कमल जोशी की आत्महत्या से सकते में पत्रकारिता जगत!


घुमक्कड़ी पत्रकारिता के जीवन्तप्राय वरिष्ठ पत्रकार कमल जोशी की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। वे अपने कमरे में रस्सी से झूलते हुए पाये गये। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कमल जोशी के शव के रस्सी काटकर उतारा। उनके निधन से पत्रकार जगत एवं शहर में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। गोखले मार्ग स्थित उनके निवास स्थान पर लोगों का तांता लगा हुआ है।
वरिष्ठ पत्रकार कमल जोशी ने विज्ञान संकाय से परास्नातक करने के बाद पत्रकारिता एवं फोटोग्राफी को अपना कैरियर चुना। 65 वर्षीय स्व. जोशी अपने जीवन में फोटो पत्रकारिता के अलावा कई वर्षो तक प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया समाचार एजेंसी से जुड़े रहे।
वर्तमान में वे राज्य स्तरीय प्रेस फोटो ग्राफर के रूप स्वतंत्र पत्रकार शासन द्वारा मान्यता प्राप्त थे। पुलिस के अनुसार स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना बाजार चौकी प्रभारी प्रदीप सिंह नेगी को दी। जिस पर वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले को संदिग्ध देखते हुए उच्च अधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद वरिष्ठ उपनिरीक्षक मोहम्मद यूनुस खान, पुलिस क्षेत्राधिकारी जोधराम जोशी, अपर पुलिस अधीक्षक पौड़ी हरीश वर्मा, उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी, नायाब तहसीलदार हरिमोहन खंडूडी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सूचना के आधार पर बताया कि सोमवार सुबह लगभग 10 बजे कमल जोशी को स्थानीय दुकानदारों द्वारा देखा गया। जब वह सांय को काफी देर तक बाहर नहीं निकले तो आस-पास के लोगों ने उनके मोबाईल नंबर पर फोन किया लेकिन जब उन्होंने काफी देर तक फोन नहीं उठाया तो स्थानीय दुकानदार जब अंदर गया तो उन्होंंने कमल जोशी के शव को खूंटे से लटकते हुए देखा।

रेलवे स्टेशन की सुविधाओं को समिति ने निरीक्षण किया


ऋषिकेश।
रेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गठित यात्रा सेवा समिति के पांच सदस्यीय दल ने ऋषिकेश रेलवे स्टेशन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दल ने यहां पेयजल, सफाई, शौचालयों की स्थिति, बिजली व अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कमेटी के सदस्य पंकज कुमार पाठक ने बताया कि रेल मंत्रालय द्वारा कांवड़ यात्रा को देखते हुए स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है। इसमें यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय आदि की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में जो भी कमियां पाई गई हैं, उन्हें शीघ्र दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रेल मंत्रालय द्वारा इस कमेटी का गठन इसलिए किया गया है कि वह प्रत्येक रेलवे स्टेशन का जायजा लेकर खामियों व अव्यवस्थाओं की रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंपे। जिससे रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा सके। इस मौके पर मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद एके सिंघल ने बताया कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए सात जुलाई से यात्राकाल में ऋषिकेश-हरिद्वार के बीच कांवड़ रेल सेवा शुरू की जाएगी। जिससे यात्रियों को परिवहन की समस्या से न जूझना पड़े। यात्री सेवा समिति की टीम को स्टेशन अधीक्षक आरपी मीणा ने भी स्टेशन की समस्याओं से अवगत करवाया। निरीक्षण टीम में पंकज कुमार पाठक, एमएन ¨सह, राजेश शाह, मंजू मखीजा व जयदीप आर्य शामिल थे।

खुले में पेशाब करना जेई को पड़ा भारी


हरिद्वार।
जिलाधिकारी कार्यालय के पास खुले में पेशाब करना सरकारी कर्मचारी को महंगा पड़ गया। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कड़ी फटकार लगाते हुए अधिकारी पर 1 हजार रु का जुर्माना लगा दिया।
जानकारी के अनुसार स्वछता अभियान के तहत जिलाधिकारी ने नगर निकायों की बैठक मुख्यालय में बुलाई था। बताते है कि इसी बैठक में शामिल होने मंगलौर नगर पालिका के जे ई जगदीश चन्द्र भी आये हुए थे। इसी दौरान उन्हें बहुत तेज लघुशंका लगी,ओर वह कलैक्ट्रेट में खुले में ही पेशाब करने गए। तभी जिलाधिकारी वहां आ गए और उन्होंने जेई को फटकार लगाते हुए 1 हजार रुपये का जुमार्ना लगा दिया। यही नही बैठक में मंगलौर के ईई के उपस्थित न रहने पर उनकी एक माह की सैलरी काटने के भी आदेश दे दिया।

