दिव्यांगजन दिव्यांग नहीं, समाज के दिव्य अंग हैंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार वितरण समारोह में दिव्यांगजन प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि, मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं मानपत्र प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून में ₹905.13 लाख की लागत से बनने वाले आयुक्त दिव्यांगजन उत्तराखण्ड, उत्तराखण्ड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड तथा समाज कल्याण आईटी सेल के बहुउद्देशीय कार्यालय भवन का शिलान्यास तथा प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र, नैनीताल (एलिम्को) का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने सभी दिव्यांगजनों को विश्व दिव्यांग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उन असाधारण व्यक्तियों को सम्मान देने का अवसर है जिन्होंने चुनौतियों को अवसर और संघर्षों को प्रेरणा में बदलकर समाज को दिशा दी है। उन्होंने कहा कि “दिव्यांगता शरीर में हो सकती है, लेकिन सपनों में नहीं”, और आज हमारे दिव्यांग भाई-बहन प्रत्येक क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन दिव्यांग नही समाज के दिव्य अंग है।

उन्होंने भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर, इंग्लिश चौनल पार करने वाले सत्येंद्र सिंह लोहिया तथा बिना हाथों के विश्व पैरा तीरंदाजी चौंपियन बनीं शीतल देवी जैसे प्रेरक उदाहरण साझा किए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में भारत की दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम द्वारा कोलंबो में टी-20 ब्लाइंड वूमेन वर्ल्ड कप-2025 जीतने पर भी गर्व व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केन्द्र और राज्य सरकार दोनों दिव्यांगजनों को समान अवसर और गरिमामय जीवन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नए भवनों, अस्पतालों व बस अड्डों के निर्माण में दिव्यांगजन-अनुकूल व्यवस्थाएँ अनिवार्य की गई हैं। कई पुराने भवनों में भी सुगम्यता हेतु आवश्यक परिवर्तन किए गए हैं। साथ ही “कॉमन साइन लैंग्वेज” के प्रसार और दिव्यांगजन हितैषी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन भी सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को ₹1500 मासिक पेंशन, दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को ₹700 मासिक भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली विशेष दिव्यांग पेंशन योजना व बौना पेंशन योजना के तहत ₹1200 मासिक पेंशन के साथ ही सरकारी नौकरियों में दिव्यांगजनों के लिए क्षैतिज आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किये जाने, दिव्यांग छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति तथा कृत्रिम अंगों हेतु ₹7000 अनुदान, दिव्यांग से विवाह करने पर ₹50,000 प्रोत्साहन राशि, दिव्यांग छात्रों के लिए सिविल सेवा परीक्षा की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्रों के माध्यम से उन्हें सभी योजनाओं का एकीकृत लाभ प्रदान किया जा रहा है।

इसके साथ ही देहरादून स्थित आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था तथा ऊधमसिंह नगर में मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए पुनर्वास गृह का निर्माण किया गया है। देहरादून में राज्य का पहला “प्रधानमंत्री दिव्यांशा केंद्र” भी प्रारंभ किया गया है। राज्य गठन के बाद पहली बार दिव्यांग सर्वेक्षण भी प्रारंभ किया गया है, जिससे दिव्यांगजनों की वास्तविक संख्या व आवश्यकताओं का सही आकलन हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने राज्य के “यंग इनोवेटिव माइंड्स” से अपील की कि वे अपने आविष्कारों में दिव्यांगजनों की जरूरतों को विशेष स्थान दें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक विकसित कर दिव्यांगजनों के जीवन को और सुगम बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे युवाओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश भी दिए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा 41 प्रतिभाशाली दिव्यांगजनों को ₹8000 की पुरस्कार राशि, मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं मानपत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने सभी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका मनोबल भी बढ़ाया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, मेयर गजराज बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, राम सिंह कैड़ा, दर्जा राज्यमंत्री सुरेश भट्ट, सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अदांगी, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे।

