योग महोत्सव में दक्षिण अफ्रीका के योगाचार्यों का जलवा

ऋषिकेश।
योग गुरू सुखमिंदर सिंह खालसा ने कुण्डलिनी साधना का अभ्यास कराया। कनाडा की ग्लोरिया लैथम ने द वाइस ऑफ सोल विषय पर अपना व्याख्यान दिया। वहीं दक्षिण अफ्रीका की योगाचार्य भवानी काला ने आई फ्लो एवं चन्द्र नमस्कार के बारे में जानकारी दी। योग विशेषज्ञ जूल्स फेबर ने जीवमुक्ति योग का अभ्यास कराया। भारत की दीपिका मेहता ने अष्टांग योग का प्रशिक्षण दिया। बैंगलोर से आये एचएस अरूण ने एंगर योग, आयरलैण्ड के ब्रियान इंगले ने सोमेटिक योग फ्लो की जानकारी दी। विश्व विख्यात वैज्ञानिक ब्रूस लिप्टन ने धरती पर ईश्वर के अवतरण का रहस्य समझाया। बताया किस तरह ईश्वर धरती पर विद्यमान है। योगाचार्य मोहन भन्डारी ने योगी योग फार बैक पेन का अभ्यास कराया गया। परमार्थ निकेतन की साध्वी भगवती ने गंगा फ्लो मेडीटेशन विषय पर विचार रखे। इस दौरान परमार्थ निकेतन में पहुंचे सूफी गायक कैलाश खेर ने साधकों के साथ मिलकर योग किया और गंगा स्वच्छता का संकल्प भी लिया।

मन को वश में करती है भागवत कथा: ममगाईं

ऋषिकेश।
मंगलवार को आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने श्रद्धालुओं को बताया कि इंद्रियों को वश में रखने से ईश्वर भक्ति में मन लगता है। जिस प्रकार से संसार का अंधकार का कोई अस्तित्व नही होता है। उसी प्रकार मन की चंचलता से नुकसान उठाना पड़ता है, क्योकि चंचलता मनुष्य की बुद्धि पर अधिकार जमा लेती है। पुरुषार्थ के लिये जब तक मन में राग द्वेष है तब तक भगवान की कृपा नही हो सकती है। उन्होंने भागवत कथा के श्रवण से मन और इंद्रीय वश में होने की बात कही।
कथा व्यास ने स्त्रियों के सम्मान को जरुरी बताया। कहाकि जिस समाज और घर में स्त्री का सम्मान नही होता है। वहां लक्ष्मी की कृपा नही हो सकती है। उन्होंने गुरुओं का आदर करने व अपने जीवन में गुरु अवश्य बनाने की सीख दी। मौके पर टीकाराम पुर्वाल, लाखीराम पुर्वाल, जवाहर पुर्वाल, रामकृष्ण पुर्वाल, रामचन्द्र पुर्वाल, राजेश पुर्वाल, धनीराम जोशी, खुशीराम जोशी, नारायण दत्त, विजय, चेतराम, बसंत, पूर्णानंद, जीवानंद, महावीर, दौलतराम, रामचन्द्र भटट, शियाराम नौटियाल, चेतराम आदि उपस्थित रहे।

भागदौड़ भरी जिंदगी में शांति पाने के तरीके बताए

ऋषिकेश।
मंगलवार को गीतानगर स्थित राजयोग केन्द्र की संचालिका बहन बीके आरती के नेतृत्व में विश्वशांति व त्रिमूर्ति शिव की 80वीं जयंती के उपलक्ष्य में शहर में रैली निकाली गई। इस दौरान बीके आरती ने भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को शांति की प्राप्ति के रास्ते बताए। उन्होंने लोगों को विचार संयम, इन्द्रिय संयम, अर्थ संयम व समय संयम के माध्यम से शांति पाने का तरीका समझाया।
उन्होंने लोगों को महाशिवरात्रि का महत्व बताया। साथ ही शिव पूजा की विधि बताईं। काम, क्रोध, मद, मोह व अंहकार को अपने जीवन से दूर करने पर सफलता अर्जित कर जीवन में शांति पाने का साधन बताया। विश्व शांति की कामना से निकाली गई रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए राजयोग केन्द्र में संपन्न हुई।

छह मई को खुलेंगे श्री बदरीनाथ धाम के कपाट

प्रात: चार बजकर 15 मिनट पर कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त

