दोहरे प्रभार की व्यवस्था में संशोधन

देहरादून।
शिक्षा अधिकारियों के तबादलों में रह गई विसंगतियों के साथ ही दोहरे प्रभार की व्यवस्था में संशोधन होगा। कुछ जिलों में कनिष्ठ अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों से बड़ा जिम्मा दिया गया है। इन विसंगतियों को दूर करने को शासन ने 14 अक्टूबर को बैठक बुलाई है।
सरकार ने बीते माह के आखिरी हफ्ते में शिक्षा महकमे में सात संयुक्त निदेशक समेत 43 अधिकारियों के तबादले किए थे। इनमें सात अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार के रूप में दोहरी जिम्मेदारी दी गई है। दोहरे प्रभार के साथ कुछ अधिकारियों को कनिष्ठ होने के बावजूद उच्च पदों का जिम्मा सौंपे जाने की शिकायतें भी शासन को मिली हैं। ये शिकायतें अधिकतर जिला स्तर पर होने वाली तैनाती से जुड़ी हैं। सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान राज्य परियोजना कार्यालय में प्रभारी अपर निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती को देहरादून के मुख्य शिक्षा अधिकारी के पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह सीईओ हरिद्वार अजय कुमार नौडियाल को सीईओ चमोली के साथ ही डीईओ बेसिक चमोली का अतिरिक्त प्रभार, अशोक कुमार सिंह को प्रभारी सीईओ अल्मोड़ा के साथ डीईओ-बेसिक अल्मोड़ा की अतिरिक्त जिम्मेदारी, आनंद भारद्वाज को उप निदेशक विधि के साथ बेसिक शिक्षा निदेशालय में संयुक्त निदेशक का अतिरिक्त जिम्मा, डीईओ हरिद्वार पुष्पारानी वर्मा को प्रभारी सीईओ हरिद्वार का अतिरिक्त प्रभार, दलेर सिंह राजपूत को प्रभारी डीईओ माध्यमिक चंपावत के साथ सीईओ का अतिरिक्त प्रभार, रमेशचंद्र आर्य को प्रभारी सीईओ बागेश्वर के साथ डीईओ माध्यमिक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।

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दोहरे प्रभार में कई अधिकारियों को उच्च पद सौंपे गए हैं तो सीइओ पद पर तैनात अधिकारियों को वरिष्ठता क्रम में नीचे जिला शिक्षा अधिकारियों का दायित्व भी सौंपा गया है। वहीं एक ही पद पर दो अधिकारियों को तैनाती दी गई। रामनगर बोर्ड में प्रभारी अपर सचिव रामेंद्र कुशवाहा को उत्तरकाशी में डीईओ माध्यमिक के पद पर तैनात किया किया गया है। इसी पद पर चमोली जिले के डीइओ बेसिक राजेंद्र प्रसाद डंडरियाल को डीईओ माध्यमिक के पद पर उत्तरकाशी भेजा गया। विभाग के उच्चाधिकारियों के अनसार तबादलों में विसंगतियों को दूर किया जाएगा। इस संबंध में 14 अक्टूबर को शासन स्तर पर बैठक भी होगी।