अल्मोड़ा से सीएम धामी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान’ से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा के गरुड़ाबाज मैदान में हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृहद पौधारोपण कार्यक्रम तथा ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया तथा बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि सरकार जागेश्वर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए संकल्पित है। कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। यदि हम लगाए गए पौधों की जिम्मेदारी भी निभाएं तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और हरित पर्यावरण प्रदान कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध जागेश्वर एवं जागेश्वर धाम में पूजा-अर्चना कर उन्हें अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति एवं नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि यही ऊर्जा उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पहचान एवं परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून तथा कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया है। आज उत्तराखंड देश के अन्य राज्यों के लिए अनेक क्षेत्रों में प्रेरणा का केंद्र बना है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ‘‘सेवा, सुशासन और समर्पण’’ के पाँच वर्ष पूर्ण किए हैं। इस अवसर पर प्रदेशभर में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान चलाकर सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व एवं बौद्धिक परंपरा के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां के प्रतिभाशाली लोगों ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है। राज्य सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन के विकास तथा स्थानीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर ’केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा’ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सड़क, रेल, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से पर्वतीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है और अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंच रही है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक से पौधारोपण एवं उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

’कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत’ ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने बीते पाँच वर्षों में विकास के अनेक नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सतत विकास लक्ष्यों, प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हरेला पर्व को जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सशक्त अभियान बताते हुए अधिकाधिक पौधारोपण का आह्वान किया।

’विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा’ ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के प्रति विशेष आत्मीय लगाव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल में लगभग 25 बार जागेश्वर क्षेत्र का भ्रमण कर चुके हैं, जो इस क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र के लिए की गई विकासपरक घोषणाओं के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टालों का अवलोकन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने विभागीय शिविरों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।

इस दौरान विधायक रानीखेत, डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री गोविंद पिलख्वाल, कुंदन लटवाल, भावना मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, पलायन निवारण आयोग सदस्य अनिल सिंह साही, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष एवं सदस्य जिला पंचायत महेश नयाल, प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल, सचिव उत्तराखंड शासन दिलीप जावलकर, अपर सचिव हिमांशु खुराना, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आम जनमानस उपस्थित रहे।

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं –

1. वृद्ध जागेश्वर का समग्र विकास किया जाएगा।

2. वृद्ध जागेश्वर मंदिर तक पेयजल योजना बनाई जाएगी।

3. जागेश्वर धाम के पौराणिक महत्व की धरोहरों विशेषकर ऐरावत गुफा, जटा गंगा उद्गम स्थल कोटिलिंग, कोटली स्थित शिव पौ (पाव) के साथ साथ आरतोला से जागेश्वर तक मोटर मार्ग किनारे स्थित मंदिरों का पर्यटन की दृष्टि से समग्र विकास किया जाएगा।
4. आरतोला के पास एक राज्य अतिथि गृह का निर्माण किया जायेगा।
5. जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर एवं आरतोला क्षेत्र में नए मोबाइल टावरों की स्थापाना का कार्य किया जाएगा।
6. आरतोला स्थित पार्किंग को मल्टी लेवल पार्किंग किया जायेगा।
7. आरतोला से जागेश्वर सड़क मार्ग में आरसीसी नाली तथा सड़क के सोल्डर को पेव्ड किया जायेगा जिससे बिना वृक्षों के पातन के सड़क की वाहन ले जाने की क्षमता में वृद्धि होगी।
8. दनया डिग्री कॉलेज में एमए की कक्षाएं शुरू की जाएंगी।

लोकपर्व हरेला पर सीएम धामी ने किया श्रावणी मेले का शुभारंभ, पौधरोपण कर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पारंपरिक विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जागेश्वर धाम के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जन-कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले के सफल एवं सकुशल आयोजन की मंगलकामना करते हुए प्रदेशवासियों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंध का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागेश्वर मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