ऋषिकेश।
पौराणिक परम्परानुसार टिहरी राज परिवार के मनुजेंद्र शाह ने दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर कपाट खुलने की घोषणा की। तिथि घोषित होते ही राजमहल परिसर श्री बदरीनाथ भगवान के जयकारों से गूंज उठा। मुहूर्त तय होने पर आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने पूजा संपन्न करवाई। गाडू घड़ी (तेल कलश) यात्रा की तिथि 22 अप्रैल तय की गई। इस अवसर पर योग ध्यान मंदिर पांडुकेशर से गाडू घड़ा लेकर डिमरी पंचायत के पदाधिकारी नरेन्द्रनगर राजदरबार पहुंचे। इस मौके पर श्री बदरीधाम के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूरी, टिहरी सांसद राज्यलक्ष्मी शाह, राजकुमारी श्रीजया, बदरी-केदार मंदिर समिति के सीओ डीपी सिंह, अनिल शर्मा, दिवाकर चमोली, जगदीश भट्ट, अनिल ध्यानी, आशुतोष डिमरी, श्रीराम डिमरी, राज पुरोहित संपूर्णानंद जोशी, आशाराम नौटियाल, सुरेश डिमरी आदि उपस्थित थे।

भरत भगवान की शोभायात्रा में उमड़ा सैलाब

ऋषिकेश।
वसंत पंचमी पर पौराणिक श्री भरत मंदिर में प्रात:काल से नगर और समीपवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की भीड़ जुटने लगी। महंत अशोक प्रपन्न शर्मा महाराज के सानिध्य में निकाली गई शोभायात्रा के साथ भरत भगवान की उत्सव प्रतिमा को गंगा स्नान कराने प्राचीन मायाकुंड के गंगाघाट पर ले जाया गया। यहां स्नान करा कर उत्सव प्रतिमा को निर्मल आश्रम मार्ग, मुखर्जी मार्ग, हरिद्वार रोड, क्षेत्र रोड, भरत मंदिर मार्ग होते हुए मंदिर में पुन: प्रतिष्ठापित किया गया। उत्सव प्रतिमा बैंड बाजों और घंटियों की धुनों के बीच आकर्षक झांकियों के साथ शोभायात्रा के रूप में मंदिर पहुंची। इस दौरान विभिन्न संस्थानों ने पूरे शहर में स्वागत द्वार और आकर्षक रंगोली बनाई थी। शोभायात्रा में श्री भरत मंदिर स्कूल सोसायटी के श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज, भरत संस्कृत महाविद्यालय, भरत मंदिर प्राथमिक स्कूल के बच्चे आकर्षक वसंती परिधानों के साथ चल रहे थे। शोभायात्रा का नेतृत्व मेलाध्यक्ष दीप शर्मा, संयोजक हर्षवर्धन शर्मा, सुधीर कुकरेती, वरुण शर्मा, वत्सल शर्मा, विनय उनियाल, बचन पोखरियाल, जगमोहन सकलानी, अशोक अग्रवाल, डीबीपीएस रावत, विनोद शर्मा, वंशीधर पोखरियाल, गोविन्द सिंह, आईडी जोशी, कैप्टन डीडी तिवारी, संजय शास्त्री, महेश शर्मा, चेतन शर्मा, महंत बलवीर सिंह, राम कृपाल गौतम, रवि शास्त्री आदि कर रहे थे।

कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा शुरु

ऋषिकेश।
सोमवार को मंगलचरण करती खाण्ड गांव विस्थापित की महिलाएं कलश लिए त्रिवेणीघाट पर पहुंची। विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ कलश में गंगाजल भरकर वे कथा स्थल पहुंची। कथा के पहले दिन कथा वाचक राजेन्द्राचार्य ने कहा कि ईश्वर दर्शन को लोग जगह-जगह घूमते हैं। जबकि वह हमारे भीतर निवास करता है। उसके दर्शनों के लिए मनुष्य को सच्चे मन और भाव की जरूरत होती है। श्रीमदभागवत कथा श्रवण का महत्व बतलाते हुए उन्होंने कहा कि भागवत कथा में संसार की सत्यता छिपी है। एक बार कथा श्रवण का महत्व स्वर्ग प्राप्ति के समान है। जो अपने जीवन में भागवत कथा का रसपान नहीं करता वह मनुष्य पशु समान माना जाता है। कथा में शूरवीर सिंह नेगी, कुंवर सिंह, रवीन्द्र सिंह, आनंद सिंह नेगी, लक्ष्मण सिंह, बेताल सिंह, सीता देवी, सौम्या देवी, रूचिता देवी, हरीश नेगी व माधवेन्द्र नेगी आदि उपस्थित थे।

आठ को लगेगा नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर

धूमधाम से मनेगा गुरु गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व
तीन से 15 जनवरी तक होंगे आयोजन

