केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में अपने कार्यों से यात्रियों का दिल जीत रहे पीआरडी जवान

श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में ड्यूटी के लिए तैनात पीआरडी जवान अपने कार्यों से यात्रियों का दिल जीतने का कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से भी पीआरडी जवानों के लिए तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार इन जवानों का पहली बार 10 लाख रुपये तक का बीमा कराया गया है, साथ ही उनके भोजन-पानी की भी प्रशासन के स्तर से बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं।
गौरतलब है कि केदारनाथ पैदल मार्ग में कठिन परिस्थितियों के बीच पीआरडी के ये जवान श्रद्धालुओं की सेवा से लेकर रेस्क्यू तक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं तो म्यूल टास्क फोर्स के अंतर्गत घोड़े- खच्चरों के मानक अनुसार संचालन का कार्य भी देख रहे हैं। श्री केदारनाथ धाम तक पैदल यात्रा मार्ग को सात पड़ाव में बांटा गया है। हर पड़ाव पर समान्य ड्यूटी के लिए पीआरडी के 06 और रेस्क्यू एवं अन्य कार्यों के लिए डीडीआरएफ के 06 जवान तैनात हैं। इसके अलावा सेक्टर मजिस्ट्रेट अधिकारियों के साथ म्यूल टास्क फोर्स के जवान तैनात हैं जो नियमित रूप से घोड़ा- खच्चर संचालन के लिए बनाए गए नियम- कानूनो का पालन करा रहे हैं। तत्परता से ड्यूटी करने वाले पीआरडी जवानों की सेहत का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इस वर्ष पिछले वर्षों के मुकाबले दोगुने लोगों की ड्यूटी यात्रा मैनेजमेंट में लगायी गई है। जिससे जवान यात्रा में सुगमता से ड्यूटी कर सकें एवं उनकी सेहत भी ठीक रहे। यात्रा मार्ग पर मुस्तैदी से ड्यूटी करने वाले पीआरडी जवानों के लिए विशेष पहल करते हुए उनकी ड्यूटी में सुधार किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती ने बताया कि पिछले वर्षाे के मुकाबले दोगुने पीआरडी जवानों की ड्यूटी यात्रा में लगायी गयी है। जहाँ पिछले साल यात्रा के दौरान 50 के आसपास ही पीआरडी जवान यात्रा मैनेजमेंट का हिस्सा होते थे तो इस वर्ष 90 से 95 जवानों को यात्रा मैनेजमेंट में लगाया गया है। इससे जवानों की ड्यूटी रोटेशन में लगायी जा रही है ताकि ड्यूटी के दौरान उन्हें आराम मिल सके। इसके अलावा प्रशासन की तरफ से इन्हें राशन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है ताकि खाने की कोई समस्या न हो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी संभाल रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवाड ने बताया कि गौरीकुंड से सभी जवानों के लिए सूखे राशन सहित अन्य अनिवार्य सामान लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं पहली दफा इन जवानों को 10 लाख रुपए तक का बीमा भी करवाया गया है।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश पहुंचकर चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्यालय का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऋषिकेश पहुंचकर चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्यालय एवं श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनसे व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाओं समेत पेयजल, भोजन, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए विश्राम स्थल, स्वास्थ्य केन्द्र एवं यात्रा नियंत्रण कक्ष में सभी सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने एवं व्यवस्थित यात्रा के लिए आपसी सामंजस्य से कार्य करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। इस अवसर पर आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी के.एस. नगन्याल एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

चीन में उत्तराखंड के अंगद ने भारत का नाम किया रोशन

उत्तराखंड के अंगद बिष्ट की फुर्ती, मुक्कों और गजब के कुश्ती कौशल का दुनिया लोहा मान रही है। मिक्स् मार्शल आर्ट्स में अंगद बिष्ट रोज नए कीर्तिमान रच रहे हैं। बीते रविवार को एक बार एंगद की धमक दुनिया ने देखी जब उन्होंने चीन में आयोजित रोड टु यूएफसी के मुकाबले में फिलीपींस के जॉन अल्मांजा को हराकर रोड टू यूएफसी के सेमीफाइन में प्रवेश किया।

