सीएम धामी ने एनडीआरएफ बटालियन गदरपुर का किया भ्रमण, जवानों से संवाद कर आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय गदरपुर-रुद्रपुर भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) बटालियन, गदरपुर का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन की तैयारियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है। ऐसे में एनडीआरएफ जैसी संस्थाओं की भूमिका जनजीवन की सुरक्षा और आपदा के समय त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक आधुनिक, सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों के साहस, समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी एनडीआरएफ के जवान पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ मानव जीवन की रक्षा के लिए कार्य करते हैं। उनका अनुशासन, दक्षता और सेवा भाव पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नियमित प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।

इस अवसर पर एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बटालियन की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा आपदा राहत एवं बचाव अभियानों की जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पाण्डे, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा मनोज पाल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, कमांडेंट संतोष कुमार, सीएमओ परमिंदर सिंह, डिप्टी कमांडेंट दीपक भट्ट, राजेंद्र जोशी, अवनीश पुरोहित, मनोज जोशी, जवान आदि उपस्थित थे।

सीएम धामी ने रूद्रपुर कलेक्ट्रेट परिसर पर किया 40 लाख की लागत से स्थापित 9 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान रुद्रपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर ₹40 लाख की लागत से स्थापित 9 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन देशभक्ति, आत्मसम्मान और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का अमर प्रतीक है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित के लिए समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने ₹120.18 लाख की लागत से कलेक्ट्रेट परिसर में निर्मित पार्किंग, लैंडस्केपिंग एवं ड्रेन निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इस परियोजना से परिसर में पार्किंग व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ सौंदर्यीकरण एवं जल निकासी की सुविधाएं भी सुदृढ़ होंगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर स्थित कैनाल कॉलोनी में ₹264.97 लाख की लागत से बनने वाली सरफेस पार्किंग का शिलान्यास भी किया। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात प्रबंधन को मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को सुव्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ जनसुविधाओं के विस्तार और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में प्रत्येक विकास कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जा रहे हैं, ताकि आमजन को उनका सीधा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने वर्चुअल माध्यम से पंजाब में निवासरत शहीद ऊधम सिंह के परिजनों से भी वार्ता की। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह के बलिदान और साहस को वे दिल से सलाम करते हैं तथा प्रदेश उनके सर्वाेच्च बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, मंजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह नामधारी, फरजाना बेगम, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता, रामपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

गदरपुर को सीएम धामी ने दी 2,830.07 लाख रूपए की विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर बस स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ₹2,830.07 लाख लागत की 08 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने फीता काटकर नवनिर्मित गदरपुर बस स्टेशन का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देते हुए ₹694.06 लाख लागत की पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण तथा ₹2,136.01 लाख लागत की नई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने ₹275.70 लाख की लागत से निर्मित विकास खंड गदरपुर के कार्यालय भवन, ₹69.19 लाख की लागत से ग्रामीण क्षेत्र में हरिचंद्र-गुरुचंद्र बंग विशाल सामुदायिक भवन तथा ₹349.17 लाख की लागत से निर्मित गदरपुर बस अड्डे का लोकार्पण किया।

