हरिद्वार लोकसभा मैं सैंकड़ो कोंग्रेसियों ने थामा बीजेपी का साथ, नरेश बंसल ने दिलाई सदस्यता।

आज बड़ेडी राजपूतान( हरिद्वार) अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यक्रम में राव इंतजार जो कि कांग्रेस पार्टी छोड़ कर आय है के नेतृत्व में सैकड़ों अल्पसंख्यक समाज के लोगों को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई।

कल्याणकारी योजनाएं चलाने के लिए मुख्यमंत्री का किया सम्मान

जनपद हरिद्वार में इकबालपुर नहर की स्वीकृति के साथ ही किसानों के हित में लिए गए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए रुड़की, बहादराबाद व भगवानपुर के किसानों द्वारा मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक निर्णय लिए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत साल में 6 हजार रूपये प्रदान किए जा रहे हैं इससे देश के 12 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। इस योजना में उत्तराखंड के सात लाख किसानों को लाभ होगा। इस योजना में सालाना 75 हजार करोड़ रूपए व्यय होंगे। यह सतत मिलने वाली सहायता होगी इससे किसान खाद एवं बीज आदि की तत्कालीन व्यवस्था करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में स्वामिनाथन रिपोर्ट को सरकार ने लागू कर फसलों के समर्थन मूल्य में डेढ़ गुना वृद्धि की है। किसानों की आय दोगुनी करने के भरसक प्रयास हो रहे हैं पहली बार 22 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत से डेढ़ गुना बढ़ाया गया। किसानों के लिए नीम कोटेड यूरिया उपलब्ध करवाया मिट्टी की उर्वरता के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड जारी किए फसलों के खराब होने की दशा में फसल बीमा योजना से किसानों के नुकसान की भरपाई हो रही है।किसानों को फार्म मशीनरी बैंक द्वारा कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। किसानों से अनाज की पारदर्शी ऑनलाइन खरीद हो रही है गन्ना किसानों के बकाया का 100 प्रतिशत भुगतान किया गया है। निजी चीनी मिलों को गन्ना किसानों के भुगतान हेतु साॅफ्ट लोन की व्यवस्था की गयी है, गन्ना किसानों को 4 रूपये प्रति कुन्तल की भी सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में इकबालपुर नहर का प्रस्ताव उत्तराखण्ड व उ0प्र0 द्वारा संयुक्त रूप से तैयार कर भारत सरकार को सौंपा गया। 1100 करोड़ की इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसमें दोनो प्रदेश 550-550 करोड़ की धनराशि का व्यय वहन करेंगे तथा इससे इस क्षेत्र की खेती को पर्याप्त सिंचाई हेतु पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1840 रूपए प्रति क्विंटल है। राज्य सरकार इसके अतिरिक्त प्रदेश के किसानों को उनके व्यापक हित में गेहूं पर 20 रूपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस की राशि प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान में श्रमिकों में 90 प्रतिशत से अधिक असगंठित क्षेत्र में हैं। इन श्रमिकों की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सुध ली है। ऐसे श्रमिक जिनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है और मासिक कमाई 15,000 रुपये से कम है, वो सभी इस योजना से जुड़ सकते हैं। सभी कामगार जो घरों में सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, कबाड़ से आजीविका कमाते हैं, खेत में मजदूरी कर रहे हैं, सड़कों व घरों के निर्माण में लगेे हैं, रेहड़ी व ठेले चलाते हैं, बुनकर हैं ऐसे कामों से जुड़े सभी कामगार योजना में शामिल हो सकते है। इस योजना के तहत कामगारों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपए की मासिक पेेंशन दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना में हम किसानों को बिना ब्याज के एक लाख रूपए तक के रेट दे रहे हैं ताकि इनकी इनपुट कॉस्ट कम की जा सके। एग्रो प्रोसेसिंग के लिए कृषक समूह को बिना ब्याज के पांच लाख तक का ऋण दिया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड के लिए 3340 करोड रुपए किस राज्य समेकित सहकारिता विकास परियोजना शुरू की गई है जिसमें कृषि बागवानी पशुपालन सहकारिता में 55 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार से जुड़ा जा सकेगा। पहाड़ी क्षेत्र में बंजर भूमि के उपयोग और इसे फिर से उपजाऊ बनाने के लिए संगत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है वातावरण के हिसाब से फसल विशेष के क्षेत्रवार कलस्टर तैयार किए जा रहे हैं पशुपालन दुग्ध उत्पादन मत्स्य पालन बागवानी जैसे कार्यों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के तकनिकी सलाहकार नरेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित थे।

