सेक्टर अधिकारी की तत्परता से दो साल की बिछड़ी बच्ची परिजनों से मिली

सेक्टर अधिकारी लिनचोली राहुल कुमार ने अवगत कराया है कि इंदौर से आए तीर्थ यात्री मुस्कान अग्रवाल व उसके पति अपनी 02 साल की पुत्री हीनल अग्रवाल जो श्री केदारनाथ धाम के दर्शन करने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी हॉकर के पास दे रखी थी तथा छोटी लिनचोली के पास शॉर्ट कट के चक्कर में मुस्कान अग्रवाल एवं उनके पति हॉकर से बिछड़ गए जिस कारण उनकी बेटी भी उनसे बिछड़ गई तथा आगे जाकर महिला अपनी बेटी को अपने आसपास न देखकर रोने-बिलखने लगी, जिस पर उधर से गुजर रहे सेक्टर अधिकारी राहुल कुमार ने उनसे रोने का कारण जाना। जिस पर उन्होंने बताया कि हमारी बेटी हमसे बिछ़ड गई है। सेक्टर अधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए इसकी जानकारी सेक्टर अधिकारी केदारनाथ एवं हैलीपैड से संपर्क किया किन्तु बच्ची बड़ी लिनचोली के पास ही मिल गई थी जिसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है।

अपनी बच्ची को अपने पास पाकर माता-पिता को खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने अपनी बिछडी बेटी से मिलाने के लिए जिला प्रशासन की टीम द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही के लिए सभी का आभार एवं साधुवाद किया।

मुख्यमंत्री धामी ने जहां की जनसभा, वहां खिला कमल

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में से तीन बड़े राज्यों में भाजपा को मिली जीत में ‘मोदी फैक्टर’ प्रमुख कारण रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व पार्टी हाईकमान क्षमताओं के आधार पर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपते रहे हैं। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी राजस्थान और मध्यप्रदेश में 9 विधानसभाओं में प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिनमें सभी पर भाजपा प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई। मोदी जो भी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपते हैं, धामी अब तक उस पर खरे उतरते आए हैं।

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जलवा अब दूसरे राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। उन्होंने राजस्थान और मध्यप्रदेश की कुल 9 विधानसभा सीटों पर धुआंधार प्रचार किया था जिनमें से सभी सीटों पर भाजपा ने जीत (फिलहाल निर्णायक बढ़त) हासिल की है। वह एक दिन में तीन-तीन जनसभाओं को संबोधित करते थे। उनके कई रोड शो भी हुए। जीत के लिहाज से धामी का स्ट्राइक रेट 100ः रहा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों में सबसे युवा मुख्यमंत्रियों में से एक हैं। अपने जनहित से जुड़े कार्यों और धाकड़ फैसलों की वजह से मातृशक्ति और युवाओं के बीच उनकी खासी लोकप्रियता है। यही वजह है कि उत्तराखण्ड से बाहर अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों में भी उनकी काफी डिमांड रहती है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में भाजपा हाईकमान ने कई विधानसभा क्षेत्रों में धामी की जनसभाएं और रोड शो करवाए। उनके हर कार्यक्रम में बड़ी तादाद में भीड़ जुटी। राजस्थान में उन्हानें 6 विधानसभा क्षेत्रों सांगानेर, झोटवाड़ा, विराटनगर, सांगोद, रामगंज मंडी और डग विधानसभा सीटों पर धुआंधार प्रचार किया था। जनसभाओं के अलावा उन्होंने समाज के किसान और व्यापारी वर्ग से सीधा संवाद भी कायम किया था। उनके रोड शो भी सफल रहे। इन छह विधानसभाओं में भाजपा को शानदार जीत हासिल हुई है। इस जीत में धामी की मौजूदगी भी एक बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। सांगानेर से भजना लाल शर्मा, झोटवाड़ा सीट से राज्यवर्धन राठौर, विराटनगर से कुलदीप, सांगोद से हीरालाल नागर, रामगंज मंडी से मदन दिलावर और डग से कालूराम को विजय प्राप्त हुई।

