सीएम ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार, हल्द्वानी में उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों एवं उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार एवं हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों एवं खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हल्द्वानी से उत्तराखण्ड के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगा। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करते हुए ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने अपने असाधारण खेल कौशल से पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया। मेजर ध्यानचंद का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि प्रतिभा को महानता में बदलने के लिए कठोर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश के खेल क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अभी तक खेल शिक्षा और विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अपनी देवभूमि में ही उच्च स्तरीय खेल शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि देवभूमि और वीरभूमि उत्तराखण्ड अब ‘खेलभूमि’ के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड का गौरव बढ़ाया है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां राज्य के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को खेल छात्रवृत्ति प्रदान करते हुए कहा कि यह छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति एक नया वातावरण बना है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से देश के कोने-कोने में छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। छोटे गांवों, दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों और सामान्य परिवारों से निकलकर युवा खिलाड़ी आज राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरणा लेते हुए उत्तराखण्ड सरकार भी राज्य को खेलों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के पानी और पहाड़ की जवानी का सही दिशा में उपयोग करने के लिए खेल एक सशक्त माध्यम है। उत्तराखण्ड के युवाओं में अद्भुत ऊर्जा और प्रतिभा है। आवश्यकता उन्हें सही मंच, आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में खेलों के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। खिलाड़ियों के लिए खेल इंजरी एवं आकस्मिक परिस्थितियों में बीमा और आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने तथा स्थानीय एवं पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल विकास निधि का गठन किया गया है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में संचालित किया जा रहा है। भविष्य की खेल चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के माध्यम से प्रत्येक जनपद की विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग खेल विधाओं के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार अभी से विशेष रोडमैप पर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक खेलों के विकास और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी सोच के साथ ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से उदीयमान खिलाड़ियों की फिटनेस का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। भविष्य में आधुनिक खेल तकनीकों के अधिकाधिक प्रयोग के माध्यम से खिलाड़ियों के कौशल और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे मैदान में उतरकर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ अपना शत-प्रतिशत दें। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि साधनों की कमी, आर्थिक कठिनाई अथवा अवसरों का अभाव किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपनों की राह में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का प्रत्येक खिलाड़ी हिमालय की तरह अडिग रहकर न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन करे।

देवभूमि खेल पुरस्कार से खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक सम्मानित
वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार तथा एथलेटिक्स के ही लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न पुरस्कार, क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य पुरस्कार तथा बॉक्सिंग के मुकेश चन्द्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। मॉडर्न पैंटाथलॉन में टीम श्रेणी में सक्षम प्रताप सिंह एवं ममता खाती तथा बॉक्सिंग में एकल श्रेणी में खुशी चंद को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सभी पुरस्कार विजेताओं को नकद धनराशि के साथ प्रशस्ति पत्र, ब्लेजर एवं शॉल प्रदान किए गए।

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी और प्रशिक्षक भी पुरस्कृत
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। सम्मानित खिलाड़ियों में एथलेटिक्स की अंकिता, बॉक्सिंग की खुशी चंद, हॉकी की मनीषा चौहान, वॉलीबॉल के रफीक अहमद, कबड्डी की भूमिका एवं राहुल सिंह, बैडमिंटन के चिराग बरेठा, मनोज सरकार एवं मनदीप कौर, मॉडर्न पैंटाथलॉन के सक्षम प्रताप सिंह, ब्लाइंड फुटबॉल की शेफाली रावत, पैरा लॉन बॉल की निलिमा राय तथा शूटिंग के आर्यावंश त्यागी एवं भूमि शामिल रहे।

