खुलासे के बाद लालू के परिवार की मुसीबतें बढ़ी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और उनके परिवार के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली में राज्यसभा सांसद मीसा भारती और पति शैलेश से जुड़े तीन ठिकानों पर छापे मारे। कई घंटों से पूछताछ के बाद ईडी के अधिकारी लालू के दामाद शैलेश को सैनिक फार्म स्थित उनके फार्म हाउस पर अपने साथ ले गए। ईडी के अधिकारियों ने 5 घंटे तक मीसा और उनके पति से पूछताछ भी की।
आरोप है कि मीसा और उनके पति शैलेश ने मनी लॉन्ड्रिंग की है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी की छापेमारी की गई है। दरअसल 8000 करोड़ के ब्लैकमनी से व्हाइट करने के मामले मे जांच चल रही है, जिसमें कई लोगों द्वारा शैल कंपनियो के जरिए कालेधन को सफेद करने का आरोप है।

खुलासे के बाद मीसा पर कसा शिंकजा
आरोपों के मुताबिक इसी कंपनी में चार शैल कंपनियो के जरिए पैसा आया था। इसी पैसे से दिल्ली में फार्म हाऊस खरीदा गया था। ईडी इस मामले में शैल कंपनी के मालिक जैन बंधुओं और शैलेश के सीए राजेश अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुका है। उन्हीं के खुलासे से मीसा के बारे मे पता चला था।
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भारत के आम नागरिकों के लिए खुशखबरी! टेलीकॉम रेगुलेटर (ट्राई) भारत में पब्लिक वाई-फाई सुविधा देने की योजना पर काम कर रहा है। इन वाई-फाई हॉटस्पॉट्स को पब्लिक डेटा ऑफिस (पीडीओ) के नाम से जाना जाएगा। ये पीडीओ फोन बूथ की तरह ही होंगे। इस पॉयलट प्रोजेक्ट में हिस्सा लेने के लिए ट्राई ने कंपनियों को आमंत्रित किया है।
इन वाई-फाई के प्लान्स शुरुआत में 2 रुपये से लेकर 20 रुपये तक होंगे। ट्राई का कहना है कि इससे भारत के लोगों को आसानी से सस्ता इंटरनेट उपलब्ध होगा और नेटवर्क से लोड भी कम हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट का मकसद वाई-फाई ऐक्सेस नेटवर्क इंटरफेस पर बेस्ड ओपन सिस्टम तैयार करना है, जिसके लिए आवेदनकर्ताओं से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। ट्राई दो-तीन दिन के भीतर आर्किटेक्चर डॉक्युमेंट जारी करने जा रहा है। इस सिस्टम से छोटी-छोटी दुकानों पर भी कंपनियां ऐसे पीओडी बना पाएंगी। इसके लिए किसी भी तरह के लाइसेंस की जरूरत तो नहीं होगी लेकिन टेलीकॉम विभाग के पास रजिस्ट्रेशन और यूजर्स का केवाईसी लेना जरूरी होगा।
इस पॉयलेट प्रोजेक्ट में हिस्सा लेने के लिए कंपनियां 25 जुलाई तक अपनी डीटेल्स भेज सकती हैं। इस प्रोजेक्ट के बाद भारत में वाई-फाई हॉटस्पॉट की संख्या 31000 हो जाएगी।
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एक ऐसा पेट्रोल पंप जहां सजायाफ्ता महिलाएं भरेंगी पेट्रोल

