सीएम धामी ने किए बाबा केदारनाथ के दर्शन, पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा भी की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बाबा केदारनाथ के दर्शनों को श्री केदारनाथ धाम पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाबा केदारनाथ का रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली एवं विश्व कल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की।

एक दिवसीय दौरे पर बाबा केदारनाथ धाम के दर्शनों को पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडे, आईजी पुलिस गढ़वाल करन सिंह नगन्याल, जिलाधिकारी डॉ सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक डॉ विशाखा ने वीआईपी हैलीपैड पर उनका स्वागत किया। इसके बाद, मुख्यमंत्री तीर्थ पुरोहित समाज एवं मुख्य पुजारी से मिले। मुख्यमंत्री ने बाबा केदारनाथ मंदिर में प्रवेश कर विशेष पूजा अर्चना एवं रुद्राभिषेक कर संपूर्ण विश्व एवं मानवता के कल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के सतत विकास के लिए भी बाबा केदार से आशीर्वाद मांगा। करीब 20 मिनट पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने धाम में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों का अभिवादन कर श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने धाम के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग का आशीर्वाद प्राप्त किया, साथ ही तीर्थ पुरोहितों के साथ धाम में चल रहे निर्माण एवं अन्य कार्यों के संबंध में चर्चा कर सुझाव मांगे। उन्होंने केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने एवं गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए समयबद्धता के साथ सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीकेटीसी योगेन्द्र सिंह, प्रभारी कार्यकारी अधिकारी आरसी तिवारी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल, अनूप सेमवाल, केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, विनोद शुक्ला, किशन बगवाड़ी, उमेश पोस्ती, केशव तिवारी, दिनेश बगवाड़ी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।

एम्स पहुंचे सीएम धामी, घायलों को बेहतर उपचार के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एम्स, ऋषिकेश में उपचार हेतु भर्ती रुद्रप्रयाग में हुई वाहन दुर्घटना के घायलों का हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री ने घायलों के उपचार के संबंध में एम्स के चिकित्सकों से भी जानकारी प्राप्त की तथा घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रुद्रप्रयाग में हुई वाहन दुर्घटना के जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वाहन दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में अपने कार्यों से यात्रियों का दिल जीत रहे पीआरडी जवान

श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में ड्यूटी के लिए तैनात पीआरडी जवान अपने कार्यों से यात्रियों का दिल जीतने का कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से भी पीआरडी जवानों के लिए तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार इन जवानों का पहली बार 10 लाख रुपये तक का बीमा कराया गया है, साथ ही उनके भोजन-पानी की भी प्रशासन के स्तर से बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं।
गौरतलब है कि केदारनाथ पैदल मार्ग में कठिन परिस्थितियों के बीच पीआरडी के ये जवान श्रद्धालुओं की सेवा से लेकर रेस्क्यू तक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं तो म्यूल टास्क फोर्स के अंतर्गत घोड़े- खच्चरों के मानक अनुसार संचालन का कार्य भी देख रहे हैं। श्री केदारनाथ धाम तक पैदल यात्रा मार्ग को सात पड़ाव में बांटा गया है। हर पड़ाव पर समान्य ड्यूटी के लिए पीआरडी के 06 और रेस्क्यू एवं अन्य कार्यों के लिए डीडीआरएफ के 06 जवान तैनात हैं। इसके अलावा सेक्टर मजिस्ट्रेट अधिकारियों के साथ म्यूल टास्क फोर्स के जवान तैनात हैं जो नियमित रूप से घोड़ा- खच्चर संचालन के लिए बनाए गए नियम- कानूनो का पालन करा रहे हैं। तत्परता से ड्यूटी करने वाले पीआरडी जवानों की सेहत का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इस वर्ष पिछले वर्षों के मुकाबले दोगुने लोगों की ड्यूटी यात्रा मैनेजमेंट में लगायी गई है। जिससे जवान यात्रा में सुगमता से ड्यूटी कर सकें एवं उनकी सेहत भी ठीक रहे। यात्रा मार्ग पर मुस्तैदी से ड्यूटी करने वाले पीआरडी जवानों के लिए विशेष पहल करते हुए उनकी ड्यूटी में सुधार किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती ने बताया कि पिछले वर्षाे के मुकाबले दोगुने पीआरडी जवानों की ड्यूटी यात्रा में लगायी गयी है। जहाँ पिछले साल यात्रा के दौरान 50 के आसपास ही पीआरडी जवान यात्रा मैनेजमेंट का हिस्सा होते थे तो इस वर्ष 90 से 95 जवानों को यात्रा मैनेजमेंट में लगाया गया है। इससे जवानों की ड्यूटी रोटेशन में लगायी जा रही है ताकि ड्यूटी के दौरान उन्हें आराम मिल सके। इसके अलावा प्रशासन की तरफ से इन्हें राशन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है ताकि खाने की कोई समस्या न हो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी संभाल रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवाड ने बताया कि गौरीकुंड से सभी जवानों के लिए सूखे राशन सहित अन्य अनिवार्य सामान लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं पहली दफा इन जवानों को 10 लाख रुपए तक का बीमा भी करवाया गया है।