उत्कृष्ट प्रशिक्षकों में एथलेटिक्स कोच लोकेश कुमार, बॉक्सिंग कोच बिजेन्द्र मल्ल, शूटिंग कोच अमित, वॉलीबॉल कोच गिरीश कुमार एवं कबड्डी कोच नितिन कुमार को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय भट्ट तथा विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या, विधायक राम सिंह कैड़ा, सांसद अजय भट्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी गौलापार के निर्माण कार्यों की समीक्षा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष आज मुख्यमंत्री आवास में खेल विभाग द्वारा उत्तराखंड क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (नैनीताल) के निर्माण कार्यों की विस्तृत प्रगति प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुतीकरण के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में विकसित की जा रही खेल अवसंरचना, शैक्षणिक भवनों, प्रशिक्षण सुविधाओं, छात्रावासों, खेल विज्ञान केंद्र, अनुसंधान सुविधाओं तथा अन्य निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय के सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएँ तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि उत्तराखंड के खेल भविष्य को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है, इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य उच्च मानकों के अनुरूप और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को खेल उत्कृष्टता के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी रणनीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का विकास राज्य की नई खेल नीति, खेल विजन और लिगेसी प्लान के अनुरूप किया जाए, ताकि यह संस्थान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध करा सके।

उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ, अंतरराष्ट्रीय मानकों के खेल मैदान, इनडोर एवं आउटडोर खेल परिसरों, स्पोर्ट्स साइंस एवं स्पोर्ट्स मेडिसिन सुविधाओं, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों तथा खेल प्रबंधन और खेल अनुसंधान से संबंधित उन्नत व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि यह विश्वविद्यालय उत्तराखंड के युवाओं को खेल शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें प्रशिक्षित करने और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने हेतु निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना के विकास, जिला और ब्लॉक स्तर तक खेल सुविधाओं के विस्तार, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण, पोषण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में अनेक पहलें की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की खेल नीति का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाना, युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना तथा खेलों को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना है। इसी दृष्टिकोण के अंतर्गत खेल विजन और लिगेसी प्लान के माध्यम से दीर्घकालिक खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे उत्तराखंड आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विश्वविद्यालय परियोजना की नियमित समीक्षा करने, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, तकनीकी मानकों का कठोर अनुपालन करने तथा समयबद्ध प्रगति के लिए प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा तथा खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना का शुभारंभ कर मेधावी छात्रों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में नवनिर्मित अकादमिक ब्लॉक एवं आधुनिक ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों का शुभारंभ भी किया। साथ ही संस्थान के मेधावी छात्र-छात्राओं एवं ग्राफिक एरा कौशल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत निःशुल्क सर्टिफिकेट कोर्स कर रहे विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए यह अवसर विशेष महत्व का है, क्योंकि आज उत्तराखण्ड सरकार ने सेवा, सुशासन और विकास के पाँच वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। उन्होंने कहा कि इन पाँच वर्षों में राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, रोजगार तथा युवाओं के सशक्तीकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तराखण्ड को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाया कि सरकार भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करते हुए राज्य को विकास के नए आयामों तक ले जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य का भविष्य उसकी सड़कों या इमारतों से नहीं, बल्कि उसके विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के सपनों से तय होता है। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा ने शिक्षा, शोध, नवाचार एवं कौशल विकास के क्षेत्र में जो पहचान बनाई है, वह केवल उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने यह सिद्ध किया है कि यदि संकल्प, गुणवत्ता और दूरदृष्टि का समन्वय हो, तो उत्तराखण्ड जैसा पर्वतीय राज्य भी विश्वस्तरीय शिक्षा का केंद्र बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में निर्मित नया अकादमिक ब्लॉक एवं आधुनिक ऑडिटोरियम विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को नई उड़ान देगा तथा शोध, नवाचार और रचनात्मक सोच को और अधिक गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा द्वारा भीमताल में परिसर की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुँचाना संतुलित एवं समावेशी विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क होटल मैनेजमेंट एवं इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि कुमाऊँ मंडल में ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुदृढ़ होंगी तथा युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को शिक्षा, नवाचार एवं अनुसंधान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े आधुनिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देहरादून में साइंस सिटी, हल्द्वानी में एस्ट्रो पार्क तथा अल्मोड़ा में साइंस सेंटर जैसे संस्थानों के माध्यम से राज्य में वैज्ञानिक सोच एवं अनुसंधान की संस्कृति को भी सशक्त किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विश्व तेजी से बदल रहा है और नई तकनीकें निरंतर नए अवसर प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में वही युवा सफल होगा, जो सीखने की क्षमता, नवाचार की सोच तथा बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को ढालने का साहस रखेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल डिग्री प्राप्त करने तक स्वयं को सीमित न रखते हुए नेतृत्व क्षमता, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड का युवा केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बने। इसी उद्देश्य से राज्य में स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं की प्रतिभा किसी भी नकल माफिया की भेंट न चढ़े, इसके लिए उत्तराखण्ड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है और पिछले पाँच वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्राप्त हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने के लिए कठिन परिश्रम करने का आह्वान करते हुए कहा कि असफलताओं से कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि वही सफलता की मजबूत नींव बनती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संस्थान के विद्यार्थी भविष्य में वैज्ञानिक, चिकित्सक, अभियंता, शिक्षक, प्रशासक, उद्यमी एवं उत्कृष्ट नागरिक बनकर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।

