एनजीटी के आदेश पर कृष्णा कॉटेज सील, विदेशी पर्यटक परेशान

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ऋषिकेश।
एनजीटी के आदेश पर लक्ष्मणझूला स्थित कृष्णा कॉटेज होटल सील हो गया। प्रशासन की टीम ने 35 कमरों वाला कॉटेज को गुरुवार को सील कर दिया। लेकिन विदेशी पर्यटक को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। विभिन्न देशों के 32 पर्यटक पर्यटक वीजा व योगा सीखने के लिए कॉटेज में ठहरे हुए थे। जिन्हें सील की कार्रवाई में होटल छोड़ना पड़ा। कुछ विदेशियों की प्रशासन की टीम के साथ तीखी नोंक-झोंक भी हुई।
ऋषिकेश के लक्ष्ममणझूला स्थित कृष्णा कॉटेज होटल को पौड़ी प्रशासन ने सील कर दिया। गौरतलब है कि एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन करने व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का पालन नही करने वाले होटलों को सील करने के आदेश उत्तराखंड शासन को मिले थे। 35 कमरों वाले कृष्णा कॉटेज को गुरुवार को प्रशासन की टीम ने मयफोर्स के साथ सील कर दिया। पूरी कार्रवाई से होटल व्यवसायियों में हड़कंप मचा रहा।
सील कार्रवाई के दौरान विदेशी पर्यटकों की फजीहत रही। कॉटेज में 32 विदेशी पर्यटक ठहरे हुए थे। जिन्हें सील की कार्रवाई में होटल खाली करना पड़ा। अमेरिका, दं. अफ्रीका, इटली, स्पेन, कनाडा जैसे देशों से आये पर्यटक उस समय मायूस हो गये, जब उन्हे प्रशासन की टीम ने बताया कि न्यायायिक दृष्टि से कानून का पालन कराने को लेकर यह र्कारवाई की जा रही है। इस दौरान पर्यटकों ने उनके साथ धोखा होने जैसी बाते कही। सूत्रों के अनुसार विदेशी पर्यटकों से रामझूला व लक्ष्मणझूला के होटल व लॉज भरे रहते है। विदेशी यहां आध्यात्म व योगा सीखने के लिए वर्ष भर रहते है। इससे होटल व्यवसायियों को भरी मुनाफा भी होता है। विदेशी पर्यटकों से सालभर का एडंवास भी लिया जाता है।
बरहाल अपनी फजीहत से नाराज विदेशी इस मामले में शिकायत दर्ज कराने की बात कह रहे है। तीर्थनगरी में एनजीटी के आदेश पर होटल सील की कार्रवई की यह पहली घटना है।

हां मैं एक पाकिस्तानी नागरिक हूं

कश्मीर के कुपवाड़ा में पकड़ा गया आंतकी ने सच कबूला
पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब
नई दिल्ली।
कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के पास नौगाम सेक्टर में हुई मुठभेड़ में पकड़े गए एक जिंदा आतंकी के कबूलनामे से पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हो गया है। आतंकी ने कबूल किया है कि वह पाकिस्तान का नागरिक है। उनसे अपने कबूलनामे में कहा गया है कि मैं लाहौर का रहने वाला हूं। मेरा जन्म 17-12-1995 को हुआ था।
बहादुर अली नाम बताने वाले आतंकी ने बताया कि उसे मुजफ्फराबाद से 9 घंटे दूर ट्रेनिंग दी गई थी और ये ट्रेनिंग 21 दिन की थी। सेना की ओर से इस आतंकी को पकड़ा जाना देश और सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता है क्योंकि इससे पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है।
सैन्य अधिकारियों की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार ये सभी आतंकवादी विदेशी नागरिक थे। आतंकी के पास कई आधुनिक हथियार भी मिले थे। वहीं खुफिया एजेंसियों ने बहादुर अली से जानकारी हासिल की है। गौरतलब हैं कि हाल ही में कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के पास नौगाम सेक्टर में हुई इस मुठभेड़ सुरक्षा बलों ने चार आतंकवादियों को ढेर कर दिया था और एक अन्य आतंकी को पकड़ लिया।

