मुख्यमंत्री धामी ने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को बताया भारत की पहचान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार में ऋषिकुल मैदान में आयोजित “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” के सद्भावना सम्मेलन, बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रतिभाग करते हुए कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सदैव से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत पर आधारित रही है, जो पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश देती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में सम्मेलन में उपस्थित देशभर से आए संतों, अतिथियों, माताओं, बहनों, युवाओं एवं सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए वैशाखी पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना से परिपूर्ण इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” द्वारा समाज में समरसता, सेवा और नैतिक जागरण के लिए किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रेरणादायी हैं। वर्तमान समय में जब विश्व विभिन्न संघर्षों और तनावों से गुजर रहा है, ऐसे में प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने सदैव वैश्विक स्तर पर मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश द्वारा ‘एक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य’ की भावना को आगे बढ़ाने का उल्लेख करते हुए कहा कि कोरोना काल में अनेक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराना, योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाना तथा विभिन्न आपदाओं के समय सहायता प्रदान करना भारत की मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द किसी भी राष्ट्र की प्रगति के मूल आधार होते हैं। इसी दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने को सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर एवं शारदा कॉरिडोर के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना को भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सद्भावना सम्मेलन समाज में एकता, सद्भाव और सेवा की भावना को और अधिक सशक्त करेगा तथा इसके सकारात्मक परिणाम दूरगामी होंगे। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए सतपाल महाराज एवं “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” को शुभकामनाएं भी दीं।

कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों का मुख्य सचिव ने किया स्थलीय निरीक्षण

कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार में विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए तथा विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए।

कुंभ क्षेत्र के कार्यों के विस्तृत निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अपर गंगा नहर के बाएं तट पर स्थित शहीद भगत सिंह घाट (कामधेनु घाट) से सिंहद्वार तक निर्माणाधीन घाट एवं बैरागी कैम्प घाट का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि घाटों का निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए आधुनिक मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि कुम्भ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
उन्होंने बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए घाटों पर रैम्प एवं अन्य सुगम्यता संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, साथ ही चेंजिंग रूम एवं प्रसाधन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि इस बार कुम्भ मेला–2027 के लिए ‘ग्रीन घाट’ विकसित किए जाएं, जिसके तहत घाटों पर हरित पट्टियां विकसित कर उन्हें फूलों एवं पौधों से सजाया-संवारा जाए।

इसके पश्चात उन्होंने ज्वालापुर–ईदगाह–पीएसी–शिवालिक नगर मोटर मार्ग के किलोमीटर-3 पर पथरी रौ नदी पर निर्माणाधीन 60 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड आरसीसी सेतु के कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।

मुख्य सचिव ने बहादराबाद–सिडकुल मार्ग (भाईचारा ढाबा से बीएचईएल सेक्टर-6 होते हुए शिवालिक नगर चौक एवं बीएचईएल मध्य मार्ग तक) के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग कुम्भ के दौरान यातायात के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए।

उन्होंने धनौरी–सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रौ नदी में पुरानी गंग नहर सायफन के डाउनस्ट्रीम में बन रहे 90 मीटर स्पान के पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पुल से संबंधित नदी तल के कार्य वर्षाकाल से पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि वर्षा ऋतु में जलस्तर बढ़ने से कार्य प्रभावित न हो।

मुख्य सचिव ने हरिद्वार बाईपास रिंग रोड परियोजना के निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाईपास निर्माण कार्य अविलंब पूर्ण किया जाए तथा सप्ताहवार लक्ष्य निर्धारित कर टाइमलाइन के अनुसार प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना कुम्भ मेला प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है।
इसके साथ ही दिल्ली राजमार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी हरिद्वार को इसकी प्रगति का दैनिक ब्यौरा उपलब्ध कराया जाए।

मुख्य सचिव ने बैरागी कैम्प में 1500 किलोलिटर क्षमता के ओवरहेड टैंक, एवं कार्यों की प्रगति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जलापूर्ति संबंधी कार्य समय से पूर्ण कर कुम्भ के दौरान निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ मेला–2027 एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। ऐसे में सभी विभागों को पूर्ण जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्माण कार्यों के साथ-साथ यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी समान प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जाए, ताकि तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।