इस अवसर पर धामी सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ग्राफिक एरा परिवार की ओर से केक भी काटा गया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, विधायक प्रताप सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) डॉ. अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, शंकर कोरंगा, दिनेश आर्या, शांति मेहरा, हुकुम सिंह कुंवर, देवेन्द्र सिंह ढेला, ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे, ग्राफिक एरा ग्रुप के चेयरमैन प्रो. कमल घनशाला, निदेशक अनिल कुमार नायर, ओबीसी आयोग के सदस्य डॉ. ज़ेड. ए. वारसी, प्रकाश आर्य सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

सीएम धामी ने भीमताल में पांच नए कूड़ा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भीमताल नगर को साफ एवं स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से पांच नए कूड़ा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भीमताल नगर पर्यटन एवं धार्मिक क्षेत्र में विख्यात है, यहॉं की झीले एवं प्राकृतिक सुन्दररता पर्यटकों को यहॉं खींच लाती है। नगर को साफ एवं स्वच्छ बनाए रखने हेतु आवश्यक सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का होना नितांत आवश्यक है, इसी उद्देश्य से यह कूड़ा वाहन नगर पालिका को उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि नगर के कूड़े का निस्तारण आसानी से हो सके। उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ बनाए रखने के साथ ही कूड़े का समय पर निस्तारण आवश्यकीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नगर निकायों में स्वच्छता अभियान के लिए कूड़ा वाहनों के साथ-साथ नए उपकरण भी दे रही है, ताकि नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ रखा जा सके।

इस दौरान शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा, भीमताल नगर पालिका अध्यक्ष सीमा टम्टा आदि मौजूद रहे।

पीएम मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सीएम धामी ने अपनी माता के नाम से किया पौधा रोपित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद नैनीताल के भीमताल में झील सौंदर्यीकरण अभियान कार्यक्रम में प्रतिभाग कर भीमताल झील परिक्षेत्र में पौध रोपण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनसमूह को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई देते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति संकल्पबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति और जीवन शैली का प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। हमारे लोकपर्व, परम्पराएं और जनजीवन सदैव पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को सुदृढ़ करते रहे हैं। यह दिवस प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और संरक्षण की भावना को प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें एकजुट होकर प्रकृति के संरक्षण की दिशा में भी चिन्तन करना होगा। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिला झीलों के नाम पर विश्वविख्यात है, यहॉं देश विदेश से वर्षभर पर्यटक आते हैं। झीलों का संरक्षण व सवर्धन सरकार की प्राथमिकता में है। इसी उद्देश्य से भीमताल झील किनारे फूलों के पौध रोपित करने के साथ ही इसका सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहॉं की झीलों की देश-विदेश में विशिष्ट पहचान है। राज्य सरकार इस धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने आह्वान करते हुए कहा कि इस मानसून में प्रत्येक नागरिक अधिक से अधिक पौधारोपण करने के साथ ही पौधों एवं जल स्रोतों के संरक्षण, नदियों एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने के लिए आगे आएं। उन्होंने इस अभियान में सभी से सक्रिय भागीदारी की भी अपील की है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूज्य माता बिसना देवी के नाम से एक बोगनबेलिया का पौधा रोपित किया गया।

इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार में शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन व जलागम प्रबंधन मंत्री रामसिंह कैड़ा द्वारा भी अपनी स्व. माता रेवती देवी जी की स्मृति में एक पौधा रोपण किया गया।

इस दौरान कुमाऊं आयुक्त व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत द्वारा अपनी पूज्य माता सावित्री रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा अपनी पूज्य माता उमा देवी रयाल, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं तेजस्विनी अरविंद पाटील द्वारा अपनी पूज्य माता स्व. मीना अरविंद पाटील की स्मृति में तथा मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे द्वारा अपनी माता नागिन्दी पाण्डे, वन संरक्षक नितीश मणी त्रिपाठी द्वारा अपनी पूज्य माता नीलम मणी त्रिपाठी जी के नाम से पौधा रोपित किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, आईटीबीपी से 34 बटालियन के कमाडेंट हेमंत कुमार,जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, मुख्य उद्यान अधिकारी प्रेमा राणा, एपीडी चंद्रा फर्त्याल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि,गणमान्य नागरिक, प्रकृति प्रेमी आदि मौजूद रहे।

सचिव आवास ने किया नैनीताल में विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में नैनीताल जिले में झीलों के संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आवास एवं राज्य सम्पत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने शनिवार को विभिन्न विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति विभाग के डॉ आर राजेश कुमार द्वारा जनपद नैनीताल में विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान झीलों के पुनर्विकास, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु संचालित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत अवलोकन किया गया।

भीमताल झील के सौंदर्यीकरण हेतु व्यापक कार्ययोजना

भीमताल झील के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण हेतु लगभग ₹25.67 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई है। इस योजना के अंतर्गत झील के आसपास स्थित प्रमुख पार्कों का पुनर्विकास, दीनदयाल पार्क के समीप बोटिंग डॉक का विकास, झील किनारे 4210 मीटर लंबा कॉबल स्टोन पैदल मार्ग, उद्यानों का सौंदर्यीकरण, पार्किंग व्यवस्था में सुधार, सोलर स्ट्रीट लाइटिंग एवं स्ट्रीट फर्नीचर की स्थापना जैसे कार्य प्रस्तावित हैं। निरीक्षण के दौरान सचिव द्वारा इन सभी कार्यों को प्रस्तावित मानकों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

नौकुचियाताल में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार

नौकुचियाताल झील के सौंदर्यीकरण हेतु लगभग ₹20.97 करोड़ की योजना के अंतर्गत बोटिंग स्टैंड, प्रतीक्षालय एवं टिकट काउंटर, पार्किंग सुविधा, फ्लोटिंग जेट्टी, 2089 मीटर लंबा पैदल मार्ग, गज़ीबो निर्माण, व्यूपॉइंट्स, लैंडस्केपिंग एवं सोलर लाइटिंग जैसी सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान इन कार्यों को भी निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

कमलताल क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विकास
कमलताल क्षेत्र में ओपन शॉपिंग सेंटर (प्लाज़ा), 50 मीटर लंबा पैदल पुल, 100 मीटर पैदल मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, सोलर लाइटिंग एवं लैंडस्केपिंग जैसे कार्य प्रस्तावित हैं। यह क्षेत्र भविष्य में एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित किया जाएगा।

