नकल माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई, यूटीयू परीक्षा का पेपर आउट करने वाला सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार

उत्तराखंड में भर्ती एवं शैक्षणिक परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए चल रहे अभियान के तहत दून पुलिस ने नकल माफियाओं के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट करने के आरोप में शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है।

कोतवाली प्रेमनगर में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के अनुसार 8 जुलाई को आयोजित यूटीयू की सम-सेमेस्टर परीक्षा से पहले आरोपी सहायक प्रोफेसर ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न छात्रों के साथ साझा किए थे। परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रश्नपत्र का मिलान करने पर साझा किए गए प्रश्नों में काफी समानता पाई गई। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति ने भी अपनी जांच में पाया कि परीक्षा से पूर्व छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप एवं अन्य माध्यमों पर समान प्रश्न साझा किए गए थे।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साक्ष्य संकलित किए और आरोपी सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया। मामले में बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है तथा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चाहे भर्ती परीक्षाएं हों या विश्वविद्यालय की परीक्षाएं, किसी भी प्रकार की नकल, प्रश्नपत्र लीक या परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लागू सख्त नकलरोधी कानून और लगातार की जा रही कार्रवाई के परिणामस्वरूप विभिन्न मामलों में अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं एवं उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है और इस दिशा में अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।

राज्य में 1930 के रिस्पॉंस टाईम को कम करने के लिए 1930 कॉल सेंटर की मैनपावर बढ़ायी जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में साईबर क्राइम को लेकर सचिव गृह एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर प्रदेश के साईबर अपराधों की स्थिति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने प्रदेश में स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर शीघ्र स्थापित किए जाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि इसे शीघ्र से शीघ्र नोटिफाई किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना से केन्द्र राज्य एवं जनपदों के मध्य आपसी सहयोग में आसानी होगी, पीड़ितों को शीघ्र से शीघ्र राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी साईबर पुलिस स्टेशनों को भी मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने 1930 हेल्पलाईन को भी मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि 1930 के रिस्पॉंस टाईम को कम करने के लिए 1930 कॉल सेंटर की मैनपावर बढ़ायी जाए। उन्होंने प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर सिस्टम को भी मजबूत किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने ई-जीरो एफआईआर को शत-प्रतिशत एफआईआर में परिवर्तन एवं इसका सीसीटीएनएस के साथ एकीकरण कार्य में तेजी लाये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर फ्रॉड हो जाने के बाद, जानकारी के अभाव में अधिकतर लोग न तो समय से शिकायत ही कर पाते हैं और न ही मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल का लाभ लेते हुए अपनी मनी वापस ले पाते हैं। उन्होंने इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा प्रो-एक्टिव होकर पीड़ितों की सहायता उपलब्ध कराए जाने की बात कही। कहा कि शिकायत निवारण मॉड्यूल और धनराशि वापसी मॉड्यूल के प्रति जनजागरूकता लाए जाने के लिए आमजन के बीच लगातार मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से संवाद किया जाए, ताकि आमजन साइबर फ्रॉड से बच सकें और फ्रॉड हो जाने पर पीड़ित को क्या-क्या करना है, इसकी जानकारी मिल सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि शिकायत निवारण मॉड्यूल (जीआरएम) पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साईबर क्राइम के दृष्टिगत पुलिस विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की कैपेसिटी बिल्डिंग करने के साथ ही, साईबर कमांडो की संख्या बढ़ाये जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह एवं अपर सचिव गृह तृप्ति भट्ट भी उपस्थित थीं।

हेमकुंड यात्रा से जुड़े प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी कार्रवाईः बगोली

हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान हाल ही में सामने आए एक विवादित प्रकरण को लेकर उत्तराखण्ड सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले को किसी भी प्रकार से धार्मिक विवाद का स्वरूप देना उचित नहीं है। प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

सचिव गृह शैलेश बगोली ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला दोनों पक्षों के बीच विवाद एवं भावनात्मक आवेश से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में सभी धर्मों और आस्थाओं का समान सम्मान है तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत सद्भाव, शांति और परस्पर सम्मान की रही है। सरकार किसी भी कीमत पर इस सौहार्दपूर्ण वातावरण को प्रभावित नहीं होने देगी।

सचिव गृह ने बताया कि आईजी गढ़वाल को मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के निर्देश दिए गए हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से भी पूरे प्रकरण की स्टेटस रिपोर्ट तलब की गई है।

