हरिद्वार में तेजी से बन रहा पीएम यूनिटी मॉल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में हरिद्वार में प्रस्तावित पीएम यूनिटी मॉल परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में पीएम यूनिटी मॉल के निर्माण कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है, जिसके चलते अब तक करीब 46 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। यह मॉल न सिर्फ व्यापार, बल्कि पर्यटन और स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के अनुसार 160.57 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस यूनिटी मॉल का निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए तेजी से किया जा रहा है। फरवरी 2023 में घोषित इस परियोजना को सरकार की प्राथमिकता में रखा गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर सचिव आवास विनोद गिरी, सचिव हरिद्वार-विकास प्राधिकरण मनीष सिंह सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

*‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ को मिलेगा मंच*
पीएम यूनिटी मॉल को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) की अवधारणा पर विकसित किया जा रहा है। इसके तहत देशभर के राज्यों और उत्तराखंड के जिलों के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और छोटे उत्पादकों को बड़ा बाजार मिलने की उम्मीद है।

*56 दुकानें और मल्टीप्लेक्स की सुविधा*
प्रस्तावित मॉल में 56 दुकानों की व्यवस्था की जा रही है, जहां विभिन्न राज्यों के उत्पाद प्रदर्शित और बेचे जाएंगे। इसके साथ ही तीन मल्टीप्लेक्स भी बनाए जाएंगे, जिससे यह मॉल व्यापार के साथ-साथ मनोरंजन और पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

*पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा*
अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से हरिद्वार में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी यह मॉल अहम भूमिका निभाएगा।

*दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य*
परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। समय पर निर्माण पूरा होने पर यह यूनिटी मॉल देश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

*आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि पीएम यूनिटी मॉल परियोजना को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि यह मॉल ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी पहल को मजबूत करेगा। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है और निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, ताकि दिसंबर 2026 तक इसे पूरा कर प्रदेश को एक बड़ा व्यापारिक और पर्यटन केंद्र दिया जा सके।

उत्तराखंड में एक अप्रैल से चलेगा प्री-SIR में मैपिंग का सघन अभियान

देहरादून। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कान्फ्रेंस कर आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों और प्रगति के सम्बंध में विस्तृत जानकारी दी।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ जोगदंडे ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में प्रदेश में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण के दृष्टिगत प्री-एसआईआर फेज में 85 प्रतिशत से अधिक मैपिंग का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी अप्रैल माह से प्रदेश में और भी सघन डोर-टू-डोर अभियान चलाकर कम मैपिंग वाले बूथ पर स्पेशल फोकस करते हुए मैपिंग का कार्य पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के कम में प्रत्येक बूथ पर एब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ (ASD) सूची तैयार की जा रही है ताकि मतदाता सूची के शुद्धिकरण कार्य और गहनता से किया जा सके।

*एक क्लिक पर अपने BLO के लिए बुक करा सकते हैं फोनकॉल*

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए “बुक ए कॉल विद बीएलओ” के फीचर से मतदाता एक क्लिक पर अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक करा सकते हैं। इसके लिए मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर विजिट करके या ECI-NET मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर अपनी कॉल बुक करा सकते हैं। कॉल बुक कराने के बाद दो दिन के भीतर बीएलओ द्वारा मतदाता से स्वयं संपर्क किया जाएगा।

*19 हजार BLA नियुक्त*

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने राजनैतिक दलों से शत प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स की नियुक्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 11733 पोलिंग बूथों के सापेक्ष सभी दलों द्वारा 19116 बीएलए की ही नियुक्ति हुई है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा 9276, कांग्रेस पार्टी द्वारा 9506, सीपीआई (एम) द्वारा 217, बीएसपी द्वारा 117 बीएलए की नियुक्ति की गई है।
इस अवसर पर उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास भी उपस्थित रहे।