भवाली में मल्टीलेवल पार्किंग एवं कॉम्प्लेक्स निर्माण

भवाली में लकड़ी टाल क्षेत्र में मल्टीलेवल कार पार्किंग एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना में बेसमेंट में पार्किंग तथा भूतल एवं प्रथम तल पर लगभग 40 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है। कार्य की प्रगति लगभग 96 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी है और पूर्ण होने पर यहां 124 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी। अधिकारियों को शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कर संचालन प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में सरोवर पार्किंग निर्माण हेतु लगभग ₹42.77 करोड़ की परियोजना स्वीकृत है, जिसके अंतर्गत 605 चार पहिया एवं 202 दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। इसके अतिरिक्त नैनीताल क्लब के समीप नगर पालिका भूमि पर ऑटोमेटेड पार्किंग हेतु ₹30.43 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित है, जिससे 202 चार पहिया एवं 96 दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।

लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान सचिव द्वारा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूर्ण किया जाए।
जहां कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं, वहां शीघ्र कार्य प्रारंभ करने तथा आवश्यकता होने पर संबंधित कार्यदायी संस्थाओं में परिवर्तन करने के भी निर्देश दिए गए।

अशोक पार्किंग स्थल के उपयोग पर निर्देश

नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग स्थित अशोक पार्किंग स्थल का निरीक्षण करते हुए निर्देशित किया गया कि पूर्व में स्वीकृत धनराशि का उपयोग करते हुए पार्किंग निर्माण हेतु आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।

पर्यटन और यातायात सुधार की दिशा में बड़ा कदम

यह निरीक्षण जनपद नैनीताल में पर्यटन विकास, झीलों के संरक्षण एवं यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटकों के लिए भी बेहतर अनुभव सुनिश्चित होगा।

स्थल निरीक्षण के दौरान सचिव, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, विजयनाथ शुक्ल, प्रोजेक्ट मैनेजर, उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, संदीप सिंह रावत, प्रोजेक्ट मैनेजर, उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, दिवाकर बडोनी, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण निर्माण विभाग, नैनीताल, कमलेश जोशी, प्रोजेक्ट सेल ऑफिसर, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, नैनीताल, अनिल कुमार तड़ागी, सहायक अभियंता, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, नैनीताल, शिवम धीमान, अभिषेक कुमार तथा अवर अभियंता, अभिषेक कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

ऐतिहासिकः हल्द्वानी में 6.75 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर का शिलान्यास, सीएम धामी ने किया बड़ा ऐलान

देवभूमि उत्तराखण्ड में पत्रकारों के सशक्तिकरण, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊँ मीडिया सेन्टर भवन, हल्द्वानी का विधिवत शिलान्यास किया।

₹6 करोड़ 75 लाख 88 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाला यह अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों के लिए एक समर्पित, सुसज्जित एवं बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को समर्पित एक आधुनिक केंद्र
मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह मीडिया सेन्टर केवल एक भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभकृपत्रकारिताकृको समर्पित एक जीवंत मंच होगा। यह केन्द्र पत्रकारों की कर्मस्थली, विचार-विमर्श का संगम और जन-जन की आवाज को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करने का माध्यम बनेगा।उन्होंने कहा कि अब तक कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों को कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए देहरादून पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस मीडिया सेन्टर के निर्माण के बाद अधिकांश कार्य हल्द्वानी से ही संचालित हो सकेंगे, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मीडिया सेन्टर
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस भवन में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से
आधुनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल।
हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा।
डिजिटल स्टूडियो।
समृद्ध लाइब्रेरी।

’कैंटीन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रोंकृमुनस्यारी, बागेश्वर, कपकोट, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा एवं रानीखेत आदि क्षेत्रों से आने वाले पत्रकारों के लिए आवासीय गेस्ट रूम की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे उन्हें आवागमन की कठिनाइयों से राहत मिल सके।

