कल खुलने जा रहे बदरी विशाल के कपाट, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनायें

आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी, उद्धव, कुबेर रावल ईश्वरीय प्रसाद नंबूदरी एवं श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधि तेल कलश गाडू घड़ा सहित श्री योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे।

कल ब्रह्म मुहुर्त 4 बजकर 15 मिनट में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इस अवसर हेतु श्री बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति ने श्री बदरीनाथ धाम को फूलों से सजाया है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्रद्धालुओं को शुभकामनायें देते हुए घर से ही पूजा अर्चना करने का आग्रह किया है।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट खुलने की तैयारिया पूर्ण कर दी गयी है। आदिगुरू शंकराचार्य की जयंती पर आज श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में सादगी पूर्वक आदि गुरू शंकराचार्य का स्मरण किया गया। रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने आदि गुरू शंकराचार्य महाराज की वैदिक परंपराओं को अक्षुण बनाये रखने का आवह्वान किया।
इस अवसर पर उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, डिम्मर उम्मटा डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, डिमरी केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष विनोद डिमरी आदि मौजूद रहे।

पीएम मोदी के मार्गदर्शन में आपदा के बाद पुनर्निमाण के कार्य अब अंतिम चरण मेंः तीरथ सिहं रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत व केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में श्री केदारनाथ उत्थान ट्रस्ट व तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की पब्लिक सेक्टर कंपनियों के मध्य श्री बद्रीनाथ धाम को स्मार्ट स्प्रीचवल टाउन के रूप में विकसित करने को लेकर लगभग 100 करोड़ के कार्यों के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। समझौता पत्र पर पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से सचिव तन्नू कपूर व उत्तराखंड की ओर से पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने हस्ताक्षर किए।

सचिवालय में वर्चुअल रूप से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा व मार्गदर्शन में वर्ष 2013 में आई आपदा के बाद पुनर्निर्माण के कार्य शुरू हुए थे जो कि अब अपने अंतिम चरणों में हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने बदरीनाथ धाम के कायाकल्प का भी निर्णय लिया। यहां आगामी 100 वर्षों की आवश्यकताओं के मद्देनजर सुविधाओं का विकास कुल 85 हेक्टेयर भूमि में चरणबद्ध तरीके से कार्य किये जाने हैं। बदरीनाथ धाम में यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

इसी के साथ यहां पर व्यास गुफा, गणेश गुफा व चरण पादुका आदि का भी पुनर्विकास किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम के विकास में तेल कंपनियों का योगदान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का फोकस क्षेत्र में होमस्टे को बढ़ावा देने पर है ताकि श्रद्धालुओं को यहां आने पर सस्ती सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी तीन वर्षों में बदरीनाथ धाम के कायाकल्प के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने बदरीनाथ धाम में किये जा रहे कार्यों के लिए विशेष तौर पर प्रधानमंत्री जी व पेट्रोलियम मंत्री का विशेष आभार जताया।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उत्तराखण्ड के चार धामों का विशेष महत्त्व है। बदरीनाथ धाम के कायाकल्प को लेकर तेल कंपनियां प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बदरीनाथ व केदारनाथ धामों की भांति ही उत्तरकाशी में गंगोत्री व यमनोत्री धामों के लिए भी कुछ कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम को प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप स्मार्ट स्प्रीचवल टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां पर अलकनंदा नदी के तटबंध कार्यों के अलावा प्लाजा, जल निकासी, सीवेज, लाइट, सीसीटीवी, पीए सिस्टम, शौचालय, पुल आदि के सौंदर्यीकरण व पुनर्निर्माण के कार्य होने प्रस्तावित हैं।

प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम का धार्मिक के साथ ही आर्थिक महत्व भी है। यहां से हजारों लोगों को रोजगार भी मिलता है। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण कार्यो के दौरान हमें इस बात का भी ध्यान रखना है कि यहां पर पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे। प्रथम चरण में यहां पर अस्पताल के विस्तारीकरण का कार्य प्रस्तावित है। इसके अलावा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, तटबंधों में सुदृढ़ीकरण, लैंड सकेपिंग, भीड़ होने पर होल्डिंग एरिया, पुलों की रेट्रोफिटिंग आदि कार्य होने हैं। मौके पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से एक वीडियो भी दिखाया गया जिसमें यहां होने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में बताया गया।

