टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अगले एक हफ़्ते में मरीजों की सामान्य जाँच आंकलन कार्य को 100 प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ज़िलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक के दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान की कुछ जनपदों में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। मुख्य सचिव ने ऐसे जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए हैं, जिनका मरीजों का सामान्य जाँच आंकलन प्रतिशत 60 प्रतिशत से कम रहा है।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मुख्य सचिव ने अगले एक हफ़्ते में मरीजों की सामान्य जाँच आंकलन कार्य को 100 प्रतिशत पूर्ण किये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए उच्च संवेदनशील और जोखिम वाले गांवों को प्राथमिकता के आधार पर लिए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने डीजी हेल्थ स्तर पर इस अभियान की प्रतिदिन समीक्षा और निगरानी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कम स्क्रीनिंग वाले जनपदों पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्क्रीनिंग बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित किए जाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मातृ स्वास्थ्य के तहत् प्रसवपूर्व देखभाल में सुधार लाने के लिए गर्भावस्था की प्रथम तिमाही पर पंजीकरण बढ़ाए जाने पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। उन्होंने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और उनका बेहतर प्रबन्धन सुनिश्चित किए जाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जनपदों में एएनसी जांच बढ़ाए जाने की बात भी कही। कहा कि सभी जनपदों में जन्म प्रतीक्षा गृहों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर्स को भी इस हेतु प्रयोग किया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून सीजन के दृष्टिगत दूरस्थ क्षेत्रों में चिन्हित हाई-रिस्क महिलाओं को बर्थ वेटिंग होम्स में शिफ्ट किया जाए। हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी और प्रसव के बाद हाई-रिस्क माताओं की पहचान और मैनेजमेंट को मज़बूत किया जाए, ताकि रोकी जा सकने वाली मातृ-मृत्यु दर को कम किया जा सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फैनाई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. आर. राजेश कुमार, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ . एस. एन. पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, आयुक्त दीपक रावत एवं आनन्द स्वरूप सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून में पूर्व विधायक सुरेश राठौर की जमानत अर्जी स्वीकार, हुए रिहा

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देहरादून की अदालत ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर को जमानत दी है। इस संबंध में पूर्व विधायक राठौर के अधिवक्ता अभिलाष शर्मा और कार्तिक पांडेय ने अदालत में मजबूत पैरवी करते हुए जमानत के लिये प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।

अधिवक्ता अभिलाष शर्मा व कार्तिक पांडेय ने अदालत को बताया कि आरोपी सुरेश राठौर के विरूद्ध दिनांक 14.06.2026 को धारा 308(6) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की वृद्धि की गई। उससे पूर्व आरोपी को धारा 35(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के नोटिस पर छोड़ा गया था। बताया कि धारा 308(6) भारतीय न्याय संहिता, 2023 का अपराध जमानती प्रकृति का है।

अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी के विरूद्ध आपराधिक अपराध केवल धारा 353(2) भारतीय न्याय संहिता, 2023 अजमानती प्रकृति का है, जिसमें अधिकतम तीन वर्ष के कारावास की सजा है। बताया कि आरोपी को अरेस्ट करने की कोई आवश्यकता नहीं थी, लेकिन पुलिस द्वारा मनमाने तरीके से आरोपी को अरेस्ट कर जेल भेजा गया है।

इस संबंध में न्यायधीश रवि प्रकाश की अदालत ने आरोपी सुरेश राठौर की जमानत स्वीकारते हुए एक लाख रूपये का व्यक्तिगत बन्ध पत्र एवं समान धनराशि के दो सक्षम व विश्वसनीय जमानती प्रस्तुत करने के बाद सुरेश राठौर को रिहा किया।

धामी कैबिनेट फैसला, उत्तराखंड को पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव पर मिली सहमति

1. गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना को मंत्रीमण्डल ने दी अनुमति।

पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु उच्च आनुवंशिकी के पशु शीघ्रता से उत्पादित हो। इस दृष्टि से प्रदेश में गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना प्रस्तावित की गई, जिसे मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति दी गई।

2. चार धाम यात्रा में प्रयोग किये जाने वाले अश्ववंशीय पशुओं का बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि राज्य सैक्टर के अन्तर्गत वहन किये जाने पर कैबिनेट ने लगाई मोहर।