समाचार पत्रों के निरीक्षा कार्य होंगे सुगम
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि समाचार पत्रों से संबंधित निरीक्षा कार्य अब इसी मीडिया सेन्टर से संपन्न किए जाएंगे। इससे पारदर्शिता, दक्षता एवं त्वरित कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और पत्रकारों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आसानी होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण एवं सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि
पत्रकार कल्याण कोष में वृद्धिरू कोष की राशि बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है, जिससे आकस्मिक निधन या गंभीर बीमारी की स्थिति में पत्रकारों के परिजनों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।अधिस्वीकृत पत्रकारों एवं उनके आश्रितों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा लागू की गई है। इसके साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पत्रकारों को ₹8000(आठ हजार) प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मीडिया सेन्टर हल्द्वानी को कुमाऊँ क्षेत्र का एक प्रमुख मीडिया हब बनाएगा। यहां से संचालित होने वाली पत्रकारिता न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभावी भूमिका निभाएगी।
उन्होंने पत्रकारों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा दें, विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएं तथा जहां कहीं कमियां हों, वहां निष्पक्ष रूप से सरकार को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि “आपकी कलम ही सरकार के लिए मार्गदर्शक है और लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि चंपावत जनपद के टनकपुर में मीडिया सेंटर गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिससे सीमांत क्षेत्रों के पत्रकारों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इस अवसर पर मा० सांसद अजय भट्ट, मा०कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल, विधायक सरिता आर्या,अध्यक्ष मीडिया सलाहकार समिति उत्तराखंड गोविन्द सिंह,मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह,ब्लॉक प्रमुख हल्द्वानी मंजू गौड़, ब्लॉक प्रमुख भीमताल हरीश बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट,
उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्यमंत्री डॉ अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, दिनेश आर्या, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, नवीन वर्मा,दीपक मेहरा,दिनेश मानसेरा,
के अतिरिक्त महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल,एसएसपी डॉ मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे,उपनिदेशक सूचना बद्रीचंद्र, जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी, सूचना अधिकारी अहमद नदीम, व्यवस्था अधिकारी रामपाल उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम के महाप्रबंधक कुमाऊं अनूप कुमार पाण्डे, परियोजना प्रबंधक एस पी बड़ौनी
सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार बंधु कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कुमाऊँ मीडिया सेन्टर का निर्माण उत्तराखण्ड में मीडिया इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह पहल पत्रकारों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह एवं सशक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।यह ऐतिहासिक कदम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और पत्रकार हितैषी नीतियों का प्रतीक है, जो आने वाले समय में उत्तराखण्ड को मीडिया सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

हल्द्वानी में वरिष्ठ नागरिक सम्मान आयोजित, सीएम धामी ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हल्द्वानी स्थित डॉ सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में बुजुर्गों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका सम्मान ही किसी भी सभ्य समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव और मार्गदर्शन से समाज को सही दिशा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस परिवार और समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने वरिष्ठजनों को समाज की मजबूत जड़ों की संज्ञा देते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन सामाजिक संरचना को सुदृढ़ बनाए रखता है।

उन्होंने समारोह में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा वॉलीबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह संदेश देता है कि उम्र केवल एक संख्या है और जीवन में ऊर्जा एवं उत्साह का कोई विकल्प नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं जैसे अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों के जीवन को सुरक्षित और गरिमामय बनाने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के लगभग 6 लाख वरिष्ठजनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की पेंशन डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। साथ ही, पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन देने का निर्णय उनकी आर्थिक सुरक्षा को और सुदृढ़ कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, रुद्रपुर में एक आधुनिक मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अटल वयोअभ्युदय योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, राज्य में पहली बार जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वरिष्ठजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को अपने भरण-पोषण के लिए कानूनी अधिकार प्राप्त हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा उनके गरिमामय जीवन के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

सीएम धामी ने भीमताल में उप-तहसील बनाए जाने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के भीमताल स्थित बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज में तीन दिवसीय तकनीकी एवं सांस्कृतिक वार्षिकोत्सव ‘स्पेक्ट्रम 2026’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन तथा नव-निर्मित भवन से संस्थान के छात्र-छात्राओं को आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य प्रतिभाशाली और संकल्पवान युवाओं के सुरक्षित हाथों में है।