महंत रामकृपालु को श्रद्धांजलि देकर नए महंत बने श्याम चरण महाराज

श्री भरत मिलाप आश्रम में आज ब्रह्मलीन महंत रामकृपालु महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वहीं, श्याम चरण दास महाराज नए महंत बनाए गए।

मायाकुंड में श्री भरत मिलाप आश्रम में आयोजित पट्टाभिषेक कार्यक्रम के शुभारंभ में सभी आगन्तुकों ने ब्रह्मलीन महंत रामकृपालु महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री विरक्त वैष्णव षड्दर्शन संप्रदाय के महामंडलेश्वर रामानंद आश्रम के महंत स्वामी अभिराम दास महाराज की अध्यक्षता एवं महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज के संचालन में श्याम चरण दास महाराज का पट्टाभिषेक किया गया। उन्हें महंताई की चादर ओढ़ाकर श्री भरत मिलाप आश्रम के महंत की जिम्मेदारी सौंपी गई। ब्रह्मलीन राम कृपालु दास महाराज के शिष्य गोपाल बाबा ने बताया कि श्याम चरण दास महाराज उनके गुरु भाई हैं और उन्हें आश्रम की जिम्मेदारी मिली है।

मौके पर महामंडलेश्वर अभिराम दास महाराज, रामेश्वर दास महाराज, महामंडलेश्वर दयाराम दास महाराज, महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज, रामानुजाचार्य गोपाल आचार्य महाराज, डॉ. नारायण दास महाराज, महंत दुर्गादास, महंत विष्णु दास, महामंडलेश्वर राम नरेश आचार्य, लोकेश दास महाराज, पुजारी वृंदावन दास महाराज, सुरेश दास महाराज, केदारनाथ श्रीनिवास, विजयानंद महाराज, मां साध्वी वंदना मिश्रा, मेयर अनीता मंमगाईं, अरविंद पांडे, परमानंद दास महाराज, पंडित रवि शास्त्री, राम चैबे, अभिषेक शर्मा, गुरविंदर सलूजा, आईडी जोशी, रमाकांत भारद्वाज, धीरेंद्र जोशी, अमित गांधी, मनोज तिवारी आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कुंभनगरी हरिद्वार में 153.73 करोड़ की योजनाओं का किया लोकार्पण


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मीडिया सेन्टर नीलधारा में कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं से संबंधित विभिन्न विभागों की 153.73 करोड़ की 31 योजनाओं का शुभारम्भ के साथ ही मीडिया सेन्टर का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने चंडीघाट, हर की पैड़ी, विभिन्न शिविरों, घाटों, मीडिया सेंटर सहित कुम्भ क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि कुम्भ के कार्यों में किसी भी तरह की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का कुम्भ कोरोना के बावजूद, पूरी सर्तकता बरतते हुए दिव्य और भव्य होगा। कुम्भ में आये साधु सन्तो और अखाड़ो को हर सुविधा का ख्याल रखा जायेगा। इसके लिए हमारी सरकार रात-दिन जुटी हुई है। समय अल्प है परंतु व्यवस्थाओं के लिए निरंतर भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। संत समाज के लिए जगह की कोई कमी नहीं है। सरकार संत समाज के साथ है।

