दूनः समाधान दिवस में 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त, डीएम ने दिए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में जन समाधान दिवस आयोजित किया गया। जन समाधान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। इस दौरान 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। जिनमें कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता एवं संवेदनशीलता के साथ करना सुनिश्चित करें तथा शिकायतकर्ता को भी कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

शिकायतकर्ता प्रस्तुत शिकायत में तहसील विकासनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत पापड़ियांन में ग्राम प्रधान द्वारा वर्ष 2023 से 2026 तक आपदा के अंतर्गत किए गए कार्यों में कथित फर्जीवाड़े एवं अनियमितता की शिकायत पर जिलाधिकारी ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिला विकास अधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को संयुक्त रूप से प्रकरण की जांच करते हुए 7 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उपलब्ध अभिलेखों, कराए गए कार्यों एवं संबंधित मद में हुए व्यय का परीक्षण करते हुए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए।

शिकायतकर्ता मोहम्मद शाहिद राव, खुर्शीदा बेगम एवं इकराम, मिहूवाला निवासी द्वारा अपनी पैतृक भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा मारपीट कर कब्जा करने का प्रयास किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रकरण में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा शिकायतकर्ता की शिकायत पर तथ्यात्मक जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

ग्राम झीवरहेड़ी, विकासनगर क्षेत्र में आबादी के बीच अवैध रूप से हैवी वेल्डिंग मशीनें लगाकर फैक्ट्री संचालित किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी विकासनगर एवं महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (जीएमडीआईसी) को संबंधित फैक्ट्री को तत्काल सील करने के निर्देश दिए। प्रकरण में जिला उद्योग केंद्र द्वारा पूर्व में किए गए निरीक्षण में पाया गया था कि संबंधित स्थल औद्योगिक उपयोग के लिए वर्गीकृत नहीं है। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं अग्निशमन विभाग की आवश्यक एनओसी भी प्राप्त नहीं की गई थी। जिलाधिकारी ने इस स्थिति के बावजूद फैक्ट्री संचालन तथा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिकायतकर्ता सूर्य प्रकाश द्वारा दोनों पैरों में कृत्रिम अंग लगवाने हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में प्रस्तुत शिकायत पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई करते हुए 15 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए।

नगर निगम एवं ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर एवं तहसीलदार सदर को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। शिकायत में चार मंजिला मकान के निर्माण का भी आरोप लगाया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौके का स्थलीय निरीक्षण करते हुए भूमि एवं निर्माण से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए तथा यदि अतिक्रमण अथवा अवैध निर्माण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

विशेष बच्चे प्रिंस अग्रवाल के लतिका राय फांउडेशन में प्रवेश के संबंध में प्राप्त शिकायत का जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। शिकायतकर्ता बच्चे के पिता एवं एकमात्र अभिभावक द्वारा बताया गया कि फाउंडेशन में प्री-एडमिशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण किए जाने के बावजूद प्रवेश प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई तथा बार-बार अनुरोध के बाद भी उचित समाधान नहीं हो पाया। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करते हुए बच्चे के हित में आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को संयुक्त रूप से मामले की जांच कर 7 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डीएम ने प्रकरण के सभी तथ्यों की निष्पक्षता से जांच की जाए तथा बच्चे के हित एवं उसके सर्वांगीण विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिक रूप से निस्तारित न किया जाए, बल्कि शिकायत की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समयबद्ध निस्तारण, पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हवलदार पंकज के लापता होने पर परिजनों की सोशल मीडिया पर गुहार का सीएम धामी ने लिया स्वतः संज्ञान

चमोली की नीति घाटी में भारी बारिश के चलते उफान पर आए तमक नाले में लापता हुए बीआरओ के हवलदार पंकज की तलाश को लेकर उनके परिजनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिजनों की इस गुहार का स्वतः संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हवलदार पंकज की तलाश के लिए चल रहे खोज एवं बचाव अभियान पर लगातार नजर रखी जाए और अभियान में हरसंभव तेजी लाई जाए। सेना, बीाआरओ, आईटीबीपी, पुलिस, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें लगातार खोज अभियान में जुटी हैं।

हवलदार पंकज पिथौरागढ़ के निवासी हैं। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी ने उनके परिजनों से संवाद कर उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी परिवार से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है तथा खोज अभियान की प्रगति की निरंतर जानकारी ली जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हवलदार पंकज के परिजनों से भी दूरभाष पर वार्ता कर उनका हाल जाना तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन घड़ी में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को हवलदार पंकज की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने और परिवार को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हवलदार पंकज की तलाश के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है और परिवार को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ परिवार के साथ खड़ी है।