मध्य प्रदेश में भी पुष्कर सिंह धामी ने तीन विधानसभा सीटों के कई स्थानों पर चुनाव प्रचार किया। भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा में भी उन्होंने प्रतिभाग किया। उन्हें ऐसी विधानसभा सीटों पर प्रचार में उतारा गया जहां उत्तराखण्ड मूल के लोगों की संख्या अधिक है। मध्य प्रदेश में जिन तीन विधानसभा सीटों पर धामी ने चुनाव प्रचार किया उनमें इंदौर-2, खुरई और सागर विधानसभा सीटें शामिल हैं। जिनमें क्रमशरू भाजपा प्रतयाशी रमेश मेंदोला, भूपेन्द्र सिंह और शैलेन्द्र कुमार जैन को जीत मिली।

दरअसल, पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्यमंत्री अभी तक के अपने लगभग ढाई वर्ष के कार्यकाल में जनहित में कई साहसिक और एतिहासिक फैसले लिए हैं। जिनमें नकल विरोधी कानून, सख्त धर्मांतरण कानून लागू करना शामिल हैं। इसके अलावा जमीन जेहाद के खिलाफ चलाया गया उनका बुल्डोजर पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इतना ही नहीं समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर उनके द्वारा प्रदेश में की गई ठोस पहल को भी समूचे देश में सराहना मिली है। विस्तार ले रही रही उनकी लोकप्रियता की वजह से अन्य प्रदेशों के चुनाव में भी उनकी डिमांड बढ़ी है।

इंदौर में सीएम ने किया प्रवासी उत्तराखंडियों को सम्बोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इंदौर, मध्य प्रदेश में प्रवासी उत्तराखंडी समाज द्वारा आयोजित जनसभा में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सांस्कृतिक संस्था की और से आयोजित इस एकत्रीकरण कार्यक्रम में आकर वे अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सांस्कृतिक संस्था द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में अनेक कार्य किए जा रहे हैं, यह सराहनीय प्रयास है। चाहे बालिकाओं के विवाह के लिए किए जा रहे प्रयास हो या फिर वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान हो, मेरिट लाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करना हो, सभी क्षेत्रों में उत्तराखंड सांस्कृतिक संस्था द्वारा कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत के अलग-अलग प्रांतों के लोग मिलते हैं तो एक भारत श्रेष्ठ भारत का अहसास होता है और जब उत्तराखंड के लोग मिलते हैं तो “श्रेष्ठ उत्तराखंड“ का अहसास होता है। उन्होंने कहा कि हमारे सभी प्रवासी उत्तराखंडी देवभूमि के ब्रांड एम्बेसडर हैं। सभी देवभूमि की संस्कृति और परंपराओं का प्रचार और प्रसार में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज का नया भारत सम्पूर्ण विश्व को एक नई दिशा देने का काम कर रहा है, हाल ही में नई दिल्ली में संपन्न हुआ जी-20 सम्मेलन के भव्य आयोजन के हम सब साक्षी हैं। भारत में हो रही प्रगति का सबसे बड़ा कारण भारतवासियों का स्वयं पर विश्वास है और इस विश्वास को पुनः जागृत करने का काम यदि किसी ने किया है तो वे हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में ऐसे बहुत से काम हुए हैं, जो पहले नामुमकिन से लगते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य में 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण व श्री बद्रीनाथ के सौन्दर्यीकरण के कार्य, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन, नेतृत्व एवं संकल्प का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है तथा ऊधमसिंह नगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को भी विकसित किया जा रहा है। ऊधमसिंह नगर में एम्स का सेटेलाइट सेंटर स्थापित होने के बाद राज्य में दो-दो एम्स संचालित होने का रास्ता साफ हो जाएगा। केन्द्र सरकार के रीजनल कनेक्टिविटी योजना के अंतर्गत 13 स्थानों पर हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में हमनें प्रभावी कदम उठाये हैं, हम समान नागरिक संहिता को प्रदेश में जल्द ही लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। हमने उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 35 सौ एकड़ सरकारी जमीन मुक्त करवाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां हर गांव को हाईवे से जोड़ने की राज्य सरकार की योजना है, वहीं पहाड़ों में रेल पहुंचने का स्वप्न ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के माध्यम से शीघ्र ही साकार होने वाला है। प्रदेश में रोपवे निर्माण के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति की है। गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का निर्माण कार्य गतिमान है। राज्य में पूर्ण पारदर्शिता के साथ भर्ती परीक्षाएं हो, इसके लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद सभी सभी परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई हैं। इक्कीसवीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहे हैं।
इस अवसर पर यशवंत सिंह बिष्ट, देवेन्द्र सिंह रावत, देवी दत्त त्रिपाठी, सीमा डंगवाल, गीता नेगी, रघुवीर सिंह रावत व अन्य प्रवासी उत्तराखण्डी उपस्थित थे।

