लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ की ताजपोशी के कार्यक्रम का गवाह बनने देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ ही केंद्रीय मंत्री तथा कई पूर्व मुख्यमंत्री भी आज लखनऊ में हैं। इनमें मुलायम सिंह यादव के रूप में एक चौंकाने वाला नाम है।समारोह में शामिल होने स्मृति उपवन के लिए अपने आवास से निकले सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव।
योगी आदित्य नाथ ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मुलायम सिंह यादव को शपथ ग्रहण समारोह में आने का न्यौता दिया। जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। आज असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनवाल के साथ ही गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर, अरुणाचल के चैमा खांडू, छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह आज लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे। यह सभी योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं।
इनके साथ ही उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी भी लखनऊ पहुंच चुके हैं। एनडी तिवारी ने भी बीते दो महीने पहले ही पुत्र के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायड के साथ ही केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज व रामदस अठावले भी लखनऊ पहुंचे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी आज लखनऊ पहुंचे। उन्होंने मीडिया से कहा कि देश में 2019 नहीं 2024 में भी भाजपा की लहर रहेगी। प्रचंड जीत के लिए उत्तर प्रदेश भाजपा को बधाई।
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उत्तराखंड का लाल आदित्यनाथ उर्फ अजय यूपी का सीएम
सात भाई बहनों में पांचवें नंबर पर हैं योगी आदित्यनाथ
बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट, प्राथमिक शिक्षा ग्राम ठांगर के विद्यालय में हुई
ऑटोनॉमस पीजी कॉलेज ऋषिकेश से एमएससी की, पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक के पंचूर गांव के निवासी
ऋषिकेश।
पिता आनंद सिंह बिष्ट एवं माता सावित्री देवी के लाडले योगी (मूल नाम अजय)बचपन से ही मेघावी छात्र रहे। पिता आनंद सिंह 1991 में वन विभाग में रेंजर पद से सेवानिवृत्त हुए जबकि माता सावित्री देवी गृहणी हैं। योगी आदित्यनाथ के बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट है। प्राथमिक शिक्षा ग्राम ठांगर के प्राथमिक विद्यालय में हुई। 1983 में इंटर कॉलेज चमकोटखाल से नौवीं एवं 1984 में टिहरी के गजा से हाईस्कूल प्रथम श्रेणी में पास किया। 1986 में भरत मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। राजकीय डिग्री कॉलेज कोटद्वार से 1989 में बीएससी एवं 1991 में ऑटोनॉमस कॉलेज से एमएससी प्रथम श्रेणी में पास की। बचपन से ही होनहार रहे योगी आदित्यनाथ ऋषिकेश के इंदिरानगर में किराए का कमरा लेकर रहे। 1993 में गोरखपुर चले गए। वर्ष 1994 में गोरखपुर के सांसद और महंत अवेद्यनाथ ने अजय सिंह को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। 1998 में सबसे कम उम्र में वह पहली बार सांसद चुने गए। इसके बाद 1999, 2004, 2009 एवं 2014 को पांचवीं बार सांसद चुने गए। 2002 में योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू युवा वाहिनी का गठन भी किया।
ऋषिकेश में रहे दो साल
योगी आदित्यनाथ उर्फ अजय बिष्ट ऋषिकेश के इंदिरानगर में दो साल रहे हैं। अशोक भद्री के आवास में रहकर उन्होंने श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद उन्होंने कोटद्वार से बीएससी की पढ़ाई की। अपने भाई की शादी में पिछले वर्ष यमकेश्वर स्थित गांव में पहुंचे योगी अपने पुराने मकान मालिक से मिलना नहीं भूले। योगी भाई की शादी में जाने से पहले अशोक भद्री के आवास इंदिरानगर पहुंचे थे जहां स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया था। उनके भाई के मित्र विनोद भट्ट ही उन्हें लेकर गांव पहुंचे थे।
