स्वास्थ्य मंत्री ने विधायक संग की सीएम धामी से मुलाकात, यह रहा प्रमुख कारण…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल तथा टिहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक किशोर उपाध्याय ने शिष्टाचार भेंट की।

भेंट के दौरान टिहरी जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी जैसे महत्वपूर्ण एवं भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील जनपद में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा संस्थान की स्थापना न केवल स्थानीय जनता के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, बल्कि पूरे गढ़वाल मंडल के स्वास्थ्य ढांचे को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप इस दिशा में सकारात्मक एवं ठोस कदम आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार एवं आधुनिकीकरण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के दूरस्थ, पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों तक भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था प्रभावी रूप से पहुंच सके। इसके लिए चिकित्सा अवसंरचना के विकास, मेडिकल एवं नर्सिंग शिक्षा के विस्तार, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिले हैं। आयुष्मान भारत योजना, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार तथा मेडिकल शिक्षा संस्थानों की संख्या में वृद्धि जैसे अनेक प्रयासों से आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। राज्य सरकार इन प्रयासों को और अधिक गति प्रदान करते हुए प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री को टिहरी जनपद की स्वास्थ्य आवश्यकताओं, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार तथा मेडिकल कॉलेज स्थापना से संबंधित प्रस्तावों एवं संभावनाओं की जानकारी दी। विधायक किशोर उपाध्याय ने भी टिहरी क्षेत्र की जनभावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को क्षेत्र की दीर्घकालिक आवश्यकता बताया।

मुख्यमंत्री ने दोनों जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों एवं प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक मजबूत, आधुनिक एवं जनोन्मुख बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा इस दिशा में आवश्यक सभी कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएंगे।

टिहरी मेडिकल कॉलेज का निर्माण ऐसे स्थान पर होगा, जहां से अधिक जनसंख्या को इसका लाभ मिलेः सुबोध

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सचिवालय में उच्च अधिकारियों के साथ प्रस्तावित टिहरी मेडिकल कॉलेज के निर्माण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि चयन, निर्माण की रूपरेखा पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री उनियाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण ऐसे स्थान पर होगा, जिससे अधिकाधिक जनसंख्या को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा तथा लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी तथा स्वास्थ्य ढांचे का सुदृढ़ीकरण होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना टिहरी जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण से दूर-दराज के क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एवं मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य से संबंधित भूमि चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा यह दोहराया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगी और प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य विनय शंकर पांडे ने जिलाधिकारी टिहरी को निर्देशित किया कि चयनित भूमि से संबंधित प्रस्ताव शीघ्र शासन को उपलब्ध कराया जाए, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

इस अवसर पर अपर सचिव रोहित मीणा भी मौजूद रहे।

टिहरी लेक ग्लोबल डेस्टिनेशन प्रोजेक्ट में ग्रीन एनर्जी को अधिकतम प्रयोग किया जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किए जाने को लेकर उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक ग्लोबल डेस्टिनेशन से सम्बन्धित उच्च स्तरीय समिति की बैठकों में एमडी टीएचडीसी को स्पेशल इनवाइटी के रूप में डीएम टिहरी को भी शामिल किया जाए। साथ ही, टिहरी लेक प्रोजेक्ट को एक कैची सा नाम दिया जाए, जो लोगों की जुबान पर बस जाए और बोलना आसान हो।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के साथ ही टिहरी लेक प्रोजेक्ट को अधिकतम नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लिए तैयार की जाने वाली एसटीपी को भी सोलर पॉवर से संचालित किए जाने हेतु सोलर प्लांट लगाए जाने की संभावनाएं तलाशी जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक के आसपास कुछ गांवों को उत्तराखण्ड के क्राफ्ट, कल्चर, हेरिटेज की थीम से जोड़ते हुए ट्रेडिशनल विलेज के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने इस प्रकार के मॉडल विलेज को आजीविका से जोड़ते हुए लोकल हितधारकों को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये कॉन्सेप्ट हमें सभी टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स के लिए लागू करना चाहिए।

