टमाटर के बाद अब प्याज की कीमतें भी रुलायेंगी

टमाटर की कीमतों के बाद प्याज की कीमतें भी आम आदमी को परेशान कर सकती है। पिछले एक महीने में प्याज की कीमतों में तीन गुना वृद्धि हुई है और आने वाले दिनों में ये कीमतें और भी बढ़ने का अनुमान जताया जा रहा है। इसके पीछे नासिक में प्याज की थोक मंडियों में प्याज की कीमतों में लगभग 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है। नासिक के लासलगांव मे प्याज के प्रति कुंतल दाम 1,240 रू से बढ़कर 2,340 रू प्रति कुंतल तक पहुंच गए हैं।
एशिया की सबसे बड़ी थोक सब्जी मंडी आजादपुर मंडी में पिछले एक महीने में प्याज की कीमतें तिगुनी हो चुकी हैं। व्यापारियों का कहना है कि सबसे अधिक प्याज नासिक से आता है। लेकिन इस बार ये प्याज बाढ़ग्रस्त इलाको में और दक्षिण भारतीय राज्यों में चला गया है। जिस वजह से वहां पर भी दाम बढ़ गए हैं और आने वाले वक्त में आम आदमी को प्याज की दोगुनी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

राज्यसभा चुनाव में दबेगा नोटा, कांग्रेस में मची खलबली

गुजरात राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को अब सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है। गुजरात की 3 सीटों पर 8 अगस्त को होने वाले चुनावों में नोटा प्रयोग पर स्टे लगाने की कांग्रेस की अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। इसका मतलब यह है कि राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग नोटा के विकल्प के साथ ही होगी। इससे पहले, कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के सामने दलील दी थी कि अगर नोटा पर स्टे नहीं दिया गया तो विधायकों के वोट दूसरे पक्ष के लोग खरीद लेंगे और उसके कैंडिडेंट्स चुनाव हार जाएंगे।
कांग्रेस ने कहा कि अगर नोटा का ऑप्शन बंद नहीं किया गया तो गुजरात चुनाव में यह भ्रष्टाचार का सबब बन सकता है क्योंकि मुकाबला बेहद कड़ा है। कांग्रेस की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि गुजरात में तीन राज्यसभा सीट पर चार कैंडिडेट्स खड़े हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह विधायकों को नोटा का विकल्प देने के मुद्दे पर 18 सितंबर को विस्तृत सुनवाई करेगा।
कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव में नोटा के इस्तेमाल से जुड़ा नोटिफिकेशन काफी पहले 2014 में जारी किया था, ऐसे में कांग्रेस को इसकी खामियां इस वक्त क्यों नजर आ रही हैं? सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, यह एक संवैधानिक मुद्दा है, जिसपर बहस की जरूरत है। कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वह कांग्रेस की याचिका पर 2 हफ्ते में जवाब दे।
कोर्ट ने कांग्रेस के वकील से कहा कि जनवरी 2014 में चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के बाद से हुए कई राज्यसभा चुनाव हुए, उस वक्त आप कहाँ थे और अब जबकि ये आपके फेवर में नही है तब इसे क्यों चुनौती दे रहे हैं? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इस बात पर सुनवाई के लिए तैयार है कि राज्यसभा चुनाव में नोटा का प्रावधान संवैधानिक है या नहीं, लेकिन सवाल ये है कि केवल इसी चुनाव के लिए ही क्यों ? चुनाव आयोग ने भी कोर्ट में अपना पक्ष रखा। आयोग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नोटा का प्रावधान किया गया है और उसके बाद कई चुनाव हुए जिसमे नोटा का इस्तेमाल भी हुआ।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद एनडीए सरकार ने इस मामले में रणनीतिक चुप्पी साध रखी है। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि गुजरात चुनाव में नोटा के इस्तेमाल को लेकर ईसी की ओर से 24 जुलाई को जारी नोटिफिकेशन से सरकार का कोई संबंध नहीं है। गुजरात की सीटों के लिए होने जा रहे राज्यसभा चुनाव में नोटा के विकल्प का इस्तेमाल होने जा रहा है। बीजेपी ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी और बलवंत सिंह राजपूत को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की तरफ से एकमात्र उम्मीदवार अहमद पटेल हैं। कांग्रेस ने नोटा के इस्तेमाल पर ऐतराज जताया है। कांग्रेस ने कहा है कि चुनाव आयोग बिना संवैधानिक संशोधन के राज्यसभा चुनाव में नोटा के विकल्प का इस्तेमाल नहीं कर सकता। कांग्रेस ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 84 का उल्लंघन है।
चुनाव आयोग ने इस मुद्दे पर हुए राजनीतिक विवाद पर करारा जवाब दिया। आयोग ने बुधवार को कहा कि राज्यसभा चुनाव में बैलट पेपर में नोटा के इस्तेमाल करने की पहली घटना नहीं है। आयोग ने आंकड़ों के साथ कहा कि 2014 से लेकर अब तक राज्यसभा के चुनाव 25 बार हुए जिनमें 95 सीटों पर वोटिंग हुई। इन सभी सीटों पर नोटा का इस्तेमाल हुआ था।