देहरादून में आयोजित हुआ राज्य जनजातीय महोत्सव 2026, सीएम धामी पहुंचे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज परेड ग्राउंड, देहरादून में राज्य जनजातीय शोध संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आयोजित उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर देश के 12 राज्यों से आए जनजातीय वर्ग के प्रतिनिधियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और परंपराओं के माध्यम से महोत्सव को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने थारू लोक गायिका स्वर्गीय रिंकू देवी राणा एवं दर्शन लाल को ‘आदि गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। साथ ही, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 14,272.185 लाख रुपये की पेंशन ‘वन क्लिक’ के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल एक महोत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की जीवंत विरासत, सादगीपूर्ण जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि यह मंच जनजातीय भाई-बहनों की पीढ़ियों से संजोई गई लोक परंपराओं और संस्कृति को व्यापक पहचान दिला रहा है तथा राज्य जनजातीय शोध संस्थान को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति की समृद्ध विविधता और प्राचीन परंपराओं का सशक्त आधार है। यह समाज प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीते हुए सतत विकास और सहअस्तित्व का मार्ग दिखाता है तथा सीमांत क्षेत्रों में रहते हुए राष्ट्र की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता है कि जनजातीय परंपराओं, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन की पहचान है। इसी सोच के तहत ‘एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय’, ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’, ‘वन धन योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन’ जैसी योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर सृजित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। साथ ही, देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी प्रेरणा ले सके।

उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि संथाल समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं, जो जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय कल्याण के बजट में तीन गुना वृद्धि की गई है और सीमांत क्षेत्रों के विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी गई है। माणा जैसे दूरस्थ क्षेत्र को ‘देश का प्रथम गांव’ कहकर नई पहचान दी गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी इसी दिशा में कार्य करते हुए जनजातीय समाज के जीवन स्तर को सुधारने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रतिवर्ष जनजातीय महोत्सव और जनजातीय खेल महोत्सव के आयोजन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित कर उनके समग्र विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, जबकि चकराता और बाजपुर में नए विद्यालय निर्माणाधीन हैं। छात्रवृत्ति, आश्रम पद्धति विद्यालयों और तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जनजातीय युवाओं के लिए आईटीआई संस्थान, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग, तथा मासिक छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, चार जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति, बेटियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता, तथा शोध संस्थान के लिए कॉर्पस फंड की स्थापना की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बुक्सा और राजी जनजाति क्षेत्रों में बहुउद्देशीय केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही, पिथौरागढ़ में नए एकलव्य विद्यालय के लिए केंद्र से अनुरोध किया गया है।

उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत 9 लाख से अधिक लाभार्थियों को मार्च माह की पेंशन के रूप में 142 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है, जो सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय युवाओं को यूपीएससी, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु देहरादून में ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ स्थापित किया जा रहा है, जिसमें बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जनजातीय समाज को केवल वोटबैंक के रूप में देखा, जबकि वर्तमान सरकार उनके सम्मान और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन प्रेरणादायी है और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित होकर राज्य सरकार सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए कार्य कर रही है। सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है तथा समान नागरिक संहिता लागू करते हुए अनुसूचित जनजातियों को इससे बाहर रखा गया है, ताकि उनकी परंपराएं सुरक्षित रह सकें।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी तथा जनसहभागिता से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, अपर सचिव संजय सिंह टोलिया, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधिमंडल तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम, आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन को धामी सरकार ने दिया सहारा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में राज्य आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन के सम्मान व कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को सम्मान देते हुए सरकारी नौकरियों में उन्हें 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही उनके आश्रितों की पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹5500 प्रतिमाह कर दी गई है।

वहीं, राज्य आंदोलन के दौरान 7 दिन जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन भी ₹6000 से बढ़ाकर ₹7000 प्रतिमाह कर दी गई है, जो उनके संघर्ष के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

सैनिकों के सम्मान में भी बड़े फैसले लिए गए हैं। शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। वहीं, परमवीर चक्र विजेताओं के लिए यह राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है।

इसके अलावा, राज्य में अग्निवीर योजना के अंतर्गत सेवा देने वाले युवाओं को भी सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।

*‘सेवा का संकल्प’ से जन-जन तक पहुंची सरकार*

धामी सरकार की “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” पहल ने जनसेवा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में 686 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 5.37 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।

इन शिविरों के माध्यम से 2.96 लाख से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। वहीं, प्राप्त 51,317 शिकायतों में से 33,990 का मौके पर ही समाधान किया गया, जो प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है।

डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देते हुए अपुणि सरकार पोर्टल के माध्यम से करीब 950 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे आम नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं मिल रही हैं।

*समाज के हर वर्ग का ध्यान*

सरकार ने वृद्धजनों के लिए वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर ₹1500 कर दी है, जिससे अब बुजुर्ग दंपत्ति दोनों को इसका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों और लेखकों की मासिक पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹6000 करने का निर्णय लिया गया है।

चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने न केवल विकास को गति दी है, बल्कि समाज के हर वर्ग—आंदोलनकारी, सैनिक, बुजुर्ग, महिलाएं और आम नागरिक—को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है।

सरकार का लक्ष्य “सेवा, सम्मान और सुशासन” के मूल मंत्र के साथ उत्तराखण्ड को एक सशक्त और संवेदनशील राज्य के रूप में स्थापित करना है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ही 2022 में सीएम धामी को दिया था धाकड़ उपनाम, अब बोले हो गए धुरंधर धामी

2027 के चुनाव से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, धुरंधर हो चुके हैं पुष्कर सिंह धामी। पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान उत्तराखंड में एक जनसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धाकड़ का उपनाम दिया था। अब 2027 के विधानसभा चुनाव का श्रीगणेश करने उत्तराखंड पहुंचे राजनाथ सिंह ने, सीएम को धाकड़ के साथ धुरंधर भी करार दिया है। साथ ही कहा है कि अपने कार्यकाल के छठवें साल में धामी 2027 में चुनावी सिक्सर लगाने के लिए तैयार हैं।

हल्द्वानी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पूरी तरह फार्म में नजर आए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की तारीफ करते हुए, कहा कि उत्तराखंड आज हर तरह से आदर्श राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने 2022 की चुनावी सभा को याद करते हुए कहा कि तब उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए धाकड़ धामी कहा था, लेकिन अब राज्य सरकार के चार वर्ष के धुआंधार काम के आधार पर वो इस नतीजे पर पहुंचे हैं, कि धामी धुरंधर की तरह काम कर रहे हैं।

चार वर्ष में चौका, छह में लगाएंगे छक्का
रक्षा मंत्री ने कहा कि पुष्कर सिंह धामी अपने पहले चार साल के कार्यकाल में शानदार चौका लगाने का काम कर चुके हैं। 2027 के चुनावों तक मुख्यमंत्री के कार्यकाल को छठवां साल शुरु हो जाएगा, इस कारण वो अपने छठवें साल में सिक्सर लगाकर लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का काम करेंगे।

राज्य सरकार की पीठ थपथपाई

रक्षा मंत्री ने महिला सशक्तिकरण, सैनिक कल्याण, आर्थिक उन्नति, आधारभूत सुविधाओं सहित सभी क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन के लिए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तारीफ की। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने जहां एक और यूसीसी लागू कर महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया।

वहीं अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई कर उत्तराखंड का स्वरूप बचाने का प्रयास किया है। राजनाथ सिंह ने सख्त नकल विरोधी कानून के लिए भी मुख्यमंत्री धामी की तारीफ करते हुए, कहा कि इसके दूरगामी परिणाम सामने आए।

