देहरादून।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड राधा रतूड़ी ने बताया है कि दैनिक हिन्दुस्तान समाचार पत्र के प्रथम पृष्ठ पर शीर्षक ‘‘उत्तराखण्ड-उत्तर प्रदेश में जनवरी-फरवरी में चुनाव’’ संबंधी समाचार प्रकाशित हुआ है, जिसके अनुसार उत्तराखण्ड में 29 जनवरी, 2017 को मतदान की संभावित तिथि का उल्लेख किया गया है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने बताया है कि उक्त समाचार की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रदेश में चुनाव संबंधी किसी भी तिथि के संबंध में भारत के निर्वाचन आयोग, द्वारा घोषणा की जाती है।

वर्तमान में निर्वाचन आयोग द्वारा किसी भी प्रकार की चुनाव तिथि की घोषणा नही की गई है। राधा रतूड़ी ने बताया कि उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में अभी तक चुनाव तिथियों का निर्धारण नही किया गया है। जब भी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव तिथियां निर्धारित की जायेगी, तो उसकी सूचना तत्काल मीडिया के माध्यम से पारदर्शी ढंग से प्रदेशवासियों को उपलब्ध करायी जायेगी।
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सीएम ने 70 हॉकर्स को दी साइकिल
देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरूवार को श्रम विभाग, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आयोजित समाचार पत्र वितरकों के कल्यार्थ योजना के साईकिल वितरण कार्यक्रम के शुभारम्भ में मुख्यमंत्री आवास न्यू कैन्ट रोड़ में प्रतिभाग करते हुए प्रथम चरण के अन्र्तगत लगभग 70 हॉकर्स को साईकिल वितरण की। इस योजना के अन्र्तगत राज्य सरकार द्वारा प्रारम्भिक चरण में श्रम विभाग को 60 लाख आवंटित किये गये है। इस योजना के अन्र्तगत राज्य के मैदानी क्षेत्रों में हॉकर्स को साईकिल तथा पर्वतीय क्षेत्रों में रेनकाट, छाता आदि सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का श्रम विभाग सराहना का पात्र है जिसने एक आईडिया को हमारे सामने एक योजना के रूप में व्यवस्थित रूप दिया। हम इसे हाकर्स व वैन्र्डस के लिए एक कल्याणकारी योजना के रूप व्यवस्थित करने में सफल रहे है। हाकर्स एक ऐसा समुदाय है जो हमें प्रातः काल सबसे पहले शुभ प्रभात बोलता है तथा कितनी भी कठिनाईयां हो या कैसी भी परिस्थितिया हो आम लोगों तक अखबार पहुचाता है जिसके माध्यम से हम देश व दुनिया से जुडे़ पाते है। इस प्रयास को एक आरम्भ माना जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि साईकिल वितरण की संख्या अधिक से अधिक होनी ही चाहिए तथा इस योजना को जिला तथा तहसील स्तर तक ले जाया जाना चाहिए। यदि सभी विभागों में उचित समन्यव हो जाता है तो भविष्य में एक सामाजिक सुरक्षा योजना के रूप इस वर्ग के लिए बीमा योजना आरम्भ किये जाने पर भी विचार किया जायेगा।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यदि हाकर्स के सम्बन्ध में यह माडल सफल हो जाता है तो आगे इस योजना को वेन्डर्स जिसमें रेहड़ी पटरी लगाने वाले, घरेलू नौकर आदि कर्मकारों हेतु भी प्रारम्भ किया जायेगा। यह सभी वर्ग हमारे शहरी जीवन का अनिवार्य वर्ग है अतः राज्य सरकार इनके कल्याण व विकास हेतु प्रतिबद्ध व गम्भीर है। ऐसे वर्गो को सरंक्षण देना हमारा मानवीय उत्तरदायित्व है। वास्तव में आज का प्रयास एक ट्रायल आधार पर है। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यदि इन योजनाओं का लाभ उठाने में महिला हॉकर्स भी आगे आये तो यह अति प्रसन्नता की बात होगी। आगे महिलाओं को लिए साइकिल के स्थान पर स्कूटी दिये जाने पर विचार किया जा सकता है।