हैदराबाद की महिला जेल के एक कदम ने जेल काट चुकी औरतों की जिंदगी बदल दी है। नौकरी सिर्फ 12 हजार रुपये की है लेकिन जेल से सजा काटकर लौटी औरत के लिए यह रकम भी बहुत अधिक है। गोदावरी आज खुश है क्योंकि अब वो अपने बच्चों को अपने पास रख सकेगी। उन्हें एक अच्छी जिंदगी दे सकेगी क्योंकि उसे एक नौकरी मिल गई है। पति की हत्या के आरोप में वो 6 साल जेल में रहीं। डेढ़ साल पहले जेल से छूटी तो ज्यादातर लोगों ने काम देने से मना कर दिया।
होटल और छोटी-मोटी दुकानों में बर्तन धोने, सफाई करने का काम मिला लेकिन इज्जत नहीं। गोदावरी और उन जैसी सैकड़ों ऐसी औरतें हैं जिन्होंने कघनून की सजा तो पूरी कर ली लेकिन समाज उन्हें अपराधी ही मानता है। गोदावरी और जेल से सजा काटकर लौटी औरतें अपनी आगे की जिंदगी इज्जत और आत्म-निर्भरता के साथ बिता सकें। इसके लिए हैदराबाद की महिला जेल ने एक सराहनीय कदम उठाया है।
जेल प्रशासन ने गोदावरी और उन जैसी 24 दूसरी महिलाओं को पेट्रोल पंप पर काम करने के लिए तैयार किया। इन औरतों को 10 दिनों से ट्रेनिंग दी और उसके बाद पिछले महीने के आखिरी हफ्ते में केवल महिलाओं द्वारा संचालित इस पेट्रोल पंप का उद्घाटन भी हो गया।
डीजी जेल वीके सिंह का कहना है कि जब औरतें जेल से निकलती हैं तो न तो उन्हें उनका परिवार अपनाता है और न ही यह समाज स्वीकार करता है। ऐसे में कुछ औरतें जहां भीख मांगने तक को मजबूर हो जाती हैं वहीं कुछ दोबारा से अपराध के रास्ते पर चली जाती हैं।

राहत के लिए रवाना हेलिकाप्टर गायब होने से मचा हड़कंप

अरुणाचल प्रदेश में वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर लापता हो गया है, जिसमें तीन लोग सवार थे। भारतीय वायु सेना का हेलिकाप्टर पापुम पेरे जिले में सगाली के पास गायब हो गया। हेलिकॉप्टर से आखिरी संपर्क 3 बजकर 50 मिनट पर हुआ।
हेलिकॉप्टर को बाढ़ राहत के लिए भेजा गया था। बाढ़ की वजह से सागली और ईटानगर के बीच रोड बंद हो जाने के कारण फंसे यात्रियों को लाने के लिए इसे तैनात किया गया था। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट में मौसम खराब है। मैं सुरक्षित हूं, लेकिन वायुसेना के लापता हुए हेलिकॉप्टर को ढूंढने में पूरी मशीनरी लगी है। मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू और राज्य सरकार ने स्थानीय लोगों को इस हेलीकॉप्टर का पता लगाने के लिए जुटाया है।
वहीं इससे पहले मंगलवार को ही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू के हेलीकॉप्टर को खराब मौसम के कारण आपात स्थिति में ईटानगर में उतारा गया। घटना में केंद्रीय मंत्री को कोई चोट नहीं आई। एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर में रिजिजू एवं सात अन्य यात्री और चालक दल के सदस्य थे। हेलीकॉप्टर गुवाहाटी से अरुणाचल प्रदेश के लिए जा रहा था जब दोपहर को भारी बारिश और कोहरे से उसकी उड़ान प्रभावित हुई। जिसके चलते आज दोपहर 3.30 पर एमरजेंसी लैंडिंग एक खेत मे की गई। हेलीकॉप्टर के पायलटों ने खराब मौसम में हेलीकॉप्टर को करीब 10 मिनट तक हवा में रखने के बाद आपात स्थिति में इटानगर में एक छोटे से मैदान में उतारा। पायलट सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सदस्य हैं।

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कृष-3 की कहानी सुअरदान उपन्यास की नकलः सोनकर

