स्पीकर की पेयजल निगम अफसरों के साथ हुई बैठक, जल्द सीवर लाइन बिछाने पर हुई वार्ता

जर्मन सरकार के क्लाइमेट प्रूफिग प्रोजेक्ट (केएफडब्ल्यू) के अंतर्गत ऋषिकेश में पहले चरण में 459.14 करोड़ रुपए की लागत से 180 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाये जाने के साथ ही पंपिग स्टेशन एवं एसटीपी प्लांट निर्माण का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।उक्त जानकारी आज उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने पेयजल निगम के अधिकारियों के संग बैठक के उपरांत कही।
बैराज मार्ग स्थित कैंप कार्यालय में स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने पेयजल निगम के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में केएफडब्ल्यू के अंतर्गत ऋषिकेश में पहले चरण में लगभग 459 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले सीवरेज निर्माण कार्यों के संबंध में अधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष को विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विधानसभाध्यक्ष ने नमामि गंगे के कार्यक्रम निदेशक उदयराज से दूरभाष पर वार्ता कर योजना के निर्माण कार्यों को शीघ्र ही प्रारम्भ करने के निर्देश दिए।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि वित् पोषित कार्यक्रम केएफडब्ल्यू के द्वारा योजना को स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। जिसमें जर्मन सरकार की केएफडब्ल्यू संस्था एवं भारत सरकार के बीच लोन एग्रीमेंट भी हस्ताक्षरित हो चुके हैं। इस योजना के बनने के बाद सीवर की समस्या का पूर्ण निदान हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि केएफडब्ल्यू योजना के अंतर्गत लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों में नगर निगम, ऋषिकेश के समस्त 40 वार्ड जिनमें शैल विहार, प्रगति विहार, इंदिरा नगर, मीरा नगर, तुलसी विहार, शिवाजी नगर, बापू ग्राम, रामबाग, निर्मल बाग, बीरपुर खुर्द, श्यामपुर, खदरी खडगमाफ सहित अन्य क्षेत्र है।इस कार्यक्रम के द्वारा गंगा नदी में प्रवाहित हो रही दूषित जल की रोकथाम कर गंगाजल को स्वच्छ किया जाना मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत ऋषिकेश की लगभग सवा लाख से अधिक जनसंख्या को सीवर योजना से लाभान्वित किया जायेगा।
इस अवसर पर पेयजल निगम के परियोजना प्रबंधक ए.के चतुर्वेदी ने बताया कि केएफडब्ल्यू योजना के अंतर्गत पहले चरण में ऋषिकेश नगर के समस्त वार्डों एवं खदरी खड़क माफ ग्रामीण क्षेत्र में 180 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही आस्था पथ के निकट व आवास विकास में एक-एक सीवरेज पंपिग स्टेशन तथा खदरी खड़कमाफ ग्रामीण क्षेत्र में 2.0 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाना है।

बैठक में परियोजना अभियंता रविंद्र सिंह, सहायक परियोजना अभियंता सुशील बहुगुणा एवं सहायक परियोजना अभियंता धर्मेंद्र कुकरेती मौजूद थे।

एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग अफसरों के लिए एक दिवसीय पेपर लेखन कार्यशाला आयोजित

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में नर्सिंग अफसरों को रिसर्च के क्षेत्र में कार्य करने के लिए पेपर लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें उन्हें रिसर्च पेपर तैयार करने के तौर-तरीके बताए गए।