हाल ही में राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई है साथ ही निमार्ण कार्यो में सलग्ंन कर्मकारों का दायरा भी बढ़ाया गया है इन श्रमिकों में बहुत बड़ा वर्ग तो मौसमी श्रमिक है जो यहा अजीविका की खोज में आते है परन्तु मानवीय कल्याण के व्यापक दृष्टिकोण को अपनाते तथा अपना मानवीय कर्तव्य मानते हुए राज्य सरकार द्वारा सभी श्रमिकों कों सुविधाएं प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार श्रमिकों के साथ प्रत्येक कठिन परिस्थिती में खड़ी है। श्रमिकों को सामाजिक पेंशन, घायल अवस्था में उपचार के लिए 50 हजार तक की आर्थिक सहायता तथा दुर्भाग्यवश मृत्यु होने पर अत्येष्टि हेतु सहायता राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है। श्रमिकों को काम करने में सुविधा रहे, उनके बच्चों की शिक्षा हेतु सहायता, शौचालय निर्माण आदि में सहायता हेतु भी राज्य सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत से उत्तराखण्ड कामगार महासंघ की अध्यक्ष एवं उत्तराखण्ड प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने भेंट कर समाचार पत्र विके्रताओं हाकर्स को कर्मकार श्रेणी में शामिल करने तथा उनके लिए नियमावली बनाये जाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रमुख सचिव श्रम को निर्देश दिये है।
इस अवसर पर श्रम मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, पूर्व विधायक काजी निजामुद्यीन, उत्तराखण्ड कामगार महासंघ की अध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा आदि उपस्थित थे।
100 फुट का तिरंगा फहराने जुटेंगे केन्द्रीय मंत्री
23 अक्तूबर को चंडी पुल के नीचे स्थित कुष्ठ आश्रम में फहराया जायेगा तिरंगा
ऋषिकेश।
दिव्य प्रेम सेवा मिशन के तत्वाधान में चंडी पुल के नीचे हरिद्वार में स्थित कुष्ठ आश्रम में 100 फुट का तिरंगा झंडा फहराया जायेगा। जानकारी मिशन के अध्यक्ष आशीष गौतम ने दी।
बुधवार को देहरादून मार्ग पर स्थित व्यापार सभा में आयोजित कार्यक्रम में आशीष गौतम ने दावा किया कि राज्य में पहली बार 100 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा रहा है। बताया कि 23 अक्तूबर को केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार, डॉ. प्रणव पाण्डया, फिल्म अभिनेता मनोज जोशी आदि गणमान्य अतिथियों के सानिध्य में ध्वज फहराया जायेगा। इससे पहले कार्यक्रम का संचालन कर रहे के सिंघल ने दिव्य मिशन के कार्यो से अवगत कराया।

वक्ताओं ने बताया कि कुष्ठ और अनाथ बच्चों के लिए कार्य कर रहा मिशन सदस्यता अभियान को लेकर पूरे देश में मिशन से जोड़ने के मुहिम चला रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघचालक घनश्याम दास बिरला ने की। मौके पर विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल, भाजपा अनुशासन समिति के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञान सिंह नेगी, विश्वास, भाष्कर, विनोद शर्मा, जितेन्द्र अग्रवाल, अशोक पाल, चन्द्रमणी शुक्ला, अमित वत्स, दिनेश सती, कविता शाह, राजकुमारी पंत, हरगोपाल अग्रवाल, प्रेम गुप्ता आदि मौजूद थे।
हरक के दावे से भाजपा में फेरबदल की आहट
भाजपा कार्यसमिति में हरक सिंह रावत का बड़ा बयान
कहाकि चुनाव लड़ने से ज्यादा चुनाव लड़ाने का इच्छुक
संगठन को अपने अनुभव का फायदा दिलाने का खुले मंच से दिया बयान
ऋषिकेश।
एक व्यक्ति पद दो। विधानसभा चुनाव नजदीक। सामने हरीश रावत जैसा पहाड़। लगातार हरीश रावत से हर मोर्च पर विफल होती भाजपा। रहरहकर खबरें आती कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बदलेगा या फिर नेता प्रतिपक्ष। दोनों पद रानीखेत के विधायक अजय भट्ट के पास। अजय भट्ट को चुनाव भी लड़ना है। ऐसे में हरक सिंह का खुले मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधन कि वह अपने अनुभव का फायदा संगठन को पूरे प्रदेश में देना चाहते है, तो राजनीतिक हलचलों में एक बार फिर भाजपा प्रदेश नेतृत्व में परिवर्तन के संकेत मिल रहे है।
