मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों पर आवास विभाग ने तेज की कार्रवाई, पार्किंग परियोजनाओं को मिली सैद्धान्तिक सहमति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जनपद चमोली के गैरसैंण और जनपद बागेश्वर के काण्डा में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण परियोजनाओं को लेकर आवास विभाग ने विभागीय व्यय समिति की बैठकों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ आ राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में दोनों परियोजनाओं के विस्तृत आगणनों पर चर्चा करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए अग्रेतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठकों में आवास विभाग, वित्त विभाग, नियोजन विभाग, संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पर्वतीय नगरों में बढ़ते वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के साथ स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

गैरसैंण में 91 वाहनों की आधुनिक पार्किंग का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में गैरसैंण में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण हेतु पेयजल निगम द्वारा ₹1504.35 लाख लागत का विस्तृत आगणन प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार भू-तल पर 36 कार पार्किंग, 7 दुकानें और 2 कार लिफ्ट का प्रावधान किया गया है, जबकि टेरेस पर 55 कार पार्किंग और 1 अतिरिक्त कार लिफ्ट प्रस्तावित है। इस प्रकार कुल 91 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। प्रस्ताव में बीआरसी/सीआरसी फैकल्टी हॉल और तीन क्लास रूम का भी प्रावधान रखा गया था। इस पर सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर राजेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवास विभाग की जिम्मेदारी केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित है और अन्य अतिरिक्त निर्माण प्रस्तावों को हटाकर मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप संशोधित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना को व्यवहारिक और जनहितकारी स्वरूप में तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

काण्डा में 53 वाहनों की पार्किंग सुविधा
बागेश्वर जनपद के काण्डा में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना के संशोधित आगणन पर भी विभागीय व्यय समिति ने विस्तार से विचार किया। ₹540.85 लाख लागत की इस परियोजना में भूतल पर 7 दुकानें और 26 कार पार्किंग तथा प्रथम तल पर 27 कार पार्किंग प्रस्तावित की गई हैं। इसके अलावा शौचालय सुविधा का भी प्रावधान रखा गया है। इस प्रकार कुल 53 वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। बैठक में सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि पार्किंग का संचालन जिला विकास प्राधिकरण, बागेश्वर द्वारा किया जाए और दुकानों का आवंटन जिला स्तरीय समिति के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। विभागीय व्यय समिति ने परियोजना की अनुमोदित लागत पर सैद्धान्तिक सहमति प्रदान करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

पर्वतीय शहरों को मिलेगी राहत – डॉ आ राजेश कुमार
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ आ राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाएं केवल वाहन खड़े करने की व्यवस्था नहीं हैं, बल्कि यह स्थानीय बाजारों को व्यवस्थित करने, यातायात दबाव कम करने और पर्यटन गतिविधियों को गति देने का माध्यम भी बनेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।

कपकोट में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री धामी के स्वागत में जुटी भारी भीड़, हुआ 108 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने बागेश्वर दौरे के दूसरे दिन, केदारेश्वर मैदान, कपकोट में आयोजित जन सम्मेलन में प्रतिभाग किया, जहाँ उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तथा कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।

मुख्यमंत्री ने 108 करोड़ रुपये की 42 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जिसमें लगभग 62 करोड़ की 24 योजनाओं का लोकार्पण तथा 45.95 करोड़ की 18 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसने वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनता की विशाल उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार विकास के सही मार्ग पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब वर्ग, महिलाओं और युवाओं के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने ‘मानस खंड माला’ परियोजना के तहत धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की प्रगति की जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन की नई पहल से प्रदेश में वर्षभर पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्यरत है और वन डिस्ट्रिक्ट–टू प्रोडक्ट के तहत बागेश्वर की पारंपरिक ताम्र शिल्प को राष्ट्रीय पहचान मिल रही है। सरयू एवं गोमती नदियों के संरक्षण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं, वहीं बागेश्वर रेल लाइन का सर्वेक्षण भी पूर्ण हो चुका है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि गरुड़ अस्पताल का उच्चीकरण किया जाएगा, जिससे स्थानीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

इसके साथ ही विभिन्न स्वायत सहकारिता एवं स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता के चेक प्रदान किए गए। जिसमे संकल्प स्वायत सहकारिता समूह सीएलएफ (हर्षिला) को ₹3 करोड़ 23 लाख, ऊर्जा स्वायत सहकारिता सीएलएफ को ₹22 लाख 50 हजार,एनआरएलएम की संवाद महिला स्वयं सहायता समूह और जय गोलू देवता स्वयं सहायता समूह को ₹5 -5 लाख के चेक प्रदान किए गए।