मशीन में यात्री अपनी क्यूआर कोड वाली बोतल जमा कर दस रुपये कर सकते हैं प्राप्त

प्लास्टिक फ्री श्री केदारनाथ धाम की मुहीम के अंतर्गत जिला प्रशासन ने निजी संस्था के सहयोग से इस बार यात्रा मार्ग पर दो प्लास्टिक वेंडिंग मशीन स्थापित की हैं। एक मशीन गौरीकुंड जबकि दूसरी केदारनाथ धाम परिसर में स्थापित की गई है। इस मशीन में यात्री अपनी क्यूआर कोड वाली बोतल जमा कर दस रुपये रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। यह रिफ़ंड डिजिटल माध्यम से यूपीआई के ज़रिये प्राप्त हो सकेगा।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाने एवं पर्यावरण की दृष्टि से जिला प्रशासन की ओर से अभिनव पहल की गई है। दरसअल, यहां पर यात्रा मार्ग में दो स्थानों पर प्लास्टिक वेंडिंग मशीन स्थापित की गई है। गत वर्ष ट्रायल के रूप में एक मशीन धाम के यात्रा मार्ग पर लगाई गई थी जिसे अब आगे बढ़ाते हुए यात्रा मार्ग पर इस बार दो प्लास्टिक वेंडिंग मशीन लगाई गई हैं। उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने बताया कि गौरीकुंड के अलावा केदारनाथ धाम परिसर में यह मशीनें लगाई गई हैं। यह पहल श्छोटा कदम बड़ा बदलावश् की थीम पर की जा रही है। यात्रा मार्ग पर स्थापित प्लास्टिक वेंडिंग मशीनों में कोई भी यात्री अपनी क्यूआर कोड वाली बोतल लेकर जा सकता है और इसे मशीन में जमा करने पर दस रुपए यूपीआई में रिफंड हो जाएंगे।

सेक्टर अधिकारी की तत्परता से दो साल की बिछड़ी बच्ची परिजनों से मिली

सेक्टर अधिकारी लिनचोली राहुल कुमार ने अवगत कराया है कि इंदौर से आए तीर्थ यात्री मुस्कान अग्रवाल व उसके पति अपनी 02 साल की पुत्री हीनल अग्रवाल जो श्री केदारनाथ धाम के दर्शन करने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी हॉकर के पास दे रखी थी तथा छोटी लिनचोली के पास शॉर्ट कट के चक्कर में मुस्कान अग्रवाल एवं उनके पति हॉकर से बिछड़ गए जिस कारण उनकी बेटी भी उनसे बिछड़ गई तथा आगे जाकर महिला अपनी बेटी को अपने आसपास न देखकर रोने-बिलखने लगी, जिस पर उधर से गुजर रहे सेक्टर अधिकारी राहुल कुमार ने उनसे रोने का कारण जाना। जिस पर उन्होंने बताया कि हमारी बेटी हमसे बिछ़ड गई है। सेक्टर अधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए इसकी जानकारी सेक्टर अधिकारी केदारनाथ एवं हैलीपैड से संपर्क किया किन्तु बच्ची बड़ी लिनचोली के पास ही मिल गई थी जिसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है।