गौरतलब है कि एम्स संस्थान की ओर से नर्सिंग के क्षेत्र में रिसर्च गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सततरूप से कार्य किया जा रहा है, जिससे नर्सिंग ऑफिसरों के अनुभव व अनुसंधान से मरीजों को उपचार में अधिकाधिक लाभ मिल सके। इसके लिए नर्सिग ऑफिसरों को अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। हाल ही में संपन्न हुई तीन दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने नर्सिंग ऑफिसर्स को रिसर्च से संबंधित विषयों, अनुभव व अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं का प्रशिक्षण दिया था। जिसके लिए संस्थान के 1000 नर्सिंग ऑफिसरों ने अपना पंजीकरण कराया है। जिन्हें प्रत्येक माह 40-40 के बैच में रिसर्च के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
इसी क्रम में संस्थान में एक दिवसीय रिसर्च पेपर लेखन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने कार्यशाला में शामिल होने वाले प्रतिभागी नर्सिंग ऑफिसरों को रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने कहा ​कि नर्सिंग से जुड़े लोग अधिक समय तक मरीजों के बीच होते हैं, लिहाजा नर्सिंग के क्षेत्र में रिसर्च व उनके अनुभव से मरीजों को और बेहतर चिकित्सा सेवा मिल सकेगी। इसके लिए नर्सिंग ऑफिसरों को अनुसंधान के लिए आगे आना होगा।

डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, डीन रिसर्च प्रो. वर्तिका सक्सेना व प्रिंसिपल कॉलेज ऑफ नर्सिंग डा. वसंथा कल्याणी ने अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की कार्यशालाओं की प्रशंसा की। कार्यशाला की समन्वयक रूपिंदर देओल ने बताया ​कि कार्यशाला के लिए संस्थान के लगभग 1000 नर्सिंग ऑफिसरों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिन्हें आने वाले महीनों में अगल अगल बैच में प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही उम्मीद जताई कि कार्यशाला के बाद अधिकाधिक संख्या में नर्सिंग ऑफिसर शोध के लिए प्रेरित होंगे और अपने रिसर्च पेपर्स पब्लिश कराएंगे। कार्यशाला में सभी नर्सिंग फैकल्टी ने बतौर प्रशिक्षक प्रतिभाग किया।

कुंभ ड्यूटी में शानदार प्रदर्शन करने पर डीजीपी ने किया नगद पुरस्कार से सम्मानित

महाकुंभ 2021 के द्वितीय शाही स्नान के उपरांत पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार द्वारा कुंभ ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

जनपद टिहरी गढ़वाल के थाना लमगांव में तैनात उप निरीक्षक विनोद कुमार ने कुंभ मेला ड्यूटी के दौरान आर्च पुल पुराना कांगड़ा पुल से लेकर न्यू कांगड़ा पुल के क्षेत्र तक अपने अनुषांगिक कर्मचारियों के साथ मिलकर ड्यूटी का निर्वहन किया। दिन की तपती गर्मी में सुबह आठ बजे से लेकर रात के आठ बजे तक 12 घंटे की ड्यूटी के दौरान उप निरीक्षक विनोद कुमार द्वारा शाही स्नान के दौरान ब्रह्मकुंड व अन्य घाटों में अखाड़ों से आए साधुओं को स्नान कराने और अन्य अखाड़ों के लिए घाटों को खाली कराने में भी अपनी अहम भूमिका निभाई। दिनांक 4 अप्रैल 2021 को विनोद कुमार द्वारा न्यू संजय पुल के पास गंगा की धारा में बह कर आ रही महिला लीलावती शर्मा ॅव सुनील कुमार उम्र 35 वर्ष निवासी ब्लॉक सिक्स, राजेंद्र नगर सेक्टर- 2 गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) को गंगा की धारा से निकालकर, उच्च अधिकारियों को सूचित कर बेहोश महिला को एंबुलेंस के माध्यम से जीडी हॉस्पिटल हरिद्वार में भर्ती कराया।

महिला के होश आने पर उसके घर का पता तस्दीक करते हुए कानपुर निवासी उनके भाई को इस बारे में सूचना दी। कुंभ ड्यूटी के दौरान इमानदारी, कर्तव्यनिष्ठ भाव से उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों में से उप निरीक्षक विनोद कुमार को पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार द्वारा नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

बता दें इससे पहले भी थाना लंबगांव जनपद टिहरी गढ़वाल में तैनात उप निरीक्षक विनोद कुमार पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी द्वारा ऑपरेशन स्माइल -2018 में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए और वर्ष 2019 में नशे की रोकथाम के लिए उत्कृष्ट कार्य करने के लिए दो बार सम्मानित हो चुके हैं।