कार्यक्रम स्थल पर कृषि, उद्यान, रेशम, सहकारिता, ग्राम्य विकास, महिला सशक्तिकरण, डेयरी, पशुपालन एवं उद्योग विभाग सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल स्थापित किए, जिन पर आमजन को योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया, स्थानीय हस्तशिल्पकारों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उनके कार्य का उत्साहवर्द्धन किया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय, शिव सिंह विष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विशाखा खेतवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौंरयाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभा गड़िया, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, एसपी चंद्र सिंह घोड़के, सीडीओ आर.सी. तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

बागेश्वर में सरयू नदी तट पर चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में सरयू नदी तट पर चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और सरकार की योजनाओं पर फीडबैक प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री बागेश्वर भ्रमण के दौरान बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम पहुंचे, जहाँ उन्होंने खिलाड़ियों के साथ बैडमिंटन खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल उपकरणों एवं संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि उत्तराखण्ड के खिलाड़ी राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

मुख्यमंत्री धामी इसके बाद बागनाथ मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और अपने विचार साझा किए।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस देश के वीर सैनिकों की अदम्य वीरता, बलिदान और उत्कृष्ट सेवाओं को स्मरण करने का अवसर है। इस दौरान सैनिक कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री को टोकन फ्लैग एवं लापेल पिन लगाया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक पार्वती दास, विधायक सुरेश गडिया, पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल, अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, एसडीएम प्रियंका रानी, ललित मोहन तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बागेश्वर से सीएम धामी का सख्त निर्देश, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्रों तक पहुँचे, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कलेक्ट्रेट सभागार बागेश्वर में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों—लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, विद्युत, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, कृषि एवं उद्यान—की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र व राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ निरंतर सुचारू रहें और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बागेश्वर में पर्यटन, प्राकृतिक संसाधन, सांस्कृतिक धरोहर और कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों के विकास की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने साहसिक पर्यटन के नए स्थलों की पहचान करने और विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने बताया कि जनपद में प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और हेली सेवाओं के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

कृषि एवं उद्यान विभाग को लाल चावल, अदरक, हल्दी जैसी स्थानीय फसलों के लिए मजबूत बाज़ार उपलब्ध कराने, शहद उत्पादन को मिशन मोड में बढ़ाने तथा एप्पल-कीवी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को आधुनिक तकनीक व मार्केट लिंक से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

समाज कल्याण विभाग को जागरूकता शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब पेंशन राशि प्रत्येक माह की 05 तारीख को समय पर खातों में भेजी जा रही है, जबकि पहले इसमें तीन माह तक लग जाते थे।

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान, लंबित प्रकरणों का निस्तारण और लगातार जनसेवा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी कार्य लंबित न रहे और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे सहित सभी विभागाध्यक्षों ने मुख्यमंत्री को जनपद में संचालित प्रमुख विकास योजनाओं, उपलब्धियों एवं प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया ।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त ताइक्वांडो खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ी प्रदेश का गौरव बढ़ाते हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

इस दौरान विधायक सुरेश गढ़िया एवं पार्वती दास तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसंवाद में सीएम बोले, प्रतिभागियों के सुझाव राज्य की नीतियों में होंगे शामिल, विकास यात्रा में जनता की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के प्रथम दिन गरुड़–बैजनाथ में आयोजित संवाद कार्यक्रम में प्रबुद्ध जनों, राज्य आंदोलनकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा विभिन्न एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से विस्तृत विचार-विमर्श किया।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों के सुझावों को राज्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए आश्वस्त किया कि इन्हें आगामी योजनाओं और नीतियों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठन और एसोसिएशन समाज को नई दिशा देने वाले हैं और सरकार व जनता के बीच सशक्त सेतु का कार्य कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार निरंतर रोजगार सृजन पर कार्य कर रही है।

एसएचजी की पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लाखों बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और उनके उत्पादों की मांग देश-विदेश में बढ़ रही है। उन्होंने मातृशक्ति द्वारा विपरीत परिस्थितियों में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने एप्पल मिशन में सब्सिडी, होमस्टे योजना, कीवी एवं एप्पल मिशन की प्रगति को संतोषजनक बताते हुए कहा कि ये योजनाएँ रोजगार व स्वरोजगार सृजन में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जनपद के प्रमुख स्थान हेली सेवा से जोड़े जाएँ तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जाए।