मुख्य सचिव ने मेला नियंत्रण भवन में संचालित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने इस व्यवस्था में नवीनतम आईटी अनुप्रयोगों एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव शहरी विकास नितेश झा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, हरिद्वार विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हरिद्वार में तेजी से बन रहा पीएम यूनिटी मॉल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में हरिद्वार में प्रस्तावित पीएम यूनिटी मॉल परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में पीएम यूनिटी मॉल के निर्माण कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है, जिसके चलते अब तक करीब 46 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। यह मॉल न सिर्फ व्यापार, बल्कि पर्यटन और स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के अनुसार 160.57 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस यूनिटी मॉल का निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए तेजी से किया जा रहा है। फरवरी 2023 में घोषित इस परियोजना को सरकार की प्राथमिकता में रखा गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर सचिव आवास विनोद गिरी, सचिव हरिद्वार-विकास प्राधिकरण मनीष सिंह सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

*‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ को मिलेगा मंच*
पीएम यूनिटी मॉल को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) की अवधारणा पर विकसित किया जा रहा है। इसके तहत देशभर के राज्यों और उत्तराखंड के जिलों के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और छोटे उत्पादकों को बड़ा बाजार मिलने की उम्मीद है।

*56 दुकानें और मल्टीप्लेक्स की सुविधा*
प्रस्तावित मॉल में 56 दुकानों की व्यवस्था की जा रही है, जहां विभिन्न राज्यों के उत्पाद प्रदर्शित और बेचे जाएंगे। इसके साथ ही तीन मल्टीप्लेक्स भी बनाए जाएंगे, जिससे यह मॉल व्यापार के साथ-साथ मनोरंजन और पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

*पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा*
अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से हरिद्वार में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी यह मॉल अहम भूमिका निभाएगा।

*दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य*
परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। समय पर निर्माण पूरा होने पर यह यूनिटी मॉल देश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

*आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि पीएम यूनिटी मॉल परियोजना को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि यह मॉल ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी पहल को मजबूत करेगा। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है और निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, ताकि दिसंबर 2026 तक इसे पूरा कर प्रदेश को एक बड़ा व्यापारिक और पर्यटन केंद्र दिया जा सके।

धामी सरकार का मास्टर स्ट्रोक : देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर को मिलेगा स्मार्ट और जाम मुक्त परिवहन नेटवर्क

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड में आधुनिक और सुदृढ़ आधारभूत ढांचे के निर्माण की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक कॉरिडोर, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए कॉम्प्रीहेन्सिव मोबिलिटी प्लान (CMP)-2024 पर उच्चस्तरीय मंथन किया गया। आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक राज्य सचिवालय में आयोजित हुई, जिसमें इस पूरे कॉरिडोर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक की शुरुआत मैसर्स यूएमटीसी द्वारा CMP-2024 के अद्यतन प्रस्तावों के प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसमें देहरादून (देहरादून शहर, विकासनगर, ऋषिकेश) और हरिद्वार (हरिद्वार शहर, रुड़की, भगवानपुर) क्षेत्र की मौजूदा यातायात चुनौतियों और उनके समाधान को विस्तार से रखा गया। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजना के तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया। सचिव आवास ने निर्देश दिए कि CMP के सभी प्रस्तावों को संबंधित मास्टर प्लान में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि आने वाले समय में शहरी परिवहन अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में तैयार होने वाली सभी योजनाओं में एकीकृत परिवहन प्रणाली की अवधारणा को केंद्र में रखा जाए।

*बढ़ते यातायात दबाव का समाधान, लोगों को मिलेगा राहतभरा सफर*
देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर वर्तमान में राज्य का सबसे व्यस्त क्षेत्र बन चुका है। SIDCUL जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, तेजी से हो रहे शहरीकरण और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि के चलते यहां यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पीक आवर्स में जाम, अव्यवस्थित पार्किंग, सीमित सड़क क्षमता और सार्वजनिक परिवहन की कमी जैसी समस्याएं आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। CMP-2024 इन चुनौतियों का दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है, जिससे आमजन को राहत मिलने की उम्मीद है। इस योजना के तहत परिवहन को लोग-केंद्रित, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और पैदल व साइकिल चालकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में कई ठोस कदम प्रस्तावित किए गए हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।

