बांद्रा टर्मिनस से दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार, हरिद्वार से वेरावल और ओखा के लिए नई एसी एक्सप्रेस

देहरादून। उत्तराखण्ड में रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे मंत्रालय ने बांद्रा टर्मिनस-दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ एक्सप्रेस का हरिद्वार तक विस्तार करने के साथ ही हरिद्वार-वेरावल एसी एक्सप्रेस और हरिद्वार-ओखा एसी एक्सप्रेस के संचालन को स्वीकृति प्रदान की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र के माध्यम से ये जानकारी दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की धार्मिक, पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को गति देने में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में रेल सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। इससे प्रदेश में आने वाले तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

सीएम धामी ने हरिद्वार में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पतंजलि वेलनेस योगग्राम, ग्राम औरंगाबाद, हरिद्वार में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् के उद्घाटन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने गुरुकुलम् के शुभारंभ पर योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण तथा समस्त पतंजलि परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र है। देवभूमि में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि भारत की गुरुकुल परंपरा हजारों वर्षों से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार रही है। गुरुकुलों में विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी बोध कराया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सा विद्या या विमुक्तये’ का भाव हमारी प्राचीन शिक्षा परंपरा का आधार रहा है। सच्ची शिक्षा वही है, जो मनुष्य को अज्ञान, भय और संकीर्णता से मुक्त कर उसके व्यक्तित्व का समग्र विकास करे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। यहां आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का समन्वय विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में तेजी से बदलती दुनिया में गुरुकुल शिक्षा की प्रासंगिकता और बढ़ी है। आधुनिक ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और संतुलित जीवन शैली की शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग, आयुर्वेद, शिक्षा, अनुसंधान और जन-स्वास्थ्य के क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया है। स्वामी रामदेव ने योग को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जबकि आचार्य बालकृष्ण द्वारा आयुर्वेद के अध्ययन, शोध और प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कौशल, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष बल दिया गया है। उत्तराखण्ड भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और परंपरा एक-दूसरे की विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं। अपनी जड़ों और विरासत से जुड़कर आधुनिक ज्ञान को अपनाने वाली युवा पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों का अधिक आत्मविश्वास से सामना कर सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन और संस्कृति के अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है। राज्य सरकार का प्रयास है कि युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध विरासत को जाने, समझे और उसे विश्व के समक्ष आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विज्ञान, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में साइंस एवं इनोवेशन सेंटर सहित वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन विकसित किए जा रहे हैं। राज्य में स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग पांच वर्षों में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर मिले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को पर्यटन के साथ-साथ ज्ञान, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् जैसे शिक्षण संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण सहयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् आने वाले समय में उत्तराखण्ड और देश के साथ विश्वभर के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, विज्ञान, योग और आयुर्वेद के अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ज्ञान, संस्कार और सेवा की भावना के साथ समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक ज्वालापुर ई.रवि बहादुर, पूर्व कैबिनेट स्वामी यतिस्वारानंद, गोल्डन बाबा, स्वामी भू देव, जिलाध्यक्ष भाजपा आसुतोष शर्मा, जिला अध्यक्ष भाजपा रुड़की डॉ मधु सिंह, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, राज्य मंत्री आदेश सैनी, श्यामवीर सैनी, अजीत सिंह, मेयर नगर निगम रुड़की अनीता अग्रवाल, वरिष्ठ कार्यकर्ता भाजपा राजेंद्र चौधरी, लव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र, एसपी ट्रैफिक निशा यादव, जॉइन मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, सिटी मजिस्ट्रेट हरिद्वार हर गिरी, उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा सहित बड़ी संख्या संस्थान के छात्र-छात्राएं एवं जनप्रतिनिधि में मौजूद रहे।

पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन के साथ देवभूमि ने किया शिवभक्त कांवड़ियों का अभिनंदन

धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। राज्य सरकार की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के सम्मान के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल संचालन के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी संदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरिद्वार आगमन पर हरकीपैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने पाँच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सहायता एवं सुविधाओं के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का अवलोकन किया और श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, आवश्यक दवाइयां तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनका स्वागत किया और अपने हाथों से भोजन परोसा।

काँवड़ यात्रियों के अभिनदंन कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का विराट पर्व है। इसके सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित विभागों के समन्वय से निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के बीच आने और उनकी सेवा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का नाम करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ऊर्जा और विश्वास का आधार है। कठिन परिस्थितियों में भी शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हैं और “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर सफलतापूर्वक अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास का व्यापक कार्य हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्रदान कर रही हैं।

उन्होंने केदारनाथ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे भव्य और दिव्य स्वरूप दिया गया है। वहां आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा, तीर्थ पुरोहित आवास सहित अनेक सुविधाओं का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी योजनाएं राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।

उन्होंने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य सेवा कार्यों में जुटे कर्मयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी का सामूहिक सहयोग ही इस विशाल आयोजन को सफल बनाता है। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पाँच पुलिसकर्मियों तथा पाँच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उन सभी कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

इस अवसर पर महामण्डलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा एवं राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, हरिद्वार की मेयर किरण जैसल, रुड़की की मेयर अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने किया।

गुरुकुल कांगड़ी केवल शिक्षण संस्थान नहीं, राष्ट्र निर्माण और संस्कारों का केंद्रः धामी

गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवाओं के चेहरों पर दिखाई देने वाला आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और संस्कारों का जीवंत प्रतीक है। यहां विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, राष्ट्रसेवा और भारतीय मूल्यों की शिक्षा भी दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है, जहां 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 42 वर्ष से कम आयु की है। यही युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि आज का युवा नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि स्टार्टअप और नवाचार के माध्यम से रोजगार देने वाला ष्जॉब क्रिएटरष् बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसी योजनाओं ने युवाओं को नए अवसर प्रदान किए हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विकास योजना, कौशल विकास योजना, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, सौर स्वरोजगार योजना, नई पर्यटन नीति और नई फिल्म नीति जैसी योजनाओं के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन दर्ज हुआ है और बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की ऐतिहासिक कमी आई है। साथ ही नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले साढ़े चार वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया तथा बिना भेदभाव के साथ 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जो पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक हैं।

युवा संवाद कार्यक्रम के आयोजक/युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुल्लर ने मुख्यमंत्री को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।

युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, कुलपति प्रतिभा लूथरा, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, राज्य मंत्री डॉ जयपाल सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि एवं भारी संख्या में युवा शक्ति मौजूद रहे।

संत रविदास जयंती पर बोले सीएम धामी, जन्म नहीं, श्रेष्ठ कर्म बनाते हैं व्यक्ति को महान

संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर चुड़ियाला, भगवानपुर में आयोजित कलश बंधन महारैली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के मंदिर में पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा का शुभारंभ किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी कलश को अपने सिर पर रखकर कार्यक्रम स्थल सीएमडी इंटर कॉलेज पहुंचे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कलश मंगल, शुभारंभ और समृद्धि का प्रतीक है। यह अभियान संत रविदास के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक विषमताओं के दौर में प्रेम, समानता और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने समाज को यह शिक्षा दी कि कोई व्यक्ति जन्म से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपने श्रेष्ठ कर्मों और मानव सेवा से महान बनता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज से भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक सशक्त और समरस राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है। उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब, दलित, वंचित और जरूरतमंद परिवारों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं संत रविदास के समरस समाज के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने भगवानपुर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बहादुरपुर-सोनाली क्षेत्र में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य, करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से झील का सौंदर्यीकरण, 49 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक विद्यालय का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट की स्थापना तथा 8 करोड़ रुपये की लागत से नवीन तहसील भवन का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में सड़कों, संपर्क मार्गों, सीसी रोड और हाईमास्ट लाइट जैसी अनेक विकास परियोजनाएं भी पूरी की गई हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने लोगों से संत रविदास के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा सामाजिक सद्भाव और जनभागीदारी के माध्यम से भेदभावमुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि महापुरुषों के विचारों और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समझा है। उन्होंने कहा कि संत रविदास की जन्मस्थली काशी के गोवर्धनपुर की पवित्र मिट्टी को देशभर के विभिन्न स्थानों पर कलश यात्राओं के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कार्य केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में समरसता संकल्प यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य संत रविदास जी के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर स्वामी निर्मलदास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव परमेश्वर के बताए मार्ग पर चलना चाहिए, क्योंकि जो व्यक्ति उस मार्ग से भटकता है, उसे अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कलश बंधन यात्रा को प्रदेश के सभी जिलों में संचालित किए जाने के लिए प्रदेश के सभी भाजपा जिलाध्यक्षों को कलश प्रदान किए।

