सीएस रतूड़ी ने दिए सभी सरकारी विभागों को सिर्फ मानकीकृत एवं प्रमाणीकृत उत्पादों की खरीद के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी सरकारी विभागों को सिर्फ मानकीकृत एवं प्रमाणीकृत उत्पादों की खरीद के निर्देश दिए हैं। सीएस ने बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) को राज्य में उत्पादों के प्रमाणीकरण के प्रशिक्षण से सम्बन्धित अपना नियमित कैलेण्ड जारी करने का भी अनुरोध किया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के युवाओं के लिए मानकीकरण, गुणवत्ता सुनिश्चतता, मेनेजमेंट सिस्टम, प्रमाणीकरण, लेब प्रशिक्षण की व्यवस्था कर उन्हें स्टार्ट अप शुरू करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने मानकीकरण एवं प्रमाणीकरण को बढ़ावा देने हेतु राज्य स्तरीय अधिकारियों के क्षमता विकास, शैक्षणिक संस्थाओं में स्टेण्डर्ड क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्ता एवं मानकीकरण के बारे में जागरूक करने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड राज्य में औद्योगिक उत्पादों के मानकीकरण एवं गुणवत्ता हेतु राज्य स्तरीय समिति की चौथी बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने उत्पादों के प्रमाणीकरण के सम्बन्ध में ग्राहकों तथा ग्राहक समूहों जिसमें स्वयं सहायता समूह आदि भी शामिल हो हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों तथा उद्यमों में कार्यरत कार्मिकों को भारत मानक ब्यूरों के कार्यालयों, टेस्टिंग लेब तथा मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में भ्रमण करवाने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस ने उत्पादों के प्रमाणीकरण से सम्बन्धित सूचना पट जिलाधिकारी कार्यालय सहित मुख्य सार्वजनिक स्थानों पर लगवाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि जिला स्तरीय अधिकारियों को अपनी प्रोक्योरमेंट पॉलिसी में प्रमाणीकरण एवं मानकीकरण को लागू करने हेतु संवेदनशील बनाया जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई सहित भारत मानक ब्यूरो तथा राज्य सरकार के अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य के प्राकृतिक स्त्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए जिलाधिकारियों को एक सप्ताह की डेडलाइन

उत्तराखण्ड में जलस्रोतों, धाराओं व नदियों के पुनर्जीवीकरण के सम्बन्ध में जिलों से एक्शन प्लान प्राप्त ना होने पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को एक सप्ताह की डेडलाइन दी है। विषय की गम्भीरता को देखते हुए सीएस ने जिलाधिकारियों को इस कार्य हेतु जिलें में तत्काल एक पूर्णकालिक समर्पित जलागम नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को तत्काल तीन दिन के भीतर जिला स्तरीय Spring and river rejuvenation authority (SARRA) की बैठक लेने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को इस अभियान से प्रमुखता से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने अपर मुख्य सचिव वित्त को निर्देश दिए कि विभिन्न माध्यमों जैसे मनेरगा, नाबार्ड, कैम्पा, पीएमकेएसवाई से जलस्रोतों व नदियों के पुनर्जीवीकरण हेतु फण्डिंग यूटिलाइजेशन के सम्बन्ध में बैठक करने हेतु पत्र जारी किया जाए। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में सम्बन्धित अधिकारियों को राज्य के जलस्रोतों, नदियों, सहायक नदियों, धाराओं के पुनर्जीवीकरण हेतु जिलावार योजना के स्थान पर Holistic and Integrated पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में जल संरक्षण के सम्बन्ध में आज की महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत प्रत्येक ब्लॉक में 10 Critical सूख रहे स्प्रिंग तथा जिलें में 20 Critical सूख रहे जलधाराओं/सहायक नदियों के चिन्हीकरण के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक जिले में दीर्घ अवधि के योजना के तहत एक नदी के पुनर्जीवीकरण की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने मैदानी जिलों में सूख चुके तालाबों के चिन्हीकरण एवं पुनर्जीवीकरण के एक्शन प्लान पर भी कार्य के करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत ग्राम स्तर पर जल संरक्षण कार्य हेतु लक्ष्यों के अंतर्गत बताया गया है कि प्रायः पर्वतीय ग्रामों में 2 से 3 जल स्रोत उपलब्ध होते हैं। इन जल स्रोतों के पुनरुद्धार को लक्षित करते हुए इन स्रोतों के जल संभरण क्षेत्रों में कन्टूर ट्रेचेंज एवं रिचार्ज पिट्स निर्मित किये जा सकते हैं। मैदानी ग्रामों में कच्चे तालाब, चैक डैम एवं रिचार्ज पिट्स के माध्यम से भू-जल रिचार्ज किया जा सकता है। ग्रामों के समीप वन क्षेत्रों एवं चारागाह क्षेत्रों में चाल-खाल का निर्माण किया जा सकता है।