एमपी में कांग्रेस पर जमकर गरजे सीएम धामी, बोले देश के हर सनातनी को ठगबन्धनों से सावधान रहने की जरूरत

देहरादून। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए गए देवभूमि के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वहां भव्य स्वागत हुआ। धामी और मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान जब विधानसभा क्षेत्र खुरई में रोड-शो के लिए निकले तो हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इस दौरान, धामी और शिवराज का बुलडोजर से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। जनसभा में सीएम शिवराज चौहान ने सीएम धामी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धामी ने देवभूमि की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल कर रख दी है। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आजादी के बाद जिन सरकारों ने इस देश पर राज किया, उन्होंने उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की पहचान को खत्म करने का भरपूर प्रयास किया। कांग्रेस की सरकार ने जो हमें दिया, उसे हम और आप, कभी आपातकाल तो कभी विभिन्न घोटालों के नाम से जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विपक्ष के ये नौसिखिया नेता सनातन को खत्म करने जैसी बेतुकी बातें कर रहे हैं। लेकिन, उन्हें यह नहीं मालूम कि जब बाबर और औरंगजेब जैसे क्रूर शासक सनातन को खत्म नहीं कर पाए तो फिर ये घमंडिया गठबंधन के घमंडिया नेता क्या चीज हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपील करूंगा कि आज देश के हर कोने-कोने में हर सनातनी को और देश की मिट्टी से प्यार करने वालों को इन ’’ठगबंधनों’’ से सतर्क रहने की आवश्यकता है और हमें मिलकर ऐसी ताकतों को रोकना है, जो हमारे देश की एकता एवं अखंडता के लिए खतरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे एक बात समझ में नहीं आती कि इन्होंने भले ही अपना नाम ’’इंडिया’’ रख लिया हो परन्तु इन्हें ’’भारत’’ नाम से आखिर चिढ़ क्यूं है। इन्हें सनातन धर्म और संस्कृति से चिढ़ क्यूं है, इन्हें राष्ट्रवाद से चिढ़ क्यूं है। इन्हें वंदे मातरम ओर भारत माता की जय बोलने से चिढ़ क्यूं है। यह इसलिए है, क्योंकि इनके मूल में ही, न कभी देशभक्ति थी, न है और न रहेगी, क्योंकि इन्होंने हमेशा तुष्टिकरण, परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत शक्तिशाली हुआ है, भारत आत्मनिर्भर हुआ है और ’’ठगबंधनों’’ की दुकानें बंद हुई है।

कमलनाथ और दिग्विजय पर बरसे
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 2018 में झूठ बोलकर मध्यप्रदेश में सरकार बनाई कि दस दिन में हम किसानों का ऋण माफ कर देंगे, युवाओं को रोजगार भत्ता देंगे और महिलाओं से जो वादे किए उन्हें पूरे करेंगे, लेकिन उन्होंने एक भी वादा पूरा नहीं किया। मात्र 15 महीनें की छोटे से समय में ही कमलनाथ ने सबसे भ्रष्ट सरकार बनाई जिसमें, घूस और रिश्वतखोरी के अलावा किसी ओर मुददे पर ध्यान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिग्विजय सिंह ही काम ही हिन्दुत्व और हिन्दुओं को गाली देने का है।कहा कि ये महाशय हिन्दुओं को आतंकवादी घोषित करने में फस्ट रहे।