श्रद्धालुओं एवं आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में संचालित चारधाम सेल को हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ा जाएगा और यात्रा अवधि तक यह व्यवस्था 24×7 कार्य करेगी।

शैलेश बगोली ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को भ्रामक एवं सांप्रदायिक रंग देकर देवभूमि उत्तराखण्ड का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश आईजी गढ़वाल को दिए गए हैं। अफवाह, भ्रामक सूचना या सामाजिक वैमनस्य फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार एवं पुलिस प्रशासन सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान एवं सुविधाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी अप्रिय घटना या विवाद का निस्तारण विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत किया जाएगा तथा कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

सचिव गृह ने सभी श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और संबंधित पक्षों से संयम बनाए रखने तथा किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में प्रशासन और पुलिस द्वारा स्थापित वैधानिक व्यवस्था का सहारा लेने की अपील की है।

सीएम धामी की बड़ी कार्रवाई, हरिद्वार भूमि खरीद घोटाले में पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी और तत्कालीन डीएम पर मेजर पनिशमेंट की संस्तुति

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है।

प्रकरण में तत्कालीन नगर आयुक्त हरिद्वार नगर निगम वरुण चौधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर की संस्तुति की गई है। वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के समुचित निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध दीर्घ शास्ति (मेजर पनिशमेंट) अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (क्वच्ज्) को संस्तुति भेजी जा रही है।

इसके अलावा, उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने तथा उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच और ऑडिट के माध्यम से पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल कराई गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वाेपरि है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

धामी सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनधन के दुरुपयोग और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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हरिद्वार भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा एक्शन, 10 लोगों पर दर्ज होगा अभियोग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के तहत हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। विजिलेंस की विस्तृत जांच में आपराधिक षड्यंत्र एवं धोखाधड़ी के माध्यम से भूमि क्रय-विक्रय कर नगर निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर मामले में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा भूमि विक्रेताओं के विरुद्ध अभियोग दर्ज किए जाने का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन किया गया है। जांच में दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

अभियोग दर्ज किए जाने वाले व्यक्तियों में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार दयाल, तत्कालीन कर अधीक्षक लक्ष्मीकान्त भट्ट, तत्कालीन सहायक अभियन्ता एवं प्रभारी अधिशासी अभियन्ता आनन्द सिंह मिश्राण, तत्कालीन सम्पत्ति लिपिक वेदपाल तथा तत्कालीन मानचित्रकार दिनेश काण्डपाल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त भूमि विक्रेता एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों में सुमन देवी, जितेन्द्र कुमार, अभिषेक यादव तथा सुजीत कुमार सिंह के विरुद्ध भी अभियोग दर्ज किया जाएगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। शासन की प्राथमिकता पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

दून में हुई नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

सचिवालय में सचिव गृह शैलेश बगोली की अध्यक्षता में राज्य में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, कारागार, न्यायपालिका, अभियोजन एवं फॉरेंसिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

समीक्षा बैठक में सचिव गृह ने माह अगस्त 2026 के अंत तक राज्यभर में नवीन आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने क्रियान्वयन तंत्र की गहन समीक्षा करते हुए थाना स्तर पर कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने हेतु सुधारात्मक एवं विशिष्ट कार्यवाही करने के साथ ही सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग एवं ई-एफआईआर को बढ़ावा दिये जाने तथा 60 एवं 90 दिनों की निर्धारित समय-सीमा में एफआईआर की विवेचना एवं निस्तारण में सुधार लाने के भी निर्देश दिए।

इसके साथ उन्होंने सभी ऑनलाइन प्रणालियों को एकीकृत कर एक डेटा, एक प्रविष्टि के सिद्धांत को लागू करने तथा जेल एवं कारागार विभाग के बंदियों की शत-प्रतिशत न्यायालयीन पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इस संबंध में उन्होंने सभी संबंधित विभागों को उक्त दिशा-निर्देशों का समयबद्ध एवं कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है।

