देवभूमि उत्तराखंड से शिवधाम की पावन यात्रा का शुभारंभ, श्रद्धा, संस्कृति और आतिथ्य का अद्भुत संगम

उत्तराखंड से संचालित पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ टनकपुर से हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह से कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय एवं सफल यात्रा की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य से स्वागत किया गया तथा पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का रुद्राक्ष की माला एवं भगवान शिव का पटका पहनाकर स्वागत किया और उनसे आत्मीय संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही किसी श्रद्धालु को इस पवित्र यात्रा का अवसर प्राप्त होता है। यात्रा के दौरान आने वाली प्रत्येक चुनौती का सामना श्रद्धा और धैर्य के साथ करना चाहिए, क्योंकि शिव में अटूट विश्वास ही सभी कठिनाइयों को सरल बना देता है।

उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के लिए विकास और समृद्धि का माध्यम भी है। यह यात्रा सीमांत गांवों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय जीवन से देशभर के लोगों को जोड़ती है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प एवं उत्पादों की खरीद कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। देशभर में प्राचीन मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी की सुखद एवं सफल यात्रा की प्रार्थना की।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भी राज्य सरकार द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु अनिल कुमार जैन सहित अन्य सभी यात्रियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए बेहतर प्रबंध किए गए हैं।

शनिवार सायंकाल टनकपुर पहुंचे प्रथम दल का देवभूमि की परंपरा के अनुरूप छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं एवं भव्य स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं लोक कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं।

शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि प्रथम दल में चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष एवं 15 महिला श्रद्धालु हैं। दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के श्रद्धालु सम्मिलित हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता एवं राष्ट्रीय एकता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

दल के साथ तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल दल के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु हैं। यह यात्रा सभी आयु वर्ग के लोगों की भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से किया जा रहा है। इससे सीमांत जनपद चम्पावत को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिली है तथा स्थानीय व्यापार, पर्यटन, परिवहन, होटल व्यवसाय एवं रोजगार के अवसरों को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिल रहा है।

हर-हर महादेव एवं बम-बम भोले के जयघोष से गुंजायमान टनकपुर में प्रथम दल के प्रस्थान के साथ ही पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। देवभूमि उत्तराखंड ने एक बार फिर अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं अतिथि सत्कार की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मंडल आयुक्त कुमाऊं एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं मंडल निवेदिता कुकरेती, प्रबंध निदेशक कुमाऊं मंडल विकास निगम विनीत तोमर, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक चम्पावत रेखा यादव, जीएम कुमाऊं मंडल विकास निगम मनोज कुमार, उपजिलाधिकारी टनकपुर प्रमोद कुमार, जनप्रतिनिधिगण, आईटीबीपी, सेना, एसएसबी एवं ग्रेफ के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु, जिला स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

चंपावत में सीएम धामी ने किया 123.79 करोड़ रूपए की 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, कॉर्बेट ट्रेल का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत में आयोजित भव्य कार्यक्रम में कुल ₹123.79 करोड़ की लागत से तैयार एवं प्रस्तावित 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹27.79 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई 8 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹96 करोड़ की लागत से 9 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 349.98 लाख रूपए की लागत से निर्मित जिम कॉर्बेट ट्रेल का उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट के तहत जनपद के विभिन्न स्थानों में जिम कॉर्बेट से संबंधित विभिन्न निर्माण कार्य, सुधारीकरण कार्य किये जा रहे है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा बस स्टेशन रोडवेज़ में निर्मित किये जा रहे सिटी सेन्टर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न मंदिरों के पुजारीगण, अर्धसैनिक बल, युवा वर्ग, जनप्रतिनिधि गण, व्यापार मंडल/ढाबा संचालकों, स्वच्छाग्रही, शिक्षकगण, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, टैक्सी यूनियन, बैंक कर्मी तथा बार एसोसिएशन, प्रबुद्धजनों, मीडियाकर्मियों समेत विभिन्न समूहों तथा लोगों से संवाद किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाना उनका संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और चम्पावत आज शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण, कृषि, व्यापार तथा रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं, बल्कि ऐसा चम्पावत विकसित करना है जहाँ युवाओं को अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को समृद्धि, व्यापारियों को नए अवसर तथा प्रत्येक नागरिक को विकास का समान लाभ मिले।