निशंक ने विपक्ष को आड़े हाथो लिया

105कहा-पूर्ववर्ती सरकारों ने काला धन लाने के लिए कोई ठोस कार्य नही किया
केन्द्र सरकार के बिल से विश्व में भारत की साख बढृने का दावा किया
नई दिल्ली। सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति के सभापति, सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ’निशंक’ ने लोक सभा में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 1988 से अभी तक कांग्रेस कालेधन और बेनामी सम्पत्ति के मामले में गम्भीर नहीं रही है। डॉ. निशंक ने कहा कि बेनामी संव्यवहार (प्रतिषेध) संशोधन विधेयक, 2015 के माध्यम से देश में काले धन पर रोक लगाने की सरकार की प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।
डॉ. निशंक ने बताया कि विधेयक के इन संशोधनों का मकसद कानूनी और प्रशासनिक लिहाज से विधेयक के प्रावधानों को मजबूत बनाना है। उन्होंने आगे बताया कि बेनामी सम्पत्ति के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए डॉ. निशंक ने बताया कि कांग्रेस ने सदैव से कालाधन और बेनामी सम्पत्ति से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन दिया है। कांग्रेस की नीति हमेशा कालाधन को संरक्षण देने की रही है। केन्द्र सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डॉ. निशंक ने बताया कि इस विधेयक से जहां भारत में कालेधन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। वहीं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भारत की विश्वसनीयता बढाने में मदद मिलेगी। डॉ. निशंक ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने उपेक्षापूर्ण रवैये के चलते वर्ष 2011 का विधेयक छः सत्र बीत जाने पर बिल लैप्स हो गया। सरकार द्वारा नया बिल लाये जाने की अपेक्षा 1988 के बिल में संशोधन किया गया ताकि 1988 से आज तक सभी दोषियों को दंडित किया जा सके। डॉ. निशंक ने बताया कि मौजूदा विधेयक में जहां दोषियों के लिए दंडात्मक व्यवस्था का प्रावधान है वहीं अपीलीय ट्रिब्यूनल तंत्र स्थापित किया गया है। बेनामी संव्यवहार की नई परिभाषा को स्थापित करते हुए बिल ने विभिन्न प्राधिकारियों के माध्यम से सक्षम तंत्र की स्थापना की गयी है।

वो पत्थर-गोले बरसाये तो कैसे रुकेगा पैलेट गन का इस्तेमाल!

नई दिल्ली।
पिछले करीब दो हफ्ते से जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था को संभालने में अग्रिम मोर्चे पर खड़े अर्धसैनिक बलों ने घाटी में पैलेट गन के इस्तेमाल के चलते कुछ युवकों की आंखों में लगी चोट पर दुख व्यक्त किया है। हालांकि, उन्होंने यह साफ कर दिया है कि बेहद चरम स्थितियों में पैलेट गन इस्तेमाल होता रहेगा। वैसे सीआरपीएफ की डीजी के. दुर्गा प्रसाद ने उम्मीद जताई कि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
दिल्ली में वार्षिक सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा, पैलेट गन के इस्तेमाल के चलते युवा घायल हुए हैं उसके लिए माफी चाहता हूं। हम खुद ही इसे कम से कम इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं ताकि कम लोग घायल हों। लेकिन, इसे हम तब इस्तेमाल करते हैं जब भीड़ पूरी तरीके से अनियंत्रित हो जाती है और किसी भी दूसरे तरीके से उस पर काबू नहीं पाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि जवानों को इस तरह से प्रशिक्षित किया जाता है कि वो ऐसी घटनाओं से निपटते समय भावनाओं में ना बहे और सही तरीके का इस्तेमाल करें। सीआरपीएफ के डीजी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर ही एक मात्र ऐसी जगह है जहां पर इतनी बड़ी तादाद में पत्थरबाजी होती है और ऐसी स्थिति में जब स्थित बेकाबू हो जाती है उसके बाद जवानों को पैलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ता है।
के. दुर्गा प्रसाद ने कहा कि जवानों को निर्देश दिया गया है कि जब कभी भी वह पैलेट गन का इस्तेमाल कश्मीर में करें तो घुटने के नीचे ही फायर करें। उन्होंने कहा कि लोग घायल तब होते हैं जब प्रदर्शनकारी काफी नजदीक आ जाते हैं और जवानों को पायलट गन का इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसे में सामने वाले की जान जाने की भी ख़तरा बना रहता है।