मुख्यमंत्री ने नीलधारा स्थित मीडिया सेंटर में महाकुंभ 2021 हेतु एक सौ तिरपन करोड़, तिहत्तर लाख रूपये की जिन योजनाओं का लोकार्पण किया उनमें विकास कार्यो जैसे लोकनिर्माण विभाग, सिंचाई, गृहविभाग, परिवहन निगम आदि की कुल 31 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने शपथ लेने के अगले ही दिन महाशिवरात्रि के शाही स्नान पर हरिद्वार में आकर मां गंगा के पूजन, दर्शन किया और उन्हें संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। शाही स्नान में आने वाले साधु संतों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई गई। महाकुंभ बारह साल में ही होता है। हरिद्वार का कुंभ ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का है। यह भव्य दिव्य होना ही चाहिए, परंतु साथ ही साथ कोविड की गाइडलाइंस का पालन भी आवश्यक है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के 130 करोड़ से अधिक जनता सुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि कुम्भ स्नान करने के लिए जिन लोगों ने बारह वर्ष पूर्व मन्नत मांगी थी, वे हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा घाटों पर गंगा स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करें। आज कुंभ क्षेत्र में हर ओर साधु संत दिख रहे हैं। साधु संतों के शिविरों और आश्रमों में पानी, बिजली, शौचालय, घाटों पर सभी प्रबंधन के लिए कुंभ क्षेत्र से संबंधित चार जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में अधिकारियों ने खुद व अपने परिवार की चिंता न कर सबकी सेवा की है। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया जाएगा। हम साधु संतों की सेवा के लिए दिनरात एक कर अधिकारियों के माध्यम से जुटे हैं और जुटे रहेंगे। उन्होंने अनुरोध किया कि अधिकारियों का भी मनोबल न टूटे, ये आशीर्वाद संत समाज से प्रार्थनीय है। उन्होंने सभी को दिव्य,भव्य कुंभ के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मीडिया कर्मियों को शत प्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन कराया जा रहा है।

इस अवसर पर संसदीय कार्य व शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि आज मुख्यमंत्री ने गंगा पूजन कर हरिद्वार में कुंभ का शुभारंभ कर दिया है। उनके हाथों से आज होने वाली योजनाओं व कार्यों के लोकार्पण से हरिद्वार और प्रदेश के विकास को बहुत गति मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन व शंखनाद से कुंभ के सकुशल होने की सभी ने कामना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कोरोना को मात देने के बाद सीधे कुंभ के आयोजन में शामिल होने आए हैं, इससे उनकी आस्था व गंभीरता खुद झलकती है।