वाराही धाम के नव-निर्मित कार्यों का शुभारम्भ होना हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से श्री वाराही धाम देवीधुरा, चम्पावत में आयोजित मंदिर के नव निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री वाराही धाम के नव-निर्मित कार्यों का शुभारम्भ होना हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण है। उन्होंने कहा माँ वाराही का प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है। वाराही धाम में आयोजित होने वाला बग्वाल मेला हमारी वीरता, परंपरा और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम है। राज्य सरकार ने इसे राजकीय मेला घोषित भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां वाराही मंदिर का नव-निर्माण मंदिर को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करेगा। यह धाम आस्था के साथ विकास और समृद्धि का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा प्रदेश में स्थित चारधाम, शक्तिपीठ, सिद्धपीठ और अन्य मंदिर, हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण एवं पुनरुत्थान का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को भव्य रूप प्रदान करने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह देवभूमि है, यहां देवताओं का वास है, राज्य सरकार देवभूमि की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दिव्य,भव्य और सुरक्षित बनाने का अपना काम इसी प्रकार जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का कार्य कर रही है। केदारखंड के साथ ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा चंपावत के बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर मंदिर और माँ रणकोची मंदिर, मां पूर्णागिरी मंदिर का भी पुनर्विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा चंपावत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया गया है। लगभग 430 करोड़ रुपये की लागत से गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहाघाट के छमनिया में लगभग ₹ 10 करोड़ से अधिक की लागत से आधुनिक एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण, लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से भवन और छात्रावास का निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए रीठा साहिब क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क नवीनीकरण और सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा शहीद शिरोमणी चिल्कोटी मोटर मार्ग के सुधार कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। लोहाघाट में फायर स्टेशन के प्रशासनिक भवन का निर्माण भी किया जा रहा है। देवीधुरा में पुलिस चौकी का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मज़बूत नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में दिल्ली और देहरादून से भेजा गया एक – एक पैसा, पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक डीबीटी के माध्यम से पहुँच रहा है।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, वाराही शक्ति पीठ ट्रस्ट संरक्षक/संस्थापक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, निर्मल माहरा, श्याम नारायण पाण्डे, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

परंपरा से परे निर्णय: धामी नेतृत्व ने बदली उत्तराखंड की राजनीतिक धारा

उत्तराखंड की राजनीति में वर्षों से एक अनकही परंपरा चली आ रही थी कार्यकाल का अंतिम वर्ष आते-आते, विशेषकर मार्च के आसपास, नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय मान लिया जाता था। यह एक तरह से राजनीतिक अस्थिरता का प्रतीक बन चुकी थी। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्थापित धारणा को न केवल चुनौती दी, बल्कि उसे निर्णायक रूप से ध्वस्त कर दिया।

धामी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री को रिपीट कर स्थिरता का संदेश दिया था और अब पांचवें वर्ष में मंत्रिमंडल विस्तार कर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यह सरकार परंपरागत राजनीति से अलग, आत्मविश्वास और प्रदर्शन की राजनीति पर चल रही है। जहां विरोधी दल यह अनुमान लगा रहे थे कि इतिहास खुद को दोहराएगा और धामी को भी बदला जाएगा, वहीं धामी ने एक सधे हुए राजनीतिक कौशल के साथ पूरा परिदृश्य ही बदल दिया।

इस महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल विस्तार के साथ सरकार ने क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन को भी साधने का प्रयास किया है। शपथ लेने वाले जनप्रतिनिधियों में भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा, राजपुर रोड (देहरादून) से खजान दास, रुड़की से प्रदीप बत्रा, रुद्रप्रयाग से भरत सिंह चौधरी तथा हरिद्वार से मदन कौशिक शामिल हैं। इन नेताओं का अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक पकड़ न केवल मंत्रिमंडल को और सशक्त बनाएगी, बल्कि धामी सरकार की विकासात्मक प्राथमिकताओं को भी नई गति प्रदान करेगी।

यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि एक सशक्त राजनीतिक संदेश है नेतृत्व में विश्वास, संगठन में संतुलन और भविष्य की स्पष्ट रणनीति। धामी ने यह दिखाया है कि वे परिस्थितियों के शिकार नहीं बल्कि उन्हें अपने पक्ष में मोड़ने वाले नेतृत्वकर्ता हैं।

सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि धामी ने न केवल प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत की है बल्कि केंद्रीय नेतृत्व का भी पूर्ण विश्वास अर्जित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह और शीर्ष संगठन तक, जिस प्रकार धामी को निरंतर समर्थन मिला है, वह उनकी विश्वसनीयता और कार्यक्षमता का प्रमाण है।

एक युवा मुख्यमंत्री के रूप में धामी ने जिस प्रकार निर्णायक फैसले लिए हैं, उसने उनकी छवि को ‘अस्थायी विकल्प’ से आगे बढ़ाकर ‘स्थायी नेतृत्व’ में परिवर्तित कर दिया है। आज उत्तराखंड की राजनीति में यदि कोई चेहरा स्थिरता, निर्णायकता और भविष्य की दिशा का प्रतीक बनकर उभरा है, तो वह पुष्कर सिंह धामी हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार के इस फैसले ने एक और संकेत साफ कर दिया है भाजपा अब उत्तराखंड में नेतृत्व को लेकर किसी प्रयोग के मूड में नहीं है। धामी केवल वर्तमान के मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति के केंद्र बिंदु बन चुके हैं। यही कारण है कि अब यह चर्चा केवल अटकल नहीं, बल्कि एक संभावित रणनीति के रूप में देखी जा रही है कि 2027 का विधानसभा चुनाव भी धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

