लोहियाहेड वाटर बाईपास को प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करेंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा क्षेत्र में स्थित उभरते हुए पर्यटक स्थल लोहियाहेड वाटर बाईपास का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता एवं पर्यटन की संभावनाओं का अवलोकन करते हुए अधिकारियों से स्थल के विकास से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोहियाहेड वाटर बाईपास क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र को एक आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा कॉरिडोर एवं शारदा रिवर फ्रंट जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के अंतर्गत भी इस क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही स्थानीय व्यवसायों, स्वरोजगार एवं लोगों की आय में वृद्धि होगी। सरकार का प्रयास है कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र की पर्यटन क्षमता का उपयोग कर स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिले।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को लोहियाहेड वाटर बाईपास के विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण एवं स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित जनपद स्तरीय अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

रूद्रपुर में 369.66 करोड़ रूपए की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

गांधी मैदान, रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री एवं परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत के 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री का दायित्व किसानों के प्रथम सेवक के रूप में कार्य करना है तथा किसानों की सेवा ही उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है तथा कृषि क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, किंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश प्रत्येक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निकट भविष्य में हॉर्टिकल्चर हब के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। इस दिशा में भारत सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन हेतु मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹2 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा रही है, जिससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकाधिक लाभ लेने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देकर भूमि की उर्वरा शक्ति को संरक्षित किया जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुरक्षित रखी जा सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि ष्खेत बचाओ अभियानष् केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना तथा डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा एवं अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। यदि मिट्टी का स्वास्थ्य प्रभावित होगा तो कृषि उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए किसानों को नियमित मृदा परीक्षण कराकर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज तथा मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाएं एवं संसाधन उपलब्ध करा सकती है, किंतु कृषि क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन किसानों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने किसानों से मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करने, प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि का संरक्षण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए घेरबाड़ के लिए ₹65 करोड़, जैविक खेती के लिए ₹10 करोड़ की सहायता उपलब्ध कराने तथा मंडुवा एवं झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, सचिव डॉ. एस.एन. पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कृषक एवं आमजन उपस्थित रहे।

पंतनगर विश्वविद्यालय परंपरा, आधुनिकता और अनुसंधान का त्रिवेणी संगमः शिवराज चौहान

पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वे हरित क्रांति की पावन भूमि पंतनगर में आकर धन्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय भारतीय कृषि के इतिहास का गौरवशाली केंद्र है, जिसने देश को वैज्ञानिक, नीति-निर्माता, कृषि उद्यमी तथा उत्कृष्ट मानव संसाधन प्रदान कर कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड देश ही नहीं, बल्कि विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर है।

चौहान ने पंतनगर विश्वविद्यालय को परंपरा, आधुनिकता और अनुसंधान का त्रिवेणी संगम बताते हुए कहा कि देश आज लगभग 377 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है। देश के अन्न भंडार पूरी तरह भरे हुए हैं तथा चावल उत्पादन में भारत, चीन को पीछे छोड़कर विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि गेहूं का उत्पादन भी अधिशेष है तथा भारतीय गेहूं एवं बासमती चावल की मांग विश्वभर में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में पंतनगर विश्वविद्यालय का योगदान अतुलनीय है और इसलिए वे इस पावन भूमि को बार-बार नमन करते हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में धरातल से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है और उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ कि उन्होंने पंतनगर में विद्यार्थियों एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल विद्यार्थियों से नहीं, बल्कि भारतीय कृषि के भविष्य से संवाद किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया में भारत का नाम रोशन करेंगे।

उन्होंने कहा कि वे पंतनगर सिखाने नहीं, बल्कि सीखने आए हैं। पंतनगर विश्वविद्यालय ने केवल डिग्रियां नहीं बांटीं, बल्कि देश को वैज्ञानिक, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के नेतृत्वकर्ता तथा कृषि उद्यमी दिए हैं, जिन्होंने भारतीय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय कृषि जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। बढ़ता तापमान, गिरता भूजल स्तर, बदलता मौसम, मिट्टी का बिगड़ता स्वास्थ्य तथा रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग जैसी समस्याओं का समाधान वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार से ही संभव है। उन्होंने कहा कि उत्पादन के क्षेत्र में देश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, लेकिन भविष्य की चुनौतियों का समाधान खोजने में कृषि वैज्ञानिकों और विश्वविद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कृषि उत्पादों से संबंधित जितने भी अंतरराष्ट्रीय समझौते किए गए हैं, वे किसानों और राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखकर किए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि विकसित भारत के निर्माण का संकल्प तभी साकार होगा, जब कृषि विकसित होगी और किसान समृद्ध होंगे।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि वे प्रतिदिन एक पौधा लगाते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि यदि प्रतिदिन पौधा लगाना संभव न हो, तो कम से कम अपने जन्मदिन पर अवश्य एक पौधा लगाएं, क्योंकि पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारंपरिक फसलों के संरक्षण पर बल देते हुए फल एवं विविध कृषि उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने कृषि उत्पादन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों एवं विशेषज्ञों की समिति बनाकर ठोस सुझाव देने का आह्वान किया, ताकि उन पर गंभीरता से विचार किया जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण में विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूर्व छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता को राज्य के विकास से जोड़ते हुए कृषि, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और युवाओं के मार्गदर्शन में सक्रिय योगदान दें।