स्मार्ट सिटी बनेगा देहरादून, केन्द्र ने दी मंजूरी


नई दिल्ली।
स्मार्ट सिटी की सूची में देवभूमि देहरादून का नाम भी शामिल हो गया है। लंबे समय से चल रही कवायद को अंततः मंजिल मिल ही गयी है। दून के स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने से प्रदेश की राजधानी को विकास की नई दिशा मिलेगी। जिससे प्रदेश में पर्यटन और रोजगार के अवसर श्रृजित होंगे। बता दें कि दून को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल करने की मांग लंबे समय से चल रही है। स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने से प्रदेश को लोगों में खुशी की लहर हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकास के लिए जिन 30 शहरों की नई सूची जारी की गई है उनमें केरल का तिरूवनंपुरम, छत्तीसगढ़ का नया रायपुर और गुजरात का राजकोट शहर शामिल है। इस नई घोषणा के साथ केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना के तहत चयनित शहरों की संख्या 90 हो गई है। नई सूची के ऐलान से जुड़े के कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए सूची में 40 शहरों के लिए स्थान खाली थे, लेकिन व्यवहारिकता और कार्य करने योग्य योजना सुनिश्चित करने के लिए 30 शहरों का चयन किया गया। स्मार्ट सिटी योजनाओं के तहत 57,393 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत केंद्र हर शहर को पांच साल की अवधि में 500 करोड़ रुपए प्रदान करता है ताकि विभिन्न विकास परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जा सके।
 
आखिर जून माह में क्यों जुटते है कामाख्या मंदिर में देश विदेश के साधक!
नए शहरों की सूची

आंध्र प्रदेश का अमरावती
बिहार के पटना और मुजफ्फरपुर
यूपी से इलाहाबाद, अलीगढ़ और झांसी
तेलंगाना का करीमनगर
केरल के त्रिवेंद्रम,
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और नया रायपुर
गुजरात के दाहोद, गांधीनगर और राजकोट
पुडुचेरी का पुडुचेरी
जम्मू कश्मीर के जम्मू और श्रीनगर
मध्य प्रदेश के सतना और सागर
हरियाणा के करनाल
कर्नाटक के बेंगलुरू
हिमाचल प्रदेश के शिमला
उत्तराखंड के देहरादून
तमिलनाडु के तिरुनवेली
तिरुचिरापल्ली, त्रिपुरा और तूतुकुडी
महाराष्ट्र के पिंरी चिंचवड
अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट
मिजोरम के आइजोल
सिक्किम के गंगटोक शहर

आपत्तिजनक हालत देख पुलिस की नजरें भी झुकीं


हरिद्वार।
हयूमन ट्रैफिकिंग सेल ने कलियर क्षेत्र के दो गेस्ट हाउस में छापा मारकर सेक्स रैकेट पकड़ा। पुलिस ने छह महिलाओं समेत नौ लोगों को हिरासत में लिया।
बुधवार शाम हयूमन ट्रैफिकिंग सेल की प्रभारी साधना त्यागी ने कलियर थाना प्रभारी देवराज शर्मा के नेतृत्व में अब्दाल साहब गेट के पास स्थित एक गेस्ट हाउस पर छापा मारा। यहां पर तीन महिलाएं और दो युवक आपत्तिजनक हालत में मिले। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने नई बस्ती स्थित एक अन्य गेस्ट हाउस में भी छापा मारा। यहां पर अलग-अलग कमरों में तीन महिलाएं और एक युवक मिला।
यह तीनों भी सेक्स रैकेट से जुड़े थे। पुलिस इन सभी को थाने ले आई। कलियर थाना प्रभारी देवराज शर्मा ने बताया कि युनुश निवासी रामपुर तिराहा, निसार निवासी महमूदपुर कलियर, अंकुर गुप्ता निवासी खुड़बुड़ा मोहल्ला, देहरादून तथा छह महिलाओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आधी-आधी बांटते थे रकम: पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि गेस्ट हाउस संचालक भी मामले में पूरी तरह से संलिप्त है।
सेक्स रैकेट से जुड़ी महिलाओं के लिए गेस्ट हाउस संचालक ग्राहक लाने का काम करते थे। गेस्ट हाउस में ठहरने वाले व्यक्ति से इस बावत पूछा भी जाता था। ग्राहक मिलने पर गेस्ट हाउस संचालक फोन करके सेक्स रैकेट से जुड़ी महिलाओं को बुला लेते थे। इसके बाद ग्राहक से मिलने वाली रकम को आधी-आधी आपस में बांट लेते थे।

