समाज की बेहतरी के लिए गुरु के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए-अग्रवाल

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह के जन्म दिवस के अवसर पर आज हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा ऋषिकेश और सिंह सभा गुरुद्वारा गढ़ी श्यामपुर में माथा टेक कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया। इस अवसर पर उन्होंने गुरु गोविंद सिंह के त्याग को अद्वितीय बताया। अग्रवाल ने गुरुद्वारा सिंह सभा गढ़ी श्यामपुर में पंगत के साथ बैठकर लंगर भी छका।
प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह सिख पंथ के दसवें और अंतिम सिख गुरु थे। जो 9 साल की उम्र में गुरु के रूप में उदित हुए। अग्रवाल ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने जाति वर्ग के भेद को दूर कर खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह समाज और धर्म के ऐसे योद्धा थे जिन्होंने जीवन पर्यंत अपने संपूर्ण परिवार को धर्म के लिए समर्पित कर दिया।
अग्रवाल ने कहा कि सामाजिक मान्यताओं की विभिन्न विषमताओं के साथ लड़ने की क्षमता गुरु गोविंद सिंह के अंदर थी। वह ऐसे योद्धा थे, जो हर सामाजिक बुराई का डटकर मुकाबला करते थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने सिख पंथ के माध्यम से ऐसे स्वाभिमानी लोग तैयार किए जो अपने धर्म व समाज के लिए हमेशा अडिग रहे।
इस अवसर पर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को लेकर गढ़ी श्यामपुर स्थित सिंह सभा गुरुद्वारे में अग्रवाल को गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने सरोपा भेंट कर सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर सरदार लक्ष्मण सिंह, राजपाल पवार, सरदार बृजपाल सिंह, सरदार कुलवंत सिंह, सरदार हरबंस सिंह, सरदार जसपाल सिंह, केसर सिंह गुसाईं, जोगिंदर सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

समाज की निस्वार्थ सेवा है सिख समाज की पहचान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देर सायं रायपुर स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारे नानक सर में मत्था टेककर गुरु का आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश की खुशहाली की कामना की। गुरुद्वारे पहुंचने पर मुख्य सेवादार सरदार सतनाम सिंह व राकेश चुंग ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज हमेशा से अपनी निस्वार्थ सेवा के लिए जाना जाता है। सिख समाज के गुरुओं ने जिस प्रकार धर्म की रक्षा के लिए अपने व अपने परिवारों का बलिदान दिया उसे भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य सरकार सिख समाज के सहयोग के लिये निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा की गुरुद्वारों में सेवा करने का अवसर मिलने से वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। आशीर्वाद लेने के पश्चात मुख्यमंत्री ने संगत के साथ बैठकर लंगर भी ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री के साथ विधायक रायपुर उमेश शर्मा काऊ, भाजपा नेता बलजीत सोनी, नानकसर के मुख्य सेवादार सरदार सतनाम सिंह, गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरबक्श सिंह, रेसकोर्स गुरुद्वारा के अध्यक्ष बलबीर सिंह आदि उपस्थित थे।