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने और उचित दिशा देने की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान का प्रबंधन इसी भावना के साथ कार्य करते हुए युवाओं की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान की स्थापना के समय पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी द्वारा व्यक्त अपेक्षाओं के अनुरूप यह संस्थान दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के मेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का कार्य निरंतर कर रहा है। उन्होंने संस्थान द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता, अनुशासन और संस्कारों की परंपरा को सराहनीय बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का अवलोकन किया तथा उनकी नवाचारी सोच और रचनात्मकता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिड़ला संस्थान वर्षों से उत्तराखंड के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यहां से शिक्षित विद्यार्थी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं तथा कई युवा प्रशासनिक सेवाओं, भारतीय सेना और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को सशक्त बनाने हेतु स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मुद्रा योजना, अटल इनोवेशन मिशन और पीएम युवा योजना जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं, जो युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, आधुनिक आईटी लैब एवं परीक्षा भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘शेवनिंग उत्तराखंड छात्रवृत्ति’ के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं तथा ‘इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड’ के सहयोग से आधुनिक कंप्यूटर आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’ और मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के माध्यम से नवाचार एवं शोध को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके तहत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और पिछले चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

उन्होंने भीमताल विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं और कई परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिड़ला इंस्टीट्यूट में ड्रोन प्रयोगशाला की स्थापना, कंप्यूटर विभाग के उन्नयन तथा ऑडिटोरियम के लिए फर्नीचर उपलब्ध कराने हेतु 50-50 लाख रुपये की धनराशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रीय विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, विभिन्न जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय सहित संस्थान के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ही 2022 में सीएम धामी को दिया था धाकड़ उपनाम, अब बोले हो गए धुरंधर धामी

2027 के चुनाव से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, धुरंधर हो चुके हैं पुष्कर सिंह धामी। पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान उत्तराखंड में एक जनसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धाकड़ का उपनाम दिया था। अब 2027 के विधानसभा चुनाव का श्रीगणेश करने उत्तराखंड पहुंचे राजनाथ सिंह ने, सीएम को धाकड़ के साथ धुरंधर भी करार दिया है। साथ ही कहा है कि अपने कार्यकाल के छठवें साल में धामी 2027 में चुनावी सिक्सर लगाने के लिए तैयार हैं।

हल्द्वानी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पूरी तरह फार्म में नजर आए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की तारीफ करते हुए, कहा कि उत्तराखंड आज हर तरह से आदर्श राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने 2022 की चुनावी सभा को याद करते हुए कहा कि तब उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए धाकड़ धामी कहा था, लेकिन अब राज्य सरकार के चार वर्ष के धुआंधार काम के आधार पर वो इस नतीजे पर पहुंचे हैं, कि धामी धुरंधर की तरह काम कर रहे हैं।

चार वर्ष में चौका, छह में लगाएंगे छक्का
रक्षा मंत्री ने कहा कि पुष्कर सिंह धामी अपने पहले चार साल के कार्यकाल में शानदार चौका लगाने का काम कर चुके हैं। 2027 के चुनावों तक मुख्यमंत्री के कार्यकाल को छठवां साल शुरु हो जाएगा, इस कारण वो अपने छठवें साल में सिक्सर लगाकर लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का काम करेंगे।

राज्य सरकार की पीठ थपथपाई

रक्षा मंत्री ने महिला सशक्तिकरण, सैनिक कल्याण, आर्थिक उन्नति, आधारभूत सुविधाओं सहित सभी क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन के लिए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तारीफ की। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने जहां एक और यूसीसी लागू कर महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया।

वहीं अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई कर उत्तराखंड का स्वरूप बचाने का प्रयास किया है। राजनाथ सिंह ने सख्त नकल विरोधी कानून के लिए भी मुख्यमंत्री धामी की तारीफ करते हुए, कहा कि इसके दूरगामी परिणाम सामने आए।