उन्होंने कहा कि चम्पावत नगर में लगभग ₹62.33 करोड़ की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (सिटी सेंटर) का निर्माण किया जाएगा, जिससे पार्किंग की समस्या का समाधान होने के साथ स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी। साथ ही व्यापारिक भवनों के निर्माण, महिला प्रौद्योगिकी पार्क, आधुनिक पुस्तकालय, ज्ञान केन्द्र, ओपन जिम तथा युवाओं के लिए विभिन्न सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगभग ₹257 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज तथा लगभग ₹58.52 करोड़ की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। इसके अतिरिक्त कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं का विकास तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी और विरासत भी’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर एवं माँ वाराही धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में लगभग ₹237.74 करोड़ की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। वहीं लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक एवं पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केन्द्र की स्थापना की दिशा में भी कार्य प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएँ केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि विकसित चम्पावत की मजबूत नींव हैं। ये युवाओं के सपनों को नई उड़ान, महिलाओं को नई शक्ति, किसानों को समृद्धि, व्यापार को गति तथा पर्यटन को नई पहचान देने वाली योजनाएँ हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में चम्पावत समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास का आदर्श मॉडल बनेगा और विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने सभी विकास परियोजनाओं के लिए जनपदवासियों को बधाई देते हुए विकास यात्रा में निरंतर जनसहभागिता का आह्वान किया।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत चम्पावत आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम पांडे, हेमा जोशी, रोहित बिष्ट, मुकेश महराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस.खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण, विभिन्न जन प्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

सीएम धामी की सीमांत क्षेत्र के लिए करीब 40 करोड़ से अधिक रूपए की स्वास्थ्य योजनाओं की दी सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र मेंअभूतपूर्व और ऐतिहासिक सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत आई.सी.आई.सी.आई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एम.आर.आई मशीन का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ उत्तराखंड ही समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड का मुख्य आधार है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य में अस्पतालों के निर्माण के साथ उन्हें आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सशक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा एम.आर.आई मशीन के उद्घाटन से सीमांत क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, समय पर सटीक जांच और उच्च स्तरीय उपचार की सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अनुपम सुविधा का लाभ न केवल चंपावत, बल्कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल तथा इसके आसपास के सभी सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों को प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने पुरानी कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि अब तक चंपावत सहित आसपास के क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को एमआरआई जैसी जटिल जांचों के लिए हल्द्वानी अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, जो गंभीर रोगियों और उनके परिजनों के लिए भारी समय, धन और मानसिक कष्ट का कारण बनता था। अब मस्तिष्क, रीढ़, नसों, जोड़ों, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की उच्च स्तरीय जांच स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होगी, जिससे समय पर जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित होने के साथ-साथ अनेक बहुमूल्य जीवनों को बचाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सोच केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हम भविष्य की उभरती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अत्यंत सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा चंपावत विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य अवसंरचना को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड वाले आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला चिकित्सालय में ही लगभग 11.71 करोड़ रुपये की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग, प्रथम एवं द्वितीय तल पर अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक विंग तथा आधुनिक ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है, जिसके पूर्ण होने के बाद जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत व आधुनिक बनेंगी।अमोड़ी में 2.18 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य से स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान में 470.05 लाख रुपये की लागत से 129 बेड वाले विशाल व आधुनिक छात्रावास का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जो प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को एक नई मजबूती प्रदान करेगा। जनपद चंपावत में एक नए पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की आवश्यक कार्यवाही भी तेजी से बढ़ाई जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और राज्य को दक्ष पैरामेडिकल मानव संसाधन प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव, कभी भी किसी भी परिवार के उपचार में बाधा नहीं बनेगी। आज आयुष्मान भारत योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों परिवारों को पूरी तरह से निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में दिख रहा यह युगांतकारी परिवर्तन हमारी उस अंत्योदय सोच का परिणाम है जिसके केंद्र में आम नागरिक का जीवन, उसका स्वास्थ्य और हमारी सरकार पर उसका अटूट विश्वास है।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर एक ऐसे सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प लें, जहां हर नागरिक को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वस्थ जीवन का अधिकार सहजता से उपलब्ध हो, क्योंकि जब हमारा नागरिक स्वस्थ होगा, तभी हमारा प्रदेश समृद्ध होगा और विकसित उत्तराखंड का हमारा साझा संकल्प साकार होगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख चंपावत अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, टनकपुर दीपक रजवार, प्रदेश मंत्री भाजपा अध्यक्ष निर्मल महारा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