मुख्य सचिव ने योजना के तहत् बनायी जाने वाली प्रत्येक सम्पत्ति के संचालन एवं रखरखाव की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए योजना में हितधारकों को जोड़ते हुए आय सृजन गतिविधियों को शामिल किया जाए। उन्होंने टिहरी झील में बोटिंग और जेटी के संचालन के लिए वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर झील की क्षमता का आंकलन करते हुए सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि काम फेजवाईज किया जा सकता है, परन्तु सम्पूर्ण योजना एक बार में तैयार की जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने म्यूजियम की थीम का निर्माण टिहरी क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्त्व को ध्यान में रखते हुए की जाए। उन्होंने कहा कि पुरानी टिहरी का राजशाही इतिहास, लोककला एवं लोकसंस्कृति सहित पुरानी टिहरी का 3डी मॉडल भी शामिल किया जा सकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

फिर सफल होंगे सीएम धामी के प्रयास, मेरठ से लक्ष्मणझूला ऋषिकेश तक चलेगी हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन

मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के पास लक्ष्मणझूला तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) का सपना सच होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से, उत्तराखण्ड, यूपी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच आरआरटीएस ट्रेन के मौजूदा नेटवर्क को मेरठ से ऋषिकेश तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना की डीपीआर के लिए जल्द सर्वे होने जा रहा है।

इसी वर्ष फरवरी माह में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। इस हाईस्पीड ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश तक विस्तार देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयासरत रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रस्ताव भी सौंपा था। इसके बाद इस ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर चुकी है, इसी तरह एनसीआरटीसी ने अपना नोडल नियुक्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार भी परियोजना पर सहमति दे चुकी है। इसके बाद अब कुल 150 किलोमीटर प्रस्तावित ट्रैक की डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे शुरु होने जा रहा है।

प्रस्तावित परियोजना के मुताबिक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से नया ट्रैक शुरू होगा, जो मुजफ्फरनगर होते हुए, उत्तराखण्ड की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद ये ट्रैक रुड़की, हरिद्वार में हर की पैड़ी होते हुए, ऋषिकेश के अंतिम छोर लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। इसका 72 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में और 78 किमी का हिस्सा उत्तराखण्ड में आएगा।

इससे उत्तराखण्ड आने वाले तीर्थयात्रियों सहित दिल्ली जाने वाले उत्तराखण्ड के लोगों का भी नया आधुनिक ट्रांसपोर्ट विकल्प मिल पाएगा। वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश जाने में सड़क मार्ग से करीब पांच से छह घंटे का समय लगता है। नमो भारत ट्रेन (160 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार) के शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी के साथ लगातार समन्वय कर रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड में बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से विकास तथा रोजगार के नए अवसर सृजित हों

मुख्य सचिव ने बजरंग सेतु एवं हिलान्स हिमालयन भोजनालय का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनंद बर्धन द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत तपोवन स्थित बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ओम प्रकाश द्वारा सेतु की इंजीनियरिंग संरचना, तकनीकी विशेषताओं एवं निर्माण संबंधी पहलुओं की विस्तृत जानकारी मुख्य सचिव को प्रदान की गई। मुख्य सचिव ने परियोजना की प्रगति एवं सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

तत्पश्चात मुख्य सचिव द्वारा नरेंद्रनगर विकासखंड अंतर्गत प्लास्डा स्थित हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण किया गया। हिलान्स हिमालयन भोजनालय की संचालक बीना पुंडीर द्वारा भोजनालय में प्रतिदिन आने वाले ग्राहकों एवं दैनिक बिक्री से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही रीप परियोजना से छह लाख, बैंक लोन तीन लाख एवं सीएलएफ कंट्रीब्यूशन एक लाख से अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने भोजनालय परिसर के आसपास अधिकाधिक वृक्षारोपण सुनिश्चित करने तथा मेनू को स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित रूप से डिस्प्ले करने के निर्देश दिए, जिससे पर्यटकों एवं आगंतुकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन एवं आजीविका से जुड़े ऐसे प्रयासों को और अधिक सशक्त किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।

