कुंभ मेला तैयारियों को देखने पहुंची हाईकोर्ट से टीम

हाईकोर्ट की एक टीम आज कुंभ मेला कार्यों की जांच करने ऋषिकेश, मुनिकीरेती तथा स्वर्गाश्रम क्षेत्रों में गई। यहां कुंभ मेला तहत तैयारियों व व्यवस्थाओं का टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने अधूरे कार्यों पर नाराजगी दिखाई।

उच्च न्यायालय नैनीताल के अधिवक्ता शिव भट्ट कुंभ मेले की तैयारियों और व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे थे। व्यवस्थाओं में कमी होने पर उन्होंने अधिकारियों को लताड़ा। उन्होंने बताया कि कुंभ की तैयारियों को लेकर धरातल पर कोई भी व्यवस्थाएं दिखाई नहीं दे रही हैं, जबकि कुंभ के कार्यों को तय समय पर पूरा करना था, लेकिन अब एक माह का समय ही कुंभ के समापन का रह गया है।

लेकिन संबंधित विभागों ने कार्यों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। बताया कि गंगा घाटों पर टॉयलेट, बाथरूम, यूरिनल, चेंजिंग रूम, सीसीटीवी कैमरे आदि की भी कोई व्यवस्थाएं नहीं की गई है। ऋषिकेश ही नहीं मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम क्षेत्र का भी यही हाल है। इसके साथ ही शहर के बाजार अतिक्रमण से पटे पड़े हैं। जिसके लिए प्रशासनिक इकाइयां जिम्मेदार हैं। इसके अलावा प्रशासन द्वारा कोविड-19 नियमों का पालन भी नहीं कराया जा रहा है, जबकि प्रदेश के देहरादून, मसूरी कई शहरों में दोबारा कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह 23 मार्च से पहले पहले अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश करेंगे। इस मौके पर जिला विधिक प्राधिकरण की सचिव नेहा कुशवाहा, एडीएम वीर सिंह बुदियाल, एसएनए विनोद लाल आदि मौजूद रहे।

नगर पालिका मुनिकीरेती क्षेत्र में मेडिकल टीम ने मासिक धर्म से जुड़ी जानकारियां की साझा


नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला द्वारा नगर क्षेत्र में संडे मेगा इवेंट कार्यक्रम के तहत सोर्स सेग्रिगेशन अलग करो अभियान चलाया गया। जिसमें नगर क्षेत्र में लोगों को घरो से निकलने वाले सूखे कूड़े को नीले कूड़े दान में डालने, गीले कूड़े को हरे कूड़ेदान में डालने एवं घरेलू परिसंकटमय कूड़े (सेनेटरी नैपकिन को अलग से देने हेतु) काले कूड़ेदान में डालने के लिए प्रेरित किया गया।

इस मौके पर मेडिकल की टीम के सहयोग से महिलाओं को मासिक धर्म के दिनों के दौरान स्वच्छता रखने एवम गरीब महिलाओ को मुफ्त सेनिटरी नेपकीन वितरित किये गए। मौके पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जगदीश जोशी, डॉ श्रुति धुलिया, सफाई निरीक्षक भूपेंद्र पंवार, स्वास्थ्य लिपिक दीपक कुमार, रंजन कंडारी, जेबीबी टेक्नोक्रेट से प्रमोद, जतिन आदि उपस्थित रहे।

मुनिकीेरेती पुलिस का पसीजा दिल, पर्यटकों को घर लौटने के लिए दिए सात हजार रूपए

मुनिकीरेती पुलिस ने मध्य प्रदेश के नागरिकों को घर जाने के लिए सात हजार रूपए की मदद की है। उक्त नागरिकों का पर्स व आवश्यक दस्तोवज गंगा स्नान के दौरान गायब हो गए थे। इसके उनके समक्ष घर जाने तक के रूपए नहीं थे।