रोड टू यूएफसी मिक्स मार्शल आर्ट की ऐसी चौंपियनशिप है जिसमें एशिया के टॉप एथलीट भाग लेते हैं। और अपने प्रतिद्वंदियों को मात देकर फाइनल में जाते हैं। फाइनल जीतने वाला रेसलर दुनिया की सबसे खतरनाक मिक्स मार्शल आर्ट प्रतियोगिता यूएफसी (अल्टीमेट फाइटिंग चौंपियनशिप) के लिए क्वालिफाई करते हैं।

रविवार को फ्लाइवेट कैटेगरी में जैसी ही क्वाटरफाइनल मुकाबला शुरू हुआ अंगद बिष्ट ने विरोधी पर ताबड़तोड़ पंच बरसाना शुरू कर दिए। अंगद की फुर्ती और रौब के आगे विरोधी टिक नहीं सका औऱ बुरी तरह पिट गया। इसे देखते हुए रेफरी ने टेक्निकल नॉक आउट (ज्ज्ञव्) पद्धति से फैसला अंगद के पक्ष में दिया। आपको बता दें कि जब रेफरी को लगता है कि एक पहलवान के आगे दूसरा पहलवान कहीं नहीं टिक पा रहा और उसकी जान को भी खतरा हो सकता है, ऐसी स्थिति में ज्ज्ञव् से फैसला दिया जाता है। सेमीफाइनल मुकाबले में अंगद का मुकाबला कोरिया के रेसलर चाइ डोंग हून से होगा।

अंगद की जीत पर उनके गृह जनपद रुद्रप्रयाग में खुशियों का माहौल है। प्रदेशभर से सोशल मीडिया पर अंगद को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई मिल रही है।

अंगद बिष्ट मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में उत्तराखंड के युवाओं को प्रतिभाशाली बनाने के लिए देहरादून में म्यूटेंट एम.एम.ए. एकेडमी चलाते हैं। अंगद से कोचिंग लेने देशभर के फाइटर देहरादून आ रहे हैं। वह महिला फाइटरों को भी कोचिंग दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ के युवाओं का स्टेमिना और बॉडी स्ट्रक्चर काफी मजबूत होता है, बस जरूरत है तो उन्हें अच्छी कोचिंग की, जो प्रयास उनकी तरफ से पिछले किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त गढ़वाल द्वारा किया गया यात्रा कार्यालय ऋषिकेश का निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चारधाम यात्रा में आ रहे यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत आज सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय द्वारा यात्रा कार्यालय, ऋषिकेश का निरीक्षण किया गया।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओ की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ऐसे लोग जो बिना पंजीकरण के उत्तराखण्ड आ गए है उनका निर्धारित संख्या में पंजीकरण कर उन्हें यात्रा पर भेजे जाने की व्यवस्था प्रारंभ कर दी गई है। इस व्यवस्था के तहत शनिवार को 800 यात्रियों को ऋषिकेश से चारधाम यात्रा के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी उत्तराखण्ड की सीमा से बाहर है, उन्हें ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ही यात्रा पर भेजा जाएगा।

सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त गढ़वाल द्वारा यह भी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है कि यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा कार्यालय, ऋषिकेश जहां यात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया गतिमान है, वहां स्थित दो सुलभ शौचालयों को निःशुल्क यात्रियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यात्रियों से इसका कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा तथा इसके लिए सुलभ इण्टरनेशनल संस्था को जो भी भुगतान देय होगा, वह राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।

तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर यमुनोत्री में सीएम ने जानी यात्रा व्यवस्था