राज्य सरकार ने केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुण्ड साहिब यात्रा मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों (अश्ववंशीय पशुओं) के स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि खुद वहन करने का निर्णय लिया है, जबकि शेष 80 प्रतिशत धनराशि पशु स्वामियों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के तहत वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अनुमानित 15,000 पंजीकृत घोड़े-खच्चरों को कवर किया जाएगा, जहां प्रति पशु ₹ 70,000 की कीमत पर 5 प्रतिशत बीमा दर के अनुसार कुल ₹525 लाख के प्रीमियम में से राज्य सरकार अपने हिस्से के ₹ 105 लाख का वित्तीय भार उठाएगी। इस पर मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

3. उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान चिन्हित आन्दोलनकारियों तथा उनके आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में प्राप्त 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के तहत अधिसूचना संख्या 244 दिनांक 18.08. 2024 के प्रख्यापन तथा एतत् सम्बन्धी शासनादेश संख्या 139, दिनांक 24.11.2024 के जारी होने के मध्य उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विज्ञाप्ति तीन भर्ती परीक्षाएं कनिष्ठ सहायक एवं अन्य पदों हेतु भर्ती परीक्षा, 2024, आरक्षी जनपदीय पुलिस (पुरूष) तथा आरक्षी पीएसी/आईआरबी (पुरूष) भर्ती परीक्षा, 2024 एवं अपर निजी सचिव, वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक एवं अन्य पदों की भर्ती परीक्षा, 2024 में आवेदन जमा किये जाने की अंतिम तिथि के पश्चात् निर्धारित प्रारूप पर राज्य आंदोलनकारी आरक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थियों को सन्निरीक्षा (क्वबनउमदज टमतपपिबंजपवद) के दौरान एक बार के लिए अनुमन्य किये जाने का मंत्रीमण्डल द्वारा निर्णय लिया गया।

4. बिटुमिनस् की कीमतों में हुई अत्यधिक वृद्धि के दृष्टिगत बिटुमिनस् कार्यों हेतु अनुबंधों में मूल्य समायोजन किये जाने के संबंध में मंत्रिमण्डल ने दी सहमति।

मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत में पेट्रोलियम प्रोडेक्ट की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि से बिटुमिन की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो जाने के फलस्वरूप मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु कार्यहित में निर्धारित प्राविधानों के अनुसार उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग में दिनांक 01-04-2026 से पूर्व गठित बिटुमिनस् कार्य के ऐसे सभी अनुबन्धों, जिनमें अनुबन्ध की समयावधि उपलब्ध है तथा बिटुमिनस् कार्य किये जाने शेष हैं, में संशोधन करते हुये, दिनांक 01-05-2026 से दिनांक 30-06-2026 तक की अवधि के लिये मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु मूल्य समायोजन (चतपबम ंकरनेजउमदज) किये जाने के संबंध में दिशा-निर्देश निर्गत किये जाने पर मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई है।

5. आबकारी नीति विषयक नियमावली, 2025-26, 2026-27 व 2027-28 (त्रिवर्षीय आबकारी नीति) से सम्बन्धित शासन की अधिसूचना संख्याः 112/दिनांक 31 मार्च, 2026 के परिशिष्ट ‘क‘ एवं ‘ख‘ में अंकित उपकर को वैट अधिनियम, 2005 के प्राविधानों के अन्तर्गत वैट गणना का भाग बनाए जाने एवं नियम 12.2 सम्बन्धी तालिका में होलोग्राम शुल्क के दोहराव की स्थिति उत्पन्न होने के दृष्टिगत उक्त अधिसूचना के परिशिष्ट ‘ख‘ के क्रमांक 4 में सम्मिलित किए गए होलोग्राम शुल्क को विलोपित करते हुए संशोधन/प्रतिस्थापन किए जाने पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।

6. ज्तंकम प्दतिंेजतनबजनतम वित म्Ûचवतज ैबीमउम (ज्प्म्ै) योजनान्तर्गत सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच हेतु सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में अत्याधुनिक ।बबमसमतंजवत डंेे ैचमबजतवउमजतल (।डै) डंबीपदम के संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 पद सृजित किए जाने हेतु त्रीमण्डल ने दी स्वीकृति।

राज्य के प्राकृतिक उत्पादों यथा-ऑयल्स/एक्स्ट्रैक्ट एवं अन्य प्रकार के सगन्ध/हर्बल/ फार्मास्यूटिकल्स उत्पादों में मिलावट की जांच उपरान्त सिंथेटिक एवं प्राकृतिक उत्पादों के मध्य प्रमाणिकता को सिद्ध करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को बढ़ावा दिए जाने के लिए सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में कृषकों/उद्योगों/संस्थानों से क्रय किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच ।बबमसमतंजवत डंेे ैचमबजतवउमजतल (।डै) डंबीपदम से की जानी है। इस मशीन संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 विशेषज्ञ पद (च्तवरमबज ैबपमदजपेज-प्प्प्, ैमदपवत च्तवरमबज ।ेेवबपंजम, च्तवरमबज ।ेेवबपंजम-प्प्, 02 ज्मबीदपबंस ।ेेपेजंदज) सृजित किए जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई स्वीकृति।

7. उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के उददेश्य से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन किया जाना अतिआवश्यक है, जिससे उत्तराखण्ड राज्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन की दृष्टिकोण से अपना स्थान बना सकें। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिस हेतु अनुभवी संस्था का चयन किया जाना अतिआवश्यक है। उक्त रैली में कुल 120 से अधिक एन्ट्री को शामिल किये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 25 अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिभागी, 25 एशिया कॉस कन्ट्री रैली, 20 क्लासिक कार रैली, 50 भारतीय राष्ट्रीय रैली चौम्पियनशिप शामिल हैं। हिमालयन कार रैली के आयोजन हेतु संस्था का चयन एकल स्रोत के माध्यम से किये जाने को लेकर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति प्रदान की गई।

8. उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.04.2026 के क्रम में उपनल के माध्यम से योजित कार्मिकों को समान कार्य हेतु समान वेतन प्रदान किये जाने हेतु पूर्व में निर्धारित पात्रता की कट ऑफ डेट की तिथि (12.11.2018) को संशोधित कर सर्वाेच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश दिनांक 15.10.2024 तिथि निर्धारित किये जाने के प्रस्ताव पर मा. मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।

9. ‘उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026‘ के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।

मा. सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.10.2024 के अनुपालन में उत्तराखण्ड कारागार नियमावली, 2023 में अभ्यस्त अपराधी, जिसे इस नियमावली के प्रारंभ होने से पूर्व या पश्चात् उत्तर प्रदेश अभ्यस्त अपराधी प्रतिरोध, अधिनियम, 1952 की अनुसूची में उल्लिखित किसी एक या अन्य अपराध के लिये कम से कम तीन पृथक-पृथक अवसरों पर मौलिक अवधि के कारावास का दण्ड दिया गया हो और ऐसा दण्डादेश अपील अथवा पुनरीक्षण में अपास्त न कर दिया गया हो, में संशोधन हेतु उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति प्रदान की गई।

10. उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।

कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उत्तराखण्ड की संरचना में अधीनस्थ कारागारों हेतु कारापाल के कुल 14 पद सृजित हैं, जो स्थायी उप कारापालों से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने वाले पद हैं। वर्तमान में कारागार विभाग में उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जेल कारागार कार्यपालक अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 1980) अनुकूलन उपान्तरण आदेश, 2002 लागू है। उत्तराखण्ड राज्य गठन के पश्चात कारागार विभाग में पृथक से कारापाल सेवा नियमावली को प्रख्यापित नहीं किया गया है। विभागीय एवं कर्मचारी हित में उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गयी।

11. उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल की सहमति।

राज्य में संस्कृत विद्यालयों को मान्यता प्रदान करने, पाठ्यक्रम निर्धारण एवं परीक्षा संचालन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद् को विधि द्वारा गठित संस्था के रूप में स्थापित करने के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा अधिनियम, 2014 प्रख्यापित किया गया। उक्त अधिसूचना के कार्यान्वयन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा विनियमावली, 2023 प्रख्यापित की गयी, जिसमें कतिपय संशोधन/परिर्वतन के दृष्टिगत उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल सहमति प्रदान की गई।

12. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप साक्षरता के मानकों के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य को पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल ने सहमति प्रदान की।

13. राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न चिकित्सालयों में लम्बित बिलों के भुगतान के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायेगी।

वर्षों से लंबित‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में सहमति बनाए जाने पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।

योग दिवस पर राज्य में होंगे विभिन्न कार्यक्रम, सीएम ने किया आवाहन

21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने आवास पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सभी से इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान एवं सम्मान प्राप्त हुआ है। आज योग विश्वभर में स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं समग्र कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मानुशासन, सकारात्मक जीवनशैली तथा जीवन में संतुलन स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिकाधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने तथा योग को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान देने का आग्रह किया।