दरअसल, हरिद्वार कुंभ मेला स्नान के लिए मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर से घूमने पहुंचे रेखा बाई चैहान व उनके परिजन राहुल भूरी बाई, आलोक गंगाबाई, जिगर चैहान उस समय भारी मायूस हो गए। जब नाव घाट पर नहाते समय उनका पर्स कहीं गायब हो गया। पुलिस के अनुसार जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, एटीएम आदि थे। आज थाना प्रभारी राम किशोर सकलानी ने उन्हें घर उज्जैन तक जाने के लिए सात हजार रूपए की आर्थिक मदद प्रदान की। इसके लिए उक्त नागरिकों ने मुनिकीरेती पुलिस धन्यवाद अदा किया।

अखंड ज्ञान के लिए नई शिक्षा नीति हैं विशिष्टः प्रो. अन्न्पूर्णा

अखंड ज्ञान प्राप्ति हेतु सीमाएँ समाप्त करने के लिए नई शिक्षा नीति विशिष्ट है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 में परिकल्पनात्मक और लचीलेपन से युक्त बहुपक्षीय नवाचार प्रमुख है। भाषा समेकीकरण का एक बड़ा माध्यम है। जर्मनी, जापान, चीन, कोरिया और इजराइल आदि जैसे देश मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करते हैं। भारतवर्ष एक बहुभाषीय देश है इस दृष्टि से भारतवर्ष में मातृभाषा में शिक्षा एक चुनौती है। इसके लिए अलग-अलग भाषाओं में पाठ्यक्रम तैयार करना और उसके अनुसार शिक्षण पद्धति में परिवर्तन करने का एक बड़ा दायित्व आधुनिक युवा शिक्षाविदों पर है। यह बात प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल, कुलपति, हे.न.ब. गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढवाल, उत्तराखण्ड तथा सदस्या, न्यू एजुकेशन इम्प्लीमंेटेशन कमिटी द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में कही गयी।
उन्होंने यह भी कहा कि मल्टीडिसिप्लीनेरी रिसर्च यूनिवर्सिटी (मेरू) नवाचार युक्त शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने जा रही है। प्रो. नौटियाल भारत सरकार के पण्डित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एवं टीचिंग के अन्तर्गत परिचालित फेकल्टी डेवेलपमेंट सेंटर द्वारा दिनांक 12 से 25 मार्च, 2021 तक ‘पेडागॉजिकल टेक्निक्स एंड रिसर्च मैथोडोलॉजी‘ विषय पर चलने वाले रिफ्रैशर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थी।

डॉ विकास दवे, निदेशक, साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश ने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए कौशल विकास, रचनात्मकता और मनोवैज्ञानिक तैयारी नई शिक्षा नीति के सर्वाधिक प्रभावी कदम हैं। नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए उन्होंने शिक्षापद्धति के सम्बन्ध में जनसामान्य को भी चिंतन की आवश्यकता पर बल दिया। शिक्षा का मनोवैज्ञानिक विवेचन प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नई शिक्षा नीति मंे ऐसी व्यवस्था की गयी है कि इससे बच्चों में निराशा नहीं आयेगी और वे जीवन की कठिन से कठिन परिस्थिति का सामना करते हुए स्वयं, देश और समाज की उन्नति में सहभागी बन सकें। उन्हांेने कहा कि नैतिक मूल्यों की गिरावट को रोकने और नैतिक उन्नयन हेतु अध्यापकों को ही प्रयास करना होगा।
शिक्षकों को लक्ष्य के प्रति एकाग्रता, समर्पण, टीमवर्क तथा अच्छे प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारतवर्ष को पुनः विश्वगुरु बनाने के लिए भारतीय शिक्षा पद्धति महत्त्वपूर्ण है और इससे ही आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना चरितार्थ हो सकेगी।

फेकल्टी डेवेलपमेंट सेन्टर की निदेशक प्रो0 इन्दु पाण्डेय खण्डूड़ी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए इस रिफ्रैशर कोर्स की विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘पेडागॉजी एण्ड रिसर्च मैथोडॉलॉजी‘ में समाहित शिक्षाशास्त्रीय पद्धतियों और शोध प्रविधियों के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर केन्द्रित होगा। पूरे देश के विभिन्न संस्थानों से लगभग 18 शिक्षाविद् इन प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देेंगे। प्रो खण्डूड़ी ने बताया कि दो सप्ताह तक ऑनलाइन चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में केरल, महाराष्ट्र, नई दिल्ली, उड़ीसा, बिहार, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखण्ड जैसे 7 राज्यों के विभिन्न उच्चशिक्षण संस्थानों के 51 शिक्षक प्रतिभागी ऑनलाइन प्रतिभाग कर रहे हैं।

