सीएम धामी के निर्देश पर इकबालपुर चौकी के सभी पुलिसकर्मी निलंबित

राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। अवैध खनन से संबंधित एक ऑडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हरिद्वार जनपद की इकबालपुर पुलिस चौकी में तैनात पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इकबालपुर क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा तत्काल निर्णय लेते हुए चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी के छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है तथा मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंप दी गई है।

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान (चौकी प्रभारी इकबालपुर), हेड कांस्टेबल विरेन्द्र शर्मा, हेड कांस्टेबल हरेन्द्र, कांस्टेबल विपिन कुमार, कांस्टेबल देवेश सिंह तथा कांस्टेबल प्रदीप शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, यदि वही अपने कर्तव्यों में लापरवाही या अनुचित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

अज्ञात ईमेल के जरिए देहरादून कोर्ट को बम से उड़ाने की मिली धमकी, पुलिस सक्रिय

देहरादून जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह जानकारी अज्ञात ईमेल के जरिए देहरादून जिला न्यायाधीश के मेल पर प्राप्त हुई। सूत्रों के मुताबिक ईमेल की जिम्मेदारी पाकिस्तान की आईएसआई ने ली है। इस संबंध में देहरादून जिला जज न्यायमूर्ति प्रेम सिंह खिमल ने एसएसपी देहरादून को लिखित में जानकारी देकर कार्यवाही करने को कहा है।

जानकारी के मुताबिक बीते रोज अज्ञात ईमेल के जरिए देहरादून न्यायालय के मेल पर एक सूचना प्राप्त हुई। जिसमें कोर्ट परिसर में पांच आरडीएक्स से बम ब्लास्ट की धमकी दी गई है।

धमकी से भरे ईमेल में लिखा है कि बम पहले से ही परिसर के महत्वपूर्ण स्थानों पर रखे जा चुके हैं। दोपहर के भोजन के समय 1 या 2 सदस्य जज के कार्यालय के निकट आएंगे और जैसे ही ब्रांच-आईएसआई के सदस्य, जो रिमोट कंट्रोल ट्रिगर लिए हुए हैं, परिसर के 100 फीट के दायरे में आएंगे, IED अपने आप फट जाएंगे। यदि किसी कारणवश वे सक्रिय नहीं होते हैं, तो सदस्य स्वयं इमारत के अंदर आकर खुद को और सभी कर्मचारियों को श्रीलंका के ईस्टर ऑपरेशन की तरह ही उड़ा लेंगे। हम एक संदेश देना चाहते हैं और आपका कोर्ट फिलहाल सबसे आसान निशाना है।