चमोली घटना पर घायलों से जिला अस्पताल में जाकर सीएम ने जानी कुशलक्षेम

मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की स्थिति का जायजा लेने के उपरांत जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। यहां उन्होंने रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनसे बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से उनके स्वास्थ्य एवं उपचार के बारे में जानकारी ली तथा अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा व्यवस्थाओं के संबंध में चिकित्सकों से भी जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को घायल श्रमिकों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा उनके उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायल श्रमिकों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकतानुसार उन्हें सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रत्येक व्यक्ति की जान हमारे लिए बहुत कीमती है। इसके लिए हमारे पास जितने भी साधन उपलब्ध हैं, उन सभी का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और रेस्क्यू अभियान में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना में प्रभावित श्रमिकों के परिजनों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के लिए संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी उन्होंने स्वयं वार्ता की है। साथ ही टनल दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

इस दौरान बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राजीव पाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

टनल में पानी भरने व मलबा आने की घटना के बाद सीएम पहुंचे घटनास्थल, बचाव दलों ने दी जानकारी

मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा अधिकारियों एवं बचाव दलों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने टनल के अंदर जाकर बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया और रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों से मौके पर आवश्यक जानकारी ली।

टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी टीमों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा टनल में फंसे शेष 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को घटनाक्रम, अब तक किए गए रेस्क्यू तथा मौके पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से अब तक 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि शेष 3 लोगों की तलाश एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। घटना में अभी तक 7 लोगों की दुखद मृत्यु की सूचना है।

रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है, जहां स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका उपचार एवं स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू अभियान के साथ-साथ घायलों के उपचार, परिजनों की सहायता एवं घटनास्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने बचाव दलों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अभियान को पूरी गंभीरता एवं सावधानी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान काबीना मंत्री एवं प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी, सभासद राजा जोशी, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, चंद्रशेखर वशिष्ठ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।

चमोली आपदा पर सीएम धामी लगातार कर रहे मॉनिटरिंग, अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने के निर्देश

देहरादून। चमोली जनपद के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में बेली ब्रिज बहने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मंगलवार को भी मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली एवं गढ़वाल मंडल आयुक्त से स्थिति की जानकारी लेते हुए राहत-बचाव, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और कनेक्टिविटी बहाली को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों एवं अन्य उपलब्ध माध्यमों से ग्रामीणों तक जरूरी सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर तत्काल कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति एवं नुकसान का स्वयं आकलन करने को कहा, ताकि राहत और पुनर्व्यवस्था से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

बदलते मौसम और बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निचले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी रखी जाए।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से भी चमोली सहित प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर 24×7 नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जा सके।

सोमवार को चमोली जनपद के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह बढ़ने के कारण 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज बह गया था। तेज बहाव की चपेट में एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना भी प्राप्त हुई थी।

घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और राहत-बचाव कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों की टीमें भी मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।

संकट के बीच सरकार का फोकसकृसुरक्षा, राहत और कनेक्टिविटी

तमकनाला की घटना के बाद सरकार की प्राथमिकता केवल राहत एवं बचाव कार्यों तक सीमित नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति, वैकल्पिक कनेक्टिविटी और आवाजाही की शीघ्र बहाली पर भी समान रूप से काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी की लगातार मॉनिटरिंग और अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर त्वरित निर्णय लेने के निर्देश राज्य सरकार की प्रो-एक्टिव आपदा प्रबंधन नीति को दर्शाते हैं। प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर सतर्कता, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई से उनके प्रभाव को कम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कठिन परिस्थितियों में प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

राजकीय शिशु सदन केदारपुरम, की दिवंगत संविदा कार्मिक की पुत्री को 25 हजार आर्थिक सहायता

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, देहरादून में महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजना की जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (डीसीडब्ल्यूपीसी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में बाल संरक्षण एवं कल्याण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ विभिन्न मानवीय एवं संवेदनशील पहलें की गईं।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई एवं बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सभी संस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने नारी निकेतन में निवासरत मानसिकरूप दिव्यांग बच्चे महिलाओं किशोरियों के उपचार हेतु मानसिक चिकित्सालय में आ रही स्टॉप की कमी पर जिलाधिकारी ने मानसिक चिकित्सालय को केयर टेकर पद हेतु मजदूरी मद में जिला योजना से स्वीकृति मौके पर ही प्रदान की गई तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को नर्स पद पर अपने स्तर से व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना के अंतर्गत लाभार्थी बच्चों से संवाद

जिलाधिकारी सविन बसंल ने पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना के लाभार्थी बच्चों के साथ संवाद/वार्ता कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान बच्चों के साथ आए अभिभावकों से भी बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थी बच्चों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।

राजकीय शिशु सदन केदारपुरम, की दिवंगत संविदा कार्मिक की पुत्री को आर्थिक सहायता प्रदान