श्रावणी मेले के उद्घाटन अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां आकर प्रत्येक व्यक्ति दिव्य ऊर्जा एवं आध्यात्मिक शांति का अनुभव करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी जागेश्वर धाम की पावन भूमि से सदैव नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्राप्त होती है। यही दिव्य ऊर्जा उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उनकी मूल सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर मास्टर प्लान के अंतर्गत लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से जागेश्वर धाम का सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इस परियोजना में मंदिर परिसर की प्राचीन गरिमा एवं मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा क्षेत्र की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर धाम आगमन के बाद देशभर के श्रद्धालुओं में इस पवित्र धाम के प्रति विशेष आकर्षण बढ़ा है। इसका परिणाम है कि पिछले दो महीनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालु जागेश्वर धाम पहुंच चुके हैं। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन एवं स्वरोजगार को व्यापक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र के साथ उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से धार्मिक पर्यटन, आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता एवं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड शीघ्र ही देश के अग्रणी एवं सर्वश्रेष्ठ राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले में आए श्रद्धालुओं से आस्था, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता, प्राकृतिक संपदा एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। श्रावणी मेला हमारी समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति एवं सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है, जिसे और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर एस, जागेश्वर मंदिर समिति के पदाधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, स्थानीय लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावणी मेला शुभारंभ के साक्षी बने।

सीएम धामी ने दन्या में राजकीय महाविद्यालय में नवनिर्मित भवन का का किया लोकार्पण

मुख्य घोषणाएं

’ शहीद बीरेश्वर गोस्वामी के नाम पर अल्मोड़ा में भव्य द्वार का निर्माण किया जाएगा।
’ चमतोला खेल मैदान का निर्माण किया जाएगा।
’ राजकीय महाविद्यालय गरुड़ाबाँज में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।
’ जीआईसी गरुड़ाबाँज में चार अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण किया जाएगा।
’ प्रेम मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर स्थल का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
’ खेती जटेश्वर मोटर मार्ग के कचौरी नामक स्थान से कलूटा पोलिंग बूथ तक मोटर मार्ग बनाया जाएगा।
’ राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चगेठी का उच्चीकरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दन्या स्थित रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के समस्त क्षेत्रों का समेकित विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास एवं समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है तथा उत्तराखण्ड भी तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है तथा केदारखंड और मानसखंड में पर्यटन गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक राज्य में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम के मूल स्वरूप को संरक्षित रखते हुए जागेश्वर मास्टर प्लान के माध्यम से वहां विकास एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। पार्किंग क्षमता बढ़ाने के साथ ही धाम को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धामों के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा आयुर्वेद एवं योग आधारित पर्यटन के क्षेत्र में भी व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ की अवधारणा के तहत मेलों और स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान दी जा रही है, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं और प्रदेश आर्थिक रूप से लगातार मजबूत हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि नक़ल विरोधी कानून के माध्यम से युवाओं का पारदर्शी भर्ती परीक्षाओं में विश्वास पुनः स्थापित हुआ है तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश का समग्र विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना है।

जनसभा के उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दन्या निवासी पवन पंत के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सहभाग करते हुए कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

कार्यक्रम में विधायक मोहन सिंह महरा, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, दर्जा राज्य मंत्री गंगा बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

राज्य में किसानों के हित में हो रहा कार्य, बढ़ रही है आयः मुख्यमंत्री

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा किसानों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। मोटे अनाजों विशेषकर मांडुआ, झंगोरा, चौलाई एवं अन्य पारंपरिक फसलों के संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्मोड़ा की धरती पर किसानों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि मां के समान पूजनीय है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और खेतों को रासायनिक पदार्थों से यथासंभव मुक्त रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्राविधान भी किया है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक शोध के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के ष्मन की बातष् कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोटे अनाजों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में देश में उत्तराखंड का नाम प्रथम श्रेणी में आना सरकार की नीतियों की सफलता का जीता जागता उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों से केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। उन्होंने किसानों से अपनी खेती और मिट्टी का परीक्षण कराने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने घोषणा भी की।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है तथा अब तक सरकारी विभागों में 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी तथा मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई गई हैं। खेती का क्षेत्रफल घटने के बावजूद कृषि उत्पादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों को बचाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण संभव है।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपदवासियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, निदेशक कृषि, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।

हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अल्मोड़ा पहुंचकर करीब 138 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना विवि के नवीन प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा को विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, नगर विकास एवं ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेशभर में सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था एवं पेयजल योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जनपद सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के पूर्ण होने से जनपदवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा की जनता को इन विकास कार्यों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि उत्तराखंड सरकार जनसेवा एवं प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

यहां केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, कुलपति एसएसजे विवि सतपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के सहित जनप्रतिनिधि, विवि प्रशासन के अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी अल्मोड़ा।

