सीएस ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा एवं विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा एवं विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दृष्टिकोण से प्रदेश में सरकारी एवं ग़ैर सरकारी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी ली एवं दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप मॉडिफाई किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को अपना 5 वर्ष का प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी सरकारी विश्वविद्यालय को NAAC एवं NIRF एक्रेडिटेशन प्राप्त किए जाने पर फोकस किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को सभी गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए अल्पकालीन, मध्यकालीन एवं दीर्घकालिक प्लान तैयार किए जाने की बात भी कही। उन्होंने अपनी सभी 11 यूनिवर्सिटी को मूल्यांकन एवं रैंकिंग के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी सरकारी एवं एडेड कॉलेज को अगले 8-10 दिन में स्टेट लेवल रैंकिंग पैरामीटर्स तैयार किए जाने का टास्क दिया।

मुख्य सचिव ने छात्र छात्राओं की ट्रेसिंग मैकेनिज्म भी तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोर्सेस के साथ ही इंटर्नशिप पार्टिसिपेशन को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए विश्वविद्यालयों को इंडस्ट्री, एनजीओ और सोसाइटीज को भी जोड़े जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय को विदेशी भाषाओं सिखाने पर भी फोकस किए जाने बात कही। कहा कि स्वास्थ्य विभाग को भी इसमें प्रोएक्टिव होकर काम करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव मनुज गोयल, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो दीवान एस रावत, प्रो नवीन चंद्र लोहानी, प्रो एन के जोशी एवं प्रो सतपाल सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय में औषधीय पौधों के संरक्षण, शोध और हर्बल पर्यटन की संभावनाओं का लिया जायजा

हरेला पर्व के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर विकासखंड स्थित मालाग्राम पहुंचकर सघन पौधरोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखंड का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय का विस्तृत भ्रमण कर वहां संरक्षित दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों, अनुसंधान गतिविधियों तथा आयुर्वेद आधारित नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर स्थित ध्यान कुटी का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने भ्रमण के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता, हिमालयी औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष फोकस किया। उन्होंने कहा कि राज्य की यह प्राकृतिक धरोहर पूरे विश्व के लिए अमूल्य है तथा इसका संरक्षण और वैज्ञानिक शोध वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किए जा रहे प्रयास पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने के साथ-साथ औषधीय पौधों के संवर्धन, आयुर्वेद आधारित अनुसंधान, हर्बल पर्यटन तथा स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेंगे।

मालाग्राम स्थित श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय देश का अपनी तरह का एक अनूठा हर्बल पार्क है, जहां देश के विभिन्न राज्यों एवं हिमालयी क्षेत्रों से लाई गई दुर्लभ जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है। यह परिसर पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक शोध के समन्वय का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।

कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सीएस ने पर्यटन विभाग को अपने प्रोडक्ट्स के प्रचार प्रसार के लिए विशेष प्रयास करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय स्थित अपने सभागार में पर्यटन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने पर्यटन विभाग की सभी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पर्यटन उत्तराखण्ड की आर्थिकी के महत्त्वपूर्ण स्रोतों में से एक है। उन्होंने पर्यटन विभाग को अपने 5 वर्षों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए, ताकि आउटकम इंडीकेटर्स के लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।

मुख्य सचिव ने अपने प्रोडक्ट्स के प्रचार प्रसार के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि प्रोडक्ट की पब्लिसिटी के बिना निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करना आसान नहीं होगा। उन्होंने पब्लिसिटी के लिए भी वार्षिक कार्ययोजना तैयार किये जाने की बात कही। कहा कि नीती घाटी में आयोजित की गयी नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन 2026, आदि कैलाश हाई एल्टीट्यूड मैराथन, रिवर राफ्टिंग फेस्टिवल्स और विंटर कार्निवल जैसे इवेंट्स को अन्य स्थानों पर इस प्रकार के अलग-अलग इवेन्ट्स के रूप में प्रत्येक वर्ष एक निश्चित समय पर आयोजित किया जाए। ऐसे इवेंट पब्लिसिटी के साथ-साथ टूरिस्ट्स के लिए आकर्षण का केन्द्र बनते हैं।