ऋषिनगरी में भी है पीठ की धर्मशाला
ऋषिनगरी में लक्ष्मणझूला स्थित योगेन्द्र श्री शीलनाथ समाधि मंदिर और धर्मशाला गोरखपुर पीठ का ही अंग है। योगी जब भी ऋषिनगरी पहुंचते हैं तो शीलनाथ मंदिर में आना नहीं भूलते हैं। ऋषिकेश निवासी विनोद भट्ट बताते हैं कि पिछली दफा जब वह अपने भाई की शादी में पहुंचे थे तो उन्होंने अपनी वाई श्रेणी की सुरक्षा को दिल्ली वापस भेज दिया था। उन्होंने कहा था कि उनको अपने मूल गांव जाने के लिए कोई सुरक्षा नहीं चाहिए। उत्तराखंड की शांत वादियों में सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है।
भाई से मिलने जाएंगे लखनऊ
योगी के भाई मानेन्द्र ने हिन्दुस्तान को बताया कि भाई की उत्तर प्रदेश में ताजपोशी से पूरा क्षेत्र खुशी से झूम उठा है। घर में बधाई देनेवालों का तांता लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि वह योगी के पीआरओ से बात करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका नम्बर व्यस्त जा रहा है। शीघ्र ही एक-दो दिन में लखनऊ जाकर भाई को बधाई देंगे। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों को लेकर लखनऊ जाने पर विचार चल रहा है।
पीएम मोदी ने वीडियों कांफ्रेसिंग से साधकों को साधा
ऋषिकेश।
परमार्थ निकेतन गंगातट पर आयोजित इंटरनेशनल योग महोत्सव में पीएम ने कहा कि महान विचारक मैक्समूलर ने कहा था कि भारत ही ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा मस्तिष्क का विकास हो सकता है क्योंकि मानसिक समस्याओं का समाधान भी वहीं मिलता है। सबसे सफल व्यक्तियों जिनका आत्म साक्षात्कार हुआ, भारत में ही संभव हो पाया। उन्होंने कहा योग व्यक्तियों को जोड़ने का विधान है। परिवार, समाज, अपने साथी के साथ एकता ही योग है। व्यक्ति से समष्ठि तक, मैं से हम तक, अहं से वयं तक का भाव विस्तार ही योग है। यह शक्ति आत्मा एवं मन की भावना तक की यात्रा है। योग को मात्र, शरीर को चुस्त रखने तक सीमित रखना उचित नहीं है। योग से शांति, सांत्वना, संतोष और करुणा भी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा विश्व आज दो मुख्य समस्याओं का सामना कर रहा हैं आंतकवाद एवं जलवायु परिवर्तन। इसके लिए दुनिया भारत की ओर तथा योग की ओर सास्वत समाधान पाने के लिए देख रही है। पीएम मोदी ने पूज्य स्वामी के प्रयासों से निर्मित हिन्दू धर्म विश्वकोश को अमूल्य धरोहर और विश्व की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा जब इसका अनुवाद विश्व की दूसरी भाषाओं में होगा तो देश में बड़े पैमाने पर जागरूकता आएगी। उन्होंने स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज के निर्देशन एवं संरक्षण में परमार्थ निकेतन की ओर से स्वच्छता, जल, नदी संरक्षण एवं हरीतिमा संवर्धन के कार्यों की प्रशंसा की।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा, ’हम आशा करते हैं कि आगामी अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में पीएम नरेन्द्र मोदी जी स्वयं हमारे साथ होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनके ही प्रयासों का प्रतिफल है कि आज योग विश्व में अधिकारिक रूप से प्रतिष्ठत है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि योग करो, रोज करो, मौज करो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विडियो कन्फ्रेन्स के माध्यम से संबोधित करने के बाद परमार्थ गंगा घाट योगी-मोदी, आई लव मोदी को नारों से गुंजायमान होने लगा। प्रतिभागी अपने हाथों में रुद्राक्ष के पौधे लेकर उन्हें भेंट करने के लिए उत्सुक थे।
मोदी पर मुकदमा क्यो नही: किशोर उपाध्याय