देहरादून।
देहरादून के साहित्यकार रूपनारायण सोनकर ने फिल्म अभिनेता, निर्माता एवं निर्देशक राकेश रोशन पर उपन्यास के किरदारों और कहानी को चोरी करने आरोप लगाया था। साहित्यकार रूपनारायण सोनकर ने इस मामले को लेकर विगत 21 मई 2016 को देहरादून स्थित डालनवाला थाने में भारतीय कॉपीराईट एक्ट के उलंघन का आरोप लगते हुए राकेश रोशन मुकदमा दायर किया था। जिसके बाद राकेश रोशन के खिलाफ देहरादून के सीजेएम कोर्ट में डालानवाला पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी है। फिल्म निदेशक और सुपरस्टार ऋतिक रोशन के पिता राराकेश रोशन द्वारा अपने खिलाफ दाखिल की गई एफ.आई.आर.को क्यूवैश (खत्म) करने सम्बन्धी याचिका पिछले मंगल बार उत्तराखंड उच्च न्यायालय में दायर की। सुनवाई करते हुए राकेश रोशन के अधिवक्ता अमन रब ने उच्च न्यायालय से केस वापस लेते हुए अनुछेद 226 के अंतर्गत नई याचिका दायर करने का प्रस्ताव दिया जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया लेकिन अभी न्यायमूर्ति यू.सी.ध्यानी की एकलपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि दस दिन तक राकेश रोशन को गिरफ्तार नहीं किया जाए और साथ ही अनुछेद 226 के अंतर्गत नई याचिका दायर की जाए।
उपन्यासकार रूपनारायण सोनकर ने फिल्म निर्माता राकेश रोशन पर भारतीय कॉपीराईट एक्ट के उलंघन का आरोप लगाया गया हैं वाद वापस लेने के लिए दबाव बनाने और धमकी देने का आरोप लगाया है। हालांकि, उपन्यासकार सोनकर की माने तो 2013 में कृष-3 फिल्म उनके उपन्यास सूअरदान की कहानी चुराकर बनाई है। फिल्म 1 नवम्बर 2013 को रिलिज हुई, जबकी उपन्यश सूअरदान वर्ष 2010 में प्रकाशित हो गया था और रूपनारायण ने कहा कि उनको न्यायालय पर पूरा भरोसा है की उनको न्याय जरूर मिलेगा।
गौरतलब है कि बॉलीवुड एक्टर और डायरेक्टर राकेश रोशन ने बॉलीवुड में अपने 50 साल पूरे कर लिये हैं। इस खुशी के मौके पर उनके लिए एक बुरी खबर ये आई है कि उनके खिलाफ उत्तराखंड पुलिस ने एक चार्जशीट फाइल की है। चार्जशीट में ये दावा किया गया है कि निर्देशक के खिलाफ सबूत हैं। लेखक के वकील ने कोर्ट से आग्रह किया है कि राकेश रोशन को समन भेजा जाए और अगर वो इसका जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ जरूरी एक्शन लिया जाए। इससे पहले पिछले महीने उन पर और बेटे रितिक पर खंडाला में दो सरकारी प्लॉट हड़पने के आरोप लगे थे।
बता दें कि राकेश रोशन के बॉलीवुड में 50 साल पूरे करने की खुशी में रितिक ने उनके लिए ट्विटर पर एक मैसेज किया है। रितिक ने लिखा कि पापा के फिल्म इंडस्ट्री में 50 साल पूरा करने का जश्न मना रहा हूं, लेकिन वो अभी भी ऑफिस में बैठकर काम कर रहे हैं ताकि वो 100 साल यहां पूरे कर सकें। थैंक्स पापा कि आपने हमारे सामने कभी न पा सकने वाला यह उदाहरण पेश किया है।
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आधी रात को बजा घंटा और फिर एक देश एक कर प्रणाली हुई लागू


एक देश-एक कर के लक्ष्य वाला जीएसटी बीती रात संसद के केन्द्रीय कक्ष में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घंटा बजाये जाने के साथ लागू हो गया। प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण कर सुधार की तुलना आजादी से करते हुए कहा कि यह देश के आर्थिक एकीकरण में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संसद के केंद्रीय कक्ष में हुई विशेष बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसे ऐतिहासिक क्षण करार दिया और कहा कि यह कराधान के क्षेत्र में एक नया युग है जो कि केंद्र एवं राज्यों के बीच बनी व्यापक सहमति का परिणाम है।
राष्ट्रपति ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दायरे के लोगों द्वारा किया गया प्रयास है जिन्होंने दलगत राजनीति को परे रखते हुए राष्ट्र को आगे रखा। उन्होंने कहा कि यह भारत के लोकतंत्र की परिपक्वता और बुद्धिमत्ता का सम्मान है।