उत्तराखंड में चीन की घुसपैठ! चमोली की सीमा में घुसे चीनी सैनिक

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सीएम हरीश रावत ने केन्द्र सरकार से की वार्ता
देहरादून।
उत्तराखंड में चमोली से सटी चीन सीमा पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि चीनी सैनिकों ने चमोली सीमा पर घुसपैठ की है, लेकिन अच्छी बात यह है कि वहां मौजूद महत्वपूर्ण नहर तक चीनी सेना नहीं पहुंच पाई है।
बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सीएम हरीश रावत ने चमोली से सटी चीन सीमा पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ पर कहा कि मुझे यकीन है केंद्र सरकार इस मुद्दे पर संज्ञान लेगी। चमोली सीमा पर हो रहे चीनी घुसपैठ का पता तब चला जब सीमा क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंची प्रशासन की टीम को चीनी सैनिकों ने जांच करने से रोकते हुए वापस खदेड़ दिया। हर बार की तरह इस बार भी जोशीमठ के उप जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन की 19 सदस्यीय टीम 19 जुलाई को चीन सीमा के निरीक्षण को गई थी। टीम सुमना क्षेत्र तक वाहन से पहुंची। यहां होतीगाड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से टीम को वाहन यहीं छोड़ने पड़े। इसके बाद दूसरे छोर पर खड़े वाहनों से टीम सेना चौकी रिमखिम पहुंची। करीब आठ किमी दूर सीमा क्षेत्र में पहुंचने पर यहां पहले से चीन सैनिकों को मौजूद देख टीम के होश उड़ गए।
भारतीय दल को देखते ही चीनी सैनिकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और टीम सदस्यों को तुरंत लौट जाने का इशारा किया। चीनी सैनिकों के तेवर देख टीम ने निरीक्षण छोड़ तुरंत वापस लौटने में ही भलाई समझी। टीम के सदस्यों ने इसकी जानकारी सीमा क्षेत्र में मुस्तैद आईटीबीपी के अधिकारियों को भी दी। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार बाड़ाहोती क्षेत्र में पहुंचते ही टीम को दूर से ही चीनी सैनिक दिखाई दे गए थे। टीम आगे पहुंची तो चीनी सैनिकों ने उन्हें वापस चले जाने का इशारा किया। गौरतलब है कि चीन सीमा क्षेत्र में प्रशासन का निरीक्षण नियमित प्रक्रिया है। इसकी गोपनीय रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाती है। चमोली जनपद से सटी भारत-चीन सीमा में बाड़ाहोती क्षेत्र नो मेंस लैंड एरिया है।
हर वर्ष चमोली जिला प्रशासन की टीम सीमा क्षेत्र में चीनी गतिविधियों को देखने और भारत की मौजूदगी दर्ज करने के लिए यहां सामान्य निरीक्षण के लिए जाती है। पूर्व में टीम वर्ष में दो बार जाती थी, लेकिन वर्ष 2015 से टीम वर्ष में तीन बार सीमा क्षेत्र के निरीक्षण को जाती है। चीनी सैनिकों की घुसपैठ पर सीएम हरीश रावत ने कहा कि मुझे यकीन है केंद्र सरकार इस मुद्दे पर संज्ञान लेगी। उन्होंने कहा है कि घुसपैठ की जानकारी भारतीय एजेंसियों को है। आईटीबीपी इस पूरे क्षेत्र की निगरानी कर कर रही है। आईटीबीपी और सेना को इसकी जानकारी है। सीएम ने कहा है कि इस क्षेत्र में लगातार चीन की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन अच्छी बात यह है कि वहां एक नाला है, वह चीनी सैनिकों ने अभी नहीं छुआ है।

हरेला पर्व उत्तराखंड की संस्कृति व पर्यावरण का प्रतीक

देहरादून।
हरेला पर्व संस्कृति एवं पर्यावरण का प्रतीक है। हरेला से घी संग्रांद तक वृक्षारोपण का अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष जन सहभागिता से हरेला वृहद स्तर पर मनाया जा रहा है। बुधवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज, रायपुर में वन विभाग द्वारा आयोजित हरेला पर्व के अन्तर्गत वृक्षारोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ने शिरकत की।
इस अवसर पर हरेला के तहत मुख्यमंत्री रावत ने रूद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने स्कूली बच्चों को पौधे भी वितरित किए। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि पिछली बार हरेला पर्व राज्य सरकार की ओर से मनाया गया था। किन्तु इस बार जन संगठनों द्वारा हरेला को वृहद स्तर पर मनाया जा रहा है। इस बार राज्य सरकार की भूमिका इसमें एक सहयोगी की है। हरेला संस्कृति एवं पर्यावरण का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री रावत ने वन विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि वन विभाग द्वारा मांग के अनुरूप पौधे उपलब्ध कराए गए है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हमारी आदत का हिस्सा होना चाहिए। हम सभी को वृक्षारोपण के प्रति दूसरो को भी जागरूक करना चाहिए। एक वृक्ष भी जीवन में परिवर्तन ला सकता है। अधिक से अधिक पौधे लगाए एवं पर्यावरण संरक्षण में सहायक बनें। मुख्यमंत्री रावत ने जिला प्रशासन, एम.डी.डी.ए. एवं वन विभाग को निर्देश दिए कि देहरादून के सभी शिवालयों में रूद्राक्ष का पौधा जरूर लगाएं। उन्होंने वन विकास निगम को निर्देश दिए कि जहां भी वन विकास निगम के डिपो है, वे डिपो के चारों ओर काष्ठ उद्योग में सहायक वृक्ष लगाए। इसके साथ ही रामगंगा घाटी में गैरसैंण से भिकियासैंण तक तून के पेड़ लगाए।
इस अवसर पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, सचिव, खेल शैलेश बगोली, प्रमुख वन संरक्षक राजेन्द्र कुमार महाजन, डी.बी.एस. खाती सहित स्कूली बच्चे व अन्य उपस्थित थे।

महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार को उद्धव की चुनौती

दिल्ली।
भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच रिते सहज नही दिख रहे है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि फडणवीस सरकार के कारण शिवसेना को जरा भी परेशानी हुई तो माफ नहीं करेंगे। उन्होंने गठबंधन तक तोड़ने की बात कह डाली। उद्धव ने कहा कि हम चुप नहीं बैठें हैं। इस बयासन के बाद कयास लगने शुरु हो गये है कि महाराष्ट्र में दोनो के बीच संबध सहज नही है।
सामना (हिंदी) के कार्यकारी संपादक और सांसद संजय राउत ने उद्धव ठाकरे की बात का समर्थन करते हुए कहा है कि बात नुकसान की नहीं है। उद्धव जी ने जो कहा है वो सही कहा है। गठबंधन को हिंदुत्व के बताया, कहा कि बीजेपी ने 25 साल बाद गठबंधन धर्म नही निभाया है। बता दें कि शिवसेना और भाजपा का तीन दशक पुराना संबंध पिछले वर्ष 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के पहले ही टूट गया था। उन्होंने भाजपा पर गंठबंधन को तोडने का आरोप भी लगाया है।

कैग ने पहले दो दौर की नीलामी में परस्पर प्रतिस्पर्धा को नही बताया उचित

नई दिल्ली।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने एनडीए सरकार के कार्यकाल में पिछले वर्ष कोयला ब्लाकों की ऑन-लाइन नीलामी के पहले दो दौर में कमियां निकाली है। कैग का कहना है कि इनमें 11 ब्लाकों के मामले में जिस तरह कंपनी समूहों ने अपनी ज्वाइंट वेंचर्स या सब्सिडियरीज के जरिए कॉरपोरेट ग्रुप्स के एक से अधिक बोलियां पेश की थीं उससे यह भरोसा नहीं होता कि दो दौर की प्रतिस्पर्धा में संभावित स्तर हासिल हुआ है।
पहले दो चरणों में कुल 29 कोयला खानों की सफल नीलामी हुई थी। कोयला खानों की ऑनलाइन नीलामी पर कैग की संसद में पेश ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इन नीलामियों में 11 कोयला ब्लॉक की में कंपनी समूहों ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों या ज्वाइंट वेंचर्स के जरिए एक से अधिक बोलियां लगायीं। ऐसे में उसकी राय है कि हो सकता है इससे प्रतिस्पर्धा बाधित हुई हो।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आडिट में यह भरोसा नहीं जगा कि पहले दो चारों में 11 कोयला खानों की नीलामी में प्रतिस्पर्धा का संभावित स्तर हासिल हो गया होगा। इसके अनुसार ऐसे परिदृश्य में जबकि मानक टेंडर दस्तावेज (एसटीडी) के तहत संयुक्त उद्यम की भागीदारी की अनुमति दी जाती है और साथ ही ई नीलामी में भाग लेने वाली क्यूबी की संख्या सीमित की जाती है तो ऑडिट में यह कहीं आश्वासन नहीं मिलता कि पहले दो चरणों में नीलाम हुई उक्त 11 कोयला खानों की बोली के दूसरे चरण में प्रतिस्पर्धा का संभातिव स्तर हासिल किया गया था।