एनएच-74 घोटाला-एनएच अधिकारियों से एसआईटी ने सात घंटे की पूछताछ


हल्द्वानी। 
एनएच-74 मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर समेत दो अधिकारियों से पूछताछ की। करीब सात घंटे तक चली पूछताछ के दौरान उनसे उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर क्रास सवाल भी पूछे गए। साथ ही साथ में लाए दस्तावेज की भी जांच की। एनएच-74 फोरलेन प्रोजेक्ट में कृषि भूमि को अकृषक दिखाकर अधिक मुआवजा लेकर सरकार को करोड़ों के राजस्व की चपत लगाई गई है।
मामले की जांच कर रही एसआईटी अब तक पूर्व एसएलओ डीपी सिंह समेत 50 अधिकारी, कर्मचारी और किसानों से पूछताछ कर चुकी है। मंगलवार को एसआईटी ने मामले से जुड़े एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर अजय विष्णोई और अनुज कुमार सिंह को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। इस पर दोनों ही एनएचएआई के अधिकारी सुबह 11 बजे एसएसपी कार्यालय स्थित एसआईटी कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान एसएसपी डा.सदानंद दाते, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय, एएसपी देवेंद्र पिंचा, सीओ सिटी और एसआईटी प्रभारी स्वतंत्र कुमार सिंह ने उनसे पूछताछ की। साथ ही उनके बयान दर्ज किए। सुबह 11 बजे से शुरू हुई पूछताछ शाम छह बजे तक चली। एसआईटी ने पूछताछ के दौरान दोनों अधिकारियों द्वारा लाए गए दस्तावेज की भी जांच की। साथ ही उनसे कृषि भूमि को अकृषक दिखाकर दिए गए कई गुना मुआवजे के संबंध में भी पूछताछ की।
एसआईटी प्रभारी सीओ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को भी कुछ अधिकारी, कर्मचारी और काश्तकारों से पूछताछ की जाएगी। दस्तावेज में हुए हस्ताक्षर से कर रहे इंकार रुद्रपुर। एनएच-74 मुआवजा घोटाले में बरामद दस्तावेज में अधिकारियों के हस्ताक्षर है। एसआईटी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान वह कुछ फाइलों में अपने हस्ताक्षर की बात तो कर रहे हैं, लेकिन कुछ दस्तावेज में अपने हस्ताक्षर होने से इंकार कर रहे हैं। जांच में खुल सकते हैं कई बड़े नाम रुद्रपुर। एसआईटी एनएच मुआवजा घोटाले की जांच में जुट गई है। जब तक जांच सीबीआई को जाएगी, तब तक एसआईटी काफी साक्ष्य जुटा लेगी। सूत्रों की मानें तो एसआईटी की जांच में अब तक हुई पूछताछ में कई साक्ष्य मिले हैं। आगे जांच में कई बड़े नाम सामने आने की संभावनाएं बनी हुई है।

नकदी और जेवर लेकर दो बच्चों की मां प्रेमी के साथ रफू चक्कर


कोटद्वार। 
इश्क के चक्कर पड़कर इंसान विवेक खो बैठता है, घर—परिवार, समाज में मान—प्रतिष्ठा के साथ ही अपने बच्चों तक ख्याल भूल जाता है। प्रेम के वशीभूत होकर ऐसा कदम उठा देते हैं। जिसकी सब आलोचना ही करते हैं। ऐसा ही एक मामला कोटद्वार में सामने आया है। दो बच्चों की मांग को इश्क का ऐसा बुखार चढ़ा कि उसे बच्चों की भी परवाह नहीं रही। वह घर से नकदी और जेवर समेटकर प्रेमी संग फरार हो गई। उसकी तलाश में पति थाने के चक्कर लगा रहा है।
कोतवाली क्षेत्र स्थित एक मोहल्ला की महिला का पास के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसका आभास जब पति को हुआ तो उसने पत्नी को समझाने का प्रयास भी किया। गत शाम पति जब घर लौटा तो पत्नी घर पर नहीं थी। इस पर उसने बच्चों से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि वह एक युवक के साथ गई थी। उसने युवक के घर पता किया तो वह भी गायब था। पीड़ित ने आसपास पत्नी की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया।
पति के मुताबिक उसने घर की तलाशी ली तो पांच हजार की नकदी भी गायब थी। महिला के पति ने कोतवाली में पहुंचकर युवक के खिलाफ तहरीर देकर पत्नी की बरामदगी की गुहार लगाई है।