गंगा में नहाने के दौरान डूबा युवक, मौत

गुजरात के 20 वर्षीय युवक की लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र के अंतर्गत गंगा नदी में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र में गरुड़ चट्टी से 3 किलोमीटर आगे फूलचट्टी स्नान घाट पर एक युवक नहाने के दौरान डूब गया। मौके पर कंट्रोल रूम से पुलिस को सूचना मिली। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची, साथ में एसडीआरएफ की टीम भी गंगा में रेस्क्यू अभियान में शामिल रही। काफी मशक्कत के बाद डूबे युवक को नदी से बाहर निकाला गया तथा उसे राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश भेजा गया। यहां चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।

थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद उनियाल ने मृतक की पहचान 20 वर्षीय वैभव पुत्र नीता निवासी ग्राम दिवराला थाना सील जिला जूनागढ़ गुजरात के रूप में कराई है।

बाबा साहेब ने अपना जीवन निर्धन, पिछड़े वर्गों के उत्थान में लगायाः स्पीकर

तीर्थनगरी में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर शोभा यात्रा निकाली गई। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शोभा यात्रा में शिरकत की। रिबन काटकर शोभा यात्रा का शुभारंभ किया।

उत्तराखंड दलित महासभा के तत्वाधान में अंबेडकर चैक शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गो से होकर गुजरते हुए तिलक नगर तक ढोल नगाड़ों के संग शोभा यात्रा निकाली गई। जिसमे नगर के विभीन्न क्षेत्रों के लोगों ने भाग लेते हुए इस शोभायात्रा में अनेक झांकिया निकाली। जो आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। इस शोभायात्रा के दौरान युवा भी डीजे के गानों पर थिरकते नजर आए। इस अवसर पर महासभा द्वारा उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष का पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया।इस शोभायात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था में पुख्ता इंतजाम किये हुए थे।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की देश के संविधान के निर्माण में विशेष भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना समस्त जीवन देशवासियों विषेशकर, गरीबों तथा समाज के कमजोर एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान तथा कल्याण में लगा दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर नागरिक समाज से छुआछूत, असामनता और जातिवाद को खत्म करने का संकल्प लें।

इस अवसर पर उत्तराखंड दलित महासभा के अध्यक्ष नंदकिशोर जाटव, राजू नरसिम्हा, हरिराम खेरवाल, व्यापार संघ के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा, विनय सारस्वत, महेंद्र जाटव, राज कुमार जाटव, पार्षद शिव कुमार गौतम, पार्षद संजीव पाल, सुमित पवार, ऋषि कांत गुप्ता, प्रदीप कोहली सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

एम्स ऋषिकेश में स्वच्छता जनजागरूकता पखवाड़े का हुआ समापन

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में आयोजित स्वच्छता जनजागरुकता पखवाड़ा विधिवत संपन्न हो गया। पखवाड़े के दौरान सफाईकर्मियों को कूड़ा निस्तारण के उपाय और स्वच्छता से जनस्वास्थ्य की दृष्टि से होने वाले लाभ संबंधी विस्तृत जानकारियां दी गई। अभियान के अंतिम दिन विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने स्वच्छता जनजागरुकता कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया।
गौरतलब है कि एम्स ऋषिकेश में निदेशक प्रो. रविकांत की देखरेख में ’स्वच्छता पखवाड़े’ की शुरुआत बीती 1 अप्रैल को की गई थी। इसके अंतर्गत दो सप्ताह तक आयोजित किए गए विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान संस्थान के अलग अलग विभागों की टीमों द्वारा स्वच्छता संबंधी कार्यक्रमों के माध्यम से मरीजों और उनके तीमारदारों को साफ सफाई को लेकर प्रेरित किया और इससे जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले अच्छे प्रभावों से रूबरू कराया।
आयोजित कार्यक्रमों के तहत ओपीडी एरिया, आईपीडी एरिया, कैंटीन एरिया, वेटिंग एरिया, किचन एरिया और संस्थान के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रदर्शनी, ट्राॅली रिले एक्टिविटी, ऑनलाइन वेबिनार, टीवी स्क्रीन पर डिस्पले प्रोग्राम आदि खासतौर से आयोजित किए गए।