इस अवसर पर साध्वी सन्तोष रानी, संत सतपाल दास, संत 108 रोशनी दास, महंत बंटी दास, संत पिरुमल दास, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की मधु सिंह, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, अजीत चौधरी, आदेश सैनी, श्यामवीर सैनी, जिला प्रभारी आदित्य चौहान, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष बलबीर धुनियाल, पूर्व विधायक मीना गंगोला, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष (अनुसूचित जाति मोर्चा) मास्टर सत्यपाल, सागर गोयल, जिलाध्यक्ष एससी मोर्चा नीतू सिंह, रवींद्र कटियार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, एसपी देहात शेखर सुयाल, जॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, उप जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी सहित प्रदेश के सभी जिलों के भाजपा जिलाध्यक्ष, विभिन्न क्षेत्रों से आए मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए एप्पल मिशन के तहत 70 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित आम महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रजातियों के आमों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों तथा बागवानी से जुड़े लोगों से संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम महोत्सव के अवसर पर यहां उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार के आम स्वाद और गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं हैं। यहां आम की विभिन्न प्रजातियों की प्रदर्शनी उत्तराखंड की समृद्ध बागवानी क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले की तैयारियों के बीच इस महोत्सव में शामिल होना उनके लिए विशेष अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की मेहनत और पसीने का सम्मान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि एवं बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए एप्पल मिशन के तहत 70 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही कीवी मिशन, ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, महक क्रांति तथा सुगंधित और औषधीय पौधों पर आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना रसायनों से तैयार प्राकृतिक परफ्यूम की देश-विदेश में मांग लगातार बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किए गए ‘हिमालय ब्रांड’ के माध्यम से उत्तराखंड की मातृशक्ति द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को देश और दुनिया में अलग पहचान मिल रही है। बेहतर गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग के कारण उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की ब्रांड वैल्यू लगातार बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून सहित कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनकी देशभर में चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि सभी वर्गों के बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा के अवसर उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से मदरसा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाते हुए नया शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है, जिसमें विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत विकास, कृषि, बागवानी, मत्स्य, पर्यटन, निवेश और खनन सहित अनेक क्षेत्रों में उत्तराखंड देशभर में अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार को विकास की इस तेज रफ्तार यात्रा में और आगे बढ़ना होगा। विकास कार्य किसी भी परिस्थिति में रुकने नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव जैसे आयोजन कृषि, बागवानी और किसानों को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से किसानों का उत्साह बढ़ता है और कृषि एवं बागवानी क्षेत्र को नई संभावनाएं मिलती हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा, प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ. मधु, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर हरिद्वार किरण जैसल, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन विनय रोहिल्ला, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, ओम प्रकाश जगदग्नि, श्यामवीर सैनी, देशराज कर्णवाल, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष युवा मोर्चा विक्रम भुल्लर, भाजपा नेता लव शर्मा, आशु चौधरी, हीरा सिंह बिष्ट, सचिव विनय शंकर पांडे, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव वंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव, पुलिस अधीक्षक नगर अभय प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी, उप जिलाधिकारी योगेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