*लोकार्पण एवं शिलान्यास का विवरण*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 138.092 करोड़ रू0 की योजनाओं का लोकापर्ण एवं शिलान्यास किया गया जिनमें 112.113 करोड़ रू0 का लोकार्पण एवं 25.979 करोड़ रू0 की योजनाओं का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें तहसील रानीखेत में क्षतिग्रस्त आवास एवं कांफ्रेन्स हॉल निर्माण कार्य लागत 4.141 करोड़ रू0, राजकीय महिला पॉलीटेक्निक अल्मोड़ा में बाउण्ड्रीवाल लागत 3.833 करोड रू0़, जनपद अल्मोड़ा में भैरव मन्दिर अन्तर्गत अल्मोड़ा में एक पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 2.867 करोड़ रू0, जी0आई0सी0 अल्मोड़ा में बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 4.850 करोड़ रू0, अल्मोड़ा में के0एम0ओ0यू0 बस स्टैण्ड में बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 3.295 करोड़ रू0, चचरोटी-खटलगॉव-दीपामाई ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना लागत रू0 9.919 करोड़ रू0, बदनगढ़ भौनडांडा ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना लागत 14.265 करोड़ रू0, शीतलाखेत-कठपुड़िया-दौलाघट मोटर मार्ग का सुधारीकरण लागत 10.081 करोड़ रू0, सोनी-तिलालीखेत मोटर मार्ग सुधारीकरण लागत 5.286 करोड़ रू0, रानीखेत-बुचड़ी-पन्त कोटुली से गगास मोटर मार्ग का सुधारीकरण लागत 9.946 करोड़ रू0, राजकीय कन्या इण्टर कालेज सारकोट लागत 1.346 करोड़ रू0, चौखुटिया में कुथलाड़ नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य लागत 2.933 करोड़ रू0, विकासखण्ड स्याल्दे में ग्राम सियानगर, स्याल्दे बाजार एवं विनोद नदी से बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य लागत 6.749 करोड़ रू0, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लमगड़ा में ट्रान्जिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 1.980 करोड़ रू0, जागेश्वर में चायखान-थुवासिमल मोटर मार्ग के किमी0 10 से निरई ग्राम पंचायत तक 02 किमी0 सड़क का डामरीकरण व अन्य कार्य लागत 1.784 करोड़ रू0, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के प्रशासनिक भवन एवं कुलपति आवास का निर्माण कार्य लागत 25.226 करोड़ रू0, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के प्रशासनिक भवन एवं कुलपति आवास के अतिरिक्त निर्माण कार्य लागत 3.612 करोड़ रू0 है।

*मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें* गोविन्दपुर, दौलाघट में बैराज निर्माण कार्य लागत 2.058 करोड़ रू0, दन्या बाजार में स्थित श्री सैम देवता मन्दिर के सौन्दर्यीकरण का कार्य लागत 1.842 करोड़ रू0, विधानसभा चौखुटिया में राजकीय इण्टर कालेज महाकालेश्वर में 04 कक्षा-कक्षों का निर्माण कार्य लागत 1.000करोड़ रू0 , विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा के एन0टी0डी0-कफड़खान-धौलछीना एमडीआर मोटर मार्ग के किमी0 01 से 11 में सुधारीकरण/डामरीकरण का कार्य लागत 8.403 करोड़ रू0, विकासखण्ड द्वाराहाट के अन्तर्गत मजखाली दिगोटी से मजेठी मोटर मार्ग में डामरीकरण का कार्य लागत 2.165 करोड़ रू0, अल्मोड़ा-खूॅट मोटर मार्ग के अवशेष भाग में सुधारीकरण/डामरीकरण का कार्य लागत 1.161 करोड़ रू0, विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर के अन्तर्गत मोरनौला-जैंती मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण का कार्य लागत 4.263 करोड़ रू0, विकासखण्ड लमगड़ा के अन्तर्गत पेटशाल-बमनस्वाल से कपकोट मोटर मार्ग के मरम्मत हेतु वन टाईम मेन्टेनेन्स का कार्य लागत 3.096 करोड़ रू0, विकासखण्ड लगमड़ा अन्तर्गत थुवासिमल-बिनौला से कुंज-आरा-लोहाना मोटर मार्ग का वन टाईम मेन्टेनेन्स का कार्य लागत 1.992 करोड़ रुपए है।