गिलानी के बेटे की मांग, आने जाने का खर्च दे एनआईए

टेरर फंडिंग के सिलसिले में दिल्ली बुलाये गये हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के बेटे नसीम ने भारत सरकार से अजीब मांग की है। अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का छोटा बेटा नसीम गिलानी की मांग है कि जम्मू-कश्मीर सरकार उसे श्रीनगर से दिल्ली और दिल्ली से वापस श्रीनगर जाने का खर्च दे। अंग्रेजी वेबसाइट एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक एनआईए चीफ शरद कुमार तब आश्चर्यचकित रह गये जब उनके डेस्क पर अलगाववादी नेता नसीम गिलानी की ओर से एक पत्र आया। जम्मू कश्मीर के शेर ए कश्मीर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर नसीम गिलानी ने इस पत्र के जरिये कहा है कि एनआईए को सीधे उसे समन भेजने के बजाए यूनिवर्सिटी को भेजना चाहिए, ताकि वो दिल्ली आने जाने का खर्चा विश्वविद्यालय से ले सके। नसीम गिलानी ने कहा कि एनआईए को समन मेरे विश्वविद्यालय को भेजना चाहिए ताकि मैं महंगाई और ट्रेवलिंग एलाउंस ले सकूं। फिलहाल एनआईए ने नसीम की इस अपील को मान लिया है कि लेकिन उन्हें लगता है कि नसीम की इस मांग का मकसद कुछ और है।
बता दें कि टेरर फंडिग के इस केस में एनआईए ने लगभग आधा दर्जन अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया है। इसमें सैयद अली शाह गिलानी का दामाद अल्ताफ अहमद शाह भी शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नसीम गिलानी चाहता है कि यूनिवर्सिटी के जरिये समन मिलने पर वो ऐसी स्थिति पैदा कर दे ताकि एनआईए उसे पूछताछ के लिए अल्ताफ अहमद शाह के आमने-सामने ना ला सके। इस मामले में नसीम गिलानी का बड़ा भाई नईम गिलानी भी एनआईए के रडार पर है, लेकिन समन भेजे जाने के बावजूद बीमारी का बहाना बनाकर वो एनआईए के सामने पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुआ है।
बता दें कि हुर्रियत नेताओं पर आरोप है कि इन लोगों ने प्रतिबंधित आतंकी संगठनों हिज्बुल मुजाहिद्दीन और लश्कर ए तैयबा के साथ मिलकर कश्मीर घाटी में हिंसा और हंगामा करने के लिए पाकिस्तान से फंड लिया। एनआईए ने इसी मामले में हुर्रियत के नेताओं को गिरफ्तार किया है। एनआईए को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान ऐसा सबूत मिलेगा जिससे सैयद अली शाह गिलानी पर भी मुकदमा चलाया जा सके। खबर है कि प्रवर्तन निदेशालय से पूछताछ के दौरान इस मामले में गिरफ्तार शबीर शाह ने गिलानी की ओर इशारा किया है और कहा है कि पाकिस्तान से आने वाले फंड का बड़ा हिस्सा गिलानी के पास जाता था। जांच एजेंसियां अब इस मामले में सबूत इकट्ठा कर रही हैं।

