मुख्यमंत्री धामी को प्रदेशभर से आई बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आई बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने बहनों का आत्मीयता से स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया और सभी प्रदेशवासियों को रक्षा बन्धन की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बन्धन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पावन पर्व है। प्रदेश की मातृशक्ति और बहनों का स्नेह एवं आशीर्वाद उन्हें उत्तराखण्ड की सेवा तथा राज्य के विकास के लिए निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हमारी मातृशक्ति परिवार की मजबूत आधारशिला होने के साथ ही समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी अनेक योजनाओं से महिलाओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण और स्वावलंबन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार की सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाने के साथ ही उनके आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लखपति दीदी की परिकल्पना को उत्तराखण्ड में तेजी से धरातल पर उतारा गया है और प्रदेश में 3 लाख 09 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, कृषि, हस्तशिल्प और विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से अपनी आजीविका मजबूत करने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की मातृशक्ति ने राज्य निर्माण से लेकर राज्य के विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कृषि, स्वरोजगार, उद्यमिता और सामाजिक क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं। मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही सशक्त उत्तराखण्ड और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रुचि भट्ट एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई मातृशक्ति मौजूद थी।

खुरपिया के विकास को लेकर मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट विजनः समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास से नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की तृतीय शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में वर्चुअल प्रतिभाग किया। बैठक में देश में औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति, उनके समयबद्ध क्रियान्वयन तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास की समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखण्ड में विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC), खुरपिया की प्रगति एवं राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार IMC खुरपिया को प्रदेश के औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने और इसके समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सफल विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए निर्धारित 1,002 एकड़ भूमि पूरी तरह NUITL के कब्जे में है और वर्तमान में परियोजना स्थल पर किसी प्रकार की बाधा नहीं है। इससे परियोजना के निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक आधार तैयार हो चुका है।

उन्होंने बताया कि IMC खुरपिया के विकास के लिए EPC अनुबंध 20 मार्च 2026 को निष्पादित किया जा चुका है और निर्माण कार्य भी प्रारम्भ हो गया है। परियोजना के तहत कुल 24.1 किलोमीटर Right of Way (ROW) को क्लियर कर EPC ठेकेदार को उपलब्ध करा दिया गया है, जिसके बाद सड़क निर्माण सहित अन्य आवश्यक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।

बाह्य अवसंरचना के विकास पर राज्य सरकार का विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़े औद्योगिक क्लस्टर की सफलता केवल औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके लिए मजबूत कनेक्टिविटी, विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति और आधुनिक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर का होना अत्यंत आवश्यक है। इसी दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा IMC खुरपिया की बाह्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नागला-किच्छा SH-44 के लगभग 10.7 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन किए जाने के लिए आवश्यक समन्वय एवं कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। यह मार्ग IMC खुरपिया को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि परियोजना के लिए निर्बाध एवं पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में PITCUL द्वारा 400/220 केवी उपकेंद्र के समयबद्ध निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही एवं समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजबूत विद्युत एवं सड़क कनेक्टिविटी IMC खुरपिया में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए एक मजबूत आधार उपलब्ध कराएगी।

दिसंबर 2028 तक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि IMC खुरपिया के ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों को दिसंबर 2028 तक समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के प्रत्येक चरण की निरंतर निगरानी, विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और गति बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि IMC खुरपिया उत्तराखण्ड में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि परियोजना के विकास के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर प्राप्त हों और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो।

मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारने के लिए भारत सरकार तथा NICDIT/NICDC द्वारा गठित SPV से आवश्यक सहयोग एवं समन्वय की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से IMC खुरपिया को एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार परियोजना से जुड़े सभी राज्य स्तरीय विषयों के समाधान के लिए तत्पर है और IMC खुरपिया के विकास में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी एवं प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि IMC खुरपिया आने वाले समय में उत्तराखण्ड के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखण्ड में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

नैनीताल में सीएम धामी ने जानी जनता की जन समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज जनपद नैनीताल के भ्रमण पर राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी चोरगलिया पंहुचे, जहॉं हैलीपैड में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक लालकुआं डॉ मोहन सिंह बिष्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल ,उत्तराखंड सरकार में विभिन्न दायित्वधारी जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा उनका स्वागत किया गया।

भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी में क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को सुना गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित करें।