अपनी बच्ची को अपने पास पाकर माता-पिता को खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने अपनी बिछडी बेटी से मिलाने के लिए जिला प्रशासन की टीम द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही के लिए सभी का आभार एवं साधुवाद किया।

सीएम ने रूद्रप्रयाग में चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग में चारधाम एवं श्री केदारनाथ धाम यात्रा की जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ जी के प्रति देश- विदेश के लोगों की श्रद्धा जुड़ी है और हर वर्ष बाबा के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है, आने वाले समय में यात्रा और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में जरूरी है कि भविष्य में श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए रणनीति के साथ कार्ययोजना बनाई जाए। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक यात्रा मार्ग का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्ग पर सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत क्रैश बैरियर के साथ ही पेड़ लगाये जाने की पहल शुरू की जाए। इससे सड़क हादसों में कमी लायी जा सकेगी। जनपद में यह प्रयोग सफल होने पर पूरे राज्य में इसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद रुद्रप्रयाग बाबा केदारनाथ जी का निवास स्थान है ऐसे में जनपद प्रशासन की कोशिश होनी चाहिए कि यहां इस प्रकार की पहल शुरू हो और पूरा राज्य उसे अपनाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विविधताओं से भरा राज्य है ऐसे में जनपद के भूगोल एवं अन्य संसाधनो को ध्यान में रखते हुए ही विकास की रणनीति बननी चाहिए। विकास के साथ साथ विरासत का ध्यान रखा जाना भी जरूरी है। उन्होंने वृक्षारोपण के अलावा जल संचय के लिए भी विशेष प्रयास करने के निर्देश जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन एवं पुलिस को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी हाल में श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ड्यूटी में तैनात कर्मचारी एवं सुरक्षा बल खुद वीआईपी दर्शन की होड़ में न रहें यह भी सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा सड़क, स्वच्छता, शौचालय, बिजली-पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सहित रहने व खाने की उचित व्यवस्था हो और इसे लगातार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को हेली सेवाओं के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं यात्रा ड्यूटी में लगे सभी कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्यता के साथ पेश आने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने एवं आगामी मानसून सत्र के लिए अभी से तैयारियां करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।

कर्मचारियों के लिए गर्म जैकेट लांच किया
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की ओर से यात्रा रूट पर तैनात सफाई कर्मचारियों, पीआरडी जवानों, स्वयंसेवकों, पुजारियों एवं अन्य कर्मचारियों के लिए तैयार किए गए गर्म जैकेट एवं यूनीफॉर्म भी लॉन्च की। इसके साथ ही यात्रा रूट के लिए तैयार गाइडलाइन एवं हेल्प बुक की भी लांचिंग की। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से सभी कर्मचारियों के लिए करवाए जा रहे सामूहिक बीमा योजना भी मुख्यमंत्री ने लांच करते हुए पहला बीमा पत्र भी जारी किया।

यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण
यात्रा संबंधी तैयारियां की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग पर महिला समूहों के सशक्तिकरण के लिए दुग्ध विभाग की ओर से गिवाणी गांव में नव निर्मित आँचल कैफे का भी उद्घाटन किया। साथ ही विभिन्न स्थानों पर बनाई गई पार्किंग एवं पार्क का भी अवलोकन किया।

’पिरूल एकत्रित कर की पिरुल लाओ धन पाओ की शुरुआत’
मुख्यमंत्री रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अन्तर्गत वनाग्नि सुरक्षा कार्याे का जायजा लिया तथा रतूडा के निकट चीड वन क्षेत्र में वनाग्नि रोकथाम में लगे वनकर्मियो एवं फायर वाचरो से मिले। मुख्यमत्री द्घारा फायर टीम के साथ फायर रेक द्घारा पिरूल हटाया तथा ब्लोअर को पिरूल हटाने व फायर लाइन सफायी में कारगर बताया। प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा अवगत कराया कि वनाग्नि मुक्त चारधाम यात्रा हेतु प्रभाग के अन्तर्गत पाँच वनाग्नि नियत्रण सेक्टर बनाये गये है जो त्वरित एवं कुशल ढंग से आग को नियंत्रित करेगी । माननीय मुख्यमंत्री द्वारा चीड पिरूल का एकत्रीकरण कर ब्रेकैट बनाने को प्रोत्साहन देने पर बल दिया एंव स्थानीय रोजगार को जोडने की पहल ‘पिरुल लाओ धन पाओ’ की शुरुआत स्वयं पिरुल एकत्रीकरण कर की। साथ ही मुख्यमंत्री ने फायर लाइन प्रबंधन हेतु सामुदायिक भागीदारी एवं मिशन मोड पर कार्य किए जाने पर बल दिया।