इस अवसर पर ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव शैलेश बगोली, गढ़वाल मंडल आयुक्त रविनाथ रमन, मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी. रविशंकर, महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चैहान, एसएसपी कुंभ जन्मेजय खंडूरी, अपर मेलाधिकारी डा ललित नारायण मिश्र, भाजपा हरिद्वार जिलाध्यक्ष डा जयपाल सिंह चैहान, सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश जमदग्नि, पूर्व महापौर मनोज गर्ग, शोभाराम प्रजापति सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण 1-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में शंकराचार्य चैक से कनखल की ओर देश रक्षक तिराहे तक मार्ग का नवीनीकरण एवं सुधारीकरण का कार्य लागत 290.11 लाख रूपये। 2-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में बंगाली मोड़ से झंडा चैक होते हुए श्रीयंत्र मंदिर तक मार्ग का नवीनीकरण एवं सुधारीकरण का कार्य लागत 139.96 लाख रूपये। 3-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में पुराना दिल्ली नितिपास मार्ग व हरिद्वार शहर में लोकनिर्माण विभाग के अधीन अन्य आंतरिक मार्गों का बीसी द्वारा नवीनीकरण कार्य, लागत 946.28 लाख रूपये । 4-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में हिल बाईपास मोटरमार्ग का पुर्न निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य लागत 170.37 लाख रूपये। 5-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में ज्वालापुर, ललतारौ, चंडीघाट मार्ग का बीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य लागत 534.94 लाख रूपये। 6-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत पिरान कलियर मार्ग का एसडीबीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य लागत 97.19 लाख रूपये। 7-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत रूड़की में गणेश पुल से रेलवे स्टेशन मार्ग एसडीबीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य लागत 47.56 लाख रूपये। 8-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत पुहाना-इकबालपुर-झबरेड़ा-गुरूकुल नारसन मार्ग का एसडीबीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य लागत 189.95 लाख रूपये। 9-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत बहादराबाद-धनौरी-ईमलीखेड़ा-भगवानपुर मार्ग का एसडीबीसी द्वारा नवीनीकरण का कार्य लागत 169.69 लाख रूपये। 10-माननीय मुख्यमंत्री घोषणा संख्या-606ध्2018 जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र के तपोवन की सड़कों का पुर्न निर्माण कार्य लागत 313.96 लाख रूपये। 11-विधानसभा क्षेत्र में बीएचईएल मध्य मार्ग हरिद्वार का बैरियर नंबर 06 तक एसडीबीसी एवं सुधारीकरण का कार्य लागत 265.39 लाख रूपये। 12-सुल्तानपुर-निहंदपुर से मैहतोली-भोपुर-शेरपुर मार्ग लंबाई 4.90 किलो मीटर के नवीनीकरण कार्य लागत 97.27 लाख रूपये। 13-एक्कड़ कलां गांव (नगर कुमार पुलिया) से पेशवाई मार्ग का निर्माण हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र को श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा से जोड़ने हेतु लंबाई 600 मीटर, लागत 64.31 लाख रूपये। 14-फाउंड्री गेट से बैरियर नंबर 5 गुघाल मंदिर तक सड़क का पुर्न निर्माण लंबाई 800 मीटर, लागत 37.82 लाख रूपये। 15-जनपद हरिद्वार में एनएच-58 आयरिस सेतु से बैरागी कैंप, विश्व कल्याण आश्रम, मात्र सदन होते हुए पुरकाजी, लक्सर, ज्वालापुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-334-ए को जोड़ने वाले मार्ग का निर्माण कार्य लागत 1017.31 लाख रूपये। …………………………………………….
योग – 4382.11 लाख रूपये…………………………………………….
सिंचाई विभाग16-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में जटवाड़ा पुल से मोहम्मदपुर पावर हाउस (उत्तराखंड राज्य की सीमा) तक गंगनहर कांवड़ पटरी का चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य लागत 5617.46 लाख रूपये। 17-दीनदयाल पार्किंग से चंडीदेवी पुल तक गंगा नदी के दाएं किनारे पर आस्था पथ का निर्माण लागत 2070.60 लाख रूपये। 18-जनपद देहरादून के विकासखंड डोईवाला के अंतर्गत ऋषिकेश क्षेत्र में आस्था पथ का पुनरोद्वार, बाढ़ सुरक्षा कार्य लागत 1157.65 लाख रूपये।19-जनपद देहरादून के विकासखंड डोईवाला के अंतर्गत ऋषिकेश क्षेत्र में त्रिवेणी घाट पर सरस्वती नाले की टेपिंग किए जाने के कारण क्षतिग्रस्त एवं प्लेटफार्म की पुर्ननिर्माण कार्य की योजना लागत 99.45 लाख रूपये। 20-महाकुम्भ 2021 के अंतर्गत गंगा जल धारा को भीमगोड़ा कुंड में लाने तथा भीमगोड़ा कुंड के सौंदर्यीकरण की योजना लागत 18.33 लाख रूपये। ………………………………… योग – 8963.49 लाख रूपये……………………………………. गृह विभाग के कार्य 21-कुम्भ मेला 2021 के अंतर्गत मायापुर चैकी हरिद्वार में पुलिस कार्यालय एवं सीएपीएफ के लिए ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 405.87 लाख रूपये।22-एटीसी हरिद्वार में 50 व्यक्तियों की क्षमता वाली एनजीओ मैस मय ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 279.12 लाख रूपये। 23-40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार में सीएपीएफ एवं पुलिस के 50 व्यक्तियों हेतु एनजीओ मैस मय ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 271.59 लाख रूपये।24-जनपद हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस चैकी अभिसूचना शाखा के प्रशासानिक भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं बैरक मय मैस का निर्माण कार्य लागत 246.68 लाख रूपये।25-मायापुर पुलिस चैकी के निकट स्थित कुम्भ मेला 2010 में निर्मित भवन, जिसमें अधिकारियों के कार्यालय, स्टोर, रिकार्ड रूम व अस्थायी ट्रांजिट स्थापित किए जाते हैं, इसमें सुदृढ़ीकरण, पानी, बिजली, सीवरेज, रंगाई-पुताई तथा साज-सज्जा आदि का कार्य लागत 50.00 लाख रूपये।26-फायर स्टेशन हरिद्वार फायरकर्मियों, अभिसूचना एवं अन्य अनुशांगिक शाखाओं हेतु ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 113.97 लाख रूपये।27-जनपद हरिद्वार में पुलिस थाना रानीपुर में जीआरपी के बहुउददेशीय भवन का निर्माण कार्य लागत 207.74 लाख रूपये।28-40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार एवं एटीसी में प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ाने हेतु सम्मेलन कक्ष में एकोस्टीक का कार्य, पैनलिंग, फलोरिंग, वैंटीलेशन कार्य, शौचालय निर्माण, प्रशिक्षण सम्बंधी उपकरणों यथा हीट पंप आदि की स्थापना, वातानुकुलनध्पंखे तथा साज-सज्जा कार्य लागत 48.86 लाख रूपये। 29-पुलिस लाइन हरिद्वार में महिला पुलिसकर्मियों हेतु बैरक का निर्माण कार्य लागत 193.06 लाख रूपये।30-फायर स्टेशन ऋषिकेश में फायरकर्मियों अभिसूचना एवं अन्य अनुशांगिक शाखाओं हेतु ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 85.33 लाख रूपये कुल कार्यों की कुल लागत रू 1902.22 लाख रूपये……………………… परिवहन निगम 31- हरिद्वार में रोडवेज वर्कशॉप में कंस्ट्रशन व रिपेयर वर्क लागत 125.58 लाख।…………………. महायोग – 15373.40 लाख रूपये।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत हरिद्वार भ्रमण के दौरान कनखल स्थित जगद्गुरू आश्रम पहुंचे। जहां उन्होंने सबसे पहले विश्व हिन्दू परिषद के अंतराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश जी से शिष्टाचार भेंट की। इसके बाद उन्होंने जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम से आशीर्वाद लिया।