हरिद्वार।
किशोर उपाध्याय ने कहा कि हरिद्वार में बिना अनुमति के जनसभा कर प्रधानमंत्री ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। उन्होंने राज्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ दिल्ली में निर्वाचन आयोग में शिकायत की है। इस मामले में सिर्फ दो लोगों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। उस दिन मंच पर उपस्थित प्रधानमंत्री सहित सभी नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि निर्वाचन आयोग कार्रवाई नहीं करता तो कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में उठाने के साथ कानूनी कदम उठाने पर भी विचार करेगी। यह माना जाएगा कि अधिकारी केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान उनकी और मुख्यमंत्री की गाड़ियों के साथ हेलीकॉप्टर की भी तलाशी की गई। जबकि भाजपा के 14 हेलीकॉप्टर और कई केंद्रीय मंत्री चुनाव प्रचार में जुटे रहे, लेकिन किसी की तलाशी नहीं हुई।
25 मार्च तक फ्लाइटों के समय में बदलाव
ऋषिकेश।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर रविवार से फ्लाइटों के समय में बदलाव किया गया है। अब बदले हुए समय के अनुसार ही फ्लाइटें आएंगी और जाएंगी।
यह बदलाव कंपनियों ने 19 फरवरी से लेकर 25 मार्च तक के लिए किया है। दिल्ली-देहरादून, मुंबई-देहरादून के बीच सीधी फ्लाइट और दूसरे शहरों से बाया दिल्ली होते हुए सभी उड़ानें अब अपने निर्धारित टाइम शेड्यूल के अनुसार ही एयरपोर्ट आएंगी। लगभग सभी फ्लाइट आधा घंटे एयरपोर्ट पर रुकने के बाद पैसेंजरों को लेकर देहरादून से टेक ऑफ करेंगी।
सोमवार से एयरपोर्ट पर फ्लाइटों की संख्या भी बढ़ गई है। सुबह दिल्ली से एयरपोर्ट पहुंचने वाली फ्लाइट को भी दोबारा शुरू कर दिया गया है। देहरादून एयरपोर्ट पर सुबह जेट एयरवेज की फ्लाइट सबसे पहले 7:10 बजे एयरपोर्ट पहुंचेगी और यात्रियों को लेकर आधा घंटे बाद वापस लौटेगी।
एयरपोर्ट के मैनेजर नितिन कुमार ने बताया कि दिल्ली, बंगलुरु, मुंबई, श्रीनगर, लखनऊ आदि शहरों से कुल 15 उड़ानें सप्ताह में सातों दिन एयरपोर्ट पर सेवाएं देंगी। इससे हवाई यात्रियों के पास हवाई यात्रा करने के अधिक विकल्प मौजूद रहेंगे।
कम हो सकता है हवाई किराया
एयरपोर्ट पर अधिक उड़ानों से हवाई यात्रियों को अधिक विकल्प मिलने के साथ ही किराया में भी राहत मिल सकती है। प्रतिस्पर्धा के चलते हवाई कंपनियां अपने किराए में कटौती भी कर सकती हैं। एयरपोर्ट सूत्रों का कहना है कि मार्च और अप्रैल के बीच एयरपोर्ट पर फ्लाइटों की संख्या भी बढ़ सकती है।
बदला टाइम शेड्यूल
जेट एयरवेज दिल्ली से सुबह 7:10 पर एयरपोर्ट पहुंचेगी और 7:35 पर वापसी के लिए रवाना होगी।
एयर इंडिया की फ्लाइट सुबह 9:30 पर एयरपोर्ट आएगी और 10:30 पर वापसी के लिए रवाना होगी।
जेट एयरवेज 10:15 पर आएगी और 10:40 पर एयरपोर्ट से वापसी करेगी।
इंडिगो एयरलाइंस का विमान 12:05 पर एयरपोर्ट पहुंचेगा और 12:35 पर वापसी के लिए रवाना होगा।
स्पाइसजेट कंपनी का विमान 12:30 पर आएगा और दोपहर एक बजे वापसी के लिए उड़ान भरेगा।
जेट एयरवेज की उड़ान 1:10 पर यहां आएगी और 1:40 पर वापस रवाना होगी।
इंडिगो का विमान 1:20 पर लैंड करेगा और 1:50 पर देहरादून से टेकऑफ करेगा। इंडिगो की लखनऊ वाली फ्लाइट 1:50 पर देहरादून पहुंचेगी और 2:25 पर वापसी के लिए रवाना होगी।
जेट की मुंबई वाली उड़ान 2 बजे आएगी और 2:45 पर पैसेंजरों को लेकर वापसी के लिए उड़ान भरेगी।
जेट की दिल्ली से उड़ान फिर 2:10 पर यहां पहुंचेगी। और 3:05 पर वापसी के लिए प्रस्थान करेगी। जेट की अगली उड़ान 3:30 पर आएगी और शाम 4 बजे वापसी करेगी।
स्पाइसजेट की फ्लाइट 3:45 पर आकर 4:15 पर वापस रवाना होगी। इंडिगो की अगली उड़ान 5:30 पर जौलीग्र्रांट पहुंचेगी और 6:05 पर वापस जाएगी।