मंगलवार को भाजपा कार्यसमिति में भाग लेने आये डॉ. हरक सिंह रावत ने कार्यकर्ताओं को खुले मंच से बोल दिया कि मुझे चुनाव लड़ने से ज्यादा चुनाव लड़वाने में मजा आता है। कहीं न कहीं भाजपा हाईकमान की नीतियों का खुलासा कर दिया।
बागी विधायकों के नेता विजय बहुगुणा और सुबोध उनियाल को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल करने के बाद हरक सिंह रावत को भी नई जिम्मेदारी मिलना तय माना जा रहा है। लंबे समय से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बदलने के कयास लगाये जाते रहे है। ऐसे में पुराने संघी चेहरे व कांग्रेस से बागी होकर आये मुखर नेता के रुप में हरक सिंह रावत को अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। सूत्रों की मानें तो चुनाव के समय हरीश रावत को घेरने में हाईकमान हरक सिंह रावत को ही उपयुक्त मान रहा है। वैसे भी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष दोनों पद कुमाऊ के पास है। सामंजस्य बिठाने के लिए गढ़वाल को तवज्जों दी जा सकती है।
संविदा सफाई कर्मचारियों को शीघ्र मिलेगी स्थाई नियुक्ति: सीएम
वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत
वाल्मीकि जयंती पर धूमधाम से निकाली गई शोभायात्रा
ऋषिकेश।
रविवार को महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर वाल्मीकि समाज ऋषिकेश की ओर से नगर में शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उनकी सरकार में पालिकाओं में वर्षो से कार्यात संविदा सफाई कर्मचारियों को शीघ्र स्थाई नियुक्ति दी जायेगी। आगे भी सरकार उनके लिए लाभकारी योजनाएं लाती रहेगी। उन्होंने कहाकि सफाई कर्मचारी हमरे पर्यावरण मित्र है। नगर पालिकाओं में रोजगार की दृष्टि से इनकी संख्या बढ़ाई जायेगी। जयंती पर निकाली गई शोभायात्रा वाल्मीकि नगर से रेलवे रोड, अंबेडकर चौक, त्रिवेणी घाट चौराहा, लक्ष्मणझूला रोड, दून तिराहा आदि जगहों से से निकली। नगर में शोभायात्रा का लोगों ने फूलवर्षा कर स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल शिव-पार्वती, हनुमान, लवकुश की सुदंर झांकियां विशेष आकर्षण का केन्द्र रही।

इस अवसर पर इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश सुदंरियाल पहलवान, गोल्डन बाबा, राजपाल खरोला, जयेन्द्र चन्द्र रमोला, राकेश सिंह मियां, धीरज डोभाल, राजेश ब्यास, दीपक धमान्दा, लोकपाल कैंतूरा, मानवेन्द्र कंडारी, शंभु पासवान, मनोज गुसाईं, रामलाल चमोली, रविन्द्र बिरला, राकेश पारछा, विजेन्द्र, महेश, राजीव, सुंदर, जितेन्द्र भंडारी, जगावर सिंह, राजकुमार, मनोज चंचल, विनोद भारती, महेन्द्र सिंह, जितेन्द्र भंडारी, नरेश खैरवाल, सतपाल, सचिन जाटव, ब्रह्मचन्द वाल्मीकि, राजेश डोगरा, आकाश भारती, रणवीर भारती सहित अन्य मौजूद थे।
बैठक के बाद की पद छोड़ने की घोषणा
बालियान ने इंटक प्रदेश अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा
ऋषिकेश।
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कदम सिंह बालियान ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ऋषिकेश में बैठक के बाद पद छोड़ने की घोषणा की। उनके साथ कई अन्य पदाधिकारियों ने भी संगठन छोड़ा है। बालियान का कहना है कि फर्जी संगठन के आरोपों से वह तंग आ गए थे। उन्होंने संगठन के नेताओं पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