मुख्यमंत्री ने जनता व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी कुलक्षेम पूछी व जनसमस्याएं सुनी। उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है,इसलिए जनता की समस्याओं का शीघ्रता से समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि छोटी छोटी समस्याओं के लिए किसी को भी बार-बार चक्कर न लगाना पड़े, इसका ध्यान रखें।

तत्पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा हल्द्वानी-चोरगलिया-
सितारगंज मार्ग में शेर नाला में 993.00 लाख की लागत से नव निर्मित 120 मीटर स्पान डबल लेन आर सी सी कंक्रीट सेतु का लोकार्पण किया।

बताते चलें कि शेर नाला उफान पर आने से मानसून सीजन में क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। आवागमन बाधित होने के साथ ही क्षेत्रीय जनता लंबी दूरी तय कर गंतव्य तक पहुंचती थी। ऐसे में नव निर्मित 120 मीटर स्पान डबल लेन आरसीसी कंक्रीट सेतु के लोकार्पण से क्षेत्रीय जनता के साथ साथ पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी। क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हृदय से आभार जताया है।

रूद्रेश्वर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा करने पर सीएम का आभार जताने पहुंचे पुरोला के नागरिक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्य सेवक सदन में विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल ने भेंट की। उन्होंने विल्ला नौगांव, विधानसभा पुरोला के अंतर्गत 65 गांवों के आराध्य देवता श्री रुद्रेश्वर महादेव के डांडा देवराणा मंदिर, के सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री घोषणा के तहत ₹1.79 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ ही स्थानीय स्तर पर आस्था और परम्परा से जुड़े मंदिरों एवं मेलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परम्परायें उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान हैं तथा इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता है।

विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि डांडा देवराणा स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र के 65 गांवों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्थाएं जुड़ी हुई हैं। मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं अवस्थापना सुविधाओं के विकास से क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण और विकास के साथ-साथ स्थानीय आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। रुद्रेश्वर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत धनराशि से मंदिर परिसर में विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य किए जा सकेंगे, जिससे क्षेत्र के लोगों एवं श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।

उन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा डांडा देवराणा रुद्रेश्वर महादेव मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने के लिए भी उनका धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि राजकीय मेले का दर्जा मिलने से इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक मेले को व्यापक पहचान मिलेगी और क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपराओं तथा धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई गति प्राप्त होगी।

इस अवसर पर रुद्रेश्वर मंदिर समिति के केंद्रीय अध्यक्ष एवं मंदिर समिति के सदस्य तथा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान, भाजपा नेता जगनमोहन चंद, सरदार सिंह राणा, पूर्व मंडल अध्यक्ष बचन चौहान एवं वर्तमान मंडल अध्यक्ष अनिल चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम ने किया क्षत्रिय जागरण स्मारिका का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड क्षत्रिय कल्याण समिति, देहरादून की वेबसाइट एवं क्षत्रिय जागरण स्मारिका का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने क्षत्रिय कल्याण समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह समिति, समाज को जागरूक करने और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने समिति द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने से प्रदेश को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने युवाओं से भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी करते हुए उत्तराखण्ड के विकास में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से समाज में बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने, उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना विकसित करना भी आवश्यक है, ताकि वे समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।

इस अवसर पर विधायक सुरेश सिंह चौहान, दिगंबर सिंह नेगी, गोविंद बिष्ट, सोहन सिंह नेगी, आशा असवाल, धनपाल रावत, किशन भंडारी मौजूद रहे।

नजरियाः उत्तराखण्ड ने वैश्विक स्तर पर संस्कृत के प्रसार को दिया नया आयाम

सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार ने नई दिल्ली में इंडोनेशिया गणराज्य के दूतावास में कार्यवाहक राजदूत युधो सासोंगको से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संस्कृत तथा भारतीय ज्ञान परम्परा के वैश्विक प्रसार हेतु उत्तराखण्ड और इंडोनेशिया के मध्य शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संस्कृत को अपनी द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्रदान करने, संस्कृत के संवर्धन एवं प्रचार के लिए किए जा रहे अभिनव प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं देववाणी संस्कृत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में विश्व की सबसे प्राचीन एवं प्रभावशाली भाषा संस्कृत अब भारत की सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक शिक्षाविदों के बीच अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी प्रतिष्ठा निरंतर बढ़ रही है। राज्य के प्रत्येक जनपद में एक-एक संस्कृत ग्राम की स्थापना की गई है। मात्र एक वर्ष की अल्प अवधि में इन संस्कृत ग्रामों ने, स्थानीय समुदायों में संस्कृत सीखने तथा भारत की दार्शनिक, सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत विरासत से पुनः जुड़ने में उल्लेखनीय पहल की है।

सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार ने बताया कि राज्य में संस्कृत आयोग के गठन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इस संबंध में देशभर से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं, जिन्हें विश्व संस्कृत दिवस से पूर्व 10 अगस्त तक उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय को प्रेषित किये जाने की योजना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंडोनेशिया के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित होने से संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परम्परा का व्यापक प्रसार होगा तथा दोनों देशों के युवा अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और प्राचीन सभ्यतागत संबंधों को और अधिक गहराई से समझ सकेंगे।

उन्होंने बताया कि इंडोनेशियाई भाषा में संस्कृत मूल के अनेक शब्द आज भी प्रचलित हैं, जो दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों का सशक्त प्रमाण हैं। विगत माह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो ने उल्लेख किया था कि इंडोनेशियाई भाषा का लगभग 50 प्रतिशत भाग संस्कृत से प्रभावित है। यह तथ्य भारत और इंडोनेशिया के बीच विद्यमान गहरे सांस्कृतिक संबंधों का सशक्त प्रतीक है।

सचिव दीपक कुमार ने प्रस्ताव रखा कि इंडोनेशिया गणराज्य के दूतावास के सहयोग से हरिद्वार स्थित उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय एवं उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम, इंडोनेशिया के विश्वविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के साथ संस्कृत, भारतीय ज्ञान प्रणाली तथा सांस्कृतिक अध्ययन के क्षेत्र में सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन संपादित कर सकता है।

सीएस बर्द्धन ने की प्रदेश में वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने इसके तहत् पूर्ण हो चुकी, गतिमान एवं भावी परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली एवं दिशा निर्देश दिए। उन्होंने वाह्य सहायतित परियोजनाओं के अंतर्गत प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की क्लोजर रिपोर्ट फंडिंग एजेंसी, आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय भारत सरकार एवं भारत सरकार में अपने लाइन डिपार्टमेंट को अनिवार्य रूप से प्रेषित किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि धीमी गति से चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। उन्होंने प्रोजेक्ट्स को समय से पूर्ण किए जाने हेतु मैनपावर और मशीन बढ़ाते हुए सभी आवश्यक कदम उठाये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग के अंतर्गत मसूरी एवं नैनीताल के लिए अंडरग्राउंड विद्युत लाइन परियोजना का प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उत्तराखंड इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट में तेजी लाए जाने के लिए डेडिकेटेड पीएमयू स्थापित किए जाने की बात कही। कहा कि डेडिकेटेड पीएमओ और लगातार निगरानी करते हुए प्रोजेक्ट को समय से पूर्ण किया जाए।

मुख्य सचिव ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेषकर तकनीकी शिक्षा में सिस्टम को मजबूत किए जाने की दिशा में कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के में इंजीनियरिंग कॉलेज पॉलिटेक्निक और आईटीआई में आधारभूत संरचना विकास पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा इसके लिए ईएपी वित्तपोषित प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाएं, साथ ही रिवर रेज्युविनेशन, पशुपालन, डेरी और फिशरीज के उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, रणजीत सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विनीत कुमार एवं हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने किया मसूरी विधानसभा में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के पुरुकुल में 17 करोड़ 80 लाख रुपयों की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष स्वर्गीय दीपक पुण्डीर की स्मृति में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये सभी परियोजनाएँ मसूरी विधानसभा के विकास को नई गति देने वाली साबित होंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। आज जहां प्रदेश में करोड़ों रुपये की लागत से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है। वहीं, प्रदेश को खेल, पर्यटन और एडवेंचर एक्टिविटीज हब के रूप में भी स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वेडिंग डेस्टिनेशन या पर्यटन की बात आती है, तो पहाड़ों की रानी श्मसूरीश् का नाम सबसे पहले आता है। मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। मसूरी में आने वाले पयर्टक यहां की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इसलिए प्रदेश सरकार भी मसूरी के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में पुरकुल में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल तक लगभग 13 किमी मुख्य सड़क का उच्चीकरण किया जा रहा है। इसी तरह जल जीवन मिशन के अंतर्गत गंगोल- पंडितवाड़ी पेयजल योजना के माध्यम से अनेक गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मालदेवता लाल पुल से सिल्ला- मोलधार होते हुए सुआखोली तक के मार्ग का सीआरएफ योजना के अंतर्गत सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार ने ग्राम पंचायत रिखोली के सोलाह गांव में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ सुरक्षा के लिए सहस्त्रधारा में बाल्दी नदी के दोनों किनारों पर 1.5 किमी और न्यू कैंट रोड क्षेत्र में सुरक्षा कार्य कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने हर वादे को बिना रुके, बिना थके धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है। लेकिन कुछ लोग झूठ और नकारात्मकता की बातें कर रहे हैं। ऐसे लोगों के पास गिनाने के लिए अपनी कोई उपलब्धि नहीं है, तो इसलिए वे अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा और जनसांख्यिकी बदलाव रोकने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया है। इसी तरह सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने के साथ ही दंगों के दौरान सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से ही नुकसान की भरपाई करने के लिए सख्त कानून बनाकर कानून का राज स्थापित किया है।

