सीएम ने की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरूवार को बीजापुर हाउस में समाज कल्याण तथा महिला व बाल कल्याण विभागों द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की तथा संचालित योजनाओं के समयबद्ध प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिये। मुख्यमंत्री रावत ने निर्देश दिये कि देहरादून के पांच आंगनबाड़ी केन्द्रों में कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को दूध वितरण की योजना को प्रभावी ढंग से पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जाय। ईसीडीसी के अन्र्तगत केन्द्र पोषित बाल विकास योजनाओं हेतु केन्द्र से अवशेष राशि उपलब्ध करने के सम्बन्ध में पत्र प्रेषित किया जाय।
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राज्य सरकार द्वारा संचालित नन्दा देवी और गौरा देवी कन्याधन योजनाओं के अन्र्तगत सभी लाभार्थियों को धन वितरण का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जाय। मुख्यमंत्री ने सचिव समाज कल्याण को निर्देश दिये कि वीर शहीद केसरी चंद के नाम पर 12वी कक्षा पास अति प्रतिभावान छात्रों के लिए एक छात्रवृति योजना प्रारम्भ की जाय। इस छात्रवृति योजना हेतु तीन सदस्यों की समिति का गठन किया जाय। मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों से राज्य में बौनों, जागरियों, नवजात विकंलाग बच्चों को दी जाने पेंशनों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिये, की सभी अवशेष लाभार्थियों को राज्य सरकार द्वारा संचालित सामाजिक पेंशनों का लाभ उपलब्ध कराया जाय। बैठक में सचिव भूपिन्दर कौर औलख, डीएस गब्र्याल, अपर सचिव विम्मी सचदेवा रमन आदि उपस्थित थे।

अंतिम सत्र गैरसैंण को लेकर कवायद तेज

देहरादून।
उत्तराखंड की मौजूदा यानि तीसरी विधानसभा का अंतिम सत्र आगामी नवंबर में गैरसैंण में होगा। जिसके मद्देनजर स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने बैठक कर अफसरों को जरूरी निर्देश दिए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने नवंबर में गैरसैंण में होने जा रहे अंतिम सत्र के मद्देनजर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक की। जिसमें डिप्टी स्पीकर डा अनुसुईया प्रसाद मैखुरी, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह और एडीजी अनिल रतूडी समेत विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद रहे।
उनका कहना है कि हमारी कोशिश है कि गैरसैंण के भरालीसैंण में निर्माणाधीन विधानभवन में ही अंतिम सत्र आहूत हो। स्पीकर का कहना है कि चमोली के डीएम, एसएसपी समेत अन्य सभी विभागों के अफसरों को समुचित निर्देश दिए गए हैं। कुंजवाल का कहना है कि सत्र के कार्यक्रम पर राज्य सरकार को अंतिम निर्णय लेना है।
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उधर स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने बीजेपी को अपने विवेकाधीन कोष पर सवाल उठाने पर आड़े हाथों लिया है। उनका कहना है मैंने नियमों के तहत अपने कोष से सहायता दी है। कुंजवाल का कहना है कि उन्हें मेरे विवेक पर सवाल खड़ा करने का अधिकार नहीं है। स्पीकर का कहना है कि ये दुर्भाग्य है कि कुछ लोगों के पास विकास की सोच नहीं है। कुंजवाल ने गैरसैंण विधान भवन पर एनजीटी के उठाए सवाल पर कहा कि वहां मानकों के तहत निर्माण हो रहा है।