उत्तराखंड की राजनीति में यह एक युगांतकारी परिवर्तन है जहां अस्थिरता की जगह स्थिरता ने ली है और परंपरा की जगह प्रदर्शन ने। इस परिवर्तन के केंद्र में हैं—एक युवा, आत्मविश्वासी और निर्णायक नेता, पुष्कर सिंह धामी।

मुख्य सचिव ने किया भवाली-रातिघाट बाईपास, श्री कैंचीधाम मंदिर में निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

नैनीताल जिले के भ्रमण पर पहुंचे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जनपद नैनीताल के अंतर्गत कैंची धाम क्षेत्र में लगने वाले जाम की समस्या के स्थायी समाधान हेतु नव निर्मित भवाली बायपास, भवाली-रातिघाट बाईपास, श्री कैंचीधाम मंदिर में निर्माणाधीन विभिन्न निर्माण कार्यों सहित नैनीताल मालरोड में सड़क भू धसाव की रोकथाम हेतु कराए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्य सचिव ने अपने नैनीताल भ्रमण के दौरान नैनीताल जिले की प्रमुख परियोजना में शामिल कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम-रातीघाट) सड़क मार्ग का भी स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के उन्होंने इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग में किए जा रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कराए जा रहे कार्यों की जानकारी अधिकारियों से ली।

मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए कि भवाली-रातिघाट बाईपास में कार्य तेजी से करते हुए इस मार्ग में पर्यटन सीजन से पूर्व यातायात सुचारू किया जाय। जबतक स्थाई मोटर पुल का निर्माण नहीं हो जाता है तबतक इसी सीजन में वैलिब्रिज स्थापित कर यातायात सुचारू कराया जाय।

मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों को तेजी से कराते हुए इस यात्रा सीजन जून मांह से पूर्व सभी कार्य पूर्ण करते हुए बाईपास मार्ग को संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, इस हेतु यातायात सुविधा भी महत्वपूर्ण है, ताकि पहाड़ को जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिले तथा जाम से निजात मिले। उन्होंने कहा कि यहॉं आने वाले पर्यटकों,श्रद्धालुओं, आम नागरिकों को सभी आवश्यक सुविधाऐं मोहैय्या कराना प्रशासन की प्राथमिकता व जिम्मेदारी है।

मुख्य सचिव ने कहा कि बाबा नीम करोरी के दर्शन हेतु देश-विदेश से श्रद्धालु यहां वर्ष भर आते जाते हैं आने वाले श्रद्धालुओं को समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो, साथ ही ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न ना हो इस लिए इस बाईपास का निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से विश्व प्रसिद्ध श्रीकैंचीधाम में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।

इस दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता पी एस बृजवाल ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि भवाली सेनीटोरियम से रातीघाट तक 18.15 किलोमीटर बाईपास में से 8 किलोमीटर मार्ग का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। जिसमें यातायात सुचारू है। इस कार्य हेतु 12 करोड़ रुपये विभाग को प्राप्त हुए थे। शेष भाग 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग कार्य हेतु शासन से 5 करोड़ 6 लाख रूपये की धनराशि प्राप्त हुई है, पहाड़ कटिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। उक्त मार्ग में वर्तमान में 9 करोड़ 81 लाख रूपये की धनराशि से कलमठ व सुरक्षा दीवारों का निर्माण एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

मुख्य अभियंता ने अवगत कराया कि इस बाईपास को रातिघाट स्थित भवाली- अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने हेतु 74.15 किलोमीटर स्पान का मोटर पुल का भी निर्माण किया जाना है इस हेतु शासन से 9 करोड़ 63 रुपये की धनराशि प्राप्त हो हुई है जिससे पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से कैंचीधाम में लगने वाले जाम की स्थिति से भी निजात मिलेगी, साथ ही पहाड़ी जिलों को जाने वाले वाहनों हेतु यह वैकल्पिक मार्ग लाभप्रद होगा।