एलपीजी सिलेंडर कालाबाजारी पर डीएम दून ने लिया सख्त एक्शन, प्राथमिकी दर्ज

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सत्त प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है।
जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा निरंतर प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में क्यूआरटी को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सुधोवाला चौक से मांडूवाला मार्ग पर आनंदी हाउस के समीप एक मकान में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा है। सूचना का संज्ञान लेते हुए क्यूआरटी टीम द्वारा तत्काल मौके पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान मौके बरामद सामग्री को पुलिस के सहयोग से कब्जे में ले लिया गया हैं, जिनमें 19 किलोग्राम के 02 गैस सिलेंडर, 14 किलोग्राम के 04 गैस सिलेंडर, 01 इलेक्ट्रॉनिक कांटा, 01 हैंगिंग वेटिंग मशीन, 01 बांसुरी (रिफिलिंग उपकरण) जब्त किए गए हैं। मौके पर शिवम पुत्र मुकेश को अवैध रिफिलिंग कार्य करते हुए पाया गया। जांच में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 तथा एलपीजी (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। उक्त प्रकरण में संबंधित के विरुद्ध थाना प्रेमनगर में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं रिफिलिंग जैसे अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन की टीमें आगे भी जनपद में सत्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्यवाही जारी रखेंगी, जिससे उपभोक्ताओं को सुचारू एवं सुरक्षित रूप से एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 09 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 13913 से अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 1005 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।एलपीजी का घरेलू 25861 तथा व्यवसायिक का 4313 स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।

धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, देहरादून में उप शिक्षा अधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही जीरो टॉलरेंस नीति का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से जमीन पर दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में देहरादून जनपद के डोईवाला क्षेत्र में तैनात उप शिक्षा अधिकारी एवं उनकी महिला सहयोगी को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया जाना सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

इस घटना को केवल एक कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को साफ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आरटीई प्रतिपूर्ति जैसे संवेदनशील विषय में रिश्वत की मांग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर गरीब बच्चों के अधिकारों के साथ अन्याय भी है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। चाहे अधिकारी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो या मामला किसी भी विभाग से जुड़ा हो, भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर बिना किसी दबाव या संरक्षण के सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

प्रदेश में सतर्कता विभाग एवं अन्य जांच एजेंसियों द्वारा लगातार ट्रैप ऑपरेशन संचालित किए जा रहे हैं और शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लिया जा रहा है। दोषियों को रंगे हाथ पकड़कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है, जिससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही निरंतर सुदृढ़ हो रही है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व में भी स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन नीतियों को प्रभावी रूप से धरातल पर लागू करना ही प्राथमिकता है। यही कारण है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई अब तेज और परिणामकारी होती नजर आ रही है।

इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों से आम जनता का सरकार और प्रशासन पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। नागरिकों को यह भरोसा मिल रहा है कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई होगी और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा एवं रिश्वत के प्राप्त हो सकेगा।

देहरादून की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड में अब भ्रष्टाचार की कीमत चुकानी पड़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार एक स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन स्थापित करने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठा रही है, जो सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

सीएम धामी निर्देश पर पुलिस ने चलाया ऑपरेशन प्रहार, कई गिरफ्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के अन्तर्गत देहरादून पुलिस द्वारा अंतर्गत विभिन्न आपराधिक मामलों में प्रभावी कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त की गई हैं।
▪️*राजपुर क्षेत्र में हुई फायरिंग एवं हत्या की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई* करते हुए *03 अन्य अभियुक्तों—आदेश गिरी पुत्र ओमप्रकाश गिरी निवासी शिवपुरी गडीपुता, थाना गडीपुता जनपद शामली (उ0प्र0), समीर चौधरी पुत्र चरमेनदर सिंह निवासी ग्राम गदर जुड्डा, थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार तथा मोहित अरोड़ा पुत्र रमेश अरोड़ा निवासी बी-43 रामा पार्क रोड, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, नई दिल्ली*—को गिरफ्तार किया है। उक्त घटना बार में हुए विवाद के बाद दो पक्षों के बीच रोड रेंज करते हुए पीछा करने के दौरान हुई फायरिंग से संबंधित है, जिसमें मॉर्निंग वॉक पर जा रहे एक वृद्ध व्यक्ति की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी। *प्रकरण में पूर्व में भी 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,* जबकि अन्य की गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिश दी जा रही है।
▪️इसके अतिरिक्त, *महाराष्ट्र के रायगढ़ जनपद के अलीबाग क्षेत्र में हुई 18.5 लाख रुपये की डकैती के मामले में फरार* चल रहे अभियुक्त योगेश रमेश लहारे पुत्र रमेश लहारे निवासी पडसगांव बुधरु, थाना मानगांव, जिला रायगढ़ (महाराष्ट्र) उम्र 31 वर्ष को दून पुलिस एवं महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे *सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र एवं सघन चेकिंग अभियान के माध्यम से चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया।* आवश्यक विधिक कार्यवाही उपरांत अभियुक्त को महाराष्ट्र पुलिस के सुपुर्द किया गया।
▪️इसी क्रम में, उड़ीसा के कटक जनपद से जेल तोड़कर फरार हुए 01 लाख रुपये के इनामी अपराधी राजा साहनी पुत्र महेश साहनी निवासी लोदिया नगर, थाना मीरगंज, जिला बेगूसराय (बिहार), उम्र 34 वर्ष को भी ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु उड़ीसा पुलिस से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों द्वारा सीसीटीवी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसके फलस्वरूप *अभियुक्त को टिहरी एवं देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा वाहन सहित घेराबंदी कर पकड़ा गया।* अभियुक्त के विरुद्ध विभिन्न प्रांतों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनके संबंध में विस्तृत जानकारी संकलित की जा रही है।