बैठक में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे ने केदारनाथ यात्रा को लेकर जिला स्तर से की गई तैयारियों एवं नए प्रयासों की रिपोर्ट पेश की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा यात्रा को लेकर की गई तैयारियों की सराहना भी की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, दर्जा धारी मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवारी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल करण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशीष, ऊखीमठ अनिल शुक्ला, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्र, पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं नोडल अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग नारी शक्ति वंदन महोत्सव के अंतर्गत आयोजित ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग में नारी शक्ति वंदन महोत्सव के अंतर्गत आयोजित ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग में किया प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ₹467 करोड़ 78 लाख की 27140 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉल का अवलोकन कर महिलाओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग पर्यटन विभाग की ओर से तैयार कॉफ़ी टेबल बुक का विमोचन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दुग्ध विभाग एवं सीएसआर के माध्यम से संचालित अत्याधुनिक एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं भी की। जिसमें मन्दाकनी शरदोत्सव एवं कृषि औद्योगिक विकास मेला, अगस्तमुनी को राजकीय मेला घोषित किया जाने, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अगस्तमुनि में आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति किये जाने, गौरीकुण्ड में स्थित मॉ गौरी के मन्दिर का सौन्दर्याकरण किये जाने, द्वितीय केदार श्री मद्यमहेश्वर धाम को विकसित किये जाने, दशज्यूला क्षेत्र के स्थान जागतोली में मिनी स्टेडियम की स्थापना किये जाने, छेनागाड पेयजल योजना का निर्माण किये जाने, राजकीय पालीटेक्निक चोपता के भवन का निर्माण किये जाने, अगस्तमुनी खेल मैदान से चाका हेतु मोटर पुल का निर्माण किये जाने, लमगौण्डी देवलीघडी ग्राम तीनसोली मोटर मार्ग का नाम जम्मू कश्मीर में आतंकवादी मुठभेड में शहीद हवलदार देवेन्द्र सिंह राणा के नाम पर किये जाने के साथ ही भीरी- मक्कू मोटर मार्ग से परकण्डी सिरवा तक 2 किलोमीटर मोटर मार्ग की प्रथम चरण की स्वीकृति प्रदान करने एवं ऊखीमठ में गुप्तकाशी जाखधार त्यूडी मोटर मार्ग से देवर मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य किये जाने की घोषणा शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पंचप्रयागों में से एक प्रयाग होने के कारण इस भूमि का स्थान उत्तराखण्ड में ही नही बल्कि भारत में भी अति विशिष्ट है। उन्होंने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसी सिद्ध भूमि पर आने और यहां मातृशक्ति को समर्पित ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग कार्यक्रम के तहत जन कल्याण की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा पूरे उत्तराखंड का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि रुद्रप्रयाग जिले का सर्वांगीण विकास हो और यह क्षेत्र उन्नति के नए शिखर छुए।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी मातृशक्ति सही अर्थों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल’’ के मंत्र को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृ शक्ति के सहयोग के बिना किसी भी समाज या किसी भी राष्ट्र का संपूर्ण विकास नहीं हो सकता।उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के दुर्गम गांव-गांव में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर कुटीर उद्योगों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही हैं। महिलाओं के पास कौशल की कभी कोई कमी नहीं रही और अब यही कौशल उनकी और उनके परिवारों की आर्थिकी को शक्ति प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनो की इस परेशानी को समझा तो सिर्फ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने, उनके नेतृत्वकाल में आज देशभर में करीब 23 करोड़ महिलाओं को जन धन खातों के जरिए बैंकों से जोड़ा जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी योजना, नंदा गौरा मातृवंदना योजना और महिला पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं।