*ई-बीआरटीएस, रोपवे और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से बदलेगा कॉरिडोर का स्वरूप*
CMP-2024 के अंतर्गत कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जो इस पूरे कॉरिडोर की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती हैं। देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच लगभग 73 किलोमीटर लंबी ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) प्रणाली विकसित करने की योजना है, जिससे तीनों शहरों के बीच आवागमन तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। इसके अलावा हरिद्वार में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव है, जो विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा। धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए रोपवे परियोजनाओं का विकास भी इस योजना का अहम हिस्सा है, जिससे यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITS), आधुनिक सिग्नलिंग, पार्किंग प्रबंधन और बाईपास सड़कों के निर्माण पर भी जोर दिया गया है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के माध्यम से शहरों का समेकित विकास सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे परिवहन और शहरी जीवनशैली के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।

*कांवड़ और कुंभ जैसे आयोजनों में मिलेगी बड़ी राहत*
विशेषज्ञों का मानना है कि CMP-2024 के लागू होने से कांवड़ मेला और कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। हर साल लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से इस कॉरिडोर पर भारी दबाव पड़ता है, लेकिन नई योजना के लागू होने के बाद यातायात अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकेगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रशासन के लिए भी व्यवस्थाएं संभालना आसान होगा। कुल मिलाकर यह योजना धामी सरकार की विकासोन्मुखी और दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है, जो उत्तराखंड को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी. पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने CMP-2024 को राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

*सरकार की दूरदर्शी सोच, विकास को मिलेगी नई रफ्तार*
आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के प्रमुख शहरी क्षेत्रों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। CMP-2024 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें एकीकृत और आधुनिक परिवहन प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया है। हमारा उद्देश्य है कि देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनाया जाए। ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम), रोपवे, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जैसी योजनाएं न केवल यातायात समस्याओं का समाधान करेंगी, बल्कि राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति देंगी। आने वाले समय में यह कॉरिडोर देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

सीएम ने कुंभ मेले के भव्य आयोजन को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध पूरी करने के अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार का भ्रमण कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। डामकोठी में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेले के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ जैसे विराट आयोजन में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग पूरी क्षमता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध तरीके से तैयारियों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि मेला आयोजन से जुड़े सभी हितधारकों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों तथा साधु-संतों के सहयोग से कुंभ मेले का भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कुंभ से संबंधित कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी तथा प्रस्तावित कार्यों के लिए आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र जारी की जाएंगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान ही दूरभाष पर मुख्य सचिव से वार्ता कर शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, यातायात और पार्किंग व्यवस्था से जुड़े स्थायी प्रकृति के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा, वर्षाकाल तथा कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख कार्यों के क्रियान्वयन की रणनीति बनाई जाए और विभाग निरंतर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कुंभ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं से सुसज्जित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके लिए आवश्यक स्वीकृति शीघ्र जारी की जाएगी।

उन्होंने मेला नियंत्रण भवन के पास प्रस्तावित सीसीआर-2 भवन परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि कुंभ मेले के सुचारु प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण इस परियोजना को भी शीघ्र वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए खड़खड़ी पुल तथा श्रीयंत्र पुल से संबंधित योजनाओं को भी प्राथमिकता देते हुए उनके लिए आवश्यक स्वीकृतियां जल्द जारी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश और मुनीकीरेती सहित कुंभ क्षेत्र के सभी सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता तथा सीवरेज प्रबंधन के कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने डामकोठी अतिथिगृह, हरिद्वार के विस्तार के निर्देश देते हुए कहा कि मौजूदा भवन से सटे क्षेत्र में एक आधुनिक एवं आकर्षक अतिथिगृह निर्माण की योजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला 2027 की तैयारियों से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सड़कों, पुलों, घाटों के निर्माण के साथ-साथ जलापूर्ति, चिकित्सा, सुरक्षा तथा मेला प्रबंधन से संबंधित स्थायी प्रकृति की 33 योजनाएं वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। सभी परियोजनाओं पर निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के अंतर्गत मनसा देवी मंदिर तथा चंडी देवी मंदिर के मार्गों के सुधार की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त मेले के लिए प्रस्तावित अन्य कार्यों और अस्थायी व्यवस्थाओं की भी जानकारी बैठक में दी गई।