जेट की उड़ान शाम 6 बजे फिर एयरपोर्ट आएगी। औैर 6:25 बजे वापस उड़ान भरेगी। एयरपोर्ट पर आखिरी उड़ान एयरइंडिया की होगी। जो 6:30 बजे एयरपोर्ट पहुंचेगी औैर हवाई पैसेंजरों को लेकर 7 बजे वापस रवाना होगी।
उत्तराखंड में तो स्कूटर भी 35 लीटर पेट्रोल खाता हैः मोदी
राज्य को गड्ढे से बाहर निकालने की अपील
चारधाम को जोड़ने वाले आॅल वैदर रोड की आधारशिला भी रखीं
देहरादून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंचे जहां उन्होंने चार धाम की यात्रा को जोड़ने वाले 12 हजार करोड़ रुपए के ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने देहरादून में रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये देवभूमि है, वीरों की भूमि है, वीर माताओं की भी भूमि है। उत्तराखंड की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रोजेक्ट का उन्होंने शिलान्यास किया उससे यहां के लोगों को फायदा मिलेगा। ये शिलान्यास उन हजारों लोगों को श्रद्धांजलि है, जो केदारनाथ के हादसे में मारे गए। बद्रीनाथ, केदरानाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की चार धाम यात्रा को जोड़ने वाले रोड प्रोजेक्ट से आने वाले वक्त में श्रद्धालुओं को फायदा मिलेगा। साथ ही उत्तराखंड के लोगों को भी इस प्रोजेक्ट से रोजगार मिलेगा।
‘उत्तराखंड को गड्ढे से बाहर निकालने के लिए दो इंजन की जरूरत है’प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी जी ने हमें उत्तराखंड दिया, लेकिन उत्तम उत्तराखंड बनाना हमारी जिम्मेदारी है। उत्तराखंड को गड्ढे से बाहर निकालने के लिए दो इंजन की जरूरत है। एक दिल्ली का और दूसरा इंजन देहरादून का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का सामान्य व्यक्ति बेईमानों से नफरत करता है लेकिन कुछ बेईमानों ने ईमानदारों को दबाया है। मैं ईमानदारों की लड़ाई लड़ रहा हूं। 8 नवंबर को एक फैसले से एक बार में ही नकली नोट का काम जीरो हो गया। आतंकवाद की दुनिया पलभर में तबाह कर दी। पीएम मोदी ने कहा कि लोग इसी फिराक में हैं कि मौका मिल जाए तो मोदी पर टूट पड़ें, लेकिन जब तक जनता का साथ है देश को लूटने वाले उंगली नहीं उठा पाएंगे। लोग बिस्तर में नोट भरकर सोते थे इसलिए हमने 1000-500 के नोट बंद करके अच्छे-अच्छों के कपबोर्ड खोल दिए। उन्होंने स्कूटर जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड में स्कूटर भी पैसे खा जाता है। जिस स्कूटर में 5 लीटर की टंकी होती है, वह 35 लीटर पेट्रोल खाता है। पीएम मोदी ने कहा कि हमने फैसला किया कि वर्ग तीन और चार की नौकरियों में इंटरव्यू नहीं किया जाएगा हालांकि कई राज्य ऐसा नहीं कर रहे हैं। जल्द ही उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार बनेगी तो यह काम हो जाएगा।
देहरादून में रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि देश को काले धन ने बर्बाद किया और काले मन ने भी बर्बाद किया। आपने मुझे चौकीदार का काम दिया है। मैं चौकीदारी कर रहा हूं तो कुछ लोग परेशान हैं। हम विकास की नई ऊंचाइयों पर जाना चाहते हैं। आजादी के 70 साल बाद भी 18000 गांव ऐसे थे जिनमें बिजली नहीं थी। हमने संकल्प किया है कि 1000 दिन में 18,000 गांवों में पहुंचाएंगे। बिजली पहुंचाने का काम गरीबों के हक के लिए हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गैस का सिलिंडर लेने के लिए नेताओं के घर के चक्कर काटने पड़ते थे। हमने तीन साल के अंदर 5 करोड़ गरीब परिवारों को गैस चूल्हा देने का जिम्मा उठाया है। उन्होंने लकड़ी के चूल्हे से एक दिन में 400 सिगरेट के बराबर धुआं मां के शरीर में जाता है। इससे निजात के लिए हमने गैस सिलेंडर देने की योजना बनाई है। वन रैंक वन पेंशन का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कई साल से हमारी सेना के जवान वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे थे। चुनाव आया तो सरकार ने बजट में 500 करोड़ रुपया डाल दिया। यह सेना के जवानों की आंखों में धूल झोंकने का काम हुआ। हमने वन रैंक वन पेंशन को मंजूरी दी।