उन्होंने कहा कि बतौर मुख्यसेवक “मेरा ये प्रयास रहा है कि प्रदेश की जनता के हितों के लिए जो भी आवश्यक कदम हों, बिना देरी के उठाएं जाएं।” उन्होंने कहा एक ओर जहां उत्तराखण्ड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी पहली बार कार्रवाई करने से हम पीछे नहीं हटे, इसके साथ ही हमने प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था भी प्रारंभ की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार को समान नागरिक संहिता का जल्द ड्राफ्ट मिल जाएगा, जिसके बाद जल्द समान नागरिक संहिता को लागू करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा ने बीते वर्ष रिकॉर्ड पार किए इस वर्ष सरकार यात्रा को और बेहतर तरीक़े से सुविधाओं को विकसित करने जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल में प्रदेश सरकार उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जिसके तहत 50 देशों के निवेशकों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में वेडिंग डेस्टिनेशन को विकसित करने के लिए भी मिशन मोड में काम कर रही है।

इस अवसर पर विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री का जनपद आगमन पर स्वागत करते हुए जनपद के विकास के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। विधायक केदारनाथ शैला रानी रावत ने श्री केदारनाथ धाम यात्रा में नया कीर्तिमान स्थापित होने पर मुख्यमंत्री धामी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि धामी जी के नेतृत्व में करीब 20 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह ने जनपद के विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे कार्यों पर धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर दर्जा धारी राज्यमंत्री अजेन्द्र अजय, चण्डी प्रसाद भट्ट, प्रदेश गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, अध्यक्ष महिला मोर्चा आशा नौटियाल, भाजपा ज़िलाध्यक्ष श्री महावीर पवार, ज़िलाधिकारी एवं पुलिस कप्तान मौजूद रहे।

सीएम ने ’ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग’ के दौरान महिलाओं संग बनाया चौलाई से तैयार महाप्रसाद

शक्ति वंदन महोत्सव के अंतर्गत जनपद रुद्रप्रयाग में आयोजित ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न महिला समूहों के साथ विभिन्न क्रियाकलाप कर स्थानीय संस्कृति को जाना। श्री केदारनाथ धाम में एनआरएलएम के तहत काली माता स्वयं सहायता समूह एवं देवी धार स्वयं सहायता समूह के साथ महा प्रसाद बनाते हुए मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की यादें उनसे साझा की।

हाथ से महाप्रसाद बनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बचपन में घर के कार्यों में खूब हाथ बटाया है। बचपन में वो त्योहारों के समय अपनी माता जी के साथ स्थानीय पकवान बनाने में खूब सहयोग करते थे। वहीं सिलबट्टे पर कई बार अपनी माता जी के साथ मिलकर नमक भी पीसा है। आटा गूँथने से लेकर जंगल में घास काटने तक में उन्होंने हमेशा हाथ बटाया। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं से सरकार की महाप्रसाद योजना से जुड़ने के बाद आजीविका में हुए बदलाव की जानकारी भी ली।

रूरल बिजनेस इंक्यूबेटर की ओर से लगे स्टॉल पर शिल्पकार के उद्यमियों एवं स्वास्तिक स्वयं सहायता की महिलाओं के साथ मिलकर मुख्यमंत्री धामी ने स्टोन पेन्टिंग करते हुए उनकी संस्था की जानकारी ली। वहीं उन्नती क्लस्टर संगठन, कालीमठ कोटमा की महिलाओं के स्टॉल पर कताई एवं बुनाई की। संगठन की अध्यक्ष सरिता देवी ने उन्हें हाथकरघा की पूरी विधि बताते हुए अपने संगठन की जानकारी दी। उन्होंने समूह के उत्पादों की सराहना करते हुए श्री केदारनाथ धाम एवं यात्रा मार्ग पर भी आउटलेट खोलने एवं पारंपरिक तरीके से बन रहे दोखे, शौल, टोपी आदि का खूब प्रचार करने को कहा।

महिला समूहों ने केदारनाथ यात्रा के दौरान करीब 70 लाख रुपए से ज्यादा का किया कारोबार

