सीएम ने अधिकारियों को राज्य सरकार के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट, गंगोलीहाट, कपकोट एवं बागेश्वर से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन घोषणाओं पर अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उनके संबंध में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लंबित घोषणाओं पर अधिकतम 20 दिनों के भीतर शासनादेश जारी कर दिए जाएं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य सरकार के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का संबंधित क्षेत्र के विधायकगणों के साथ समन्वय स्थापित कर उनका प्रभावी समाधान निकाला जाए, ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे।

मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वन भूमि स्थानांतरण से जुड़े मामलों की जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि वन भूमि से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाकर विकास कार्यों में बाधा को दूर किया जाए। साथ ही, इस विषय में विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया गया।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत निर्मित सड़कों के रख-रखाव के लिए संबंधित विभागों की एक समन्वय समिति गठित की जाए। उन्होंने कहा कि इस समिति द्वारा सड़कों के मेंटिनेंस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम और सुरक्षित बना रहे।

बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सड़कों के पैच वर्क का कार्य वर्षाकाल से पूर्व अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने खेल अवसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर खेल मैदानों के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है, वहां 15 दिनों के भीतर आवश्यक धनराशि जारी की जाए, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कनालीछीना से पिपली बगड़ीगांव तक मोटर मार्ग के चौडीकरण की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कपकोट के राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय कपकोट के साथ पूर्व माध्यमिक स्कूल संचालित करने की कार्यवाही के साथ मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बागेश्वर जिला अस्पताल में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये।

मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें और समयबद्ध तरीके से सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, विधायक बागेश्वर पार्वती दास, वर्चुअल माध्यम से विधायक गंगोलीहाट फकीर राम, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, एस.एन.पाण्डेय, संबंधित विभागीय सचिव, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष भटगांई, जिलाधिकारी बागेश्वर आकांक्षा कोण्डे मौजूद थे।

पलायन रोकने के लिए श्रमिकों को स्थानीय आवश्यकता के अनुसार दिया जाए कौशल प्रशिक्षण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा विकसित श्रमिक सेवा मोबाइल एप का लोकापर्ण करने के साथ ही 8005 श्रमिकों के खाते में 17 करोड़ से अधिक राशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तातंरण किया।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड को अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि, अनुदान वितरण में पारदर्शिता बरते जाने के क्रम में ऑफलाईन अनुदान वितरण बन्द कर ऑनलाईन निस्तारण एवं डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में धनराशि का हस्तांतरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के जरिए अब तक 11828 लाभार्थियों को कुल 29.89 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है। आज 8005 लाभार्थियों को कुल 17.25 करोड़ की धनराशि वितरित की जा रही है। इस प्रकार विगत 06 माह में अब तक कुल 19833 लाभार्थियों को 47.14 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाए, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय श्रमिकों को पलम्बर, इलैक्ट्रिशियन, मिस्त्री, कारपेन्टर आदि क्षेत्रों में कौशल प्रदान किया जाए। इसी तरह योगा एंव वेलनेस में रोजगार की सम्भावना को देखते हुए आगामी सत्र में श्रमिकों के बच्चों को योग एवं वेलनेस में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को कौशल प्रशिक्षण उपरान्त विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास करे। इसके लिए विदेश मंत्रालय भारत सरकार में पंजीकृत एजेन्सी के माध्यम कार्यवाही की जाए। साथ ही श्रमिकों को पीएम स्वनिधि योजना से जोड़ने और उनका समय- समय पर स्वास्थ्य परीक्षण पर भी ध्यान दिया जाए। इस हेतू श्रमिकों के कार्य स्थल पर ही चिकित्सा परीक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि उनके रोजगार में व्यवधान उपलब्ध न हो।

