श्रद्धालुओं ने गंगा मैय्या का जन्मदिन मनाया

ऋषिकेश।
मंगलवार को वैशाख मास की सप्तमी पर गंगा का जन्म दिवस ऋषिनगरी में धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही त्रिवेणी घाट के गंगा तट पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर गंगा की जलधारा में प्रसाद चढ़ाकर मां गंगा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। श्री गंगा महासभा की ओर से मंगलवार को विशेष गंगा आरती का आयोजन किया गया।
गंगा महासभा के धीरेन्द्र जोशी ने बताया कि गंगा सप्तमी को गंगा मैय्या का जन्म दिन धूमधाम से मनाया गया। गंगा सप्तमी की जानकारी देते हुए बताया कि इस दिन गंगा स्वर्ग से भगवान शिव की जटाओं में समाईं थीं। तभी से इस दिन को गंगा जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। श्री गंगा महासभा की विशेष आरती में स्थानीय लोगों व तीर्थयात्रियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। आरती के बाद गंगा जन्मोत्सव पर खुशी मनाते हुए महासभा की ओर से श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण भी किया गया।
मौके पर जगमोहन मिश्रा, जगदीश शास्त्री, आशीष पैन्यूली, राहुल शर्मा, चेतन स्वरुप भटनागर, नितिन, श्री चंद शर्मा, नरेश भारद्वाज, नरेश चौहान, विनोद अग्रवाल, महेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा पंजीकरण ने पकड़ा जोर

ऋषिकेश।
चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के पंजीकरण पर नजर डालें तो ऑनलाइन पंजीकरण को प्राथमिकता मिली है। चारधाम के लिए 2545 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन पंजीकरण करवा लिया है। सोमवार तक 1405 लोगों ने पैदल मार्ग से चारधाम जाने के लिए पंजीकरण करवाया था। मंगलवार शाम पांच बजे तक इनसे में 117 श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ गई। पैदल जाने वाले अधिकतर साधु-सन्यासी हैं। वही ऑनलाइन पंजीकरण करवाने वाले श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा में आने पर लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। उनके लिए विशेष काउंटर लगाया जा रहा है।
समय की बचत को देखते हुए श्रद्धालुओं ने अब तक ऑनलाइन पंजीकरण को प्राथमिकता दी है। यात्रा को एक दिन शेष रहने पर बुधवार को होने वाले पंजीकरण पर प्रशासन की नजरें टिकी हैं। जानकारों की मानें तो बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद चारधाम यात्रा जोर पकड़ेगी। तभी पंजीकरण की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की जा सकेगी। पंजीकरण कार्यालय के स्थानीय मैनेजर प्रेम अनन्त ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए यात्रियों द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ही सीधे कार्यालय में भी पंजीकरण करावाए जा रहे हैं।

चारधाम को एडवांस बसों का आंकड़ा हजार के पार

ऋषिकेश।
उत्तराखंड के तीर्थों में प्रमुख रूप से शामिल चारधाम यात्रा में देश ही नहीं विदेशों के श्रद्धालु पहुंचते हैं। 27 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के लिए परिवहन कंपनियों में भारी उत्साह दिख रहा है। चारधाम यात्रा संचालित कर रही संयुक्त रोटेशन यातायात व्यवस्था समिति के पास इस वर्ष के शुरुआती चरण में हजार बसों की एडवांस बुकिंग आ चुकी है।
हालांकि समिति ने चारधाम यात्रा पर जाने वाली 1204 बसों की लॉटरी निकाली है। वर्षों से परंपरा रही है कि चारधाम यात्रा में जाने के लिए बसों की लॉटरी निकाली जाती है जिसमें से हजार बसों की एडवांस बुकिंग रोटेशन के पास आ चुकी है। चारधाम यात्रा के शुरुआती चरण में बंपर एडवांस बुकिंग आने से परिवहन व्यवसायियों के चेहरे खिले हुए हैं। देश के विभिन्न प्रदेशों से यात्रा के लिए ट्रैवेल एजेंट रोटेशन समिति से लगातार संपर्क कर रहे हैं। शुरुआती रुझानों को लेकर चारधाम यात्रा के मई में चरम पर होने का अंदाजा लगाया जा रहा है।
संयुक्त रोटेशन यातायात व्यवस्था समिति के अध्यक्ष सुधीर राय ने बताया कि पूर्व की परंपरा के अनुसार चारधाम यात्रा पर जाने वाली 1204 बसों की लॉटरी निकाली गई। यात्रा के शुरुआती चरण में रविवार तक के आंकड़ों के अनुसार हजार बसों की एंडवास बुकिंग समिति के पास आ चुकी है। शुरुआती रुझानों को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मई माह में चारधाम यात्रा अपने चरम पर होगी। बसों की संख्या कम पड़ने पर कुमाऊं से भी बसें मंगवाई जाएंगी। परिवहन कंपनियों में यात्रा को लेकर भारी उत्साह है।

