​सीएम धामी सहित भाजपा परिवार ने किया अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भव्य अभिनंदन

​भाजपा परिवार ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का प्रथम देवभूमि आगमन पर सीएम धामी एवं प्रदेश अध्यक्ष भट्ट के नेतृत्व में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व स्वागत किया है। राज्य में अपने शीर्ष नेतृत्व की पहली संगठनात्मक यात्रा को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता में भारी उत्साह दिखाई दिया। पारंपरिक एवं सांस्कृतिक परिधानों में महिलाओं, युवाओं और अन्य कार्यहर्ताओं ने पुष्पवर्षा और गगनभेदी नारों से स्वागत किया।

​प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि ज्यौलीग्रांट हवाई अड्डे पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट द्वारा पूरी राज्य इकाई की तरफ से गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया। जिसके उपरांत वहां से पार्टी मुख्यालय तक उनका दो दर्जन से अधिक स्थानों ज्योलीग्रांट एयरपोर्ट, हिमालियन अस्पताल चौक, कैलाश हॉस्पिटल, रिस्पना पुल, चंचल डेयरी, फव्वारा चौक, बलबीर रोड पर पारंपरिक तरीके से जबरदस्त स्वागत किया गया। यात्रा मार्ग में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के हुजूम ने उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। इस दौरान देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को प्रदर्शित करते हुए पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप और लोक नृत्यों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का सत्कार किया गया।

​उन्होंने बताया कि स्वागत कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं के जोश, विशेषकर युवाओं और महिला मोर्चा की भारी भागीदारी के बीच जगह-जगह पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पर पुष्पवर्षा की गई। इस दौरान “भारत माता की जय”, “भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद” और राष्ट्रीय नेतृत्व के समर्थन में लगे गगनभेदी उद्घोषों से पूरा माहौल पूरी तरह से भाजपाई रंग में सराबोर नजर आया।

​इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रदेश आगमन के लिए संगठन के शीर्षस्थ नेतृत्व नेतृत्व का आभार जताया। उनके अभूतपूर्व और ऐतिहासिक स्वागत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, कार्यकर्ताओं का यह स्वतः स्फूर्त उत्साह दर्शाता है कि उत्तराखंड के जन-जन में भाजपा और उसके नेतृत्व के प्रति अटूट विश्वास है। वहीं उम्मीद जताई कि प्रवास के दौरान नवीन के मार्गदर्शन से उत्तराखंड में भाजपा संगठन नया आयाम स्थापित करेगा और विकास की नीतियों को समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने की चारधाम यात्रा की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आपदा नियंत्रण कक्ष, आईटी पार्क जाकर चारधाम यात्रा की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा को लेकर व्यवस्था चाकचौबन्द किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि चारों धामों में श्रद्धालुओं को दर्शन सुगमता एवं सरलता से हों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, बीकेटीसी एवं हितधारकों को आपसी सामंजस्य से सभी आवश्यक सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर पिछले वर्षों की भांति रात्रिकालीन दर्शन की व्यवस्था को सुचारू किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने यात्रा के विभिन्न पड़ावों में निचले क्षेत्रों में होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं को रखे जाने के निर्देश देते हुए होल्डिंग एरिया में सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आने वाले मानसून सीजन को लेकर भी जिलाधिकारियों को अपने जनपदों में सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी होल्डिंग एरिया को अभी से एक्टिवेट कर लिया जाए। साथ ही, सभी सम्बन्धित जनपद भारी वर्षा और भूस्खलन आदि के दृष्टिगत होल्डिंग एरिया एवं निकासी योजना तैयार रखें। उन्होंने युकाडा को भी अपनी निकासी योजना तैयार रखे जाने के निर्देश दिए, ताकि एयरलिफ्ट कराए जाने की परिस्थिति में पहले से व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें । उन्होंने सम्बन्धित सभी जनपदों को राशन सहित अन्य आवश्यक सामग्री का भी समुचित स्टॉक रखे जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण के साथ ही स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिए। कहा कि 60 वर्ष से अधिक एवं बहुत छोटे बच्चों को लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं एवं बीमार लोगों को यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए लगातार प्रचार प्रसार भी किया जाए।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल एवं एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