प्रदेश के विभिन्न विकास योजनाओं को सीएम ने दी 271.33 करोड़ धनराशि की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र-नैनीताल में रामनगर- भण्डारपानी- अमगढ़ी- बोहराकोट- तल्लीसेठी- बेतालघाट- रतोड़ा- भुजान-जैना- बिल्लेख मोटर मार्ग (शहीद बलवन्त सिंह मेहरा मोटर मार्ग) के कि०मी० 58 से 69 के मध्य सड़क सुधारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु ₹10.28 करोड़, जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र-नैनीताल के विकासखण्ड बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट (पाडली) मोटर मार्ग के किमी0 11 में 74.15 मी० स्पान प्रीस्ट्रेड सेतु के निर्माण हेतु ₹9.63 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट के अन्तर्गत नागार्जुन-डहल-जालली मोटर मार्ग के सुधारीकरण कार्य हेतु ₹5.67 करोड़, राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर कसियालेख से धारी मोटर मार्ग के सुधारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु ₹5.37 करोड़, जनपद चम्पावत के विकासखण्ड पाटी के अन्तर्गत खेतीखान में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण हेतु ₹ 6.64 करोड़ तथा जनपद चमोली के अन्तर्गत खेतीखान में नन्दा देवी राजजात यात्रा-2026 के पडाव सेम-तोप में सामुदायिक हाल एवं पार्किंग निर्माण हेतु ₹ 3.04 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बन्धित लघु सिंचाई विभाग द्वारा 33 कार्यों की कुल लागत ₹ 61 करोड की योजना (नाबार्ड वित्त पोषण हेतु) स्वीकृत किये जाने तथा बाल विकास विभागान्तर्गत केन्द्र पोषित योजना सक्षम आंगनबाड़ी एण्ड पोषण 2.0-आंगनबाड़ी सर्विसेज योजना हेतु केन्द्रांश एवं राज्यांश की कुल ₹ 10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चमोली के जोशीमठ शहर की जल निकासी योजना (ड्रेनेज प्लान) हेतु ₹ 40 करोड़ तथा सीवरेज सिस्टम, घरेलू संयोजन तथा एसटीपी के निर्माण हेतु डीपीआर तैयार किये जाने के लिए ₹ 54 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पौड़ी गढ़वाल वि०ख० दुगड्डा के कोटद्वार क्षेत्रांतर्गत खो नदी के बायें तट पर स्थित ग्राम बिशनपुर की बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु प्रथम किश्त के रूप में 3.21 करोड़ की योजना, नगर पालिका नैनीताल के अन्तर्गत वैडिंग जोन के निर्माण हेतु ₹ 4.07 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा पंचायती राज्य विभागान्तर्गत आर०जी०एस०ए० के अन्तर्गत पूंजीगत पक्ष में केन्द्रांश एवं राज्यांश हेतु अनुदान संख्या-19, 30 एवं 31 में नवीन लेखाशीर्षक खोलने के साथ ही ₹ 58.42 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखण्ड लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन
मुख्यमंत्री द्वारा मुन्नी देवी पत्नी स्व० मोहन सिंह रावत, निवासी-क्यूंकालेश्वर, मोहल्ला पौड़ी, जिला पौड़ी गढ़वाल को उत्तराखण्ड लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन उनके पति की मृत्यु के दूसरे दिन अर्थात् दिनांक 09.12.2023 से 20 हजार प्रतिमाह अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने दी राज्य सरकार और राज्य सरकार के स्वायत्तशासी निकायों/उपक्रमों के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की स्वीकृति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांचवें केन्द्रीय पुनरीक्षित वेतनमान वेतन आहरित कर रहे सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों/स्वायत्तशासी संस्थाओं के नियमित कर्मचारियों के लिए दिनांक 01 जुलाई, 2025 से मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को 466 प्रतिशत से बढ़ाकर 474 प्रतिशत किये जाने, छठवें केन्द्रीय वेतनमान में वेतन आहरित कर रहे सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए दिनांक 01 जुलाई, 2025 से मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को 252 प्रतिशत से बढ़ाकर 257 प्रतिशत किये जाने, सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों/स्वायत्तशासी संस्थाओं, जहां सातवां वेतनमान लागू है, के सिविल/पारिवारिक पेंशनरों को दिनांक 01.07.2025 से मूल वेतन में अनुमन्य महंगाई राहत की वर्तमान दर को 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किये जाने तथा पालिका केन्द्रीयित/अकेन्द्रीयित सेवा के समस्त कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पारिवारिक पेंशनरों को दिनांक 01.07.2025 से मंहगाई भत्ते की वर्तमान दर 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

चंपावत दौरे के दौरान सीएस ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर सैनिकों को नमन, खिलाड़ियों को किया सम्मानित

अपने चम्पावत दौरे के दौरान उत्तराखण्ड शासन के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जिला सभागार परिसर में भूतपूर्व सैनिकों से भेंट कर सशस्त्र सेना झंडा दिवस के प्रति सम्मान प्रकट किया। मुख्य सचिव ने वीर सैनिकों के योगदान को नमन करते हुए फ्लैग लगाया।

इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह ने मुख्य सचिव को फ्लैग लगाकर उसकी महत्ता एवं इसके उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस का उद्देश्य भारतीय सेना के सेवारत जवानों, शहीद सैनिकों, युद्ध अथवा ड्यूटी के दौरान घायल हुए सैनिकों तथा उनके आश्रित परिवारों के कल्याण, पुनर्वास और आर्थिक सहायता हेतु सहयोग जुटाना है। इस फंड के लिए धन संग्रह हेतु 07 दिसम्बर 1949 का दिन निर्धारित किया गया था, जिसके बाद से यह दिवस पूरे देश में समर्पण, कृतज्ञता और गौरव के साथ मनाया जाता है।

मुख्य सचिव ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे उन सैनिकों और उनके परिवारों का सहयोग करें जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि हर नागरिक के लिए देशभक्ति और सामाजिक दायित्व निभाने का अवसर है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव ने कराटे खिलाड़ियों अनामिका विष्ट, अभिषेक कुवर, भावना अधिकारी, आरूष, अभीजित, प्रज्ञान साह, प्राची ओली, सांची मुरारी, जतीन जोशी सहित कोच दीपक सिंह को उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया।

इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिकों के साथ कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने चंपावत में पर्यटन की संभावना व विकास योजनाओं के लिये दिशा निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत जनपद में विभिन्न स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर विकास, पर्यटन गतिविधियों को गति देने हेतु विस्तृत समीक्षा की।

सबसे पहले मुख्य सचिव ने बस टर्मिनल चम्पावत का निरीक्षण किया। निर्माणदायी संस्था सीएनडीएस के अधिशासी अभियंता गिरीश पंत ने प्रस्तावित बस टर्मिनल की समग्र जानकारी प्रस्तुत की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि टर्मिनल के भीतर वाहनों की सुव्यवस्थित आंतरिक आवाजाही (इनसाइड सर्कुलेशन) सुनिश्चित की जाए तथा यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।

इसके बाद मुख्य सचिव ने मायावती आश्रम का भ्रमण किया, जहाँ स्वामी दिव्य कृपानंद जी ने उन्हें आश्रम के विभिन्न स्थलों का अवलोकन कराया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएँ।

मुख्य सचिव ने कोलीढेक झील का निरीक्षण कर इसे आध्यात्मिक क्षेत्र (स्पिरिचुअल ज़ोन) तथा योग व वेलनेस हब के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य विभाग को महाशीर मछली संरक्षण हेतु भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत उन्होंने एबट माउण्ट का निरीक्षण किया और इसे पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत संभावनाशील क्षेत्र बताया। उन्होंने एबट माउण्ट से दिखाई देने वाली हिमालय की भव्य श्रृंखलाओं का अवलोकन किया तथा ऐतिहासिक चर्च व पूरे क्षेत्र की सम्पूर्ण जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

चम्पावत में तेजी से विकास के लिए पूंजीगत व्यय व मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देशः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज जिला सभागार चम्पावत में जिले की सभी प्रमुख विकास योजनाओं, जनपदीय नवाचारों, मुख्यमंत्री घोषणाओं, केंद्र-राज्य व्यय तथा जनपदीय श्रेष्ठ प्रथाओं की व्यापक समीक्षा की।

उन्होंने विभागवार कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने गोल्ज्यू कॉरिडोर, कृषि महाविद्यालय, पैरामेडिकल कॉलेज, छमनिया स्पोर्ट्स महाविद्यालय, यू०यू०एस०डी०ए० पेयजल योजना, एनएच स्वाला सुधार योजना व अन्य पर चर्चा की।

इन सभी योजनाओं का संपूर्ण विवरण जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। बैठक से पूर्व मुख्य सचिव ने कलेक्ट्रेट परिसर में लगे विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया, जिनमें एनआरएलएम, उत्तराखण्ड चाय विकास बोर्ड, डेयरी, कृषि, मत्स्य, रेशम, बागवानी, उद्योग, अक्षय ऊर्जा एवं अन्य विभाग शामिल थे।

उन्होंने स्टॉलों पर प्रदर्शित नवाचार, उत्पादों और विभागीय उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की तथा विभागों को इन नवाचारों को और अधिक विस्तार एवं प्रोत्साहन देने के निर्देश भी दिए। इसके उपरांत मुख्य सचिव ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