कार मे रात बिताई, सुबह मृत मिला चालक


नैनीताल। 
मल्लीताल कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत अल्टो कार में चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव कार में ही मिला। मृतक की पहचान कैलाश भाकुनी पुत्र भीम सिंह भाकुनी मूल निवासी बलदियाखान हाल निवासी चार्टन लॉज मल्लीताल के रूप में हुई है। 
पुलिस ने वाहन समेत शव कब्जे में ले लिया है। मृतक के परिवार में बीवी समेत दो छोटे बच्चे हैं। आज सुबह नौ बजे मल्लीताल स्थित तिराहे के समीप किसी ने आल्टो संख्या यूके-04 टी ए, 8346 में चालक सीट पर शव पड़ा देखा। इस पर इसकी सूचना कोतवाली में दी। कोतवाल विपिन पंत ने एसआई देवेंद्र बिष्ट व अन्य कर्मियों को मौके पर भेजा। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में पता चला है कि कल तीन बजे से कैलाश व उसके चालक साथियों ने एक साथ शराब पी थी। नशे की वजह से कैलाश घर नही जा सका और गाड़ी में ही सो गया। उसने उल्टी भी कर रखी है। 

कामाख्या एक्सप्रेस की चपेट में आने से युवक की मौत


रुड़की के इकबालपुर रेलवे फाटक के पास बाइक सवार एक युवक की कामाख्या एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के दौरान इंजन के नीचे बाइक फंस गई। इससे इंजन फेल हो गया। इसके चलते करीब साढ़े चार घंटे तक कई रेल सेवाएं बाधित रहीं। 
बताया जा रहा है कि क्रासिंग पर फाटक बंद था। इसके बावजूद बाइक सवार युवक फाटक के नीचे से पटरी पार करने लगा। तभी ट्रेन की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। युवक की पहचान झबरेड़ा थाना क्षेत्र के बुदपुर गांव निवासी मोहित  के रूप में हुई है।
हादसे के बाद ट्रेन का इंजन फेल हो गया। इससे कई ट्रेन जहां की तहां खड़ी हो गई। इसके बाद ढंढेरा से एक और इंजन भेजा गया, लेकिन यह इंजन भी फैल हो गया। 
इस दौरान लखनऊ चंडीगढ़ एक्सप्रेस, हरिहर एक्सप्रेस, उज्जैन एक्सप्रेस, ऋषिकेश दिल्ली पैसेंजर, सहारनपुर लखनऊ पैसेंजर बीच के स्टेशनों पर खड़ी रहीं। बाद में सहारनपुर लखनऊ पैसेंजर के इंजन को भेजा गया। करीब साढ़े चार घंटे बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। इस दौरान यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

जनता मिलन कार्यक्रम में आर्थिक सहायता के लिए पहुंच रहे फरियादी


देहरादून।
मुख्यमंत्री के जनता मिलन कार्यक्रम में भी शराब की दुकानों के विरोध का मुद्दा उठा। रायपुर व जोहड़ीगांव से आए प्रतिनिधिमंडल ने रिहायशी क्षेत्रों में खोली जा रही शराब की दुकानों को बंद करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जिलाधिकारी को इस प्रकरण पर रिपोर्ट देने को कहा है। 
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में फरियादियों की समस्याओं को सुना और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्या निस्तारित होने की सूचना संबंधित व्यक्ति को दी जानी चाहिए।  
न्यू कैंट रोड स्थित सीएम आवास के जनता दर्शन हॉल में जनता मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 40 से अधिक आर्थिक सहायता के प्रकरण रखे गए। मुख्यमंत्री ने इन प्रकरणों को गुणदोष के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता के जो प्रकरण चिकित्सा उपचार से संबंधित हैं, उनके साथ मेडिकल बिल तथा चिकित्सा उपचार संबंधी प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से लगाने होंगे। 
जो चिकित्सा बिल तथा चिकित्सा उपचार के प्रकरण मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत निपटाए जा सकते हैं, उन्हें संबंधित विभागों को भेजा जाए। इससे पूर्व मुख्यमंत्री आवास में सुबह से ही बड़ी संख्या में फरियादी जुटने शुरू हो गए थे। 
सभी की शिकायतों को विभागवार रजिस्टर्ड किया गया और इसके बाद मुख्यमंत्री के सामने संबंधित प्रकरण रखे गए। कार्यक्रम में विशेष यह रहा कि मुख्यमंत्री ने दो बार लोगों की शिकायतों को सुना। पहले मुख्यमंत्री सुबह तकरीबन 11 बजे तक कार्यक्रम में रहे और इसके बाद राजभवन एक अन्य कार्यक्रम में शिरकत करने चले गए। वहां से वापस आकर उन्होंने फिर से समस्याओं को सुना। 
उनकी अनुपस्थिति में प्रमख सचिव मनीषा पंवार, डॉ. उमाकांत पंवार, सचिव अमित नेगी, राधिका झा व आयुक्त गढ़वाल विनोद शर्मा ने जनता की शिकायतों को सुना। 
राजस्व मामलों में अलग अधिकारी होगा नियुक्त
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अधिकांश शिकायतें राजस्व संबंधी मामलों की हैं। इन समस्याओं के निस्तारण के लिए एक अलग अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।