कौन थे दीनदयाल उपाध्याय के सवाल पर घिरे आईएएस

छत्तीसगढ़।
कांकेर जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ शिव अनंत तायल ने बीते दिनों फेसबुक पर एक सवाल किया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय कौन थे, उनकी उपलब्धि क्या थी? आईएएस का यह सवाल शासन को इतना खटका कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की उपलब्धियों की जानकारी देने के लिए 5 करोड़ की किताबें छपवा दी र्गइं। वह भी बिना टेंडर निकाले।
फेसबुक वॉल की इस टिप्पणी के कारण तायल को कांकेर से हटाकर मंत्रालय में अटैच कर दिया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी पर पंचायतों की मूलभूत राशि से 13 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बना दी गई और उनकी जीवनी पर आधारित 15 खंड की किताब भी प्रकाशित करवा दी गई जबकि, नियम के मुताबिक इसके लिए टेंडर निकालना चाहिए था। लेकिन गुपचुप तरीके से 5 करोड़ रुपए खर्च कर 10 हजार 971 पुस्तकों का प्रकाशन दिल्ली के प्रभात प्रकाशन से करा दिया गया। जिम्मेदारों की दलील है, जो भी हुआ है, वह शासन के निर्देश पर ही हुआ है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय को 25 सिंतबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशताब्दी मनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके लिए आनन-फानन में एक समिति का गठन भी कर लिया गया। इसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक पुस्तक देने का फैसला किया गया, जिसे पंचायत के आत्मानंद वाचनालय को सौंपा जाएगा।

राप्ती गंगा एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन जरूरी: उनियाल

आगामी रेल बजट में केन्द्र सरकार को ट्रेन के संचालन की मांग की

ऋषिकेश।
शनिवार को नरेन्द्रनगर के पूर्व विधायक सुबोध उनियाल ने कहा कि पूर्वांचल-बिहार के लाखों लोगों को राप्ती गंगा एक्सप्रेस ट्रेन चलने से लाभ मिलेगा। इस संबंध में वह रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा से बात कर आगामी रेल बजट में मंजूरी दिलाने के साथ ही हरिद्वार से चलने वाली ट्रेनों का संचालन ऋषिकेश से भी करवाने के लिए भी प्रयास करेंगे। नेशनल हॉकर्स फेडरेशन से जुड़े लल्लन राजभर के नेतृत्व में पूर्वांचल-बिहार के लोगों ने ऋषिकेश से मऊ के बीच प्रतिदिन ट्रेन के संचालन की मांग की। इससे हजारों लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इस मामले में केन्द्र सरकार को ज्ञापन भी स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों के माध्यम से भेजा गया। धरने स्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक उनियाल ने कहा कि हजारों की संख्या में बिहार-पूर्वांचल के लोग ऋषिकेश सहित आसपास के इलाकों में रहते हैं। इसलिए राप्ती गंगा ट्रेन का संचालन होने से रेलवे को राजस्व तो मिलेगा ही साथ ही ट्रेन के चलने से हजारों लोगों को राहत भी मिलेगी। इस दौरान पूर्व दर्जाधारी राज्यमंत्री संदीप गुप्ता, शैलेन्द्र गुप्ता, गिरिश राजभर, रामजी मोर्य, सुनील गुप्ता, पारसनाथ राजभर, सवेरा पाण्डेय, अखिलेश पाण्डेय, गोरश नाथ यादव, दिनेश गुप्ता, घनश्याम सिंह, रामनाथ गुप्ता, सतेन्द्र गुप्ता, दिनेश गुप्ता, संतोष तिवारी, वीरेश कुमार, जंगबहादुर, भोला, राकेश वर्मा, रामाश्रय प्रसाद, अक्षय गुप्ता, जगदीश, पारसनाथ गुप्ता, रमेश चन्द गुप्ता, अशोक पाण्डेय, अमरनाथ जायसवाल, उमा शंकर, रामनाथ प्रसाद, राजकुमार, हरिश्चन्द्र, मनोज गुप्ता सहित अन्य मौजूद थे।