हंस फाउंडेशन राज्य के विकास में हमारा पार्टनर: हरीश रावत

डोईवाला।
माजरी ग्रान्ट, डोईवाला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हंस फाउंडेशन के सहयोग से प्रदेश के 5519 विद्यालयों में ‘मिड डे मील’ के लिए गैस कनेक्शन व चूल्हा वितरण का औपचारिक शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री रावत ने मध्याह्न भोजन योजना से न केवल बच्चों को स्कूल तक लाने में सफलता मिली है बल्कि पोष्टिक आहार उपलब्ध करवाने में भी इसका योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री रावत ने भोले जी महाराज, मंगला माता जी व हंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्वेता रावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हंस फाउंडेशन राज्य के विकास में हमारा पार्टनर है। इनके द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में राज्य में 500 करोड़ रूपए का निवेश किया जा रहा है। पोषण के स्तर को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने भी महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिसके बेहतर परिणाम भी देखने को मिले हैं। गर्भवती महिलाओं को मंडुवा, काला भट, आयोडीन नमक दिया जा रहा है। इससे कुछ जिलों में मातृत्व मृत्यु दर में कमी आई है। रक्त में आयरन व आयोडीन की कमी को दूर करने के लिए फूड सप्लीमेंट तैयार किया गया है। गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर सप्ताह में दो दिन दूध भी उपलब्ध करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। प्रथम चरण में महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच हजार रूपए की राशि सीड केपिटल के तौर पर व 20 हजार रूपए की राशि सामुदायिक निवेश निधि के तौर पर दी जा रही है। दूसरे चरण में महिला मंगल दलों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के अंत तक पूरे राज्य को खुले में शौच से मुक्त करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड के प्रत्येक गांव के प्रत्येक घर में शौचालय हो। मुख्यमंत्री श्री रावत ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि हंस फाउंडेशन, शिक्षा विभाग को 25 हजार स्कूलों में पानी की सुविधा के साथ शौचालय उपलब्ध करवाएगा।
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मुख्यमंत्री ने राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के फर्नीचर के लिए 2 लाख रूपए स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने इसे अगली बार माॅडल स्कूल की सूची में लिए जाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वागत गीत की प्रस्तुति करने पर आर्य इंटर कालेज की कन्याओं को अपनी ओर से धनराशि देने की भी बात कही। शिक्षा मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी ने भी हंस फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया। मानव धर्म के प्रसार में हंस फाउंडेशन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसी क्रम में शिक्षा के क्षेत्र में इनके द्वारा सहयोग किया जाना सराहनीय है।
हंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्वेता रावत ने कहा कि हंस फाउंडेशन ने प्रदेश के विकास में 500 करोड़ रूपए का सहयोग दिए जाने का कमिटमेंट किया था। शिक्षा विभाग के 5519 विद्यालयों में मिड डे मील के लिए गैस कनेक्शन व चूल्हा उपलब्ध करवाने पर लगभग 5 करोड़ रूपए की राशि व्यय की जाएगी। प्रदेश में 520 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस की स्थापना के लिए भी सहमति दी गई है। इसके अतिरिक्त 100 इंटर कालेज में प्रयोगशाला-उपकरण, 190 माॅडल स्कूलों में पुस्तकालय, 150 विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत हेतु धनराशि भी फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही है। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक हीरा सिंह बिष्ट, हंस फाउंडेशन के सीईओ ले.ज. एसएन मेहता सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।

आज दो अभी दो सोलह साल का हिसाब दो

-गांव बचाओ यात्रा-

डॉ.अनिल जोशी बोले, बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे पहाड़ के लोग

ऋषिकेश।
सोमवार को हरिद्वार से ऋषिनगरी पहुंची गांव बचाओ यात्रा का नटराज चौक पर स्वागत किया गया। पैदल मार्च करते हुए यात्रा दून मार्ग स्थित व्यापार सभा भवन पहुंची। यात्रा संयोजक पदमश्री डॉ.अनिल जोशी ने कि प्रदेश के गांवों में निराशा का माहौल है। राज्य गठन के 16 वर्षों बाद भी पहाड़ में लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। बुनियादी सवालों को लेकर दोनों प्रमुख राजनैतिक पार्टियां चुप हैं। उन्होंने गांवों को शहर से जोड़ने की वकालत की। कहा कि शहर के विचार गांव के काम आ सकें, इस कार्ययोजना के साथ काम करने का वक्त आ गया है। कहा कि चुनाव का समय आ गया है, वोट की चोट देकर इनको सबक सिखाना है। वहीं, रियल एस्टेट कारोबारियों ने यात्रा का स्वागत किया। इस मौके पर वीरेन्द्र पैन्युली, पीपी डंगवाल, अनिल चंदोला, अनिल कुकरेती, दिनेश कोठारी, कुसुम जोशी आदि मौजूद रहे।

नेता यहां पोस्टर में दिखता है
डॉ.अनिल जोशी ने कुमाऊं के बेरीनाग क्षेत्र का जिक्र किया। बताया कि स्थानीय लोगों में आक्रोश था कि उनके क्षेत्र में नेता पोस्टर में दिखाई देते हैं। जब समस्याओं के समाधान की बात आती है तो सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं।