जीएसटी सामूहिक प्रयासों की देनः मोदी
इससे पहले समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी सभी राजनीति दलों के सामूहिक प्रयासों की देन है। उन्होंने कहा कि यह सभी राज्यों एवं केंद्र के वर्षों तक चले विचार विमर्श का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जीएसटी सहकारी संघवाद का एक बेहतर उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार सरदार वल्लभ भाई पटेल ने विभिन्न रियासतों को मिलाकर भारत का एकीकरण संभव कराया था, उसी प्रकार जीएसटी के कारण देश का आर्थिक एकीकरण होगा। उन्होंने कहा कि इसमें शुरुआत में थोड़ी दिक्कत आ सकती है लेकिन इसके कारण सभी वर्गों के लोगों को लाभ मिलेगा।
मोदी ने देश के व्यापारी वर्ग से अपील की कि जीएसटी लागू होने से उन्हें जो लाभ होता है उसका फायदा वे गरीब तबके के लोगों तक पहुंचाएं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी लागू होने की लंबी यात्रा का उल्लेख करते हुए इसमें शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जीएसटी लागू होने से दीर्घकाल में महंगाई पर लगाम लगेगी और कर वंचना कम होगी।संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में आजादी सहित यह चौथा ऐसा मौका है जब मध्य रात्रि के समय कोई कार्यक्रम हुआ। 14 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि के अलावा, 1972 में स्वतंत्रता की रजत जयंती और 1997 में स्वर्ण जयंती के अवसर पर ऐसे कार्यक्रम हुए थे।

कांग्रेस सहित कुछ दलों ने किया बहिष्कार
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने भले ही आज के कार्यक्रम का बहिष्कार किया हो लेकिन आज केंद्रीय कक्ष में सपा, जदयू, जद-एस, राकांपा, टीआरएस, अन्नाद्रमुक, बीजद के सांसदों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, रतन टाटा सहित प्रमुख उद्योगपति एवं अन्य गणमान्य हस्तियां मौजूद थीं। इस समारोह में मंच पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, प्रधानमंत्री मोदी, वित्त मंत्री जेटली एवं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा मौजूद थे।
जीएसटी के लागू होने से केंद्र और राज्यों के स्तर पर लगने वाले एक दर्जन से अधिक कर समाप्त हो जाएंगे और उनके स्थान में केवल जीएसटी लगेगा। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस कार्यक्रम से दूर रही। कांग्रेस ने जीएसटी की शुरुआत के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम को तमाशा करार दिया। कांग्रेस के इसी बहिष्कार के चलते पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस कार्यक्रम से दूर रहे। तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, डीएमके और वामपंथी दलों ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया।

17 साल पुराना इंतजार हुआ खत्म
जीएसटी से देश की 2,000 अरब की अर्थव्यवस्था और 1.3 अरब लोग सभी एक साथ जुड़ जाएंगे और पूरा देश एक साझा बाजार बन जाएगा। इस समूची प्रक्रिया को पूरा होने में 17 सालों का लंबा समय लगा है। जीएसटी से वर्तमान बहुस्तरीय कर व्यवस्था समाप्त होगी और कर के ऊपर कर लगने से माल की लागत पर बढ़ने वाला बोझ भी समाप्त होगा।

एनएच-74 घोटाला-एनएच अधिकारियों से एसआईटी ने सात घंटे की पूछताछ


हल्द्वानी। 
एनएच-74 मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर समेत दो अधिकारियों से पूछताछ की। करीब सात घंटे तक चली पूछताछ के दौरान उनसे उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर क्रास सवाल भी पूछे गए। साथ ही साथ में लाए दस्तावेज की भी जांच की। एनएच-74 फोरलेन प्रोजेक्ट में कृषि भूमि को अकृषक दिखाकर अधिक मुआवजा लेकर सरकार को करोड़ों के राजस्व की चपत लगाई गई है।
मामले की जांच कर रही एसआईटी अब तक पूर्व एसएलओ डीपी सिंह समेत 50 अधिकारी, कर्मचारी और किसानों से पूछताछ कर चुकी है। मंगलवार को एसआईटी ने मामले से जुड़े एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर अजय विष्णोई और अनुज कुमार सिंह को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। इस पर दोनों ही एनएचएआई के अधिकारी सुबह 11 बजे एसएसपी कार्यालय स्थित एसआईटी कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान एसएसपी डा.सदानंद दाते, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय, एएसपी देवेंद्र पिंचा, सीओ सिटी और एसआईटी प्रभारी स्वतंत्र कुमार सिंह ने उनसे पूछताछ की। साथ ही उनके बयान दर्ज किए। सुबह 11 बजे से शुरू हुई पूछताछ शाम छह बजे तक चली। एसआईटी ने पूछताछ के दौरान दोनों अधिकारियों द्वारा लाए गए दस्तावेज की भी जांच की। साथ ही उनसे कृषि भूमि को अकृषक दिखाकर दिए गए कई गुना मुआवजे के संबंध में भी पूछताछ की।
एसआईटी प्रभारी सीओ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को भी कुछ अधिकारी, कर्मचारी और काश्तकारों से पूछताछ की जाएगी। दस्तावेज में हुए हस्ताक्षर से कर रहे इंकार रुद्रपुर। एनएच-74 मुआवजा घोटाले में बरामद दस्तावेज में अधिकारियों के हस्ताक्षर है। एसआईटी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान वह कुछ फाइलों में अपने हस्ताक्षर की बात तो कर रहे हैं, लेकिन कुछ दस्तावेज में अपने हस्ताक्षर होने से इंकार कर रहे हैं। जांच में खुल सकते हैं कई बड़े नाम रुद्रपुर। एसआईटी एनएच मुआवजा घोटाले की जांच में जुट गई है। जब तक जांच सीबीआई को जाएगी, तब तक एसआईटी काफी साक्ष्य जुटा लेगी। सूत्रों की मानें तो एसआईटी की जांच में अब तक हुई पूछताछ में कई साक्ष्य मिले हैं। आगे जांच में कई बड़े नाम सामने आने की संभावनाएं बनी हुई है।