खड़खड़ी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के हुआ दिवंगत खूंडरी का अंतिम संस्कार

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (से.नि) को हरिद्वार स्थित खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे।

मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (से.नि) की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा और हर वर्ग के लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।अंतिम संस्कार के दौरान सेना एवं पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। उनके पुत्र मनीष खंडूरी ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन राज्य और देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सेना, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री के रूप में पारदर्शिता और अनुशासन के साथ उत्कृष्ट कार्य किए। उन्होंने कहा कि वह हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। उनकी कमी एक अभिभावक के रूप में हमेशा महसूस होगी।

केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का जीवन सादगी, अनुशासन और ईमानदारी का उदाहरण रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सेना अधिकारी के रूप में हर दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाया। उनके कार्यों को उत्तराखंड ही नहीं, पूरा देश हमेशा याद रखेगा। सुशासन और लोकपाल जैसे महत्वपूर्ण विचारों को आगे बढ़ाने में उनका योगदान प्रेरणादायक रहा।

इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र/पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, महामंत्री संगठन अजेय कुमार, सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सतपाल महाराज, डॉ .धन सिंह रावत, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, खजान दास, विधायकगण, संतगण मौजूद थे।

बाबा केदार के धाम पहुंचे राज्यपाल, स्वच्छता एवं सुगम यात्रा व्यवस्था पर दिया विशेष जोर

राज्यपाल उत्तराखंड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) श्री केदारनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा केदार के दिव्य दर्शन कर यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया एवं विश्व कल्याण, मानवता की समृद्धि तथा उत्तराखण्ड के सतत विकास की कामना की।

राज्यपाल ने अत्यंत अल्प समय में ही बाबा के दर्शन किए, जिससे श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई। उनके आगमन के दौरान एक पल के लिए भी श्रद्धालुओं को दर्शन हेतु नहीं रोका गया तथा पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही। राज्यपाल ने इस व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों की सराहना की।

अपने भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने मुख्य रूप से श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर उनका फीडबैक एवं सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनके यात्रा अनुभव जाने तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। श्रद्धालुओं ने यात्रा मार्ग, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता एवं दर्शन व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि बाबा केदार के दर्शन प्राप्त होना अत्यंत सौभाग्य एवं आध्यात्मिक अनुभूति का विषय है। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम में विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उनके सुझावों एवं समस्याओं को सुनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुचारू, सुव्यवस्थित एवं भव्य बनाने हेतु पूरे वर्षभर सभी विभाग, स्थानीय लोग, प्रशासन, पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं सेवा से जुड़े लोग निरंतर मेहनत करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक उत्तराखंडी एवं यात्रा से जुड़े हर व्यक्ति का इस यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान है। यह केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि सेवा, समर्पण एवं आस्था का अभियान है। उन्होंने कहा कि “यह चरण सेवा और समर्पण का है तथा हम सभी का दायित्व है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सहज एवं आध्यात्मिक यात्रा अनुभव प्राप्त हो।”

राज्यपाल ने श्रद्धालुओं एवं आमजन से अपील करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम सहित समस्त चारधाम क्षेत्र की प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक सुंदरता को बनाए रखने हेतु स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधना एवं स्वच्छता दोनों के लिए धैर्य, अनुशासन एवं संवेदनशीलता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “बाबा केदार की यह पावन भूमि स्वच्छता, शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है, इसलिए हमारा भी कर्तव्य है कि इस धाम को स्वच्छ, सुंदर एवं पवित्र बनाए रखें।”

राज्यपाल ने श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सफल संचालन हेतु किए जा रहे विकास कार्यों एवं व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभागों एवं संस्थाओं का एक ही उद्देश्य है कि यात्रा शुभ, सुव्यवस्थित, सुगम एवं सुरक्षित रूप से संचालित हो। उन्होंने कहा कि आज बाबा केदार से संपूर्ण मानवता, सनातन संस्कृति, प्रत्येक भारतीय एवं प्रत्येक उत्तराखंडी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौहार्द एवं सफलता की प्रार्थना की गई है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित वस्तुओं को अवश्य खरीदें, जिससे स्थानीय लोगों एवं छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि संपूर्ण उत्तराखंड वर्षभर चारधाम यात्रा की प्रतीक्षा करता है और यह यात्रा यहां की आर्थिकी एवं सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ी हुई है।