आयोजित एक कार्यक्रम में संस्थान के सफाई कर्मियों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उन्हें अनुपयोगी ठोस अपशिष्ट पदाथों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को लेकर आगाह किया गया। बताया गया कि अपशिष्ट कचरे का प्रबंधन से मृदा संरक्षण, जल संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के लिए नितांत जरूरी है। लिहाजा अपशिष्ट कचरे का प्रबंधन व इसका समय रहते निस्तारण किया जाना आवश्यक है। उधर हाॅस्पिटल इन्फेक्शन टीम द्वारा संस्थान के नर्सिंग ऑफिसरों को हाथों को सही तरीके से धोने और स्वच्छ रखने का प्रशिक्षण दिया गया।

इस अवसर पर अपने संदेश में निदेशक प्रो. रविकांत ने कहा कि स्वच्छता ही स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र है। लिहाजा इसे दैनिक जीवन में अपनाया जाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ समाज से ही स्वस्थ समाज की परिकल्पना संभव हो सकती है। इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति स्वच्छता के प्रति संकल्पित रहे और स्वच्छ भारत की परिकल्पना को साकाररूप देने में अपना योगदान सुनिश्चित करे।

डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने बीमारियों के नियंत्रण में स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरुआत स्वयं से की जाए तो हमारे आसपास का वातावरण खुद ब खुद स्वच्छ हो जाएगा।

डीन हाॅस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा ने कहा कि स्वच्छता एक सतत प्रक्रिया है। साफ-सफाई रखने से संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। स्वच्छता के नियमों का पालन करने से हम सभी का जीवन भी निरोगी रहता है।

आयोजन में मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. बीके बस्तिया, डा. अनुभा अग्रवाल, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट मनीष शर्मा, डा. पूजा भदौरिया, डा. लेविन आदि मौजूद थे।

महाकुंभ का मुख्य शाही स्नान सफलता पूर्वक सम्पन्न


कुम्भ मेला का मुख्य शाही स्नान सकुशल और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो गया। मेष संक्रांति के स्नान पर विगत के कुम्भ मेलों में घटित कुछ अप्रिय घटनाओं के इतिहास एवं कोविड की अभूतपूर्व चुनौतियों को देखते हुए शाही स्नान को सुव्यवस्थित व निर्विघ्न संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा था। इन चुनौतियों के बीच मुख्य शाही स्नान बिना किसी अप्रिय घटना के सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सायं तक 13 लाख 51 हजार श्रद्धालु कुम्भ क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर स्नान कर चुके थे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कुम्भ मेले के मुख्य शाही स्नान के सकुशल सम्पन्न होने पर मेले से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों, स्वयं सेवी संस्थाओं सहित सभी जनमानस को बधाई देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों का सामना करते हुए मेले से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मिकों ने जिस मनोयोग से कुम्भ की व्यवस्थाओं को संभाला तथा देश-विदेश के श्रद्वालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करायी, वह सराहानीय है। शाही स्नान सकुशल सम्पन्न होने से राज्य सरकार की दिव्य-भव्य एवं सुरक्षित कुम्भ की परिकल्पना भी साकार हुई है। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले से सफल आयोजन का सामूहिक प्रयासों का भी नतीजा बताते हुए साधु-संतों, अखाडों, मेला क्षेत्र की जनता, व्यापारियों, गंगा सभा, तीर्थ पुरोहितों, मीडियाकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों आदि का भी अत्यधिक उल्लेखनीय सहयोग रहा है। जिसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र है।