इसके साथ ही जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत विकासखंड स्तर पर Critical जल स्रोतों के उपचार का लक्षयों में बताया गया है कि Critical जल स्रोतों के चिन्हीकरण हेतु पेयजल विभाग एवं जल संस्थान द्वारा चिन्हित ऐसी पेयजल योजनाएं जिसमें जल का प्रवाह अत्यधिक कमी दृष्टिगत हो रही है, के उपचार की योजना निर्माण कर क्रियान्वयन की कार्यवाही प्रारंभ की जा सकती है। केंद्रीय भू-जल बोर्ड द्वारा चिन्हित 4 मैदानी जनपदों में चिन्हित Aquifer के रिचार्ज क्षेत्रों में योजना निर्माण कर क्रियान्वयन की कार्यवाही प्रारंभ की जा सकती है। पेयजल विभाग एवं जल संस्थान विभाग द्वारा 145 Critical जल स्रोत उपचार हेतु चिन्हित किये गये हैं।

जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत जनपद स्तर पर सहायक नदियों और धाराओं के उपचार का लक्षयो के तहत बताया गया है कि पेयजल एवं जल संस्थान विभाग द्वारा निर्मित कई पेयजल योजनाएं जोकि वर्षा आधारित सहायक नदियों/गधेरों पर निर्भर है, इनके जीर्णोद्धार की योजना प्राथमिकता के आधार पर निर्मित कर गतिविधियां प्रारंभ की सकती हैं। सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित विभिन्न सिंचाई योजनाएं सहायक नदियों / धाराओं पर आधारित संभरण क्षेत्रों को चिन्हित कर योजना बनाकर गतिविधियां प्रारंभ की जा सकती हैं। उपरोक्त योजनाओं का यदि संभरण क्षेत्र आरक्षित वन में हैं, ऐसी स्थिति में वन विभाग से अर्न्त-विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है । पेयजल विभाग/जल संस्थान विभाग द्वारा 412 सहायक नदियां/धाराएं एवं 6 नदियां उपचार हेतु चिन्हित की गई हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंदवर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

उत्तराखंडः 26 मई को संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा

उत्तराखंड राज्य में पहली बार राज्य संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जायेगा जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय को जिम्मेदारी दी गयी है। उत्तराखंड राज्य में उच्च शिक्षा के अन्तर्गत तीन राज्य विश्वविद्यालय जिसमें श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय टि0ग0, कुमांऊ विश्वविद्यालय, नैनीताल एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा सम्मिलित हैं, की राज्य संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा का आयोजन श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय द्वारा किया जायेगा।

बीते दिनों श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 एन0के0 जोशी की अध्यक्षता में उत्तराखंड राज्य संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा 2024-26 के सम्बन्ध में ऑन लाईन बैठक आयोजित की गयी। बैठक में तीनों विश्वविद्यालयों के कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, नोडल, संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा, विश्वविद्यालय समर्थ नोडल तथा राज्य समर्थ नोडल अधिकारी, डॉ0 शैलेन्द्र कुमार सिंह शामिल रहे। बैठक में लिये गये निर्णयों के क्रम में प्रो0 जोशी ने बताया कि उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालयों (श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय टि0ग0, कुमांऊ विश्वविद्यालय, नैनीताल एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा) से सम्बद्ध समस्त राजकीय/अशासकीय महाविद्यालयों/स्ववित्त पोषित शिक्षण संस्थानों में सत्र 2024-26 में प्रवेश परीक्षा का आयोजन दिनांक 26 मई, 2024 (रविवार) को गढ़वाल एवं कुमांऊ मण्डल के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों में किया जायेगा, जिस हेतु ऑनलाइन आवेदन पत्र पंजीकरण भरने की तिथि 26 अप्रैल, 2024 से 15 मई, 2024 तक निर्धारित की गयी तथा परीक्षा शुल्क जमा करने की अन्तिम तिथि दिनांक 16 मई, 2024 निर्धारित की गयी। प्रो0 जोशी ने बैठक में उत्तराखंड राज्य संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा के सफल आयोजन हेतु तीनों विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों एवं बैठक में उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