सीएस ने राज्य के विद्यालयों के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के तहत पीएम पोषण एवं समग्र शिक्षा की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने पीएम पोषण और समग्र शिक्षा की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दृष्टि से आधारभूत संरचना, एडमिशन और गुणवत्ता का मूल्यांकन पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लर्निंग आउटकम में सुधार लाए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनिंग की दिशा में भी कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने पीएम पोषण के तहत बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील का सोशल ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी दिन किसी स्कूल में खाना नहीं बना, तो खाना ना बनने के स्पेसिफिक कारणों को राज्य स्तर पर विद्या समीक्षा केंद्रों के माध्यम से एमडीएम सेल इसकी प्रतिदिन निगरानी करते हुए राज्य परियोजना निदेशक और सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारी एवं सीडीओ को तत्काल अवगत करायें ताकि सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से हेल्थ चेकअप रोस्टर का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालयों की व्यवस्था एवं उनकी सफाई की व्यवस्था के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यालयों के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि ऐसे विद्यालयों की कारणों सहित लिस्ट तैयार कर उनका निस्तारण किया जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव ऊर्जा को ऐसे विद्यालयों को सरकारी भवनों में सॉलराइजेशन स्कीम के माध्यम से इलेक्ट्रिसिटी उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, चंद्रेश कुमार यादव एवं युगल किशोर पंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे तथा सभी व्यवस्थाएं पूरी संवेदनशीलता, समन्वय और सेवा-भाव के साथ संचालित हों। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के स्वागत-सत्कार तथा विभिन्न स्थानों पर भंडारों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग से पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे पिंक टॉयलेट्स स्थापित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था राज्य के सभी प्रमुख स्थलों पर की जाए।

मेला नियंत्रण भवन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कांवड़ मेले की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आस्था, प्रशासनिक क्षमता, सेवा-भाव और कार्यकुशलता का भी प्रतीक है। हमारा लक्ष्य ‘सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़’ होना चाहिए। प्रत्येक श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड से सुरक्षित, संतुष्ट और सुखद अनुभव के साथ लौटे, यही राज्य सरकार का ‘विकल्प रहित संकल्प’ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विभिन्न प्रकार की वैश्विक चुनौतियों के बावजूद तमाम क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तराखण्ड में भी प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। राज्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक चारधाम यात्रा में 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि 55 हजार से अधिक श्रद्धालु आदि कैलाश की यात्रा कर चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार तीन गुना अधिक तीर्थयात्री उत्तराखण्ड पहुंचेंगे। इस वर्ष कांवड़ यात्रा में भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसलिए सभी व्यवस्थाएं उसी अनुरूप की जाएं, जिसमें धार्मिक परंपराओं एवं गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारियों, धर्माचार्यों एवं संत समाज के सहयोग से कांवड़ मेले का सफल संचालन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि धर्माचार्यों एवं संतों के संदेशों पर आधारित वीडियो संदेश तैयार कर कांवड़ यात्रियों तक पहुंचाए जाएं, ताकि यात्रा अनुशासित एवं मर्यादित ढंग से संपन्न हो सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन एवं एआई आधारित निगरानी प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के विरुद्ध तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने अथवा भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। कांवड़ यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों के लिए आवश्यकतानुसार पृथक यातायात व्यवस्था बनाई जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में वीआईपी मूवमेंट के कारण श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रमुख पड़ावों एवं मेला क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहे। प्रमुख घाटों पर वाटर एंबुलेंस तैनात किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस तथा अग्निशमन सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट रखा जाए। भारी वर्षा, जलभराव अथवा अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पूर्व तैयारी एवं त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे कांवड़ मार्ग एवं मेला क्षेत्र में पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थलों, प्रकाश व्यवस्था तथा स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नियमित सफाई अभियान चलाया जाए तथा नो-प्लास्टिक अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा समाप्त होने के बाद भी तत्काल सफाई कर क्षेत्र को पूर्व स्थिति में लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि होटलों, ढाबों एवं प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए। सभी प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस एवं पंजीकरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होना चाहिए। किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली घटना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम एवं हेल्पलाइन पूरी तरह सक्रिय रहें। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने हर की पैड़ी, कांगड़ा पुल एवं अन्य प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल पुलिस की पर्याप्त तैनाती, भीड़ नियंत्रण व्यवस्था एवं आपातकालीन निकासी योजना को पूरी तरह तैयार रखने को कहा। उन्होंने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर जारी रखने तथा अत्यधिक ऊंची कांवड़ एवं निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि वाले डीजे वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल एवं हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने पर भी विशेष जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान आगामी महाकुंभ-2027 की तैयारियों में व्यवधान नहीं आना चाहिए। दोनों व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाते हुए विकास कार्यों एवं तैयारियों को निर्धारित समय पर आगे बढ़ाया जाए, ताकि उत्तराखण्ड एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का उदाहरण प्रस्तुत कर सके।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, दायित्वधारी विनय रोहिला, सुनील सैनी, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, ओम प्रकाश जगदग्नि, श्यामवीर सैनी, देश राज कर्णवाल, दिनेश कौशिक, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, विधायक आदेश चौहान, अध्यक्ष जिला पंचायत किरण चौधरी, मेयर हरिद्वार किरण जैसल, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भाजपा के जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ. मधु, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी, गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, व्यापार मंडल हरिद्वार के महामंत्री प्रदीप कालड़ा सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने भी कांवड़ यात्रा को लेकर अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप एवं पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ मेले की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल, पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया एवं एसएसपी सर्वेश पंवार, टिहरी की जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल ने भी अपने-अपने जिलों में कांवड़ मेला को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनई व आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, सचिव नितेश कुमार झा, पंकज पाण्डे, विनय शंकर पांडे, विनोद कुमार सुमन, धीराज सिंह गर्ब्याल, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक अभिसूचना अभिनव कुमार, आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला योगेंद्र सिंह रावत, मेलाधिकारी कुंभ सोनिका, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