जिला सभागार में उन्होंने “आदर्श चम्पावत” का लोगो अनावरण भी किया।

बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिले में चल रहे प्रमुख नवाचारों-ज्ञान केंद्र लाइब्रेरी, ज्ञान सेतु पुल, कम्प्यूटर ऑन व्हील, पिरुल ब्रिकेटिंग यूनिट आदि की विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य सचिव ने पंचेश्वर में एंग्लिंग पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष वार्षिक एंगलर्स मीट आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चम्पावत-लोहाघाट मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएँ-विशेषकर रेलवे विस्तारकृमास्टर प्लान में सम्मिलित की जाएं।

उन्होंने अंडरग्राउंड विद्युतिकरण कार्यों की समीक्षा कर मेंटेनेंस हेतु एक सुव्यवस्थित दीर्घकालिक योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूंजीगत व्यय बढ़ाया जाए, कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, वर्क प्लान के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य किए जाएं, पब्लिक ग्रीवांस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए चम्पावत को एक आदर्श, योजनाबद्ध एवं तेज गति से विकसित होने वाले जनपद के रूप में स्थापित करे।

इस दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने गुजरात में यूनिटी मार्च के तहत सरदार गाथा कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साधली, बड़ोदरा, गुजरात में सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत आयोजित सरदार गाथा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल को समस्त उत्तराखंडवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और अटूट समर्पण से अखंड भारत का सपना साकार किया। मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल को आधुनिक भारत का निर्माता बताते हुए कहा कि खेड़ा और बारदोली के किसान आंदोलनों में अन्याय के विरुद्ध उनके द्वारा किए गए संघर्ष ने उन्हें भारत में लोकप्रिय बनाया था। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र-सेवा के लिए समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल ने संवाद, प्रेम, दृढ़ता और निर्भीकता का परिचय देते हुए 562 रियासतों को भारत में मिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेकर उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री द्वारा सरदार पटेल की प्रेरणा से एक भारत, श्रेष्ठ भारत के मंत्र के साथ भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 समाप्त कर सरदार पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एक देश, एक विधान, एक संविधान के संकल्प को साकार किया है। प्रधानमंत्री ने गुजरात के केवड़िया में विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण कराया। साथ ही सरदार पटेल के जन्म दिवस पर देश में रन फॉर यूनिटी का आयोजन कर युवाओं को सरदार पटेल के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में भी एकता यात्रा का आयोजन किया। मुख्यमंत्री ने बताया उन्होंने स्वयं चार प्रमुख स्थानों पर एकता यात्रा में प्रतिभाग किया है। एकता यात्रा के माध्यम से युवाओं को नशा मुक्ति, योग और स्वास्थ्य जैसे विषयों से जोड़ने के साथ सहकारिता मेलों का आयोजन कर स्थानीय हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों के प्रचार प्रसार की दिशा में भी कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया एकता यात्रा के दौरान ग्राम सभाओं में जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन कर जनता की विभिन्न समस्याओं के समाधान भी किया गया। विभिन्न गाँवों में सरदार उपवन विकसित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल की प्रेरणा और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार ने सभी नागरिको के लिए एक समान अधिकार और कानून लागू करने के उद्देश्य से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की है।

मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार द्वारा सरदार@150 यूनिटी मार्च का आयोजन कर सरदार पटेल के एकता और समरसता के संदेश को देशभर में पहुंचाने का कार्य किया गया। इस अभियान को पूरे देश में उत्सव के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री ने सभी आग्रह करते हुए कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों का अनुसरण करते हुए देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी है। साथ ही उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए जाति, क्षेत्र,संप्रदाय और भाषा से ऊपर उठकर भारतवर्ष को मजबूत बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करना है।

इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे, एवं अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।

उत्तराखंड की धामी सरकार में मेडिकल शिक्षा में हुआ सुधार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के बाद उत्तराखंड में मेडिकल एजुकेशन का विस्तार अभूतपूर्व रफ्तार पकड़ चुका है। राज्य सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लक्ष्य की ओर तीव्रता से बढ़ रही है, और उसी अभियान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना है सीमांत पिथौरागढ़। कठिन भूगोल और सीमित संसाधनों के बावजूद यहां राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब यह परियोजना अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है।