इसी तरह प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय नकल माफिया का कुचक्र तोड़ने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके बाद प्रदेश में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति, श्एक जनपद दो उत्पादश्, श्हाउस ऑफ हिमालयाजश्, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलें शुरू की हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आज हजारों-लाखों युवा अपने ही गाँव और शहर में रोजगारदाता बन रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। इतना ही नहीं, नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में भी उत्तराखंड ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एक ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहती है, जहां किसी भी युवा को रोजगार के लिए पलायन ना करना पड़े। साथ ही मातृशक्ति पूरी तरह सशक्त और आत्मनिर्भर हो।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विकास के मार्ग पर आगे बढ रहा है। मसूरी विधानसभा क्षेत्र में भी सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुडे कार्य तेजी से सम्पन्न किए जा रहे हैं।

इस मौके पर दायित्वधारी ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष एम.डी.डी .ए बंशीधर तिवारी, भाजपा नेता वीर सिंह चौहान, नेहा जोशी, सीमा पुंडीर, लक्ष्मण सिंह रावत उपस्थित थे।

150 करोड़ रूपये की वित्तीय स्वीकृति देकर सीएम ने विकास कार्यो को गति की प्रदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में शिक्षा, पेयजल एवं धार्मिक पर्यटन से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 150 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली, उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के लिए राज्य आकस्मिकता निधि से ₹ 33.54 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के अंतर्गत विकासखण्ड कीर्तिनगर स्थित खोलाकडाकोट में डुण्डेश्वर महादेव मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹1.05 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत की चम्पावत शाखा के अंतर्गत विकासखण्ड लोहाघाट में पाऊ पम्पिंग योजना के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹2.69 करोड़ तथा केन्द्रपोषित अमृत 2.0 योजनान्तर्गत सहस्त्रधारा पेयजल योजना हेतु ₹113.15 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

सीएस ने आयुष मंत्रालय के सचिव से की मुलाकात, उत्तराखण्ड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना का रखा मजबूत पक्ष

उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने नई दिल्ली में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव से शिष्टाचार भेंट कर उत्तराखण्ड के ऊधम सिंह नगर जनपद में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राज्य की ओर से संस्थान की स्थापना के लिए सभी आवश्यक तैयारियों एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देते हुए उत्तराखण्ड के प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। ऋषिकेश विश्व की योग राजधानी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है तथा राज्य में आयुर्वेद चिकित्सा एवं शिक्षा का मजबूत आधार मौजूद है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ऊधम सिंह नगर में संस्थान की स्थापना के लिए सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप विवाद रहित एवं उपयुक्त भूमि चिन्हित कर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रस्तावित स्थल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संपर्क सुविधाओं से युक्त है। साथ ही, निकट भविष्य में विकसित होने वाले एम्स सैटेलाइट सेंटर के समीप स्थित होने के कारण यह क्षेत्र समेकित चिकित्सा (इंटीग्रेटिव मेडिसिन) के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होने की व्यापक संभावनाएं रखता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूमि, सड़क, विद्युत, पेयजल, ड्रेनेज सहित सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने आयुष मंत्रालय से उत्तराखण्ड के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्य सचिव ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान, उपचार एवं चिकित्सा पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, उत्तराखण्ड देश में समेकित स्वास्थ्य सेवाओं और आयुष आधारित चिकित्सा के अग्रणी केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।