डीएम बोले, उद्योग मित्रों की समस्याओं का समाधान करना हमारी प्राथमिकता

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग मित्रों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करना जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास की दिशा में उद्योग क्षेत्र एक गेम चेंजर की भूमिका निभाता है तथा औद्योगिक विकास से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि औद्योगिक आस्थानों से संबंधित वे समस्याएं, जिनका समाधान लंबे समय से लंबित है और जिनके संबंध में शासन को पूर्व में पत्राचार किया जा चुका है, उन्हें “मिसिंग लिंक” के रूप में चिह्नित करते हुए पुनः शासन को प्रेषित किया जाए ताकि उनका उचित समाधान हो सके।

बैठक में औद्योगिक आस्थान सेलाकुई में निर्माणाधीन 220 केवी विद्युत स्टेशन की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान यूपीसीएल अधिकारियों ने अवगत कराया कि आगामी दो से तीन दिनों के भीतर विद्युत स्टेशन पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए परियोजना को निर्धारित समय में संचालित करने के निर्देश दिए।

औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत शटडाउन की समस्या पर जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र (जीएमडीआईसी) को निर्देशित किया कि उद्योगपतियों एवं यूपीसीएल अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित कर शटडाउन का पूर्व निर्धारित समय तय किया जाए, जिससे उत्पादन गतिविधियों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। उन्होंने उद्योगों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के भी निर्देश दिए, जिसमें उद्योग मित्र अपनी समस्याएं सीधे साझा कर सकें। स्मार्ट मीटरों में रीडिंग जंप होने के कारण उपभोक्ताओं को अधिक विद्युत बिल आने की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने यूपीसीएल अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जीएमडीआईसी को इस संबंध में शासन को विस्तृत पत्र प्रेषित करने को कहा।

औद्योगिक क्षेत्र मोहब्बेवाला में सड़कों पर विक्रम वाहनों की अवैध पार्किंग तथा सब्जी एवं रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस एवं नगर निगम अधिकारियों को आद्यौगिक आस्थानों में नियमित अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के उपरांत पुनः अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों एवं कामगारों के कौशल विकास पर विशेष बल देते हुए सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने कर्मचारियों का ऑनलाइन पंजीकरण कराकर कौशल अभिवृद्धि कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में औद्योगिक भूमि के दुरुपयोग का मामला भी प्रमुखता से उठा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन प्रकरणों में उद्योग स्थापना के उद्देश्य से भूमि आवंटित की गई है, लेकिन लंबे समय से उद्योग स्थापित नहीं किए गए हैं अथवा आवंटन उद्देश्य से भिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, ऐसे मामलों की गहन जांच की जाएगी। इसके लिए उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जीएमडीआईसी को निर्देशित किया कि ऐसे सभी प्रकरणों की स्पष्ट एवं तथ्यात्मक आख्या चार दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि नियमों के विपरीत कार्य पाए जाने अथवा जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।

बैठक में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा औद्योगिक विकास को गति देने के लिए समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अध्यक्ष उत्तराखण्ड उद्योग संघ पंकज गुप्ता, सदस्य राज्य स्तरीय उद्योग मित्र समिति शांतनु बिष्ट, महाप्रबन्धक मीना बोरा सहित उद्योग मित्र समिति के सदस्य एवं सम्बन्धित विभगाों के अधिकारी एवं उद्योगपति उपस्थित रहे।

फिर सफल होंगे सीएम धामी के प्रयास, मेरठ से लक्ष्मणझूला ऋषिकेश तक चलेगी हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन

मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के पास लक्ष्मणझूला तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) का सपना सच होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से, उत्तराखण्ड, यूपी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच आरआरटीएस ट्रेन के मौजूदा नेटवर्क को मेरठ से ऋषिकेश तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना की डीपीआर के लिए जल्द सर्वे होने जा रहा है।

इसी वर्ष फरवरी माह में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। इस हाईस्पीड ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश तक विस्तार देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयासरत रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रस्ताव भी सौंपा था। इसके बाद इस ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर चुकी है, इसी तरह एनसीआरटीसी ने अपना नोडल नियुक्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार भी परियोजना पर सहमति दे चुकी है। इसके बाद अब कुल 150 किलोमीटर प्रस्तावित ट्रैक की डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे शुरु होने जा रहा है।

प्रस्तावित परियोजना के मुताबिक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से नया ट्रैक शुरू होगा, जो मुजफ्फरनगर होते हुए, उत्तराखण्ड की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद ये ट्रैक रुड़की, हरिद्वार में हर की पैड़ी होते हुए, ऋषिकेश के अंतिम छोर लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। इसका 72 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में और 78 किमी का हिस्सा उत्तराखण्ड में आएगा।