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज यमुनोत्री क्षेत्र का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात कर चारधाम यात्रा के बारे में फीड बैक लिया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर देश के विभिन्न हिस्सों से आये तीर्थयात्री अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने चारधाम यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों को सराहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा संचालन को लेकर किए गए प्रबंधो पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रा के शुरूआती दिनों में ही धामों में रिकॉर्ड भीड़ हो जाने के कारण यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा व अन्य व्यवस्थाओं को कायम रखने के लिए यात्रा के नियंत्रित व व्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिसे देखते हुए बिना पंजीकरण के यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी श्रद्धालुओं के स्वागत-सत्कार के लिए सदैव तत्पर है, लेकिन धामों की मर्यादाओं और भौगोलिक विशिष्टताओं के कारण तात्कालिक तौर पर यात्रा को नियमित करना जरूरी हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिना पंजीकरण व पंजीकृत शेड्यूल से इतर यात्रा करने की कतई अनुमति न दी जाय, लेकिन जो लोग यात्रा रूट पर काफी आगे बढ चुके हैं उन्हें धामों का दर्शन करने की सुविधा देने का रास्ता तलाशा जाय। अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री धाम सहित खरसाली व जानकीचट्टी क्षेत्र का हवाई निरीक्षण भी किया।

अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री मार्ग पर बड़कोट के निकट दोबाटा में यात्री पंजीकरण एवं जॉंच केन्द्र तथा होल्डिंग प्वाईंट पर जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। यहां पर मुख्यमंत्री तीर्थयात्रियों के जत्थों से मिले और यात्रा के बारे में वार्ता की। मुख्यमंत्री ने यात्रियों को पंजीकरण तथा वाहनों की नियंत्रित आवाजाही की व्यवस्था के बारे में बताया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर हर्षित और प्रफुल्लित श्रद्धालुओं ने जय-जयकार के नारे लगाए और बिना पंजीकरण के क्षेत्र में चले आये यात्रियों को आगे की यात्रा की अनुमति देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने इस मामले में आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय से कोई रास्ता निकालने की अपेक्षा करते हुए कहा कि बीच रास्ते से श्रद्धालुओं को वापस भेजा जाना ठीक नहीं होगा। लेकिन यह सुनिश्चित किया जाय कि ़ऋषिकेश या हरिद्वार से बिना पंजीकरण के किसी को भी यात्रा में न आने दिया जाय। मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान सभी यात्रियों ने यात्रा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए यात्रियों की सुविधा व व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यमुनोत्री मार्ग पर खरादी होते हुए पालीगाड तक सड़क मार्ग से निरीक्षण किया। पालीगाड में मुख्यमंत्री ने यात्रियों से भेंट कर यात्रा के बारे में उनके अनुभवों का सुना। मुख्यमंत्री ने यहां पर हेल्डिंग प्वाईंट में कुछ समय के लिए रोके गए यात्री वाहनों के अंदर जाकर भी यात्रियों से मुलाकात की। देश के विभिन्न राज्यों से आये तीर्थयात्रियों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर यात्रा व्यवस्थाओं को उपयुक्त बताया और अपनी प्रसन्नता को अभिव्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का देवभूमि आगमन पर स्वागत करते हुए उन्हें यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने पालीगाड में ढाबा संचालकों एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात करते हुए यात्रा व्यवस्था में सहयोग करने व यात्रियों को वाजिब दाम में बेहतर सेवाएं प्रदान करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने बड़कोट में यात्रा व्यवस्था के बावत अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि चारधाम यात्रा हमारे गौरव का प्रतीक होने के साथ ही आर्थिकी का भी प्रमुख स्रोत है। लिहाजा यात्रा सुविधाओं और सड़कों सहित अन्य अवस्थापनाओं के विकास व विस्तार की योजनाओं पर तेजी से काम किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा तथा सुव्यवस्था को सर्वाेपरि रख यात्रा का समुचित प्रबंधन किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा व्यवस्था को लेकर शुरूआती समय हमेशा से काफी चुनौतीपूर्ण रहा है, लिहाजा इस काम में तैनात सभी कार्मिक प्रतिबद्धता के साथ यात्रा को सुगम, सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाए रखने में लिए जुटे रहें।