सत्र का संचालन डॉ0 सोमेश थपलियाल, एसिस्टेंट डायरेक्टर, फेकल्टी डेवेलपमेंट संेटर ने किया। डॉ. कविता भट्ट, रिसर्च एसोसिएट ने अतिथियों का परिचय करवाया तथा डॉ. राहुलकुँवर सिंह, एसिस्टेंट डायरेक्टर ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियो का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के दौरान पारुल, बलवीर, जगदम्बा तथा रामेश्वरी इत्यादि भी उपस्थित रहे।

महिला दिवस पर महिला मोर्चा भाजपा ने किया कार्यक्रम आयोजित

महिला मोर्चा भाजपा की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। सूबे के विधायक व कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं देश के सभी पदों पर आसीन होकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है। महिला शक्ति के बिना संसार की कल्पना नहीं की जा सकती है।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं व छात्राओं को सम्मानित किया गया। पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी, मंडी समिति अध्यक्ष विनोद कुकरेती, मनीष डिमरी, बीना जोशी, पुष्पा ध्यानी, शशि कंडारी, राजकुमारी जखमोला, कमलेश थलवाल, सरोज कुकरेती, रोशनी राणा, सोनू भट्ट, बीना बिष्ट, शैला खंडूरी, दीपा भट्ट, कोमल जोशी, सुनीता खंडूरी, बीना जोाशी, सभासद बिन्नू चैहान, सुंदरी बिजल्वाण, निर्मला पयाल, दर्शनी भंडारी, सभासद मीनू गोदियाल आदि उपस्थित थे।

योग पूरे विश्व को भारत द्वारा दिया गया अमूल्य उपहारः राज्पाल उत्तराखंड

गढ़वाल मण्डल विकास निगम लिमिटेड व पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का समापन राज्यपाल बेबी रानी मौर्य द्वारा किया गया। समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि योग का मतलब जोड़ना है। योग पूरे विश्व को भारत द्वारा दिया गया अमूल्य उपहार है, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग को समूचे विश्व में एक नई पहचान दी है, युवा पीढ़ी का आहवान करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को योग को आत्मसात करना चाहिए। तभी हम विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं, योग एक साधना ही नहीं वरन एक सस्कृति है, जो कि ऋषिमुनियों ने कठिन तप से प्राप्त की है।

इससे पूर्व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग की शक्ति से ही हम भारत को विश्व गुरू बना सकते हैं। आज विश्व में फैल रही तमाम वैश्विक बीमारियों से हमें योग ही बच सकता है कोरोना से लडने में योग ने अहम भूमिका का निर्वहन किया है।

वन मंत्री हरक सिंह रावत ने अपने सम्बोधन में कहा कि योग अब देवभूमि उत्तराखण्ड से पूरी दुनिया में आम लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। पश्चिमी देशों ने भी योग के महत्व को स्वीकार करते हुए योग को अपनाया है यही वजह है कि 21 जून को पूरी दुनिया योग दिवस मना रही है।

योग महोत्सव में उपस्थित विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चन्द्र अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश योग की धरती है और यहाँ से बहती हुई गंगा की तरह योग पूरी दुनिया में प्रवाहित हो रहा है। इस मौके पर विभिन्न देशों के उच्चायुक्तों ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। जिसमें बोसनियां के उच्चायुक्त मोहम्मद शिनजिक, नोर्थ मेसोडोनिया के राजदूत नेहथ ईमिनी, फिजी के उच्चायुक्तों कमलेश शशि प्रकाश एवं त्रिंडाड एण्ड टैबगो के राजदूत डाॅ0 रोजर गोपाल ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

मौके पर सचिव पर्यटन दिलीप जावलकार, डीएम टिहरी ईवा आशीष श्रीवास्तव गढ़वाल मण्डल विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक, डाॅ आशीष चैहान, महाप्रबन्धक (पर्यटन), जितेन्द्र कुमार, महाप्रबन्धक (प्रशासन), अवधेष कुमार सिंह, महाप्रबन्धक (वित्त) एवं अभिषेक कुमार आनन्द आदि मौजूद रहे।

