कर्मचारियों की मांगें मानने के लिए धरनास्थल पर पहुंचे महाराज

प्रदेश के लोक निर्माण, मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन एवं उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर की लम्बित विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर एक बैठक की गयी।
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग कार्यालय में बैठक कर उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन तथा उत्तराखंड डिप्लोमा इंजिनियर्स संघ की वर्षों से लंबित समस्याओं का संज्ञान लेते हुए सचिव लोक निर्माण आर.के. सुधांशु को निर्देश दिये कि 15 से 20 दिनों के बीच सभी समस्याओं का समाधान करें। उन्होने यह भी आदेश दिये कि तकनीकी मामलों में शीघ्र ही परीक्षण कराकर उसका निदान करें।
उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, उत्तराखंड डिप्लोमा इंजिनियर्स संघ के प्रतिनिधियों और लोनिवि अधिकारियों के साथ बैठक कर लोक निर्माण मंत्री ने सतपाल महाराज ने कहा कि निर्माण खंड टिहरी को पुनर्स्थापित कर दिया जाएगा। इसके अलावा विभागीय जूनियर इंजीनियर के स्थायीकरण के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित किये जाने के लिए भी आदेश दे दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों के सापेक्ष अधिशासी अभियंता प्रभारी सहायक अभियंता बनाए जाएंगे। उन्होंने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय पुनर्गठन का प्रस्ताव शासन को प्राप्त हो चुका है जिस पर कार्यवाही की जा रही है। डोबरा-चांठी पीआईयू को निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग सीधी में परिवर्तित किए जाने पर भी सहमति बनी है।
कार्यस्थल पर दुर्घटनाग्रस्त, गंभीर रूप से घायल, दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार एवं अनुरोध के आधार पर अभियंताओं को सुगम स्थानों पर स्थानांतरित करने के भी लोनिवि मंत्री ने विभागीय सचिव को निर्देश दिए। कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता के पद पर प्रोन्नति के पश्चात उनकी नियुक्ति दुर्गम से दुर्गम में की गई है जबकि कुछ अभियंताओं की नियुक्तियां सुगम से सुगम में की गई इस बात का संज्ञान लेते हुए लोनिवि मंत्री ने इसके परीक्षण के आदेश दिए हैं।
बैठक के पश्चात लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर संघ के धरना स्थल पर भी पहुंचे। वहां उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उन्होने कहा कि वह कुछ समय उन्हें दें ताकि उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा सके। महाराज ने धरना स्थल पर बैठे कर्मचारियों को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन एवं उत्तराखंड डिप्लोमा इंजिनियर्स संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक काफी सकारात्मक रही है। हमने पूरे मनोयोग से उनकी समस्याएं सुनी और उन पर सरकार निर्णय लेकर समस्याओं के समाधान का आदेश दिया है।

हरक सिंह ने कराया ठेकेदारों का अनशन खत्म

आंदोलनरत ठेकेदारों और शासन में मांगों को लेकर सहमति बन गई है। इसके बाद ठेकेदारों ने धरना स्थगित कर दिया है। प्रदेशभर के ठेकेदार लंबित भुगतान की मांग को लेकर देहरादून ठेकेदार कल्याण के बैनरतले आंदोलनरत थे। यमुना कालोनी स्थित लोनिवि मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन के साथ ही ठेकेदारों ने 10 अगस्त को सीएम आवास कूच करने का निर्णय लिया था। मगर, इससे पहले विकासनगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पहले पर वन मंत्री हरक सिंह रावत ने ठेकेदारों को वार्ता के लिए बुलाया। विधानसभा में सचिव, विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद समिति की सभी मांगों पर सहमति बनी हैं। मंत्री ने कहा कि राज्य सेक्टर से 100 करोड़ का तत्काल भुगतान किया जाए। इसमें पुराने भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। कहा कि 25 लाख से ऊपर के कार्य ई-टेंड¨रग से ही होंगे। जीएसटी पर भी शासन निर्णय लेगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद सिंह पुंडीर ने बताया कि उनकी मांगें मान ली गई हैं। कुछ देर बाद बाद मंत्री हरक सिंह रावत और विधायक मुन्ना सिंह चौहान यमुना कॉलोनी पहुंचे। जहां धरने पर बैठे ठेकेदारों की हड़ताल खत्म कराई।