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री ने लांच की प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का उत्तराखण्ड में भी शुभारम्भ कर दिया गया है। सीएम आवास में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व श्रम मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने 15 श्रमिकों को कार्ड वितरित किए। अहमदाबाद में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का शुभारम्भ किया। यहां उत्तराखण्ड के दो श्रमिक अरूण कुमार व मनोज, सम्मानित होने वाले श्रमिकों में शामिल थे।
असंठित कामगारों के लिए पेंशन योजना ‘‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’’ के राज्य स्तर पर शुभारम्भ के अवसर पर राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने गरीबों की सुध लेते हुए इस योजना की शुरूआत की है। हम सभी में गरीबों की परवाह करने की भावना होनी चाहिए। मजदूर कड़ी मेहनत करते हैं। जब 60 वर्ष की उम्र हो जाती है तो शरीर साथ नहीं देता है। कई बार ऐसा भी होता है कि संतान अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से मिलने वाली पेंशन बहुत बड़ा सहारा होगी। इस योजना की अधिक से अधिक श्रमिकों को जानकारी देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद, पं. दीनदयाल उपाध्याय, गुरू माधव सदाशिव गोलवलकर जी ने कहा था कि दरिद्र नारायण में भगवान रहते हैं। विकास की पंक्ति में सबसे नीचे खड़े व्यक्ति को ऊपर उठाना ही जीवन की सबसे बड़ी सिद्धी है। श्रमिकों में 90 प्रतिशत से अधिक असगंठित क्षेत्र में हैं। ऐसे मजदूरों की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सुध ली है। उन्होंने हमेशा गरीबों, किसानों व मजदूरों के हित की बात की है। आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, हर घर में शौचालय, जनधन योजना, आवास योजना ऐसी योजनाएं हैं जो गरीबों को सीधा फायदा पहुंचाती हैं। ये सतत चलता रहेगा। प्रधानमंत्री ने जिस नए भारत का सपना देखा है, वह तभी पूरा हो सकता है जब समाज का हर व्यक्ति मजबूत हों। ये सभी योजनाएं गरीबों को मजबूत करती हैं।

श्रम मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे गरीबों के लिए बड़े काम करना चाहते हैं। उन्होंने अपने इस संकल्प को पूरा किया है। अटल जी ने भी कहा है कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता है, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता है। प्रधानमंत्री जी ने बड़ा मन दिखाया है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और मजदूरों के लिए पेंशन का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 3000 रुपये की मासिक पेंशन प्रदान करने का प्रावधान है। इस योजना में शामिल होने के लिए श्रमिकों को अपना पंजीकरण कराना होगा।
ऐसे श्रमिक जिनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है और मासिक कमाई 15,000 रुपये से कम है, वो सभी इस योजना से जुड़ सकते हैं। सभी कामगार जो घरों में सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, कबाड़ से आजीविका कमाते हैं, खेत में मजदूरी कर रहे हैं, सड़कों व घरों के निर्माण में लगेे हैं, रेहड़ी व ठेले चलाते हैं, बुनकर हैं ऐसे कामों से जुड़े सभी कामगार योजना में शामिल हो सकते है। इस योजना के तहत कामगारों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपए की मासिक पेेंशन दी जाएगी। यदि कोई लाभार्थी 18 साल की उम्र में इस योजना से जुड़ता है तो उसे 55 रुपये मासिक प्रीमियम के तौर पर देना होगा। 29 साल की उम्र में 100 रुपये जबकि 40 साल की उम्र में जुड़ने वालों को 200 रुपये का मासिक अंशदान करना होगा। श्रमिक के बराबर राशि का अंशदान केंद्र सरकार द्वारा भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में विधायक सुरेश राठौड़, सचिव हरबंस चुघ सहित अन्य विभागीय अधिकारी व असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक मौजूद थे।

देहरादून को मिली एक और सौगात, अजबपुर में रेलवे ओवरब्रिज का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 72 पर 4-लेन अजबपुर रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन किया। इसकी लम्बाई 815 मीटर व चौड़ाई 19 मीटर है। मुख्यमंत्री ने समय से पूर्व काम पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों व कार्यदायी संस्था को बधाई देते हुए कहा कि इसी तरह की तेजी अन्य विकास कार्यों में भी देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेसकोर्स-भण्डारीबाग फ्लाईओवर को भी मंजूरी दे दी गई है। पिछले दो वर्षों में अनेक प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं। राज्य में सड़कों के निर्माण के लिए 15 हजार से ज्यादा शासनादेश किए जा चुके हैं। ये सड़कें अगले वर्ष बनकर तैयार हो जाएंगी। ग्रामीण सड़कों में भी अच्छी प्रगति हुई है। इसके लिए भारत सरकार से अवार्ड भी मिला है।
उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि विकास का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे। शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया है। मेडिकल कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरो की नियुक्ति की गई है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा में भी प्रवक्ताओं की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डोईवाला में सिपेट में छात्रों को सौ प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी है। यहां नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी शुरू की जाएगी। इसका शिलान्यास किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन मे हाई एंड टूरिस्ट पर फोकस किया जा रहा है। इससे राजस्व बढता है और राज्य के युवाओं को रोजगार मिलता है। पिछले एक वर्ष में 6 लाख पर्यटक अधिक आए हैं। हाल ही में हुए टिहरी महोत्सव में 24 देशों से लोग आए। उत्तराखंड फिल्म शूटिंग का डेस्टिनेशन बन रहा है। इससे लोकल अर्थव्यवस्था को बल मिलता है। माणा में भी फिल्म शूटिंग हो रही है।
उन्होंने कहा कि कि पुलवामा के बाद भारतीय वायुसेना की एयरस्ट्राईक से यह संदेश गया है कि भारत आतंकवाद को समाप्त करने के लिए कुछ भी कर सकता है। मिग विमान से एफ 16 को नष्ट करना बहुत बङी बात है। अब यह साफ हो गया है कि हम दुश्मन को मारेंगे और मारकर वापस लौटेंगे। हमारी सेना की ये ताकत पहले भी थी और हमेशा रहेगी। जरूरत थी राजनीतिक निर्णय की जो कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने लिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पीएमजीएसवाई के तहत रायपुर में सौड़ा समोली से अखण्डवाली भिलंग मार्ग लागत 4 करोड़ 63 लाख रूपये का शिलान्यास किया। उन्होंने रायपुर में ही विभिन्न रपटों पर 4 करोङ 31 लाख रूपये की लागत से बने बाक्स कुल्वर्ट का लोकार्पण किया। रायपुर के नालापानी राव नदी पर ननूरखेङा व मंगलूवाला को जोङने हेतु 2 करोड़ 19 लाख रूपये की लागत से बने आरसीसी पुल का भी लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, विधायक उमेश शर्मा काउ, हरबंस कपूर, मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व स्थानीय लोग उपस्थित थे।