मध्यप्रदेश में जमकर हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की बंटाधार सरकार ने राज्य के बजट को 23 हजार करोड़ पर छोड़ दिया था, जिसे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने 3.14 लाख करोड़ तक पहुंचाया है। इस दौरान मध्य प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में दस प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।


उत्तराखंड में किये कार्य गिनाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड में जल्द समान नागरिक आचार संहिता को लागू करने जा रहे हैं। जिसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और दावे से कह सकता हूं कि मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद यहां भी समान नागरिक आचार संहिता लागू करने का कार्य अवश्य किया जाएगा। इसके अलावा हमने उत्तराखंड में लैंड जिहाद के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करते हुए 483 अवैध मजारों को ध्वस्त कर करीब 33 सौ एकड़ सरकारी जमीन मुक्त करवाई है। साथ ही देवभूमि में जहां एक ओर धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है, वहीं परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए भी भारत का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लिए गए कई निर्णयों को अन्य प्रदेश भी अब अनुसरण कर रहे हैं, और मुझे पूर्ण विश्वास है कि मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के पश्चात यहां भी सामान नागरिक संहित सहित अन्य ठोस कदम जनता के हित में उठाएं जाएंगे।

शिवराज हैं असली मामा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 16 सितंबर को मेरा जन्मदिन था, उस दिन मैं, जब बच्चों के बीच कार्यक्रम मना रहा था, तो मुझे बच्चे धामी मामा कहकर संबोधित कर रहे थे, लेकिन मैंने उनसे कहा कि बच्चों मैं, असली मामा नहीं, असली मामा तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी हैं। वे सच में मामा के समान है, क्योंकि उन्होंने अपने भांजे-भांजियों के भविष्य को सुधारने के लिए जितना काम किया है, उतना काम एक मामा ही अपने भांजे-भांजियों के लिए कर सकता है।