युवा शक्ति ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने का सबसे बड़ा आधारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर, चंपावत में आयोजित “युवा संवाद युवा शक्ति, उत्तराखंड की प्रगति” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्थानीय जनता एवं युवाओं ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ संवाद करते हुए उनके विचारों, सुझावों एवं विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्नों को सुना और उनका उत्तर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उत्तराखंड के युवा प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और नवाचार की क्षमता से भरपूर हैं। उनके सामर्थ्य के बल पर ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही युवा ऊर्जा देश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने की क्षमता रखती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने युवाओं को केवल अवसर तलाशने वाला नहीं, बल्कि अवसर देने वाला बनाने की दिशा में कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी पहलों से युवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और नवाचार को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना और ग्रामीण कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए “एक जनपद, दो उत्पाद” योजना और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं से युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति और पारदर्शी व्यवस्था के कारण उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही, पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और योग्यता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो, इसके लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। अब भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल संस्कृति को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन ने यह साबित किया है कि देवभूमि अब खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा, खेल और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए बजट जारी कर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत, नवाचार एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा ही नए उत्तराखंड का निर्माता है और उनकी प्रगति में ही प्रदेश की प्रगति निहित है।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

चम्पावत को देश का सर्वश्रेष्ठ और आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार का विकल्प रहित संकल्पः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज चम्पावत में आयोजित ऐतिहासिक ‘गोल्ज्यू महोत्सव-2026’ के समापन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि चम्पावत को देश का सर्वश्रेष्ठ और आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार का ‘विकल्प रहित संकल्प’ है।

04 मई से प्रारंभ हुए 13 दिवसीय इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक महोत्सव का आज हर्षाेल्लास और जनउत्साह के साथ विधिवत समापन हो गया। मुख्यमंत्री धामी ने नगरपालिका परिषद चम्पावत, जिला प्रशासन एवं समस्त क्षेत्रवासियों को इस भव्य, गरिमामयी और सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

न्याय के देवता के रूप में पूजनीय गोल्ज्यू महाराज की पावन भूमि को नमन करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का वातावरण निर्मित करते हैं। उन्होंने कहा कि गोल्ज्यू महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि चम्पावत की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त मंच है।

मुख्यमंत्री धामी ने महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को महोत्सव की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों की मातृशक्ति द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिली है।

पहाड़ी दालों, हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक उत्पादों एवं पारंपरिक व्यंजनों की बिक्री से स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनजागरूकता एवं स्वरोजगार आधारित स्टॉलों के माध्यम से आम जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई, जो अत्यंत सराहनीय पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत जनपद चम्पावत के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में माँ वाराही धाम देवीधुरा, बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर सहित जनपद के विभिन्न धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चम्पावत में ‘गोल्ज्यू कॉरिडोर’ तथा टनकपुर में ‘शारदा कॉरिडोर’ का निर्माण राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही जनपद के आंतरिक मोटर मार्गों का चौड़ीकरण, आधुनिक पार्किंग सुविधाओं का विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में प्रस्तावित आधुनिक ड्राई पोर्ट, अंतरराष्ट्रीय स्तर का साइंस सेंटर, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, आईएसबीटी टनकपुर, आंतरिक पेयजल योजनाएं तथा मीडिया सेंटर गेस्ट हाउस जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं जिले में विकास की नई इबारत लिख रही हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से विकास के इस महायज्ञ में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से विकास की गति निरंतर दोगुनी होती रहेगी। उन्होंने पुनः समस्त चम्पावत वासियों को सफल गोल्ज्यू महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