मुख्यमंत्री ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित पूर्व छात्र कार्यशाला ब्रेन 3.0 (बूस्टिंग रिसर्च, एकेडमिक, इनोवेशन एंड नेटवर्किंग) को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण में विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारत की हरित क्रांति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। इस विश्वविद्यालय ने देश को ऐसे वैज्ञानिक, प्रशासक, उद्यमी और कृषि विशेषज्ञ दिए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि ष्ब्रेन 3.0ष् केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुभव, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं को जोड़ने वाला प्रभावी मंच है।
उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक पहचान उसकी इमारतों से नहीं, बल्कि वहां से निकले विद्यार्थियों की उपलब्धियों से होती है। पूर्व छात्र विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी शक्ति और उसकी गौरवशाली परंपरा के सशक्त प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है उस सफलता और अनुभव को समाज तथा आने वाली पीढ़ियों के साथ साझा करना।

मुख्यमंत्री ने पूर्व छात्रों से युवाओं के लिए मेंटरशिप कार्यक्रम चलाने, अनुसंधान कार्यों में सहयोग देने, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने तथा शिक्षा जगत और उद्योगों के बीच मजबूत सेतु बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से परिवर्तन का नेतृत्व करने वाला युवा है। ऐसे में अनुभवी पूर्व छात्रों का मार्गदर्शन युवाओं को नई दिशा और नई ऊंचाइयां प्रदान कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल कृषि जैसी आधुनिक तकनीकों का युग है। इन क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलावों के अनुरूप विश्वविद्यालयों और पूर्व छात्रों को भी अपनी भूमिका और अधिक प्रभावी बनानी होगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पर्वतीय कृषि आज छोटे एवं बिखरे खेतों, जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान, युवाओं के पलायन, सीमित बाजार पहुंच तथा जलवायु परिवर्तन जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और सामूहिक सहभागिता से संभव है। उन्होंने पूर्व छात्रों से आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कृषि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, डिजिटल मार्केटिंग तथा कृषि उद्यमिता के क्षेत्र में किसानों और युवाओं का मार्गदर्शन करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि ऐसा समावेशी विकास है, जिसमें गांव, गरीब, किसान, महिलाएं और युवा सभी समान रूप से सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नई स्टार्टअप नीति, कौशल विकास कार्यक्रमों और नवाचार आधारित पहलों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही है। विशेष रूप से कृषि, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, जैविक खेती, ड्रोन तकनीक और कृषि आधारित स्टार्टअप के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। युवाओं को स्थानीय समस्याओं के समाधान खोजकर अपने नवाचारों को वैश्विक मंच तक पहुंचाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ष्विकल्प रहित संकल्पष् के मंत्र के साथ विकसित उत्तराखंड के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंतनगर विश्वविद्यालय और उसके पूर्व छात्रों का सहयोग इस अभियान को और अधिक गति देगा।

उन्होंने पूर्व छात्रों से आग्रह किया कि वे उत्तराखंड को केवल अपनी जन्मभूमि या कर्मभूमि के रूप में न देखें, बल्कि उसके विकास के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी समझें और जहां भी कार्यरत हों, अपने ज्ञान एवं अनुभव का एक हिस्सा उत्तराखंड के विकास के लिए अवश्य समर्पित करें।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पंतनगर विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र परिवार आने वाले वर्षों में न केवल विश्वविद्यालय के विकास, बल्कि उत्तराखंड और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इससे पहले, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर संग्रहालय एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ धान की फसल की रोपाई भी की। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पंतनगर विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने हरित क्रांति की जननी पंतनगर विश्वविद्यालय में उपस्थित सभी अतिथियों एवं पूर्व छात्रों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि राज्य गठन के बाद हमारी कृषि भूमि अवश्य कम हुई है, लेकिन कृषि उत्पादन में 3 लाख टन की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश का चहुंमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय को हेरिटेज विश्वविद्यालय घोषित किए जाने का अनुरोध किया।

पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. कश्यप ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, सचिव डॉ. एस. एन. पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, कुलसचिव दीपा विनय सहित अनेक अधिकारी एवं पूर्व छात्र उपस्थित रहे।

पीएम आवास शहरी के तहत रूद्रपुर में साकार हो रहा 1872 परिवारों का आशियाने का सपना, जल्द सौंपी जाएंगी चाबियां

गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के संकल्प के साथ उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार मिलकर एक ऐसी आवासीय परियोजना को अंतिम रूप दे रही हैं, जो हजारों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के ग्राम बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की सतत निगरानी में विकसित यह परियोजना राज्य में गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (उधमसिंह नगर) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास अब तक पक्का मकान नहीं है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद हजारों लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।

गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की नई बस्ती
‘अपना घर, अपना स्वाभिमान’ की भावना के साथ तैयार की गई इस परियोजना में कुल 1872 आवासों का निर्माण किया गया है। इनमें से 832 फ्लैट पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 अतिरिक्त फ्लैटों में अंतिम चरण के छोटे-मोटे कार्य तेजी से चल रहे हैं। सरकार की योजना शीघ्र ही परियोजना का लोकार्पण कर लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपने की है। सबसे बड़ी बात यह है कि छह लाख रुपये लागत वाले इन आधुनिक फ्लैटों के लिए लाभार्थी को मात्र तीन लाख रुपये ही देने होंगे। शेष राशि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। इससे सीमित आय वाले परिवारों को भी सम्मानजनक आवास प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय परिसर
करीब 6.0281 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस आवासीय परियोजना का निर्माण क्षेत्रफल लगभग 39,220 वर्ग मीटर है। योजना में कुल 23 बहुमंजिला आवासीय ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें आधुनिक शहरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक फ्लैट में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथरूम और बरामदा उपलब्ध कराया गया है। लगभग 28 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इन आवासों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि छोटे परिवारों को पर्याप्त सुविधा और बेहतर जीवन स्तर मिल सके। परियोजना की विशेषता यह है कि सभी भवन भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही चौड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर
बागवाला आवासीय परियोजना को केवल मकानों का समूह नहीं, बल्कि एक आधुनिक और टिकाऊ आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया गया है। परिसर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), सीवरेज सिस्टम और अत्याधुनिक एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था की गई है।परियोजना में हरे-भरे पार्क, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र और सौंदर्यीकरण के व्यापक कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं। हॉर्टिकल्चर का कार्य पूर्ण होने से परिसर का वातावरण आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बन गया है।

बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगी सुविधा
आवासीय परिसर का स्थान भी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बागवाला स्थित यह परियोजना मुख्य बाजार और प्रमुख मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर है। बस स्टेशन छह किलोमीटर और रेलवे स्टेशन आठ किलोमीटर दूर स्थित है। बेहतर सड़क संपर्क और शहर के प्रमुख क्षेत्रों से नजदीकी के कारण यहां रहने वाले परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।

पारदर्शी होगी आवंटन प्रक्रिया
सरकार ने आवास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। पात्र लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन के लिए आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक को 17 जून 2015 से पूर्व का उत्तराखंड निवासी होना चाहिए तथा उसकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। मात्र पांच हजार रुपये जमा कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। शेष राशि के भुगतान के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर खरा परिसर
परियोजना में सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिसर में आरसीसी बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। सभी ब्लॉकों में विद्युत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा यूपीसीएल द्वारा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जांच भी पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट द्वारा फायर फाइटिंग सिस्टम का सफल परीक्षण किया जा चुका है। जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अंडरग्राउंड टैंक और ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए हैं, जबकि एसटीपी भी परीक्षण चरण में पहुंच चुका है।

धामी सरकार की समावेशी विकास सोच का उदाहरण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित बागवाला परियोजना उत्तराखंड में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं को गति दे रही है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिल रहा है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की निगरानी में तेजी से आगे बढ़ी यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में जब हजारों परिवार अपने नए घरों में प्रवेश करेंगे, तब यह केवल मकानों का हस्तांतरण नहीं होगा, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत होगी। बागवाला की यह आवासीय बस्ती उत्तराखंड में गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बदलने वाली एक नई पहचान बनने जा रही है।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के बागवाला में विकसित की गई यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना में गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए गए हैं। शीघ्र ही पात्र लाभार्थियों को आवासों का आवंटन कर चाबियां सौंपी जाएंगी, जिससे हजारों परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।