इसके साथ ही उन्होंने ₹1,839.70 लाख की लागत से गदरपुर में बाबा डल मंदिर से बौर जलाशय (डेस्टिनेशन) होते हुए गुलरभोज कूल्हा तिलपुरी वन बैरियर तक सिंचाई विभाग के माध्यम से कंक्रीट सड़क निर्माण कार्य, ₹67.29 लाख की लागत से रामजीवनपुर नंबर-3 एवं ग्राम मझरशिला के आंतरिक मार्गों में इंटरलॉकिंग टाइल रोड निर्माण कार्य, ₹87.09 लाख की लागत से गदरपुर की जयनगर नंबर-4 कॉलोनी के विभिन्न मार्गों के इंटरलॉकिंग टाइल निर्माण कार्य, ₹57.82 लाख की लागत से गुरुनानकपुर के आंतरिक मार्गों के इंटरलॉकिंग टाइल निर्माण कार्य तथा ₹84.11 लाख की लागत से कुल्हा चौराहे से लक्ष्मण सिंह गट्टी ग्राम तक इंटरलॉकिंग टाइल रोड निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि इन विकास परियोजनाओं से गदरपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के समस्त क्षेत्रों के लोगों को भी व्यापक लाभ मिलेगा और इससे पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति एवं नई पहचान प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि गुलरभोज भविष्य में एक प्रमुख पर्यटन एवं विकास केंद्र (डेस्टिनेशन) के रूप में विकसित होगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। एक ओर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए विकास का अर्थ केवल सड़क, पुल और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन को अधिक सुरक्षित, समृद्ध और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल शिलान्यास तक सीमित रहने वाली सरकार नहीं है। पिछली सरकारों की तरह योजनाओं का शिलान्यास कर उन्हें भुलाया नहीं जाता, बल्कि प्रत्येक परियोजना को चरणबद्ध ढंग से पूरा कर उसका लोकार्पण किया जाता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरे देश में ऐसी कार्य संस्कृति विकसित हुई है, जिसमें शिलान्यास को समयबद्ध रूप से लोकार्पण में बदलना ही डबल इंजन सरकार की सबसे बड़ी पहचान है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नवनिर्मित बस स्टेशन में यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय, किचन सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे गदरपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। वहीं, नए विकास खंड कार्यालय भवन के निर्माण से ग्रामीण विकास कार्यों को नई गति मिलेगी तथा आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर अधिक सुगमता से प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए पूरे उत्तराखंड में विकास की नई कहानी लिख रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गदरपुर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में छात्रावास भवन का निर्माण कराया गया है, राजकीय इंटर कॉलेज दिनेशपुर में आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया गया है तथा आईटीआई गुलरभोज में बालिका छात्रावास का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक विकास कार्य युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति कन्या विद्यालय के उच्चीकरण के प्रस्ताव को भी शासन से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, जिससे क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि बौर डैम के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में लगभग ₹4 करोड़ की लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य तथा विभिन्न गांवों में लगभग ₹13 करोड़ की लागत से पेयजल योजनाओं का निर्माण कराया गया है।

उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से गदरपुर विकासखंड में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं है। इस प्रकार की प्रक्रिया पूर्व में भी कई बार संपन्न हो चुकी है और इस बार भी सभी कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य केवल मतदाता सूची का शुद्धिकरण करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में धर्मांतरण विरोधी कानून, लैंड जिहाद पर प्रभावी कार्रवाई, नकल विरोधी कानून, भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कदम सहित अनेक ऐतिहासिक निर्णय राज्य के विकास और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वोट बैंक की नहीं, बल्कि विश्वास की राजनीति करती है। सरकार तुष्टीकरण नहीं, बल्कि संतुष्टीकरण के मार्ग पर चल रही है। उनका लक्ष्य केवल सत्ता में बने रहना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।

कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्य धरातल पर दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि नए आधुनिक बस स्टेशनों के निर्माण से जनता को सुगम यात्रा एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में विधायक अरविंद पांडे एवं शिव अरोरा ने सभी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी तथा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने गदरपुर विधायक के अनुरोध पर कहा कि चीनी मिल कर्मियों को सातवां वेतनमान दिलाने के लिए शीघ्र ही समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र गुलरभोज में जिम कॉर्बेट की जिप्सी परमिट व्यवस्था तथा गदरपुर महाविद्यालय में भविष्य में दो पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का आश्वासन भी दिया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ रुद्रपुर रिंग रोड का निरीक्षण भी किया।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पांडे, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने किया भूतपूर्व सैनिकों के आश्रित छात्रों को छात्रवृत्ति के भुगतान का अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद हरिद्वार में पुलिस चौकी सुल्तानपुर के प्रशासनिक भवन का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 241.48 लाख के सापेक्ष प्रथम किश्त में ₹ 96.59 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने के साथ ही जनपद देहरादून के न्यू कैंट मार्ग 1.650 किमी मार्ग को 02 लेन से 03 लेन में अपग्रेड करने हेतु यूटिलिटी शिफ्टिंग व वाटर सप्लाई लाईन की शिफ्टिंग कार्य हेतु ₹ 11.95 करोड़ की योजना स्वीकृत कियेे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा सिंचाई विभाग के अन्तर्गत कुंभ मेला-2027 के तहत हरिद्वार ज़िले में चंडी घाट के डाउनस्ट्रीम, गौरीशंकर इलाके में गंगा नदी के बाएँ किनारे पर घाट और आस्था पथ का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 98.18 करोड तथा चंडी घाट के डाउनस्ट्रीम, बैरागी कैंप क्षेत्र में गंगा नदी के दाहिने किनारे पर घाट और आस्था पथ का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 115.91 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के भूतपूर्व सैनिकों के आश्रित छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग, मेडिकल एवं पी.एच.डी. की शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति के भुगतान हेतु कारगिल शहीद परिवार मा. मुख्यमंत्री सहायता कोष से ₹ 36.84 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने किया सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों में सिविल/पारिवारिक पेंशनरों की महंगाई राहत को बढ़ाकर 60 प्रतिशत प्रतिमाह किये जाने का अनुमोदन।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों में सिविल/पारिवारिक पेंशनरों को दिनांक 01.01.2026 से महंगाई राहत की वर्तमान दर को बढ़ाकर 60 प्रतिशत प्रतिमाह किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने सुनीं जन समस्याएं, निस्तारण में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ ही गढ़वाल आयुक्त एवं आईजी गढ़वाल को भी जन शिकायतों के निस्तारण में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जन समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो और संबंधित लोगों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराई जाए।

इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने इस वर्ष की केदारनाथ यात्रा के साथ ही चारधाम यात्रा के अब तक सफल एवं सकुशल संचालन तथा श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी और बेहतर प्रबंधन के परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है।

विधायक भूपाल राम टम्टा ने भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने बुग्याल क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय में स्थानीय हितों को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तराखंड के बुग्याल प्रदेश की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर हैं और इनसे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की आजीविका एवं पर्यटन गतिविधियां जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार, पर्यटन और आजीविका के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक एवं स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास की दिशा में सरकार के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय हितों, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच बेहतर समन्वय से पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जन समस्याओं का समयबद्ध समाधान और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित विकास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य किया जाए।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव जेसी कांडपाल एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

गुरु साहिब और शहीद ऊधम सिंह को नमन कर बोले सीएम, यह समागम वीरता और पवित्रता का अद्भुत संगम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कम्बोज धर्मशाला गदरपुर में शहीद शिरोमणि ऊधम सिंह की शहादत दिवस पर शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा आयोजित अखण्ड पाठ में प्रतिभाग किया व गुरूद्वारे में मत्था टेका प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु साहिब और शहीद ऊधम सिंह को नमन करते हुए कहा कि यह समागम वीरता और पवित्रता का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा जब भी हम अमर शहीद ऊधम सिंह के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति का स्मरण करते हैं तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास का एक अत्यंत दुखद और काला अध्याय था। शहीद ऊधम सिंह ने उस अन्याय का प्रतिकार किया और पूरी दुनिया के सामने भारत के स्वाभिमान, साहस और अदम्य संकल्प का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा अमर शहीद ऊधम सिंह का जीवन हमें साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देता है। उनका त्याग प्रत्येक भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना का संचार करता है तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा राष्ट्रभक्ति, सेवा, त्याग और मानवता की यह प्रेरणा हमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन वाणी से प्राप्त होती है। गुरु साहिब की शिक्षाएं मानवता, करुणा, सत्य, भाईचारे और निस्वार्थ सेवा का मार्ग प्रशस्त करती हैं। ये शिक्षाएं पूरे राष्ट्र को प्रेरित करने वाली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के विकास में सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि अमर शहीद ऊधम सिंह के आदर्शों को सदैव अपने हृदय में जीवित रखें तथा उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविन्द पाण्डेय, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, मनोज पाल, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

संत रविदास जयंती पर बोले सीएम धामी, जन्म नहीं, श्रेष्ठ कर्म बनाते हैं व्यक्ति को महान

संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर चुड़ियाला, भगवानपुर में आयोजित कलश बंधन महारैली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के मंदिर में पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा का शुभारंभ किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी कलश को अपने सिर पर रखकर कार्यक्रम स्थल सीएमडी इंटर कॉलेज पहुंचे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कलश मंगल, शुभारंभ और समृद्धि का प्रतीक है। यह अभियान संत रविदास के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक विषमताओं के दौर में प्रेम, समानता और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने समाज को यह शिक्षा दी कि कोई व्यक्ति जन्म से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपने श्रेष्ठ कर्मों और मानव सेवा से महान बनता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज से भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक सशक्त और समरस राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है। उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब, दलित, वंचित और जरूरतमंद परिवारों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं संत रविदास के समरस समाज के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने भगवानपुर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बहादुरपुर-सोनाली क्षेत्र में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य, करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से झील का सौंदर्यीकरण, 49 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक विद्यालय का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट की स्थापना तथा 8 करोड़ रुपये की लागत से नवीन तहसील भवन का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में सड़कों, संपर्क मार्गों, सीसी रोड और हाईमास्ट लाइट जैसी अनेक विकास परियोजनाएं भी पूरी की गई हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने लोगों से संत रविदास के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा सामाजिक सद्भाव और जनभागीदारी के माध्यम से भेदभावमुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि महापुरुषों के विचारों और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समझा है। उन्होंने कहा कि संत रविदास की जन्मस्थली काशी के गोवर्धनपुर की पवित्र मिट्टी को देशभर के विभिन्न स्थानों पर कलश यात्राओं के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कार्य केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में समरसता संकल्प यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य संत रविदास जी के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर स्वामी निर्मलदास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव परमेश्वर के बताए मार्ग पर चलना चाहिए, क्योंकि जो व्यक्ति उस मार्ग से भटकता है, उसे अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कलश बंधन यात्रा को प्रदेश के सभी जिलों में संचालित किए जाने के लिए प्रदेश के सभी भाजपा जिलाध्यक्षों को कलश प्रदान किए।