गौरतलब है कि महोत्सव के अंतिम तीन दिनों में आयोजित ‘स्टार नाइट’ कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। समापन अवसर पर उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक इंदर आर्या, प्रख्यात गायिका माया उपाध्याय तथा युवा गायक नीरज चुफाल ने कुमाऊंनी और गढ़वाली गीतों की शानदार प्रस्तुतियों से समूचे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।

देर रात तक चले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए और इसी के साथ गोल्ज्यू महोत्सव-2026 का भव्य समापन संपन्न हुआ।

इस दौरान दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, दर्जा राज्य मंत्री मुकेश महराणा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व बड़ी संख्या में जनपदवासी उपस्थित रहे।

माँ वाराही धाम का होगा भव्य व दिव्य कायाकल्प, धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचानः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक एवं सुप्रसिद्ध माँ वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा पहुँचकर मंदिर के नवनिर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि माँ वाराही धाम केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि धाम का विकास इसकी पौराणिक गरिमा एवं मूल स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ आध्यात्मिक अनुभूति भी प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि माँ वाराही धाम आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने माँ वाराही मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

उल्लेखनीय है कि लगभग ₹15 करोड़ की अनुमानित लागत से माँ वाराही मंदिर के भव्य नवनिर्माण कार्य को चार खाम सात थोक एवं माँ वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट द्वारा आगामी दो से तीन वर्षों में पूर्ण किया जाएगा। मंदिर निर्माण में राजस्थान के विशेष नक्काशीदार पत्थरों का उपयोग किया जाएगा, जबकि मंदिर की स्थापत्य कला एवं शिल्प कार्य गुजरात के विशेषज्ञ कारीगरों की देखरेख में संपन्न होंगे।

निरीक्षण के दौरान जगदीश चंद्र गहतोड़ी ‘नवनीत’ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत संचालित निपुण भारत अभियान से संबंधित अपनी पुस्तक “निपुण का संगीत” मुख्यमंत्री को भेंट की।

इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, माँ वाराही मंदिर समिति के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, समिति अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

देवीधुरा चंपावत में सीएम धामी ने बच्चों से किया संवाद, जीवन के लक्ष्य भी जानें

अपने एक दिवसीय चम्पावत जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देवीधुरा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज पहुँचे, जहाँ उन्होंने छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने बच्चों से शिक्षा, अनुशासन और जीवन के लक्ष्यों को लेकर संवाद करते हुए उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने देवीधुरा में आयोजित ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’ के अंतर्गत आयोजित जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

वाराही धाम के नव-निर्मित कार्यों का शुभारम्भ होना हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से श्री वाराही धाम देवीधुरा, चम्पावत में आयोजित मंदिर के नव निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री वाराही धाम के नव-निर्मित कार्यों का शुभारम्भ होना हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण है। उन्होंने कहा माँ वाराही का प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है। वाराही धाम में आयोजित होने वाला बग्वाल मेला हमारी वीरता, परंपरा और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम है। राज्य सरकार ने इसे राजकीय मेला घोषित भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां वाराही मंदिर का नव-निर्माण मंदिर को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करेगा। यह धाम आस्था के साथ विकास और समृद्धि का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा प्रदेश में स्थित चारधाम, शक्तिपीठ, सिद्धपीठ और अन्य मंदिर, हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण एवं पुनरुत्थान का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को भव्य रूप प्रदान करने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह देवभूमि है, यहां देवताओं का वास है, राज्य सरकार देवभूमि की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दिव्य,भव्य और सुरक्षित बनाने का अपना काम इसी प्रकार जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का कार्य कर रही है। केदारखंड के साथ ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा चंपावत के बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर मंदिर और माँ रणकोची मंदिर, मां पूर्णागिरी मंदिर का भी पुनर्विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा चंपावत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया गया है। लगभग 430 करोड़ रुपये की लागत से गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहाघाट के छमनिया में लगभग ₹ 10 करोड़ से अधिक की लागत से आधुनिक एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण, लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से भवन और छात्रावास का निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए रीठा साहिब क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क नवीनीकरण और सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा शहीद शिरोमणी चिल्कोटी मोटर मार्ग के सुधार कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। लोहाघाट में फायर स्टेशन के प्रशासनिक भवन का निर्माण भी किया जा रहा है। देवीधुरा में पुलिस चौकी का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मज़बूत नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में दिल्ली और देहरादून से भेजा गया एक – एक पैसा, पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक डीबीटी के माध्यम से पहुँच रहा है।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, वाराही शक्ति पीठ ट्रस्ट संरक्षक/संस्थापक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, निर्मल माहरा, श्याम नारायण पाण्डे, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