देश की 22 वी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का मुख्यमंत्री ने रानीपोखरी में शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को रानीपोखरी में केन्द्रीय लाॅ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया। यह देश की 22वीं केन्द्रीय यूनिवर्सिटी होगी। यह युनिवर्सिटी 26 करोड़ की लागत से बनेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 73 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें से 68 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण तथा 5 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कार्य शामिल हैं। इनमें मुख्यमंत्री की घोषणा के अन्तर्गत निर्मित सड़को के साथ ही क्षेत्र की विभिन्न आन्तरिक व मुख्य सड़को का निर्माण शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क निधि के तहत 49.25 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास भी किया। जिसमें डोईवाला के अन्तर्गत थानो भोगपुर मोटर मार्ग 240 मी0 स्पान आरसीसी प्रिस्ट्रेस्ड सेतु लागत रू0 19.22 करोड़, ऋषिकेश के अन्तर्गत चाण्डी प्लान्टेशन मोटर मार्ग का निर्माण लागत 13.74 करोड़ तथा देहरादून-रानीपोखरी मोटरमार्ग पर रानीपोखरी में 252 मी0 आर.सी.सी. सेतु निर्माण लागत 16.29 करोड़ शामिल है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रानीपोखरी में स्थापित होने वाली यह देश की 22वीं नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी होगी। जो उत्तराखंड के लिए यह गर्व की बात है। यह उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष लगाव का नतीजा है कि आज प्रदेश उत्तराखंड को लॉ यूनिवर्सिटी का तोहफा मिला है। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी के खुलने से प्रदेश में उच्च शिक्षा को नए आयाम मिलेंगे, तथा इसमें प्रदेश के साथ ही देश भर के प्रतिभावान छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आएंगे। उन्होंने कहा कि जब कोई भी बड़ा संस्थान किसी स्थान पर खुलता है तो उसके कई मायनों में फायदा होता है। इस लॉ यूनिवर्सिटी से न केवल शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को अवसर मिलेंगे बल्कि स्थानीय लोगों की आर्थिकी भी सुधरेगी और रोजगार मिलेगा। हमारे युवा भी यूनिवर्सिटी में विभिन्न पदों पर रोजगार से जुड़ेंगे। इस तरह के प्रयास लोकल इकोनॉमी को भी मजबूत बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास आई.आई.टी., आई.आई.एम. और एम्स जैसे संस्थान पहले से मौजूद थे, इसके बावजूद उत्तराखंड को एजुकेशन हब बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष सहयोग दिया है। पिछले 23 महीने में डोईवाला क्षेत्र में 2 राष्ट्रीय स्तर के संस्थान खुले हैं। डोईवाला में 2017 में सीपैट का उद्घाटन किया गया था। वहां पर सीपैट में कक्षाएं चल रही हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चों को सौ फीसदी प्लेसमेंट मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों मोदी ने वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किच्छा व लालढांग में दो नए मॉडल डिग्री कॉलेजों व पौड़ी के पैठाणी में प्रदेश के पहले वोकेशनल कॉलेज का शिलान्यास किया है। इन संस्थानों के लिए बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। ये तमाम कोशिशें प्रदेश के लिए न केवल रोजगारपरक शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगी। बल्कि उत्तराखंड को उच्च शिक्षा का हब बनाने में भी मददगार होंगी, ऋषिकेष में शीघ्र ही कन्वेंसन सेन्टर की स्थापना की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। विभिनन रोजगारपरक नीतियों और योजनाओं के माध्यम से हमने हर स्तर पर रोजगार सृजन के प्रयास किए हैं। पिछले दिनों प्रधानमंत्री जी ने राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश के लगभग 55 हजार युवा रोजगार से जुड़ सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में सबसे ज्यादा रोजगार सृजित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। हजारों लोग टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म में रोजगार से जुड़ रहे हैं, होमस्टे शुरू करने के लिए युवाओं का आकर्षण बढ़ रहा है। प्रदेश में पर्यटन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में देश विदेश की प्रतिभागी भी हिस्सा ले रहे हैं। जो राज्य के पर्यटन के लिये शुभ संकेत है। हमारा प्रयास हर न्यायपंचायत स्तर पर वहां के स्थानीय संसाधनों के आधार पर एक लोकल इकोनॉमी स्थापित करना है। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हों, इसके लिए ग्रोथ सेंटर योजना पर कार्य किया जा रहा है। पिरूल नीति से डेढ़ लाख महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। 16 हजार से ज्यादा लोगों को पिछले दो साल में एम.एस.एम.ई. नीति के तहत रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए। स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार, पलायन आदि क्षेत्रों में विशेष बल दिया।
अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना- प्रदेश के सभी परिवारों को अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से जोड़ा जा रहा है। 25 दिसम्बर को प्रदेश में इस योजना के शुभारम्भ से अभी तक 10 हजार से अधिक लोगों का ईलाज हो चुका है। जबकि 23 लाख 50 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। सभी परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति को यह गोल्डन कार्ड दिया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है।
वीरभूमि उत्तराखण्ड में एक भव्य शौर्य स्थल बनाया जायेगा। इसके लिए बजट में प्राविधान किया जा चुका है। शौर्य स्थल के लिए जल्द भूमि का चयन किया जायेगा। शौर्य स्थल बनाने के लिए एक कमेटी बनाई जायेगी, जिसमें सेना के लोगों को भी शामिल किया जायेगा।

