला के तत्वावधान में विभिन्न परिवहन संस्थाओ के प्रतिनिधियों ने उप जिलाधिकारी ऋषिकेश के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन प्रेषित कर राज्य में बंद पड़ी चार धाम यात्रा को अति शीघ्र संचालित करने की मांग की। इस अवसर पर गढ़वाल मंडल टैक्सी चालक व मालिक एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में रोजगार के संसाधन परिवहन और पर्यटन पर आधारित है।

राज्य सरकार को कोरोना गाइडलाइन का अनु पालन कराते हुए चार धाम यात्रा अति शीघ संचालित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही अमल में लानी चाहिए, चार धाम यात्रा प्रारंभ ना होने की दशा में राज्य सरकार को अविलंब परिवहन एवं पर्यटन सेक्टर को बीमार घोषित कर उचित राहत पैकेज घोषित करना चाहिए।

ज्ञापन देने वालों में गढ़वाल मंडल टैक्सी चालक एवं मालिक एसोसिएशन ऋषिकेश के अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत, सचिव विजेंद्र कंडारी, उप प्रधान नरेंद्र वर्मा, ऋषिकेश डीलक्स टैक्सी मैक्सी ओनर एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमंत डग, सचिव ललित सक्सेना, सह सचिव अर्पित राजपूत, मोहनलाल, जीप कमांडर एसोसिएशन ऋषिकेश के पूर्व अध्यक्ष भगवान सिंह राणा, इनोवा टैक्सी मैक्सी एसोसिएशन के अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण, कार्यकारिणी अध्यक्ष अवतार सिंह भगत, सचिव नवीन सेमवाल, कोषाध्यक्ष बूटा सिंह, सरदार कुलदीप सिंह आदि शामिल थे।

कोर्ट परिसर में हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी, 4 गिरफ्तार

ऋषिकेश कोर्ट परिसर में हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी वाली पुस्तक बांटने पर पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है।

अधिवक्ता आरके जोशी ने बताया कि ऋषिकेश कोर्ट परिसर में एक युवक आया और निशुल्क पुस्तक बांटने लगा, उन्होंने भी इस पुस्तक को लिया और पढ़ने पर पता लगा कि इसमें हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। इस संबंध में अधिवक्ता ने उस युवक से पूछा कि इस पुस्तक के अंदर धार्मिक भावना आहत किया जा रहा है यह पुस्तक किस के निर्देश पर बांटी जा रही है। इस बात पर युवक ने तीन अन्य साथियों के नाम लिए।

इसके बाद अधिवक्ता ने उन तीनों लोगों को फोन पर बात कर मौके पर बुलाया। जब यह लोग मौके पर आए तो अधिवक्ता ने उनसे भी वही प्रश्न किया। अधिवक्ता के प्रश्न के जवाब में उक्त तीन लोगों ने भी देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी को सही ठहराया। साथी फर्जी बाबा रामपाल के शिष्य होने की बात कही।

अधिवक्ता ने इस मामले में कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी है। वही सूचना पाकर पुलिस ने इन चारों लोगों को हिरासत में लिया और कोतवाली लेकर गई। पुलिस ने इन चारों के कब्जे से पुस्तके भी बरामद की है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस देर रात चारों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर सकती है।

24 अप्रैल को हरिद्वार में होगी 5000 श्रद्धालुओ के भोजन-आवास की व्यवस्था

महाकुंभ पर्व में देवत्व स्नान एवं शोभायात्रा को अत्यधिक भव्य बनाने के लिए श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति की बैठक समिति अध्यक्ष मोहन सिंह रावत गांववासी (पूर्व कैबिनेट मंत्री) की अध्यक्षता में प्रेम नगर आश्रम हरिद्वार में हुई। बैठक का संचालन प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने किया।