इस अवसर पर साध्वी सन्तोष रानी, संत सतपाल दास, संत 108 रोशनी दास, महंत बंटी दास, संत पिरुमल दास, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की मधु सिंह, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, अजीत चौधरी, आदेश सैनी, श्यामवीर सैनी, जिला प्रभारी आदित्य चौहान, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष बलबीर धुनियाल, पूर्व विधायक मीना गंगोला, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष (अनुसूचित जाति मोर्चा) मास्टर सत्यपाल, सागर गोयल, जिलाध्यक्ष एससी मोर्चा नीतू सिंह, रवींद्र कटियार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, एसपी देहात शेखर सुयाल, जॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, उप जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी सहित प्रदेश के सभी जिलों के भाजपा जिलाध्यक्ष, विभिन्न क्षेत्रों से आए मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में जन समस्याओं पर शून्य प्रतिशत कार्यवाही करने वाले अधिकारियों को नोटिस देगी धामी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक जन शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जवाबदेही हर स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने पेयजल विभाग एवं जल जीवन मिशन से संबंधित अधिक संख्या में प्राप्त शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय पर जन शिकायतों का निस्तारण न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में जिन अधिकारियों की कार्यवाही शून्य प्रतिशत है, उन्हें संबंधित विभागाध्यक्ष तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करें। यदि संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन शिकायतों का निर्धारित समयावधि में समाधान नहीं हो पा रहा है, उनकी नियमित समीक्षा विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी स्तर पर की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन तथा अन्य श्रेणियों में परिवर्तित की गई शिकायतों का भी गंभीरता से परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी वास्तविक शिकायत का निस्तारण प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी, मंडल स्तर पर दोनों मंडलायुक्त तथा शासन स्तर पर सभी सचिव समाधान दिवस के माध्यम से जन समस्याओं की नियमित सुनवाई एवं समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस को प्रभावी जनसेवा के मंच के रूप में विकसित किया जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा एवं भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को पूर्व में निर्देश दिए गए थे कि वे अपने सेवाकाल की शुरुआत वाले क्षेत्रों में जनसुविधाओं के दृष्टिगत नवाचार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी नवाचारों की विस्तृत सूची 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के उपरांत प्रथम माह से ही पेंशन प्राप्त होनी प्रारंभ हो जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष की होगी।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, स्वास्थ्य तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारु बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने भूमि संबंधी विवादों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।

समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने अवगत कराया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर कुल 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण निस्तारण, 31,363 का आंशिक निस्तारण, 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन, 4,061 शिकायतें लंबित तथा 3,738 शिकायतें स्पेशल क्लोज श्रेणी में हैं। इस अवधि में स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो पूर्व अवधि की तुलना में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाती है।

बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि प्रमुख विभागों में शिकायतों के औसत निस्तारण समय में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। साथ ही शिकायतों के समाधान के उपरांत शिकायतकर्ताओं से फीडबैक प्राप्त करने एवं विभागवार मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अपने-अपने स्तर पर व्यापक समीक्षा कर लें। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में केवल शिकायतों की संख्या नहीं, बल्कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि तथा विभागीय उत्तरदायित्व के आधार पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न जनपदों के शिकायतकर्ताओं से फोन पर वार्ता कर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली।

अल्मोड़ा के मोहम्मद सलमान ने मुख्यमंत्री को बताया कि कूड़ा निस्तारण संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। उन्होंने नाली निर्माण की समस्या भी बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। टिहरी गढ़वाल के आकाश रमोला ने बताया कि चम्बा स्थित सुमन कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। हरिद्वार के जुल्फिकार खान द्वारा राजस्व विभाग से संबंधित समस्या बताने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने उधम सिंह नगर के नजम खान तथा अल्मोड़ा के नंदन सिंह से भी बातचीत की। दोनों शिकायतकर्ताओं ने हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायतों के संतोषजनक निस्तारण पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, डॉ.आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिवगण, अपर सचिवगण, विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद थे