उत्तराखण्ड में जल्द ही साइंस सिटी बनाई जायेगी। साइंस सिटी बनाने के लिए केन्द्र से स्वीकृति मिल चुकी है। साइंस सिटी के लिए सुद्धोवाला में 26 एकड भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। इससे बच्चो को विज्ञान के आधुनिक तौर-तरीको की जानकारी के साथ ही अन्वेषण करने का मौका मिलेगा।
इस अवसर पर सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि रानीपोखरी में बनने वाला यह राष्ट्रीय लाॅ विश्वविद्यालय उत्तराखण्ड की पहचान बनेगी। उत्तराखण्ड शिक्षा का पहले से ही हब है, देश व दुनिया के बड़ी संख्या में छात्र उत्तराखण्ड में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत ने कहा कि डोईवाला की जनता का सौभाग्य है कि 23 माह में 2 राष्ट्रीय स्तर के संस्थान यहां बने हैं। सीपेट और लाॅ विश्वविद्यालय दोनों ही भविष्य में प्रदेश में रोजगार की मजबूत नीव रखेंगे। पिछले 23 माह में प्रदेश के लगभग चार लाख युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि 7 मार्च से आंगनबाड़ी केन्द्रों में पढ़ने वाले 3 लाख बच्चों को पौष्टिक आहार के रूप में सप्ताह में दो दिन आॅचल का दूध उपलब्ध कराया जायेगा।

राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाकर 2100 की: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हल्द्वानी में मेडिकल काॅलेज प्रांगण में रू.197 करोड़ 50 लाख की लागत की 42 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। इसमें रू.148 करोड़ 65 लाख की 22 योजनाओं का शिलान्यास तथा 48 करोड़ 85 लाख की 20 योजनाओं का लोकार्पण सम्मिलित है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों तक विकास की किरणें पहुॅचे, इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी दृढ़ शक्ति के साथ प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत के विकास कार्य प्रदेश के सभी जनपदों में गतिमान हैं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ ही जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुॅचाना सरकार की प्राथमिकताओं में है। प्रदेश के हर गरीब व आम व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले, इसके लिए प्रदेश में अटल आयुष्मान योजना संचालित की गई है, जिसके तहत प्रदेश में शतप्रतिशत लोगों के गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर गतिमान है। इस योजना के तहत रू.5 लाख तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए सरकार ने प्रभावी कदम उठाएं हैं। दो वर्ष पहले जहां महज 1034 चिकित्सक ही सरकारी अस्पतालों में कार्यरत थें, जो आज उनकी संख्या बढ़कर 2100 हो गयी है। मेडिकल काॅलेज के छात्र-छात्राओं से कहा कि मानवीय सेवा महान गुण है। मेडिकल छात्र पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुॅचाने में सरकार के मिशन में सच्ची भावना से शामिल हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य हमारे प्रदेश की दो महत्वपूर्ण चुनौतियाॅ हैं। तकनीकि के जरिये आम आदमी की मुश्किलों को आसान करने के लिए राज्य के 43 अस्पतालों में आॅन लाईन रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया है। टेली रेडियोलोजी के माध्यम से सुदूरवर्ती 35 मेडिकल सेन्टरों में एक्स-रे, सीटी स्कैन तथा मैमोग्राफी की सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं अभियान के तहत बालिकाओं को जन्म देने वाली माताओं को वैष्णवी किट प्रदान की जा रही है। स्पर्श योजना के तहत बहुत ही कम मूल्य पर बालिकाओं को सैनेट्री नैपकिन उपलब्ध कराये जा रहे है। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिले में वर्ष 2007 में निर्मित मालधनचैड़ राजकीय चिकित्सालय में पद सृजित करते हुए चिकित्सकों की तैनाती कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले सत्र से राजकीय मेडिकल काॅलेज अल्मोड़ा विधिवत रूप से अपना कार्य प्रारंभ कर देगा, कुमाऊॅ मण्डल के पर्वतीय क्षेत्र के इस मेडिकल काॅलेज के लिए बजट की व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राजकीय मेडिकल काॅलेज हल्द्वानी में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है।
इस अवसर पर सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा लागू की गयी योजनाओं को लेकर जनमानस में काफी उत्साह है। योजनाओं का लाभ गरीब लोगों के साथ ही आम जनमानस को मिल रहा है। विकास हमारी परम्परा एवं संस्कृति है। इस उद्देश्य को लेकर सरकार हर पल विकास के कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं सहकारिता राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत, विधायक बंशीधर भगत, नवीन दुम्का, संजीव आर्य, महेश नेगी, राम सिंह कैडा, मेयर डाॅ. जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, ब्लाॅक प्रमुख आनन्द सिंह दरम्वाल, अध्यक्ष मण्डी समिति गजराज सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट आदि मौजूद थे।