ऋषिकेश।
गुरुवार को गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट की बैठक की जानकारी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सरदार नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा ने दी। उन्होंने बताया कि गुरु गोविन्द सिंह महाराज के 350वें प्रकाश पर्व को धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया है। तीन से 15 जनवरी तक प्रकाश पर्व का आयोजन होगा। अखंड पाठ तीन जनवरी से शुरू होकर पांच जनवरी चलेगा। तीन से छह जनवरी तक स्वास्थ्य शिविर के लिए लोग अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। आठ जनवरी को 40 से अधिक विशेषज्ञों की टीम स्वास्थ्य शिविर में लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेगी। महिलाओं के लिए ब्रेस्ट स्क्रीनिंग की भी सुविधा रहेगी। दिनभर धार्मिक-ऐतिहासिक फिल्में दिखाई जाएंगी।
मुख्य कार्यक्रम 13 से 15 जनवरी तक श्री अखंड पाठ का होगा। 15 जनवरी को रक्तदान, कथा कीर्तन के साथ खालसायी खेल गतका करतब दिखाए जाएंगे। ऐतिहासिक प्रदर्शनी का भी आयोजन होगा। मौके पर प्रधान हाकम सिंह, कमला प्रसाद भटट, हरिमोहन गुल्हाटी, राजेन्द्र सेठी, सतपाल सिंह, कीमती लाल चावला, कृपाल सिंह, विनय उनियाल, सुधीर कुकरेती, गोबिन्द सिंह, वीरेन्द्र सिंह, मंगा सिंह, एसएस बेदी, उषा रावत, सरोज डिमरी, मदन मोहन शर्मा, विमला रावत, इन्द्रकुमार गोदवानी, दर्शन सिंह, एसएस बेदी, जितेन्द्र अग्रवाल, पूरण सिंह डंग, अर्जुन गुरबख्श्यानी आदि मौजूद रहे।

गुरु की महिमा से गूंजी ऋषिनगरी

ऋषिकेश।
गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में रविवार को नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन शहर के विभिन्न मार्गों पर स्वागत किया गया। रेलवे रोड से शुरू होकर नगर कीर्तन श्री हेमकुण्ट गुरुद्वारा में संपन्न हुआ।
रेलवे रोड, हरिद्वार मार्ग, तिलक रोड, हीरालाल मार्ग, देहरादून रोड होते हुए नगर कीर्तन लक्ष्मणझूला मार्ग स्थित श्री हेमकुण्ट गुरुद्वारा में संपन्न हुआ। पटियाला से आई गतका पार्टी ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। गुरुनानक पब्लिक स्कूल के बच्चे बैंड के साथ नगर कीर्तन में शामिल हुए। 102कीर्तन में पंच प्यारे, गुरु ग्रंथ की सवारी प्रमुख रूप से शामिल रही। विशेष रूप से महिलाएं कीर्तन गाते हुए चल रही थीं। नगर कीर्तन में सरदार हाकम सिंह, इन्द्रपाल सिंह, प्रेम सिंह डंग, बूटा सिंह, मंगा सिंह, सतपाल सिंह, परमजीत सिंह, हिम्मत सिंह आदि शामिल रहे।

शीतकाल के लिए भगवान तुंगनाथ के कपाट बंद

रुद्रप्रयाग।
तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट पौराणिक परम्पराओ, रीति-रिवाजों व पंचाग गणना के अनुसार शीतकालीन के लिए बन्द कर दिये गये। इस मौके पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने तुंगनाथपुरी पहुंचकर भगवान तुंगनाथ का जलाभिषेक किया।
रविवार को दोपहर 11 बजे मठापति रामप्रसाद मैठाणी, वेदपाठी व हक-हकूकधारियों ने वैदिक मंत्रोच्चारणों, स्थानीय वाद्य यंत्रो की मधुर धुनों के साथ भगवान तुंगनाथ का रुद्राभिषेक व दान किया तथा भृगराज, ब्रह्मकमल, चन्दन, भष्म, अक्षत्र, फल, फलों से भगवान तुंगनाथ के स्ंवयभू लिंग को समाधि दी। समाधि देते ही भगवान तुंगनाथ छः माह शीतकाल के लिए तपस्यारत हो गए। ठीक 12 बजकर बीस मिनट पर तुंगनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बन्द किये गये। हक-हकूकधारियों व पुजारियों ने भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव मूतियांं को डोली में विराजमान कर वस्त्रों व फूलों से सजाया। डोली के साथ चलने वाले देवी-देवताओं के निशानों ने भगवान तुंगनाथ के मुख्य मन्दिर, भूतनाथ, भैरवनाथ, पंच केदार,, पार्वती, रुद्रनाथ मन्दिरों की तीन परिक्रमा की और भोगमण्डी, कार्यकाल कर्मचारियों के आवास व अपने भंण्डारों मे लगे शील व तालों तथा अपने तांबे के बर्तनों की गहनता से जांच की। इसके बाद चल विग्रह उत्सव डोली धाम से प्रस्थान कर सुरम्य मखमली बुग्यालों का भ्रमण कर प्रथम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंची। 110आज भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ने चोपता से प्रस्थान कर विभिन्न यात्रों पडावों पर श्रद्धालुओं को आशीष देते हुये अन्तिम रात्रि प्रवास भनकुण्ड में करेगी और नौ नवम्बर को भनकुण्ड से प्रस्थान कर विभिन्न यात्रा पडावों पर श्रद्धालुओं को आशीष देते हुये शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ पहुंचकर छः माह शीतकाल के लिए विराजमान होगी। इस मौके पर केदारनाथ के प्रधान पुजार शिवशंकर लिंग, पूर्व विधायक आशा नौटियाल, उद्योगपति केएस पंवार, प्रबन्धक प्रकाश पुरोहित सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।