मेडिकल कॉलेज परिसर अब लगभग पूरा आकार ले चुका है। विशाल इमारतें, सुव्यवस्थित ब्लॉक और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर—यह सब पिथौरागढ़ को पहाड़ का एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र बनाने की दिशा में बड़े कदम साबित हो रहे हैं। स्थानीय जनता इस परियोजना को लेकर काफी उत्साहित है। लोगों की मानें तो मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए हल्द्वानी, देहरादून या बाहरी राज्यों की ओर जाने की मजबूरी खत्म होगी। रोजगार, व्यवसाय और आवागमन के नए अवसर भी जिले में उभरेंगे। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक मेडिकल कॉलेज को पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा है। अगर निर्माण की यही गति बनी रही तो यह लक्ष्य समय पर पूरा होता नजर आ रहा है।

पेयजल निगम की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट बताती है कि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज के अधिकांश प्रमुख ब्लॉक 70 से 95 प्रतिशत तक पूरे हो चुके हैं। यह न केवल विभाग की कार्यकुशलता का प्रमाण है, बल्कि सीमांत जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का भविष्य भी उज्जवल होने जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार फैकल्टी ब्लॉक, लैबोरेट्री ब्लॉक और परीक्षा–लेक्चर थिएटर ब्लॉक 65 से 80 प्रतिशत तक बन चुके हैं। एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में भी 45 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन भवनों के लगभग तैयार हो जाने से आने वाले दिनों में फैकल्टी नियुक्ति, विभागों की स्थापना और शैक्षणिक सत्र शुरू करने की दिशा में बड़ा रास्ता साफ होगा।

हॉस्टल भवनों में निर्माण कार्य सबसे तेज रहा है। बॉयज़ हॉस्टल 90 प्रतिशत और गर्ल्स हॉस्टल 80 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। गर्ल्स डाइनिंग ब्लॉक 78 प्रतिशत और बॉयज़ डाइनिंग 35 प्रतिशत निर्माण स्तर पर है। वहीं आवासीय ब्लॉकों में टाइप-6 और टाइप-4 श्रेणियां 85 से 96 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी हैं। यह पूरी संरचना मेडिकल कॉलेज के संचालन को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि इससे डॉक्टरों, नर्सों, फैकल्टी और छात्रों को बेहतर रहने की व्यवस्था उपलब्ध होगी।

अस्पताल परिसर में भी प्रगति उल्लेखनीय है। इमरजेंसी ब्लॉक रिमॉडलिंग 90 प्रतिशत और IPD-1 में 75 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। OPD-2 (35%), जूनियर रेजिडेंट हॉस्टल (20%), और इंटर्न होस्टल (25–65%) में काम जारी है। कुछ नए ब्लॉक जैसे IPD-2, IPD-3, नर्स हॉस्टल, BMW ब्लॉक और मोर्चरी अभी शुरुआती चरण में हैं, लेकिन विभाग का दावा है कि जल्द ही इनके निर्माण में भी तेजी आएगी।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि, “पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री धामी जी की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में शामिल है। सीमांत जिले में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारा संकल्प है। अधिकांश प्रमुख ब्लॉकों में तेज़ प्रगति हुई है और शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं। हमारा लक्ष्य सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज बनाना नहीं, बल्कि इसे राज्य का ‘मॉडल मेडिकल इंस्टीट्यूट’ बनाना है। आने वाले वर्षों में यहाँ चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत केंद्र विकसित होगा।”

मुख्य सचिव बर्द्धन का चम्पावत दौरा, विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा, प्रगति में तेजी के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत एन०एच०पी०सी० बनबसा हेलीपैड पहुँचे, जहाँ कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।

एन०एच०पी०सी० सभागार बनबसा में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने चम्पावत जिले में संचालित महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की प्रगति का व्यापक आकलन किया।

बैठक में शारदा कॉरिडोर, इनलैण्ड पोर्ट अथॉरिटी, टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन, बाढ़ प्रबंधन कार्य, टनकपुर/बनबसा वाटर सप्लाई स्कीम, आई०एस०बी०टी टनकपुर निर्माण, तथा ब्रिडकुल द्वारा बनाए जा रहे पुलों सहित विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने शारदा रिवर फ्रंट एवं एडजॉइनिंग प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को और सुदृढ़ बनाने, पूर्णागिरि रोपवे को शारदा कॉरिडोर के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा रोपवे निर्माण कंपनी को प्रत्येक सप्ताह प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन के संदर्भ में चम्पावत और लोहाघाट के साथ-साथ अल्मोड़ा को जोड़ने हेतु विस्तृत एलाइमेंट तैयार करने के भी निर्देश दिए।