उत्तराखंड में 9 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का डिजिटल शुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर से किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 11 किसानों को किसान सम्मान निधि की सहायता राशि व 3 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिये। प्रधानमंत्री के हाथों किसान सम्मान निधि की पहली किश्त लेने वालों में उत्तराखण्ड के कृषक जसपाल सिंह भी शामिल हैं। पहली किश्त के रूप में देशभर के 1 करोड़ एक लाख से अधिक किसानों के खातों में डिजिटल पेंमेंट किया गया उसमें उत्तराखण्ड के डेढ़ लाख से अधिक किसानों के खातों में पहली किश्त के दो-दो हजार रूपय डाले जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के राज्य स्तरीय शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि किसान सम्मान निधि की पहली किश्त के रूप में आज प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने की दिशा में प्रधानमंत्री का यह एक और सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमान्त किसानों को कृषि से सम्बन्धित विभिन्न कार्यों के लिए प्रतिवर्ष 6 हजार रूपये सीधे उनके खातों में ट्रांसफर किये जायेंगे। यह पूर्णतः केन्द्र पोषित योजना है। इस निधि से किसानों को एक स्थाई व्यवस्था मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम किसान निधि के तहत उत्तराखण्ड में कुल 9 लाख 73 हजार 147 किसानों का पंजीकरण हुआ है, जिसमें से 4 लाख से अधिक लाभार्थियों के नाम पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड हो चुके हैं। इस माह के अन्त तक सभी लाभार्थियों के नाम अपलोड कर लिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के लिए प्रधानमंत्री जल्द ही अगली योजना का शुभारम्भ करने वाले हैं। श्रमिकों के आकस्मिक मृत्यु पर उनके आश्रितों को 6 लाख रूपये मुआवजा राशि देने का निर्णय केन्द्र सरकार ने लिया है साथ ही असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए पीएम श्रमयोगी मानधन योजना के तहत 3 हजार रूपये पंेशन देने की शुरूआत की जा रही है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने की दिशा में प्रदेश के लघु व सीमान्त कृषकों को मात्र 2 प्रतिशत ब्याज पर एक लाख तक का लोन दिया गया। जबकि अब प्रदेश के किसानों को अब एक लाख तक का तथा महिला व पुरूष स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है।
कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज का दिन देश के कृषकों के लिए यह शुभ दिन है। प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि का शुभारम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट सोच है कि जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता है। उत्तराखण्ड में पलायन को रोकने के लिए किसानों को मजबूत करने के लिये निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य सरकार ने पिछले दो साल में 70 से अधिक निर्णय किसानों के हित में लिये हैं। फार्म मशीनरी बैंक से कृषि उपकरणों की खरीद पर 80 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उत्तराखंड को ऑर्गेनिक स्टेट बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। 2 लाख एकड़ भूमि पर आॅर्गेनिक खेती शुरू करने जा रहे हैं। उत्तराखण्ड में औद्योगिक सम्भावना की दृष्टि से केन्द्र की ओर से राज्य को भरपूर सहयोग मिल रहा है। खेती के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्यपालन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषकों की आय को बढ़ाने के लिए कृषि के साथ एलाइड सेक्टरों को भी जोड़ना होगा। चकबन्दी व सामूहिक खेती पर कृषकों को बल देना जरूरी है।
इस अवसर पर विधायक हरबंश कपूर, विनोद चमोली, मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव राजस्व परिषद् उत्तराखण्ड सुशील कुमार, जिलाधिकारी देहरादून एस.ए.मुरूगेशन, सीडीओ जी.एस. रावत व कृषि विभाग के अधिकारी तथा कृषक मौजूद थे।

केंद्र सरकार के तर्ज पर चली राज्य सरकार, लोकलुभावन बजट से लोकसभा चुनाव की तैयारी

केंद्र की मोदी सरकार के एजेंडे पर कदमताल करते हुए अन्नदाता किसान को केंद्र में रखकर बजट में खेती-किसानी पर बड़ा दांव खेला गया। बीते वर्षों से किसानों को सस्ता ऋण मुहैया करा रही सरकार अब किसानों को व्यक्तिगत और स्वयं सहायता समूहों में ब्याजमुक्त ऋण देगी। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को बड़े गेम चेंजर के तौर पर देखते हुए 150 करोड़ बजट प्रावधान किया गया है। मतदाताओं के बड़े शहरी वर्ग में नगरों, निकायों में अवस्थापना सुविधाओं के ढांचे के विस्तार की बड़ी उम्मीदें जगाई गई हैं। देहरादून स्मार्ट सिटी के लिए 160 करोड़ और देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो ट्रेन के लिए ढांचे के निर्माण को बजट में जगह दी गई है। यही नहीं, भविष्य में यानी 2021 में होने वाले कुंभ को अविस्मरणीय बनाने के लिए बजट में 155 करोड़ की अच्छी-खासी रखी गई है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने लगातार तीसरी दफा बजट में मोदी सरकार की केंद्रपोषित योजनाओं की मदद पर ही अधिक भरोसा किया। वहीं, बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री प्रकाश पंत के दो बार अस्वस्थ होकर बेसुध हो जाने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शेष बजट भाषण प्रस्तुत किया।
विधानसभा में सत्र के पांचवें दिन वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों की गैर मौजूदगी और एकमात्र विपक्षी निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार की मौजूदगी में सूबे की भाजपा सरकार का तीसरा गुलाबी बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए कुल 48663.90 करोड़ का करमुक्त बजट पेश किया। इसमें 38932.70 करोड़ राजस्व लेखे और 9731.20 करोड़ पूंजी लेखे का व्यय अनुमानित है।
राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों पर करीब 14513.79 करोड़ और पेंशन व अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों पर 5942.69 करोड़ का खर्च अनुमानित है। 22.79 करोड़ राजस्व सरप्लस के इस बजट में कर राजस्व 23622.11 करोड़ और करेत्तर राजस्व 15333.38 करोड़ मिलने का अनुमान है। बजट में राजस्व घाटे का अनुमान नहीं है। अलबत्ता 6798.16 करोड़ का राजकोषीय घाटा अनुमानित है, लेकिन यह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के तहत निर्धारित जीएसडीपी के तीन फीसद के भीतर है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-19 की तुलना में अगले वित्तीय वर्ष का बजट प्रावधान सात फीसद अधिक है।