कुलपति प्रो0 जोशी ने बताया कि छात्रों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तीनों विश्वविद्यालय आपस में समन्वय स्थापित कर प्रवेश परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण किया जाएगा। उन्होने बताया कि प्रवेश परीक्षा के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं तथा समयबद्धता के साथ दिनांक 26 मई, 2024 को प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा साथ ही विश्वविद्यालय अधिकारियों को उत्तराखंड राज्य संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा 2024-26 के आयोजन के सम्बन्ध में आवश्यक तैयारियां 15 मई, 2024 तक पूर्ण करने हेतु निर्देश दिये गये हैं।

श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय प्रदेश में छात्र नामांकन की दृष्टि से प्रदेश का अग्रणीय विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को सत्र 2022-23 से प्रारम्भ किया गया है एनईपी द्वितीय बैच के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं दिनांक 06 मई, 2024 से प्रस्तावित हैं साथ ही अन्य आधारभूत एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम जो कि नॉन एनईपी पाठ्यक्रम संचालित हैं उनकी परीक्षाएं भी दिनांक 06 मई, 2024 से प्रस्तावित हैं। छात्र हितों के मध्येनजर विभिन्न पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किये जा रहे हैं। शैक्षणिक कैलेन्डर के अनुरूप विश्वविद्यालय में प्रवेश, परीक्षा तथा परिणाम का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। शासन द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालय समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय में नवाचार के लिए शैक्षिक गतिविधियों का समय-समय पर आयोजन किया जा रहा है तथा उत्तराखंड राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक व रोजगार परक पाठ्यक्रम भी विश्वविद्यालय परिसरों में संचालित किये जा रहे हैेैं।

उत्तराखंड के प्रसिद्ध इतिहासकार यशवंत कठोच को राष्ट्रपति ने किया पद्मश्री से सम्मानित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड के प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ यशवंत कठोच को पद्मश्री से सम्मानित किया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति डॉ कठोच को पद्मश्री से नवाजा। डॉ यशवंत कठोच को भारतीय संस्कृति, इतिहास, पुरात्व शोध के कार्यों के लिए पद्मश्री से नवाजा गया है।

पौड़ी जिले के रहने वाले डॉ यशवंत कठोच का जन्म जन्म 27 दिसंबर 1935 में एकेश्वर विकासखंड में मासौ गांव में हुआ। यशवंत कठोच उत्तराखंड के प्रसिद्ध इतिहासकार हैं। यशवंत कठोच ने कई साल तक शिक्षा के क्षेत्र में प्रधानाचार्य के रूप में सेवाएं दी। इसके बाद उन्होंने कई शोध कार्य किए। पुरातत्व के क्षेत्र में यशवंत कठोच को महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने इतिहास और पुरातत्व से जुड़ी कई किताबें भी लिखी हैं। डॉक्टर यशवंत सिंह कठोच उत्तराखंड शोध संस्थान के संस्थापक सदस्य हैं। इस संस्थान की स्थापना 1973 में की गई थी।

डॉक्टर कठोच ने मध्य हिमालय की कला- एक वास्तु शात्रीय अध्ययन, मध्य हिमालय का पुरातत्व, संस्कृति के पदचिन्ह, सिंह भारती और उत्तराखंड की सैन्य परंपरा समेत एक दर्जन पुस्तकें लिखी हैं। वर्तमान में डॉ कठोच मध्य हिमालय के पुराभिलेख और इतिहास तथा संस्कृति पर निबंध जैसी रचनाओं को पूर्ण करने का काम कर रहे हैं।