राज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं से श्री केदारनाथ धाम एवं चारधाम यात्रा में आकर यहां की दिव्यता, भव्यता एवं अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “यहां की आध्यात्मिक अनुभूति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव केवल देवभूमि उत्तराखंड में ही संभव है।”

राज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं से केदारनाथ धाम एवं संपूर्ण यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी पवित्रता एवं स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित धाम न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इस पवित्र स्थल की गरिमा बनाए रखता है।”

इस दौरान राज्यपाल ने केदारनाथ धाम में संचालित पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने राज्यपाल को धाम में संचालित पुनर्निर्माण कार्यों तथा श्रद्धालुओं हेतु की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धाम में सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु सभी विभाग निरंतर समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

राज्यपाल ने मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहित समाज से भी भेंट की, जहां पारंपरिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “केदारघाटी का प्रत्येक कण शिवमय है। यहां पहुंचते ही मन आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है और भगवान शिव की दिव्यता का अनुभव होता है।”

उन्होंने जिला प्रशासन, मंदिर समिति, पुलिस विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं अन्य सहयोगी एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभाग श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने यात्रा से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सेवा दलों से “अतिथि देवो भव” की भावना के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं यात्रा को निरंतर सुचारू बनाए रखने का आग्रह किया।

इस अवसर पर श्री केदार सभा के महामंत्री राजेंद्र प्रसाद तिवारी, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश चन्द्र पोस्ती, विनीत पोस्ती, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, उप जिलाधिकारी/यात्रा मजिस्ट्रेट कृष्णा त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

देवभूमि के शिखर पर स्वास्थ्य का नया अध्याय की भावना से संचालित होगा अस्पतालः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड हॉस्पिटल का विधिवत लोकार्पण किया। यह अस्पताल स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्री केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह अस्पताल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्रों, ऑक्सीजन सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ उत्तराखंड समृद्ध उत्तराखंड के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं जिसके माध्यम से आज प्रदेश के अंदर लाखों मरीजों को निशुल्क उपचार मिल रहा है इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा एवं मानवता का भी प्रतीक है और इसी भावना के साथ सरकार देवभूमि में स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने कहा कि यह अस्पताल सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में लाखों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, बद्री केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, बद्री केदार उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, श्री केदार सभा के अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मेंखडी, महा मंत्री अकिंत सेमवाल, संजय तिवारी, , जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी, केशव बहुगुणा, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिक तोमर, उप जिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, कर्नल अजय कोटियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

बिथ्याणी महाविद्यालय में एआई बॉट से रूबरू हुए मुख्यमंत्री योगी और धामी, ओपन जिम में व्यायाम कर दिया फिटनेस का संदेश

उत्तराखंड की पावन भूमि यमकेश्वर आज दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मिलन और विकास कार्यों की साक्षी बनी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से यमकेश्वर क्षेत्र का भ्रमण कर महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दोनों मुख्यमंत्रियों ने यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। उन्होंने महादेव से देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की। यमकेश्वर आगमन पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अतिथियों का स्वागत किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गाँव पंचूर पहुँचे। यहाँ उन्होंने श्री विष्णु महायज्ञ में प्रतिभाग किया और परिवार व ग्रामीणों के साथ आध्यात्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बने। मुख्यमंत्री योगी ने मंदिर समिति का आभार जताते हुए कहा कि तीन वर्ष पूर्व जहाँ केवल श्रद्धा का भाव था, आज वहाँ भव्य मंदिर खड़ा है। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा जीवन में प्रगति के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण का होना अनिवार्य है। अच्छा सोचने से परिणाम सुखद होते हैं, और इस सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए ईश्वर की भक्ति और आध्यात्मिकता ही सबसे सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व की सराहना करते हुए ऑपरेशन सिंदूर की बरसी का उल्लेख किया। उन्होंने क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए बिथ्याणी महाविद्यालय को आदर्श कॉलेज के रूप में विकसित करने और क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और खेल सुविधाएं देने हेतु संकल्पबद्ध है, जिसके क्रम में इस महाविद्यालय को हाईटेक किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी पहुँचने पर छात्राओं ने पारंपरिक भव्यता के साथ दोनों मुख्यमंत्रियों का भावपूर्ण अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अतिथियों ने महाविद्यालय की नई एआई आधारित वेबसाइट का डिजिटल उद्घाटन किया, जिसकी कार्यप्रणाली के बारे में त्रिलोक चंद्र शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान डिजिटल तकनीक का अनूठा उदाहरण तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं एआई बॉट से संवाद कर महाविद्यालय की परीक्षा प्रणाली व परिणामों की समीक्षा की, जबकि मुख्यमंत्री धामी ने छात्र संख्या और कौशल विकास जैसे विषयों पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय के नए भवन व सेमिनार हॉल का उद्घाटन और श्विकसित भारत एक संकल्पश् पुस्तक का विमोचन भी गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।

युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करने के लिए महाविद्यालय परिसर में ओपन जिम का लोकार्पण किया गया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने स्वयं जिम उपकरणों पर व्यायाम कर स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता का संदेश दिया। प्रस्तावित स्टेडियम के लिए चिन्हित भूमि के निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही यह जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ आनंद उनियाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी, गिरीश गुणवंत, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ योगेश कुमार शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल सहित अन्य अधिकारी, महाविद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं, छात्र छात्राएं तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुरुषोत्तम के नेतृत्व में निर्वाचन प्रक्रिया का अध्यन करेगा प्रतिनिधिमंडल

भारत निर्वाचन आयोग की पहल पर विभिन्न राज्यों द्वारा लोकतांत्रिक देशों के निर्वाचन प्रक्रिया के शोध-अध्यन हेतु मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ. बी.बी.आर.सी. पुरुषोत्तम के नेतृत्व में 5 सदस्यी प्रतिनिधिमंडल यूरोप के सर्बिया गणराज्य पहुंचा।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सर्बिया के नोवी साद प्रांत की विधानसभा का भ्रमण किया, जहां लोकतांत्रिक संस्थाओं के संचालन एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की गई।

बैठक एवं भ्रमण कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे तथा सर्बिया में भारत के एम्बेसडर श्री अभिषेक शुक्ला सहित जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल उपस्थित रहे।

इस अवसर पर नोवी साद प्रांत विधानसभा की चेयरमैन दीना वुचिनिच ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए भारत और सर्बिया के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों एवं निर्वाचन प्रक्रियाओं के क्षेत्र में सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण से दोनों देशों के निर्वाचन प्रबंधन, मतदाता जागरूकता एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला है, जिससे भविष्य में आपसी सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

भारत और सर्बिया के मध्य निर्वाचन प्रक्रियाओं एवं लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के श्रेष्ठ अनुभवों के आदान-प्रदान के उद्देश्य से भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सर्बिया की प्रांतीय निर्वाचन आयोग के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सर्बिया की निर्वाचन प्रणाली, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा चुनाव प्रबंधन की विभिन्न व्यवस्थाओं का अध्ययन किया।

प्रतिनिधिमंडल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे, जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल, ईआरओ काशीपुर गौरव पांडे एवं बीएलओ मोहम्मद कलीम शामिल हैं।

बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य व आकर्षक बनाने को मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान करेंः धामी

बद्रीनाथ धाम में संचालित पुनर्निर्माण कार्यों के साथ ही अब बद्रीनाथ को स्प्रिचुअल हिल टाउन के रूप में विकसित किये जाने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष सचिवालय में पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। बैठक में सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया गया कि बद्रीनाथ को एक आध्यात्मिक स्मार्ट हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिए बहु-आयामी और चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य और व्यवस्थित अनुभव प्रदान करना है।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के तहत क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थलों को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है। देव दर्शनी पॉइंट को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को यहां से बद्रीनाथ धाम के प्रथम दर्शन एक भव्य और दिव्य रूप में प्राप्त हो सकें। वहीं बद्रीनारायण चौक को एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

बद्रीनाथ धाम में आईएसबीटी वॉल पर स्थानीय कला एवं धार्मिक विषयों पर आधारित भित्ति चित्रों के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जायेगा। वसुधा वाटिका कलाकृति के माध्यम से प्रकृति, आध्यात्मिकता और उत्तराखंड की पारंपरिक कला का समावेश करते हुए आकर्षक लैंडस्केप तैयार किए जायेंगे।