76100 रूपए की धनराशि साइबर सैल ने कराई वापस

साइबर सैल की बदौलत साइबर अपराध से पीड़ित एक व्यक्ति की लूटी हुई 76100 रूपए की धनराशि वापस हुई है। दरअसल, 28 फरवरी को थाना कीर्ति नगर क्षेत्र के निवासी मानसिंह पुत्र बलवीर सिंह को साईबर ठगों ने दोस्त बनकर 76100 रूपए की ठगी कर ली।

इस पर प्रभारी साइबर सैल टिहरी गढ़वाल उप निरीक्षक आशीष कुमार ने फ्लिपकार्ट के माध्यम से की गई शाॅपिंग को रद्द कराया और 76100 रूपए की धनराशि वापस कराई। साइबर सैल की इस कामयाबी से जहां ठगों को धक्का लगा है, वहीं पीड़ित ने साइबर सैल पुलिस का धन्यवाद दिया। पुलिस टीम में अजय वीर सैनी, राहुल सरग्वाण मौजूद रहे।

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2021ः मन स्थिर रखते हुए शारीरिक व मानसिक विकारों से मुक्ति पाने का साधन है योग

गढ़वाल मण्डल विकास निगम लिमिटेड व पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के चैथे दिन योगसाधकों ने योग की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास कर योगाचार्यों से योग की बारिकियों के गुरमंत्र लिए।

प्रातःकालीन सत्र में आर्ट ऑफ लिविंग के मोहित सती ने मुख्य पाण्डाल में अष्टांग योग एवं सूक्ष्म व्यायाम के बारे में बताते हुए कहा कि हमारे जीवन के हर पहलू में योग छिपा हुआ है, जाने अनजाने हमारी दिनचर्या के पूरे क्रियाकलाप योग से जुड़ते हुए जीवन के अविभाज्य अंग बने हुए हैं। योग केवल शरीर पर ही काम नहीं करता वरन यह मन को शक्तिशाली व तनाव रहित बनाता है। उन्होंने कहा कि कमजोर शरीर को शक्तिशाली मन चला सकता है, परन्तु एक शक्तिशाली शरीर को कमजोर मन नहीं चला सकता है। योग क्रियाओं के द्वारा मन को स्थिर रखते हुए षाररिक एवं मानसिक विकारों से मुक्ति पाने का उपक्रम ही योग है।

अष्टांग योग के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके आठ अंग हैं, यम, नियम, आसन, प्राणायाम, धारणा, ध्यान, प्रतिहार और समाधि इनको भले ही अलग-अलग देखा जाता है मगर ये एक दूसरे से जुडे हुए हैं। पहले छः को जोड़कर ध्यान लगता है और तब वह समाधि की और जाता है, उन्होंने कहा कि घरों में काम करने वाली महिलायें अपने दिनभर की दिनचर्या के दौरान जो काम करती हैं, उस प्रक्रिया में भी जाने अनजाने योग छिपा हुआ रहता है। योग सिर्फ आसन नहीं है वरन यह मन, ष्वास व षरीर को जोड़ने वाली कला है।

दूसरी तरफ नगर पालिका हाल में हठ योगी सन्त स्वामी जीतानन्द ने अभयान्तर क्रिया योग, दण्ड क्रिया, संकुचन प्रसारण, पाद ग्रिहवा योग का अभ्यास कराते हुए इसकी उपयोगिता के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी उन्होंने कहा कि यह क्रिया षरीर को स्वस्थ रखने में इतनी सहायक है कि अन्य योगों की आवष्यकता नहीं पड़ती है। यदि व्यक्ति इन योग क्रियाओं को करता रहे तो उसके जीवन में आरोग्यता का साम्राज्य स्थापित हो जायेगा।