लोनिवि विश्राम गृह में शुक्रवार को बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में डॉ. कदम सिंह बालियान ने इंटक के बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। बालियान ने संगठन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। कहा कि वह जहां भी गए सुना कि तुम्हारी इंटक फर्जी है। अब वह किस-किस को जवाब देते। संगठन के नाम पर उन्होंने कुछ लोगों पर धन उगाही करने के गंभीर आरोप भी लगाए। कहा कि संगठन में अनुशासन नाम की कोई चीज नहीं है। सब स्वयंभू नेता की तरह कार्य कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश सुंदरियाल पहलवान को कई बार संगठन के बारे में बताया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता होने के चलते वह संगठन को मजबूत करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन जन समस्याओं पर किसी ने सहयोग नहीं दिया। न ही समस्याओं पर कोई उचित कार्रवाई की। इससे तंग आकर वह संगठन को अलविदा कह रहे हैं। कहा कि उनके साथ दर्जनभर पदाधिकारियों ने भी पद से इस्तीफा दिया है। इसमें प्रदेश सचिव कृष्णकांत सिंह, महिला इंटक कांग्रेस अध्यक्ष केशरजहां, प्रदेश सचिव अमित मोहन, कोषाध्यक्ष स्वर्ण सिंह, सौराज सिंह, राजकुमार शर्मा, तेजपाल फौजी, सरीफ अहमद, भगत सिंह पाल, अजय मनिहारिया, जसपाल शर्मा, शारदा रानी, रुकमणि अग्रवाल, संजय कुमार दास आदि शामिल हैं।
पॉवर अवार्ड ट्रॉफी सीएम को भेंट की
देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत से मंगलवार को बीजापुर हाउस मे उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने भेंट की। उन्होंने पिछले माह 24 सितम्बर को गोवा में आईपीपीएआई द्वारा आयोजित पॉवर अवार्ड में उत्तराखण्ड को देश के 16 राज्यों में सबसे कम विद्युत दर वाला राज्य होने के फलस्वरूप मिली ट्रॉफी मुख्यमंत्री श्री रावत को भेंट की।
मुख्यमंत्री रावत ने उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग की सराहना करते हुए आयोग से राज्य में सस्ती बिजली की उपलब्धता के लिए करार पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की। उन्होने कहा कि दुसरे राज्यों की अपेक्षा उत्तराखण्ड में बिजली सस्ती है जिससे राज्य में औद्योगिक वातावरण के सृजन में बड़ी मदद मिल रही है। हमारे पास निरन्तर विद्युत उपलब्धता बनी रहे यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। उन्होने राज्य में विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर बल दिये जाने के साथ ही इन परियोजनाओं में स्थानीय लोगो को अधिक से अधिक मौके दिए जाने पर भी बल दिया।
आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने बताया कि राज्य में देश के 16 राज्यों में सबसे कम बिजली की दरे है, हमारी घरेलु विद्युत दर 3.55, कृषि के लिए दर 1.62 जबकि उद्योगों के लिए यह दर 5.40 रूपये है। उन्होंने बताया कि जहां हिमाचल 2.40 रूपये में विद्युत क्रय कर उसे 5.38 में उसकी बिक्री कर रहा है वही हमारा राज्य 2.83 की दर में विद्युत क्रय कर 4.70 में बेच रहा है। उन्होने कहा कि आयोग द्वारा सस्ती बिजली के करार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि राज्य को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध होती रहे।
दोहरे प्रभार की व्यवस्था में संशोधन
देहरादून।
शिक्षा अधिकारियों के तबादलों में रह गई विसंगतियों के साथ ही दोहरे प्रभार की व्यवस्था में संशोधन होगा। कुछ जिलों में कनिष्ठ अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों से बड़ा जिम्मा दिया गया है। इन विसंगतियों को दूर करने को शासन ने 14 अक्टूबर को बैठक बुलाई है।