मेला अधिकारी दीपक रावत ने शाही स्नान सम्पन्न होने के बाद मीडिया सेंटर कुम्भ मेला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुम्भ मेलों के बैसाखी के शाही स्नानों में कुछ छोटी मोटी घटनाएं हुई थी, इसलिए मेला प्रशासन व पुलिस के आपसी सहयोग से इसे सफल बनाने की पूरी कोशिश की थी और इसमें हम सब सफल रहे। उन्होंने इस सफलता के लिए पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाओं व सफाई कर्मियों के अलावा व्यापारी व आम जनता का भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि थोड़ी बहुत परेशानी के बावजूद उन्होंने पूरे दिल से प्रशासन का साथ दिया। उन्होंने बताया कि कोरोना के मध्यनजर जिला स्वास्थ्य विभाग व मेले में जुड़ी अन्य एजेंसियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 50 हजार टेस्ट हो रहे हैं।

पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने बताया कि मेला क्षेत्र की सीमाओं पर श्रद्धालुओं के कोबिड सर्टिफिकेट की सघन जांच हो रही है, जिस कारण सर्टिफिकेट न होने पर अब तक 56 हजार श्रद्धालुओं को सीमा से ही वापस लौटाया जा चुका है। उन्होंने शाही स्नान को सफलता से आयोजित करने में राज्य की पुलिस सहित केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों, अन्य राज्यों की पुलिस एवं पी.एस.सी., होमगार्ड्स आदि की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस बार पुलिस, केन्द्रीय सुरक्षाबलों के अतिरिक्त पहली बार एन.एस.जी को भी तैनात किया गया था। कोरोना काल के बावजूद शाम तक करीब 13 लाख 51 हजार लोग गंगा में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला जनमेजय खण्डूड़ी नेग मेला में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
नोडल अधिकारी सूचना मनोज श्रीवास्तव ने देशभर के मीडिया के साथ साथ स्थानीय मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि खासकर स्थानीय मीडिया ने मेला प्रशासन के मिलकर एक मेजबान की भूमिका भी निभाई और कुम्भ की महत्ता को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

सरकारी भूमि में बनी मलिन बस्तियों का होगा विनियमितिकरण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की 130वें जन्मोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी, महान नेता और समाज सुधारक डा. भीमराव अम्बेडकर ने सामाजिक असमानता को दूर करने तथा वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने भारत के संविधान में तत्कालीन सामाजिक भेद भाव मिटाने तथा सभी को अवसर की समानता सुनिश्चित करने के लिए संविधान में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी गरीब एवं वंचितों के विकास के लिए कृत्संकल्प है। सरकारी भूमि में स्थित मलिन बस्तियों के विनियमितिकरण एवं सौंदर्यीकरण की घोषणा को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा समाज के गरीब तथा वंचित वर्ग के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने लोअर तुनवाला में स्थित रविदास भवन एवं डॉ. अम्बेडकर बारात घर के चारदीवारी निर्माण एवं मरम्मत कार्य की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर आजीवन मानवता की सेवा में समर्पित रहे। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का यह सपना था कि भारत में जातिवाद खत्म हो, सामाजिक समानता के अवसर हों, अधिकारों की रक्षा हो। हमारे संविधान में देश के प्रत्येक नागरिक को, चाहे वह किसी भी जाति, संप्रदाय या पंथ से हो, समानता का अधिकार प्राप्त है। आज एक लोकतंत्र और समतावादी समाज के रूप में हम जो भी हैं और जहाँ तक आगे बढ़े हैं, इस मुकाम तक पहुँचने में हमारे संविधान और उसके मुख्य निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की बहुत बड़ी भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना वायरस से लड़ाई में हर संभव प्रयास कर रही है। टेस्टिंग के साथ ही वैक्सीनेशन को भी बढ़ाया गया है। कोरोना वैक्सीनेशन उत्सव के रूप में तेजी से टीकाकरण का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण के लिए ही सम्भव व्यवस्थाएं की गई हैं। टीकाकरण को जनपद से लेकर ब्लाक व न्याय पंचायत स्तर पर कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

