मुख्यमंत्री धामी ने टिहरी जनपद के पिलखी क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने आज मुलाकात की | मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी | मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनपद टिहरी गढ़वाल के पिलखी क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पिलखी (Type-B) को 30 शैय्यायुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) के रूप में उच्चीकृत किया गया है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है | इस उच्चीकरण के साथ, शासन द्वारा कुल 36 पदों (26 नियमित + 10 आउटसोर्सिंग) का सृजन किया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में कोई बाधा न आए और क्षेत्र की जनता को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों। ये सभी पद अस्थायी रूप से 28 फरवरी 2026 तक स्वीकृत किए गए हैं, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार आगे बढ़ाया भी जा सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा “हमारी सरकार का लक्ष्य है कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को उसी स्तर पर विकसित किया जाए, जैसा मैदानों में उपलब्ध है। पिलखी क्षेत्र के लिए 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति वहाँ के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगी। पदों का सृजन स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी उपलब्ध कराएगा।”

उन्होंने आगे कहा “पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारी सरकार ‘हर घर स्वास्थ्य, हर व्यक्ति स्वस्थ’ के संकल्प के साथ तेजी से काम कर रही है। पिलखी क्षेत्र में यह निर्णय लोगों की लंबी प्रतीक्षा को समाप्त करेगा और निकट भविष्य में बेहतर चिकित्सा ढाँचे का लाभ मिलेगा।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा “सरकार का संकल्प स्पष्ट है—प्रदेश का कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। घनसाली क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और पिलखी स्वास्थ्य केंद्र को चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जाएगा। आवश्यक पदों की तैनाती, भवन सुधार एवं चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।”

इस अवसर पर घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा संयोजक मण्डल से संजीव आर्य, विक्रम कपाल, अनुग्रह लाल शाह, अनुग्रह लाल शाह, गोविन्द दिगारी, सुनीता पवार, कमला पंवार, अनुग्रह कपाल व अंकित नौडियाल उपस्थित रहे |

राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के साथ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा तैयार की गई ‘मेरी योजना’ पुस्तकों पर विचार गोष्ठी में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मेरी योजना पोर्टल उत्तराखण्ड (myscheme.gov.in) का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना मार्गदर्शिका पुस्तक के “मेरी योजना”, “मेरी योजना- राज्य सरकार” तथा “मेरी योजना – केंद्र सरकार” तीनों संस्करणों के माध्यम से राज्य का प्रत्येक नागरिक केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है और उनका लाभ उठा सकता है। जिस उद्देश्य से इन पुस्तकों का प्रकाशन कराया गया है, उस दिशा में हमारे प्रयास सार्थक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही उसका लाभ राज्य के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना है। ये पुस्तकें लाभार्थियों को योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान करने के साथ – साथ आवेदकों को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज व पात्रता संबंधी जानकारी भी प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में एक नई कार्य संस्कृति की स्थापना करते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकेंद्रित नीतियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आज जनता से जुड़ी योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाया जाता है। राज्य सरकार भी सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के साथ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली विभिन्न पेंशन योजनाओं की धनराशि लोगों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति के खाते में आ जाए, इसकी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है। जहां एक ओर राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं, वहीं, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के स्वप्न को साकार करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। सरकार राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ रहे हैं। ’हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से हमारे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिल रही है। ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहल के माध्यम से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि राज्य के स्थानीय उत्पादों और लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों में प्रदान किये जाने वाले स्मृति चिन्ह राज्य में निर्मित उत्पादों के ही हों। इस प्रकार के छोटे-छोटे प्रयासों से हमारे कारीगरों, मातृ शक्ति, हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे जब भी किसी कार्यक्रम में जाते हैं या देशभर में महानुभावों से भेंट के दौरान भी उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पाद ही भेंट करते हैं।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से यह एक सराहनीय प्रयास है। एकीकृत पोर्टल के माध्यम से पात्र लोगों को सरकार की सभी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल पायेगा। यह अंत्योदय की भावना का बड़ा उदाहरण है।

सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार ने कहा कि कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग का मुख्य उद्देश्य योजनाओं और सेवाओं का सरल तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचाना है। मेरी योजना के तीन संस्करणों के माध्यम से राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। योजनाओं के लिए पात्रता और प्रक्रिया पर विशेष फोकस किया गया है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी, जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में पहली बार, विज्ञान को नई दिशा देने वाली पहलें, विज्ञान रेडियो को स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य में पहली बार शुरू की गई अनेक पहलें विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने में ऐतिहासिक सिद्ध हो रही हैं।

विज्ञान रेडियो 88.8 MHz की स्वीकृति

राज्य में पहली बार विज्ञान रेडियो 88.8 MHz को स्वीकृति मिली है। यह पहल विज्ञान को सरल, रोचक और जनहितकारी स्वरूप में प्रत्येक घर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

She for STEM’ कार्यक्रम का शुभारंभ

महिलाओं और छात्राओं को STEM क्षेत्रों में प्रेरित करने हेतु पहली बार She for STEM कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया, जिसके माध्यम से हजारों छात्राओं को मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण मिल रहा है।

राज्य के सभी 13 जनपदों में पहली बार एक-एक मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला Lab on Wheels संचालित होने लगी है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगात्मक शिक्षा उपलब्ध हो रही है।

60 पेटेंट सूचना केंद्रों की स्थापना
राज्य के महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में पहली बार 60 पेटेंट सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो नवाचार, शोध एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं।

पहली बार राज्य के सभी जनपदों और ब्लॉकों में साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग आयोजित की जा रही है, जिसमें हजारों छात्र शामिल होकर विज्ञान के प्रति प्रतिस्पर्धात्मक और रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित कर रहे हैं।

उत्तराखण्ड में विज्ञान और नवाचार को जनआंदोलन बनाने का हमारा संकल्प अब साकार रूप ले रहा है। UCOST द्वारा पहली बार शुरू की गई ये पहलें न सिर्फ हमारे युवाओं को नई दिशा दे रही हैं, बल्कि विकसित उत्तराखण्ड @2027 और विकसित भारत @2047 के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। हम चाहते हैं कि विज्ञान की रोशनी हर गांव, हर स्कूल और हर घर तक पहुँचे। हमारी सरकार युवा वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, स्टार्टअप्स और विशेष रूप से बेटियों को STEM क्षेत्रों में अग्रसर करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड आने वाले समय में विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में देश का प्रेरक राज्य होगा।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

मुख्य सचिव ने चम्पावत के खेल प्रतिभाओं को किया सम्मानित

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत जनपद की उभरती खेल प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया।

इस अवसर पर विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों एवं कोच को मेडल एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्य सचिव ने चम्पावत की उभरती (नेशनल) प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए प्रिंस खोलिया (ब्रॉन्ज मेडल), दीपांशु जोशी (सिल्वर मेडल), अक्षत बोहरा (ब्रॉन्ज मेडल), अंशिका धामी (नॉर्थ इंडिया गोल्ड मेडल) और हर्षित थापा (जूनियर नेशनल ब्रॉन्ज मेडल) को एक साथ सम्मानित किया।

इसके साथ ही अर्जुन सिंह एवं तुषार भट्ट को विद्यालय स्तर से नेशनल प्रतियोगिताओं हेतु चयनित होने पर सम्मानित किया गया।

मुख्य सचिव ने खिलाड़ियों के व्यक्तिगत कोच ललित कुंवर एवं कराटे कोच विजय रावत को भी खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु शॉल एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन सिंह बिष्ट को भी खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु मुख्य सचिव ने बूम फॉरेस्ट गेस्ट हाउस परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत हरसिंगार (पारिजात) का पौधा रोपा।

कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत ने भी इस अवसर पर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि खेल और पर्यावरण-दोनों ही क्षेत्र समाज को नई दिशा देते हैं, इसलिए युवाओं को स्वस्थ वातावरण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

इस दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

सीएम के वीडियो कॉल पर वार्ता के बाद चौखुटिया में चल रहा आंदोलन हुआ समाप्त

चौखुटिया में उप जिला चिकित्सालय की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन आज मुख्यमंत्री से वीडियो कॉल पर हुई विस्तृत वार्ता के बाद 20 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। आंदोलनकारियों से वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी प्रमुख मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपजिला चिकित्सालय के लिए आवश्यक टोकन मनी शीघ्र जारी की जाएगी, जिससे अस्पताल से संबंधित प्रक्रियाएँ तेज़ी से आगे बढ़ सकें। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

मुख्यमंत्री द्वारा यह भरोसा दिया गया है कि चौखुटिया क्षेत्र की सभी जायज़ मांगों को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता हैस आंदोलनकारी द्वारा उनका धन्यवाद भी किया गयास।

वीडियो वार्ता के दौरान आंदोलनकारियों के प्रतिनिधि भुवन कठायत, अशोक कुमार एवं उप जिलाधिकारी सुनील कुमार राज सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक का सीएम धामी ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में “उत्तराखण्ड @25ः लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक के विमोचन किया। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र तथा भारतीय लोक प्रशासन संस्थान द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में उत्तराखंड राज्य स्थापना के गौरवशाली 25 वर्षों की विकास यात्रा, उपलब्धियों और अनुभवों के संकलन के साथ ही आने वाले 25 वर्षों में किन क्षेत्रों में कार्य करने की अपार संभावनाएं हैं, इस पर लेखकों ने विस्तारपूर्वक लेख लिखे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक राज्य की अब तक की प्रगति पर उत्कृष्ट विश्लेषण प्रस्तुत करने के साथ ही आने वाले समय में राज्य के समग्र विकास को एक नई दिशा भी प्रदान करेगी। पुस्तक में शासन-प्रशासन, आर्थिक विकास, पर्यावरण संतुलन, ग्रामीण पलायन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, कृषि, संस्कृति और पत्रकारिता जैसे अत्यंत महत्त्वपूर्ण विषयों पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने गहन विचार प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक नीति-निर्माण और शोधकर्ताओं के लिए लाभदायक सिद्ध होगी और उत्तराखंड के सतत, समावेशी और समग्र विकास की दिशा में योगदान देने के लिए लोगों को प्रेरणा देगी। इसके प्रकाशन के लिए उन्होंने दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र तथा भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के पदाधिकारियों, लेखकों और संपादक मंडल का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में राज्य ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की । नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास लक्ष्यों में राज्य को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में “अचीवर्स” और स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर्स” की श्रेणी प्राप्त हुई है। बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई। राज्य को लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस में “अचीवर्स” श्रेणी और सिंगल विंडो सिस्टम में “टॉप अचीवर्स” की श्रेणी हासिल हुई है। पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य को अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। मत्स्य विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार और किसानों की आय की वृद्धि दर में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता लागू करने का गौरव भी उत्तराखंड को ही प्राप्त हुआ है।

“उत्तराखण्ड @ 25ः लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक में राज्य की विकास यात्रा, चुनौतियों और संभावनाओं पर 28 लेख लिखे गये हैं। जिनमें कुल 31 लेखकों और सह लेखकों ने योगदान दिया है।

इस अवसर पर पुस्तक के मुख्य संपादक एन.एस. नपलच्याल, संपादक एन.रवि शंकर एवं डॉ. सुधारानी पांडेय, दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के अध्यक्ष प्रो. बी.के. चौधरी, पूर्व मुख्य सचिव इन्दु कुमार पाण्डेय, राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े महानुभाव उपस्थित थे