मतदान को लेकर दुल्हन और दुल्हे में दिखा उत्साह, परिधान में ही पहुंचे वोट देने

उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए पहले चरण की वोटिंग जारी है। पांचों सीटों पर सुबह से ही मतदान के लिए खासा उत्साह दिख रहा है। आजकल शादी का सीजन भी चल रहा है। इस बीच कई पोलिंग बूथ पर सुखद तस्वीरें देखने को मिली हैं, जहां दुल्हनें जोड़े में सजकर वोट देने निकली। पौड़ी हो या कासशीपुर, दुल्हनों ने वोट देने के लिए गजब का उत्साह दिखाया है।

गढ़वाल लोकसभा सीट के विकासखंड कोट में भी दुल्हन ने ससुराल विदा होने से पहले वोट किया और लोकतंत्र के पर्व में भाग लिया। दुल्हन सोनाली ने राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय रणाकोट में पहुंचकर मतदान किया।

श्रीनगर में भी नवविवाहित जोड़ा शादी की रस्म खत्म होते ही जीआईसी श्रीनगर के पोलिंग बूथ पर मतदान करने पहुंचा। श्रीनगर के ही जोखोला पोलिग बूथ पर विदाई से पहले दुल्हन पति के साथ वोट देने पहुंची।

काशीपुर की 23 साल की दीक्षा की शादी देहरादून के अंशुल के साथ हुई है। बीते रोज अंशुल बारात लेकर काशीपुर पहुंचे थे। शुक्रवार 19 अप्रैल सुबह को विवाह समारोह की सभी रस्में पूरी हो गई थी, लेकिन सुबह विदाई से पहले दीक्षा अपने पति अंशुल और अन्य परिजनों के साथ मतदान केंद्र गई और वोट किया। वोट डालने के बाद दीक्षा की विदाई हुई. दूल्हे अंशुल ने कहा कि वो भी देहरादून में जाकर सबसे पहले मतदान करेंग.. नवविवाहित की इस पहल की हर कोई प्रशंसा कर रहा है।

बता दें कि 5 लोकसभा सीटों पर 85 लाख मतदाता 55 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं। नतीजे 4 जून को आएंगे।

कुछ घंटे शेष, शांतिपूर्ण मतदान के लिए निर्वाचन तैयार

19 अप्रैल को होने वाले मतदान में चंद घंटे शेष बचे हैं। प्रसासन निर्वाचन को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए तैयारी कर चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी आर पुरुषोत्तम ने वोटिंग के दिन विद्युत, पेयजल, स्वास्थ्य एवं लोक निर्माण विभाग से जुड़े कार्मिकों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने शुक्रवार को सभी अस्पतालों और चिकित्सा इकाइयों को खुला रखने के आदेश जारी किए हैं। उधर राज्यपाल ने भी मतदान के दिन सभी सरकारी, प्राइवेट स्कूलों, संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों, को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. वी.बी.आर.सी.पुरुषोत्तम ने गुरुवार को सचिवालय में आवश्यक सेवा से जुड़े समस्त विभागों एवं एजेंसियों के साथ बैठक की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में निर्देश दिये कि मतदान के दिन मतदान समाप्ति तक सभी अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की अनिवार्य रूप से उपस्थिति रहे। इसके अतिरिक्त विद्युत एवं पेयजल अपूर्ति से जुड़े संबंधित विभाग सभी मतदान केंद्रों पर व्यवस्था सुनिश्चित करें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिये हैं कि मतदान पार्टियों के अपने गंतव्यों तक सुरक्षित वापसी होने तक सभी राजमार्गों, सड़कों, संपर्क मार्गों पर लैंड स्लाइड या अन्य किसी भी बाधा के दृष्टिगत अलर्ट मोड पर रखा जाए।

इसके बाद स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने आदेश जारी किए कि मतदान के दिन 19 अप्रैल, 2024 को उत्तराखंड की समस्त चिकित्सा इकाइयां / मेडिकल कॉलेज एवं उनसे सम्बन्धित समस्त चिकित्सा इकाइयां खुली रहेंगी। इन चिकित्सा इकाइयों में कार्यरत कार्मिकों का मतदान रोटेशन के आधार पर सम्बन्धित चिकित्सा इकाई के चिकित्सा अधीक्षक / नियंत्रक अधिकारी द्वारा सुनिश्चित कराया जायेगा।