महार रेजीमेंट के सैन्य अधिकारियों एवं जवानों से मिले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मध्य प्रदेश स्थित सागर में महार रेजिमेंट में आयोजित सैनिक सम्मेलन में प्रतिभाग किया। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल्यकाल में जब वे अपने (स्वर्गीय) पिताजी से महार रेजिमेंट के वीर सैनिकों की शौर्यगाथाओं के बारे में सुनते थे तो मन में उत्साह और उमंग की भावना हिलोरे लेने लगती थी। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे आप सभी वीर सैनिकों के बीच आने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। इससे पूर्व वह यहां एक बालक के रूप में आये थे जिसके लिए ये पूरा परिवेश किसी स्वप्नलोक से कम नहीं था। बाल्यकाल में जिस दिन वह, सागर आये वो उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक दिन था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर हमारी यह रेजिमेंट विविधता में एकता की भावना का बोध कराती है वहीं इसका प्रत्येक सैनिक भारत की महान संस्कृति व गौरवशाली सैन्य परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है। आज आदरणीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना के मान और सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आज हमारे वीर सैनिक दुश्मन को उसके घर में घुस कर जवाब दे रहे हैं। जब भी दुश्मन ने ललकारा है भारत ने उसे मुंह तोड़ जवाब देते हुए दिखा दिया है कि उसके पास ताकत भी है और उचित जवाब देने की राजनीतिक इच्छाशक्ति भी है। भारत वैश्विक मंचों पर पूरी दृढ़ता और अपने हितों को सर्वाेपरि रखते हुए अपनी बात रख रहा है। आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि यह देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करने वाला है। आज सेना के आधुनिकीकरण को भी एक नया आयाम दिया जा रहा है और डिफेंस सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और उनके द्वारा सैनिकों को दिए जा रहे प्रोत्साहन के कारण ही आज हमारी सेना पहले से कई गुना अधिक सशक्त है और सीमाएं पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हैं। सैनिकों द्वारा किए जाने वाले त्याग और उनकी राष्ट्र सेवा के ऋण को हम कभी नहीं चुका सकते।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सागर मध्य प्रदेश के सदर कैंट में महार रेजीमेंट के कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने महार रेजिमेंट के वॉर मेमोरियल में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वार मेमोरियल का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महार रेजीमेंट के सैन्य अधिकारियों एवं जवानों से भी मिले। मुख्यमंत्री ने महार रेजीमेंट सेंटर में वृक्षारोपण कर स्वर्गीय पिता को याद कर, भावुक हुए। पिता स्व. शेर सिंह धामी महार रेजीमेंट में दे चुके हैं देश को अपनी सेवाएं। उन्होंने कहा कि सेना हमारी रक्षक, हमारा मस्तक।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वह सेना में तो नही हैं परन्तु वीर सैनिकों को अपना आदर्श मानकर राष्ट्र सेवा में अपना यथासंभव योगदान देने की पूरी कोशिश कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के सैन्य कौशल और पराक्रम का इतिहास महार रेजिमेंट के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। देश की पहली मशीनगन रेजीमेंट होने के साथ साथ देश को दो सेना प्रमुख देने का गौरव भी इस रेजिमेंट के साथ जुड़ा हुआ है। सीमाओं की सुरक्षा करने से लेकर युद्ध के मैदान तक महार रेजिमेंट का एक-एक सैनिक अपना सर्वाेच्च बलिदान देने के लिए हमेशा तत्पर रहा है। 1962 का युद्ध हो या 1971 का… हमारे वीर जवानों ने हमेशा अपनी वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन को मात दी है।
मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन पवन’ के नायक रहे महार रेजिमेंट के अमर शहीद मेजर रामास्वामी परमेश्वरन तथा देश के भीतर आतंकियों से लोहा लेते हुए अमर बलिदान देने वाले सूबेदार मेजर सुरेश चंद यादव को नमन करते हुए कहा कि महार रेजिमेंट में ऐसे वीरों की लंबी श्रृंखला है, जिन्होंने मां भारती के यश को अक्षुण्ण रखने हेतु अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया और तिरंगे की आन-बान और शान को फीका नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रत्येक सैनिक की वीरता, साहस और बलिदान पर हर एक नागरिक को गर्व है। आप सभी हमारे आदर्श हैं और आपकी वीरता,साहस और अपराजेयता पर इस राष्ट्र को अभिमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक आप सभी हैं, आपका ये हौंसला है, आपका ये त्याग और तपस्या है। कोई मां भारती के गौरव को हानि नहीं पहुंचा सकता। आप वीरों की कीर्ति गाथा के बारे में जितना भी बोलूं वो कम होगा। उन्होंने कहा कि आज के इस अवसर पर सभी वीर शहीदों के माता पिताओं को भी वह प्रणाम करते हैं जिन्होंने ऐसे वीर योद्धाओं को जन्म दिया और उनका पालन पोषण किया साथ ही वह उन सभी सैन्य परिवारों को भी नमन करते हैं, जिन्होंने स्वयं से पहले राष्ट्र सेवा को स्थान दिया।