38 हजार लोगों के राशनकार्ड निरस्त

नैनीताल।
आधार कार्ड जमा नहीं कराने वाले राशनकार्ड धारकों का सरकारी सस्ते गल्ले का अप्रैल से राशन कोटा समाप्त कर दिया गया है। जिले के 38 हजार लोगों को अप्रैल से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन नहीं मिलेगा। साथ ही आधार जमा नहीं कराने पर राशनकार्ड भी निरस्त किए जाएंगे।
आधार लिंक नहीं कराने का अधिक मार उन लोगों पर पड़ेगी, जिनके आधार बने ही नहीं या फिर जानकारी के अभाव में बना ही नहीं पाए।अगर राशन कार्ड निरस्त होने के बाद फिर से बनाना और मुश्किल हो जाएगा। जिला पूर्ति अधिकार रवि सनवाल ने बताया की नैनीताल जिले में अभी 85 फीसद राशन कार्ड ही आधार से लिंक हुए हैं।
गौरतलब है की नैनीताल जिले में 230035 राशनकार्ड धारक हैं। इनमें से लगभग 2 लाख कार्ड ही आधार से लिंक हुए है। वही केंद्र सरकार ने चीनी कोटा बंद करने के बाद एक सस्ता चीनी पर भी झटका लग सकता है अगर केंद्र से सब्सिडी नहीं मिलती है तो अप्रैल से लोगो का चीनी बंद हो सकता है ।

मुख्यमंत्री ने ढोलक बजाकर आनन्द उठाया

नैनीताल।
प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नैनीताल पहुचे। श्री रावत तल्लीताल से मल्लीताल तक रामलीला झॉकी व दुर्गा माता डोला के साथ पैदल भम्रण कर जनसम्पर्क किया। उन्होंने झॉकी के साथ झोड़ा किया व ढोलक बजाकर आनन्द उठाया। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री मोटरसाइकिल से नैनीताल क्लब पहुॅचे जहॉ पर उन्होंने जनप्रतिधियों व कार्यकर्ता को सम्बोधित किया।
रावत ने दुर्गा महोत्सव व विजया दशमी की सभी को बधाई देते हुये कहा कि आज का दिन असत्य पर सत्य का दिन है, हमें अपनी संस्कृति को संजोह के रखना होगा। उन्होने कहा कि पिछले दो वर्ष पूर्व हमारे प्रदेश की कृषि विकास दर 3 प्रतिशत थी जो आज बढकर 5.5 प्रतिशत हो गयी है। हम भारत के उन 06 राज्यों मे शामिल हो चुके हैं जो विकास मे सबसे आगे है। हम 13 प्रतिशत वार्षिक विकास दर बनाये हुये है। इसे 2017 तक 18 प्रतिशत तक ले जाया जायेगा। उन्होने कहा कि 2014 मे हमारी प्रतिव्यक्ति आय मात्र 84 हजार थी, जो आज बढकर 1.73 लाख हो गयी है, जो देश की प्रतिव्यक्ति आय के लगभग दोगुनी है। हमें सभी को साथ लेकर विकास की मुख्यधारा से जोडते हुये समावेशी विकास करना होगा। ऐसे में जरूरी है कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को रोजगार मिले। लोग हस्तशिल्प से जुडे और उत्तराखण्ड का पुराना वैभव साकार हो सके। इसलिए प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों, कलाकारों, धार्मिक अनुष्ठान कराने वालों लोगों को आर्थिक विकास हेतु पेंशन दे रही है।
रावत ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 1000 किमी0 नई सडकों का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में 2017 तक 24 घन्टे विद्युत प्रदान किया जायेगा। उन्होने कहा कि सक्रिय स्वयं सहायता समूहों को 25 हजार सीडमनी के रूप में दी जायेगी, साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहो द्वारा उत्पादित सामग्री का विपणन हेतु जिलाधिकारियों द्वारा साप्ताहिक हाट बाजारों का आयोजन किया जायेगा, ताकि ग्रामीण महिलाओ द्वारा उत्पादित वस्तुओ को स्थानीय बाजार मिल सके। पहाडी क्षेत्रो में ईको टूरिज्म, हस्तशिल्प,जैविक खेती, फल,दालें आदि उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनाकर पलायन को रोके जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सभी प्रकार के भूमि के वर्गो को एक समान कर विनियमितीकरण किया जायेगा। मलिन बस्तीयों का भी विनियमितीकरण किया जायेगा साथ ही जनआवास के तहत 35 हजार गरीबों को घर भी आवंटित किये जायेगें। प्रदेश में लगभग 7 लाख 13 हजार गरीब पात्र लोगों को समाज कल्याण द्वारा पेंशन दी जा रही है, पेंशन धनराशि 800 रूपये से बढाकर 1000 रूपये कर दी गयी हैै। उन्होने कहा कि 2017 तक 10 लाख पात्र लोगो को पेंशन देने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तराखण्ड पहला प्रदेश है जहा पर पंेशन धनराशि सर्वाधिक है। उन्होने कहा जगरियां, डंगरिया, कलाकार, सगुन आंखर वालोे के साथ ही बौना लोगों को भी पेंशन लागू कर दी गयी है।

