उत्तराखंड में पहली बार, विज्ञान को नई दिशा देने वाली पहलें, विज्ञान रेडियो को स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य में पहली बार शुरू की गई अनेक पहलें विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने में ऐतिहासिक सिद्ध हो रही हैं।

विज्ञान रेडियो 88.8 MHz की स्वीकृति

राज्य में पहली बार विज्ञान रेडियो 88.8 MHz को स्वीकृति मिली है। यह पहल विज्ञान को सरल, रोचक और जनहितकारी स्वरूप में प्रत्येक घर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

She for STEM’ कार्यक्रम का शुभारंभ

महिलाओं और छात्राओं को STEM क्षेत्रों में प्रेरित करने हेतु पहली बार She for STEM कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया, जिसके माध्यम से हजारों छात्राओं को मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण मिल रहा है।

राज्य के सभी 13 जनपदों में पहली बार एक-एक मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला Lab on Wheels संचालित होने लगी है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगात्मक शिक्षा उपलब्ध हो रही है।

60 पेटेंट सूचना केंद्रों की स्थापना
राज्य के महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में पहली बार 60 पेटेंट सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो नवाचार, शोध एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं।

पहली बार राज्य के सभी जनपदों और ब्लॉकों में साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग आयोजित की जा रही है, जिसमें हजारों छात्र शामिल होकर विज्ञान के प्रति प्रतिस्पर्धात्मक और रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित कर रहे हैं।

उत्तराखण्ड में विज्ञान और नवाचार को जनआंदोलन बनाने का हमारा संकल्प अब साकार रूप ले रहा है। UCOST द्वारा पहली बार शुरू की गई ये पहलें न सिर्फ हमारे युवाओं को नई दिशा दे रही हैं, बल्कि विकसित उत्तराखण्ड @2027 और विकसित भारत @2047 के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। हम चाहते हैं कि विज्ञान की रोशनी हर गांव, हर स्कूल और हर घर तक पहुँचे। हमारी सरकार युवा वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, स्टार्टअप्स और विशेष रूप से बेटियों को STEM क्षेत्रों में अग्रसर करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड आने वाले समय में विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में देश का प्रेरक राज्य होगा।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सीएस ने उत्तराखंड में बालिकाओं को विज्ञान शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने के दिए निर्देश

सीएस राधा रतूड़ी ने प्रोजेक्ट ‘‘लैब्स ऑन व्हील्स’’ मोबाइल सांइस लैब प्रोजेक्ट की डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महानिदेशक शिक्षा को इस सम्बन्ध में सभी विद्यालयों को निर्देश जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य के ग्रामीण एवं सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं की मजबूती तथा विज्ञान व शिक्षा को जोड़ने वाले प्रोजेक्ट ‘‘लैब्स ऑन व्हील्स’’ मोबाइल सांइस लैब की समीक्षा के दौरान प्रथम चरण में चम्पावत, अल्मोड़ा, देहरादून एवं पौड़ी में इसे संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के तहत विज्ञान शिक्षा हेतु बालिकाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। शासन द्वारा प्रोजेक्ट ‘‘लैब्स ऑन व्हील्स’’ मोबाइल सांइस लैब के लिए 5 करोड़ की धनराशि निर्गत की गई है। राज्य के कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों में विज्ञान, टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग तथा गणित विषयों में क्रियात्मक ज्ञान की वृद्धि हेतु 13 जिलों में लैब्स ऑन व्हील्स प्रोजेक्ट के तहत मोबाइन साइंस लैब संचालित की जाएगी। आरम्भ में चम्पावत, अल्मोड़ा, देहरादून एवं पौड़ी चार जिलों में छः माह तक कार्यक्रम के सफल संचालन के बाद सभी जनपदों में इस प्रोजेक्ट को संचालित किया जाएगा।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि प्रोजेक्ट लैब्स ऑन व्हील्स के तहत मोबाइल सांइस लैब के माध्यम से राज्य के ग्रामीण एवं सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ किया जाए तथा विज्ञान एवं शिक्षा को पूरक बनाने के साथ-साथ विज्ञान को लोकप्रिय बनाने व विज्ञान संचार गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों में व्यवहारिक प्रदर्शनों/मॉडलों गतिविधियों और प्रदर्शनों के माध्यम से जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक और गणित पाठयक्रम में अनुभावत्मक कौशल विकसित करने तथा व्यवहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने लैब्स ऑन व्हील्स के तहत राज्य के दुर्गम एवं ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं हेतु साइंस फिल्मों के प्रदर्शन, टेलिस्कॉप से लाइव स्काई ऑब्जर्वेशन, विज्ञान मेलों एवं वर्कशॉप का आयोजन, नवाचार मेलों का आयोजन एवं शिक्षकों हेतु प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं के आयोजन के निर्देश दिए हैं।

राज्य सरकार एवं यूकॉस्ट परिषद की महत्वकांक्षी परियोजना लैब्स ऑन व्हील्स मोबाइल साइंस लैब हेतु अगस्तया फाउडेशन बेंगलुरु का सहयोग लिया जा रहा है।

बैठक में अपर सचिव रंजना राजगुरू, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, यूकॉस्ट महानिदेशक प्रो0 दुर्गेश पंत व अगस्तया फाउण्डेशन के संस्थापक उपस्थित रहे।