उन्होंने इकोलॉजी–इकोनॉमी–टेक्नोलॉजी के समन्वय को राज्य के विकास की गति बढ़ाने का आधार बताया और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा, जिसमें मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड की वेशभूषा और संस्कृति को निरंतर वैश्विक मंच पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। मानसखंड–केदारखंड सहित सभी धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार से राज्य में पर्यटन के नए आयाम स्थापित हुए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने पर्यटक आवास गृह बैजनाथ में आयोजित मंथन एवं संवाद कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में प्रदेश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तीव्र गति से कार्य कर रहा है।

इस दौरान विधायक सुरेश गढ़िया एवं पार्वती दास, डीएम आकांक्षा कौंडे तथा समस्त जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे |

बागेश्वर आपदा प्रभावितों से बोले सीएम धामी, राज्य सरकार पूरी मजबूती से प्रभावितों के साथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर के आपदा प्रभावित क्षेत्र पौंसरी में ग्रामीणों से भेंट कर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी मजबूती से प्रभावितों के साथ खड़ी है। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैसानी में आपदा प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी बागेश्वर आशीष भटगांई से प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे राहत कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि 29 अगस्त को अतिवृष्टि से पौंसरी के खाईजर तोक में 05 मकान मलबे में दब गए। वहां रहने वाले 06 व्यक्तियों में से 05 मलबे में दब गए और 01 व्यक्ति सुरक्षित मिला। अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि शेष दो की खोज में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर टीम, ड्रोन, डॉग स्क्वाड और विक्टिम लोकेटिंग कैमरे की मदद से अभियान जारी है। प्रभावितों को राहत राशि वितरित कर दी गई है तथा सभी आवश्यक सेवाएं सुचारू कर दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का आकलन कर पुनर्वास प्रक्रिया को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त पिटकुल के 132 केवी सब स्टेशन को दुरुस्त करने के लिए 52 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

इस अवसर पर विधायक सुरेश गढ़िया, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के, प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्ना, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, अनिल सिंह रावत, ललित मोहन तिवारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

गढ़वाल से लेकर कुमायूं तक दैवीय आपदा, बादल फटने की सूचना पर सीएम ने जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली

जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी और बागेश्वर के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी नैनीताल से भी मुख्यमंत्री ने बारिश और सड़कों की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा शीघ्र उपलब्ध हो।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय तथा विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते उपस्थित रहे।

राज्य की सहमति के बाद टनकपुर से बागेश्वर रेल लाईन पर जल्द शुरू होगा काम

टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन पर जल्द काम शुरू हो सकता है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना पर काम शुरू करने के लिए राज्य सरकार से औपचारिक तौर पर सहमति देने को कहा है। राज्य सरकार जल्द इस दिशा में अधिकारिक पत्र केंद्र सरकार को भेजने जा रही है।

प्रस्तावित टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को कुमाऊं क्षेत्र में रेल नेटवर्क विस्तार की दिशा में गेम चेंजर प्रोजेक्ट के रूप में देखा रहा है। करीब 170 किमी लंबी इस परियोजना के लिए फाइनल सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब अगले चरण में परियोजना पर राज्य सरकार से विचार विमर्श होना है। काम शुरू करने से पहले केंद्र सरकार ने राज्य से औपचारिक सहमति प्रदान करने को कहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को इस दिशा में शीघ्र औपचारिकताएं पूरी करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इस तरह टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हो रहा है।

कर्णप्रयाग रेल लाइन 2026 तक तैयार होगी

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में रेल नेटवर्क विकसित करने पर तेजी से काम हो रहा है। इसी क्रम में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है, सामरिक महत्व की इस परियोजना का काम 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसी तरह टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन बन जाने के बाद, कर्णप्रयाग-बागेश्वर जैसे दो पर्वतीय शहरों को रेल नेटवर्क से जोड़कर, गढ़वाल-कुमांऊ के बीच रेल सम्पर्क स्थापित किया जा सकता है। साथ ही प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ऋषिकेश-उत्तरकाशी और देहरादून-सहारनपुर रेलवे लाइनों की डीपीआर भी तैयार कर रही है। 81 किमी लंबी देहरादून-सहारनपुर शाकुंभरी देवी मंदिर के रास्ते से होकर गुजरेगी। यह रेल लाइन सहारनपुर से देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन तक बिछेगी। इसमें 11 किमी लंबी सुरंग भी शामिल है।

बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन पर काम शुरू करने के लिए समस्त औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही है। इसी तरह ऋषिकेश-उत्तरकाशी और देहरादून-सहारनपुर रेलवे लाइनों की भी फाइनल डीपीआर तैयार की जा रही है। केंद्र सरकार उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को मजबूत करने में पूरा सहयोग प्रदान कर रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की जारी की अधिसूचना

राज्य निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार हरिद्वार जनपद को छोड़कर प्रदेश के अन्य 12 जनपदों में पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया की रूपरेखा तय कर दी है।

चुनाव की शुरुआत नामांकन प्रक्रिया से होगी, जो 25 जून से 28 जून तक चलेगी। नामांकन पत्र प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच 29 जून से 1 जुलाई तक की जाएगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 2 जुलाई निर्धारित की गई है।

निर्वाचन दो चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण के लिए चुनाव चिन्ह 3 जुलाई को वितरित किए जाएंगे और मतदान 10 जुलाई को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। वहीं, दूसरे चरण में चिन्हों का वितरण 8 जुलाई को होगा और मतदान 15 जुलाई को कराया जाएगा।

चुनाव परिणामों की मतगणना 19 जुलाई को की जाएगी। जिलों में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय स्तर पर विस्तृत सूचना जारी करेंगे।

सीएम ने नैनीताल में की मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता, बोले अब भ्रष्टाचार नहीं, जवाबदेही तय होगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल में कुमाऊं मंडल स्तरीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कुमाऊं मंडल के छह जनपदकृनैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत एवं ऊधमसिंहनगरकृके जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने मंडल में केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा गतिमान योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण को आपसी समन्वय बनाते हुए जनता की समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार लगाकर, चौपाल लगाकर धरातल पर कार्य करने की आवश्यकता है। ताकि अंतिम छोर पर खड़ा व्यक्ति भी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनपद में चल रहे कार्यों में अपना योगदान करें। भ्रष्टाचार को समाप्त करना ही हमारा संकल्प है और इसके लिए 1064 नंबर चलाया गया है। मुख्यमंत्री ने जिला अधिकारियों को कहा कि वह 10 से 01 बजे तक अपने कार्यालय में बैठने का शेड्यूल बनाएं ताकि दूर से आने वाले लोग उनसे मिल पाए वह अपनी बात रख पाएं।

मुख्यमंत्री ने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानकों के अनुरूप कार्य न होने या अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पुनर्वास पैकेज को स्वीकृति दी जा चुकी है तथा मास्टर प्लानिंग पूर्ण हो चुकी है। मानसून से पूर्व मुख्य बांध निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह परियोजना उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के लिए सिंचाई क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने सूखा ताल के पुनर्जीवन प्रयासों को और गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह कार्य नमामि गंगे योजना के अंतर्गत पेयजल विभाग द्वारा किया जा रहा है और 2916.00 लाख रुपए की लागत से जनपद नैनीताल में सूखाताल झील का संवर्धन एवं सौंदर्यकरण का कार्य गतिमान है।

कैंची धाम क्षेत्र के समग्र विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां सभी आवश्यक सुविधाओं के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा 2815.68 लाख की लागत से मानसखंड मंदिर माला के अंतर्गत श्री कैंची धाम में सौंदर्य कारण एवं प्रकाशीकरण का कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के लिए मास्टर प्लान पर प्रगति की जानकारी दी और बताया कि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का बजट दोगुना किया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में सभी अत्याधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि उत्तराखंड सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी द्वारा शिकायत करने पर काशीपुर में अधीक्षण अभियंता शिवम द्विवेदी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित जनसुनवाई करें, समाधान आधारित कार्यशैली अपनाएं और कैंपों के माध्यम से जनता की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर तत्काल समाधान करें।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विजिलेंस व्यवस्था को और सशक्त एवं सक्रिय बनाया जा रहा है। अब सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में सीधे और निर्णायक हस्तक्षेप करेगी। किसी भी स्तर का अधिकारी यदि दोषी पाया गया, तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी। हालांकि, उसे निष्पक्ष सुनवाई और स्पष्टीकरण का अवसर भी दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के सपनों को साकार करना ही हमारी प्राथमिकता है। उत्तराखंड पहले ही कई क्षेत्रों में देशभर में अग्रणी बन चुका है और अब हमें यह सुनिश्चित करना है कि अन्य क्षेत्रों में भी प्रदेश शीर्ष स्थान पर पहुंचे।