इस मौके पर श्रमायुक्त पीसी दुम्का ने बताया कि UKLCCMS Portal पोर्टल के माध्यम से अब तक 16000 अधिष्ठानों का पंजीकरण हो चुका है, जिसके जरिए शुल्क के रूप में 80,00000.00 (रूपये अस्सी लाख मात्र) धनराशि जमा हो चुकी है, साथ ही बोर्ड के पास अब तक कुल 324 करोड़ की धनराशि सेस के रूप में जमा हो चुकी है। जिसे श्रमिकों के कल्याण में उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों के बीच सामग्री वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। जिससे लाभार्थियों का लाईव फोटो एवं जियो ट्रेकिंग द्वारा सामग्री वितरण सुनिश्चित किया जायेगा। इस मौके पर उपायुक्त विपिन कुमार सहित बोर्ड के अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।

सीएम धामी ने किया निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग किया। उन्होंने कर्मचारियों द्वारा व्यक्त किए गए सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश की देवतुल्य जनता को समर्पित बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और नगर निकाय कर्मचारियों की जिम्मेदारी विशेष रूप से अहम है। उन्होंने कहा कि निकाय कर्मियों के अथक प्रयासों से ही शहरों और कस्बों में स्वच्छता एवं बुनियादी सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित होती हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान कर्मचारियों द्वारा निभाई गई जिम्मेदारी और सेवा भाव को सराहते हुए इसे मानवता की उत्कृष्ट मिसाल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आस्था, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है, यहां नगर निकायों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, विशेषकर चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कुंभ जैसे आयोजनों के दौरान। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है और चरणबद्ध तरीके से सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नगर निकाय कर्मचारियों एवं पर्यावरण मित्रों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें पर्यावरण मित्रों का मानदेय बढ़ाकर ₹500 प्रतिदिन करना, चारधाम क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त मानदेय प्रदान करना, वर्दी एवं स्नोबूट हेतु ₹2500 की सहायता, स्वास्थ्य एवं कल्याण योजनाओं के लिए वित्तीय प्रावधान, ₹5 लाख का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस लागू करना, ईपीएफ एवं ईएसआई लाभ सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी करना, संविदा कर्मचारियों का वेतन ₹7,500 से बढ़ाकर ₹15,000 करने के साथ ही कई और निर्णय लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा ‘स्वच्छ भारत मिशन’, ‘अमृत योजना’, ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ एवं ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से देश में व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर प्रदेश के समग्र विकास को गति दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को ‘स्वच्छता मित्र’ के रूप में सम्मानित करते हुए उनके सुरक्षा और कल्याण हेतु ‘नमस्ते योजना’ तथा ‘आयुष्मान भारत योजना’ जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक सुरेन्द्र तेश्वर, सह संयोजक संतोष गौरव, नरेश वेद एवं अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

उत्तराखंड में सरकारी आवासीय ढांचे को मिलेगा नया स्वरूप

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्यसचिव आनंद बर्धन के दिशा-निर्देश पर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार प्रदेश भर में सरकारी कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की व्यापक योजना पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों को बेहतर आवास उपलब्ध कराना है, बल्कि सरकारी आवासीय परिसंपत्तियों का व्यवस्थित रखरखाव और विस्तार सुनिश्चित करना भी है। राज्य संपत्ति विभाग के अनुसार लंबे समय से कई सरकारी आवास जर्जर हो चुके हैं, जिससे कर्मचारियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सरकार अब ऐसे आवासों की पहचान कर उन्हें मरम्मत और पुनर्निर्माण के माध्यम से बेहतर बनाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है।

*जर्जर आवासों की पहचान, नए निर्माण की तैयारी*
सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में मौजूद जर्जर सरकारी आवासों का सर्वे शुरू करने का निर्णय लिया है। जिन भवनों की स्थिति बेहद खराब है, उन्हें या तो पुनर्निर्मित किया जाएगा या फिर उनकी जगह नए आधुनिक आवास बनाए जाएंगे। इसके साथ ही जहां भी विभागीय या सरकारी भूमि उपलब्ध है, वहां आवश्यकता के अनुसार नए आवासीय परिसरों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। इन आवासों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा मिल सके। सरकार का मानना है कि बेहतर आवास मिलने से कर्मचारियों का कार्य परिवेश भी बेहतर होगा और वे अधिक दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