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मुख्यमंत्री को भारतीय मजदूर संघ, बाल्मीकि समाज, विद्यालय कर्मचारी संगठन, होटल कर्मचारी संगठन, बार ऐसोशिऐशन, एनएसयूआई, खुर्पाताल न्याय पंचायत, रामसेवक सभा,रामलीता कमेटी तल्लीताल, ग्राम प्रधान संगठन, कोटाबाग,कालाढुंगी, बगड़ के जनप्रतिनिधियों द्वारा ज्ञापन दिये गये। मुख्य मंत्री लौटते वक्त फ्लैट्स मैदान गये जहॉ पर उन्होंने दुर्गा महोत्सव में लगी दुकानों व रावण के पुतलों का अवलोकन किया।
कार्यक्रम को संसदीय सचिव/विधायक सरिता आर्या, डॉ0 महेन्द्र पाल, डीडी रूवाली, जया बिष्ट, पुष्कर सिंह मेहरा द्वारा सम्बोधित किया गया। कार्यक्रम में आयुक्त डी सेंथिल पाण्डियन, डीआईजी अजय रौतेला, जिलाधिकारी दीपक रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनमेजय खंण्डूरी, मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चन्द, अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल, बीएल फिरमाल, अपर पुलिस अधीक्षक यशवन्त चौहान,हरीश चन्द्र सती, खजान पाण्डेय, डॉ0 हरीश बिष्ट, गणेश मेहरा, राजेन्द्र सिंह नेगी, मारूति नन्दन साह, भावना नौलिया, खष्टी बिष्ट, हुकुम सिंह कुवंर, गोपाल बिष्ट, मनमोहन सिंह कनवाल, कृपाल मेहरा, बालम बिष्ट, हिमान्शु पाण्डेय, त्रिभुवन फर्त्याल,सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी व बडी संख्या में गणमान्य मौजूद थे।

पर्वतीय मार्गो की सड़कें प्राथमिकता के आधार पर खोलें: राज्यपाल

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नैनीताल।
राज्यपाल डॉ. कृष्ण कंात पॉल श्निवार को राजभवन नैनीताल पहुँचे। खराब मौसम के चलते राज्यपाल आर्मी हैलीपैड हल्द्वानी उतरे जहाँ से वे सड़क मार्ग से नैनीताल राजभवन पहुँचे।
राजभवन पहुँचने पर कुमायूँ मण्डलायुक्त अवनेन्द्र सिंह नयाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक पुष्कर सिंह सैलाल, जिलाधिकारी दीपक रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल, महाप्रबंधक कुमविनि टीएस मर्ताेलिया, अधीक्षक अभियंता लोक निर्माण डीएस नबियाल, व राजभवन स्टाफ द्वारा पुष्पगुच्छ से राज्यपाल का स्वागत किया। गार्ड ऑफ आनर लेने के उपरान्त राज्यपाल द्वारा आयुक्त, उपमहानिरीक्षक पुलिस, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ वार्ता कर कुमाऊँ मण्डल में हो रही बरसात के कारण अवरूद्ध सड़कों की जानकारी ली गई।
राज्यपाल ने कहा कि सड़के पर्वतीय क्षेत्रों की जीवन रेखा हैं ऐसे में आपदा के दौेरान सड़के लंबे समय तक अवरूद्ध ना रहें, लिहाजा सभी अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर सड़कें खुलवाने का कार्य करें। साथ ही भूस्खलन से सम्भावित क्षेत्रों में जेसीबी व अन्य संसाधनों की व्यवस्था भी करें। राज्यपाल के साथ सचिव राज्यपाल अरूण कुमार ढौंडियाल, परिसहाय मेजर अनुज राठौर भी नैनीताल पहुँचे।