इस दौरान मुख्य सचिव ने 10 करोड़ रुपये की धनराशि से नव निर्मित सैनिटोरियम से भवाली अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बायपास सड़क निर्माण कार्य व इसी मार्ग में शिप्रा नदी पर नव निर्मित 30 मीटर स्पान डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया गया। यह मार्ग यातायात हेतु सुचारू हो गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि उक्त बाईपास के निर्माण से भवाली बाजार में लगने वाले जाम से निजाद मिलेगी, वहीं पर्यटन सीजन में पर्यटकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा भी नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर परिसर में 40 करोड़ 81 लाख 39000 रुपये की लागत से मानस खंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत संचालित पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण कार्यों, जिसमें बहु मंजिला कार पार्किंग निर्माण, मेडिटेशन सेंटर, पाथवे व पैदल सेतु का निर्माण कराया जा रहा है, के निरीक्षण के अतिरिक्त कैंचीधाम में ही पर्यटन विभाग अंतर्गत स्वदेश दर्शन योजना के तहत 17 करोड़ 59 तक 87000 रुपये की लागत से बनाए जा रहे फैसिलिटेशन सेंटर व अन्य कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया।

कैंचीधाम में कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों के स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि यह विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, यहॉं आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों हेतु समुचित व्यवस्था हो विशेष रूप से पार्किंग की सही व्यस्था हो। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थल में वाहनों के प्रवेश एवं निकासी अलग अलग गेट से हो,ऐसी व्यवस्था हो इस सबन्ध में उन्होंने जिलाधिकारी को पुलिस एवं कार्यदाई संस्था के साथ बैठक कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य सचिव ने विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम में पंहुचकर बाबा नीम करौली के भी दर्शन कर राज्य की सुख एवं शांति की कामनां की।

भ्रमण के दौरान मुख्य सचिव ने वर्ष 2018 में नैनीताल स्थित लोअर माल रोड में हुई क्षति के मरम्मत तथा झील की तरफ से हो रहे भू-धसाव की रोकथाम हेतु 3 करोड़ 48 लाख रुपए की लागत से सड़क के भू- भाग में कराए जा रहे सुरक्षात्मक एवं सुधारीकरण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण भी किया गया तथा अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान लोनिवि के मुख्य अभियंता ने अवगत कराया टीएचडीसी के द्वारा तैयार डीपीआर व डिजाईन एवं उनकी देखरेख में ही सुरक्षात्मक व सड़क सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने विभाग को पूर्ण गुणवत्ता से निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सिंचाई विभाग को भी निर्देश दिए कि मालरोड में उनकी ओर से जो भी कार्य किए जाने हैं वह भी कार्य शीघ्रता से कराएं।

इस दौरान आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, मुख्य अभियंता सिंचाई संजय कुमार शुक्ला ,अधीक्षण अभियंता लोनिवि मनोहर सिंह धर्मशक्तू, उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक, मोनिका सहित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने कुंभ मेले के भव्य आयोजन को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध पूरी करने के अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार का भ्रमण कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। डामकोठी में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेले के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ जैसे विराट आयोजन में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग पूरी क्षमता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध तरीके से तैयारियों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि मेला आयोजन से जुड़े सभी हितधारकों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों तथा साधु-संतों के सहयोग से कुंभ मेले का भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कुंभ से संबंधित कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी तथा प्रस्तावित कार्यों के लिए आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र जारी की जाएंगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान ही दूरभाष पर मुख्य सचिव से वार्ता कर शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, यातायात और पार्किंग व्यवस्था से जुड़े स्थायी प्रकृति के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा, वर्षाकाल तथा कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख कार्यों के क्रियान्वयन की रणनीति बनाई जाए और विभाग निरंतर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कुंभ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं से सुसज्जित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके लिए आवश्यक स्वीकृति शीघ्र जारी की जाएगी।