खटीमा में उत्साह के साथ निकली प्रगति पथ यात्रा, सीएम धामी ने किया नेतृत्व

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा प्रवास के दौरान भव्य “प्रगति पथ यात्रा” में प्रतिभाग किया। खटीमा मुख्य मार्ग पर आयोजित इस यात्रा में हजारों की संख्या में युवा, मातृशक्ति, पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे मार्ग में देशभक्ति, विकास और जनसमर्थन का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

प्रगति पथ यात्रा मुख्य चौराहे से होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क पहुंची, जहां मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत यात्रा का समापन शहीद स्थल पर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के लिए महान विभूतियों एवं शहीदों का योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, दर्जा राज्य मंत्री हुकम सिंह कुंवर, मोहन पाठक, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं जनता उपस्थित रहे।

खटीमा में “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गिनाई केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा 3 दिवसीय खटीमा प्रवास के दौरान रविवार को शहीद हरी किशन शिक्षण संस्थान, बगुलिया में आयोजित जन-जन की सरकार, मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का फूल मलाओं, थारू सांस्कृतिक नृत्य के साथ एवं अंगवस्त्र ओढ़ाकर जोरदार स्वागत किया गया। जिलाधिकारी द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित पंचमुखी हनुमान तस्वीर भेंट की गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरिक्षण किया एवं ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत सदभावना सीएलएफ द्वारा संचालित दीदी कैफे का फीता काटकर शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजित “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने गरीब, किसान, महिला और युवाओं के हित में ऐतिहासिक फैसले लेकर देश को नई दिशा देने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, मुफ्त राशन, उज्ज्वला योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने पारदर्शिता और तकनीक के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया है तथा योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर ऐतिहासिक पहल की है और नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम इसी संकल्प को मजबूत करने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने खटीमा को अपना परिवार बताते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में सहभागी बनने का आह्वान किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि धामी सरकार प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी केवल खटीमा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की जनता की समस्याओं के प्रति सजग रहते हैं और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हैं।

उन्होंने कहा कि खटीमा मुख्यमंत्री जी का गृह क्षेत्र होने के कारण उनसे इस क्षेत्र का विशेष भावनात्मक जुड़ाव है। मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में क्षेत्र की छोटी से छोटी समस्या का भी गंभीरता से समाधान किया जा रहा है। वहीं जिन मामलों का समाधान शासन स्तर पर आवश्यक होता है, उन्हें तत्काल मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में लाया जाता है ताकि उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

अजय मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में खटीमा सहित पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।

कार्यक्रम में मत्स्य विभाग द्वारा ओर्नामेंटल फिश यूनिट निर्माण कार्य के लिए संजीत कुमार को 1 लाख, 80 हजार एवं परदेशी राय को 1 लाख 20 हजार की धनराशि से लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा रुद्रपुर के शशिकांत वर्मा कृषि समाधान समिति सैजनी, सृजन स्वयं सहायता समूह खटीमा, राधा स्वयं सहायता समूह, मटिहा सितारगंज को 80 प्रतिशत अनुदान पर फार्म मशीनरी बैंक स्थापना हेतु 7.12 लाख एवं स्वायत सहकारिता गोलू स्वयं सहायता समूह भगचुरी खटीमा को 9.18 का अनुदान से लाभान्वित किया गया एवं 22 किसानों को रासायनिक उर्वरक वितरण किये गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा 10 लोगों को सहायक उपकरण वितरित किये गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जननी सुरक्षा योजना से 5 महिलाओं को लाभान्वित किया गया। सहकारिता विभाग द्वारा प0 दीन दयाल योजना के अंतर्गत शून्य ब्याज दरों पर 1 लाख रूपये प्रति व्यक्ति से 8 लोगों को ऋण का चेक वितरित किया गया।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं जनता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष जनसंपर्क अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री का छोलिया एवं थारू सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों तथा पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह दो दिवसीय खटीमा प्रवास पर हैं और अपने प्रवास के कार्यक्रमों की शुरुआत बग्घा चौवन से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। इन 12 वर्षों में प्रधानमंत्री ने देशहित में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनसे भारत आज विश्व में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं और अभियानों की शुरुआत की। मातृ शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान शुरू किया गया, जिससे बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देशभर में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाया गया और करोड़ों परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं और बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का कार्य किया गया। हर घर जल योजना के माध्यम से दूरस्थ और जल संकट वाले क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का अभियान चलाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तराखंड में भी प्रत्येक पात्र नागरिक को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है, जिसने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब पूरी दुनिया प्रभावित थी और लोगों के रोजगार पर संकट आया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की गई, जिसके माध्यम से करोड़ों लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर देशवासियों को निःशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई तथा विश्व के अनेक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर वैश्विक सहयोग और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तराखंड में भी अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को जेल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक क्षेत्र में विकास की गति तेज हो और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बग्घा चौवन क्षेत्र में भी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री रंजीत सिंह नामधारी, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, राजपाल सिंह, विमला बिष्ट, सोमनाथ मौर्य, मोहन सिंह चुफाल, देवेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी देवेश शाशनी, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. उत्तम सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल, उपजिलाधिकारी तुषार सैनी, हिमांशु कफल्टिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।