शिंकजा कसते ही मीसा भारती पहुंची पति के साथ आयकर विभाग


नई दिल्ली।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेनामी संपत्ति के मामले में घिरी बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार आखिरकार बुधवार को आयकर विभाग के सामने पेश हुए। कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद वे लगातार अपनी पेशी को टालते आ रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों से करीब छह घंटे तक पूछताछ हुई।
गौरतलब है कि मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई में आयकर विभाग ने दिल्ली से पटना तक लालू प्रसाद यादव के परिवार की कई बेनामी संपत्तियां ज़ब्त कीं, जिनमें लालू की पत्नी राबड़ी देवी, उनके पुत्र तेजस्वी यादव, पुत्री मीसा भारती, दामाद शैलेश कुमार और लालू की अन्य दो बेटियों रागिनी और चंदा यादव की बेनामी संपत्तियां शामिल हैं।
ज़ब्त की गई संपत्तियों का बाज़ार मूल्य क़रीब 175 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि दस्तावेज़ों में इनकी क़ीमत महज़ 9.32 करोड़ रुपये दिखाई गई है। सभी के खिलाफ केस दर्ज कर नोटिस जारी किया गया है। हालांकि बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इसे राजनैतिक बदले की कार्रवाई बताया है, और आरोपों को झूठा करार दिया है।
इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की बिहार इकाई के नेता सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उन पर लगे आरोप गंभीर हैं। इसलिए यदि वह इस्तीफा नहीं देते हैं, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए।

लालू परिवार की जिन संपत्तियों को ज़ब्त किया गया है, उनका ब्योरा निम्न है…

बिजवासन (दिल्ली) में पालम फार्म्स
बेनामीदार : मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड
लाभार्थी : मीसा भारती, शैलेश कुमार
बही मूल्य : 1.4 करोड़ रुपये
बाज़ार मूल्य : 40 करोड़ रुपये

1088, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, दिल्ली
बेनामीदार : एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
लाभार्थी : तेजस्वी यादव, चंदा यादव, रागिनी यादव
बही मूल्य : 1.9 करोड़ रुपये
बाज़ार मूल्य : 40 करोड़ रुपये

जालापुर, दानापुर, पटना में नौ प्लॉट
बेनामीदार : डिलाइट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड
लाभार्थी : राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव
बही मूल्य : 1.9 करोड़ रुपये
बाज़ार मूल्य : 65 करोड़ रुपये

जालापुर, दानापुर, पटना में तीन प्लॉट
बेनामीदार : एके इन्फोसिस्टम
लाभार्थी : राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव
बही मूल्य : 1.6 करोड़ रुपये
बाज़ार मूल्य : 20 करोड़ रुपये