निरंकारी मंडल ने मनाया मानव एकता दिवस

ऋषिकेश।
सोमवार को ऋषिकेश ब्रांच की ओर से निरंकारी सत्संग भवन में मानव एकता दिवस मनाया गया। प्रचारक महादेव कुड़ियाल ने कहा कि आज भौतिक पदार्थों को इकट्ठा करने की होड़ में इंसान मानवता को ही खोता जा रहा है। मानव दिवस मनाना तब तक सार्थक नहीं हो सकता है। जब तक इंसान अपने जीवन में मानवता और इंसानियत के गुणों को आत्मसात नहीं कर ले। उन्होंने मानवता की व्याख्या करते हुए कहा कि संसार में केवल एक ही बुद्धिजीवी जीव मानव है। दूसरों के प्रति दया व सहयोग करने की भावना और सार्थक प्रयास ही मानवता है।
सभी धर्म और पंथ यह प्रमाणित करते हैं कि परमात्मा कण-कण में व्याप्त है। फिर भी इंसान अज्ञानता पूर्वक इन्हें ढूंढ़ने में अपना समय व्यर्थ कर रहा है। मानव सेवा को धर्म से ऊपर की संज्ञा देने के पीछे प्रमुख कारण ही यह है कि जीव मात्र पर दया कर उसे अपनी ममता की छांव में सहेजना ही इंसानियत है। उन्होंने संत निरंकारी मिशन को धर्म और संस्था से अलग हटकर साझा मंच करार दिया। स्थापना का उद्देश्य और मानव सेवा के साथ अस्तित्व में आए मिशन की जानकारी भी दी। बताया कि मिशन ने मानव एकता को मानने और एक ही ईश्वर को जानने का संदेश दिया है।
मानव एकता कार्यक्रम का संचालन शिव कुमार ने किया। मौके पर ब्रांच संयोजक हरीश बांगा, दुश्यन्त वैद्य, ज्ञान प्रचारक शांति प्रसाद उनियाल, कृष्णानंद खंडुड़ी, जीएस चौहान, विनोद बत्रा, जय सिंह बिष्ट, अमृत लाल बत्रा, कृष्णलाल कथूरिया, जीएस रवि, मायाराम कुडियाल, जब्बर सिंह मेहर, बलबीर सिंह रावत, पृथ्वी रमोला, राजन निरंकारी, अनिल लिंगवाल, जंगबहादुर गुसांई आदि ने कार्यक्रम में सहयोग दिया।

नरेन्द्रनगर राज दरबार से गाडू घड़ा रवाना

ऋषिकेश।
शनिवार सुबह 50 से अधिक सुहागिन महिलाएं पीले वस्त्र धारण कर नरेन्द्रनगर राज दरबार पहुंचीं। यहां राज पुरोहित संपूर्णानंद जोशी ने पूजा-अर्चना की। इसके बाद टिहरी की सांसद महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह की अगुवाई में ढोल-दमाऊ की थाप पर महिलाओं ने सिलबटे पर पीसकर तिल का तेल का पिरोया। देर शाम आठ बजे गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा राज दरबार से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई।
इस मौके पर महाराजा मनुजयेंद्र शाह, प्रतापगढ़ की पूर्व सांसद और महारानी की ननद राजकुमारी रत्ना सिंह, व्यवसायी चंद्रवीर पोखरियाल के साथ ही श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के शरद कुमार डिमरी, बुद्धि प्रकाश डिमरी, ऋषि कुमार डिमरी, अरविंद डिमरी, ज्योतिष डिमरी, हेमचंद डिमरी आदि मौजूद रहे। तेल पिरोने वाली महिलाओं में पालिकाध्यक्ष नरेन्द्रनगर दुर्गा राणा, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल की पत्नी सुमन उनियाल, सरिता जोशी, दिगंबरी रयाल आदि शामिल रहीं।

कब कहां पहुंचेगा गाडू घड़ा
गाडू घड़ा ऋषिकेश चेला चैतराम धर्मशाला में रात्रि विश्राम के बाद 23 अप्रैल को श्रीनगर के लिए रवाना होगा। यहां रात्रि विश्राम के बाद 24 अप्रैल को डिमर गांव पहुंचेगा। यहां एक सप्ताह तक लक्ष्मी नारायण मंदिर में रहेगा। तीन मई को यहां से जोशीमठ के लिए रवाना होगा। चार को पांडुकेश्वर और पांच मई को कपाट खुलने से बदरीनाथ धाम पहुंचेगा।

