बारिश के चलते तालुका मार्ग बंद

उत्तराकशी के मोरी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण हालरा गदेरा उफान पर आ गया। खड्ड उफान पर होने से सांकरी तालुका मोटर मार्ग बंद हो गया। इससे क्षेत्र के चार गांव की आवाजाही पूर्ण रूप से ठप हो गई। ग्रामीण अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं।
जनपद मुख्यालय के सीमांत विकासखंड मोरी में बारिश ने लोगों का जन जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जहां कई गांव के संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं मंगलवार देर रात को हुई भारी बारिश के चलते सांकरी-तालुका मोटर मार्ग पर हालरा खड्ड उफान पर आने से मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
गदेरे के उफान पर आने से सड़क पर बना पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। इससे ओसला, पंवाड़ी, गंगाड़, ढाटमीर, तालुका आदि गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया। ग्रामीण उमराव सिंह चौहान, बचन सिंह पंवार ने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण वह अपने दैनिक कार्यों को नहीं कर पा रहे हैं। वहीं क्षेत्र की नगदी फसलों को बाजार तक नही पहुंचा पा रहे हैं। जिससे उनको काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

गंगोत्री-यमुनोत्री आने वाले यात्रियों का होगा पंजीकरण

उत्तरकाशी। गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों का इस साल बॉयोमैट्रिक पंजीकरण होगा। इसके लिए यमुनोत्री हाईवे पर दोबाटा बड़कोट और गंगोत्री हाईवे पर पंजीकरण केंद्र बनाए जाएंगे।

Gangotri-Wallpaper16101सोमवार को जिला सभागार में जिलाधिकारी इंदुधर बौड़ाई की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यात्रा तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पेयजल, स्वास्थ्य, विद्युत, व सुरक्षा व्यवस्था आदि मूलभूत सुविधाओं को 10 अप्रैल तक दुरुस्त किये जाने को संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। यात्रा मार्ग चौबीस घंटे यात्रियों के लिए खुले रहे इसके लिए बीआरओ व लोक निर्माण विभाग को कड़े निर्देश दिए । चारधाम यात्रा के दौरान सभी तीर्थ यात्रियों को बायोमैटिंक पंजीकरण होना है इसके लिए यमुनोत्री मार्ग के दोबाट एवं गंगोत्री रूट पर गंगोरी को चयनित किया गया है Read more

गोमुख की राह मुश्किल

इस बार मार्च माह तक हुई बर्फबारी ने गोमुख यात्रा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में यात्रा सीजन शुरू होने तक भी गोमुख ट्रैक को खोलना किसी चुनौती से कम नहीं है। हालत यह है कि अभी गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारी ट्रैक की रेकी तक नहीं कर सके हैं। जबकि बीते सालों तक मार्च के अंतिम हफ्ते में ट्रैक को दुरुस्त करने का काम शुरू हो जाता था।

गंगोत्री धाम से 18 किलोमीटर का ट्रैक कर गोमुख तक पहुंचा जाता है। Read more