इस अवसर पर आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट और पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने यात्रा व्यवस्था व प्रबंधन तथा वाहनों की आवाजाही के विनियमन को लेकर की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि यात्रा मार्ग पर वाहनों के दबाव को देखते हुए वाहनों के ठहराव स्थलों एवं ठहराव समय की निरंतर समीक्षा कर इसमें यात्रियों की सुविधा का ध्यान रख व्यावहारिक बदलाव किए जा रहे हैं। यातायात में शुरूआत दिनों में आई समस्या को अब दूर कर लिया गया है और यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा सुचारू व सुव्यस्थित रूप से संचालित हो रही है।

इस दौरान यात्रा मजिस्ट मजिस्टेट अभिषेक त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी मुकेष चंद रमोला, नवाजिश खलीक सहित यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारी और पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, पूव पालिकाध्यक्ष अतोल रावत, श्याम डोभाल सहित बडकोट क्षेत्र के अनेक जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

सीएम बोले, चारधाम यात्रा में रजिस्ट्रेशन के अनुसार ही श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा की दें अनुमति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री बड़कोट जाकर ग्राउंड जीरो से यमुनोत्री धाम की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत और यात्रा को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं मोर्चा संभाले हुए हैं। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी विभागों के सचिवों को निर्देश दिये हैं कि वे लगातार चारधाम यात्रा मार्गों पर अपने विभागों से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को देंखे और विभागों के उच्चाधिकारियों को भी मौके पर भेजें। उन्होंने कहा कि यात्रा व्यवस्थाओं में सभी अधिकारी चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारी और एसपी का पूरा सहयोग करें। यात्रा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यात्रियों को जिन स्थानों पर ठहराने की व्यवस्थाएं की गई है, यह सुनिश्चित किया जाए कि उन स्थानों पर सभी मूलभूत सुविधाएं पेयजल, विद्युत, शौचालय, खानपान और बच्चों के लिए दूध और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने निर्देश दिये कि चारधाम पैदल मार्गों पर श्रद्धालुओं को पेयजल एवं अन्य सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों। चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत आवश्कतानुसार वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाए और श्रद्धालुओं को इन मार्गों के बारे में जानकारी भी दी जाए। सचिव परिवहन को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए। बिना फिटनेस के कोई वाहन यात्रा मार्ग पर चल रहे हैं तो, इसके लिए संबंधित परिवहन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्रेशन के अनुसार ही श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा पर भेजा जाए। ऑफलाईन रजिस्ट्रेशन को फिलहाल स्थगित रखा जाय।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से केदारनाथ यात्रा के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग सौरभ गहरवार ने अवगत कराया कि श्री केदारनाथ में यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। आज अभी तक श्री केदारनाथ में 11 हजार हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, पैदल मार्ग से 08 हजार यात्री दर्शन के लिए गये हैं। ठहराव वाले स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से यात्रा मार्ग पर वाहनों के आवागमन की व्यवस्थाओं की कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है। यातायात प्रबंधन के लिए यात्रा मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग ने कहा कि उन्होंने गुरुवार रात्रि को रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक यात्रा व्यवस्थाओं को देखा।

जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आज गंगोत्री धाम में 11 हजार और यमुनोत्री धाम में 10 हजार श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संभावना है। श्रद्धालुओं के लिए जिन स्थानों पर ठहराव की व्यवस्था की गई वहां पर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। एसपी उत्तरकाशी ने कहा कि कुछ लोग फर्जी रजिस्ट्रेशन वाले पाये गये हैं, जिन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना ने कहा कि श्री बद्रीनाथ में यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। आगामी सप्ताह में अवकाश के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि के दृष्टिगत भी सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिन कुर्वे, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव एस.एन. पाण्डेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी अजय सिंह, वर्चुअल माध्यम से डीजीपी अभिनव कुमार, जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज गर्ब्याल उपस्थित थे।