मास्टर प्लान में भगवान विष्णु से जुड़े प्रतीकों को भी प्रमुखता दी गई है, जिनमें पाञ्चजन्य शंख, कौमोदकी गदा, सुदर्शन चक्र, वैकुंठ द्वार जैसी भव्य कलाकृतियों का निर्माण किया जायेगा, जो न केवल धार्मिक महत्व को दर्शायेंगे, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेंगे। इसके साथ ही शेषनेत्र कलाकृति और पंच तत्व थीम पर आधारित संरचनाएं आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय दर्शन को दर्शाने का कार्य करेंगी। भगवान राम एवं कृष्ण पर आधारित रामायण एवं महाभारत कालीन प्रतीकों का इसमें समावेश किया गया है। दिया आरती स्थल के विकास की योजना भी तैयार की गई है, ताकि यहां आयोजित होने वाली आरती श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बने। वहीं पूरे क्षेत्र में स्ट्रीटस्कैप का विकास कार्य किया जाना भी प्रस्तावित है, जिसके तहत आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएं, साइनेज और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य कराये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए इस मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किये जायें। साथ ही स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के माध्यम से बद्रीनाथ में न केवल आध्यात्मिक वातावरण सुदृढ़ होगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा दी जा सकेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर बद्रीनाथ एक ऐसे आदर्श स्थल के रूप में स्थापित होगा, जहां आस्था, आधुनिकता और प्रकृति का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त सचिव अनिल जोशी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित हिमाद्रि आइस रिंक के जीर्णाेद्धार की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड हॉकी आइस टीम की जर्सी व पे और प्ले पोर्टल का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक “हिमाद्रि” केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित जीपे आइस रिंक में सर्वप्रथम साउथ एशियन विंटर गेम्स का आयोजन किया गया था, लेकिन बाद के वर्षों में विभिन्न कारणों से इसका सुचारु संचालन एवं रखरखाव नहीं हो पाने के कारण इसे बंद करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि आइस रिंक की बदहाल स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे पुनः संचालित करने का संकल्प लिया और लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत से पिछले वर्ष इसी दिन इसका जीर्णाेद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को समर्पित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके संचालन के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज यह आइस रिंक एक बार फिर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन का केंद्र बन रही है। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष के दौरान यहां नेशनल आइस स्केटिंग चौंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग तथा महिला एवं बालक वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविरों का सफल आयोजन किया गया। साथ ही वर्तमान में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी यहां स्केटिंग एवं आइस हॉकी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय आइस हॉकी टीम का प्रशिक्षण शिविर भी इसी आइस रिंक में आयोजित किया गया। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष अगस्त माह में भारत ने पहली बार “एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी” की सफल मेजबानी की, जिसमें एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी उस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हुआ था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आइस स्केटिंग और आइस हॉकी के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखते हुए आने वाले समय में भारत शीतकालीन खेलों में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिला है और आज भारत खेलों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में नई पहचान मिली है। इन राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में शीघ्र ही राज्य के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना के लिए ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने खेल मंत्री रेखा आर्य से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि खिलाड़ियों से संबंधित योजनाओं और प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने कहा कि आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ खेल छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम मानते हुए उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करते रहेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष सचिव अमित सिन्हा, खेल विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

केदारनाथ धाम में किसी भी दशा में वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगीः पांडेय

आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय तथा आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप द्वारा आज रुद्रप्रयाग पहुंचकर श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में यात्रा व्यवस्था नोडल अधिकारियों, संबंधित विभागीय अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ जिला कार्यालय सभागार रुद्रप्रयाग में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में गढ़वाल आयुक्त द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने गढ़वाल आयुक्त महोदय को अब तक की यात्रा संचालन स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं। 31 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा 11 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हेली सेवाओं का उपयोग किया है। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा घोड़ा-खच्चर एवं डंडी-कंडी के माध्यम से यात्रा की गई है।