मुख्यमंत्री धामी ने एचीवर्स अवार्ड में उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का दोहराया संकल्प

राज्य स्तरीय एसडीजी एचीवर्स अवार्ड समारोह अल्मोड़ा के उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस वर्ष के लिए 32 संगठनों, व्यक्तियों, समूहों को उनके द्वारा किए गए नवाचारी एवं सतत पहलों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में 6 जनपदों को शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत विजेताओं को बधाई दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसडीजी अचीवर्स अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह अवसर उन सभी व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित करने का है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार, उत्कृष्ट कार्य एवं समाजहित में अनुकरणीय योगदान दिया है। उन्होंने सभी महानुभावों एवं संस्थाओं का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि ऐसे कर्मयोगियों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गौरव का विषय है, जिन्होंने अपने समर्पण, परिश्रम और संकल्प के बल पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 32 ऊर्जावान औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों ने यह सिद्ध किया है कि मजबूत इरादों और सीमित संसाधनों के बावजूद असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं तथा साधारण से असाधारण की यात्रा तय की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य को प्रत्येक वर्ष अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जब पर्यावरण और विकास साथ-साथ चलते हैं तभी संतुलित एवं स्थायी विकास संभव होता है। यदि दोनों अलग-अलग हो जाएं तो विकास अधूरा रह जाता है। इकोलॉजी और इकोनॉमी की इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तराखंड 10वें स्थान पर था, जबकि ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज राज्य पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अभी भी कई ऐसे पैरामीटर हैं जिनमें और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है तथा सरकार उन क्षेत्रों में भी तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन, गरीब कल्याण, सीमांत क्षेत्रों के विकास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि एसडीजी में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की विकास यात्रा सही दिशा में आगे बढ़ रही है। विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा प्रदेश के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र के लिए विशेष नीति बनाए जाने से राज्य के समग्र विकास को गति मिली है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की जीडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा प्रति व्यक्ति आय में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर उत्तराखंड ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में उद्योग, स्टार्टअप, हेलीकॉप्टर सेवा, हाईवे निर्माण, ग्रीन एनर्जी एवं बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में हुए सकारात्मक बदलावों का ही परिणाम है कि राज्य में रिवर्स पलायन में वृद्धि दर्ज की गई है। अब लोग अपने पैतृक गांवों की ओर लौट रहे हैं तथा स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के रोजगार एवं स्वरोजगार अपनाकर प्रदेश के विकास में भागीदारी निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि एसडीजी रैंकिंग में राज्य का श्रेष्ठ स्थान आना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राज्य के प्रति लिए गए संकल्पों का परिणाम है। यह हमारे लिए गौरव की बात है जिसे हमारे राज्य के कर्मयोगियों ने सफल किया है।

प्रमुख सचिव नियोजन तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) डॉ आर मीनाक्षी सुन्दरम ने एसडीजी की अवधारणा आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा एसडीजी अचीवर्स अवार्ड प्राप्त करने वाले अवॉर्डियों का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य को एसडीजी रैंकिंग में मिले पहले स्थान के लिए किए गए प्रयासों एवं उपलब्धियों को भी विस्तार से बताया।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जनपद का समग्र विकास हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जनपद की जनता को लाभान्वित करना, उनका जीवन स्तर ऊंचा करना हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कार्यक्रम के लिए पधारे अतिथियों, विजेताओं और आम जनमानस का धन्यवाद ज्ञापित किया।

उल्लेखनीय है कि स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में *प्रथम* स्थान रुद्रप्रयाग को मिला। *द्वितीय* स्थान उत्तरकाशी तथा नैनीताल ने प्राप्त किया। *तृतीय* स्थान पर बागेश्वर, चमोली तथा टिहरी शामिल हैं।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जधारी राज्य मंत्री गंगा बिष्ट और गोविंद पिलख्वाल, सदस्य पलायन आयोग अनिल सिंह साही, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल , मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) मनोज पंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम जनमानस एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने किए मां राजेश्वरी के दर्शन, 1100 कन्याओं का अभिषेक कर श्री पीठम स्थापना महोत्सव में किया प्रतिभाग

अल्मोड़ा जनपद के डोल स्थित आश्रम में आयोजित श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम न्यास के श्री पीठम स्थापना महोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 1100 कन्याओं का पूजन कर माँ राजेश्वरी का अभिषेक एवं पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