सेक्टर अधिकारी की तत्परता से दो साल की बिछड़ी बच्ची परिजनों से मिली

सेक्टर अधिकारी लिनचोली राहुल कुमार ने अवगत कराया है कि इंदौर से आए तीर्थ यात्री मुस्कान अग्रवाल व उसके पति अपनी 02 साल की पुत्री हीनल अग्रवाल जो श्री केदारनाथ धाम के दर्शन करने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी हॉकर के पास दे रखी थी तथा छोटी लिनचोली के पास शॉर्ट कट के चक्कर में मुस्कान अग्रवाल एवं उनके पति हॉकर से बिछड़ गए जिस कारण उनकी बेटी भी उनसे बिछड़ गई तथा आगे जाकर महिला अपनी बेटी को अपने आसपास न देखकर रोने-बिलखने लगी, जिस पर उधर से गुजर रहे सेक्टर अधिकारी राहुल कुमार ने उनसे रोने का कारण जाना। जिस पर उन्होंने बताया कि हमारी बेटी हमसे बिछ़ड गई है। सेक्टर अधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए इसकी जानकारी सेक्टर अधिकारी केदारनाथ एवं हैलीपैड से संपर्क किया किन्तु बच्ची बड़ी लिनचोली के पास ही मिल गई थी जिसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है।

अपनी बच्ची को अपने पास पाकर माता-पिता को खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने अपनी बिछडी बेटी से मिलाने के लिए जिला प्रशासन की टीम द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही के लिए सभी का आभार एवं साधुवाद किया।

सीएम ने रूद्रप्रयाग में चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग में चारधाम एवं श्री केदारनाथ धाम यात्रा की जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ जी के प्रति देश- विदेश के लोगों की श्रद्धा जुड़ी है और हर वर्ष बाबा के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है, आने वाले समय में यात्रा और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में जरूरी है कि भविष्य में श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए रणनीति के साथ कार्ययोजना बनाई जाए। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक यात्रा मार्ग का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्ग पर सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत क्रैश बैरियर के साथ ही पेड़ लगाये जाने की पहल शुरू की जाए। इससे सड़क हादसों में कमी लायी जा सकेगी। जनपद में यह प्रयोग सफल होने पर पूरे राज्य में इसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद रुद्रप्रयाग बाबा केदारनाथ जी का निवास स्थान है ऐसे में जनपद प्रशासन की कोशिश होनी चाहिए कि यहां इस प्रकार की पहल शुरू हो और पूरा राज्य उसे अपनाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विविधताओं से भरा राज्य है ऐसे में जनपद के भूगोल एवं अन्य संसाधनो को ध्यान में रखते हुए ही विकास की रणनीति बननी चाहिए। विकास के साथ साथ विरासत का ध्यान रखा जाना भी जरूरी है। उन्होंने वृक्षारोपण के अलावा जल संचय के लिए भी विशेष प्रयास करने के निर्देश जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन एवं पुलिस को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी हाल में श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ड्यूटी में तैनात कर्मचारी एवं सुरक्षा बल खुद वीआईपी दर्शन की होड़ में न रहें यह भी सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा सड़क, स्वच्छता, शौचालय, बिजली-पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सहित रहने व खाने की उचित व्यवस्था हो और इसे लगातार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को हेली सेवाओं के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं यात्रा ड्यूटी में लगे सभी कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्यता के साथ पेश आने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने एवं आगामी मानसून सत्र के लिए अभी से तैयारियां करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।

कर्मचारियों के लिए गर्म जैकेट लांच किया
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की ओर से यात्रा रूट पर तैनात सफाई कर्मचारियों, पीआरडी जवानों, स्वयंसेवकों, पुजारियों एवं अन्य कर्मचारियों के लिए तैयार किए गए गर्म जैकेट एवं यूनीफॉर्म भी लॉन्च की। इसके साथ ही यात्रा रूट के लिए तैयार गाइडलाइन एवं हेल्प बुक की भी लांचिंग की। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से सभी कर्मचारियों के लिए करवाए जा रहे सामूहिक बीमा योजना भी मुख्यमंत्री ने लांच करते हुए पहला बीमा पत्र भी जारी किया।

यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण
यात्रा संबंधी तैयारियां की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग पर महिला समूहों के सशक्तिकरण के लिए दुग्ध विभाग की ओर से गिवाणी गांव में नव निर्मित आँचल कैफे का भी उद्घाटन किया। साथ ही विभिन्न स्थानों पर बनाई गई पार्किंग एवं पार्क का भी अवलोकन किया।

’पिरूल एकत्रित कर की पिरुल लाओ धन पाओ की शुरुआत’
मुख्यमंत्री रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अन्तर्गत वनाग्नि सुरक्षा कार्याे का जायजा लिया तथा रतूडा के निकट चीड वन क्षेत्र में वनाग्नि रोकथाम में लगे वनकर्मियो एवं फायर वाचरो से मिले। मुख्यमत्री द्घारा फायर टीम के साथ फायर रेक द्घारा पिरूल हटाया तथा ब्लोअर को पिरूल हटाने व फायर लाइन सफायी में कारगर बताया। प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा अवगत कराया कि वनाग्नि मुक्त चारधाम यात्रा हेतु प्रभाग के अन्तर्गत पाँच वनाग्नि नियत्रण सेक्टर बनाये गये है जो त्वरित एवं कुशल ढंग से आग को नियंत्रित करेगी । माननीय मुख्यमंत्री द्वारा चीड पिरूल का एकत्रीकरण कर ब्रेकैट बनाने को प्रोत्साहन देने पर बल दिया एंव स्थानीय रोजगार को जोडने की पहल ‘पिरुल लाओ धन पाओ’ की शुरुआत स्वयं पिरुल एकत्रीकरण कर की। साथ ही मुख्यमंत्री ने फायर लाइन प्रबंधन हेतु सामुदायिक भागीदारी एवं मिशन मोड पर कार्य किए जाने पर बल दिया।

बैठक में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे ने केदारनाथ यात्रा को लेकर जिला स्तर से की गई तैयारियों एवं नए प्रयासों की रिपोर्ट पेश की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा यात्रा को लेकर की गई तैयारियों की सराहना भी की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, दर्जा धारी मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवारी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल करण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशीष, ऊखीमठ अनिल शुक्ला, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्र, पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं नोडल अधिकारी मौजूद रहे।

अनियंत्रित कार खाई में गिरी, पांच की मौत, एक घायल

मसूरी देहरादून मार्ग पर आज सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। झड़ीपानी रोड पर पानी वाले बैंड के मसूरी घूमने गए देहरादून के आईएमएस व डीआईटी कॉलेज के छात्रों की कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में 4 छात्रों व 1 छात्रा की मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस फायर सर्विस, एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू कार्य शुरू किया।

जानकारी के मुताबिक देहरादून के आईएमएस कॉलेज के चार युवक और दो युवतियां देहरादून मसूरी घूमने के लिए गए थे। शनिवार सुबह देहरादून वापस लौटते समय चूनाखान के पास उनकी कार एंडेवर न्ज्ञ- 07 ठक्/8600 अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में गिर गई। हादसे की खबर लगते ही आसपास के लोग दुर्घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। इसी बीच पुलिस, एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया। खाई बहुत गहरी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मशक्कत करनी पड़ी। रेस्क्यू टीम ने कार सवार चार युवकों के शवों को खाई से निकाला, जबकि गंभीर रूप से घायल दो युवतियों को इलाज के लिए देहरादून हायर सेंटर ले जाया गया। रास्ते में एक और युवती ने दम तोड़ दिया। दूसरी युवती का इलाज चल रहा है।

मृतकों के नाम

1- आशुतोष तिवारी, पिता का नाम- वीरबहादुर तिवारी, पता-थाना नागफनी रामलीला मैदान पैरामाउंट एक्सपोर्ट के पास, मुरादाबाद