सरकार ने बीते माह के आखिरी हफ्ते में शिक्षा महकमे में सात संयुक्त निदेशक समेत 43 अधिकारियों के तबादले किए थे। इनमें सात अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार के रूप में दोहरी जिम्मेदारी दी गई है। दोहरे प्रभार के साथ कुछ अधिकारियों को कनिष्ठ होने के बावजूद उच्च पदों का जिम्मा सौंपे जाने की शिकायतें भी शासन को मिली हैं। ये शिकायतें अधिकतर जिला स्तर पर होने वाली तैनाती से जुड़ी हैं। सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान राज्य परियोजना कार्यालय में प्रभारी अपर निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती को देहरादून के मुख्य शिक्षा अधिकारी के पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह सीईओ हरिद्वार अजय कुमार नौडियाल को सीईओ चमोली के साथ ही डीईओ बेसिक चमोली का अतिरिक्त प्रभार, अशोक कुमार सिंह को प्रभारी सीईओ अल्मोड़ा के साथ डीईओ-बेसिक अल्मोड़ा की अतिरिक्त जिम्मेदारी, आनंद भारद्वाज को उप निदेशक विधि के साथ बेसिक शिक्षा निदेशालय में संयुक्त निदेशक का अतिरिक्त जिम्मा, डीईओ हरिद्वार पुष्पारानी वर्मा को प्रभारी सीईओ हरिद्वार का अतिरिक्त प्रभार, दलेर सिंह राजपूत को प्रभारी डीईओ माध्यमिक चंपावत के साथ सीईओ का अतिरिक्त प्रभार, रमेशचंद्र आर्य को प्रभारी सीईओ बागेश्वर के साथ डीईओ माध्यमिक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
दोहरे प्रभार में कई अधिकारियों को उच्च पद सौंपे गए हैं तो सीइओ पद पर तैनात अधिकारियों को वरिष्ठता क्रम में नीचे जिला शिक्षा अधिकारियों का दायित्व भी सौंपा गया है। वहीं एक ही पद पर दो अधिकारियों को तैनाती दी गई। रामनगर बोर्ड में प्रभारी अपर सचिव रामेंद्र कुशवाहा को उत्तरकाशी में डीईओ माध्यमिक के पद पर तैनात किया किया गया है। इसी पद पर चमोली जिले के डीइओ बेसिक राजेंद्र प्रसाद डंडरियाल को डीईओ माध्यमिक के पद पर उत्तरकाशी भेजा गया। विभाग के उच्चाधिकारियों के अनसार तबादलों में विसंगतियों को दूर किया जाएगा। इस संबंध में 14 अक्टूबर को शासन स्तर पर बैठक भी होगी।
दौ सौ वन गुर्जरों के डेरों को पर्यटन हब बनायेगी सरकार
लच्छीवाला वन प्रभाग रेंज में शिवालिक तितली पार्क व जड़ी बूटी उद्यान का सीएम हरीश रावत ने उद्घाटन किया
ऋषिकेश।
उत्तराखण्ड को पर्यटन के क्षेत्र में विकसित करने के लिए सरकार धरातल पर कार्य कर रही है। वन गुर्जरों के डेरों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, पर्यटकों को हाथी की सफारी कराने के साथ हाथी आबादी की ओर न जाये इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। यह बात मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लच्छीवाला वन प्रभाग के विश्राम गृह में शिवालिक तितली पार्क व जड़ी बूटी उद्यान का उद्घाटन का्रने के बाद कही।
शनिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश के पहले तितली पार्क का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की एक हजार सड़कों पर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है जो पौध लगाने और उसके संरक्षण करने पर ग्रामवासियों को बोनस दे रहा है। जगंलो में हाथी के लिए बांस व गन्ना लगाने की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है, ताकि हाथी आबादी की ओर न जाये। लच्छीवाला वन प्रभाग में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कॉटेज का निर्माण किया जायेगा। लक्ष्मण सिद्ध व कालू सिद्ध को तीर्थाटन के साथ पर्यटन की गतिविधियां बढ़ाने के लिए उद्देश्य से कार्य योजना तैयार कर ली गयी