इससे उत्तराखण्ड आने वाले तीर्थयात्रियों सहित दिल्ली जाने वाले उत्तराखण्ड के लोगों का भी नया आधुनिक ट्रांसपोर्ट विकल्प मिल पाएगा। वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश जाने में सड़क मार्ग से करीब पांच से छह घंटे का समय लगता है। नमो भारत ट्रेन (160 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार) के शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी के साथ लगातार समन्वय कर रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड में बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से विकास तथा रोजगार के नए अवसर सृजित हों

दून में हुई नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

सचिवालय में सचिव गृह शैलेश बगोली की अध्यक्षता में राज्य में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, कारागार, न्यायपालिका, अभियोजन एवं फॉरेंसिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

समीक्षा बैठक में सचिव गृह ने माह अगस्त 2026 के अंत तक राज्यभर में नवीन आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने क्रियान्वयन तंत्र की गहन समीक्षा करते हुए थाना स्तर पर कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने हेतु सुधारात्मक एवं विशिष्ट कार्यवाही करने के साथ ही सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग एवं ई-एफआईआर को बढ़ावा दिये जाने तथा 60 एवं 90 दिनों की निर्धारित समय-सीमा में एफआईआर की विवेचना एवं निस्तारण में सुधार लाने के भी निर्देश दिए।

इसके साथ उन्होंने सभी ऑनलाइन प्रणालियों को एकीकृत कर एक डेटा, एक प्रविष्टि के सिद्धांत को लागू करने तथा जेल एवं कारागार विभाग के बंदियों की शत-प्रतिशत न्यायालयीन पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इस संबंध में उन्होंने सभी संबंधित विभागों को उक्त दिशा-निर्देशों का समयबद्ध एवं कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है।

विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सचिवालय परिवार की भूमिका महत्वपूर्णः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखंड सचिवालय संघ के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग कर नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड सचिवालय संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीपक जोशी, उपाध्यक्ष राकेश जोशी एवं संजय कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष प्रमिला टम्टा, महासचिव राजेन्द्र रतूड़ी, सचिव अतुल कुमार सिंह, संयुक्त सचिव दिव्यांशु डोभाल एवं सुरेन्द्र सिंह रावत, संप्रेक्षक रीना मखनवाल, कोषाध्यक्ष रमेश सिंह बर्त्वाल तथा प्रचार सचिव दीपक बिष्ट सहित समस्त नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सचिवालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि प्रदेश की शासन व्यवस्था की आत्मा और जनविश्वास का प्रमुख केंद्र है। यहीं से नीतियों का निर्माण होता है, जनकल्याणकारी योजनाओं को दिशा मिलती है और प्रदेश के विकास की रूपरेखा तैयार होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी विकसित उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण सहभागी है। सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों और योजनाओं को धरातल पर उतारने तथा अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में सचिवालय परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी शासन एवं जनता के बीच विश्वास के मजबूत सेतु के रूप में कार्य करते हैं। उनकी कार्यकुशलता, कर्मनिष्ठा और समर्पण से सरकार की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रारंभ से ही शासन व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने का प्रयास किया है। इसी क्रम में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि एक मजबूत, प्रेरित और संतुष्ट कर्मचारी तंत्र सुशासन की सबसे बड़ी शक्ति होता है। शासन और कर्मचारी जब टीम भावना के साथ कार्य करते हैं तो विकास कार्यों को गति मिलती है और जनता का विश्वास शासन व्यवस्था पर और अधिक मजबूत होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, तकनीक आधारित सेवाओं को बढ़ावा देने और ई-गवर्नेंस को सशक्त करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध हों। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सचिवालय परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड सचिवालय बेहतर कार्य संस्कृति, आपसी समन्वय और सकारात्मक वातावरण के माध्यम से सुशासन एवं कार्यकुशलता की नई मिसाल स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी से अपेक्षा की कि वे सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए देवभूमि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के सरकार के “विकल्प रहित संकल्प” को सिद्धि तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर शासन के वरिष्ठ अधिकारी, सचिवालय संघ के पदाधिकारी तथा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री से मिले सीएम धामी, किशाऊ बांध परियोजना को लेकर स्थिति स्पष्ट

किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ होने से उत्तराखंड को ऊर्जा संकट से निपटने में बड़ी राहत मिलेगी। प्रदेश को इससे लगभग 220 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी।