इस निरीक्षण के दौरान डॉ पंकज कुमार पांडेय (सचिव लोक निर्माण विभाग, औद्योगिक , खनन एवं आयुष विभाग), जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, तपोवन नगर पंचायत अध्यक्ष विनीता बिष्ट, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष घिडियाल, डीडीओ मो. असलम, ईओ तपोवन अंजलि, बीडीओ श्रुति वत्स आदि संबंधित उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने घण्टाकर्ण महोत्सव-2026 का शुभारंभ कर गजा क्षेत्र के लिए विकास योजनाओं की दी बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गजा घण्टाकर्ण महोत्सव-2026 के अवसर पर क्षेत्र के समग्र विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घंटाकर्ण महादेव मंदिर तक रोपवे निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। इसके साथ ही नगर पंचायत गजा क्षेत्र में विभिन्न आंतरिक मार्गों के निर्माण, गजा मैदान के विस्तारीकरण एवं मंच निर्माण की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने शहीद विक्रम सिंह नेगी राजकीय पॉलिटैक्निक गजा में फार्मेसी विषय की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोटेश्वर झील के विकास तथा डांडाचली में इको पार्क निर्माण की घोषणा की। साथ ही पावकी देवी एवं चमराड़ा देवी (भरपूर) मंदिरों के सौंदर्यीकरण कार्य कराए जाने की भी घोषणा की गई। उन्होंने दंदेली, अंदरफीगांव, फलसारी, बिमाण गाँव मोटर मार्ग तथा रणाकोट डांडा जमोला मोटर मार्ग की स्वीकृति देने की घोषणा भी की।

स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने चाका महिला अस्पताल को PHC में परिवर्तित कर उसके उच्चीकरण तथा चाका में सामुदायिक भवन के सुदृढ़ीकरण की घोषणा की। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंगटाली एवं पजै गाँव को इंटर स्तर पर उच्चीकृत करने तथा नरेंद्रनगर महाविद्यालय को पीजी स्तर पर उच्चीकृत किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री धामी ने गजा तहसील में लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान एवं जल निगम के तहसील स्तरीय कार्यालयों/कार्यक्रमों की स्वीकृति देने की घोषणा भी की। इसके अतिरिक्त हेंवल नदी में झील निर्माण तथा गजा बगीद के 33 KV सब स्टेशन की स्वीकृति प्रदान किए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इन योजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी तथा आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज गजा, टिहरी गढ़वाल पहुंचकर “गजा घण्टाकर्ण महोत्सव-2026” (द्वितीय संस्करण) का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गजा स्थित प्राचीन घंटाकर्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही उन्होंने राज्य आंदोलनकारी शहीद बेलमती चौहान की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने समस्त क्षेत्रवासियों एवं प्रदेशवासियों को महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं एवं धार्मिक आस्थाओं को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गजा आगमन पर माताओं एवं बहनों द्वारा तिलक लगाकर किए गए आत्मीय स्वागत से वे अभिभूत हैं और सभी को हाथ जोड़कर प्रणाम करते हैं। उन्होंने कहा कि केदारखंड में घंटाकर्ण मंदिर का विशेष महत्व वर्णित है तथा यह क्षेत्र धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमि है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों ने अत्यंत शानदार एवं मनमोहक प्रस्तुतियां दी हैं। उन्होंने कहा कि गजा महोत्सव निरंतर विराट स्वरूप ग्रहण कर रहा है तथा इसका विस्तार तेजी से हो रहा है। इस वर्ष का आयोजन पहले की अपेक्षा अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा, लोक कला, आभूषण एवं खान-पान की अपनी विशिष्ट पहचान है, जिसका संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम एवं महाकाल लोक जैसे विकास कार्य देश की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं आह्वान पर राज्य सरकार उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास करने तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए सरकार प्राथमिकता के आधार पर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नगर पंचायत कार्यालय, गौशाला, मिनी स्टेडियम, क्रिकेट छात्रावास एवं विभिन्न पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा कई योजनाएं प्रगति पर हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन एवं आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार होमस्टे, वेडिंग डेस्टिनेशन एवं हाउस ऑफ हिमालय जैसी योजनाओं को सशक्त बनाने के साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनहित एवं सांस्कृतिक संरक्षण के दृष्टिगत कई महत्वपूर्ण एवं कठोर निर्णय लिए हैं। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं रोजगार को प्राथमिकता देते हुए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर राज्य के रूप में नई पहचान दिलाई जाएगी तथा भावी पीढ़ियों के लिए सशक्त उत्तराखंड का निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने गजा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना तथा विकास कार्यों को जनसहभागिता के माध्यम से आगे बढ़ाना है।

नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गजा क्षेत्र को अनेक विकास योजनाओं की सौगात दी गई है, जिसके लिए क्षेत्रवासी उनके आभारी हैं।

कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, लोकगीत, लोकनृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति का सुंदर प्रदर्शन किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा लाभान्वित किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, ब्लॉक प्रमुख चंबा सुमन सजवाण, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, नगर पालिका अध्यक्ष चंबा शोभना धनौला, नगर पंचायत अध्यक्ष मुनि की रेती विनीता बिष्ट, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मीना खाती, हुकुम सिंह भंडारी, जसवंत सिंह, खेमे घ. चौहान, मंच संचालक राजेश रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पत्रकारगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

उत्तराखंड के टिहरी में केंद्रीय विद्यालय की होगी स्थापना, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के मदननेगी में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा मदन नेगी, टिहरी गढ़वाल में नए केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। यह विद्यालय सिविल सेक्टर के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से मदननेगी एवं आसपास के क्षेत्र में नोनीहालों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर शैक्षिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाने एवं उनके भविष्य को संवारने के लिए संकल्पित है।

नए केन्द्रीय विद्यालय का संचालन प्रारंभिक चरण में कक्षा 1 से 5 तक (प्रत्येक कक्षा में एक सेक्शन) किया जाएगा, जिसे आवश्यकता एवं स्वीकृति के अनुसार आगामी वर्षों में क्रमिक रूप से विस्तारित किया जाएगा।साथ ही प्रवेश प्रक्रिया सभी आवश्यक औपचारिकताओं के पूर्ण होने के 30 दिनों के भीतर प्रारंभ कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि यह निर्णय भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति के क्रम में लिया गया है, जिसके तहत देशभर में 85 नए केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने हैं। मदान नेगी, टिहरी गढ़वाल स्थित यह विद्यालय उन्हीं स्वीकृत विद्यालयों में शामिल है।

आज विश्व के 180 से अधिक देशों में मनाया जा रहा योग दिवस: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी के गंगा रिजॉर्ट मुनिकीरेती में आयोजित अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नही समग्र जीवन पद्धति है। योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का काम करता है। उन्होंने देश प्रदेश के युवाओं से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवा आमतौर पर थकावट महसूस करते है इसमें योग उनका सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है, राज्य सरकार ने योग नीति 2025 बनायी है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय की स्थापना की जा रही है। योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ का प्राविधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा ये अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बार आयोजित इस 7 दिवसीय भव्य योग महोत्सव में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के विविध सत्रों के साथ-साथ रन फॉर योगा, हेरिटेज वॉक तथा अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन जैसे कई विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इससे प्रतिभागियों को योग के विविध आयामों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और महान आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, आज वो पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त आधार बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग के महत्त्व को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ में रखा था। उसी का परिणाम है कि आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योगभूमि भी है। यहां की पवित्र नदियाँ, शांत वातावरण, स्वच्छ जलवायु और आध्यात्मिक ऊर्जा योग साधना के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं। विश्वभर से हजारों-लाखों साधक प्रति वर्ष उत्तराखंड आकर योग और ध्यान का अभ्यास करते हैं। हमारे लिए यह भी अत्यंत गर्व की बात है कि आज पूरी दुनिया में ऋषिकेश को “विश्व की योग राजधानी” के रूप में पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों की स्थापना भी की जा रही है। इसके साथ ही, ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा नागरिकों को आयुष परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है। यही नही उत्तराखंड आयुष नीति के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के संवर्धन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, इसके साथ ही राज्य में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने संबंधी उत्तराखंड खोज योजना का रिमोट दबाकर लोकार्पण भी किया।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग हमारी प्रचीन पद्धति में शुमार है। हमारे ऋषि मुनियों ने योग और तप बल से कई सिद्धियां हासिल की है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज योग से करोडों़ लोग निरोग हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान मे योग की मुख्य भूमिका है।