सरकार तो नही पर शराब जरूर मिली
डॉ.अनिल जोशी ने उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों का हवाला दिया। कहा कि जौलजीवी, धारचूला, चकराता में सरकार नाम की कोई चीज है भी की नहीं, कहीं दिखाई नही दिया, लेकिन शराब हर जगह दिखाई दी।

गांव बचाओ यात्रा
गांव बचाओ यात्रा गांधी जयंती पर दो अक्तूबर को विकास नगर से शुरू हुई थी। 24 दिन के सफर को पूरा कर सोमवार को यात्रा हरिद्वार से ऋषिकेश पहुंची। यात्रा का समापन मंगलवार को देहरादून में होगा। डॉ.अनिल जोशी ने बताया 700 गांवों की 1800 किमी की यात्रा के दौरान लोगों में राजनैतिक पार्टियों के प्रति गहरा रोष देखने को मिला।

10 मुद्दे बनाकर एकजुट हो जाओ
डॉ.अनिल जोशी ने कहा कि गांवों की यात्रा के दौरान वहां के स्थानीय लोगों ने एक महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने राजनैतिक पार्टियों से विकास के किन्ही 10 मुद्दों पर एक हो जाने की बात कही। कहा कि सरकार जिसकी भी आए, विकास के मुद्दों से कोई न भटके।

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गढ़वाल-कुमाऊं को बांट रहे नेता
डॉ.अनिल जोशी ने कहा कि नेता गढ़वाल-कुमाऊं के बीच खाई खोदने का कार्य कर रहे हैं। जबकि राज्य आंदोलन में गढ़वाल और कुमाऊं दोनों का बराबर योगदान है। उन्होंने कहा कि आजकल ट्रेंड हो गया कि सीएम कुमाऊं का होगा तो प्रदेश अध्यक्ष गढ़वाल का होगा। उन्होंने नेताओं को चेतावनी दी कि छोटे से राज्य में ऐसी खाई न खोदें।

सीएम पर कटाक्ष
डॉ.अनिल जोशी ने सीएम हरीश रावत पर कटाक्ष कर कहा कि उन्हें अपनी घोषणाओं के बारे में खुद ही नहीं पता है। सीएम कहते हैं कि उन्होंने इतनी घोषणाएं कर दी हैं कि अगली बार आने पर कोई कार्य करने की जरूरत ही नहीं है। कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने छोटे से राज्य को 16 वर्षों में घोषणाओं का प्रदेश बनाकर रख दिया है।

राज्य के विकास में इंजीनियरों की बड़ी भूमिका: मुख्यमंत्री

देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इंजीनियरों से डीपीआर आदि बनाने में योजनाओं की लागत खर्च में कमी करने की अपेक्षा की है। राज्य के संसाधनों को कैसे बेहत्तर उपयोग किया जा सकता है, इस पर भी इंजीनियरों को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने डिप्लोमा इंजीनियरों की विभिन्न मांगों के संबंध में संघ के पदाधिकारियों से सोमवार को मुख्य सचिव से वार्ता करने को कहा। स्थानीय रेंजर कालेज में उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के नवें महाधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि राज्य के विकास में इंजीनियरों की बड़ी भूमिका है, उन्हें अपनी ताकत एवं क्षमताओं को पहचाना होगा। हमारा प्रयास है कि हमारी आंतरिक संस्थाओं की ताकत बढ़े इसीलिये राज्य में अवस्थापना विकास निगम का ओर मजबूत किया जा रहा है। पुल रोपवे के लिये अलग अलग कारपोरेशन बनाये जा रहे है। समय के साथ हमे अपनी तकनीकि दक्षता को विकसित कर विभागीय स्तर पर कार्य संचालन करने के प्रयास करने होंगे। हमारा यह भी प्रयास है कि आउट सोर्सिंग के बजाय संस्थागत रूप से कार्मिकों की नियमित नियुक्ति की व्यवस्था हो, इसके लिये नियुक्ति के लिये अधीनस्त चयन सेवा आयोग, तकनीकि शिक्षा परिषद, माध्यमिक स्नातक शिक्षा बोर्ड, चिकित्सा शिक्षा चयन बोर्ड का गठन किया गया है। विभिन्न विभागों की नीतिया बना दी गई है।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि स्थानान्तरण की भी पालिसी बननी चाहिए ताकि कार्मिकों को यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें कब कहा कितने साल तक सेवा करनी है। उन्होंने कहा कि कार्मिकों की वेतन विसंगति के प्रकरणों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुति लागू होने के बाद भी किया जायेगा। केन्द्रीय सहायता में बदलाव के कारण हमें अपने संसाधनों को बढ़ाने पर ध्यान देना है इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है। आय के संसाधन बढ़ाने से ही समस्याओं का समाधान हो सकेगा। सभी राज्य अपने रिर्सास पर टैक्स लगा रहे है। हमें भी अपनी जल सम्पदा व राज्य में प्रवेश कर की और ध्यान देना होगा। उन्होंने राज्य की समस्याओं के समाधान के लिये चिन्तन करने पर भी बल दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने स्मारिका का भी विमोचन यिका। इस अवसर पर पी.सी.जोशी, पीसी उनियाल, यूएस मेहर, हरीश नौटियाल सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर के डिप्लोमा इंजीनियर उपस्थित थे।

ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने की कोई सीमा नहीं

देहरादून।
उत्तराखण्ड ऊर्जा कामगार संगठन के 27 वें द्विवार्षिक महाधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि टीम वर्क से ही विकास सम्भव है। मेनेजमेंट व कर्मचारियों में बेहतर तालमेल जरूरी है। ऊर्जा निगम अपने लाभ का एक हिस्सा कर्मचारियों को हस्तांतरित करें। ट्रांसमिशन लॉस कम करने के लिए इन्सेंटिव की योजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि हम पहले राज्य हैं जिसने सातवें वेतन आयोग के लिए न केवल समिति बना दी है बल्कि बजट में इसका प्राविधान भी कर दिया गया है। उत्तराखण्ड तेजी से बढ़ते 6 राज्यों में शामिल है। हमारी वृद्धि दर 13 प्रतिशत है। इस वृद्धि को समावेशी रूप देने के लिए तमाम तरह की पेंशन योजनाएं व महिला सशक्तिकरण की योजनाएं प्रारम्भ की गई हैं।
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मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने की कोई सीमा नहीं है। सम्भावनाएं बहुत अधिक हैं। ऊर्जा के उपभोग में बढ़ोतरी विकास का परिचायक है। वर्ष 2017 या 2018 तक कानून बनाकर बिजली उपलब्ध करवाने की बाध्यता लागू की जाएगी। ऊर्जा निगमों में पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। इस अवसर पर विधायक हीरासिंह बिष्ट, एमडी यूपीसीएल एसएस यादव, एमडी यूजेवीएनएल एसएन वर्मा, यूपी विद्युत मजदूर संगठन के अध्यक्ष आरएस राय, उत्तराखण्ड ऊर्जा कामगार संगठन के अध्यक्ष राकेश शर्मा आदि उपस्थित थे।

प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों को नमन: मुख्यमंत्री

देहरादून।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस लाईन में आयोजित कार्यक्रम में ड्यूटी निर्वहन के दौरान प्राण न्यौछावर करने वाले अर्धसैनिक बलों व राज्य पुलिस बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर शहीद पुस्तिका भी शहीद स्मारक में प्रस्थापित की गई। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि आज का दिन उन बहादुर पुलिस जवानों को नमन करने का है, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए प्राण न्यौछावर कर दिए। नक्सलवाद व आतंकवाद आज देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। हमारे अर्धसैनिक बलों व राज्य पुलिस बलों के बहादुर जवान इन चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री रावत ने पिछले वर्ष ड्यूटी करते हुए प्राण न्यौछावर करने वाले उत्तराखण्ड के दस जवानों को नमन करते हुए कहा कि राज्य सरकार इनके परिवारजनों के साथ है। मुख्यमंत्री रावत ने पुलिस प्रशिक्षण केंद्र नरेंद्रनगर के लिए 6 करोड़ रूपए, राज्य पुलिस के कार्मिकों के आवास के लिए 7 करोड़ रूपए व पुलिस के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए 1200 रूपए प्रतिवर्ष वर्दी भत्ता की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने एसडीआरएफ सहित पुलिस की विभिन्न इकाइयों के तकनीकी सुदृढ़ीकरण के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए जाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि 9 हजार फीट से ऊपर कार्यरत पुलिस जवानों को 300 रूपए प्रति दिन हाई एल्टीट्यूड भत्ता व हेड कान्स्टैबिल को 1200 रूपए प्रति माह मोटर साईकिल भत्ता दिया जा रहा है। प्रदेश में 30 नए पुलिस थाने, 1 साईबर थाना व 1 रिपोर्टिंग चैकी स्थापित की गई है। कुछ और थानों को खोला जाना विचाराधीन है। रियो ओलम्पिक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मनीष रावत को निरीक्षक के पद पर पदोन्नति दी गई है। पुलिस में एक स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड बनाया गया है। पौड़ी व अल्मोड़ा में सतर्कता अधिष्ठान की इकाइयां स्थापित की गई हैं। प्रत्येक पुलिस थाने में एक महिला उपनिरीक्षक के लक्ष्य को पूरा करने के लिए महिला उपनिरीक्षकों की भर्ती की गई है।
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पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवानों ने चीनी आक्रमणकारियों का वीरता से सामना करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। तब से प्रति वर्ष अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिस जवानों की स्मृति में इस दिवस का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष देश में अर्धसैनिक बलों व राज्य पुलिस बलों के 431 जवानों ने अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। इनमें उत्तराखण्ड पुलिस के 10 जवान शामिल हैं। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह, दिनेश अग्रवाल, सांसद श्रीमती माला राजलक्ष्मी शाह, विधायक ललित फस्र्वाण, राजकुमार, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव डा.उमाकांत पंवार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व आला अधिकारियों ने भी कर्तव्यों का पालन करते हुए प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मतदान तिथि की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