*कार्यों की निगरानी के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति*
इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए राज्य संपत्ति विभाग के स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि, जर्जर भवनों और नए निर्माण की संभावनाओं का त्वरित सर्वेक्षण किया जाए। सर्वेक्षण के आधार पर विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा, ताकि निर्माण और मरम्मत से जुड़ी परियोजनाओं को समय पर स्वीकृति मिल सके। इसके अलावा कार्यदायी संस्थाओं को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी की संभावना कम हो सके।

*रेसकोर्स में बनेंगे नए आवास*
राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन देहरादून के ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी, रेसकोर्स क्षेत्र में भी नए आवासों के निर्माण की योजना बनाई गई है। यहां जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद खाली हुई भूमि पर श्रेणी-2 के 31 नए आवास बनाने का प्रस्ताव समिति के समक्ष रखा गया। इसके अलावा 6 मार्च 2026 को इसी कॉलोनी में उपलब्ध अन्य भूमि पर श्रेणी-4 के 10 आवासों के निर्माण की योजना भी प्रस्तुत की गई। दोनों परियोजनाओं के लिए सिंचाई विभाग के परियोजना खंड द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन आवासों के निर्माण के लिए श्रेणी-2 के 31 आवासों पर लगभग 1458.56 लाख रुपये और श्रेणी-4 के 10 आवासों के लिए लगभग 743.95 लाख रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है।

समिति की बैठक में इन परियोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसके बाद विचार-विमर्श के पश्चात दोनों योजनाओं को स्वीकृति देने पर सहमति व्यक्त की गई। सरकार की इस पहल को प्रदेश में सरकारी आवासीय ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बेहतर आवासीय सुविधाओं से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासनिक कार्यों की दक्षता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

*आवास सचिव डॉ आर. राजेश कुमार का बयान*
राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई जिलों में पुराने सरकारी आवास जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं, इसलिए उनकी पहचान कर मरम्मत और पुनर्निर्माण की योजना तैयार की जा रही है।उन्होंने कहा कि जहां भी विभागीय भूमि उपलब्ध है, वहां नए और आधुनिक आवासों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल सके। डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सभी परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाई गई है। उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में पूरे प्रदेश में सरकारी आवासीय ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाना है, जिससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य परिवेश मिल सके।

ऐसी नदियां जिसमें कटान के कारण प्रत्येक वर्ष कार्य होता है, चिन्हित कर चैनलाईजेशन की योजना तैयार करें: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आहूत हुई। बैठक के दौरान जनपदों से प्राप्त विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि समिति के समक्ष प्रस्तावों को जनपद स्तरीय समिति की सिफारिश पर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया जाए। मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को नदियों की डेजिंग/माइनिंग की एसओपी शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों से सम्बन्धित प्रस्तावों को सिंचाई विभाग की इस हेतु गठित समिति द्वारा टीएसी के उपरान्त राज्य कार्यकारिणी समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन नदियों में कटान के कारण प्रत्येक वर्ष कार्य कराना पड़ रहा है, उन्हें चिन्हित कर चैनलाईजेशन की योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि सितारगंज में बैगुल नदी के लिए अध्ययन करा लिया जाए।