चारधाम यात्रा की सफलता को भद्रकाली माता मंदिर में पूजा अर्चना

ऋषिकेश।
उत्तराखंड के प्रमुख चारधाम की यात्रा के लिए अब एक पखवाड़े का समय शेष रह गया है। 28 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुल जाएंगे। जबकि तीन मई को केदारनाथ व पांच मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं। 27 अप्रैल को ऋषिकेश से यात्रा का विधिवत शुभारंभ होगा। चारधाम यात्रा के लिए सभी व्यवसायिक वाहनों को ग्रीन कार्ड लेना अनिवार्य है। इसके लिए ऋषिकेश के सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय सहित प्रदेश के अन्य परिवहन कार्यालयों से भी वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी किए जाते हैं। चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार होने के कारण ऋषिकेश के सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय से सर्वाधिक ग्रीन कार्ड जारी किए जाते हैं। शुक्रवार को परिवहन विभाग द्वारा चारधाम यात्रा की सफलता के लिये भद्रकाली माता मंदिर में पूजा-अनुष्ठान व हवन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सह व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनीता चमोला ने पूजा व हवन में आहूति डालकर सुखद व निर्विघ्न चारधाम यात्रा के लिये कामना की। अपर परिवहन आयुक्त ने अधीनस्थों को चारधाम यात्रा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। चालकों को यातायात नियामों का पालन कराने के साथ उन्हें सुरक्षित चालन व अच्छे व्यवहार के साथ यात्रियों से पेश आने के लिए प्रेरित करने के निर्देशित किया। उन्होंने एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण कर यहां व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विनोद भट्ट, आरआइ अर¨वद यादव, प्रशासनिक अधिकारी देवेंद्र रावत, प्रेमदत्त बिजल्वाण, जनवीर रावत, विनय, सुरेश कोटनाला, नवीन सकलानी, कमल नेगी सहित परिवहन संस्थाओं के पदाधिकारी शामिल थे।

हनुमान जंयती पर निकाली शोभायात्रा

ऋषिकेश।
मंगलवार को सुबह 10 बजे आश्रम से विभिन्न झांकियों से सजी वीर हनुमान की भव्य शोभायात्रा नगर भ्रमण के बाद वापस आश्रम में पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में साधना में लीन हनुमान, राम दरबार, अशोक वाटिका, संजीवनी बुटी लाते हनुमान, विराट हनुमंत की झांकियां सबके आकर्षण का केंद्र रही। यात्रा का नगर के मार्गों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। साथ ही दर्शनों का लाभ उठाया। इसके बाद अन्नक्षेत्र परिसर में श्रद्धालुओं ने संकट मोचक हनुमान को सवामणी भोग लगाया।
इस अवसर पर जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि वीर हनुमान सेवा, समर्पण, बुद्धिमता एवं मर्यादा के देवता माने हैं। उधार चरित्र, सहज सेवाभाव, निष्ठा के कारण ही उन्हें महावीर की संज्ञा दी गई। उन्हें कलयुग में लोकमंगल का देवता भी कहा जाता है। वीर हनुमान का जीवन चरित्र मानव समाज के लिए अनुकरणीय है। ब्रह्मचारी ने अनुयायियों को माता, पिता और गुरू की सेवा का महत्व भी बताया।
हनुमान जयंती उत्सव में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद महाराज, ऋषेश्वरानंद महाराज, संजय शास्त्री, सतपाल ब्रह्मचारी, बचन पोखरियाल, विनोद अग्रवाल, गौरी शंकर पोद्दार, अशोक रस्तोगी, अनीता ममगाईं, शिव सहगल, कर्मवीर शर्मा, प्रदीप शर्मा, खैराती लाल सिंघला, गौरीशंकर शर्मा, लाला हेमराज, पंकज शर्मा, अशोक शर्मा, राहुल शर्मा, पीडी शर्मा आदि मौजूद थे।