मुख्य सचिव ने पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश के लिए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लाँग टर्म योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन सर्किट और डेस्टिनेशन बनाने के साथ-साथ ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर ध्यान दिया जाए। साथ ही, हॉस्पिटैलिटी व पर्यटन प्रोजेक्ट्स में प्राइवेट सेक्टर के निवेशकों को भी शामिल किया जाए। प्रदेश में लगातार नए पर्यटन स्थल विकसित किए जाएं। कहा कि समावेशी और टिकाऊ पर्यटन विकास को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि पूरे राज्य में संतुलित विकास हो सके।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के युवाओं को गाईड प्रशिक्षण दिए जाने की दिशा में कार्य किए जाने की बात कही। कहा कि इसे इंस्टीट्यूशनल किया जाए। आईएचएम को इसके लिए प्रयोग किया जा सकता है। प्रशिक्षण मॉड्यूल इस प्रकार से तैयार किए जाएं कि प्रशिक्षित युवाओं को प्रदेश के साथ-साथ, पूरे भारत और ओवरसीज में कहीं भी रोजगार मिल सके। उन्होंने वाईब्रेंट विलेज के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्लैंपिंग प्रोजेक्ट्स की काफी डिमांड है। उन्होंने इसके लिए स्थान चिन्हित कर ग्लैंपिंग प्रोडक्ट विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव धीराज गर्ब्याल एवं अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य की विभिन्न योजनाओं के लिए सीएम धामी ने 38 करोड़ रूपए की दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में संचालित पेयजल, पर्यटन, सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन एवं पौड़ी गढ़वाल में एन.सी.सी. अकादमी स्थापना के लिये ₹ 38 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्तपोषण के अंतर्गत चमोली एवं अल्मोड़ा जनपदों में सिंचाई विभाग की 5 योजनाओं के लिए ₹12.83 करोड़ सहित सिंचाई विभाग की 7 अन्य योजनाओं के लिए ₹15.06 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के विभिन्न स्थानों पर 50 हैंडपंप तथा 31 सोलर पैनलों की स्थापना के लिये ₹3.98 करोड़ जनपद नैनीताल स्थित पर्यटक आवास गृह, मुक्तेश्वर के उच्चीकरण कार्य के लिए ₹4.96 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही जनपद पौड़ी में एन.सी.सी. अकादमी की स्थापना के लिए संशोधित आगणन ₹50.00 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹1 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के सिविल एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की दरों में वृद्धि का किया अनुमोदन

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के पांचवें एवं छठवें केन्द्रीय वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार लागू वेतन बैंड एवं ग्रेड वेतन में पेंशन प्राप्त कर रहे सिविल एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की दरों में वृद्धि करते हुए 1 जनवरी 2026 से पांचवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए महंगाई राहत 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 484 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत प्रतिमाह किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने, किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वीकृत योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए है।

सीएम धामी से पूर्व विधायकों ने की शिष्टाचार भेंट, सर्वाधिक कार्यकाल के लिए दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पूर्व विधायकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने मुख्यमंत्री धामी को उत्तराखण्ड के मुख्य सेवक के रूप में सर्वाधिक कार्यकाल पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

पूर्व विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य ने विकास, सुशासन तथा जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के समग्र विकास एवं आमजन के हितों को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं, जिनका व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन राज्य के विकास की दिशा में सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा उत्तराखण्ड को विकास के नए आयामों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने राज्य के समग्र विकास, जनकल्याण एवं सुशासन के क्षेत्र में बीते वर्षों में हुई प्रमुख उपलब्धियों के लिए भी मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उनके सफल एवं जनहितकारी नेतृत्व की सराहना की।

मुख्यमंत्री से पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, दिनेश अग्रवाल, देशराज कर्णवाल, लाखीराम जोशी, पुष्पेश त्रिपाठी, धन सिंह नेगी, केदार सिंह रावत, राजकुमार, विजया बड़थ्वाल, सुरेश चंद्र आर्य, जोत सिंह गुनसोला ने भेंट की।

सेवा पखवाड़ा में 22 हजार से अधिक लोग हुए लाभान्वित, 5 हजार जन शिकायतों का किया निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”-‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान और जन-समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। यह अभियान न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गुणात्मक परिवर्तन का उदाहरण बना है, बल्कि इससे राज्य सरकार और आम नागरिक के मध्य प्रभावी समन्वय भी बना है। इस आयोजन के तहत 09 जुलाई, 2026 तक आयोजित कार्यक्रमों की प्रगति से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी एवं वास्तविक परिणाम देने में सफल रही है।

प्रदेश के सभी जनपदों में 04 से 09 जुलाई, 2026 तक कुल 73 जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 64 हजार 192 से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की। यह जन-भागीदारी इसका प्रमाण है कि यह कार्यक्रम जनता की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ा हुआ है और लोगों ने इसे पूरे विश्वास के साथ अपनाया है। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे जनता के द्वार पहुँचा है। जिससे पर्वतीय, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों की समस्याओं के समाधान की राह प्रशस्त हुयी है।