कुंभ मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं को दो दिन में पूरा करें अधिकारीः मुख्य सचिव

आस्था का महापर्व कुंभ मेला शुरू होने में केवल चार दिन शेष रह गए हैं। बावजूद इसके अभी तक ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए जुटाई जाने वाली व्यवस्थाएं अधूरी हैं। मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने निरीक्षण के बाद यह तमाम बातों को उजागर किया।

दरअसल आज मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट, सरकारी अस्पताल मुनीकीरेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में तमाम व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान काफी सारी कमियां मुख्य सचिव को दिखाई दी। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार भी लगाई। मौके पर 2 दिन में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत भी साथ में उपस्थित रहे। कुंभ मेला अधिकारी ने निरीक्षण से पहले गढ़वाल मंडल विकास निगम के रिसोर्ट में तमाम विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक भी की। जिसमें कुंभ मेले की व्यवस्थाओं में दिखाई दे रही कमियों को लेकर सवाल जवाब किए गए। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि कुंभ की व्यवस्थाओं को लगातार बैठक दर बैठक हो रही है, फिर भी कमियां दुरुस्त होने का नाम नहीं ले रही हैं। ऐसे में मुख्य सचिव के द्वारा 2 दिन में कमियों को पूरा करने के दिए गए निर्देश कितने कारगर साबित होंगे। वही नगर की महापौर अनीता ममगाई ने मुख्य सचिव को एक ज्ञापन देकर गंगा की जलधारा त्रिवेणी घाट तक लाने के लिए तटबंध बनाने की मांग की है।

निरीक्षण में मेलाधिकारी कुम्भ दीपक रावत, जिलाधिकारी गढ़वाल डाॅ0 विजय कुमार जोगदण्डे, जिलाधिकारी देहरादून डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव आदि अधिकारी मौजूद थे।

शहरी विकास विभाग ने की महाकुंभ 2021 की अधिसूचना जारी

महाकुंभ 2021 के लिए शहरी विकास विभाग ने मेला क्षेत्र को अधिसूचित कर दिया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक की अवधि को कुंभ मेला अवधि घोषित किया गया है। साथ ही रूड़की से नीलकंठ तक के क्षेत्र को कुंभ मेला एरिया घोषित किया है। अधिसूचना सचिव शहरी विकास शैलेश बगौली की ओर से जारी की गई है।