सीएम ने वित्तीय अनियमितता मामले पर उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में जांच के दिए आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासकीय व वित्तीय अधिकारों के दुरुपयोग के मामले में सख्त कदम उठाते हुए उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से संबंधित मामले की सतर्कता विभाग से खुली जांच कराए जाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में पत्रावली पर भी अनुमोदन प्रदान कर दिया हैं।

उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में विगत वर्षों में रू. 13.10 करोड़ के भुगतान में प्रशासकीय व वित्तीय अधिकारों के दुरुपयोग होने का मामला सामने आया था। शासन के द्वारा इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कराये जाने का निश्चय किया गया था। इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान कर सतर्कता विभाग से खुली जांच कराये जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सीएम द्वारा रू. 188.90 करोड़ की विकास योजनाओं तथा आपदा प्रबंधन कार्यों की स्वीकृतियों का अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिए रू. 188.90 करोड़ की लागत की स्वीकृतियां प्रदान की हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के अर्न्तगत गर्जिया (घुघुतीधार)-बेतालघाट-खैरना-ओड़ाखान-भटेलिया-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-62) के कि.मी. 1 से 30 तक मार्ग के पुननिर्माण कार्य हेतु रू. 997.61 लाख, जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र विकासनगर में नवाबगढ़ पुल नं.-1 से खादर तक मोटर मार्ग का पुनः निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य किए जाने हेतु रू. 312.55 लाख की योजना के साथ ही कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत हरिद्वार में हरकीपैड़ी से ललतारो सेतु तक गलियों का सुधारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु रू. 925.94 लाख की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी के द्वारा जनपद उधम सिंह नगर की किच्छा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगला-किच्छा मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-44) के कि.मी. 12.6 से और कि.मी. 15 से 17.942 तक के हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदलने की योजना के लिए रू. 8063.13 लाख की लागत की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा नगर निगम रूद्रपुर के अंतर्गत स्मार्ट वेंडिंग जोन के निर्माण कार्य हेतु रू. 255 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अन्तर्गत एसएचपीसी द्वारा संस्तुत 07 नगर निकायों में कार्यों हेतु रू. 408.94 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने और शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत 11 नगर निकायों में पार्कों के सौंदर्यीकरण हेतु रू. 597.10 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने हेतु भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य आपदा मोचन निधि से विभिन्न जनपदों को रू. 73.30 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके तहत जनपद चमोली को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में 5 करोड़ और राहत एवं बचाव मद में रू. 3 करोड़ की धनराशि दी गई है। इसी तरह जनपद नैनीताल को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में रू. 25 करोड़ के साथ ही जनपद उत्तरकाशी को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में रू. 30 करोड़ और राहत एवं बचाव मद में रू. 8 करोड़ की धनराशि दी गई है। जनपद चंपावत के लिए भी राहत एवं बचाव मद में रू. 2.30 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।

नैनीताल में ग्राम सौड़ से आए ग्रामीणों ने पंगोट देचौड़ी सड़क स्वीकृति देने पर किया मुख्यमंत्री का आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने नैनीताल प्रवास के दौरान प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई जनता से मुलाकात की व उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान ग्राम सौड़ से आए ग्रामीणों द्वारा पंगोट देचौड़ी सड़क स्वीकृति पर मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि काफी लंबे समय से उनकी सड़क निर्माण की जो मांग थी आज उनके द्वारा पूरी कर ली गई है, इससे क्षेत्र वासियों को सड़क सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

इस दौरान ग्रामीणों ने राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ में अध्यापकों की तैनाती एवं भवन निर्माण की मांग भी मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित रही।

वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में रजत पदक विजेता पवन बर्त्वाल ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बॉक्सर पवन बर्त्वाल ने शिष्टाचार भेंट की। पवन बर्त्वाल ने हाल ही में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में रजत पदक जीता है। मुख्यमंत्री ने पवन बर्त्वाल को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पवन बर्त्वाल ने अपने निरंतर परिश्रम, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल भावना के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं।