बैठक में 24 अप्रैल 2021 की शाम को प्रेम नगर आश्रम में पहुंचने वाली सभी देव डोलियों, नेजा निशान, पशवा, पुजारी तथा श्रद्धालुओं की भोजन एवं आवास की व्यवस्था तथा 5000 व्यक्तियों के रात्रि भोज एवं सुबह के चाय आदि की व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई।

24 अप्रैल को प्रेम नगर आश्रम में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु हरिद्वार के सभी जनप्रतिनिधियों की बैठक कर व्यवस्था समिति, स्वागत समिति,संचालन समिति आदि कमेटियों का गठन कर प्रतिनिधियों को दायित्व प्रदान किये गये। गढ़वाल सभा के प्रतिनिधि मुकेश जोशी ने बताया कि हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में जनसहभागिता व जनसहयोग हेतु जन-जागरण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

इस अवसर पर प्रेम नगर आश्रम के व्यवस्थापक रमणीक भाई, गजेंद्र सिंह कंडियाल, आदेश गिरी, पंडित गोपाल कृष्ण बडोला, आचार्य भवानी दत्त मंदोलिया, बाबू भाई आदि उपस्थित थे।

कुंभ के तहत मेयर अनिता ने किया त्रिवेंणी घाट का निरीक्षण

मेयर अनिता ममगाई ने बंसत पंचमी के महा स्नान को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने अधिकारियों सहित त्रिवेणी घाट का रखरखाव करने वाली गंगा सभा के पद्दाधिकारियों को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने शहर की तमाम समाजिक एवं व्यापारिक संस्थाओं से भी शाही स्नान में प्रशासन को हर संभव सहयोग करने की अपील की है।

मेयर अनिता ममगाई ने अपर सहायक अभियंता आशीष बिष्ट को निर्देशित करते हुए कहा कि श्रद्वालुओं के सुरक्षित स्नान के लिए लगवाई जा रही चेनों का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण होना चाहिए, इसके लिए लेबर को भी बढाया जाये। घाट पर जगह-जगह बिखरी निर्माण सामग्री को देख उन्होंने तुरंत गंगा महासभा के अध्यक्ष राहुल शर्मा को फोन कर अपनी नाराजगी जताते हुए शांम तक व्यवस्थाओं को चाकचैबंद करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्हें कहा कि महिलाओं के स्नान की भी अलग से व्यवस्था होनी चाहिए।उन्हें स्नान में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े, यह जिम्मेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

मेयर अनिता ने उम्मीद जताई कि शाही स्नान पर्वों पर शहर की तमाम संस्थाएं आस्था के महा कुंभ में कंधे से कंधा मिलाकर सफल, सुरक्षित और सुखद बनाने में प्रशासन को अपना अमूल्य योगदान देंगी। महापौर ने बताया कि कुम्भ को लेकर भव्य पैमाने पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस दौरान सिचांई विभाग के अपर सहायक अभियंता आशीष बिष्ट, पार्षद राजेश दिवाकर, अनीता प्रधान, विजय बडोनी, मनीष बनवाल, पंकज शर्मा, पवन शर्मा, राजपाल ठाकुर, हैप्पी सेमवाल, प्रकांत कुमार, अक्षय खेरवाल, प्रिया धक्काल, मनीष मिश्रा, निर्भय गुप्ता, रणवीर सिंह, आकाश कुमार आदि मौजूद रहे।

लोकपरंपरा व संस्कृति के रंगों से सराबोर हुई कुंभनगरी

हरिद्वारः कुंभ 2021 के लिए तैयार हो रही धर्म नगरी इस बार लोक परंपराओं व संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठी है। यहां दीवारों पर उकेरा गया धार्मिक आस्था, लोक परंपराओं व पौराणिक सांस्कृति का वैभव भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगा। सरकार की ओर से धर्मनगरी को सजाने-संवारने के साथ ही स्वच्छ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि “राज्य सरकार दिव्य और भव्य कुम्भ के लिए प्रतिबद्ध है। प्रयास किए जा रहे हैं कि कुंभ में यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालु उत्तराखण्ड की लोक व सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू हों।“