कुंभ क्षेत्र की सीमा
उत्तर – नीरगढ़, तपोवन, विट्ठल आश्रम मार्ग, नरेंद्र नगर मुनिकी रेती मार्ग तक।
पश्चिम – नरेंद्र नगर- ऋषिकेश बाईपास, देहरादून- ऋषिकेश मार्ग वन चैकी तक, हरिद्वार बाईपास, हरिद्वार हाईवे, हिल बाईपास, मंशादेवी मंदिर, बीएचईएल आवासीय कॉलोनी, हरिद्वार- दिल्ली मार्ग पर 13 किमी तक।
दक्षिण – बहादराबाद गांव, हरिद्वार बाईपास मार्ग पर सीतापुर गांव की सीमा तक, हरिद्वार- ऋषिकेश बाईपास पर रेलवे पुल तक, जियापोता गांव से गंगा पार करते हुए नजीबाबाद मार्ग पर सिद्ध सोत तक।
पूरब – चंडी देवी मंदिर, चीला मार्ग, चीला नहर होते हुए वीरभद्र बैराज, लक्ष्मणझूला- दुगड्डा मार्ग पर पीपलकोटी तक, पैदल मार्ग से होते हुए नीलकंठ मंदिर तक।

केंद्र सरकार कुंभ मेले में कोविड प्रोटोकॉल सख्ती से लागू करने के निर्देश दे चुकी है। अब विधिवत कुंभ मेला अधिसूचित होने के बाद आगामी स्नान पर राज्य सरकार को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। तब तक चूंकि सरकार ने विधिवत नोटिफिकेशन जारी नहीं किया था, इस कारण पूर्व में आयोजित स्नान पर उक्त मानक लागू नहीं हो पाए थे। अब 12 और 14 अप्रैल को क्रमश साोमवती अमावस्या और बैशाखी के दो प्रमुख शाही स्नान पड़ रहे हैं।

देशभर से कुंभ में पहुंचेंगे लोग, किसी की जिंदगी के साथ रिस्क नहीं लेना होगा

मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में कोविड-19 वैक्सिनेशन हेतु स्पेशल टास्क फोर्स की बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी हरिद्वार को सख्त निर्देश दिए कि कुम्भ ड्यूटी में लगे लोगों का 100 प्रतिशत वैक्सिनेशन करवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिला सहित कोन्ट्राइन्डिकेशन के मामलों को छोड़कर अन्य रिफ्यूजल पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश से कुम्भ में लोग आएंगे, उनकी जिंदगी के साथ किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि गर्भवती एवं धात्री महिला सहित कोन्ट्राइन्डिकेशन के मामलों को छोड़कर जो अधिकारी कर्मचारी वैक्सिनेशन नहीं करवा रहे हैं, उन्हें हरिद्वार कुम्भ क्षेत्र में न रखा जाए। कुम्भ को देखते हुए उनका स्थानान्तरण किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले पुलिस और पैरामिलिट्री कार्मिकों का भी तुरंत वैक्सिनेशन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि 15 मार्च तक उत्तर प्रदेश से भी 100 डॉक्टर्स एवं 148 पैरामेडिकल स्टाफ पहुंच जाएगा, उनके रहने की व्यवस्था भी अस्पतालों के आसपास सुनिश्चित की जाए। दुधाधारी आश्रम में बनाए जाने वाले अस्पताल को 15 मार्च तक फंक्शनल किया जाए। उन्होंने हरिद्वार में अन्य जनपदों से आने वाले कार्मिकों के वैक्सिनेशन स्टेटस का पता कर उनका भी वैक्सिनेशन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून में प्राईवेट सेक्टर के हेल्थ वर्कर्स के वैक्सीनेशन में गति लाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव अमित नेगी, पंकज कुमार पाण्डेय एवं महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमिता उप्रेती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