बैठक में हरिद्वार की जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर नगर निगम किरण जैसल, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, सुनील सैनी, ओम प्रकाश जमदग्नि, जयपाल सिंह चौहान, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, मंजीत सिंह गिल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सीएम धामी के निर्देश पर इकबालपुर चौकी के सभी पुलिसकर्मी निलंबित

राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। अवैध खनन से संबंधित एक ऑडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हरिद्वार जनपद की इकबालपुर पुलिस चौकी में तैनात पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इकबालपुर क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा तत्काल निर्णय लेते हुए चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी के छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है तथा मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंप दी गई है।

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान (चौकी प्रभारी इकबालपुर), हेड कांस्टेबल विरेन्द्र शर्मा, हेड कांस्टेबल हरेन्द्र, कांस्टेबल विपिन कुमार, कांस्टेबल देवेश सिंह तथा कांस्टेबल प्रदीप शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, यदि वही अपने कर्तव्यों में लापरवाही या अनुचित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

केंद्रीय गृह मंत्री के हरिद्वार आगमन को लेकर शासन-प्रशासन की सभी तैयारियाँ पूर्ण

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार, 7 मार्च 2026 को हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम ‘जन-जन की सरकार : चार साल बेमिसाल’ में प्रतिभाग करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं तथा श्री अमित शाह के स्वागत के लिए कार्यक्रम स्थल बैरागी कैम्प के साथ ही हरिद्वार शहर को सजाया-संवारा जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार का भ्रमण कर इस विराट आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैरागी कैम्प पहुँचकर प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनसभा स्थल, मंच, प्रदर्शनी क्षेत्र, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि कार्यक्रम के सुव्यवस्थित एवं सुचारु आयोजन के लिए सभी तैयारियों का वरिष्ठ अधिकारी भली-भाँति परीक्षण कर लें। उन्होंने आमजन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। साथ ही वे राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी तथा नई न्याय संहिताओं पर केंद्रित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे। इस अवसर पर शाह राज्य के विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान वन मंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री अजय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, मेयर नगर निगम हरिद्वार किरन जैसल, मेयर नगर निगम रूड़की श्रीमती अनीता देवी, नगर पालिका ऋषिकेश के अध्यक्ष शंभू पासवान, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा के हरिद्वार जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डे, एडीजी अजय प्रकाश अंशुमन, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रूहेला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, एमडी सिडकुल सौरभ गहरवार, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी जितेन्द्र कुमार तथा एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सरकार फाइलों में नहीं, मैदान में काम करेगी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत आयोजित मुख्य सेवक की चौपाल कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच बैठकर सीधे संवाद किया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अब फाइलों में नहीं, मैदान में काम करेगी।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं पर देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अन्य विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि जिन समस्याओं का समाधान तत्काल संभव है, उनका निस्तारण मौके पर ही किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुख्य सेवक की चौपाल” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रमाण है। सरकार का उद्देश्य है कि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार जनहित के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सरकार का लक्ष्य है। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सरकार जनता के साथ खड़ी है — हर समय, हर परिस्थिति में।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है। उन्होंने स्वयं को जनता से अलग नहीं, बल्कि उनका सेवक बताते हुए कहा कि जनता की संतुष्टि ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुख्यसेवक की चौपाल” कोई औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का एक जीवंत मंच है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए आए हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है, ताकि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार का मूल मंत्र है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जनहित सर्वोपरि रहे और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि किसी की आवाज दबाई नहीं जाएगी और कोई शिकायत अनसुनी नहीं रहेगी। सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत बीते डेढ़ माह में पूरे प्रदेश में लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं | उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सशक्त सेतु है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 28,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से योग्य युवाओं को अवसर प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए भी निरंतर प्रोत्साहित कर रही है, जिससे प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बन सके और राज्य के समग्र विकास में भागीदार बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आय में वृद्धि के लिए सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान, कृषि उत्पादों के बेहतर मूल्य, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों के समग्र सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू कर उत्तराखंड ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सामाजिक समरसता, समानता एवं न्याय की भावना को सुदृढ़ करने वाला है। उन्होंने इसे राज्य की जनता के हित में लिया गया दूरदर्शी एवं साहसिक निर्णय बताया।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना के साथ कार्य कर रही है तथा प्रदेश के युवाओं, किसानों और आमजन के कल्याण हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगी।

हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधार अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है तथा कृषि को लाभकारी बनाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित हैं |

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता के कारण योजनाएं बिना भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार किया गया है और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के सुझाव ही सरकार के लिए मार्गदर्शन का कार्य करते हैं। सरकार और जनता यदि साथ मिलकर कार्य करें तो विकास की कोई सीमा नहीं रहती। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों के सहयोग और विश्वास से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को अवश्य सिद्ध किया जाएगा।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे |

जिला पूर्ति अधिकारी हरिद्वार अपने सहायक के साथ 50 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों एवं जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति के तहत प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विजिलेंस विभाग की टीम ने हरिद्वार जनपद में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य एवं उनके सहायक को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार देहरादून से आई विजिलेंस टीम को काफी समय से जिला पूर्ति कार्यालय हरिद्वार से जुड़े इन अधिकारियों की रिश्वतखोरी की लगातार सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। सूचनाओं के सत्यापन एवं सटीक योजना के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम द्वारा दोनों आरोपियों से जिला पूर्ति कार्यालय हरिद्वार में ही गहन पूछताछ की जा रही है, साथ ही संबंधित कार्यालय के अभिलेखों एवं अन्य दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा किया जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने दोहराया कि सरकारी सेवा को जनता की सेवा मानते हुए यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करता है, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विजिलेंस, एसटीएफ एवं अन्य जांच एजेंसियों को पूर्ण स्वतंत्रता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बीते वर्षों में प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार आक्रामक अभियान चलाया गया है। चाहे वह रिश्वत लेते अधिकारियों की गिरफ्तारी हो, अवैध संपत्ति पर कार्रवाई हो या भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय दंड, राज्य सरकार ने हर स्तर पर कड़ा संदेश दिया है कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। इन निरंतर कार्रवाइयों से आमजन में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी भ्रष्टाचार की शिकायत हो, तो निःसंकोच संबंधित माध्यमों से सूचना दें, सरकार उनकी पहचान गोपनीय रखते हुए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

हरिद्वार में हुई यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उस प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है, जिसके तहत उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त, सुशासन युक्त और विश्वास आधारित शासन प्रणाली की दिशा में निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

कम भूमि और कम जल में अधिक लाभ देने वाला उद्यम है मशरूम उत्पादन: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जनपद के बुग्गावाला में एमबी फूड्स द्वारा विकसित ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने एमबी फूड्स की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन कम भूमि, कम जल और कम समय में अधिक लाभ देने वाला प्रभावी उद्यम है, जिससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोज़गार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘मशरूम ग्राम’ मॉडल राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा और कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के 11 करोड़ किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिसमें उत्तराखंड के लगभग 9 लाख किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंद-बूंद सिंचाई योजना और डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाएं किसानों को सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये करना किसानों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी किसानों के उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण तथा नहरों से मुफ्त सिंचाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पॉलीहाउस निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत अब तक लगभग 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं खरीद पर प्रति क्विंटल 20 रुपये का बोनस, गन्ने के दामों में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी योजनाएं राज्य में कृषि और बागवानी को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं। इसके साथ ही ‘महक क्रांति’ के माध्यम से सुगंध फसलों की खेती को बढ़ावा देकर हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से राज्य के स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से उत्तराखंड कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने बुग्गावाला और हरिद्वार क्षेत्र के नागरिकों से सरकार के प्रयासों में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से ही देवभूमि उत्तराखंड को कृषि सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित थी।