इन शिविरों में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 21 हजार 908 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि जन-कल्याणकारी योजनाएँ पात्र लाभार्थियों तक वास्तविक रूप से पहुँच रही हैं। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर राज्य सरकार द्वारा जनसुविधा एवं पारदर्शिता दोनों को सुदृढ़ किया गया है।

इस दौरान 05 हजार 567 शिकायतें एवं प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 04 हजार 901 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामलों को भी समयबद्ध कार्य-योजना के तहत संबंधित विभागों को प्रेषित कर निरंतर निगरानी में रखा गया है, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। इन शिविरों में आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों से संबंधित कुल 02 हजार 522 आवेदन प्राप्त हुए। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार की यह पहल गरीब, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।

इन आयोजनों की सफलता के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि अधिकारी जनता को कार्यालयों में बुलाने के बजाय स्वयं फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने प्रत्येक कैम्प में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की तथा यह निर्देश दिए कि शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निस्तारण किया जाए। इस पहल से प्रशासनिक तंत्र को और अधिक संवेदनशील बनाने में भी मद्द मिल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ राज्य में शासन की सोच को बदलने वाला अभियान है। इन अभियानों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा ऐसे आयोजनों के माध्यम से शासन व प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, राज्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से समस्याओं के त्वरित समाधान की संस्कृति विकसित हुई है।

सेवा पखवाड़ा जनसेवा शिविरों में 389 से अधिक शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त, अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा, सुशासन एवं समर्पण तथा श्जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविरों, जनसमस्या निवारण शिविरों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन ने गांव-गांव पहुंचकर आमजन को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया तथा प्राप्त जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की।

प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, स्वरोजगार, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, राजस्व, शिक्षा, श्रम, सेवायोजन, आयुष, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर नागरिकों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया। अनेक स्थानों पर स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क दवा वितरण, प्रमाण-पत्र निर्गत करने, पेंशन, रोजगार, कृषि सहायता, महालक्ष्मी किट, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया।

हरिद्वार जनपद के नारसन में आयोजित शिविर में 264 नागरिकों ने सहभागिता की तथा विभिन्न विभागों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया गया। यहां 11 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 6 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। चम्पावत जनपद के रेगड़ू में आयोजित शिविर में 359 लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया तथा 51 आवेदन प्राप्त हुए। टिहरी जनपद के प्रतापनगर में महिला, युवा एवं सैनिक कल्याण विषय पर आधारित जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न विभागों की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। उत्तरकाशी के पुरोला में 290 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया तथा प्राप्त सभी 5 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। पौड़ी जनपद के थलीसैंण में 169 लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। नैनीताल के कोटाबाग में आयोजित विशाल जनकल्याण शिविर में 510 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला तथा 250 शिकायतों में से 190 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। यहां मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 16 लाभार्थियों को लगभग 13 लाख रुपये के चेक तथा पात्र महिलाओं को महालक्ष्मी किट भी वितरित की गई। चमोली के दशोली में 174 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया गया तथा प्राप्त 26 शिकायतों में से 18 का तत्काल समाधान किया गया। चमोली के ग्वालदम में 42 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। ऊधम सिंह नगर के जसपुर में 54 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 38 का तत्काल निस्तारण किया गया तथा स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, समाज कल्याण एवं अन्य विभागों द्वारा बड़ी संख्या में नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से 2,366 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविरों के दौरान 389 से अधिक शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 257 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क औषधि वितरण, प्रमाण-पत्र निर्माण, कृषि एवं उद्यान सहायता, स्वरोजगार योजनाओं का लाभ, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का पंजीकरण तथा विभिन्न जनसेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।

प्रदेशभर में आयोजित इन शिविरों में सांसदों, विधायकों, राज्य मंत्रियों, आयोगों एवं परिषदों के अध्यक्षों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग कर विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र नागरिक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सेवा, सुशासन एवं समर्पण राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार है। उन्होंने कहा कि श्जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारश् अभियान के माध्यम से शासन-प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी अपने क्षेत्र में ही विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास और जनकल्याण का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनसेवा शिविर केवल योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं तथा इसी भावना के साथ राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

सीएस की अध्यक्षता में हुई स्प्रिंग एंड रिवर रेज्युविनेशन अथॉरिटी की उच्च स्तरीय समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में स्प्रिंग एंड रिवर रेज्युविनेशन अथॉरिटी की उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने भूमिगत जल रिचार्ज पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सारा ग्राउंड वाटर रिचार्ज पालिसी तैयार करे।