कल रहेगी छुट्टी, वोट देने जरूर जाएं

उधर राज्यपाल ने भी मतदान के दिन सभी सरकारी, प्राइवेट स्कूलों, संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों, को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग वोट देने जरूर जा सकें। वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, दुकानों, फैक्ट्रियों या उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों के लिए भी 19 अप्रैल के दिन अवकाश रहेगा। प्रदेश के सभी बैंक, ट्रेजरी, उप ट्रेजरी भी कल बंद रहेंगे

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली स्टेट आइकॉन के साथ बैठक

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में आयोजित राज्य के स्टेट आइकॉन के साथ बैठक की।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी स्टेट आइकॉन से मतदाता जन-जागरूक कार्यक्रम को और भी व्यापक रूप मतदाताओं तक पहुंचाने के अपील की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आगामी 19 अप्रैल को प्रदेश में मतदान होना है, ऐसे में अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान स्थल तक लाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना होगा। बैठक में पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण, डॉ. कल्याण सिंह रावत, बसंती बिष्ट एवं डॉ. माधुरी बर्थवाल ने अपने अनुभवों को साझा किया।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप शाह, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तु दास, मुक्ता मिश्रा एवं स्टेट नोडल ऑफिसर (स्वीप) मोहम्मद असलम उपस्थित रहे।

6 मार्च को होगा देहरादून से अयोध्या, अमृतसर और वाराणसी के लिए हवाई सेवाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रयास रंग लाया है। देहरादून से देश के तीन प्रमुख शहरों अयोध्या, अमृतसर और वाराणसी के लिए सीधी हवाई सेवा को केंद्र की मंजूरी मिल गई है। तीनों सेवाओं का छह मार्च को शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री धामी ने तीनों सेवाओं की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार प्रकट किया है।
उद्घाटन दिवस पर देहरादून से अयोध्या के लिए विमान सुबह 9-40 बजे उड़ान भरेगा और पूर्वाह्न 11-30 बजे अयोध्या पहुंचेगा। उसी दिन अयोध्या से दोपहर 12-15 बजे उड़ान भरकर दोपहर 01-55 बजे देहरादून पहुंचेगा।
देहरादून-अमृतसर हवाई सेवा का विमान दोपहर 12 बजे अमृतसर से उड़ान भरेगा और दोपहर 01-10 बजे देहरादून पहुंचेगा। इसी प्रकार देहरादून से दोपहर 1-35 बजे अमृतसर के लिए उड़ान भरेगा और दोपहर 2-45 बजे अमृतसर पहुंचेगा।
वाराणसी के लिए वाया पंतनगर हवाई सेवा भी 6 मार्च से शुरू हो रही है। यात्री विमान प्रातः 9-50 बजे देहरादून से पंतनगर के लिए उड़ान भरेगा और 10-35 बजे पंतनगर पहुंचेगा। इसी प्रकार पंतनगर से 11-15 बजे वाराणसी के लिए उड़ान भरेगा और दोपहर एक बजे वाराणसी में उतरेगा। वाराणसी से विमान दोपहर 1.40 बजे पंतनगर के लिए उड़ान भरेगा और अपराह्न 3-25 बजे पंतनगर पहुंचेगा। पंतनगर से विमान अपराह्न 3-50 बजे उड़ान भरेगा और शाम 4-35 बजे देहरादून पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री धामी तीनों स्थानों के लिए हवाई सेवा शुरू करने के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने से पूर्व उन्होंने केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध करने के साथ ही पत्र भी लिखा था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि देहरादून से अभी अयोध्या के लिए सीधी उड़ान सेवा उपलब्ध नहीं है। श्रीरामलला के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं, अयोध्या से देवभूमि के लिए हवाई सेवा शुरू होने से श्रद्धालुओं को उत्तराखंड की यात्रा में भी सुविधा होगी। इसी प्रकार देवभूमि की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्री भी इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