उन्होंने बताया कि यात्रा कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है, गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, सभी अस्पताल पूर्णतः क्रियाशील हैं तथा म्यूल टास्क फोर्स तैनात है। 8 हजार से अधिक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण एवं बीमा किया गया है। निर्धारित मानकों के उल्लंघन पर ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जा रही है तथा अतिक्रमण वाले डेरे हटाए गए हैं। पशु चिकित्सालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं रेंडम चेकिंग भी कराई जा रही है।

यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था की गई है तथा गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड पर महिला एवं पुरुषों के लिए चेंजिंग रूम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त विद्युत, पेयजल, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट एवं शटल सेवाओं की जानकारी भी दी गई।

पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर द्वारा यात्रा रूट प्लान, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग एवं आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

गढ़वाल आयुक्त ने शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, कार्मिकों की पर्याप्त तैनाती, सफाई सामग्री एवं पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से शौचालयों की रेंडम चेकिंग कराने के निर्देश देते हुए कहा कि यात्रा में स्वच्छता सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने यात्रा से संबंधित भ्रामक खबरों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा संबंधित विभागों को तत्काल अपना पक्ष जारी करने के निर्देश दिए, ताकि अफवाहों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

हेली सेवाओं में टिकटों का निर्धारित दरों पर ही विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि यदि मनमाने तरीके से टिकट बिक्री या वसूली की शिकायत मिलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोनप्रयाग में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भीड़ नियंत्रण हेतु विशेष प्लान लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

धाम क्षेत्र में फायर ऑडिट कराने तथा सभी आवश्यक अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जनप्रतिनिधियों से भी लिए सुझाव
आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं व्यापार मंडल के सदस्यों के साथ बैठक कर श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सुगम संचालन के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने यात्रा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए तुना-बौंठा मोटर मार्ग के डामरीकरण, तुंगनाथ-चोपता में पार्किंग निर्माण, शौचालय व्यवस्था तथा प्रमुख मंदिर मार्गों पर साइन बोर्ड लगाने की मांग रखी। जिलाधिकारी द्वारा एक सप्ताह में साइन बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया गया।

जिला पंचायत सदस्य अमित मैंखंडी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिन पर आयुक्त द्वारा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि उन्होंने ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग तक सड़क मार्ग का निरीक्षण किया है, जिसमें अधिकांश स्थानों पर मार्ग की स्थिति संतोषजनक पाई गई है तथा आवश्यक स्थलों पर सुधार हेतु निर्देश जारी किए गए हैं।

18 किलोमीटर पैदल मार्ग पर शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने हेतु हर समय सफाई कर्मियों एवं पर्यावरण मित्रों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। केदारनाथ धाम में अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद हेतु ₹5 लाख की धनराशि पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग को आवंटित की गई है।

सुरक्षा के दृष्टिगत रात्रि 10रू00 बजे से प्रातः 4रू00 बजे तक यात्रा मार्ग पर यात्री वाहनों एवं पैदल आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। केवल आवश्यक सामग्री के परिवहन को अनुमति दी जाएगी तथा उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि पुलिस एवं सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वे सोनप्रयाग एवं गौरीकुंड का स्थलीय निरीक्षण करेंगे तथा यात्रियों से संवाद स्थापित करेंगे। मौसम अनुकूल होने पर केदारनाथ धाम तक पैदल निरीक्षण भी प्रस्तावित है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दशा में वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मौसम की प्रतिकूलता के कारण हेली सेवाओं में आ रही बाधाओं का संज्ञान लेते हुए हेली कंपनियों को पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यदि यात्रा मार्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो आवश्यकतानुसार यात्रा को रोका जा सकता है। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को परिस्थिति के अनुसार 2-3 घंटे के लिए यात्रा रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में आज भी यात्रा को कुछ समय के लिए रोका गया।

उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा सुरक्षित एवं सुगम यात्रा संचालन सरकार की प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं।

बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, अगस्तमुनि ब्लॉक प्रमुख भुवनेश्वरी देवी, जिला पंचायत सदस्य अमित मैंखंडी, जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन कांडपाल, नगर पालिका अध्यक्ष रुद्रप्रयाग संतोष रावत, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता एनएच ओंकार पांडे, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र महेश प्रकाश, सुलभ इंटरनेशनल से धनंजय पाठक, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, अधिशासी अभियंता डीडीएमए राजविंद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।