आईआईएफएल बैंक की मनमानी, डीएम के एक्शन पर सम्पति नीलाम; शाखा पर तालबन्दी तय

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन महिला, बुजुर्ग बच्चों, असहायों के शोषण पर निरंतर कड़ा एक्शन ले रहा है। जिलाधिकारी सविन बसंल के समक्ष बैंक से बीमित ऋण धनराशि उपरान्त महिला को बैंक द्वारा वसूली लिए प्रताड़ित करने का मामला सामने आया जिस पर जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी ने सम्बन्धित बैंक से वसूली कर शेष ऋण धनराशि का भुगतान करते हुए पीड़ित का न्याय दिलाया।
नवाबगढ़ निवासी विधवा ज्योति ने जिलाधिकारी के समक्ष गुहार लगाई कि कि उनके पति दान सिंह ने वर्ष 2021 में आईआईएफएल बैंक से होम लोन लिया गया था, जिसका बीमा भी कराया गया था। अगस्त 2023 में उनके पति की हृदय गति रुकने से आकस्मिक मृत्यु हो गई। पति द्वारा जीवित रहते हुए ऋण की किस्तों के रूप में धनराशि रू0 2,71,278 जमा कराए गए थे तथा पति की मृत्यु के उपरांत विधवा ज्योति द्वारा धनराशि 39,470 की अतिरिक्त किस्त भी जमा की गई।
शिकायत के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी बजाज फाइनेंस द्वारा बैंक को बीमित ऋण की धनराशि रू0 14,61,375 का भुगतान किए जाने के बावजूद बैंक द्वारा भूमि के मूल अभिलेख वापस नहीं किए गए। इतना ही नहीं, बैंक के वसूली एजेंटों द्वारा विधवा ज्योति एवं उनकी दो मासूम पुत्रियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है तथा वसूली हेतु दबाव और दुर्व्यवहार किया गया, जिससे परिवार भय एवं तनाव की स्थिति में आ गया।
जिलाधिकारी ने प्रकरण की गंभीरता पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। जांच में पाया गया कि बीमित ऋण की राशि प्राप्त होने के बावजूद बैंक द्वारा शेष धनराशि के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था।
जिलाधिकारी के निर्देश पर शेष धनराशि रू0 2 लाख की वसूली राजस्व वसूली की भांति कराते हुए जिला प्रशासन की टीम ने बैंक से संबंधित देयता का निस्तारण कराया। साथ ही बैंक को तत्काल नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करने एवं भूमि के मूल अभिलेख ज्योति को सुपुर्द करने के कड़े निर्देश दिए गए। निर्देशों का अनुपालन न करने की दशा में संबंधित शाखा पर तालाबंदी, संपत्ति कुर्की एवं अन्य कठोर विधिक कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी बैंक, वित्तीय संस्था या वसूली एजेंट द्वारा आमजन, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं असहाय परिवारों के साथ किसी प्रकार की अभद्रता, दबाव या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में जिला प्रशासन कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। जिला प्रशासन का यह एक्शन न केवल जनमानस के प्रति जिला प्रशासन की संवेदनशीलता एवं जवाबदेही को दर्शाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि जनपद में किसी भी प्रकार के आर्थिक शोषण, अन्याय या मनमानी के विरुद्ध प्रशासन दृढ़तापूर्वक खड़ा है।

अपनी मां से मांगो माफी, वरना होगा जिला बदरः डीएम

देहरादून। बेटों द्वारा प्रताड़ित विधवा ने जिन बेटों को जन्म दिया, वही मां जब अपने बेटों के हाथों पिटने लगे और हर रात जान का डर सताने लगे तब जिला प्रशासन उसके लिए ढाल बनकर खड़ा हुआ। बंजारावाला क्षेत्र की एक लाचार विधवा मां विजय लक्ष्मी पंवार ने हिम्मत जुटाकर प्रशासन से गुहार लगाई कि उसके ही बेटे नशे में उसे पीटतें है, पैसे मांगते है और जान से मारने की धमकी देते है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने गोपनीय जांच कराई। पड़ोसियों और जनप्रतिनिधियों की बातों ने उस मां के दर्द की पुष्टि की। प्रशासन ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की तो बेटों को पहली बार अपनी मॉ के प्रति जिम्मेदारी एवं कर्तव्यों का एहसास हुआ।

न्यायालय में दोनों बेटों ने मां से माफी मांगी, नशा छोड़ने और हिंसा न करने का शपथ पत्र दिया। कानून का डर और मां की चुप पीड़ा दोनों ने मिलकर बेटे को झकझोर दिया। विधवा मां के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी के मामले में जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई से दोंनो पुत्रों को अपने कर्तव्यों का बोध हुआ। गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत वाद दर्ज होने के बाद दोनों बेटों ने न्यायालय में शपथ पत्र देकर नशा छोड़ने और मां के साथ दुर्व्यवहार न करने का वचन दिया। जिला प्रशासन की चेतावनी और कानूनी शिकंजे के बाद दोंनो बेटों के व्यवहार में सुधार को देखते हुए न्यायालय ने आगे की कार्रवाई समाप्त की।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि महिलाओं, विधवाओं व निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है और भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण पर अब होगी सीबीआई जांच, मुख्यमंत्री धामी ने जांच को दी संस्तुति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

ऑडियो साक्ष्य आधार पर डीएम ने की पटवारी के निलम्बन की कार्रवाई, तहसीलदार को सौंपी प्रकरण की विस्तृत जांच