पंचक खत्म होते ही कावड़ियों की संख्या में वृद्धि

कावड़ियों की भीड़ के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
हरिद्वार।
तीर्थनगरी मंे कांवडियांे की भीड़ मंे लगातार इजाफा होता जा रहा है। प्रशासन कांवडियांे की भीड़ को हाईवे से उतारकर उनको नहर पटरी से उनके गतंव्य की ओर रवाना किया जा रहा है। नहर पटरी मंे कांवडियांे के लिए बिजली, पानी व शौचालय की व्यवस्था की गयी है। ताकि कांवडियांे को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। हाईवे पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किये गये है। डाक कांवडियांे के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किग की व्यवस्था की गयी है। जहां पर उनके कांवड से सम्बंधित सामानांे का बाजार भी व्यापारियांे द्वारा लगाया गया है। जहां पर कांवडियांे को उनके मुताबिक समान उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रावण मास कांवड मेला तीर्थनगरी में प्रारम्भ हुए चार दिन हो चुके है। चार दिनांे के भीतर विभिन्न प्रान्तांे से लाखांे कांवडियें गंगा जल भरकर यहां से अपने गतंव्यों की ओर रवाना हो चुके है। जिस तेजी के साथ कांवडियांे को आगमन हरिद्वार मंे हो रहा है। ठीक उसी तरह यहां से गंगा जल भरकर कांवडियांे का प्रस्थान भी हो रहा है।
लाखांे कांवडियंे मौजूदा समय मंे तीर्थनगरी में डेरा डाले हुए है। जिनमें कुछ पंचक समाप्त होने का इंतजार कर रहे है, तो कुछ पंचक को ना मानकर गंगा जल भरकर यहां से प्रस्थान कर रहे है। प्रशासन की ओर से कांवड मेले को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जहां पुख्ता इंतजाम करते हुए उनको अमली जामा पहनाया गया है। वहीं दुनियाभर मंे आतंकवादी घटनाआंे को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये गये है। देखा जाए तो तीर्थनगरी के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इतना ही नहीं पुलिस प्रशासन ने असमाजिक तत्वांे पर पैनी नजर रखी जा रही है। कांवडियांे के भेष सहित सार्दी वर्दी में पुलिस को तैनात किया गया है। ताकि किसी स्थिति से निपटा जा सकें। बस अड्डा, रेलवे स्टेशन सहित भीड ़भाड़ वालंे इलाकों मंे डॉग स्वायड व बम निरोधक दस्ता भी चैंकिग अभियान में जुटा है।
पुलिस प्रशासन द्वारा स्थानीय नागरिकों सहित व्यापारियांे और संत व साधुआंे से सहयोग की अपील की गयी है। पुलिस प्रशासन ने तैनात पुलिस अधिकारियों सहित कर्मियांे को कांवडियांे सहित स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और आम लोगों से मधुर व्यवहार किये जाने के निर्देश दिये गये है।

बिहार में दलित युवकों की पिटाई, पेशाब पिलाने का आरोप

बिहार। गुजरात में दलित युवकों की मारपीट की घटना पर देश की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने गुजरात की यात्रा कर डाली। लेकिन नीतिश कुमार के राज्य बिहार के मुजफ्फरपुर से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि एक दबंग मुखिया पति ने दो दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई कर डाली। वह इतने में ही नही रुका उसने गांव के युवकों से इन युवकों के मुंह में पिशाब तक करा डाला। बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड के बाबूटोला में पारू उत्तरी पंचायत के मुखिया के पति मुकुल ठाकुर ने बाइक चोरी का आरोप लगाते हुए दो युवकों के साथ जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं मुखिया पति ने अपने भतीजे से इन दोनों दलित युवकों के मुंह में पेशाब भी करवाया।
इस मामले को लेकर पारू मठिया गांव निवासी पीड़ित दलित युवक की मां सुनीता देवी ने पारू थाने मे मुखिया पति समेत 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
पीड़ित दलित युवक की मां सुनीता देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि 20 जुलाई को उसका पुत्र राजीव और एक रिश्तेदार मुन्ना पासवान मोटरसाइकिल से पारु थाना क्षेत्र में चल रहे अनपूर्णा महायज्ञ का मेला देखने के लिए गए थे। मेला देखने जाने के दौरान रास्ते में ही मुखिया पति मुकेश ठाकुर उर्फ मुकुल ठाकुर ने अपने समर्थकों के साथ उसे रोक लिया और बाइक चोरी करने के आरोप मे बेरहमी से पिटाई कर डाली।
बताया कि मारपीट के बाद जब इन दोनों युवकों ने अपने आप को बेकसूर बताते हुए छोड़ देने की बात कही तो मुखिया पति ने अपने भतीजे से इन दोनों युवकों के मुंह में पेशाब करवा दिया। पुलिस को बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर जब परिवार वाले बचाने के लिए मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी अभ्रदता की गई।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी विवेक कुमार ने बताया जांच जारी है, मामला सही पाये जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर जब आरोपी मुखिया से इस बारे में पूछा गया तो उन्होने कहा की पूरा मामला गलत है, उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में जीत से विरोधी उनके खिलाफ साजिश रच रहे है।