केदारनाथ यात्रा से जुडे़ विभिन्न महिला समूहों ने पिछले वर्ष यात्रा के दौरान 70 लाख रुपए से ज्यादा का व्यापार किया था। अकेले चोलाई के प्रसाद से लगभग 65 लाख रूपए का व्यवसाय हुआ। इसके अलावा स्थानीय हर्बल धूप, चूरमा, बेलपत्री, शहद, जूट एवं रेशम के बैग आदि से पांच लाख रुपये की कमाई महिलाओं द्वारा की गई है। विभिन्न महिला समूहों से जुड़ी 500 से ज्यादा महिलाओं को इससे रोजगार भी मिला। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के उत्थान को किए जा रहे प्रयासों को भी इससे बल मिला है। वहीं जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने अगली यात्रा में दो करोड़ रुपये का प्रसाद बेचने का लक्ष्य रखा है।

अगस्त्यमुनि में सीएम का रोड शो, जनता से मिला भरपूर सहयोग


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक दिवसीय जनपद भ्रमण पर रुद्रप्रयाग पहुँचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्राचीन देवल से अगस्त्यमुनि के खेल मैदान तक आयोजित विशाल रोड शो कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान यहां हजारों की संख्या में स्थानीय जनता ने मुख्यमंत्री धामी का स्वागत किया। रोड शो में मुख्यमंत्री के साथ विधायक भरत चौधरी, विधायक केदारनाथ शैला रानी रावत, ज़िलाध्यक्ष भाजपा महावीर पवार मौजूद रहे।

तीन दिन की लंबी धार्मिक यात्रा को माना जा रहा है प्रचार से राहुल गांधी का पलायन

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का प्रचार चरम पर है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तीन दिन की धार्मिक यात्रा पर केदारनाथ धाम पहुंच गए हैं। उनकी इस यात्रा को भाजपा चुनाव प्रचार से उनके पलायन के रूप में देखा रही है। प्रचार युद्ध में भाजपा के सामने लगभग घुटने टेक चुकी कांग्रेस अब ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’ का कार्ड खेलने की फिराक में है। लेकिन राहुल गांधी को केदारनाथ में देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जमकर मोदी, जय श्री राम के नारे लगाए। इससे साफ है कि चुनाव से ऐन पूर्व राहुल गांधी के सॉफ्ट हिन्दुत्व के प्रपंच को जनता सिरे से खारिज कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं। केदारनाथ धाम से उनकी गहरी आस्था जुड़ी हुई है। भगवान शिव के प्रति उनकी अगाध श्रृद्धा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अभी तक छह बार (3 मई 2017, 20 अक्तूबर 2017, 7 नवंबर 2018, 18 मई 2019, 5 नवंबर 2021 और 21 अक्टूबर 2022) केदारनाथ धाम की यात्रा पर आ चुके हैं। वह हर साल केदारनाथ धाम की शरण में आते हैं सिर्फ 2020 में कोरोना प्रकोप के चलते वह केदारनाथ धाम की यात्रा पर नहीं आ सके थे। इसके अलावा मोदी देश और विदेश में हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों में पूजा अर्चना करते रहे हैं। अब तक भाजपा के हिन्दुत्व प्रेम पर कटाक्ष करने वाले राहुल अब प्रधानमंत्री मोदी की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। वह अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर रविवार को केदारनाथ धाम पहुंचे लेकिन उनकी कोशिशों पर उस वक्त पलीता लग गया जब केदारनाथ में पहुंचते ही राहुल गांधी को देखकर लोग मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। सवाल यह है कि जब पांच राज्यों में चुनाव का प्रचार चरम पर है तो ठीक उसी वक्त राहुल ने केदारनाथ धाम की तीन दिन की यात्रा का लम्बा कार्यक्रम क्यों बनाया। क्या हर बार ही तरह राहुल ने इस बार भी चुनावी प्रचार में ताकत झोंकने के बजाए पलायन किया है।
दरअसल, हर बार राहुल गांधी चुनाव प्रचार के वक्त कभी विदेश तो कभी अन्य स्थानों की यात्रा पर चले जाते हैं। वो स्टार प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी उठाने से भागते रहे हैं। उनका फण्डा यह है कि कांग्रेस जीत गई तो वह जीत का श्रेय खुद ले लेंगे और हार गई तो उनकी जवाबदेही तय नहीं होगी। इससे पहले कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में भी राहुल प्रचार से नदारद थे। जबकि प्रियंका मोर्चे पर डटी रही।