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की 23वीं बैठक में सीएम ने कई ज्वलंत मुद्दों पर रखी अपनी राय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में भोपाल में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 23वीं बैठक में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र के सहयोग से पर्वतीय क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण हेतु एक विशेष अभियान प्रारम्भ किये जाने और राज्यों के मध्य संसाधनों के आवंटन में इको सिस्टम सेवाओं को महत्ता दिये जाने और केन्द्र सरकार द्वारा वित्तीय संसाधनों के आवंटन में फ्लोटिंग पॉपुलेशन को ध्यान में रखे जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में एक सशक्त वेदर फोरकास्टिंग सिस्टम, डॉप्लर रडार से युक्त अवस्थापना तंत्र के लिये सहयोग किये जाने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की आगामी बैठक देवभूमि उत्तराखण्ड में आयोजित करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास में मिल रहे केंद्र सरकार के सहयोग के लिये आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण, पावन बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान एवं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर गतिमान है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में राज्य सरकार आगे बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र पोषित योजनाओं के निर्धारण में राज्य की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वन स्किम फिट ऑल के स्थान पर राज्य के अनुकूल टेलर मेड स्कीम तैयार करने पर भारत सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। पर्यटन, हॉर्टिकल्चर तथा सगंध पौध आधारित केन्द्रीय योजनाओं से राज्य को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने बरसाती नदियों को वैज्ञानिक आधार से ग्लेशियर आधारित नदियों से जोड़े जाने का सुझाव देते हुए कहा कि इसका लाभ उत्तराखण्ड राज्य को ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र को होगा। मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के सहयोग से पर्वतीय क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण हेतु एक विशेष अभियान को भी प्रारम्भ किये जाने का सुझाव दिया। उन्होंने उत्तराखण्ड की बाधित जल विद्युत परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार से सहयोग का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य अपने वनों, बुग्यालों, ग्लेशियरों का संरक्षण करके राष्ट्र को महत्वपूर्ण इको सिस्टम सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। भोपाल के ही प्रतिष्ठित भारतीय वन प्रबन्धन संस्थान के एक अध्ययन के अनुसार इन पारिस्थितिकी सेवाओं का वार्षिक मूल्य न्यूनतम रू. 95,000 करोड़ आंका गया है। मुख्यमंत्री ने राज्यों के मध्य संसाधनों के आवंटन में इन पारिस्थितिकी सेवाओं को महत्ता दिये का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश-विदेश से बहुत अधिक संख्या में तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों का आवागमन राज्य में होता है। उत्तराखण्ड की जनसंख्या लगभग सवा करोड़ है किन्तु प्रतिवर्ष उत्तराखण्ड में लगभग छः करोड़ लोगों का फ्लोटिंग पॉपुलेशन के रूप में आगमन होता है। इस प्रकार राज्य सरकार को लगभग सवा सात करोड़ लोगों हेतु अवस्थापना सुविधाओं की व्यवस्था करनी पड़ती है। अतः राज्य के सीमित संसाधनों के दृष्टिगत केन्द्र सरकार द्वारा वित्तीय संसाधनों के आवंटन में फ्लोटिंग पॉपुलेशन के इस महत्त्वपूर्ण तथ्य को भी ध्यान में रखा जाना चाहिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के सीमान्त क्षेत्रों को सड़क, रेलवे व वायु मार्ग से जोड़ना अत्यावश्यक है। ऑल वेदर रोड का विस्तार सीमान्त क्षेत्र तक किया जाना चाहिए। राज्य के कुमाऊँ मण्डल में टनकपुर से बागेश्वर रेलवे लाइन का निर्माण किया जाए। सीमित संसाधनों के कारण उत्तराखण्ड राज्य को रेलवे परियोजनाओं के लागत में 50 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी की शर्त पर छूट मिलनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में नैनी सैनी, गौचर, चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टियां विद्यमान हैं। सामरिक दृष्टि से इनके विस्तारीकरण और अन्य हैलीपोर्ट्स का भी निर्माण किये जाने की आवश्यकता है। कुमाऊँ एवं गढ़वाल क्षेत्र के मध्य तथा राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी के निकट स्थित चौखुटिया क्षेत्र में एक नये एयरपोर्ट की स्थापना किया जाना आर्थिक एवं सामरिक दृष्टि से अत्यन्त आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की आपदा के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य को एक सशक्त वेदर फोरकास्टिंग सिस्टम, डॉप्लर रडार से युक्त अवस्थापना तंत्र की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने भारत नेट-2 परियोजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड के मोबाइल एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी विहीन 5942 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी प्रदान किये जाने हेतु भारत नेट-2 परियोजना के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्य शीघ्र स्वीकृत किये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कैम्पा के तहत राष्ट्रीय प्राधिकरण के खाते में रखे जाने वाली 10 प्रतिशत की धनराशि को घटाकर 2 प्रतिशत करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस शेष 8 प्रतिशत धनराशि को राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत कैम्पा में अनुमन्य गतिविधियों के अन्तर्गत वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण व संवर्धन सम्बन्धी जनहित व कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु उपयोग में लाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सीमान्त जनपदों के हिमाच्छादित क्षेत्रों में हिम प्रहरी योजना लागू किया जाना प्रस्तावित है। हिम प्रहरी दल द्वारा दैवीय आपदाओं के समय सूचना, राहत एवं बचाव कार्य, ग्राम वासियों को सीमा सुरक्षा सम्बन्धी प्रशिक्षण, जागरूकता, आत्म-रक्षा का प्रशिक्षण का कार्य किया जायेगा। उन्होंने भारत सरकार से इसके लिये आर्थिक सहायता का अनुरोध किया।