उन्होंने मेला नियंत्रण भवन के पास प्रस्तावित सीसीआर-2 भवन परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि कुंभ मेले के सुचारु प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण इस परियोजना को भी शीघ्र वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए खड़खड़ी पुल तथा श्रीयंत्र पुल से संबंधित योजनाओं को भी प्राथमिकता देते हुए उनके लिए आवश्यक स्वीकृतियां जल्द जारी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश और मुनीकीरेती सहित कुंभ क्षेत्र के सभी सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता तथा सीवरेज प्रबंधन के कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने डामकोठी अतिथिगृह, हरिद्वार के विस्तार के निर्देश देते हुए कहा कि मौजूदा भवन से सटे क्षेत्र में एक आधुनिक एवं आकर्षक अतिथिगृह निर्माण की योजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला 2027 की तैयारियों से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सड़कों, पुलों, घाटों के निर्माण के साथ-साथ जलापूर्ति, चिकित्सा, सुरक्षा तथा मेला प्रबंधन से संबंधित स्थायी प्रकृति की 33 योजनाएं वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। सभी परियोजनाओं पर निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के अंतर्गत मनसा देवी मंदिर तथा चंडी देवी मंदिर के मार्गों के सुधार की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त मेले के लिए प्रस्तावित अन्य कार्यों और अस्थायी व्यवस्थाओं की भी जानकारी बैठक में दी गई।

बैठक में हरिद्वार की जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर नगर निगम किरण जैसल, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, सुनील सैनी, ओम प्रकाश जमदग्नि, जयपाल सिंह चौहान, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, मंजीत सिंह गिल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आज विश्व के 180 से अधिक देशों में मनाया जा रहा योग दिवस: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी के गंगा रिजॉर्ट मुनिकीरेती में आयोजित अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नही समग्र जीवन पद्धति है। योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का काम करता है। उन्होंने देश प्रदेश के युवाओं से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवा आमतौर पर थकावट महसूस करते है इसमें योग उनका सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है, राज्य सरकार ने योग नीति 2025 बनायी है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय की स्थापना की जा रही है। योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ का प्राविधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा ये अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बार आयोजित इस 7 दिवसीय भव्य योग महोत्सव में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के विविध सत्रों के साथ-साथ रन फॉर योगा, हेरिटेज वॉक तथा अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन जैसे कई विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इससे प्रतिभागियों को योग के विविध आयामों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और महान आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, आज वो पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त आधार बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग के महत्त्व को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ में रखा था। उसी का परिणाम है कि आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योगभूमि भी है। यहां की पवित्र नदियाँ, शांत वातावरण, स्वच्छ जलवायु और आध्यात्मिक ऊर्जा योग साधना के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं। विश्वभर से हजारों-लाखों साधक प्रति वर्ष उत्तराखंड आकर योग और ध्यान का अभ्यास करते हैं। हमारे लिए यह भी अत्यंत गर्व की बात है कि आज पूरी दुनिया में ऋषिकेश को “विश्व की योग राजधानी” के रूप में पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों की स्थापना भी की जा रही है। इसके साथ ही, ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा नागरिकों को आयुष परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है। यही नही उत्तराखंड आयुष नीति के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के संवर्धन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, इसके साथ ही राज्य में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने संबंधी उत्तराखंड खोज योजना का रिमोट दबाकर लोकार्पण भी किया।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग हमारी प्रचीन पद्धति में शुमार है। हमारे ऋषि मुनियों ने योग और तप बल से कई सिद्धियां हासिल की है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज योग से करोडों़ लोग निरोग हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान मे योग की मुख्य भूमिका है।

प्रबंध निदेशक गढ़वाल मण्डल विकास निगम प्रतीक जैन ने बताया कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में 2500 से अधिक रजिट्रेशन हो चुके है। इस योग महोत्सव को 150 योग संस्थाओं के सहयोग से सफल बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में गुरु कुल कांगड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये के योग साधको द्वारा योग की विभिन्न क्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मुनिकीरेती नीलम बिजल्वाण, अध्यक्ष नगर निगम ऋषिकेश शम्भू पासवान, अध्यक्ष नगर पंचायत तपोवन विनीता बिष्ट, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, स्वामी चिदानन्द मुनि, महंत रविन्द्र पुरी, भारत भूषण, योगाचार्य ऊषा माता सहित हजारों की संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।