जनपद देहरादून पुलिस द्वारा ट्रैफिक पुलिस एवं कैंटोनमेंट बोर्ड के सहयोग से *डाकरा बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध सघन अभियान* चलाया गया। अभियान के दौरान सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाते हुए *06 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 83 पुलिस एक्ट एवं 14 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 81 पुलिस एक्ट* के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की गई।
इसके अतिरिक्त, नो पार्किंग जोन एवं फुटपाथ पर खड़े 08 वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाकर कोतवाली कैंट लाया गया तथा संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया।

*डीजीपी उत्तराखंड दीपम सेठ ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत पूरे प्रदेश में* पुलिस टीमों द्वारा व्यापक स्तर पर *सघन चेकिंग एवं सत्यापन अभियान* चलाया जा रहा है। विभिन्न *बैरियर एवं संवेदनशील स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की गहन जांच* की जा रही है, साथ ही *जनसुरक्षा के दृष्टिगत पीजी, हॉस्टल, होटल, आश्रम एवं धर्मशालाओं में ठहरने वाले व्यक्तियों का सत्यापन* किया जा रहा है। *यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध निरंतर चालान एवं वैधानिक कार्यवाही* की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, *नियमों का उल्लंघन करने वाले पब एवं बार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है,* जबकि शहरों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाकर कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता फैला रही द केरला स्टोरी 2 फिल्म: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉल ऑफ देहरादून में बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता का एक सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और जनसंख्या संतुलन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर एक ऐतिहासिक पहल की है, जो समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे अवैध और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कानून समाज में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जागरूक रहें और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की फिल्में समाज को सोचने और समझने का अवसर देती हैं, और सरकार ऐसे हर प्रयास का समर्थन करती है।

इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधि थे।

अज्ञात ईमेल के जरिए देहरादून कोर्ट को बम से उड़ाने की मिली धमकी, पुलिस सक्रिय

देहरादून जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह जानकारी अज्ञात ईमेल के जरिए देहरादून जिला न्यायाधीश के मेल पर प्राप्त हुई। सूत्रों के मुताबिक ईमेल की जिम्मेदारी पाकिस्तान की आईएसआई ने ली है। इस संबंध में देहरादून जिला जज न्यायमूर्ति प्रेम सिंह खिमल ने एसएसपी देहरादून को लिखित में जानकारी देकर कार्यवाही करने को कहा है।

जानकारी के मुताबिक बीते रोज अज्ञात ईमेल के जरिए देहरादून न्यायालय के मेल पर एक सूचना प्राप्त हुई। जिसमें कोर्ट परिसर में पांच आरडीएक्स से बम ब्लास्ट की धमकी दी गई है।

धमकी से भरे ईमेल में लिखा है कि बम पहले से ही परिसर के महत्वपूर्ण स्थानों पर रखे जा चुके हैं। दोपहर के भोजन के समय 1 या 2 सदस्य जज के कार्यालय के निकट आएंगे और जैसे ही ब्रांच-आईएसआई के सदस्य, जो रिमोट कंट्रोल ट्रिगर लिए हुए हैं, परिसर के 100 फीट के दायरे में आएंगे, IED अपने आप फट जाएंगे। यदि किसी कारणवश वे सक्रिय नहीं होते हैं, तो सदस्य स्वयं इमारत के अंदर आकर खुद को और सभी कर्मचारियों को श्रीलंका के ईस्टर ऑपरेशन की तरह ही उड़ा लेंगे। हम एक संदेश देना चाहते हैं और आपका कोर्ट फिलहाल सबसे आसान निशाना है।