महाकुंभ में देवत्व स्नान व शोभायात्रा का बनाएंगे भव्यः ब्लाक प्रमुख

हरिद्वार में होने जा रहे महा कुम्भ पर्व में देवत्व स्नान एवं शोभायात्रा को अत्यधिक भव्य बनाने हेतु देवडोली समिति द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसहभागिता व जनसहयोग हेतु जन-जागरण कार्यक्रम चलाया गया।

छिद्दरवाला में वरिष्ठ नागरिक समिति कार्यालय में सम्पन्न कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डोईवाला ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल ने कहा कि यह पर्व हमारी लोक संस्कृति ही नहीं अपितु हमारी भारतीय सनातनी संस्कृति तथा धार्मिक एवं संस्कृतिक विरासत का वाहक है। उन्होंने कहा कि देवडोली कार्यक्रम की सफलता हेतु हम डोईवाला विकासखण्ड की 16 न्याय पंचायत के सभी जनप्रतिनिधियों की बैठक कर उनकी कमेटी का गठन कर प्रतिनिधियों को दायित्व प्रदान करेंगे।

बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ नागरिक सामिति के अध्यक्ष हुकुम सिंह रावत व संचालन प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने किया। श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति के उपाध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल व कार्यक्रम संयोजक संजय शास्त्री ने कहा कुल्लू दशहरा की तरह हमे इस पर्व को वर्ल्ड हेरिटेज बनाना है।

डॉ० धीरेंद्र रांगड़ ने कहा कि देश भर में कोरोना वायरस जैसी घातक बीमारी के संकट व भय के बावजूद देवडोली स्नान के पर्व को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
बैठक में ज्योती सजवाण, पूर्व प्रधान रवि पोखरियाल, प्रधान चंद्रमोहन पोखरियाल, गजेन्द्र सिंह कंडियाल, भगवान सिंह रांगड़, सुंदर सिंह कंडियाल, रघुवीर सिंह, प्रताप सिंह, उम्मेद सिंह सिंह पोखरियाल, देवराज पैन्यूली, दयाल सिंह रावत, गोविन्द सिंह बिष्ट, सते सिंह बिष्ट, बरफसिंह पोखरियाल, सुरेशी रावत, भगवान सिंह मेहर, सुरेंद्र रावत, रमेश पैन्यूली, विशाल मणि पैन्यूली, महिपाल बिष्ट, यतेंद्र कंडियाल आदि उपस्थित थे।

त्रिवेणी घाट पर संत समाज ने किया गंगा स्नान, निकाली शोभायात्रा

महाकुंभ के तहत बसंत पंचमी पर्व पर विभिन्न अखाड़ों के साधु संतों ने त्रिवेणी घाट पर आस्था की डुबकी लगाई। इस मौके पर हर हर महादेव के जयकारों से त्रिवेणी घाट गूंजायमान हो उठा। मौके पर साधु समाज ने भगवान शिव के शस्त्र त्रिशुल की भी पूजा अर्चना की।

इससे पूर्व सुबह से ही त्रिवेणी घाट पर जल पुलिस की टीम पूरी तैयारी के साथ तैनात दिखी। मौके पर जवानों ने राफ्ट आदि सुरक्षा किटों के साथ गंगा घाट पर मौजूद रहे।

मौके पर गंगा स्नान की व्यवस्थाओं को परखने के लिए मेयर अनिता ममगाईं, एसडीएम वरूण चैधरी और एसपी देहात स्वत्रंत कुमार ने त्रिवेणी घाट पर निरीक्षण किया। बता दें कि साधु संतों ने स्नान से पहले शहर में भव्य शोभायात्रा भी निकाली। शोभा यात्रा का श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर के स्वागत भी किया। इस दौरान गंगा घाटों पर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस ने वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग भी लगाकर रखी।

त्रिवेणी घाट पर गंगा सभा के सदस्य लगातार एलाउंसमेंट से श्रद्धालुओं को गंगा में किनारे पर ही रहकर स्नान करने के लिए आगाह भी करते रहे। इस खास पर्व पर सैकड़ों स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान कर मोक्ष की प्राप्ति की, वही दान कर पुण्य अर्जित किया। एसपी देहात स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से जल पुलिस के जवान भी गंगा घाटों पर तैनात किए गए हैं। महापौर अनीता ममगाईं ने बताया कि स्नान करने में किसी भी प्रकार की श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसके लिए व्यवस्था बनाई गई है।