बजट के प्रमुख बिंदु

-गरीब किसानों को एग्रो प्रोसेसिंग व कृषि कार्यों के लिए एक लाख तक ब्याजमुक्त ऋण

-कृषि को बढ़ावा देने को कृषि संबंधी कार्यकलापों के लिए स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख तक ब्याजमुक्त ऋण

-वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने को परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत 104.12 करोड़

-अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 150 करोड़ की राशि

-महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत चार करोड़ का प्रावधान

-असिंचित क्षेत्रों में नहरों के निर्माण को 121 करोड़ का प्रावधान

-सौंग नदी पर बांध निर्माण व अवस्थापना कार्यों के निर्माण को 170 करोड़

-डोईवाला में उप जिला चिकित्सालय के निर्माण को 10 करोड़, मानसिक चिकित्सालय सेलाकुई के सुदृढ़ीकरण को 10 करोड़

-राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं संबद्ध चिकित्सालयों की स्थापना को 119.33 करोड़, अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को 76.85 करोड़, दून मेडिकल कॉलेज के लिए 85.65 करोड़

-समग्र शिक्षा के लिए 1073 करोड़, नाबार्ड योजना में विद्यालयों-छात्रावासों के निर्माण को 20 करोड़

-विश्वविद्यालय, सरकारी और अशासकीय डिग्री कॉलेज भवन निर्माण को 38 करोड़

-विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों को स्मार्ट कैंपस के रूप में विकसित करने को वाई-फाई जोन की स्थापना को दो करोड़

-राज्य में विधि विश्वविद्यालय की स्थापना को पांच करोड़

-वनाग्नि से सुरक्षा के लिए 21.31 करोड़, कैंपा निधि के तहत पहली बार 228 करोड़ का प्रावधान

-अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति की छात्र-छात्राओं, दिव्यांगों की छात्रवृत्ति को 326 करोड़

-किशोरी बालिका के लिए 15 करोड़, नंदा गौरी योजना को 75 करोड़

-मुख्यमंत्री आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण व उच्चीकरण को सात करोड़, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना को 10 करोड़

-कौशल विकास योजना के तहत 67 करोड़, महिलाओं व कमजोर वर्गों के कौशल विकास की संकल्प योजना को 3.86 करोड़ का प्रावधान

-पर्यटन में आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को बाह्य सहायतित योजना के तहत 70 करोड़, होम स्टे विकास योजना के तहत 11.50 करोड़

-वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत 15 करोड़

-आवास व शहरी विकास योजना को 88.6 करोड़, अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन के तहत 100 करोड़

-प्रदेश के मार्गों-पुलिया अनुरक्षण को 240 करोड़, लोनिवि की चालू योजना के तहत 450 करोड़ व नाबार्ड के तहत 360 करोड़ का प्रावधान

-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 900 करोड़

-रुड़की-देवबंद रेलवे लाइन निर्माण को 100 करोड़

-ग्रामीण व नगरीय स्थानीय निकायों के लिए 2182.79 करोड़

-सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण को 2053.63 करोड़

-प्रदेश में बिजली व्यवस्था में सुधार को एशियन डेवलपमेंट बैंक सहायतित 1400 करोड़ की स्वीकृति

-एडीबी से प्रदेश में अरबन सेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए 1500 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति

-आईफैड योजना के तहत 175 करोड़ का प्रावधान

उत्तराखंड को डबल इंजन का भरपूर फायदा मिल रहा: पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मौसम खराब होने की वजह से रूद्रपुर में आयोजित जनसभा को फोन के माध्यम से संबोधित किया।प्रधानमंत्री ने जनता से क्षमा मांगते हुए कहा कि मैं उत्तराखण्ड तो पहुंचा लेकिन मौसम की खराबी की वजह से रूद्रपुर में आयोजित कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आये विशाल जनसमूह का उन्होंने इस कार्यक्रम में पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। कुमाऊंनी भाषा में अपने सम्बोधन की शुरूआत करते हुए उन्होंने कहा कि वो जब भी देवभूमि उत्तराखण्ड आते हैं, उन्हें बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने बाबा केदार, योग और आध्यात्म, शौर्य और वीरता, मां गंगा, आदिगुरु शंकराचार्य जी की तपस्थली उत्तराखंड आने को अपना सौभाग्य बताया। आज एक बार फिर से इस धरती पर आकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लिए रुद्रपुर का बड़ा महत्व है। यहां औद्योगिक इकाइयों के जरिए राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिल रही है, तो यह क्षेत्र किसानों का हब भी कहा जाता है। सिडकुल की स्थापना के बाद रूद्रपुर की पहचान अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात कि बेहद खुशी है कि चुनाव के दौरान किए गए अपने वादों को निभाने का उन्होंने भरसक प्रयास किया है। उन्होंने अपनी बात का दोहराते हुए कहा कि ये राज्य अटल जी की देन है और हमारी सरकार इसे संवारने की भरसक कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी से लेकर किसानों, युवाओं और महिलाओं की प्रॉस्पैरिटी के लिए पिछले साढ़े चार साल में उत्तराखंड के समग्र विकास की दिशा में कई पहल की हैं। अब उत्तराखण्ड में साल के 12 महीने चार धाम यात्रा के श्रद्धालु आ सकते हैं। चारधाम ऑल वेदर रोड का कार्य तेजी से चल रहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल कनेक्टिविटी मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र में खुशहाली भी ला रहा है। उन्होंने आगे कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 4000 होटल कर्मियों और 1000 टूरिस्ट गाइडों का स्किल डेवलेपमेंट किया जाएगा। यानि 5 हजार युवा स्किल होकर रोजगार सुनिश्चित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में रेल नेटवर्क बहुत सीमित है, लेकिन केन्द्र सरकार में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए उत्तराखण्ड को तीन गुना ज्यादा पैसा दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के बन जाने से न केवल चारधाम की यात्रा आसान होगी, बल्कि पहाड़ों पर भी रेल चलाने का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के अलावा डोईवाला-गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर भी रेल लाइन बिछाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं के लोगों को जोड़ने के लिए नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस शुरू की गई है। उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी मजबूत हो, सीमांत क्षेत्रों के लोग देश के अन्य स्थानों से सीधे कनेक्ट हो सकें और यह सामरिक दृष्टि से भी जरूरी है इसलिए भारतमाला योजना के तहत 628 किलोमीटर लंबी सड़कों का नेटवर्क उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में बिछाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्वे भवंतु सुखिना की भावना के साथ हमने देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को साल में पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज देने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। आज देशभर में इस योजना से 12 लाख लोग निशुल्क उपचार करवा चुके हैं। 5 लाख 37 हजार परिवार इस योजना के दायरे में हैं। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत जी द्वारा एक कदम आगे बढा़ते हुए इस योजना को और भी ज्यादा व्यापक रूप दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से उत्तराखंड के समस्त परिवारों को आरोग्य प्रदान करने का बीड़ा उठाया स्वास्थ्य के क्षेत्र में निश्चित रूप से यह क्रांतिकारी कदम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करते हुए एक स्वस्थ कार्यसंस्कृति का जन्म हुआ है। कामकाज का बेहतर पारदर्शी माहौल बना है, टॉप से लेकर बॉटम तक अधिकारियों की परफॉरमेंस और क्विक डिलीवरी की जिम्मेदारी तय हो रही है। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले करीब दो साल में त्रिवेंद्र रावत जी एक साफ सुथरी और पारदर्शी सरकार देने में सफल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में समेकित सहकारिता विकास योजना की शुरुआत से छोटे मंझोले किसानों और संबंधित क्षेत्रों से जुड़े कास्तकारों को सीधा फायदा पहुंचने वाला है। 3340 करोड़ रुपए की इस योजना से कृषि, बागवानी, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन से जुड़े लोगों को नया आयाम मिला है। उत्तराखंड में पलायन और रोजगार बड़ी समस्याएं रही हैं। इस योजना के बाद राज्य के 55 हजार युवाओं को रोजगार से जुड़ने का मौका मिलेगा। करीब 50 लाख की आबादी को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष तौर पर फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बीज से लेकर बाजार तक की जिस व्यवस्था की बात हम करते हैं, वो आदर्श व्यवस्था इस योजना में लागू होगी। कास्तकारों को व्यवसाय शुरू करने या क्लस्टर खेती करने के लिए ऋण मिलेगा, उत्तम बीज मिलेगा, खाद मिलेगी। सहकारी समितियों के माध्यम से छोटी-छोटी जोत के किसानों के साथ ही बंजर भूमि पर क्लस्टर बनाकर सामूहिक खेती की जाएगी। सहकारी समितियां और मंडिया किसानों के उत्पादों की सीधी खरीद करेंगी। इस तरह योजना से जुड़े लोगों को उचित बाजार भी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा धान की ऑनलाइन खरीद पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पैसा सीधे किसानों के खाते में गया है। किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान किया जा चुका है। चीनी मिल मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान किया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 18 साल में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने एक कदम आगे बढ़ते हुए पहल की और पिछले वर्ष इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करवाया। पर्यटन के क्षेत्र में जो क्रांतिकारी कदम उत्तराखंड सरकार ने उठाए हैं, उससे आने वाले समय में इस राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। केंद्र के सहयोग से पिथौरागढ़ में पंचेश्वर बांध बनाया जा रहा है। इस बाँध से 5000 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकेगी। साथ ही चंपावत, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर के तराई क्षेत्रों को न सिर्फ पीने के साफ पानी की सप्लाई होगी बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
इस अवसर पर नेशनल काॅपरेटिव डेवलपमेंट काॅर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप कुमार ने समेकित सहकारी विकास परियोजना की पहली किश्त का 100 करोड़ रूपये का चेक मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र को सौंपा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत लघु एवं सीमान्त तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सहकारी सदस्यों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज रहित ऋण भी वितरित किया। सितारगंज के गुरूबख्श सिंह, खिर्सू (पौडी) के हरिकिशन व मुन्स्यारी के जसवंत सिंह को एक-एक लाख रूपये का ब्याज रहित ऋण दिया गया, जबकि शबनम व नई दिशा महिला स्वयं सहायता समूहों को 5-5 लाख रूपये का ब्याज रहित ऋण दिया गया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योेजना के तहत प्रदेश के 02 लाख कृषको को 1100 करोड रूपये के अल्पकालीन/फसली ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से अधिक से अधिक महिला समूहो को भी लाभावन्वित किया जायेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत लघु एवं सीमांत सहकारी सदस्यो को 01 लाख तथा स्वयं सहायता समूहो को ब्याजरहित ऋण दिया जायेगा। 2022 तक किसानो की आय दुगनी करने के प्रधानमंत्रीजी के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रदेश मे दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना शुरू की गई थी, इस योजना के तहत 01 लाख 62 हजार 750 लघु एवं सीमांत कृषको को 807 करोड का ऋण मात्र 2 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने हमेशा किसानों के हित को सबसे ऊपर रखा है। इसलिए पहली बार 22 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में लागत से डेढ़ गुना बढ़ोतरी की है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बीज से लेकर बाजार तक की आदर्श व्यवस्था लागू की है। किसानों की इनपुट कॉस्ट कम करने और उन्हें इनकम सपोर्ट देने के लिए 2 हेक्टेयर तक या उससे कम जमीन वाले किसानों को सालाना 6 हजार रुपए की निश्चित राशि देने की योजना शुरू की है। यह पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि उत्तराखंड के करीब 92 फीसदी किसान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि केन्द्रीय जलायोग की तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा जमरानी बाँध के सभी बिन्दुओं और तकनीकी पहलुओं की गहन जाँच के बाद जमरानी बाँध के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी गयी है। 9 किलोमीटर लम्बे, 130 मीटर चैड़े और 485 मीटर ऊँचे इस बाँध के निर्माण से 14 मेगावाट विद्युत उत्पादन के साथ ही पेयजल व सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल पेयजल योजना का भी तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा अध्ययन कर लिया गया है। आशा है कि शीघ्र ही इस योजना के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के निर्माण से नैनी झील के जलस्तर को बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। नैनी झील के रखरखाव के लिए राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भी 20 करोड़ रूपये जारी किए गए थे। 200 करोड़ लागत की मसूरी पेयजल योजना को केन्द्र से सैद्धान्तिक मंजूरी मिल गयी है। उन्होंने कहा कि मसूरी में ग्रीष्मकाल में पर्यटकों का आवागमन बढ़ जाने से पानी की समस्या बढ़ जाती है, इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद मसूरी क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या से निजात मिल सकेगी। केन्द्र द्वारा सैद्धान्तिक स्वीकृति मिलने से इस योजना के निर्माण के लिए शीघ्र ही आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, अरविन्द पाण्डेय, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, राज्य मंत्री डाॅ. धनसिंह रावत, रेखा आर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, स्थानीय विधायक राजकुमार ठुकराल एवं आदि उपस्थित थे।