मुख्य सचिव ने जनपद नैनीताल के चार्टन लॉज को भू-स्खलन से सुरक्षा प्रदान (लागत रू0 699.98 लाख), जनपद पिथौरागढ़ में खोटिला लैंड और घटधार, धारचुला में हिल का ड्रेनेज का कार्य एवं विभिन्न स्थलों पर भू-स्खलन संबंधी कार्य (लागत रू0 3840.78 लाख), जनपद हरिद्वार के मनसा देवी हिल बाईपास रोड का डेªनेज और भूस्खलन सम्बन्धित कार्य (लागत रू0 4124.83 लाख), जनपद अल्मोडा के दुधौली बैण्ड से पंचायत घर मोटर मार्ग के कि0मी0 2.00 में एच0पी0बैण्ड पर मार्ग सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 34.75 लाख), जनपद उत्तरकाषी के धराली झुला पुल का सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 147.13 लाख), जनपद उत्तरकाषी के नगर पालिका परिशद पुरोला में टैक्सी स्टैण्ड के ऊपर से हो रहे भूस्खलन को रोकने हेतु सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 128.37 लाख), जनपद उत्तरकाषी के हर्षिल मुखवा मोटर मार्ग का सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 472.00 लाख), विकास खण्ड सितारगंज में बैगुल नदी के दॉये एवं बॉये पार्श्व में ग्राम रूदपुर के आबादी क्षेत्रों की बाढ़ सुरक्षा कार्य (लागत रू0 146.67 लाख), विकासखण्ड सितारगंज में बैगुल नदी के दांये पार्ष्व में ग्राम बीसर्क्वाटर के आबादी क्षेत्र की बाढ़ सुरक्षा योजना (लागत रू0 148.48 लाख), तहसील जसपुर में फीका नदी की बाढ़ से ग्राम हजीरों की सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य (लागत रू0 419.82 लाख), जनपद नैनीताल में कौशल्यापुरी क्षेत्र की जल भराव की समस्या का समाधान कार्य (लागत रू0 84.77 लाख), रामनगर, नैनीताल के कानियॉ नई बस्ती एवं हिम्मतपुर डोटियाल के आबादी क्षेत्र को बरसाती नाले से जल भराव सुरक्षा कार्य (लागत रू0 112.15 लाख), जनपद देहराूदन के विकासखण्ड रायपुर में डिफेंस कालोनी जोगीवाला एवं बद्रीपुर में बाढ़ सुरक्षा कार्य (लागत रू0 460.45 लाख), जनपद देहरादून के डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में दुल्हनी नदी के विभिन्न स्थानों पर यथा, निर्मल कालोनी, बनसरी पुरम, दिल्ली फार्म, लक्ष्मणसिद्ध मंदिर, नकरोंदा रोड (विवेक विहार, वायु विहार) में सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 412.70 लाख), जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र कैंट के अंतर्गत टोंस नदी के बांये तट पर स्थित स्वर्गाश्रम एवं गोषाला की सुरक्षा दीवार का निर्माण (लागत रू0 186.28 लाख) एवं जनपद देहरादून के विकासखण्ड सहसपुर के टौन्स नदी के बांये तट पर स्थित जलवायु टावर की क्षतिग्रस्त दीवार का निर्माण कार्य (लागत रू0 88.36 लाख) सहित अन्य विभिन्न कार्यों को स्वीकृति प्रदान की।

राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत विभिन्न मदों में अतिरिक्त धनराशि आवंटन हेतु उपलब्ध कराये गये प्रस्तावों के सापेक्ष कुल रु0 34.00 करोड की वित्तीय स्वीकृतियों के संबंध में कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं विनोद कुमार सुमन सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

परंपरा से परे निर्णय: धामी नेतृत्व ने बदली उत्तराखंड की राजनीतिक धारा

उत्तराखंड की राजनीति में वर्षों से एक अनकही परंपरा चली आ रही थी कार्यकाल का अंतिम वर्ष आते-आते, विशेषकर मार्च के आसपास, नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय मान लिया जाता था। यह एक तरह से राजनीतिक अस्थिरता का प्रतीक बन चुकी थी। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्थापित धारणा को न केवल चुनौती दी, बल्कि उसे निर्णायक रूप से ध्वस्त कर दिया।

धामी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री को रिपीट कर स्थिरता का संदेश दिया था और अब पांचवें वर्ष में मंत्रिमंडल विस्तार कर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यह सरकार परंपरागत राजनीति से अलग, आत्मविश्वास और प्रदर्शन की राजनीति पर चल रही है। जहां विरोधी दल यह अनुमान लगा रहे थे कि इतिहास खुद को दोहराएगा और धामी को भी बदला जाएगा, वहीं धामी ने एक सधे हुए राजनीतिक कौशल के साथ पूरा परिदृश्य ही बदल दिया।

इस महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल विस्तार के साथ सरकार ने क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन को भी साधने का प्रयास किया है। शपथ लेने वाले जनप्रतिनिधियों में भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा, राजपुर रोड (देहरादून) से खजान दास, रुड़की से प्रदीप बत्रा, रुद्रप्रयाग से भरत सिंह चौधरी तथा हरिद्वार से मदन कौशिक शामिल हैं। इन नेताओं का अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक पकड़ न केवल मंत्रिमंडल को और सशक्त बनाएगी, बल्कि धामी सरकार की विकासात्मक प्राथमिकताओं को भी नई गति प्रदान करेगी।

यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि एक सशक्त राजनीतिक संदेश है नेतृत्व में विश्वास, संगठन में संतुलन और भविष्य की स्पष्ट रणनीति। धामी ने यह दिखाया है कि वे परिस्थितियों के शिकार नहीं बल्कि उन्हें अपने पक्ष में मोड़ने वाले नेतृत्वकर्ता हैं।

सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि धामी ने न केवल प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत की है बल्कि केंद्रीय नेतृत्व का भी पूर्ण विश्वास अर्जित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह और शीर्ष संगठन तक, जिस प्रकार धामी को निरंतर समर्थन मिला है, वह उनकी विश्वसनीयता और कार्यक्षमता का प्रमाण है।

एक युवा मुख्यमंत्री के रूप में धामी ने जिस प्रकार निर्णायक फैसले लिए हैं, उसने उनकी छवि को ‘अस्थायी विकल्प’ से आगे बढ़ाकर ‘स्थायी नेतृत्व’ में परिवर्तित कर दिया है। आज उत्तराखंड की राजनीति में यदि कोई चेहरा स्थिरता, निर्णायकता और भविष्य की दिशा का प्रतीक बनकर उभरा है, तो वह पुष्कर सिंह धामी हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार के इस फैसले ने एक और संकेत साफ कर दिया है भाजपा अब उत्तराखंड में नेतृत्व को लेकर किसी प्रयोग के मूड में नहीं है। धामी केवल वर्तमान के मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति के केंद्र बिंदु बन चुके हैं। यही कारण है कि अब यह चर्चा केवल अटकल नहीं, बल्कि एक संभावित रणनीति के रूप में देखी जा रही है कि 2027 का विधानसभा चुनाव भी धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

उत्तराखंड की राजनीति में यह एक युगांतकारी परिवर्तन है जहां अस्थिरता की जगह स्थिरता ने ली है और परंपरा की जगह प्रदर्शन ने। इस परिवर्तन के केंद्र में हैं—एक युवा, आत्मविश्वासी और निर्णायक नेता, पुष्कर सिंह धामी।

मंत्री सतपाल महाराज का स्वास्थ्य हाल जानने एम्स पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम्स ऋषिकेश पहुंचकर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से सतपाल महाराज जी के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को उनके उपचार में सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

एलपीजी सिलेंडर होमडिलिविरी सुनिश्चित कराने को जिले की प्रत्येक गैस एजेंसी पर अधिकारी तैनात

जिलें में एलपीजी गैस की आपूर्ति, वितरण, बैकलॉग के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन की क्यूआरटी एवं सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी, गैस एजेंसियों के स्वामी एवं तेल कम्पनियों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला प्रशासन ने गैस एजेसियों पर होमलिडिविरी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु एजेंसियों पर अधिकारी तैनात कर दिए गए है, जो एजेंसी पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे वस्तुस्थिति से अवगत कराएगें।