सीएम ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास

हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार प्रमुख आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। उत्तराखण्ड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) द्वारा संचालित इन परियोजनाओं से आगामी महाकुंभ-2027 की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं एवं कांवड़ यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा तथा पर्यटन, व्यापार, परिवहन, होटल व्यवसाय, हस्तशिल्प एवं अन्य सेवा क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अलकनंदा होटल हरिद्वार में आयोजित समारोह में 43.25 करोड़ रुपये की लागत से प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया। इसके साथ ही 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ गंगा की असीम कृपा और संत समाज के आशीर्वाद से प्रारंभ हुई ये परियोजनाएं हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने के व्यापक विजन का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल शिलान्यास करने में नहीं, बल्कि समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से परियोजनाओं को पूर्ण कर जनता को समर्पित करने की कार्यसंस्कृति पर विश्वास करती है। सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जागरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के साथ-साथ केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर तथा विवेकानंद कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी कार्य कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल मंदिरों का सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना भी है।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र, भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान तथा सनातन सभ्यता का आध्यात्मिक द्वार है। आगामी महाकुंभ-2027 भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व होगा। राज्य सरकार इसे इतिहास का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित महाकुंभ बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। आज जिन चार परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है, वे भी इसी व्यापक तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महाकुंभ को दृष्टिगत रखते हुए हरिद्वार में नए घाटों एवं पुलों का निर्माण, प्रमुख संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा यातायात व्यवस्था के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। बहादराबाद-सिडकुल से शिवालिक नगर तक सड़क चौड़ीकरण, ज्वालापुर एवं शिवालिक नगर के बीच रोह नदी पर नए पुल का निर्माण तथा पतंजलि योगपीठ से फेरूपुर तक संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रगति पर हैं। इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य महाकुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक बनाना है।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार को आस्था के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी नगरों में विकसित किया जा रहा है। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज निर्माण अंतिम चरण में है। लालढांग में मॉडल डिग्री कॉलेज तथा श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना से स्थानीय लोगों को बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी परियोजना तथा हर की पैड़ी से माँ चंडी देवी और माँ मनसा देवी तक रोपवे परियोजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लालढांग क्षेत्र में पुल एवं झूला पुल निर्माण, शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन तथा मोतीचूर फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग, पार्क एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा के दौरान केवल अस्थायी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाता था, लेकिन राज्य सरकार ने इस सोच को बदलते हुए कांवड़ पटरी मार्ग के स्थायी एवं आधुनिक विकास का कार्य प्रारंभ किया है, ताकि प्रत्येक वर्ष आने वाले करोड़ों कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक अस्मिता और देवभूमि की मूल पहचान के संरक्षण के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि से 12 हजार एकड़ से अधिक अतिक्रमण हटाया गया है तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग से उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा। उन्होंने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रशासनिक मार्ग का नाम परिवर्तन संबंधी सुझाव पर संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि धर्मनगरी हरिद्वार में विश्वस्तरीय आधारभूत अवसंरचना के विकास से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि पूरे राज्य की पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ होगा।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा एवं राम सिंह कैड़ा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। यूआईआईडीबी के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी महाकुंभ से पूर्व सभी परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