आंनदा में बितायेंगे तीन दिन अनुष्का और विराट
जौलीग्रांट एयरपोर्ट के बाहर प्रशंसकों ने ऑटोग्राफ के लिए घेरा
सुरक्षा गार्ड के घेरे में नरेन्द्रनगर के आनंदा होटल पहुंचे
डोईवाला।
उत्तराखंड की सुदंर वादियों में सुकून के दो पल बिताने क्रिकेटर विराट कोहली और फिल्मी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा नरेन्द्रनगर के आनंदा होटल पहुंचे। यहां दोनों तीन दिन रहकर उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर घूमेंगे। भारतीय क्रिकेट के टेस्ट मैच के कप्तान विराट कोहली और फिल्म अभिनेत्री अनुष्का शर्मा शनिवार दोपहर ठीक ढाई बजे निजी विमान से जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर उतरे। दोनों तीन दिन के हॉलीडे पर आए हैं। आनंदा होटल में रहकर देवभूमि की सुदंर जगहों पर घूमेंगे। एयरपोर्ट पर प्रशंसकों ने उन्हें पहचान लिया। ऑटोग्राफ और फोटो खींचने के लिए दोनों को लोगों ने घेर लिया। उन्होंने प्रशंसकों को निराश नहीं किया। फिर सुरक्षा घेरे में ही रवाना हो गए। दोनों मीडिया से बचते हुए होटल आनंदा की गाड़ी में बैठकर चले गए।
मोदी ने विपक्ष के नेताओं से मुलाकात की
नई दिल्ली।
राज्यसभा में आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं चलकर विपक्षी नेताओं के पास गए और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत विभिन्न दलों के नेताओं से काफी देर तक बातचीत की। उच्च सदन में आज भोजनवकाश की घोषणा होने के बाद मोदी विपक्षी दीर्घाओं के पास गए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता कर्ण सिंह, आनन्द शर्मा आदि से बातचीत की। मोदी आम तौर पर सदन में गंभीर मुद्रा में रहने वाले मनमोहन का कुछ देर तक हाथ पकड़े रहे और दोनों को किसी बात पर हंसते हुए देखा गया।मोदी ने इससे पहले जदयू नेता शरद यादव, तृणमूल कांग्रेस के सुखेन्दु शेखर, कांग्रेस के सुब्बीरामी रेड्डी आदि से भी बातचीत की। उन्होंने बसपा प्रमुख का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और और जवाब में मायावती ने भी हाथ जोड़े। किन्तु दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई।
प्रधानमंत्री जब राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल और द्रमुक की कनिमोई से बात कर रहे थे, उसी समय विख्यात महिला बॉक्सर एवं मनोनीत मैरीकॉम एवं मनोनीत संभाजी राव भी वहां पहुंचे। मोदी मैरीकॉम और संभाजी राव के साथ काफी उत्साह से बात करते दिखे। इस दौरान उन्होंने संभाजी के कंधे पर हाथ रखा हुआ था। उल्लेखनीय है कि उच्च सदन में पिछले कई दिनों से नोटबंदी के मुद्दे पर हो रही चर्चा में प्रधानमंत्री की उपस्थिति की मांग पर विपक्ष के हंगामे के चलते गतिरोध बना हुआ है। आज बृहस्पतिवार होने के कारण प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री के तहत आने वाले मंत्रालयों से संबंधित मौखिक सवाल पूछे जाते हैं। इसीलिए मोदी आज उच्च सदन में आए थे। किन्तु सदन में प्रश्नकाल के बजाय अधूरी चर्चा को आगे बढ़ाया गया और प्रधानमंत्री एक घंटे तक सदन में चर्चा सुनते रहे।
मोदी सरकार का फरमान चला सकेंगे 14 नवंबर तक पुराने नोट
नई दिल्ली।
देश भर में होने वाले विवाद और लोगों की परेशानी को देखते हुये आखिरकार मोदी सरकार ने पांच सौ तथा एक हजार रूपये के नोटों को चलाने के लिये निर्धारित अवधि में 72 घंटे के लिये बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि लोग इन नोटों को चुनिंदा स्थानों पर ही खपा सकेंगे लेकिन सरकार के इस फैसले के बाद लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है। सरकार ने आदेश दिये है कि लोग 14 नवंबर तक पांच सौ और एक हजार रूपये के नोटों को चला सकते है। इस तरह अभी 72 घंटों की छूट लोगों को मिल गई है।