लाखामण्डल क्षेत्र में अवैध वसूली की शिकायत पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील कालसी स्थित रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
लाखामण्डल, चकराता, देहरादून निवासियों द्वारा जिलाधिकारी को शपथ पत्र के साथ के साथ अपने संयुक्त शिकायती पत्र में ऑडियो साक्ष्य (पेनड्राइव) भी संलग्न किया गया था।  जिसमें आरोप लगाया गया कि जयलाल शर्मा द्वारा क्षेत्र में तैनाती के बाद छोटे से बड़े दस्तावेज तैयार करने, फर्जी विक्रय पत्र, दाखिल-खारिज आदि कार्यों के नाम पर किसानों, काश्तकारों तथा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के गरीब लोगों से खुलेआम नकद एवं ऑनलाइन माध्यम से अवैध धनराशि वसूली जा रही थी।
जिलाधिकारी द्वारा प्रकरण की कराई गई प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर प्रकृति के पाए गए, जिसके दृष्टिगत निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक मानी गई। उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के उल्लंघन के प्रथम दृष्टया आधार पर जिलाधिकारी द्वारा जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के आदेश दिए गए।
निलंबन अवधि में संबंधित कर्मचारी को वित्तीय नियम संग्रह, खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम-53 के अंतर्गत अर्द्ध औसत वेतन के समतुल्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसके साथ ही नियमानुसार महंगाई भत्ता भी अनुमन्य होगा, बशर्ते संबंधित कर्मचारी द्वारा यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाए कि वह इस अवधि में किसी अन्य सेवा, व्यवसाय अथवा व्यापार में संलग्न नहीं है। प्रकरण की विस्तृत जांच हेतु तहसीलदार विकासनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि एक माह के भीतर जांच पूर्ण कर अपनी आख्या जिलाधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।  जिलाधिकारी के अनुमोदन उपरांत उप जिलाधिकारी मुख्यालय द्वारा निलंबन आदेश विधिवत जारी कर दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार एवं अवैध वसूली के मामलों में शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई जा रही है तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

सीएम ने शोक जताकर अल्मोड़ा बस हादसे के मृतकों की आत्मशांति की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा में भिकियासैंण से रामनगर जा रही बस के भिकियासैंण–विनायक मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगतों की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

मुख्यमंत्री धामी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि हादसे में घायल सभी यात्रियों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है तथा गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं इस पूरे प्रकरण की लगातार निगरानी कर रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

कोर्ट आदेश: प्रेम में सहमति से बने संबंधों को बलात्कार नहीं माना

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ऋषिकेश की अदालत ने प्रेम प्रसंग के दौरान बनाए गए शारीरिक संबंधों को बलात्कार नहीं माने जैसा आदेश सुनाते हुए आरोपी को दोष मुक्त किया है। मामला वर्ष 2022 का है जो चंद्रेश्वर नगर से जुड़ा है।

दरअसल, चंद्रेश्वरनगर ऋषिकेश निवासी एक महिला के द्वारा दिनांक 18.07.2022 को स्थानीय युवक सोनू के विरुद्ध एक रिपोर्ट दर्ज करवाई जिसमे उसने बताया कि वह विवाहित है और उसका अपने पति से वाद विवाद चला रहा था तथा उसी समय उसकी मुलाकात सोनू से हुई । सोनू ने उक्त महिला को विवाह का प्रस्ताव दिया और जल्द अपने पति से तलाक लेने की बात कही । उसके पश्चात दोनों की आपस में बातचीत होने लगी और सोनू ने महिला के साथ शादी का झांसा देकर अनेकों बार शारीरिक संबंध बनाए व उसका बलात्कार किया । जिसके पश्चात जब महिला का अपने पति से तलाक हो गया तो उसने सोनू से विवाह की बात की पपरन्तु सोनू ने किसी अन्य महिला से विवाह कर लिया । पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा उसके बाद मुकदमा न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम, ऋषिकेश के न्यायालय में विचाराधीन रहा।

अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता शुभम राठी द्वारा कोर्ट पैरवी की गई। इस मामले में अभियोजन द्वारा कुल पांच गवाह पेश किए गए जिनसे अधिवक्ता शुभम राठी द्वारा जिरह की गई।

कोर्ट ने पाया कि मामले में पेश किए गए गवाहो की गवाही में विरोधाभास थे तथा पीड़िता समेत अन्य कोई भी गवाह बचाव पक्ष के अधिवक्ता के प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नही दे सका।

माननीय न्यायालय ने पाया कि पीड़िता एक बालिग विवाहित महिला थी जो कि सोनू से प्रेम करती थी तथा अपना भला बुरा अच्छे से जानती थी तथा सोनू द्वारा पीड़िता को झूठा शादी का झांसा नहीं दिया गया अपितु पीड़िता द्वारा सोनू के साथ बनाए गए संबंध प्रेम में होने के कारण सहमति से बनाए गए जिन्हें बलात्कार नहीं कहा जा सकता तथा अभियोजन अपना मामला संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।

लंबी कानूनी लड़ाई के बाद माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ऋषिकेश जिला देहरादून द्वारा आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

भालू हमले की घटना का सीएम ने लिया संज्ञान पीड़ित छात्राओं से की वार्ता, हौसले की तारीफ

जनपद चमोली के विकास खण्ड पोखरी अंतर्गत विद्यालय परिसरों के समीप घटित भालू हमले की घटनाओं को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने भालू हमले में घायल हुए पीड़ित छात्र से दूरभाष पर सीधी बातचीत कर न केवल उसका हालचाल जाना, बल्कि उसे ढांढस बंधाते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उपचार एवं सुरक्षा के हर स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घटना के दौरान अदम्य साहस, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए भालू से बच्चों की जान बचाने वाली साहसी छात्राओं दिव्या और दीपिका से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने छात्राओं की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में जिस साहस, धैर्य और जिम्मेदारी का परिचय उन्होंने दिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना अन्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना असाधारण साहस का उदाहरण है। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि राज्य सरकार ऐसे साहसी बच्चों को सदैव प्रोत्साहित करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन एवं वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से गश्त बढ़ाई जाए, विद्यालयों, आंगनबाड़ियों एवं आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए सभी आवश्यक व प्रभावी कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि घायल छात्र को उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निगरानी बनाए रखने और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर विश्वास कायम करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार के लिए बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता और कठोरता के साथ कार्य करेगी।

दून आईएसबीटी, दिल्ली जाने वाला गेट मिला बंद, नपे एआरएम, डीएम ने दिए कड़ी कार्यवाही के निर्देश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यातायात व्यवस्था, पार्किंग, निकासी मार्ग एवं अव्यवस्थित गतिविधियों का गहन जायजा लिया तथा संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हरिद्वार बाईपास की तरफ आईएसबीटी फ्लाई ओवर के समीप सड़क किनारे खाली बड़ी खाली जगह पर टाइल्स लगाकर सुव्यवस्थित पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे यात्रियों एवं आमजन को जाम की समस्या से राहत मिल सके। दिल्ली जाने वाली बसों के लिए बनाए गए निकासी गेट के बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा एमडीडीए को तत्काल गेट खोलने के निर्देश दिए। पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन न होने पर उन्होंने संबंधित एआरएम के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने फ्लाईओवर के नीचे अवैध कट बंद करते हुए सुरक्षित क्रॉसओवर बनाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही फ्लाईओवर के नीचे व्यवस्थित पार्किंग विकसित करने तथा निकासी गेट के समीप बनी पुलिस चौकी को अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईएसबीटी गेट के पर किए गए निर्माण को ध्वस्त कर निकासी गेट को पूर्ण रूप से सुचारू करने के निर्देश भी दिए गए। ताकि यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके। जिलाधिकारी ने आरटीओ को सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच) के अधिकारियों को आईएसबीटी के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे टाइल्स लगाकर पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही आवश्यक धनराशि की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईएसबीटी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अतिक्रमण अथवा यातायात बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्टेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, एमडीडीए, एनएच के अधिकारी उपस्थित रहे।