श्रीभरत भगवान की शोभायात्रा पर उमड़े श्रद्धालु

बसंत पंचमी के पावन पर्व पर नगर यात्रा पर निकली श्री भरत भगवान की डोली नगर में गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के साथ निकली धर्म यात्रा का श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर जगह-जगह स्वागत किया। कोविड-19 का विशेष ध्यान रखते हुए इस बार की शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने नियमों का भी पालन किया।

मौके पर हजारों लोगों ने हृषिकेश नारायण भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कोविड-19 की वजह से यात्रा में श्रद्धालुओं ने विशेष जगह पर ही रंगोली देखने को मिली। इसी बीच श्रद्धालुओं ने भरत भगवान को भोग लगाकर सुख समृद्धि की कामना की। ऐसी मान्यता है कि बसंत पंचमी से ही होली महोत्सव का शुभारंभ हो जाता है आज ही के दिन भरत जी महाराज को रंगों से होली भी खिलाई जाती है और सभी भक्तगण एक-दूसरे पर गुलाल फेंक कर भगवान के साथ होली भी मनाते हैं पितांबर रंग जिसे हम पीला रंग कहते हैं वह भगवान को बहुत ही प्रिय है इसलिए लोग गुलाल चढ़ाकर और भगवान को भेली का भोग बसंत पंचमी में लगाया जाता है।

उधर, बसंत पंचमी के अवसर पर प्राचीन श्री भरत मंदिर परिसर में आयोजित मेले में लोगों ने झूलों और विभिन्न व्यंजनों का भी जमकर लुफ्त उठाया। बसंत पंचमी पर्व पर ब्रह्म मुहूर्त में पौराणिक श्री भरत मंदिर में भगवान श्री नारायण की विधिवत पूजा अर्चना शुरू हुई। दोपहर में आरती पूजन के बाद मंदिर के श्री महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य के परम सानिध्य में बैंड बाजे और पहाड़ के पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र की थाप के बीच श्री भरत भगवान की उत्सव प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा मायाकुंड स्थित गंगा तट पर श्री भरत नारायण भगवान की प्रतिमा को विशेष पूजा अर्चना के बाद मुख्य पुजारी धर्मानंद सेमवाल, रवि शास्त्री द्वारा शालिग्राम भगवान को गंगा में स्नान कराया गया। तत्पश्चात भगवान को नगर भ्रमण कराया गया धर्म यात्रा विभिन्न मार्गो से होती हुई संत समाज ने भगवान नारायण का स्वागत वेद मंत्र स्तुति से किया। इसके बाद मंदिर में भगवान की प्रतिमा को पुनः स्थापित किया गया नगर उत्सव यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया।

इस दौरान यात्रा मार्गों में लोगों ने विभिन्न स्थानों पर खड़े होकर ढोली के दर्शन के लिए घंटों प्रतीक्षा की यात्रा में श्री भरत संस्कृत महाविद्यालय, भरत मंदिर पब्लिक स्कूल, श्री हेमकुंड गुरुद्वारा स्थित गुरमत संगीत विद्यालय, श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज संत समाज स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। धर्म यात्रा में हुए शामिल बसंत उत्सव के संयोजक हर्षवर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, दीप शर्मा, मंदिर के मुख्य पुजारी धर्मानंद सेमवाल, विनय उनियाल, जयेंद्र रमोला, मधुसूदन शर्मा, पंडित सुरेंद्र दत्त भट्ट, गोविंद सिंह रावत, वचन पोखरियाल, डीबीपीएस रावत, रंजन अंथवाल, सुनील थपलियाल, सुधीर कुकरेती, बंशीधर पोखरियाल, अशोक अग्रवाल, तेजपाल पंवार, नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा, रामकृपाल गौतम, जगमोहन सकलानी, राजीव मोहन मनोज पवार, तेजपाल पंवार, हितेंद्र पंवार, अभिषेक शर्मा, राम चैबे ,धीरेंद्र जोशी आदि उपस्थित थे।