सरकार ने यह ऐलान किया था कि सरकारी अस्पतालों, पेट्रोल पम्पों, सीएनजी स्टेशन, हवाई अड्डे, बस और रेलवे की टिकट खरीदने के लिये 11 नवंबर की रात 12 बजे तक पांच सौ एवं एक हजार रूपये के नोटों का इस्तेमाल किया जा सकता है, परंतु अब इस अवधि को 72 घंटे के लिये बढ़ाने का ऐलान सरकार ने किया है।जिन स्थानों के लिये नोट चलाने की छूट लोगो को 11 नवंबर तक के लिये दी गई थी, उन्हीं स्थानों पर 14 नवंबर तक लोग पुराने नोटों को चला सकते है।
नेपाली संस्करण ‘‘प्रलय के बीच’’ का प्रधानमंत्री ने किया विमोचन
देहरादून।
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार के सांसद डॉ0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की केदारनाथ आपदा पर लिखी पुस्तक ‘‘प्रलय के बीच’’ के नेपाली संस्करण का विमोचन किया। प्रधानमंत्री आवास में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री प्रचंड ने कहा कि डॉ0 निशंक के साहित्य से दोनों देशों की एक-दूसरे से सांस्कृतिक निकटता बढ़ेगी। डॉ0 निशंक जिस तरह से सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक क्षेत्र में एक साथ सक्रिय हैं यह उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाता है। प्रचंड ने डॉ0 निशंक को हिमालयी क्षेत्र से सम्बंधित विषयों का ज्ञाता बताते हुये उनकी हिमालयी राज्यों के विकास से सन्दर्भित अवधारणा पर एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने हिमालय क्षेत्र में हिन्दू एवं बौद्ध, पर्यटन सर्किट की स्थापना का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि मैं डॉ0 निशंक को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने एक लेखक के रूप में, तथा एक राजनीतिज्ञ के रूप में जिन उंचाइयों को छुआ है वह सराहनीय है। मुझे विश्वास है कि डॉ0 निशंक से इस मुलाकात से भारत-नेपाल के मध्य सांस्कृतिक संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। ये क्षण बेहद अर्थपूर्ण तथा दूरगामी महत्व के हैं। डॉ0 निशंक की पुस्तक ‘प्रलय के बीच’ पुस्तक का विमोचन करना मेरे लिए बेहद गौरवान्वित एवं अविस्मरणीय क्षण है। 
साहित्य और राजनीति के माध्यम से समाज की सेवा करने वाले डॉ0 निशंक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं। मैं उनकी सफलता की कामना करता हूं।
उपराष्ट्रपति नन्द किशोर ने कहा कि वर्ष 2010 में हरिद्वार में महाकुम्भ के कुशल आयोजन के लिये उनका नोबेल के लिये नामित होना एक असाधारण उपलब्धि है। उपराष्ट्रपति ने उन्हें पुनः नेपाल आने का निमंत्रण भी दिया। इससे पूर्व डॉ0 निशंक ने काठमांडू स्थित भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन करके आशीर्वाद प्राप्त किया। मन्दिर के प्रधान आचार्य गणेश भट्ट ने डॉ0 निशंक का स्वागत किया। डॉ0 निशंक ने 98 वर्षीय नेपाली राष्ट्रकवि भी माधव प्रसाद के घर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। प्रसाद ने डॉ0 निशंक को बधाई देते हुये कहा कि उन्होंने अपने साहित्य में मानवीय संवेदनाओं और मूल्यों को बेहतरीन ढंग से रेखांकित करके समाज को एक नई दिशा देने का सफल प्रयास किया है। उन्होने की साहित्य की एक नई विधा को स्थापित किया है।
उद्योगपति एवं समाजसेवी उपेन्द्र महतो ने कहा कि डॉ0 निशंक ने आर्थिक, सहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप में समाज की सेवा की है। पशुपति क्षेत्र के प्रशासक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील नाहडा ने डॉ0 निशंक के जनपक्षीय साहित्य की प्रशंसा की। डॉ0 गोपाल, नेपाली अकादमी की निदेशक उषा ठाकुर आदि ने भी डॉ0 निशंक के साहित्यिक योगदान की प्रशंसा की।