नीतीश के समर्थन से रामनाथ कोविंद की मजबूत स्थिति


नई दिल्ली।
राष्ट्रपति चुनावों में एनडीए के प्रत्याशी राम नाथ कोविंद की स्थिति मजबूत होती जा रही है और विपक्ष कमज़ोर पड़ता जा रहा है। बुधवार को कोविंद का समर्थन करने का फैसला कर जेडीयू ने विपक्ष को एकजुट करने की कवायद को बड़ा झटका दे दिया। दिल्ली में रामनाथ कोविंद बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मिलते रहे, जबकि पटना से उनके समर्थन की खबर आई। नीतीश कुमार के रुख को लेफ्ट ने विपक्षी एकता के लिए झटका बताया।
सीपीआई नेता डी. राजा ने कहा, ‘राष्ट्रपति चुनावों को लेकर 17 विपक्षी पार्टियों के नेता एक साथ पिछले महीने एक बैठक में शामिल हुए थे। अब नीतीश ने कोविंद का जिस तरह से समर्थन किया है, वो विपक्ष की एकजुटता की कोशिशों को झटका है।’
उधर, कांग्रेस पार्टी जेडीयू के फैसले पर सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बचती दिखी। पार्टी के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने नीतीश के फैसले पर कुछ नहीं बोला, सिर्फ इतना कहा, ‘गुरुवार की बैठक में प्रत्याशी और रणनीति पर विचार किया जाएगा।’
दरअसल राष्ट्रपति चुनावों से पहले आंकड़ों के खेल में एनडीए काफी आगे निकल चुका है। राष्ट्रपति चुनाव में कुल 10,98,903 वोट हैं और उम्मीदवार की जीत के लिए 5,49,452 वोट चाहिए। इनमें से एनडीए के कुल 5,37,683 वोट पहले से हैं, यानी 48% से कुछ ऊपर।
रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी के बाद एनडीए, एआईएडीएमके, बीजेडी, टीआरएस, जेडीयू, वाईएसआर (कांग्रेस) के समर्थन के साथ कुल 62.7% वोटों का समर्थन हासिल कर चुका है, हालांकि सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी अब भी एक मज़दूत उम्मीदवार उतारने का दावा कर रहे हैं। सीताराम येचुरी ने कहा, ‘विपक्ष की तरफ से एक तगड़ा उम्मीदवार खड़ा किया जाएगा। आज संविधान की बुनियाद को बचाया जाए या आरएसएस के हिन्दू राष्ट्र को आगे बढ़ने दिया जाए, इसी सवाल पर अब कन्टेस्ट होगा।’
विपक्षी दलों के अहम नेता राष्ट्रपति चुनावों को विपक्ष की एकता को मज़बूत करने के लिए एक मंच के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते थे, लेकिन नीतीश ने एनडीए के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद की दावेदारी का समर्थन कर उनकी इस मुहिम की हवा निकाल दी है।

पीएमएवाई योजना से अपना घर बनाने का सपना साकार करें


हर इंसान का सपना होता है कि उसका खुद का घर हो, उसके रहने के लिए सर पर छत हो तो टेंशन किस बात की है, अब तो सरकार भी आपके साथ है। जी हां जिन लोगों के पास घर नहीं है अब सरकार उनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना लेकर आई है। इसके तहत गरीब, झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को घर उपलब्ध कराने में सरकार मदद करेगी।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में पीएम आवास योजना की घोषणा की थी, इस योजना को 25 जून 2015 को हरी झंडी दी गई थी। वर्ष 2015 से लेकर 2022 तक इस योजना के तहत मकानों का निर्माण किया जाएगा जो कि बहुत ही सस्ती कीमतों पर दिए जाएंगे। 3 नवंबर 2016 से सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन भी शुरू किए थे लेकिन आवेदन करने से पहले आपका इस योजना के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है तो हम आपको बताने जा रहे हैं इस योजना के बारे में पूरी जानकारी…
इस योजना के बारे में कुछ भी बताने से पहले आपको बता दें कि पीएम मोदी ने 31 दिसंबर को देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने लोगों को घर बनाने और खरीदने के लिए दो योजनाओं के बारे में बताया। जिसके तहत आप लोन लेकर घर बना सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 9 लाख रुपये तक के कर्ज पर ब्याज में 4 फीसदी और 12 लाख तक के कर्ज पर 3 फीसदी की छूट दी जाएगी।
केंद्र सरकार की इस योजना का नाम ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-हाउसिंग फॉर ऑल (अर्बन)’ है। यह आवास योजना शहर में रह रहे उन लोगों के लिए है जिनके पास खुद के घर नहीं हैं। इसके अंर्तगत दो करोड़ से ज़्यादा मकानों का निर्माण किया जा रहा है। पूरा निर्माण 2015 से 2022 तक यानि इन साल सालों के भीतर ही होगा।
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प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य
1. भारत में मौजूद भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए निजी प्रवर्तकों की भागीदारी से बस्ती में कच्चे घरों में रहने वालों को नए घर उपलब्ध कराना।
2. लोन से जुड़ी ब्याज सब्सिडी के माध्यम से कमज़ोर वर्ग के लिए सस्ते आवास को प्रोत्साहन देना।
3. सरकारी तथा प्रायवेट क्षेत्रों की भागीदारी से सस्ते आवास उपलब्ध कराना।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तीन चरण
इस योजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा जो सात सालों के भीतर पूरी हो जाएगा। इस योजना का पहला चरण 25 अप्रैल 2015 से मार्च 2017 तक चलेगा, इस दौरान 100 शहरों को कवर किया जाएगा। योजना का दूसरा चरण अप्रैल 2017 से मार्च मार्च 2019 तक चलेगा, इस दौरान 100 शहरों के बाद 200 और शहरों को जोड़ा जाएगा। योजना का तीसरा चरण अप्रैल 2019 से मार्च 2022 तक चलेगा जिसमें अन्य शहरों को जोड़ा जाएगा। इन सभी चरणों में शहरों के चुनाव से लेकर उनके निर्माण तक की प्रक्रिया शामिल होगी। नेक्सट पेज पर पढ़ें कौन कर सकता है इस योजना में आवेदन