असो हम छठ पूजा करिबे, बाटे महिमा महान गीत ने बांधा समा..

भोजपुरी गायक राजेश व महिमा के गीतों के नाम रही छठ महोत्सव की शाम
त्रिवेणीघाट पर छठ पूजा महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या का समापन

ऋषिकेश।
त्रिवेणीघाट पर आयोजित छठ पूजा महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या का दूसरा दिन भोजपुरी लोक गायक राजेश यादव व गायिका महिमा राज के सुंदर गीतों के नाम रही। इस दौरान असो हम छठ पूजा करिबे, बाटे महिमा महान गीत प्रस्तुति से गायिका महिमा राज ने खूब तालियां बटोरी। वहीं गायक राजेश यादव ने बे पानी पाकिस्तान गीत प्रस्तुत कर पाकिस्तान को जमकर लताड़ा।
रविवार को त्रिवेणीघाट पर सार्वजनिक छठ पूजा समिति की ओर से आयोजित छठ पूजा महोत्सव के दूसरे दिन कार्यक्रम का शुभारम्भ उत्तराखण्ड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा व सार्वजनिक छठ पूजा समिति के अध्यक्ष रामकृपाल गौतम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सांस्कृतिक संध्या से पूर्व कार्यक्रम स्थल पर विधि-विधान के साथ छठ मय्या की पूजा अर्चना की गई। सांस्कृतिक संध्या का आगाज कलाकार सतीश राजभर व साथियों के छठ मय्या के सुंदर भजनों की प्रस्तुति के साथ आरम्भ हुआ। उसके बाद मंच पर पहुंचे भोजपुरी लोक गायक राजेश यादव ने माई महिमा महान, कितना करी हम बखान, मरजी जेकरा पे काइलू, ओकर हो गईल कल्याण भजन प्रस्तुत कर छठ मय्या के चरणों में नमन कर उनका आह्वान किया। बिरहा मुकाबले में सामने पहुंची गायिका महिमा राज ने असो हम छठ पू जा करिबे, बाटे महिमा महान गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। वहीं गायक राजेश यादव ने बे पानी पाकिस्तान हो जाई गीत प्रस्तुत कर आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान पर निशाना साधा। वहीं राजेश यादव ने भक्ति रस की प्रस्तुति दी।
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ज्ञान, बैराग, तप, साधना जोग से, प्रेम दुनिया में सबसे वजनदार ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। डला छठ पे आइजा भवनवा, सुनला सजना हमार राजेश यादव की अगली प्रस्तुती ने त्रिवेणीघाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान ढोलक पर कलाकार प्रकाश, बच्चेलाल जबकि हार्मोनियम पर रामदुलारे व सोनू की सुंदर जुगलबंदी रही। वहीं कोरस में दिनेश, दशरथ व ज्ञान ने गायकों का साथ दिया। महोत्सव में जयपाल जाटव, नागेन्द्र सिंह, दीनदयाल राजभर, परमेश्वर राजभर, राजपाल ठाकुर, चन्द्रेश्वर यादव, मनीष बनवाल, अरूण मनवाल, गिरीश चन्द्र राजभर, धीरज सिंह, जयप्रकाश नारायण, बंसल ठेकेदार, डॉ. राजाराम, आलोक तिवारी, गौरवनाथ राजभर, ऋषि जायसवाल, जितेन्द्र प्रसाद, दिलीप गुप्ता, प्रेम राजभर, राजू गुप्ता, सतीष राजभर, पातीलाल साहनी, राम अवतार साहनी, लाल कुंज शाह आदि उपस्थित थे।
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मॉ खूब जानती है बेटे की मुराद-किशोर उपाध्याय
रविवार को त्रिवेणीघाट पर आयोजित छठ महोत्सव में पहुंचे उत्तराखण्ड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि मैं छठ मय्या के द्वार पर आया हॅूं, मॉ को बेटे की मुराद जानती है। खुलासा किया कि उन्होंने भी छठ का व्रत लिया है। उन्होंने विधिविधान के साथ डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया और छठ पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मैं गंगा तट पर इस महान पूजा का हिस्सा बन सका।