समारोह में दायित्वधारी विश्वास डाबर, ओम प्रकाश जमदग्नि, विनय रोहिल्ला, सुनील सैनी, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, श्यामवीर सैनी, देशराज कर्णवाल, दिनेश कौशिक, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर हरिद्वार किरण जैसल, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ. मधु, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी, सचिव विनय शंकर पांडेय, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, आईजी कुंभ डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत चार प्रमुख परियोजनाओं का विवरण

1. हर की पैड़ी-सुभाष घाट पुनर्विकास परियोजना

इस परियोजना के अंतर्गत हर की पैड़ी कॉरिडोर के सुभाष घाट क्षेत्र का समग्र विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। बढ़ती संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए धनुष घाट क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा, जिससे पवित्र स्नान एवं अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके।

परियोजना के अंतर्गत धनुष पुल, आस्था पथ एवं बोर्डवॉक पुल का निर्माण किया जाएगा। साथ ही भीड़ प्रबंधन एवं आपातकालीन निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। गंगा घाट के पैदल मार्ग का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन अधिक सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक हो सके।

2. हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास परियोजना

इस परियोजना का उद्देश्य हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है। आगामी महाकुंभ एवं कांवड़ यात्रा सहित वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग, भीड़ प्रबंधन एवं सार्वजनिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों का विकास, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा, जिससे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान आवागमन एवं व्यवस्थाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित हो सके।

3. रोड़ी बेलवाला क्षेत्र पुनर्विकास परियोजना

रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के समग्र पुनर्विकास के माध्यम से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं आधुनिक वातावरण विकसित किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों के अनुरूप आधुनिक आधारभूत संरचना तैयार करना है।

इसके अंतर्गत जल निकासी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, विभिन्न सिविल कार्य, निगरानी प्रणाली (सर्विलांस), पैदल सुविधाओं का विकास तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

4. प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना

इस परियोजना के माध्यम से प्रशासनिक मार्ग का चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण एवं आधुनिक स्वरूप में विकास किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य हरिद्वार के प्रमुख मार्ग पर सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

मार्ग के उन्नयन से यातायात संचालन में सुधार होगा, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक बनेगी तथा महाकुंभ, कांवड़ यात्रा एवं अन्य बड़े आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।

सभी कांवड़ यात्रियों को अपने साथ वैध पहचान पत्र रखने के लिए प्रेरित किया जाएः बर्द्धन

आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त, 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन के सभागार में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, पेयजल, संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा संबंधित राज्यों के मध्य समन्वय को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। सभी राज्यों ने साझा कार्ययोजना के तहत समन्वित एवं एकजुट होकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बैठक में निर्णय लिया गया कि कांवड़ मेले के प्रभावी प्रबंधन के लिए संबंधित राज्यों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही सर्विलांस की साझा व्यवस्था विकसित करते हुए उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेकपोस्ट एवं बैरियर स्थापित किए जाएंगे।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान करते हैं। ऐसे में यात्रा का सफल संचालन सभी संबंधित राज्यों एवं एजेंसियों के प्रभावी समन्वय पर निर्भर करता है। उन्होंने कांवड़ यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगमता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी राज्यों से समय रहते सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने तथा पूरी यात्रा अवधि के दौरान निरंतर सतर्क एवं सजग रहते हुए कार्य करने का आग्रह किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि रियल-टाइम समन्वय, त्वरित सूचना आदान-प्रदान, आधुनिक सर्विलांस प्रणाली, प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था तथा वैज्ञानिक भीड़ प्रबंधन कांवड़ यात्रा की सफलता की आधारशिला होंगे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कांवड़ यात्रा का प्रमुख केंद्र है, लेकिन यात्रा मार्ग से जुड़े किसी भी राज्य अथवा जिले में होने वाली किसी भी घटना का व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसलिए सभी राज्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा, यातायात एवं आपदा प्रबंधन की व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों के प्रवेश के प्रारंभिक बिंदुओं पर ही यात्रा से संबंधित दिशा-निर्देशों, प्रतिबंधों एवं सुरक्षा मानकों की जानकारी प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी कांवड़ यात्रियों को अपने साथ वैध पहचान पत्र रखने के लिए प्रेरित किया जाए तथा किसी भी प्रकार के घातक हथियार अथवा प्रतिबंधित सामग्री के साथ यात्रा में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अनुशासित एवं सुरक्षित यात्रा के लिए प्रेरित करने हेतु प्रमुख संतों एवं धार्मिक गुरुओं के संदेशों का विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सेवाओं तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। उपयुक्त जगहों पर साइनेज की स्थापना कर मार्गों की जानकारी, पार्किंग व्यवस्था तथा डायवर्जन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को आवश्यक प्रबंधन समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया की सतत निगरानी पर विशेष बल देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा आपत्तिजनक सामग्री का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए। इसके लिए सभी राज्यों के सोशल मीडिया सेल एवं साइबर इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे किसी भी अफवाह को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके।

रेलवे अधिकारियों को निर्देशित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन, स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने हरिद्वार एवं आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने तथा यात्रियों की सुविधाओं के अनुरूप व्यवस्थाएं करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) अभिनव कुमार तथा सचिव गृह शैलेश बगौली ने कांवड़ मेला-2026 की तैयारियों की जानकारी देते हुए सभी संबंधित राज्यों एवं एजेंसियों से बेहतर समन्वय स्थापित कर मेले के सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सफल आयोजन में सहयोग करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त, 2026 तक आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक अवधि रहेगी तथा 5 अगस्त से श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होने लगेगी। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त से प्रारंभ होने वाला डाक कांवड़ चरण मेले का सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण एवं अत्यधिक भीड़ वाला चरण होगा। जिलाधिकारी ने स्थानीय स्तर पर की जा रही व्यवस्थाओं, सुरक्षा उपायों, यातायात प्रबंधन, प्रतिबंधों तथा मेले के लिए तैयार की गई विस्तृत कार्ययोजना की जानकारी भी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन, संयुक्त निगरानी प्रणाली तथा एकीकृत नियंत्रण एवं कमांड व्यवस्था के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा, सचिव लोक निर्माण विभाग विनीत कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. वी. मुरूगेशन, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। संचालन एसपी निशा यादव ने किया।

बैठक में उत्तराखंड सहित उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश के प्रशासन एवं पुलिस विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ आईटीबीपी, एसएसबी, सीआरपीएफ, आरपीएफ, एनडीआरएफ, भारतीय रेलवे तथा विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक से पूर्व मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में मां गंगा की पूजा-अर्चना कर कांवड़ मेला-2026 के सफल, सुरक्षित एवं निर्विघ्न आयोजन की कामना की।