कुमाऊं में तीसरी बार रैली को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

14 फरवरी को रूद्रपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा व अन्य कार्यक्रमो के सफल आयोजन हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा मंगलवार को प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर विधिवत भूमि पूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने रैली व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जनपद उधमसिंह नगर में प्रधानमंत्री मोदी की यह तीसरी रैली ऐतिहासिक व अभूतपूर्व होगी। प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन को देखते हुये पूरे प्रदेश मेे जोश है। रैली में कुमांऊ मण्डल के साथ-साथ गढवाल मण्डल के लोग भी बड़ी संख्या में भाग लेगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड को अनेक प्रकार के सौगात मिली है। नैनीताल के लिये पेयजल हेतु नई डीपीआर बनायी जा रही है साथ ही मंसूरी में भी पेयजल योजना हेतु शीघ्र स्वीकृृति मिल जायेगी। जौलीग्राण्ट से गुहाटी के लिये विमान सेवा शुरू कर दी गयी है। बहुप्रतिक्षित जमरानी बांध परियोजना को केन्द्रीय जलायोग की तकनीकी सलाहकार समिति ने मंजूरी दे दी है। यह बहुद्देशीय परियोजना है, हमें उम्मीद है कि इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जायेगा। उन्होने कहा जमरानी बांध के बन जाने से उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड को सिचांई व पेयजल का लाभ मिलने के साथ ही बिजली भी मिलेगी।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, जिला अध्यक्ष शिव अरोरा, क्षेत्रीय विधायक द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डा0 धनसिंह रावत, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार, मेयर रामपाल सिंह, पूर्व सांसद बलराज पासी, गजराज बिष्ट, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष दानसिंह रावत, आयुक्त कुमांऊ राजीव रौतेला, डीआइजी अशोक कुमार, जिलाधिकारी डा0 नीरज खैरवाल, एसएसपी वरिन्दरजीत सिंह, एडीएम जगदीश चन्द्र काण्डपाल आदि उपस्थित थे।