लाईट एण्ड सॉउण्ड हाल में संस्कृत विष्वविद्यालय के प्रोफेसर, डॉ लक्ष्मी नारायण जोषी ने नाड़ी विज्ञान व योग चिकित्सा के बारे में बताते हुए कहा कि शरीर की धमनियों में रक्त संचार से कोई भी अंग सहजता से काम करता रहता है, लेकिन जिस दिन रक्त संचार की यह सहजता धीमी पड़ जाये तो अंगों में विकार उत्पन्न हो जाता है इसलिए योग से शरीर के पूरे तन्त्र को ठीक रखा जा सकता है ताकि सारे अंग प्रत्यंग सही व सुचारू रूप से काम करते रहें। उन्होंने कहा कि नाड़ी चिकित्सा विज्ञान तीन सिद्धान्तों पर काम करता है। पहला-हृदय से षरीर के अंगों को निर्बाध गति से रक्त की आपूर्ति करना दूसरा-मस्तिष्क से निकलने वाली नाड़ियों द्वारा रक्त की आपूर्ति सभी अंगों को मिलते रहना तीसरा-प्राण ऊर्जा की आपूर्ति का शरीर के सभी अंगों तक पहुँचते रहना।

योग महोत्सव में ‘‘पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज मूवमेंट’’ दिल्ली द्वारा पिरामिड ध्यान षक्ति योग द्वारा योग साधकों को ध्यान योग के बारे में बताया गया। इस अवसर पर उक्त संस्था की विभा गुप्ता व शक्ति गुप्ता द्वारा बताया गया कि ध्यान योग हमें स्वयं की सांसों से जोड़ना सिखाता है। सांसें सदा से हमारे साथ हैं और मृत्यु पर्यन्त हमारे साथ रहेंगी परन्तु हम उनके साथ कभी नहीं रहे। हम सांसां के साथ रहना सीख रहें हैं, हमें सहज सांसों को सहज रूप में सहज भाव से साक्षी होकर देखना है। क्योंकि सांस ही हमारी गुरू और मित्र दोनों हैं, जब गुरू मित्र बन जाय तो हमें अपनी समस्या के समाधान के लिए किसी और के पास जाने की आवष्यकता नहीं होती।

सांय कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में त्रिभुवन महाराज व सुमित कुटानी द्वारा षानदार प्रस्तुति दी गई जो दर्षकों के आकर्शण का केन्द्र रहा। योगनगरी मुनि की रेती ऋषिकेश में योग महोत्सव के चैथे दिन विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टालों पर भी प्रतिभागियों व आगन्तुकों की भी काफी भीड देखने को मिली। जिसमें उद्योग विभाग, आयुश विभाग, आध्यात्म विज्ञान व सत्संग केन्द्र जोधपुर राजस्थान का स्टॉल आकर्शण के केन्द्र रहे वही गढ़वाल मण्डल विकास निगम लि0 द्वारा गढ़वाली व्यंजनों का स्टॉल लगाया गया जिसमें बुराँष चाट, कुलथ अनार सोरबा, गहत चाट, कडाली सोरबा, राजमा गलावटी कबाब, मडुवा समोसा चॉट, बुराँस पकोड़े, बुराँस जैली, ब्रॉउन राईस पुडिंग, देहरादूनी पुडिंग आदि परोसे जा रहें हैं।

मौके पर जीएमवीएन के प्रबन्ध निदेषक, डॉ. आशीष चैहान, महाप्रबन्धक (पर्यटन), जितेन्द्र कुमार, महाप्रबन्धक (प्रशासन), अवधेष कुमार सिंह, महाप्रबन्धक (वित्त) एवं अभिषेक कुमार आनंद आदि मौजूद रहे।

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सवः सात दिवसीय महोत्सव का आज हुआ शुभारंभ

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद व गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित 29वें सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ हो गया। गंगा रिसोर्ट मुनिकीरेती में आयोजित महोत्सव का शुभारंभ कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी, पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने विधिवत रूप से वेद मंत्रों के बीच दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मुनिकीरेती व ऋषिकेश ऋषि मुनियों की भूमि होने के कारण योगनगरी के रूप में विश्व विख्यात जननी भी है। योग का महत्व मनुष्य के अन्दर की बुराइयों को समाप्त कर, अच्छी गतिविधियों को संचालित करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को दुनिया में प्रचारित किया है, उसका संदेश भी दुनियाभर में जाएगा।

पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कोरोना काल में योग का काफी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। निरंतर योग करने से कोई भी बीमारी नहीं आती है। योग प्रवचन या कथा नहीं, बल्कि प्रयोगात्मक कला है। जिसको करने से कोई भी बीमारी नजदीक तक नहीं आती है। उन्होंने कहा कि दुनिया की किसी भी दवाई में बीमारी का निदान नहीं है, उसका निदान तो योग में ही है। योग और आयुर्वेद से दुनिया में जीवन के प्रति जागृति लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जो लोग योग कर रहे थे, उसे किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं हुई और जो योग नहीं कर रहे थे वह आज भी अवसाद की जिन्दगी में जी रहे हैं।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने बताया कि योग की असली परिभाषा आत्मा का परमात्मा से मिलन करवाना है। योग समाधि की ओर भी ले जाता है। जिसको करने के लिए अपनी दिनचर्या में परिवर्तन करने की आवश्यकता है। गढ़वाल मंडल विकास निगम के अध्यक्ष महावीर सिंह रांगड ने कहा कि योग हमारी प्राचीन सभ्यता है। जिसके प्रचार प्रसार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफी योगदान रहा है। जिसके कारण आज देश ही नहीं दुनिया में योग के प्रति लोगों की जिज्ञासा बढ़ी है। ऋषिकेश व मुनिकीरेती योगनगरी के रूप में विश्व में विख्यात हुई है। उनहोंने कहा कि आज योग सप्ताह में जो योगी प्रतिभाग कर रहे हैं, वह यहां से योग सीख कर पूरी दुनिया में इसका प्रचार-प्रसार करें।

गढ़वाल मंडल के प्रबंध निदेशक डॉ आशीष चैहान ने बताया कि भारत सरकार व राज्य सरकार की कोरोना संक्रमण की गाइडलाइन का पालन करते हुए सभी कक्षा व्यवस्थाएं की गई है। जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में इस वर्ष 350 से अधिक साधकों ने अपना पंजीकरण कराया। जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के टीवी कार्यक्रम मास्टर शेफ विजेता पंकज भदोरिया भी शामिल हो रहे हैं। जिनकी देखरेख में साधकों को हेल्दी खाना भी परोसा जाएगा। इसी के साथ फूड प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इस दौरान उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा योग के साथ धोती नीति का प्रदर्शन भी किया गया।

इस मौके पर गढ़वाल मंडल विकास निगम के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंघल, नगर पालिका मुनिकीरेती के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, दर्जाधारी राज्यमंत्री करण वोहरा, विवेक चैहान अपर निदेशक, उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद, गुरु गोपाल दास, स्वामी परमात्मानंद, ऊषा माता, योगी सिद्धार्थ, ग्रैंडमास्टर अक्षर, समाजसेवी बच्चन पोखरियाल, ऋषिकेश मंडी परिषद के अध्यक्ष विनोद कुकरेती, पुष्पा बर्थवाल, स्वामी आत्मा स्वरूप, भाजपा नेता चंद्रवीर पोखरियाल आदि मौजूद रहे।

उमा भारती पहुंची राम तपस्थली आश्रम, स्वागत को पहुंचा संत समाज

ब्रह्मपुरी राम तपस्थली आश्रम में अपने निजी उत्तराखंड दोरे से लौटती हुई एक दिवसीय प्रवास के लिए पहुंची साध्वी उमा भारती का संत समाज स्वागत किया। ऋषि कुमारों के स्वास्तिक मंत्रों के साथ उमा भारती ने संत समाज के साथ मंदिर में पूजा अर्चना की।

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व राम जन्मभूमि आन्दोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले साध्वी उमा भारती ने उत्तराखंड प्रवास के दोरान भारतवासियों की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। ब्रह्मपुरी में मंदिर में पूजा अर्चना के बाद उन्होंने हरिद्वार के लिए प्रस्थान किया।

इस अवसर पर महंत महावीर दास महाराज, महंत सुरेश दास महाराज, तुलसी मानस मंदिर के अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री, आशीष कुकरेती, युवा मोर्चा के प्रदेश संयोजक अजय उनियाल, महंत चक्रपाणि दास, योगी दीपक दास, प्रमोद दास, सुदर्शनाचार्या, राम चैबे, अभिषेक शर्मा, पंकज शर्मा आदि उपस्थित थे।