हेमकुण्ट एक्सप्रेस का इंजन फेल

ऋषिकेश।
ऋषिकेश से कटरा माता वैष्णो देवी स्टेशन के बीच एकमात्र ट्रेन हेमकुण्ट एक्सप्रेस (14609-10) चलती है। ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से ट्रेन रोजाना शाम को चार बजकर 20 मिनट पर हरिद्वार के लिए रवाना होती है। शाम सवा पांच बजे ट्रेन हरिद्वार पहुंचती है और यहां से पांच बजकर 50 मिनट पर चलती है। गुरुवार को ऋषिकेश स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन की रवानगी की तैयारी शुरू हुई, अचानक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। चालक राम प्रसाद ने इंजन को चलाने के काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। तुरंत इंजन फेल होने की सूचना जारी की गई। इसके बाद हरिद्वार से दूसरा इंजन ऋषिकेश भेजा गया। नए इंजन को हेमकुण्ट एक्सप्रेस से जोड़कर ट्रेन को रवाना किया। छह बजकर 50 मिनट पर ढाई घंटा देरी से ट्रेन रवाना हो पाई।
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परिवार के साथ वैष्णो देवी यात्रा पर जा रहे गुमानीवाला निवासी गणेश भट्ट ने बताया कि एक घंटे पहले ही रेलवे स्टेशन पहुंच गए, लेकिन इंजन में खराबी आने के कारण परेशानी उठानी पड़ी। कहा ट्रेन लेट होने से उनका यात्रा का शेड्यूल गड़बड़ा जाएगा। स्टेशन अधीक्षक आरपी मीणा ने बताया कि हेमकुण्ट एक्सप्रेस के इंजन में तकनीकी खामी आ गई। चालक दल ने फाल्ट ठीक का काफी प्रयास किया, लेकिन इंजन चालू नहीं होने पर हरिद्वार से दूसरा इंजन मंगाया गया। ट्रेन अपने नियत समय से ढाई घंटे देरी से रवाना हुई।

4.20 बजे ऋषिकेश स्टेशन से रवाना होने का तय समय
6.50 बजे ट्रेन स्टेशन से जम्मूतवी के लिए हुई रवाना

ऋषिकेश में तांत्रिक की दवा पीने से कारोबारी की मौत

कष्ट दूर करने के नाम पर दी कारोबारी को थी दवा
कुछ दिनों से कारोबारी के घर आ रहा था तांत्रिक

ऋषिकेश।
ऋषिकेश में तांत्रिक की दी दवा पीने से हौजरी कारोबारी की मौत हो गई। कष्ट दूर करने के नाम पर तांत्रिक ने कारोबारी को अपने झांसे में फंसा लिया था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस तांत्रिक की तलाश कर रही है। घटना से शहरवासी अचंभित हैं।
पुलिस के अनुसार मालवीय मार्ग पर हौजरी कारोबारी बालकृष्ण अरोड़ा का घर है। पिछले कुछ दिनों से एक तांत्रिक उनके घर आ रहा था, जो कष्ट से मुक्ति दिलाने की बात कहता था। कारोबारी की बेटी का विवाह ज्वालापुर हरिद्वार में हुआ है। उनका बेटी के ससुराल पक्ष वालों से विवाद चल रहा था। इससे परिवार में तनाव की स्थिति थी। इसी वजह से कारोबारी बालकृष्ण तांत्रिक के झांसे में फंस गए।

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बुधवार रात करीब सवा दस बजे तांत्रिक उनके घर पहुंचा। कष्ट से मुक्त कराने की बात कहते हुए तांत्रिक ने कारोबारी को एक दवा की शीशी दी और उसे पीने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने तांत्रिक को कार से ड्राइवर भेजकर हरिद्वार भिजवाया। शीशी में दी दवा पीने के कुछ देर बाद कारोबारी की तबीयत बिगड़ने लगी। इसपर परिजनों ने उन्हें अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कारोबारी के बेटे पंकज अरोड़ा ने कोतवाली पुलिस को तांत्रिक के खिलाफ तहरीर दी है।
सीओ चक्रधर अंथवाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सीसीटीवी फुटेज में तांत्रित नजर आ रहा है, लेकिन चेहरा कपड़े से ढका हुआ है। इससे उसकी पहचान करने में दिक्कत आ रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। तांत्रिक को पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। उधर, घटना के बाद से सरकारी अस्पताल में लोगों के आने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। विधायक प्रेमचंद अग्रवाल भी परिजनों को सांत्वना देने अस्पताल पहुंचे।

वो पत्थर-गोले बरसाये तो कैसे रुकेगा पैलेट गन का इस्तेमाल!