पवन बर्त्वाल ने हाल ही में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह प्रतियोगिता 15 नवंबर से 20 नवंबर 2025 तक ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित हुई थी। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पवन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर देश और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित किया। वर्तमान में पवन भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स में कार्यरत हैं और सेना में रहते हुए भी खेल के प्रति उनके समर्पण और प्रतिबद्धता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर महत्वपूर्ण सफलता दिलाई है।

इस अवसर पर पवन बर्त्वाल के प्रशिक्षक ललित मोहन कुंवर, सुरेश चंद शर्मा और हरि कृष्ण बेलवाल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की सफलता में उनके कोच और सहयोगी टीम का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन की 75वीं वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

स्व0 हरबंश कपूर मैमोरियल सभागार, गढ़ी कैंट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैरिस्टर अरि बहादुर गुरूंग की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ ही एसोसिएशन की स्मारिका का भी विमोचन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बैरिस्टर अरि बहादुर गुरूंग ना सिर्फ एक सांसद थे, बल्कि उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सिर्फ एक संगठन का उत्सव नहीं है, बल्कि ये उस अदम्य साहस, समर्पण, राष्ट्रभक्ति और गौरवशाली परम्परा का उत्सव भी है, जिसे गोरखा सैनिकों ने सदियों से अपने पराक्रम से संजोया है। उन्होंने कहा कि गोरखा सैनिकों के पराक्रम और बलिदान की पहचान इस बात से होती है कि दुनिया की कोई भी युद्ध गाथा गोरखाओं के बिना पूर्ण नहीं मानी जाती। इसलिए भारत सरकार द्वारा ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन को ऑल इंडिया स्टेटस प्रदान किया जाना इस समुदाय की प्रतिष्ठा और योगदान का सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में एसोसिएशन ने ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाई है। आज विभिन्न राज्यों में बसे लाखों गोरखा भूतपूर्व सैनिक, वीर नारी एवं उनके आश्रित इस संस्था के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले अनेक वर्षों में एग्वा द्वारा पूरे भारत में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें गोरखा समुदाय के साथ-साथ अन्य समुदायों के युवाओं को भी शामिल किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखाओं के अदम्य साहस और वीरता की गाथाएँ इतिहास के पन्नों में अंकित हैं, कहा जाता है कि ’’जिस मैदान में गोरखा टिक गए, वहां दुश्मन कभी टिक नहीं पाया है’’। गोरखा जवानों के लिए खुंखरी सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि मातृभूमि की रक्षा का संकल्प भी है। गोरखा सैनिकों ने सदियों से देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इस शौर्य, बलिदान और राष्ट्र सेवा के लिए भारत का हर एक नागरिक आपका आभारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर वीर मेजर दुर्गा मल्ल के अद्वितीय शौर्य को भुला पाना असंभव है। इसी तरह परमवीर चक्र से सम्मानित धन सिंह थापा और आजाद भारत के प्रथम अशोक चक्र विजेता नर बहादुर थापा जैसे अनगिनत वीरों ने भारत माता की रक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व की बात है कि आज गोरखा समाज न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा में बल्कि हमारे राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गोरखा समाज की मेहनत, अनुशासन और निष्ठा प्रत्येक क्षेत्र में स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी गोरखा समाज की वीरता और अमूल्य योगदान को हमेशा आदर और सम्मान की दृष्टि से देखती है।

इस मौके पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि गोरखा रेजिमेंट के जवानों ने हर युद्ध में, हर मोर्चे पर अपनी अदम्य बहादुरी और वीरता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास में भी अपना अहम योगदान दे रहा है।

इस मौके पर विधायक सविता कपूर, सचिव केंद्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड बिग्रेडियर डीएस बसेड़ा, ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्नल आरएस क्षेत्री, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पद्म सिंह थापा, ले.ज (रिटायर्ड) एके सिंह, ले.ज. (रिटायर्ड) रामसिंह प्रधान, मे.ज. (रिटायर्ड) सम्मी सब्बरवाल, मेजर (रिटायर्ड) बीएस थापा शामिल हुए।