एमपी के सीएम भी पहुंचे, धामी के साथ घटनास्थल का भी किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के रिखाऊखड्ड डामटा के समीप बस दुर्घटना स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बस दुर्घटना में मृतक रामसजी एवं बांके बिहारी के रिश्तेदार कृष्ण बिहारी द्विवेदी से बातचीत की तथा वाहन दुर्घटना में मृतक सभी श्रद्धालुओं के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक अन्य बस में सवार मध्यप्रदेश के तीर्थ यात्रियों से भी बातचीत की।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। कल घटना की सूचना मिलते ही हम लगातार उत्तराखंड सरकार के सम्पर्क में थे। जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशन में राहत और बचाव कार्य तत्काल प्रारम्भ किए। रेस्क्यू ऑपरेशन में जितनी जल्दी हो सकता था सभी ने तेजी से काम किया। जिला प्रशासन और स्थानीय निवासियों द्वारा रात में ही पार्थिव शरीर को गहरी खाई से निकाला। पोस्टमार्टम व पंचनामा की कार्यवाही तेजी से की गई। यात्रियों के पार्थिव शरीर को जौलीग्रांट देहरादून भेजा गया है। यात्रियों के पार्थिव शरीर को सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से खजुराहो (मध्यप्रदेश) पहुंचाया जाएगा। जहां से उनके पार्थिव शरीर को उनके घर भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हृदयविदारक बस दुर्घटना के मजिस्ट्रियल जाँच के आदेश दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा करने आ रहें तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं सुगम व सुदृढ़ यात्रा को लेकर लगातार रजिस्ट्रेशन कि व्यवस्था कर रहे है उसके बावजूद यह घटना हुई जो बेहद दुःखद है इस घटना का संज्ञान प्रधानमंत्री ने भी स्वयं व्यक्तिगत रूप से लिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जी लगातार पहले दूरभाष पर घटना की जानकारी लेते रहें और उसके बाद घटनास्थल पहुंचे है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस द्वारा तेजी से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। तीर्थ यात्रियों के पार्थिव शरीर को खाई से निकाला। राज्य सरकार की यही कोशिश है की उनके पार्थिव शरीर जल्द उनके घरों को पहुंच जाएं। तीर्थ यात्रियों के पार्थिव शरीर को डामटा से सड़क के माध्यम से जॉली ग्रांट एयरपोर्ट के लिए भेजा गया है। प्रधानमंत्री राहत कोष और मध्य प्रदेश सरकार ने मृतक के परिजनों एवं घायलों को मुआवजा राशि देने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतक परिजनों को 2 लाख एवं घायलों को 50 हजार एवं मध्यप्रदेश की सरकार मृतक के परिजनों को 5 लाख एवं घायलों को 50 हजार की राशि देगी। हमारी सरकार भी मृतक के परिजनों को 1 लाख एवं घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा राशि देगी।
इस दौरान गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, डीआईजी पुलिस करन सिंह नगन्याल, डीएम उत्तरकाशी अभिषेक रुहेला, डीएम टिहरी इवा आशीष श्रीवास्तव, एसपी अपर्ण यदुवंशी, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी भाजपा मनबीर सिंह चौहान, एसडीएम चतर सिंह चौहान, शालिनी नेगी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की ली जानकारी