है। बताया कि डोईवाला में कंबाइड अस्पताल को स्वीकृति दी जा चुकी है। शीघ्र ही बड़ोवाला व नकरौंदा को जोड़ने वाले पुल को भी स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वन्य जीव आबादी क्षेत्र में न पहुंचे, इसके लिए 100 करोड़ की लागत से निर्मित योजनाओं को हरी झंडी दिखाई। वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहाकि सरकार शीघ्र ही हल्द्वानी में अन्तर राष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर बनाने जा रही है। इस ओर वन विभाग कार्य कर रहा है। विधायक हीरा सिंह बिष्ट ने डोईवाला क्षेत्र की समस्याओं पर सीएम का ध्यान खींचा। उन्होंने कहाकि तहसील मिलने के बाद भी डोईवाला में रजिस्ट्रार कार्यालय नही खुल पाया है। उन्होंने रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने की मांग की। पीसीसीएफ राजेन्द्र कुमार महाजन ने बताया कि व्यक्तिगत जमीन पर सुअर मारने की इजाजत वन विभाग देगा। उन्होंने बताया कि शिवालिक तितली पार्क में 150 से अधिक तितलियां रहेगी। कार्यक्रम में राजाजी नेशनल पार्क की निदेशक नीना ग्रेवाल और अंजली भरतरी की पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में वाइल्ड लाईफ के सरंक्षण में सहयोग करने वाली संस्थाओं और शिवालिक वृत व राजाजी नेशनल पार्क के कर्मचारियों को उत्कृष्ठ सेवाएं देने पर सीएम ने सम्मानित किया। अनंत धाम एकेडमी के छात्रों ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। मौके पर पीसीसीएफ दिग्विजय सिंह खाती, एमडी एसटीएस लेपचा, प्रभुलाल बहुगुणा, राजेश गुरुंग, अब्दुल रज्जाक आदि मौजूद थे।
वनों में घिंघारू, हिंसर, आम व मालू के वृक्ष लगाने को कैंपेन चलाने के निर्देश
देहरादून।
सचिवालय में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने निजी एवं सामूहिक खेती की वन्यजीवों से सुरक्षा हेतु वन विभाग, कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री रावत ने आदेश दिये कि कैम्पा, आरकेवीवाय, मनरेगा, कॉपरेटिव को मिलाकर 2 साल के लिये 100 करोड़ का एक फ्लैक्सिव प्रोजेक्ट तैयार किया जाए। इसके अन्तर्गत ग्रामीण खेती को वन्यजीवों से सुरक्षित रखने हेतु वन्यजीव रोधी दीवारों का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना में निजी एवं सामूहिक खेती दोनों प्रकार की खेती का शामिल किया जाए। सब्जी एवं फलों की सुरक्षा हेतु उद्यान विभाग एवं खेती हेतु कृषि विभाग कार्यकारी संस्था के रूप में जिम्मेदारी दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोटेक्शन वॉल बनाने के लिये उपलब्ध करायी जाने वाली राशि का 80 प्रतिशत अनुदान के रूप में दिया जाए जबकि बाकि का 20 प्रतिशत को आसान किस्तों में जमा करने की पॉलिसी तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में खेती को बचाने हेतु किये जा रहे प्रयास काफी नहीं हैं। इसके लिये अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाए। जंगली जानवरों को दूर भगाने के लिये उपयोग की जा रही मशीनों के प्रयोग पर भी विचार किया जाए। उन्होंने इस योजना को तैयार कर जनता में प्रचार प्रसार करने के लिये कहा ताकि आमजन को इस योजना की जानकारी मिल सके।
मुख्यमंत्री ने वन विभाग को वनों में घिंघारू, हिंसर, आम व मालू के वृक्षों को उगाने के लिये कैम्पेन के रूप में चलाने को कहा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह पंवार, अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, गढ़वाल आयुक्त व सचिव सूचना विनोद शर्मा, सचिव अमित नेगी, प्रमुख वन संरक्षक आर.के. महाजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।