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रता
इस योजना में घर के लिए आवेदन करने में सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि वो कौन लोग हैं जिन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा, इसके लिए क्या पात्रता होनी चाहिए। अभी तक कई लोग फार्म भर चुके हैं लेकिन उनके फार्म कई कारणों से रद्द किए जा रहे हैं तो सबसे पहले जानते हैं प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए क्या पात्रता है-
इस योजना के अंर्तगत दो तरह के लोगों को इसका लाभ मिलेगा पहले तो इडब्लयूएस श्रेणी के लोग और दूसरे एलआईजी श्रेणी के लोग।
1. EWS श्रेणी (Economically Weaker Sections)
इस श्रेणी में वे लोग आते हैं जिनकी वार्षिक आय 3 लाख से ज़्यादा ना हो।
2. एलाआईजी (Lower Income Group)
इसके अंर्तगत वे लोग आते हैं जिनकी वार्षिक आय 3 से 6 लाख के बीच में रहेगी।
आवेदक को आवेदन करने के लिए अपने आप को LIG या HIG श्रेणी का प्रमाणित करने के लिए स्वप्रमाणित हलफनामा प्रस्तुत करना होगा।
-आवेदन महिला के नाम से किया जाएगा।
-आवेदक की आयु 21 से 55 साल के बीच होना चाहिए।
-आवेदक के परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर पक्का मकान पहले से ही है तो वह इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना आवेदन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन करने का तरीका काफी आसान है। इसके लिए सबसे पहले आप ऊपर दी गई शर्तो के आधार पर तय कर लें कि आप इस योजना में आवेदन करने के पात्र हैं या नहीं। अगर आप पात्र हैं तो हलफनामा प्रस्तुत करें। इसके बाद इस योजना की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें।
प्रधानमंत्री आवास योजना के पोर्टल पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।
इस पोर्टल पर आपको ‘Citizen Application’ पर क्लिक करना है।
इसमें दो ऑप्शन है।
पहला है ‘Slum Dweller’ यह ऑपशन उनके लिए है जो झुग्गियों में रहते हैं।
दूसरा ऑप्शन है ‘Other 3 Components’ जो अन्य लोगों के लिए है।
यहां पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक एप्लीकेशन फार्म आएगा जिसमें सही जानकारी भरिए। इस जानकारी को भरने के बाद नीचे एक कैप्चा कोड आएगा जिसे फिल करने के बाद आप सेव कर सकते हैं। अगर आप उसे प्रिंट भी करना चाहते हैं तो सेव और प्रिंट पर क्लिक कीजिए। ऐसा करने के बाद आपकी स्क्रीन पर एक एप्लीकेशन नंबर आएगा जो आपको नोट करना है ये नंबर आपको बाद में काम आएगा।