मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में डोईवाला क्षेत्र के अन्तर्गत मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन के साथ ही संचालित की जा रही विभिन्न विकास योजनाओं की विभागवार समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने विकास कार्यों को पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून एस मुरूगेशन को निर्देश दिये कि डोईवाला क्षेत्र के अन्तर्गत सम्बन्धित विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा कर इसके लिये यदि अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता हो तो उसका विवरण उपलब्ध करायें। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों के प्रति सन्तोष व्यक्त करते हुए कार्यों को शत प्रतिशत पूर्ण करने पर ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की सड़कों के विकास के लिए 23 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करते हुए सड़कों के निर्माण व पुनर्निमाण में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ती आबादी के दवाब को कम करने के लिये सड़कों के चैडीकरण करने पर ध्यान देते हुए सड़के जल्दी खराब न हो इस पर भी ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने थानो-भोगपुर के मध्य पुल निर्माण का प्रस्ताव बनाने के साथ ही रायपुर नथवावाला डोईवाला व मियावाला, गूलरघाटी के लिये अतिरिक्त मार्गों पर भी ध्यान देने को कहा। डोईवाला क्षेत्र में लोक निर्माण द्वारा 94 कार्य स्वीकृत है। जिसमें से 68 पूर्ण हो चुके है तथा शेष पर कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को मियावाला तिराहे पर अण्डरपास बनाये जाने, जोगीवाला चैराहे का चैडीकरण तथा डोईवाला बाजार में लगने वाले जाम की समस्या का समाधान करने को कहा। मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को सूर्यधार झील के शीघ्र निर्माण के निर्देश देते हुए क्षेत्र में इस प्रकार की अन्य झीलो की सम्भावनायें तलाशने को कहा। उन्होंने नहरों के सौन्दर्यीकरण के साथ इनके किनारों पर सड़क निर्माण के साथ ही पैदल पथ भी निर्मित करने को कहा। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने रानीपुर में बिजलीघर के निर्माण में तेजी लाने तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित उज्ज्वला योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने को कहा इसमें 2.50 लाख की सालाना आय वाले परिवार लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान हर्रावाला में बनने वाले 300 बेड के अस्पताल का फरवरी के प्रथम सप्ताह में शिलान्यास कराने के निर्देश दिये। थानों अस्पताल में एम्स द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की भी उन्होंने समीक्षा की तथा निर्देश दिये कि डोईवाला अस्पताल को पीपीपी मोड में दिये जाने के बाद की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाय।
मुख्यमंत्री ने जल निगम तथा जल संस्थान को भी आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा ताकि लोगों को गर्मी के दौरान पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेलों के निर्माण में भूजल की क्षमता का भी आकलन किया जाय। उन्होंने स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराने के भी निर्देश देते हुए इसे नीड बेस कार्यक्रम बनाने को कहा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पशुपालन, खाद्यान आपूर्ति, सामाजिक पेशंन, उरेडा के माध्यम से सोलर लाइट लगाये जाने, बाढ़ नियंत्रण आदि से सम्बन्धित कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

ख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को डोइवाला स्थित लच्छीवाला अतिथि गृह में आयोजित ‘‘जनता दरबार’’ में बड़ी संख्या में आए स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना व उन पर उचित कार्यवाही के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डा0 आर के जैन को बधाई दी जिन्होंने सीएमआई अस्पताल में अपनी कन्सलटेन्सी सेवाएं निःशुल्क देने तथा डोईवाला क्षेत्र के लोगों को दवाइयों व पूरे इलाज में बीस प्रतिशत छूट देने की घोषणा की। नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि क्षेत्र में विकास के सभी कामों को पूरा किया जाएगा। जनता दरबार में प्राप्त सभी समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा। राज्य में गत 25 दिसम्बर को श्रद्धेय स्व0 अटल जी के जन्मदिन पर अटल उत्तराखण्ड आयुष्मान योजना का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड देश में पहला राज्य है जिसने अपने पूरे राज्य के सभी नागरिकों व हर परिवार को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने का साहस किया है। इस योजना का लाभ राज्य के सभी 23 लाख परिवारों को मिलेगा। यह किसी वर्ग विशेष के लिए नही है बल्कि सभी के लिए है।