यमुनोत्री मार्ग पर डामटा के समीप रविवार को हुई बस दुर्घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे। उन्होंने बस दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्याे में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में मारे गये लोगों की आत्मा की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी ईश्वर से कामना की है। उन्होंने घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था के निर्देश भी जिलाधिकारी उत्तरकाशी को दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने आपदा कंट्रोल के संचालन व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया तथा ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों से भी कंट्रोल रूम के संचालन से सम्बन्धित प्रक्रियाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में यात्रा अपने चरम पर है। यात्रा संचालन में व्यवस्थाओं के साथ ही किसी भी प्रकार की अनहोनी पर त्वरित राहत सम्बन्धी कार्य संचालित हो। इसके लिए कारगर व्यवस्था बनायी जाए। सभी जनपदों से आपदा कंट्रोल रूम को 24 घंटे सूचनाएं उपलब्ध कराये जाने के साथ ही जनपदों के आपदा कंट्रोल रूमों को भी और अधिक सक्रिय किये जाने के उन्होंने निर्देश दिए।
दुर्घटनाग्रस्त हुई बस में सवार लोग मध्यप्रदेश के होने के कारण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दूरभाष पर वार्ता कर दुर्घटना की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किये जा रहे है।

शिवराज और धामी ने मिल पुराने दिनों को किया याद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र तथा पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से पौधा भेंट किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ व प्रतीक चिह्न भेंट किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर में मौलश्री के पौधे का रोपण भी किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पाण्डया, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत उपस्थित रहे।

भारतीय साहित्य संगम ने ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का किया आयोजन

भारतीय सहित्य संगम के तत्वावधान में गूगल मीट पर ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेएमसी शासकीय महिला महाविद्यालय मंडला मध्य प्रदेश के प्राचार्य प्रोफेसर शरद नारायण खरे, विशिष्ट अतिथि शंखनाद वेब न्यूज़ उत्तराखंड के संपादक भारतेंदु शंकर पांडे तथा अध्यक्षता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद की संयुक्त सचिव मंजू पांडे ’महक जौनपुरी’ ने की।
देशभर से जुटे कवियों ने काव्य धारा बहाते हुए समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत की।
भारतीय साहित्य संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक डॉ धीरेंद्र रांगड़ ने शब्दों का कारवां की 110वीं श्रंखला पर साहित्य मनीषियों को स्वागत किया तथा हिन्दी पखवाड़ा की शुभकामनाएं प्रेषित की। कार्यक्रम में अरुणा वशिष्ठ द्वारा सुमधुर वाणी में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

आमन्त्रित रचनाकारों ने राष्ट्र भाषा हिंदी की महत्वता पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की। इस अवसर पर कवि डॉ अशोक गुलशन ने हिन्दी भाषा है सभी भाषाओं की जान, इसको पढ़ करके हुये, तुलसी-सूर महान। शम्भु प्रसाद भट्ट स्नेहिल ने भारतीयता की पहिचान, हिंदी बिना अधूरी है। इसीलिए हिंदी की शिक्षा, सबके लिए जरूरी है। डॉक्टर धीरेंद्र रांगड़ ने मैं दीवाना हिंदी का और तू दीवाना हिंदी का, ये जग दीवाना हिंदी का वो रब दीवाना हिंदी का की शानदार प्रस्तुति दी। महक जौनपुरी ने ग़ैर के ग़म से जो बाख़बर हो गया, जग में सच है वो आला बशर हो गया, मनोज कुमार गुप्ता आचार्य मनुश्री ने साहित्य से कैसी ढिढोली हो रही है, जिसे देख मेरी कलम रो रही है, राजेश डोभाल राज ने सब्र करता रहा मुद्दतों से यूं ही कागज, सब्र टूटा तो सरे बाजार फट गया कागज, अरुण कुमार शास्त्री ने कितनी हंसी है ये जिन्दगी के जबसे, तुमने ये कहा है तेरे होने से सब कुछ यहां है। कवि उमेश पटेल श्रीश ने खड़े हैं बीच चौराहे पर अपनी मंजिल की राह भूलकर, सोचते हैं इन राहों में से कोई राह मेरी मंजिल की भी होगी रचनाये प्रस्तुत की।
इसके अतिरिक्त आमंत्रित कविगणों में डॉ. बालकृष्ण पांडेय, प्रयागराज, डॉ वर्षा पुनवटकर, वर्धा महाराष्ट्र, बबिता शर्मा, कोटा, राजस्थान, डॉ. सत्यानन्द बडोनी, देहरादून, शिवकुमार चंदन, रामपुर उ.प्र., डॉ देवीदीन अविनाशी, हमीरपुर, नवीन डिमरी बादल, कर्णप्रयाग, शिव प्रसाद बहुगुणा आदि ने भी शानदार प्रस्तुति दी। कवि सम्मेलन का संचालन शंभू प्रसाद भट्ट ने किया।