डोल आश्रम में आगमन पर मुख्यमंत्री द्वारा आश्रम परिसर में स्थापित श्रीयंत्र एवं यहां संचालित आध्यात्मिक गतिविधियों का अवलोकन किया गया। उन्होंने कहा कि यहाँ स्थापित दुनिया के सबसे बड़े श्रीयंत्र को देखकर एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि बाबा कल्याणदास की साधना एवं तपस्या के कारण यह स्थान आज पूरे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। साथ ही उन्होंने बाबा कल्याणदास द्वारा वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक चेतना के प्रसार हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आश्रम धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक साधना एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और चारधाम यात्रा में प्रतिवर्ष बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या प्रदेश में विकसित हो रही बेहतर व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं का परिणाम है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सदन में सीएम ने की घोषणा, अल्मोड़ा में खुलेगा लेंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर

विदेशी भाषाएं सीखकर विभिन्न देशों में नौकरी करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत वर्तमान में सिर्फ एक सेंटर है। यह सेंटर वर्ष 2023 से देहरादून में संचालित है। अल्मोड़ा में सेंटर खुलने के बाद इस तरह के सेंटरों की प्रदेश में संख्या दो हो जाएगी।

राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से मुख्यमंत्री कौशल उन्ययन एवं वैश्विक रोजगार योजना को शुरू किया है। इसके अंतर्गत देहरादून में पहला लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है, जिसमें विभिन्न भाषाओं का बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यहीं से उनकी नौकरी की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इसका लाभ मिल सके। शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सरकार की ओर से अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की।

*बच्चों की ट्रेनिंग पर सीएम गंभीर, बजट बढ़ाया*
इस योजना में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लाभ पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काफी गंभीर है। यही वजह है कि इस योजना में ट्रेनिंग का जो बजट सिर्फ 75 लाख रूपये का था, उसे इस बार 3.3 करोड़ रूपये कर दिया गया है। कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के चलते अब और ज्यादा बच्चों को ट्रेनिंग का लाभ मिल पाएगा।

कौशल विकासः व्यवस्था और अवसर

147
बच्चों को अभी तक दिया गया विदेशी भाषा का प्रशिक्षण
92
बच्चों की विभिन्न देशों में अभी तक लग चुकी है नौकरी
08
से 10 माह का बच्चों को दिया जाता है सेंटर में प्रशिक्षण
16
अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से दिया जा रहा है प्रशिक्षण
10
और बच्चों के लिए सऊदी अरब में है नौकरी का प्र्रस्ताव

*सऊदी अरब में सेवारत 30 बच्चे सुरक्षित*
पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात के बीच राज्य सरकार उन लोगों की भी पूरी चिंता कर रही है, जिन्हें इस योजना के माध्यम से विदेशों में नौकरी मिली है। सदन में कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि सऊदी अरब में सेवारत लोगों से बात हुई है और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

न्यायालय के निर्णय से 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों को मिला रोजगार का संबल

अल्मोड़ा स्थित मैग्नेसाइट उद्योग को उच्च न्यायालय से चार माह के लिए पुनः संचालन की अनुमति प्राप्त हो गई है।

इस महत्वपूर्ण निर्णय से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े लगभग 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों को राहत एवं संतोष मिला है। लंबे समय से उद्योग बंद होने के कारण प्रभावित परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया था |

राज्य सरकार के सतत प्रयासों के फलस्वरूप उद्योग द्वारा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) से सीटीओ (Consent to Operate) प्राप्त किया गया। इसके उपरांत माननीय उच्च न्यायालय ने उद्योग एवं उससे जुड़े श्रमिकों और परिवारों के व्यापक हित को दृष्टिगत रखते हुए पुनः संचालन की अनुमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के संरक्षण, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और स्थानीय रोजगार सृजन—तीनों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर स्तर पर सकारात्मक पहल कर रही है।

सीएम ने शोक जताकर अल्मोड़ा बस हादसे के मृतकों की आत्मशांति की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा में भिकियासैंण से रामनगर जा रही बस के भिकियासैंण–विनायक मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगतों की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

मुख्यमंत्री धामी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि हादसे में घायल सभी यात्रियों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है तथा गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं इस पूरे प्रकरण की लगातार निगरानी कर रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।