प्रदेश में देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार गम्भीरता से प्रयास कर रही है। हरिद्वार कुंभ-2021 को भी इसके लिए मुफीद मौका माना जा रहा है। इसके लिए चित्रकला को जरिया बनाया गया है। कुंभ क्षेत्र में सरकारी भवनों समेत पुल, घाट आदि की दीवारों को धार्मिक मान्यताओं के पौराणिक चित्रों व संस्कृति के रंग बिखेरते चित्रों से सजाया गया है। इसके पीछे भी मंशा यही है कि देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं के मन में आस्था भाव का तो जागृत हो ही वह यहां की परंपरा, संस्कृति और पौराणिक विरासत से भी रूबरू हो सकें। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के ‘पेंट माई सिटी’ कैम्पेन से धर्म नगरी की फिजा ही बदल दी गई है। यहां दीवारों व खाली स्थानों पर देवभूमि की परंपराओं और संस्कृति के बखरे पड़ें रंग देखने लायक है। कहीं देवी-देवताओं, धार्मिक परम्पराओं के तो कहीं लोक संस्कृति के चित्र सजीवता लिए हुए हैं। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र को चित्रकला से सजाने में विभिन्न संस्थाओं का सहयोग रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप मेक माय सिटी कैंपेन से धर्म नगरी में परंपराओं और संस्कृति के रंग भी देखने को मिलेंगे। कुंभ तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बार का कुंभ दिव्य और भव्य होगा।

शारदीय नवरात्र के नौवें दिन होगा दशहरा, अस्त्र-शस्त्र की पूजा का यह रहेगा समय

कोरोना काल के बीच इस वर्ष शारदीय नवरात्र के नौवें दिन विजयादशमी पर्व पड़ रहा है। इसके अलावा अष्टमी और नवमी की तिथियों की दुर्गा पूजा भी एक ही दिन होगी। नवरात्र को लेकर भक्तों में उत्साह है। सितंबर और अक्टूबर में आने वाले नवरात्र को शरदीय नवरात्र कहा जाता है।

17 अक्तूबर से शुरू होने जा रहे शारदीय नवरात्र में इस बार अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन पड़ रही हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, 24 अक्तूबर को सुबह 6रू58 बजे तक अष्टमी है और उसके बाद नवमी लग जाएगी। ऐसे में अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन करने वाले भक्त इसी दिन पूजा कर सकते हैं। अष्टमी और नवमी तिथियों की दुर्गापूजा एक ही दिन होगी। नवमी की तिथि को विजयदशमी पर्व मनाया जाएगा।

अधिमास, मलमास या पुरुषोत्तम मास 16 अक्टूबर को संपन्न होने जा रहा है। इसके बाद माता की भक्ति और उपासना का मुख्य पर्व 17 अक्तूबर से शुरू हो जाएगा, जो इस बार नौ की जगह आठ दिन का रहेगा। 17 से 24 अक्तूबर तक नवरात्र और उसके अगले दिन 25 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।

नवरात्र के नौवें दिन दशमी अर्थात दशहरा होगा। 23 अक्टूबर को सुबह 6ः55 बजे अष्टमी लगेगी, जो 24 की सुबह 6ः54 तक रहेगी। इसके बाद 6ः55 पर नवमी लग जाएगी। उन्होंने बताया कि हवन और कन्या पूजन नवमी को होगा। इसके बाद विजयदशमी पर मध्याह्न में अस्त्र शस्त्र पूजन होगा और दशहरा पूजन का समय दोपहर 1ः52 से 2ः38 तक रहेगा।

मुहूर्त का समय
अश्विनी घटस्थापना शनिवार, 17 अक्टूबर, 2020, घटस्थापना मुहूर्त – प्रातः 06ः23 से प्रातः 10ः12 तक, अवधिः 03 घंटे 49 मिनट