80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशभर में हो भव्य आयोजनः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करते हुए, स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्वतंत्रता दिवस में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने पर भी जोर दिया। कहा कि राज्य एवं जनपद स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन के साथ ही ब्लड डोनेशन कैंप, हाई एल्टीट्यूड साहसिक गतिविधियां, मैराथन, साईकिल, बाईक या कार रैली जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने प्रदेशभर के मुख्य शहरों के महत्त्वपूर्ण स्थलों में पुलिस, आर्मी, पैरामिलिट्री और एनसीसी के बैण्ड द्वारा संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी बात कही। उन्होंने प्रदेशभर में जल संरक्षण संवर्द्धन के साथ ही पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान एवं वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रमों को बड़े स्तर पर आयोजित किया जाए।

महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को सुबह 10 बजे परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण किया जाएगा। मुख्य सचिव द्वारा सचिवालय में प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। देहरादून को छोड़कर अन्य सभी जनपदों के जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रातः 9ः30 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। देहरादून स्थित सभी सरकारी, गैर सरकारी भवनों पर प्रातः 9 बजे विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।

महानिदेशक सूचना ने बताया कि प्रदेश मुख्यालयों/जनपद मुख्यालयों के प्रमुख चौराहों पर 14 अगस्त 2026 को सायं 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक और 15 अगस्त को प्रातः 6 बजे से पूर्वान्ह 11 बजे तक देशभक्ति के गीत लाउडस्पीकर के माध्यम से बजाए जाएंगे। प्रदेश मुख्यालय पर 14 अगस्त 2026 को कवि सम्मेलन/मुशायरा का आयोजन किया जाएगा। सरकारी भवनों और ऐतिहासिक इमारतों को कम वोल्टेज के एलईडी बल्ब से प्रकाशमान किया जाएगा। समस्त शिक्षण संस्थाओं द्वारा प्रातः 07.00 बजे प्रभात फेरी निकाली जाएगी। तदोपरान्त अपने शिक्षण संस्थानों एवं निर्धारित स्थानों पर झण्डारोहण, राष्ट्रगान, खेलकूद, विचार गोष्ठी प्रदर्शनी, वाद-विवाद एवं निबन्ध प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान एवं जिलाधिकारी देहरादून आशीष चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने किया वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध का प्रभावी क्रियान्वयन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए जनभागीदारी, जन-जागरूकता तथा प्रत्येक नागरिक के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देकर उत्तराखंड को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने के संकल्प को साकार करना होगा।

मुख्यमंत्री ने विश्व बाघ दिवस के अवसर पर जाखन स्थित एक होटल में आयोजित ष्एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तनष् विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने बाघ संरक्षण पर आधारित चित्र एवं पोस्टकार्ड का विमोचन किया।मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष में साहसिक कदम उठाने तथा वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व बाघ दिवस के अवसर पर इस विषय पर आयोजित कार्यशाला अत्यंत सार्थक है। यह आयोजन केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक है। यदि हमारे जंगल सुरक्षित रहेंगे, तो बाघ सुरक्षित रहेंगे और प्रकृति का संतुलन भी सुरक्षित रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता का स्वरूप माना गया है। देवभूमि उत्तराखंड अपनी समृद्ध जैव विविधता, वन संपदा और वन्यजीव संरक्षण के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व सहित प्रदेश के वन क्षेत्र इस विरासत के सशक्त प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण, नदियों, मिट्टी, जल स्रोतों और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। वन क्षेत्रों में छोड़ा गया प्लास्टिक अनेक बार वन्यजीवों के भोजन में मिल जाता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जंगलों, नदियों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध प्रभावी और निर्णायक अभियान चलाना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान, एक पेड़ माँ के नाम, नमामि गंगे तथा स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसी पहलों ने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया है। राज्य सरकार भी पर्यावरण संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान, निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्रवाई कर रही है। चारधाम यात्रा मार्गों तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं रीसाइक्लिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से कपड़े के थैले, जूट तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भी प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक अथवा अन्य प्रकार का कचरा न छोड़ने की अपील की। उद्योग जगत से इको-फ्रेंडली पैकेजिंग और आधुनिक रीसाइक्लिंग तकनीकों को अपनाने तथा युवाओं से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं, स्वयं सहायता समूहों एवं सामाजिक संगठनों के माध्यम से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला से प्राप्त सुझाव उत्तराखंड में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ करेंगे तथा राज्य को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी इशिता सजवाण, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव नीना ग्रेवाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं विषय विशेषज्ञ मौजूद थे।