बाढ़ सुरक्षा कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को पारंपरिक तरीकों से हटकर कम लागत में प्रभावी प्रोटेक्शन मॉडल अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही 5 करोड़ से कम लागत वाले कार्यों को मुख्यमंत्री घोषणा के माध्यम से अनुमोदित करवाकर त्वरित गति से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने डिप्टेश्वर और कुर्मू झील परियोजनाओं की प्रगति के साथ साथ टनकपुर और बनबसा वाटर सप्लाई योजनाओं, आईएसबीटी टनकपुर तथा ब्रिडकुल के पुलों की प्रगति में और तेजी लाने को भी कहा।

इस दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, एन०एच०पी०सी० पावर स्टेशन प्रमुख ऋषि रंजन आर्य, शारदा कॉरिडोर से सत्यजीत राय एवं राजीव रंजन, एनएचएआई के पीडी जोगेंद्र शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

हरिद्वार में गन्ने भाव ऐतिहासिक रूप से बढ़ाने पर सीएम धामी का किसानों ने किया भव्य स्वागत

हरिद्वार में गुरुकुल कांगड़ी हेलिपैड पर आज किसानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उत्साहजनक स्वागत किया। किसानों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय अधिकारियों ने फूलों की माला पहनाकर, पुष्पवर्षा कर और गन्ना भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। उपस्थित किसानों ने सम्मान स्वरूप उन्हें “किसान पुत्र” की उपाधि से सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने स्वागत और सम्मान प्रकट किए जाने पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों व किसानों का आभार व्यक्त किया। उन्होने कहा कि सरकार किसानों के हित में समर्पित है और किसानों की आय बढ़ाने व उनकी फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की मांगों व भावना के अनुरूप गन्ने का समर्थन मूल्य ऐतिहासिक रूप से ₹405 प्रति क्विंटल तय किया गया है-जो पूर्व की तुलना में ₹30 अधिक है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की प्राथमिकता है कि चीनी मिलों द्वारा किसानों को उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित हो। जहाँ कहीं भी भुगतान या क्रय में कमी प्रतीत होती है, उसे तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार व राज्य सरकार मिलकर किसान हितकारी नीतियों-जैसे किसान सम्मान निधि, समर्थन मूल्य निर्धारण और समय पर भुगतान-के माध्यम से किसान की आय बढ़ाने पर कार्य कर रही हैं।

उन्होंने लक्सर क्षेत्र के गंगदासपुर की सड़क ऊँची करने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने कहा कि इकबालपुर एवं सितारगंज के बंद चीनी मिलों के कारण हुई समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार कदम उठा रही है और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद के नेतृत्व में भारी संख्या में आए जनपद के किसानों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में किसान हित के संवर्धन हेतु अनेक सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं और गन्ने के भाव में यह ऐतिहासिक वृद्धि किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय है।

कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, मेयर रूड़की अनिता अग्रवाल, उपाध्यक्ष/मैलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित अनेक जनप्रतिनिधि व भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

शारदा करिडोर, इको-टूरिज्म व आधारभूत ढांचों की समीक्षा हेतु मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज टनकपुर/शारदा बैराज, शारदा घाट, किरोड़ा नाला, बूम, बाटनागाड़ एवं श्यामलाताल क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण कर विकास एवं बाड़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की।

टनकपुर/शारदा बैराज के निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने यहां पर्यटन एवं एरो स्पोर्ट्स की संभावनाओं की समीक्षा की।

शारदा घाट, टनकपुर स्थित शारदा कॉरिडोर परियोजना की जमीनी स्थिति का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने ब्रिडकुल के अधिकारियों से 480 मीटर लम्बे स्पान पुल की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा निर्माण कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने बूम व बाटनागाड़ क्षेत्रों में हो रहे भू-कटाव का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को पूर्ण चौनलाइजेशन के बाद प्रभावी बाड़ सुरक्षा कार्य करने के निर्देश दिए। शारदा नदी के तट पर पहुंचकर उन्होंने सिंचाई विभाग को कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा।

माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने बाटनागाड़ क्षेत्र का निरीक्षण किया और मार्ग सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना अनुसार चम्पावत जनपद में विकसित किए जा रहे Spiritual Economic Zone एवं Eco Tourism को मजबूत करने हेतु मुख्य सचिव ने श्यामलाताल का निरीक्षण किया।

यहां उन्होंने कृषि, उद्यान एवं एनआरएलएम द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा लाल चावल, लाल धान, मधुमक्खी पालन, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और बाजार उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मुख्य सचिव को श्यामलाताल सहित सभी स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।