2- तनुजा रावत, पिता का नाम- सोहन सिंह, पता- जे 84 दुर्गा कॉलोनी रुड़की, उम्र 22 वर्ष आईएमएस

3- अमन सिंह राणा, पिता का नाम- राजेश सिंह राणा, पता- शंकरपुर डिम्स कॉलेज गेट के पास 1 सहसपुर, उम्र 22 वर्ष आईएमएस

4- दिगांश प्रताप भाटी, पिता का नाम- देवेन्द्र सिंह भाटी, पता- फ्लैट नंबर 302 तीसरी मंजिल पेटलवुड्स अपार्टमेंट ज्वालापुर हरिद्वार, उम्र 23

5 दृ हृदयांश चन्द्र, पिता का नाम- हरिश्चन्द्र, पता- टाइप 3तक-723 एटीपी कॉलोनी अनपरा सोनभद्र, आयु 24 वर्ष

जबकि नयनश्री, पुत्री- संजय कुमार, पता- 159/3 न्यू विकास एन्क्लेव रोहटा रोड मेरठ, उम्र 24 साल आईएमएस घायल हैं।

हरिद्वार लोसः बादशाहपुर में भाजपा प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत के समर्थन में आयोजित जनसभा में पहुंचे धामी

हरिद्वार लोकसभा के अंतर्गत बादशाहपुर में भाजपा प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार में प्रधानमंत्री के सानिध्य में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की, की 19 अप्रैल को त्रिवेंद्र जी को वोट देकर आप नया इतिहास रचें। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में पूरी तरह से भाजपा की लहर चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 सालों में भारत व उत्तराखंड का तेजी से विकास हुआ है। इस अवधि में देश के हर तबके के लोगों के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज देश मे स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ी हैं। कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। इसका जीता जागता उदाहरण हरिद्वार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, कोरोना महामारी के दौर में भी हमारा देश अटल रहा। उस समय मोदी जी ने तत्परता दिखाई जिसका नतीजा रहा कि वैज्ञानिकों ने इसकी वैक्सीन तेजी से तैयार की। देश में सबको निशुल्क वैक्सीन लगी। 140 करोड़ लोगों को वेक्सीन लगाई गई और किसी से कोई पैसा नहीं लिया गया। यही नहीं, गरीब कल्याण अन्न योजना से भी लोगों को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कश्मीर से आज धारा 370 खत्म कर दी गई है। सीएए का कानून भारत मे लागू किया गया है। आज कोई भी हमारी ओर आंख उठाकर नहीं देख सकता।
यही नहीं, भव्य और दिव्य राम मंदिर आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में जल्द हम ऋषिकेश तक गंगा कॉरिडोर बनाने वाले हैं। उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार सतत प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमने उत्तराखंड में समान नागरिक सहिंता को लागू किया है। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया। धर्मांतरण कानून लागू करने के साथ ही अतिक्रमण हटाया जा रहा है। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है।
जी 20 की तीन बैठकें भी उत्तराखंड में आयोजित की गई। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया। इससे यहां निवेश बढेगा और यहां के युवा को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में बहुत सारे कार्य किये गए हैं। नई योजनाओं को भी हम धरातल पर उतरेंगे। गन्ना किसानों को सहूलियत देने के लिए हमने उत्तर प्रदेश से अधिक गन्ना दाम देने का निर्णय लिया है। आने वाले दिनों में नहर से सिंचाई का कोई शुल्क किसानों से नहीं लिया जायेग।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सब जानते हैं कि कौन धर्म के साथ है, कौन अधर्म के साथ। कांग्रेस के पास देश के विकास का कोई विजन नहीं है। कांग्रेस के नेता बरसाती मेंढक की तरह है, जो केवल चुनाव के वक्त दिखते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि 19 अप्रैल को आप त्रिवेंद्र जी के पक्ष में मतदान कर मोदी जी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाने का मार्ग अवश्य प्रशस्त करेंगे।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, आदेश सैनी, सुशील चौहान, अमित चौहान आदि उपस्थित रहे।