मुख्य सचिव ने कहा कि सारा को गैर सरकारी एवं आवासीय सोसाईटी में वर्षा जल संरक्षण के दृष्टिगत भू-जल रिचार्ज की पॉलिसी तैयार किए जाने के निर्देश दिए। इससे भूमिगत जल रिचार्ज को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने राज्यान्तर्गत पौराणिक व सांस्कृतिक महत्त्व के धारे-नौलों के संरक्षण एवं संवर्धन के जीर्णाेद्वार के कार्याे के प्रस्ताव भी जनपदों द्वारा शीघ्र भेजे जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में नदियों के पुनर्जीवीकरण पर कार्य हो रहा है। उन्होंने प्रदेश में नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिए भी शीघ्र एक एसओपी तैयार किए जाने के निर्देश दिए। ‘एक जनपद एक नदी‘ प्रोजेक्ट के तहत् आए प्रस्तावों को शीर्घ से शीघ्र शुरू किया जाए। बड़े प्रोजेक्ट्स को विभिन्न विभागों में कन्वर्जेंस के माध्यम से किया जा सकता है।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सारा द्वारा विभिन्न जनपदों में कुल 86 परियोजनाएं गतिमान हैं। सारा के अन्तर्गत जनपद उत्तरकाशी, नैनीताल एंव टिहरी की कुल 16 परियोजनाएं पूर्ण हो गयी हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव दिलीप जावलकर, रणवीर सिंह चौहान, सी. रविशंकर, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

सीएम धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री से रेल परियोजनाओं एवं कनेक्टिविटी विस्तार पर की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य में रेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, रेल संपर्क के विस्तार तथा राज्य की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, धार्मिक एवं पर्यटन महत्व तथा जनहित की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनेक प्रस्ताव केंद्रीय रेल मंत्री के समक्ष रखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक दृष्टि से देश के प्रमुख राज्यों में से एक है। चारधाम यात्रा, हरिद्वार एवं ऋषिकेश के धार्मिक स्थलों, योग एवं आध्यात्मिक पर्यटन तथा आगामी कुम्भ-2027 के आयोजन के दृष्टिगत प्रतिवर्ष देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु एवं पर्यटक राज्य में पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती यात्री संख्या एवं पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए राज्य में आधुनिक, सुदृढ़ एवं सुविधाजनक रेल नेटवर्क का विस्तार समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री को अवगत कराया कि महाराष्ट्र, विशेषकर मुम्बई में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड मूल के नागरिक निवास करते हैं, जिनका अपने गृह राज्य से निरंतर आवागमन बना रहता है। इसके साथ ही चारधाम, बाबा नीम करौली धाम (श्री कैंची धाम), जागेश्वर धाम सहित राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में वर्षभर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। वर्तमान में मुम्बई से हरिद्वार एवं रामनगर के लिए संचालित रेल सेवाओं की संख्या एवं आवृत्ति यात्रियों की आवश्यकता के अनुरूप नहीं है, जिससे यात्रा सीजन, चारधाम यात्रा, अवकाश एवं त्योहारों के दौरान यात्रियों को आरक्षण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मुम्बई-देहरादून के मध्य वन्दे भारत अथवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस सेवा प्रारम्भ करने तथा मुम्बई-हरिद्वार एवं मुम्बई-रामनगर रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे यात्रियों, प्रवासी उत्तराखण्डवासियों एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी तथा राज्य में पर्यटन, व्यापार एवं निवेश को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने मुम्बई-देहरादून के मध्य वन्दे भारत अथवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस सेवा प्रारम्भ करने तथा मुम्बई-हरिद्वार एवं मुम्बई-रामनगर रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन रेल सेवाओं के विस्तार से यात्रियों, प्रवासी उत्तराखण्डवासियों, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधा प्राप्त होगी तथा राज्य में पर्यटन, व्यापार एवं निवेश को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने देहरादून-कोटा रेल सेवा को सूरत-वड़ोदरा-मुम्बई तक विस्तारित करने तथा रामनगर-मुम्बई एवं हरिद्वार-मुम्बई रेल सेवाओं को नियमित अथवा सप्ताह में कम से कम तीन दिन संचालित किए जाने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को बंद कर उसकी भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (न्प्प्क्ठ), उत्तराखण्ड सरकार एवं रेल भूमि विकास प्राधिकरण (त्स्क्।), रेल मंत्रालय के मध्य एसेट मॉनेटाइजेशन एवं ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर की समग्र मास्टर प्लानिंग के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में त्स्क्। को आवश्यक औपचारिक निर्देश प्रदान किए जाने का अनुरोध किया गया।

मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रमुख रेल परियोजनाओं के संबंध में किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन परियोजना की सम्पूर्ण लागत भारत सरकार द्वारा वहन किए जाने, सर्वेक्षण कार्य से संबंधित स्थानीय किसानों की चिंताओं का समाधान किए जाने तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अंतर्गत शीघ्र रेल संचालन प्रारम्भ करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग आजीविका एवं अन्य कारणों से मुम्बई सहित देश के विभिन्न स्थानों में निवास करते हैं। वहीं चारधाम, बाबा नीम करौली धाम (श्री कैंची धाम), जागेश्वर धाम सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में वर्षभर श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। राज्य के कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशन रामनगर, देहरादून एवं हरिद्वार हैं, जहां से पर्वतीय क्षेत्रों के यात्रियों को रेल सुविधा उपलब्ध होती है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेल सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता पर मुख्यमंत्री ने विशेष बल दिया।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर से संचालित त्रिवेणी एक्सप्रेस, मथुरा एक्सप्रेस एवं दौराई एक्सप्रेस के यात्रा मार्ग में पड़ने वाले बनबसा रेलवे स्टेशन पर अल्प समय के ठहराव की व्यवस्था किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि बनबसा भारत-नेपाल सीमा से लगा हुआ व्यापारिक एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है तथा यहां भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट की यूनिट भी स्थापित है। बनबसा स्टेशन पर ठहराव से स्थानीय नागरिकों, यात्रियों एवं सेना को बेहतर परिवहन सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय रेल मंत्री ने बनबसा स्टेशन पर उक्त रेल सेवाओं के अल्प ठहराव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण के अंतर्गत रायवाला से देहरादून तक लंबित कार्य को शीघ्र पूर्ण करने तथा हरिद्वार, हर्रावाला, देहरादून, खटीमा, लक्सर, रुड़की, टनकपुर एवं बनबसा रेलवे स्टेशनों के सौन्दर्यीकरण एवं विस्तारीकरण का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय रेल मंत्री ने उक्त प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने खटीमा-मझोला पीलीभीत के मध्य रेलवे फाटक संख्या-18ब् को जनहित में पुनः खोले जाने का अनुरोध भी केंद्रीय रेल मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि रेलवे फाटक बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों, कृषकों एवं पर्यटकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित कोकोडायल पार्क में आने वाले पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए रेलवे फाटक का संचालन पुनः प्रारम्भ किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय रेल मंत्री ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति प्रदान कर दी है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।

सीएस बर्द्धन ने परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग और सचिवालय अंडरग्राउंड पार्किंग के सम्बन्ध में बैठक ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग और सचिवालय अंडरग्राउंड पार्किंग के सम्बन्ध में बैठक ली। इस अवसर पर मुख्य सचिव द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के क्रम में सचिव पीडब्ल्यूडी डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने परेड ग्राउंड के नीचे अंडरग्राउंड पार्किंग के डिज़ाइन पर प्रस्तुतिकरण दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग तैयार करने के साथ ही परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को जोड़ते हुए और बिना कोई नया पक्का कंस्ट्रक्शन करते हुए ओपन स्पेस पार्क तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्पेस बढ़ाए जाने के लिए डबल बेसमेंट तैयार किया जा सकता है। पार्किंग एरिया से एंट्री और एग्जिट पॉइंट ज़्यादा से ज़्यादा स्थानों पर दिए जाएं, ताकि पार्किंग करने वाले लोगों को गाड़ी पार्क करने के बाद अपने गंतव्य की दिशा में जाने में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। कहा कि अधिक एंट्री और एग्जिट सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहतर रहेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि शहर की आवश्यकता को देखते हुए परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को मर्ज़ करते हुए एक बड़ा ओपन स्पेस ग्रीन पार्क के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए स्टैक होल्डर्स कंसल्टेशन्स भी अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इसे एक कम्पलीट पैकेज के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान सचिवालय परिसर के अंदर अंडर ग्राउंड पार्किंग के डिज़ाइन पर भी प्रस्तुतिकरण दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर के लिए भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए पार्किंग क्षमता विकसित की जाए। राजपुर रोड पर एलिवेटेड पार्किंग के सुझाव पर मुख्य सचिव ने डिजाइन तैयार पर प्रस्तुतिकरण दिये जाने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं सीडीओ देहरादून अभिनव शाह सहित सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।