प्रबंध निदेशक गढ़वाल मण्डल विकास निगम प्रतीक जैन ने बताया कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में 2500 से अधिक रजिट्रेशन हो चुके है। इस योग महोत्सव को 150 योग संस्थाओं के सहयोग से सफल बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में गुरु कुल कांगड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये के योग साधको द्वारा योग की विभिन्न क्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मुनिकीरेती नीलम बिजल्वाण, अध्यक्ष नगर निगम ऋषिकेश शम्भू पासवान, अध्यक्ष नगर पंचायत तपोवन विनीता बिष्ट, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, स्वामी चिदानन्द मुनि, महंत रविन्द्र पुरी, भारत भूषण, योगाचार्य ऊषा माता सहित हजारों की संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।

टिहरी लेक फेस्टिवल’ शुरू, सीएम नेे की घोषणा-कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे निर्माण होगा

पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका उद्घाटन करते हुए विश्वास प्रकट किया कि सुंदर टिहरी झील आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में साहसिक खेलों और पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी। इस मौके पर उन्होंने घोषणा कि कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे का निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में देश-विदेश से आए खिलाड़ियोें के साथ ही अन्य मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा आध्यात्मिकता और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम रही है। हमारी नदियां, हमारे पर्वत, हमारी झीलें और हमारी परंपराएं पूरे विश्व को आकर्षित करती रही हैं। आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टिहरी झील के किनारे आयोजित ये महोत्सव पर्यटन, खेल और स्थानीय संस्कृति तीनों को एक मंच पर लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसी टिहरी झील प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत उदाहरण होने के साथ- साथ साहसिक खेलों के आयोजन स्थल के रूप में तेजी से उभर रही है। यहां आयोजित होने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रही हैं, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने का काम भी कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने टिहरी को लेकर अपनी सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि टिहरी को वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए टिहरी झील में कयाकिंग, कैनोइंग, जेट-स्की, पैरा-सेलिंग, स्कूबा डाइविंग और अन्य साहसिक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ताकि हमारे युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि टिहरी झील के आसपास विकसित हो रहा यह खेल और पर्यटन तंत्र स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर पैदा कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि टिहरी झील केवल एक पर्यटन स्थल ही न रहे, बल्कि खेल, संस्कृति और प्रकृति के संगम का वैश्विक केंद्र भी बने। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार के प्रयास जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव जगजाहिर है और उन्होंने स्वयं यहां आकर हमें प्रेरित और प्रोत्साहित किया है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन और साहसिक खेलों को प्रोत्साहन देेने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों का खास तौर पर जिक्र किया। इस क्रम में उन्होंने आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई-एल्टीट्यूड मैराथन, माणा में एमटीबी चैैलेंज, एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे बडे़ स्तर के आयोजनों की चर्चा की।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि हमारे युवा केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि अपने सामथ्र्य और परिश्रम से नए अवसरों का सृजन भी करें। उन्होंने कहा कि आज टिहरी में 400 से अधिक युवा पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह जानकारी खुशी देने वाली है। पूर्ण विश्वास है कि ये युवा भविष्य में उत्तराखंड को वैश्विक पैराग्लाइडिंग मानचित्र पर स्थापित करने में अवश्य सफल रहेंगे।

अपने संबोधन में उन्होंने टिहरी क्षेत्र में विकास कार्यों की तस्वीर को सामने रखा। उन्होंने बताया कि टिहरी क्षेत्र के के समग्र विकास हेतु लगभग 1300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है। इसमें टिहरी झील का विकास, रिंग रोड का निर्माण, तिमाड़ गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने जैसे प्र्रमुख कार्य शामिल हैं। इसके अलावा यहां भिलंगना विकासखंड की सुनारगांव ग्राम पंचायत को एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। विशिष्ट पहाड़ी शैली में एक नया आंगनबाड़ी भवन भी बनाया जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में जिले के सभी ब्लाक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 10 कॉम्पेक्टर केंद्रों और 4267 कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थापना का भी जिक्र किया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, क्षेत्रीय सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक किशोर उपायाय, विक्रम सिंह नेगी, विनोद कंडारी, शक्तिलाल शाह, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, नगर पालिका परिषद नई टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत व चंबा की अध्यक्ष सोबनी धनोला, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंह रावत प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इससे पहले, मुख्यमंत्री का यहां पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। सीएम ने देवडोलियों से आशीर्वाद भी लिया ।

*कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का शिलान्यास*
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का रिमोट दबाकर वर्चुअल शिलान्यास किया। यह मार्ग एशियन डेवलपमेंट बैंक के स्तर पर वित्त पोषित है,जिसकी कुल लागत 318 करोड़ है। इस मार्ग की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है।

*नौ मार्च तक होंगी विभिन्न गतिविधियां*
-टिहरी लेक फेस्टिवल में नौ मार्च तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साहसिक खेल व पर्यटन गतिविधियों के अलावा लोक संस्कृति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं।

बड़ी खबरः धामी सरकार ने टिहरी के सुरसिंधार नर्सिंग कॉलेज को दी पीजी की मान्यता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या 311/2025 के क्रम में आज स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में टिहरी जनपद के सुरसिंहधार स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. कॉलेज के रूप में विकसित किए जाने से संबंधित समस्त बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों से अब तक की प्रगति, उपलब्ध अवसंरचना, वित्तीय-प्रशासनिक स्वीकृतियों की स्थिति और निरीक्षण रिपोर्ट के निष्कर्षों की जानकारी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विशेषज्ञ नर्सिंग जनशक्ति तैयार करने और पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करते हुए प्रस्ताव को समय पर आगे बढ़ाना सुनिश्चित किया जाए।

सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. की मान्यता
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 311/2025 के अनुपालन में शासन द्वारा 14 अगस्त 2025 को संबंधित प्रस्ताव के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियाँ जारी की जा चुकी हैं। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि टिहरी जनपद के चंबा क्षेत्र में स्थित सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. कॉलेज का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। इसके लिए सभी औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर 12 नवम्बर 2025 को जारी विभागीय पत्र के माध्यम से राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी की स्थिति के मूल्यांकन हेतु एक निरीक्षण समिति का गठन किया गया था, जिसे परिसर का भौतिक सत्यापन कर अपनी आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

निरीक्षण के बाद मिली सकारात्मक रिपोर्ट
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि गठित समिति ने 14 नवम्बर 2025 को राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी का स्थलीय निरीक्षण कर एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि कॉलेज परिसर में उपलब्ध भवन, कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय, मल्टीपरपज़ हॉल तथा एम.एससी. नर्सिंग शिक्षा के लिए आवश्यक अतिरिक्त कक्षाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। समिति ने यह भी उल्लेख किया कि कॉलेज के पास जिला चिकित्सालय बौराड़ी (100 बेड) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरेंद्रनगर (50 बेड) क्लीनिकल पोस्टिंग के लिए उपलब्ध हैं, जो प्रशिक्षण की अनिवार्य शर्तों को पूरी तरह पूरा करते हैं। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि वर्तमान में संस्थान के पास कुल 71,900.33 वर्गफुट क्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें 32,452.97 वर्गफुट का शैक्षणिक क्षेत्र और 39,447.36 वर्गफुट का हॉस्टल क्षेत्र शामिल है। समिति ने संपूर्ण अवसंरचना को मानकों के अनुरूप और पी.जी. कॉलेज संचालन के लिए उपयुक्त पाया। जिसके बाद इसको पीजी की मान्यता दे दी गई है।

एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम की 15 सीटों की संस्तुति
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि निरीक्षण के आधार पर समिति ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी में एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम शुरू करने के लिए 15 नई सीटों की संस्तुति की है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि संस्थान में उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन, स्टाफ, कक्षाएँ और प्रशिक्षण ढाँचा मौजूद है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र में नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी। उन्होंन कहा मुख्यमंत्री घोषणा की पूर्ति की दिशा में यह कदम टिहरी क्षेत्र में उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा और विशेषज्ञ स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि साबित होगा। इस समीक्षा बैठक में डॉ एके आर्य, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, डॉ रविन्द्र सिंह बिष्ट, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा, मनीषा ध्यानी, रजिस्ट्रार सहित विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।