जिलाधिकारी ने बढते बैकलॉग का कारण जाना तो तेल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि 03 दिन जब बुंकिग सोफ्टवेयर में काईसिस आ गई थी तो मैन्युअल रजिस्टर में अंकन कर उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जिसकी लगभग 25 से अधिक की एन्ट्री साफ्टवेयर पर अद्यतन होनी बाकी है तथा 11 मार्च से गैस बुकिंग व डिलिविरी के समय शहरी क्षेत्र में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों 45 दिन कर दिया गया है उससे पूर्व की जो एडवांस बुकिंग हो रखी हैं वह बैकलॉग में दर्शाई गयी है, जिससे बैकलॉग बढा हुआ दिख रहा हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि तेल कम्पनियों से सम्पर्क करते हुए आज शाम तक मैन्युअल एन्ट्री को साफ्टवेयर पर एजेंसी के माध्यम से एन्ट्री कराएं तथा जिन उपभोक्ताओं की एडवांस बुकिंग 25 एवं  45 दिन का बैकलॉग दिख रहा है उनकी संख्या अलग-2 दर्शाते हुए शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों का अनुपालन न करने पर सम्बधित गैस एजेसीं तेल कम्पनियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक नगर को निर्देश दिए कि छापेमारी में जो अवैध रूप सिलेंडर पकड़े जा रहे हैं उनको ट्रेस किया जाए कि वह किस गैस एजेंसी के है, सम्बन्धित गैस एजेंसी की पहचान करते हुए एजेंसी स्वामी को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे। जिलाधिकारी ने जिले की गैस एजेंसीवार नामित क्यूआरटी में शामिल 30 अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस एजेंसी पर स्टॉक, बैकलॉग, वितरण आदि रजिस्टर का अवलोकन कर प्रतिदिन की सम्पूर्ण आख्या प्रेषित करें। साथ ही निर्देशित किया यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि किसी भी गैस एजेंसी व गोदाम से सिलेंडर न दिया जाए तथा उपभोक्ताओं को सिलेंडर होमडिलिवरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर ही दिया जाए तथा एजेंसियों पर उपभोक्ता जागरूकता फ्लैक्सी, बुकिंग नम्बर, उपभोक्ताओं के लिए बड़े-बडे अक्षरों में जानकारी चस्पा रहे।

जिला प्रशासन की होमडिलिविरी व्यवस्था से एजेंसियों पर जुटने वाली भीड़ से हो रही अव्यवस्था से निजात मिला है वहीं कानून व्यवस्था भी नियंत्रण में है। जिला प्रशासन की क्यूआरटी के औचक निरीक्षणों एवं  एलपीजी कालाबाजारी करने वालों पर दर्ज हुए मुकदमों एवं एजेंसियों की नाफरमानी पर की गई प्रवर्तन की कार्यवाही से गैस की कालाबाजारी करने वालों में भी भय का माहौल है। उपभोक्ताओं को होमडिलिविरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।  जिला प्रशासन द्वारा गैस की कालाबाजारी पर 05 मुकदमें दर्ज किए गए हैं तथा 03 को जेल भेजा, 150 घरेलू, 139 व्यवसायिक तथा 07 छोटे सिलेंडर जब्त किए हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार एवं  क्यूआरटी के सभी अधिकारी सहित तेल कम्पनियों एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर,  उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार सहित क्यूआरटी में शामिल अन्य अधिकारी एवं तेल कम्पनियों के प्रतिनिधि ऑनलाईन माध्यम से जुडे़ रहे।

धामी सरकार की पहल, सर्किट हाउस एनेक्सी का होगा कायाकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्य सचिव के दिशा-निर्देशों में राज्य की अतिथि सुविधाओं को आधुनिक और आकर्षक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी क्रम में गुरुवार को राज्य अतिथि गृह सर्किट हाउस एनेक्सी, देहरादून में नवीनीकरण कार्य को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की अध्यक्षता आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने की। इस दौरान उन्होंने नवीनीकरण की प्रस्तावित योजना का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

*लोकसंस्कृति के साथ विकसित होगा आधुनिक गेस्ट हाउस*
निरीक्षण के दौरान यह तय किया गया कि सर्किट हाउस एनेक्सी को केवल मरम्मत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय के रूप में विकसित किया जाएगा। विशेष रूप से मीटिंग हॉल के संपूर्ण नवीनीकरण के साथ उसकी दीवारों पर राज्य की लोक संस्कृति को दर्शाने वाली पेंटिंग्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यहां आने वाले अतिथियों को प्रदेश की समृद्ध परंपरा की झलक मिल सके।

*पहले चरण में कमरों और डोरमैट्री का होगा कायाकल्प*
नवीनीकरण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण में मुख्य भवन के कक्ष संख्या 1 से 12 तक (भूतल के 1 से 6 और प्रथम तल के 7 से 12) का कायाकल्प किया जाएगा। इसके साथ ही डोरमैट्री के भूतल पर स्थित कक्ष संख्या 19 से 22 तक के चार कमरों का भी नवीनीकरण किया जाएगा। इन कमरों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के साथ उनकी आंतरिक साज-सज्जा को भी बेहतर बनाया जाएगा।