राजभवन में आयोजित वसंतोत्सव का अवलोकन कर विभिन्न फूलों की आकर्षक प्रदर्शनी को सराहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से भेंट कर उन्हें वसंतोत्सव की शुभकामना दी। मुख्यमंत्री ने राजभवन में आयोजित वसंतोत्सव का अवलोकन कर इस अवसर पर आयोजित आकर्षक पुष्प प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इस आयोजन को प्रकृति से जुड़ने का सार्थक प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रजाति के पुष्पों का सौंदर्य मानसिक शांति के साथ पर्यावरण की स्वच्छता का भी संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न प्रकार के पुष्पों के लिये भी उत्तराखण्ड की पहचान रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्रों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में प्रतिभाग कर रहे लोगों से मिलकर उनके सुझावों से अवगत हुए तथा विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन कर जानकारी भी ली।

राज्य में वित्तीय समावेशन को आत्मनिर्भर राज्य के निर्माण की दिशा में प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्य सेवक सदन में एचडीएफसी बैंक के राजपुर गांव की 111वीं शाखा, युकाडा के विभिन्न सॉफ्टवेयर एवं चार-धामों में यात्रियों की सुविधा के लिए स्थापित एटीएम का वर्चुअल शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का जो मंत्र दिया है, वह मंत्र तभी सार्थक हो सकता है जब हम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सामान्य जन सुविधाओं को पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि आज राज्य में वित्तीय समावेशन को एक आत्मनिर्भर राज्य के निर्माण की दिशा में प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने वित्तीय संस्थानों की सराहना करते हुये कहा कि राज्य में वित्तीय संस्थानों, विशेषकर बैंकों द्वारा ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों पर ध्यान देने के प्रयास भी उत्साहजनक रहे हैं, लेकिन हमें इस क्षेत्र में बुनियादी स्तर पर कार्य करने की और अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के तहत सुदूर गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में एचडीएफसी बैंक की वर्तमान में कई शाखाएं संचालित हैं, जिसके माध्यम से प्रदेश के निवासियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसमें एचडीएफसी बैंक लगातार सफल हो रहा है। यही नहीं एचडीएफसी बैंक पेपर लैस वर्क कल्चर को अधिक तरजीह देता है, जो डिजिटल तकनीक का विशिष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का निरन्तर प्रयास और संकल्प है कि प्रदेश के हर कोने और अन्तिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश जनधन खातों का महत्व देख व समझ रहा है तथा बैंक खातों की वजह से ही सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया का आधा डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहा है, जिसमें हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने एचडीएफसी बैंक द्वारा सरकार को दिये जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि बैंक द्वारा जहां केदारनाथ धाम के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि प्रदान की गई थी, वहीं जोशीमठ के सहायतार्थ भी आर्थिक मदद की गई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए लोक केंद्रित पहल शुरू करने में सबसे आगे रही है तथा जब एचडीएफसी जैसे बैंक इन पहलों में सरकार का सहयोग करने के लिए आगे आते हैं, तो यह साझेदारी समाज के लिए अत्यंत लाभकारी होती है। उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक अथवा अन्य बैंक जहां आदर्श स्थिति में खड़े हो सकते हैं, वह आदर्श स्थान, देवभूमि उत्तराखण्ड ही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा आजीविका के अवसरों को बढ़ाने, आय के विविध और स्थायी स्रोतों को प्रदान करने, रोजगार और उद्यमिता को सक्षम बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है ताकि उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि हम बैंकों, कॉरपोरेट्स और अन्य व्यवसायों को उत्तराखंड में स्थापित और विस्तारित करने के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बैंकों सहित विभिन्न व्यवसायों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और सुविधा प्रदान करने का प्रयास कर रही है, जिससे राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर और स्वास्थ्य मानकों में सुधार किया जा सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एचडीएफसी बैंक पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष में एचडीएफसी ने जहां दो लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित कर उस लक्ष्य को प्राप्त किया, वहीं इस वर्ष भी 5 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित कर पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये एचडीएफसी बैंक के स्टेट हेड बकुल सिक्का, ब्रांच हेड अखिलेश कुमार राय ने बैंक के क्रियाकलापों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अपर सचिव वित्त, नागरिक उड्डयन सी0रवि शंकर सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।