देहरादून।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड राधा रतूड़ी ने बताया है कि दैनिक हिन्दुस्तान समाचार पत्र के प्रथम पृष्ठ पर शीर्षक ‘‘उत्तराखण्ड-उत्तर प्रदेश में जनवरी-फरवरी में चुनाव’’ संबंधी समाचार प्रकाशित हुआ है, जिसके अनुसार उत्तराखण्ड में 29 जनवरी, 2017 को मतदान की संभावित तिथि का उल्लेख किया गया है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने बताया है कि उक्त समाचार की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रदेश में चुनाव संबंधी किसी भी तिथि के संबंध में भारत के निर्वाचन आयोग, द्वारा घोषणा की जाती है।
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वर्तमान में निर्वाचन आयोग द्वारा किसी भी प्रकार की चुनाव तिथि की घोषणा नही की गई है। राधा रतूड़ी ने बताया कि उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में अभी तक चुनाव तिथियों का निर्धारण नही किया गया है। जब भी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव तिथियां निर्धारित की जायेगी, तो उसकी सूचना तत्काल मीडिया के माध्यम से पारदर्शी ढंग से प्रदेशवासियों को उपलब्ध करायी जायेगी।

सीएम ने 70 हॉकर्स को दी साइकिल

देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरूवार को श्रम विभाग, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आयोजित समाचार पत्र वितरकों के कल्यार्थ योजना के साईकिल वितरण कार्यक्रम के शुभारम्भ में मुख्यमंत्री आवास न्यू कैन्ट रोड़ में प्रतिभाग करते हुए प्रथम चरण के अन्र्तगत लगभग 70 हॉकर्स को साईकिल वितरण की। इस योजना के अन्र्तगत राज्य सरकार द्वारा प्रारम्भिक चरण में श्रम विभाग को 60 लाख आवंटित किये गये है। इस योजना के अन्र्तगत राज्य के मैदानी क्षेत्रों में हॉकर्स को साईकिल तथा पर्वतीय क्षेत्रों में रेनकाट, छाता आदि सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का श्रम विभाग सराहना का पात्र है जिसने एक आईडिया को हमारे सामने एक योजना के रूप में व्यवस्थित रूप दिया। हम इसे हाकर्स व वैन्र्डस के लिए एक कल्याणकारी योजना के रूप व्यवस्थित करने में सफल रहे है। हाकर्स एक ऐसा समुदाय है जो हमें प्रातः काल सबसे पहले शुभ प्रभात बोलता है तथा कितनी भी कठिनाईयां हो या कैसी भी परिस्थितिया हो आम लोगों तक अखबार पहुचाता है जिसके माध्यम से हम देश व दुनिया से जुडे़ पाते है। इस प्रयास को एक आरम्भ माना जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि साईकिल वितरण की संख्या अधिक से अधिक होनी ही चाहिए तथा इस योजना को जिला तथा तहसील स्तर तक ले जाया जाना चाहिए। यदि सभी विभागों में उचित समन्यव हो जाता है तो भविष्य में एक सामाजिक सुरक्षा योजना के रूप इस वर्ग के लिए बीमा योजना आरम्भ किये जाने पर भी विचार किया जायेगा।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यदि हाकर्स के सम्बन्ध में यह माडल सफल हो जाता है तो आगे इस योजना को वेन्डर्स जिसमें रेहड़ी पटरी लगाने वाले, घरेलू नौकर आदि कर्मकारों हेतु भी प्रारम्भ किया जायेगा। यह सभी वर्ग हमारे शहरी जीवन का अनिवार्य वर्ग है अतः राज्य सरकार इनके कल्याण व विकास हेतु प्रतिबद्ध व गम्भीर है। ऐसे वर्गो को सरंक्षण देना हमारा मानवीय उत्तरदायित्व है। वास्तव में आज का प्रयास एक ट्रायल आधार पर है। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यदि इन योजनाओं का लाभ उठाने में महिला हॉकर्स भी आगे आये तो यह अति प्रसन्नता की बात होगी। आगे महिलाओं को लिए साइकिल के स्थान पर स्कूटी दिये जाने पर विचार किया जा सकता है। 103 हाल ही में राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई है साथ ही निमार्ण कार्यो में सलग्ंन कर्मकारों का दायरा भी बढ़ाया गया है इन श्रमिकों में बहुत बड़ा वर्ग तो मौसमी श्रमिक है जो यहा अजीविका की खोज में आते है परन्तु मानवीय कल्याण के व्यापक दृष्टिकोण को अपनाते तथा अपना मानवीय कर्तव्य मानते हुए राज्य सरकार द्वारा सभी श्रमिकों कों सुविधाएं प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार श्रमिकों के साथ प्रत्येक कठिन परिस्थिती में खड़ी है। श्रमिकों को सामाजिक पेंशन, घायल अवस्था में उपचार के लिए 50 हजार तक की आर्थिक सहायता तथा दुर्भाग्यवश मृत्यु होने पर अत्येष्टि हेतु सहायता राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है। श्रमिकों को काम करने में सुविधा रहे, उनके बच्चों की शिक्षा हेतु सहायता, शौचालय निर्माण आदि में सहायता हेतु भी राज्य सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत से उत्तराखण्ड कामगार महासंघ की अध्यक्ष एवं उत्तराखण्ड प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने भेंट कर समाचार पत्र विके्रताओं हाकर्स को कर्मकार श्रेणी में शामिल करने तथा उनके लिए नियमावली बनाये जाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रमुख सचिव श्रम को निर्देश दिये है।
इस अवसर पर श्रम मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, पूर्व विधायक काजी निजामुद्यीन, उत्तराखण्ड कामगार महासंघ की अध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा आदि उपस्थित थे।

100 फुट का तिरंगा फहराने जुटेंगे केन्द्रीय मंत्री

23 अक्तूबर को चंडी पुल के नीचे स्थित कुष्ठ आश्रम में फहराया जायेगा तिरंगा

ऋषिकेश।
दिव्य प्रेम सेवा मिशन के तत्वाधान में चंडी पुल के नीचे हरिद्वार में स्थित कुष्ठ आश्रम में 100 फुट का तिरंगा झंडा फहराया जायेगा। जानकारी मिशन के अध्यक्ष आशीष गौतम ने दी।
बुधवार को देहरादून मार्ग पर स्थित व्यापार सभा में आयोजित कार्यक्रम में आशीष गौतम ने दावा किया कि राज्य में पहली बार 100 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा रहा है। बताया कि 23 अक्तूबर को केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार, डॉ. प्रणव पाण्डया, फिल्म अभिनेता मनोज जोशी आदि गणमान्य अतिथियों के सानिध्य में ध्वज फहराया जायेगा। इससे पहले कार्यक्रम का संचालन कर रहे के सिंघल ने दिव्य मिशन के कार्यो से अवगत कराया।
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वक्ताओं ने बताया कि कुष्ठ और अनाथ बच्चों के लिए कार्य कर रहा मिशन सदस्यता अभियान को लेकर पूरे देश में मिशन से जोड़ने के मुहिम चला रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघचालक घनश्याम दास बिरला ने की। मौके पर विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल, भाजपा अनुशासन समिति के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञान सिंह नेगी, विश्वास, भाष्कर, विनोद शर्मा, जितेन्द्र अग्रवाल, अशोक पाल, चन्द्रमणी शुक्ला, अमित वत्स, दिनेश सती, कविता शाह, राजकुमारी पंत, हरगोपाल अग्रवाल, प्रेम गुप्ता आदि मौजूद थे।