नई दिल्ली।
पिछले करीब दो हफ्ते से जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था को संभालने में अग्रिम मोर्चे पर खड़े अर्धसैनिक बलों ने घाटी में पैलेट गन के इस्तेमाल के चलते कुछ युवकों की आंखों में लगी चोट पर दुख व्यक्त किया है। हालांकि, उन्होंने यह साफ कर दिया है कि बेहद चरम स्थितियों में पैलेट गन इस्तेमाल होता रहेगा। वैसे सीआरपीएफ की डीजी के. दुर्गा प्रसाद ने उम्मीद जताई कि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
दिल्ली में वार्षिक सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा, पैलेट गन के इस्तेमाल के चलते युवा घायल हुए हैं उसके लिए माफी चाहता हूं। हम खुद ही इसे कम से कम इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं ताकि कम लोग घायल हों। लेकिन, इसे हम तब इस्तेमाल करते हैं जब भीड़ पूरी तरीके से अनियंत्रित हो जाती है और किसी भी दूसरे तरीके से उस पर काबू नहीं पाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि जवानों को इस तरह से प्रशिक्षित किया जाता है कि वो ऐसी घटनाओं से निपटते समय भावनाओं में ना बहे और सही तरीके का इस्तेमाल करें। सीआरपीएफ के डीजी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर ही एक मात्र ऐसी जगह है जहां पर इतनी बड़ी तादाद में पत्थरबाजी होती है और ऐसी स्थिति में जब स्थित बेकाबू हो जाती है उसके बाद जवानों को पैलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ता है।
के. दुर्गा प्रसाद ने कहा कि जवानों को निर्देश दिया गया है कि जब कभी भी वह पैलेट गन का इस्तेमाल कश्मीर में करें तो घुटने के नीचे ही फायर करें। उन्होंने कहा कि लोग घायल तब होते हैं जब प्रदर्शनकारी काफी नजदीक आ जाते हैं और जवानों को पायलट गन का इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसे में सामने वाले की जान जाने की भी ख़तरा बना रहता है।

ईनामी अपराधी दिल्ली से गिरफ्तार

2 साल 7 माह से फरार ईनामी अभियुक्त को एसटीएफ ने पकड़ा
देहरादून।
स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा विभिन्न अभियोगों में वांछित ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी को किये जा रहे प्रयासों के अन्तर्गत लगभग 2 साल 7 माह से फरार ईनामी अभियुक्त ललित यादव पुत्र ऋषिपाल सिंह यादव को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। उसे द्वारिका क्षेत्र दिल्ली से काफी गिरफ्तार किया गया।
ललित यादव मूल रूप से नवादा थाना वेलनी जिला बागपत उप्र का रहने वाला है जो कि हाल में 247, दून विहार नयात गांव जाखन थाना कैण्ट देहरादून में रह रहा है। उल्लेखनीय है कि अभियुक्त को थाना मसूरी में विभिन्न धाराओं में पंजीकृत मुकदमे व 30 शस्त्र अधिनियम के सम्बन्ध में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था तथा जिला कारागार से 18 जनवरी 2014 से 21 दिन के पैरोल पर था व तभी से उक्त अभियुक्त फरार चल रहा था। इस अभियुक्त की गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा 2500 रुपये का ईनाम भी घोषित किया गया था। पूछताछ पर अभियुक्त ने बताया कि फरार होने के बाद वह फलों का व्यापार करता था। अभियक्त व्यापार हेतु फलों को आन्ध्र प्रदेश से लाकर दिल्ली में बेचता था तथा अपना ठिकाना हमेशा बदलता रहता था। लगातार निगरानी व काफी प्रयासों के पश्चात् एसटीएफ को अभियुक्त की गिरफ्तारी में सफलता प्राप्त हुई।
टीम में एसटीएफ के उपनिरीक्षक एनके भट्ट, उपनिरीक्षक आशुतोष सिंह, आरक्षी लोकेन्द्र सिंह, आरक्षी संजय कुमार, आरक्षी विरेन्द्र नौटियाल, आरक्षी दीपक चन्दोला, आरक्षी चालक शंकर सिंह नेगी सम्मिलित थे।

महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार को उद्धव की चुनौती

दिल्ली।
भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच रिते सहज नही दिख रहे है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि फडणवीस सरकार के कारण शिवसेना को जरा भी परेशानी हुई तो माफ नहीं करेंगे। उन्होंने गठबंधन तक तोड़ने की बात कह डाली। उद्धव ने कहा कि हम चुप नहीं बैठें हैं। इस बयासन के बाद कयास लगने शुरु हो गये है कि महाराष्ट्र में दोनो के बीच संबध सहज नही है।
सामना (हिंदी) के कार्यकारी संपादक और सांसद संजय राउत ने उद्धव ठाकरे की बात का समर्थन करते हुए कहा है कि बात नुकसान की नहीं है। उद्धव जी ने जो कहा है वो सही कहा है। गठबंधन को हिंदुत्व के बताया, कहा कि बीजेपी ने 25 साल बाद गठबंधन धर्म नही निभाया है। बता दें कि शिवसेना और भाजपा का तीन दशक पुराना संबंध पिछले वर्ष 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के पहले ही टूट गया था। उन्होंने भाजपा पर गंठबंधन को तोडने का आरोप भी लगाया है।