इस अवसर पर विधायक अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

रुद्रपुर में आवास, ट्रांसपोर्ट नगर और कॉमर्शियल हब परियोजनाओं का निरीक्षण, सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने दिए त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में आवासीय एवं शहरी विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने उधमसिंहनगर जनपद के रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर विकास प्राधिकरण की विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने बागवाला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1872 आवासों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इन आवासों का लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को आवासों की चाबियां सौंपी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन लाभार्थियों द्वारा अभी तक निर्धारित अंशदान जमा नहीं किया गया है, उनसे शीघ्र धनराशि जमा कराकर आवंटन प्रक्रिया को गति दी जाए।

उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रति आवास 3 लाख रुपये की सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाती है, जबकि 3 लाख रुपये लाभार्थी को जमा करने होते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 185 लाभार्थियों द्वारा पूरी धनराशि जमा की जा चुकी है, जबकि 222 लाभार्थियों को पत्र एवं दूरभाष के माध्यम से भुगतान हेतु सूचित किया गया है।

सचिव जिला विकास प्राधिकरण ने जानकारी दी कि आवास परिसर में साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण एवं पौधारोपण का कार्य तेजी से चल रहा है। परिसर में निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। निरीक्षण के दौरान सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लिए भी उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने त्रिशूल चौक के समीप लोक निर्माण विभाग की 6.5 एकड़ भूमि का निरीक्षण किया, जहां प्रस्तावित ‘कुमाऊं कॉमर्शियल कुटीर’ बहुमंजिला परियोजना विकसित की जानी है। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का निर्माण किया जाएगा तथा इसकी प्रारंभिक डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ आर राजेश कुमार ने रामपुर रोड स्थित प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना का भी स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार 48 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की 72 करोड़ रुपये की प्रारंभिक डीपीआर शासन को प्रेषित की गई है। सचिव ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर बनने से परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इसके उपरांत उन्होंने त्रिशूल चौक से मेडिकल कॉलेज तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य तथा कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन विकास प्राधिकरण कार्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, सचिव जिला विकास प्राधिकरण पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग गजेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बागवाला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 1872 आवास लगभग तैयार हैं और हमारी प्राथमिकता है कि पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द इनका लाभ मिले। सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0, ट्रांसपोर्ट नगर और कुमाऊं कॉमर्शियल कुटीर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के समग्र शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।

सीएम धामी ने खटीमा में पंजाबी कॉलोनी में दिवंगत लोगों के परिजनों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा भ्रमण के दौरान पंजाबी कालोनी में स्वव विवेक रघुवंशी, टनकपुर रोड में स्वव भूपेंद्र सिंह चुफाल एवं राजेंद्र नगर निवासी स्वव प्रकाश रावत के आवास पर पहुँच कर उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की और उनके परिवारजनों को ढांढस बँधाते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शान्ति और अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने टीडीसी अस्थाई हेलीपैड में जनप्रतिनिधियों व जनता से मुलाकात कर जनसमस्याएं सुनी तथा समस्याओं का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा जनसमस्याओं का निराकरण सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए अधिकारी जन समस्याओं का त्वरित समाधान करें।

इस दौरान अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी, मेयर विकास शर्मा, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, नंदन सिंह खरायत, रनदीप पोखरिया, भवानी भंडारी, सतीश भट्ट, नवीन बोरा, महामंत्री रमेश जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि व जनता मौजूद थी।