जयराम आश्रम में हनुमान जयंती उत्सव शुरू

ऋषिकेश।
हरिद्वार मार्ग स्थित आश्रम परिसर में रविवार को महंत ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने पूजा अर्चना के हनुमान जयंती उत्सव का शुभारंभ किया। इसके बाद यज्ञ में 101 ब्राह्मणों व सस्कृति विद्यार्थियों ने हनुमंत महामंत्र, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण का पाठ किया। ब्रह्मचारी ने बताया कि उत्तराखंड राज्य की खुशहाली और चार धाम यात्रा के निर्विघ्न आयोजन की कामना की है। बताया कि सोमवार को दो दिनी अखंड रामायण और सुंदरकांड का पाठ शुरू होगा। मंगलवार को यज्ञ में पूर्णाहुति डाली जाएगी। साथ ही नगर में वीर हनुमान और देवी देवताओं की झांकियों से सजी भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
मंगलवार दोपहर में श्रद्धालुओं की ओर से वीर हनुमान को सवामणी भोग अर्पित कर उसे प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और हनुमान की अर्चना से मानव जीवन के सभी मंगल कार्य संपन्न होते हैं। उत्सव में ट्रस्टी अशोक शर्मा, विनोद कुमार अग्रवाल, संजीव शर्मा, विनोद शर्मा, बृजमोहन बडोनी, प्रदीप शर्मा, सूर्यप्रकाश, वेदाचार्य मायाराम रतूड़ी, पंडित हंसराज, प्रवीण, सतेंद्र भट्ट, राजेश, राधे कृष्ण आदि शामिल थे।

जैन समाज ने महावीर जंयती पर निकालीं शोभायात्रा

ऋषिकेश।
रविवार को भगवान महावीर की जयंती पर श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर से भव्य रथयात्रा निकालीं गई। श्रद्धालु जय महावीरा के जयघोष के साथ रथयात्रा में शामिल हुये। जैन धर्म के 24वें भगवान महावीर की 2616वीं जयंती ऋषिनगरी में धूमधाम से मनायी गयी। जैन श्रद्धालुओं ने ध्वजारोहण से जन्मोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत की। उसके बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महावीर की प्रतिमा को रथ पर विराजमान कर बैंडबाजे के साथ नगर में शोभायात्रा निकाली।
गौरतलब है कि जैन धर्म के 24वें भगवान महावीर की जयंती को अहिंसा दिन के रुप में मनाया जाता है। नगर के विभिन्न मार्गों में रथयात्रा का फूल वर्षा के साथ स्वागत किया गया। इससे पूर्व देहरादून से आये सुनील जैन, प्रशिक्षु आईपीएस निहारिका भट्ट, देवबंद से आये प्रवीण कुमार जैन ने रथयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वक्ताओं ने भगवान महावीर के बताये मार्गों व सिद्धातों पर चलने का आह्वान किया।
महावीर जंयती पर आयोजित रथयात्रा में कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल इन्द्रानगर के छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। छात्रों ने जैन धर्म की विशेषता व संस्कृति का परिचय भी दिया। छात्रों की प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा। कार्यक्रम में ऋषभ, सलोनी, अभिजय, तनु, प्रियांशी, तनिशा, राधिका, अंकित, आर्यन, हर्ष, आरुषि, अंशिका, अनिशा, सत्यम आदि छात्रों ने प्रस्तुति दी। मौके पर प्रधानाचार्य रमा जैन, प्रबंधक मुकेश जैन, अध्यापिका कविता, प्रीति, कमलप्रीत, माया, मंजू, नीलम, किरन आदि मौजूद रहे।

श्रीराम जन्मोत्सव पर नगर में निकाली शोभायात्रा

ऋषिकेश।
बुधवार को राम नवमी के उपलक्ष्य में गोपाल मंदिर ने शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा लक्ष्मणझूला, क्षेत्र बाजार, पुराना टिहरी बस अड्डा मार्ग, मेन बाजार, घाट रोड, हरिद्वार रोड, तिलक रोड, रेलवे रोड होते हुए मंदिर परिसर मुखर्जी मार्ग में संपन्न हुई। शोभायात्रा में दुर्गा माता की झांकी, रामदरबार, विराटराम, पंचवटी, शिव पूजा, कैलाश पर्वत, केवट लीला, वीर बंजरंग बली, राधा कृष्ण और शंकर पार्वती के नृत्यों की झांकियों को दर्शाया गया। बैंड की धुन और शोभायात्रा के दृश्यों को दर्शकों ने खूब सराहा।
इस मौके पर ब्रदीनारायण मिश्र, सतवीर पाल, संजय नागपाल, गौरव यादव, मोहन लाल, बंटी वर्मा, रुपेश कपूर, अभिषेक यादव, जगमोहन मिश्रा, शिवमोहन मिश्रा, प्रभाकर शर्मा, रवि कुन्दनानी, अखिलेश, सचिन आहूजा, संजय शर्मा, हरिमोहन, मिलन, अमित, श्याम, दीपक, ध्रुव, शैलेन्द्र साहनी, जुगल, बब्बल, नरेन्द्र वर्मा, हेमन्त गुप्ता, अनिरुद्ध अग्रवाल आदि मौजूद थे।