*कोरिडोर लाइटिंग और लॉन क्षेत्र में खुलापन बढ़ाने के निर्देश*
आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कोरिडोर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही डोरमैट्री के कक्षों से सटे लॉन क्षेत्र में खुलापन बढ़ाने के लिए बाउंड्री हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

*दूसरे चरण में विस्तार और नई सुविधाओं पर फोकस*
द्वितीय चरण में गेस्ट हाउस परिसर में उपलब्ध स्थान का उपयोग करते हुए इसके विस्तार की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गेस्ट हाउस में ठहरने वाले अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए गद्दों की खरीद और प्रत्येक कक्ष में डीटीएच कनेक्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर अपर सचिव लक्ष्मण सिंह, मुख्य व्यवस्थाधिकारी आलोक सिंह चौहान, वरिष्ठ व्यवस्थाधिकारी पी.एल. शाह तथा पेयजल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश चंद्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य के अतिथि गृहों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में कार्य तेजी से किया जा रहा है। सर्किट हाउस एनेक्सी का नवीनीकरण केवल संरचनात्मक सुधार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी कक्षों का कायाकल्प किया जाएगा और अतिथियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, भविष्य में गेस्ट हाउस के विस्तार की भी योजना है, जिससे बढ़ती आवश्यकता को पूरा किया जा सके।

डीएम के आदेशों की अहवेलना, गैस एजेंसी के सिलेंडर जब्त, मुकदमा दर्ज

एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शतप्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी। जिलाधिकारी जिलें में गैस आपूर्ति/वितरण बैकलॉक की स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे है।

जिला प्रशासन के आदेशों की नाफरमानी पर शहीद हीरा गैस एजेंसी शिमला बाईपास रोड के सिलेंडर जिला प्रशासन ने जब्त कर लिए तथा गैस एजेंसी स्वामी के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया है। जिलाधिकारी को शिकायत प्राप्त हुई कि हीरा गैस एजेंसी द्वारा जिला प्रशासन के होमडिलिविरी सम्बन्धी आदेश की अहवेलना करते हुए उपभोक्ताओं को ऐजेंसी से ही गैस सिलेंडर वितरित किये जा रहे हैं, जिससे भारी भीड़ लग गई है तथा कानून व्यवस्था पर विपरित असर पड़ने की संभावना है। जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल गैस एजेंसी पर कार्यवाही के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार क्यूआरटी टीम सहित मौके पर पंहुचे।

हीरा गैस सर्विस, नया गांव पेलियो, देहरादून द्वारा होम डिलीवरी न करते हुये घरेलू गैस सिलेण्डर का वितरण गैस गोदाम में ट्रक के माध्यम से किया जा रहा था। तत्काल प जिलाधिकारी, विकासनगर, तहसीलदार विकासनगर एवं जिला पूर्ति कार्यालय के पूर्ति निरीक्षकों कि संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में जांच की गई।

जिलाधिकारी द्वारा विगत दिवस सभी गैस एजेंसियों को गैस की होम डिलीवरी के निर्देश दिये गये है किन्तु गैस एजेन्सी द्वारा गोदाम से उपभोक्ताओं को गैस वितरित की जा रही थी, जिससे ऐजेंसी पर भारी भीड़ लग गई तथा कानून व्यवस्था बिगड़ने की प्रबल संभावना बन रही थी। जिला प्रशासन ने सम्बन्धित गैस एजेन्सी के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (यथा संशोधित), आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 एवं भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत थाना पटेलनगर में वाद दर्ज कराया गया तथा गैस सिलेण्डर आदि को जब्त कर लिया गया जिसे जिला पूर्ति अधिकारी एवं सम्बन्धित तेल कम्पनी की सुपुर्दगी में दे दिये गये हैं।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से 05 बजे तक कुल 111 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोल रूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 18120 अधिक उपभोक्ताओं कोे घरेलू तथा 21 अपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 75 हजार के लगभग बैकलॉग है।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व के के मिश्रा कन्ट्रोलरूम से जिले में गैस वितरण, आपूर्ति की मॉनिटिरिंग जनमानस की समस्या के निस्तारण हेतु निगरानी बनाए हुए है।