परियोजना के अंतर्गत पावर प्लांट के निर्माण का खर्च उत्तराखंड और हिमाचल मिलकर उठाएंगे। उत्तराखंड को खर्च के लिए केंद्र की ओर से वित्तीय सहायता देने पर सहमति बनी है।

15 हजार करोड़ लागत से किशाऊ बहुद्देश्यीय परियोजना से 442 मेगावाट विद्युत उत्पादन होना है। इस परियोजना के बनने से उत्तराखंड समेत छह राज्य हिमाचल, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान लाभान्वित होंगे।

उत्तराखंड व हिमाचल को कुल उत्पादित बिजली का 50-50 प्रतिशत मिलेगा, जबकि अन्य चार राज्यों की बांध से मिलने वाले पानी में हिस्सेदारी रहेगी। किशाऊ एशिया में टिहरी बांध के बाद दूसरा सबसे बड़ा बांध होगा।

इसकी ऊंचाई 235 मीटर प्रस्तावित है। टिहरी बांध की ऊंचाई 260 मीटर है। उत्तराखंड में देहरादून जिले और हिमाचल के सिरमौर जिले में यमुना की सहायक नदी टोंस पर इस परियोजना के निर्माण में हिमाचल की ओर से अड़ंगा लगा हुआ था।

जलविद्युत सरप्लस हिमाचल ने इस परियोजना पर होने वाले वित्तीय व्ययभार को उठाने में असमर्थता व्यक्त की थी। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में स्टेकहोल्डर सभी राज्यों के साथ बैठक में इस परियोजना को लेकर लंबे समय से बना गतिरोध टूट गया।

इस गतिरोध के चलते परियोजना की लागत 11500 करोड़ से बढ़कर 15 हजार करोड़ हो चुकी है। वर्ष 1944-45 में इस परियोजना की परिकल्पना की गई, लेकिन वर्ष 1965 में इसकी पहली डीपीआर तैयार हो सकी।

अब तक इसकी डीपीआर कई बार संशोधित हो चुकी है। वर्ष 2015 में इस राष्ट्रीय परियोजना पर काम आगे बढ़ने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन मामला अटक गया।

परियोजना के निर्माण से उत्तराखंड के नौ गांव व 1452 हेक्टेयर भूमि और हिमाचल के आठ गांव व 1498 हेक्टेयर भूमि समेत लगभग छह हजार व्यक्ति इससे प्रभावित होंगे। इस परियोजना से 1379 मिलियन यूनिट बिजली सालाना मिलेगी।

किशाऊ बांध परियोजना से 97,076 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना में करीब 32 किमी लंबी झील बनना प्रस्तावित है।

परियोजना में विद्युत घटक के अंतर्गत पावर प्लांट के निर्माण पर हिमाचल और उत्तराखंड को 1536 करोड़ खर्च करने हैं।

इसका आधा उत्तराखंड के हिस्से में आएगा। साथ में पानी पर हिस्सेदारी के लिए बांध निर्माण में लगभग 150 करोड़ की राशि उत्तराखंड को खर्च करनी होगी।

केंद्र सरकार ने विद्युत घटक पर होने वाले लगभग 800 करोड़ के खर्च के लिए राज्य को 50 वर्ष की अवधि के लिए ब्याजमुक्त ऋण के रूप में विशेष वित्तीय सहायता देने पर सहमति व्यक्त की है।

सेवानिवृत्त कर्मचारी समाज का अनुभवी और मार्गदर्शक वर्गः प्रेमचंद

12 साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण” कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश विधानसभा के रायवाला मंडल प्रवास के दौरान प्रतीत नगर ग्राम सभा में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की।

इस अवसर पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में सेवानिवृत्त सैनिकों, सेवानिवृत्त अध्यापकों, सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों तथा जल संस्थान के सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों के सम्मानित नागरिकों ने अपने विचार साझा किए और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों एवं सुझावों को प्रमुखता से रखा।

डॉ. अग्रवाल ने सभी वक्ताओं के विचारों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार “सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण” के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है तथा समाज के हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों और समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर समाधान हेतु प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारी समाज का अनुभवी और मार्गदर्शक वर्ग है, जिनके सुझाव विकास कार्यों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में रायवाला मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, प्रतीत नगर ग्राम प्रधान राजेश जुगलान, बचन सिंह रावत, चित्र बहादुर थापा, सुरेश कुकशाल, सूर्य प्रकाश क्षेत्री, नेत्र पाल सिंह, नरेश चंद्र, हरी राम, चमन सिंह, सूबेदार रमेश बाबू सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।