टनकपुर में मुख्यमंत्री ने सुनी क्षेत्र वासियों की समस्याएं, समाधान के भी दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय टनकपुर में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग कर क्षेत्र की माताओं, वरिष्ठजनों, जनप्रतिनिधियों, पूर्णागिरि मेला समिति, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों तथा अन्य नागरिकों से आत्मीय संवाद किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनसमस्याओं को सीधे जनता से सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से क्षेत्र के विकास, जनसुविधाओं के विस्तार तथा स्थानीय समस्याओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की आवश्यकताओं, सुझावों तथा समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों, मांगों एवं सुझावों पर गंभीरता से कार्य करते हुए उनका शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को समयबद्ध रूप से राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने टनकपुर अस्पताल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह चिकित्सालय एक ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है, जहाँ न केवल टनकपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय लोग बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में मरीज बेहतर उपचार की उम्मीद में आते हैं। इसी विशेष महत्व को देखते हुए सरकार द्वारा यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि वर्तमान में उपलब्ध डायलिसिस सुविधा का विस्तार करते हुए जल्द ही यहां एक और डायलिसिस मशीन स्थापित की जाएगी।

क्षेत्र के समग्र विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर से माँ पूर्णागिरि के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि टनकपुर का बूम क्षेत्र आने वाले समय में पर्यटन एवं वॉटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही इसे एक आकर्षक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प टनकपुर को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं सुविधायुक्त बनाना है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख चम्पावत अंचला बोहरा, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार, जिला महामंत्री हिमेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय केदार सिंह बृजवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अन्य उपस्थित रहे।

एसीएलएस एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी, उपजिला चिकित्सालय में आधुनिक फेकोइमल्सीफिकेशन मशीन का लोकार्पण

जनपद चम्पावत के नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपजिला चिकित्सालय टनकपुर से एडवांस्ड कार्डियोवस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अत्याधुनिक एम्बुलेंस के संचालन से क्षेत्र के मरीजों को आपातकालीन परिस्थितियों में अधिक उन्नत और त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सकेगी, जिससे गंभीर मरीजों को अस्पताल तक सुरक्षित एवं शीघ्र पहुंचाने में बड़ी सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर उपजिला चिकित्सालय टनकपुर में आधुनिक फेकोइमल्सीफिकेशन (Phacoemulsification) मशीन का भी लोकार्पण किया। इस अत्याधुनिक मशीन की स्थापना से अब मोतियाबिंद सहित विभिन्न नेत्र रोगों का उपचार आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा। इससे मरीजों को उपचार के लिए अन्य जनपदों की ओर नहीं जाना पड़ेगा तथा क्षेत्र के बुजुर्गों सहित सभी नेत्र रोगियों को विशेष लाभ मिलेगा।

एडवांस्ड कार्डियोवस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) एम्बुलेंस को बहल पेपर मिल्स लिमिटेड, काशीपुर (सीएसआर के अंतर्गत) उपलब्ध कराया गया है। यह एम्बुलेंस अत्याधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों से सुसज्जित है, जो गंभीर हृदय रोग, दुर्घटना तथा अन्य आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने में सक्षम है।

मुख्यमंत्री धामी ने अस्पताल परिसर में स्थापित नई डायलिसिस मशीन का भी निरीक्षण किया तथा उनकी कार्यप्रणाली के संबंध में चिकित्सकों से विस्तृत जानकारी ली।

इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी वार्ड) का भी भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उपचाराधीन मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय संवाद कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता तथा उपचार व्यवस्था के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, त्वरित उपचार तथा संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख चम्पावत श्रीमती अंचला बोहरा, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार, जिला महामंत्री हिमेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय केदार सिंह बृजवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।