इस अवसर पर विधायक एवं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक एवं विधायक उमेश शर्मा काऊ भी उपस्थित थे।

जयंती पर याद किए गए बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर

भारतीय संविधान के रचयिता, गरीबों के मसीहा, देश को नई दिशा देने वाले बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

प्रकान्त कुमार (प्रदेश सह संयोजक भाजयुमो) के नेतृत्व में युवा मोर्चा कार्यकर्ता अम्बेडकर चैक पर एकत्रित हुए। यहां सभी ने बाबा साहब की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। साथ ही जोरदार नारो के साथ बाबा साहब के प्रति अपनी निष्ठा व समपर्ण वक्त करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।

प्रकान्त कुमार ने कहा कि बाबा साहब समस्त मानव जाति को एक ऐसा सविधान दिया है जिसमे समाज में खड़ा अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ सकता है, ये हमारा सौभाग्य है जो ऐसे महापुरूष ने हमारे देश मे जन्म लिया। उन्होंने संविधान के रूप में देश को एक पवित्र ग्रंथ भेंट किया। जो हम सभी का मार्गदर्शक है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला उपाध्यक्ष अक्षय खैरवाल, पूर्व मंडल उपाध्यक्ष आनंद शर्मा, पूर्व मंडल मंत्री दुर्गेश कुमार, अनुज कुमार, देवकुमार, शुभ गुप्ता राहुल कुमार, उपकार सिंह, करण शाह आदि उपस्थित रहे।

कृष्णानगर कॉलोनी में तीन करोड़ 66 लाख की लागत से पेयजल योजना का हुआ शुभारंभ

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कृष्णानगर कॉलोनी में लंबे समय से पेयजल की समस्या का अब निदान हो गया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने आज कृष्णनगर कॉलोनी में 3 करोड़ 66 लाख 23 हजार रुपये की लागत से कृष्णा नगर पेयजल योजना का शिलान्यास विधिवत पूजा अर्चना के संग किया।

उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम कार्यक्रम के अंतर्गत कृष्णनगर पेयजल योजना के शिलान्यास का कार्यक्रम कृष्णनगर कॉलोनी के अंतर्गत रखा गया। मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने नारियल फोड़कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कृष्णानगर कॉलोनी में विगत कई समय से पानी की समस्या बनी हुई थी। जिसके लिए वह कृष्णानगर में पेयजल आपूर्ति के लिए योजना के संबंध में प्रयासरत थे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कृष्णनगर कॉलोनी में वर्तमान समय में बिजली, सड़क एवं अब पानी की समस्या का समाधान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना से हजारों की संख्या में कॉलोनी के परिवार लाभान्वित होंगे एवं हर घर नल लगाकर पानी की आपूर्ति पूरी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस योजना से कृष्णानगर कॉलोनी क्षेत्र के आसपास के हजारों लोगों को लाभ होगा। योजना के अंतर्गत 3 करोड 66 लाख रुपए की लागत से ट्यूबवेल, उच्च जलाशय (विशाल टैंक), पंप हाउस, स्टाफ क्वार्टर्स, राइजिंग मेन के कार्य किए जाएंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मानक एवं गुणवत्ता के क्रम में निर्माण कार्यों को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि तय समय में कार्य को पूर्ण कर क्षेत्रवासियों को जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति से लाभान्वित किया जाए।

कार्यक्रम के दौरान वीर भद्र मंडल के मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी, पेयजल निगम के अधीक्षण अभियंता अनुज कौशिक, अधिशासी अभियंता हेमचंद जोशी, रमेश चंद शर्मा, सदानंद यादव, आरती दुबे, मनोरमा देवी, पुरुषोत्तम, निर्मला उनियाल, करण सिंह, तिलक चैहान, जोगेंद्र सैनी, सुनील यादव, राजकुमार भारती, चंद्रदेव पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पार्षद सुंदरी कंडवाल ने किया।