जिलाधिकारी ने एक संवेदनशील पहल के अधीक्षिका, राजकीय शिशु सदन केदारपुरम, देहरादून में कार्यरत संविदा कार्मिक स्वर्गीय श्रीमती सुनिता सिंह के निधन के पश्चात उनकी पुत्री को शिक्षा एवं आर्थिक सहयोग हेतु धनराशि रू0 25,000 का चेक प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन सदैव जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ा है और इस प्रकार की सहायता आगे भी प्राथमिकता के आधार पर दी जाती रहेगी।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद देहरादून में महिला कल्याण विभाग/किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अन्तर्गत कुल 19 राजकीय/स्वैच्छिक बालगृह संचालित है। उक्त बालगृहों में वर्तमान में कुल 275 बालक/बालिकाएं निवासरत है। राजकीय दिव्यांग बालिका गृह, आदर्श नगर जौलीग्रान्ट देहरादून व राजकीय खुला आश्रय गृह साधु राम इण्टर कॉलेज देहरादून का पंजीकरण कराया गया। जिलाधिकारी ने चाईल्ड हेल्पलाईन 1098 व बाल कल्याण समिति देहरादून के कार्यों की समीक्षा करते हुए जानकारी ली जिस पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ने अवगत कराया गया कि जनपद में विगत अक्टूबर 2023 से अतिथि तक कुल 2041 प्रकरण (विगत त्रैमास में 208 प्रकरण) तथा बाल कल्याण समिति देहरादून के समक्ष विगत त्रैमास में 221 प्रकरण प्राप्त हुए हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, अध्यक्ष/सदस्यबाल कल्याण समिति श्रीमती नमिता मंमगाई, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी केकेअग्रवाल, जिला कमांडेंट होमगार्ड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, चाईल्ड हेल्प लाईन 1098, बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास/इन्टेन्सिव केयर सेन्टर, साधुराम इण्टर कॉलेज राजा रोड देहरादून, आसरा ट्रस्ट, खुला आश्रय गृह सरफिना ट्रस्ट, समर्पण सोसाईटी व समस्त बालगृहों के कार्मिक उपस्थित थे।

चारधाम यात्रा की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी, सोशल मीडिया पर हर समय निगरानी

चारधाम यात्रा के संबंध में भ्रामक एवं तथ्यहीन वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में उत्तराखंड पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। इस क्रम में थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा पूरी तरह से सुचारू रूप से संचालित हो रही है तथा श्रद्धालु व्यवस्थित ढंग से दर्शन कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही भ्रामक एवं अप्रमाणित सूचनाएं न केवल जनमानस में भ्रम उत्पन्न करती हैं, बल्कि यात्रा व्यवस्थाओं को भी प्रभावित कर सकती हैं।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, 4-5 अन्य संदिग्ध वीडियो की भी पुलिस टीम द्वारा गहन जांच की जा रही है। जांच के उपरांत दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड पुलिस द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि चारधाम यात्रा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24Û7 निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना का समय रहते संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अप्रमाणित अथवा भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीएम धामी के निर्देश पर इकबालपुर चौकी के सभी पुलिसकर्मी निलंबित

राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। अवैध खनन से संबंधित एक ऑडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हरिद्वार जनपद की इकबालपुर पुलिस चौकी में तैनात पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इकबालपुर क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा तत्काल निर्णय लेते हुए चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी के छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है तथा मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंप दी गई है।

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान (चौकी प्रभारी इकबालपुर), हेड कांस्टेबल विरेन्द्र शर्मा, हेड कांस्टेबल हरेन्द्र, कांस्टेबल विपिन कुमार, कांस्टेबल देवेश सिंह तथा कांस्टेबल प्रदीप शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, यदि वही अपने कर्तव्यों में लापरवाही या अनुचित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

अज्ञात ईमेल के जरिए देहरादून कोर्ट को बम से उड़ाने की मिली धमकी, पुलिस सक्रिय

देहरादून जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह जानकारी अज्ञात ईमेल के जरिए देहरादून जिला न्यायाधीश के मेल पर प्राप्त हुई। सूत्रों के मुताबिक ईमेल की जिम्मेदारी पाकिस्तान की आईएसआई ने ली है। इस संबंध में देहरादून जिला जज न्यायमूर्ति प्रेम सिंह खिमल ने एसएसपी देहरादून को लिखित में जानकारी देकर कार्यवाही करने को कहा है।

जानकारी के मुताबिक बीते रोज अज्ञात ईमेल के जरिए देहरादून न्यायालय के मेल पर एक सूचना प्राप्त हुई। जिसमें कोर्ट परिसर में पांच आरडीएक्स से बम ब्लास्ट की धमकी दी गई है।

धमकी से भरे ईमेल में लिखा है कि बम पहले से ही परिसर के महत्वपूर्ण स्थानों पर रखे जा चुके हैं। दोपहर के भोजन के समय 1 या 2 सदस्य जज के कार्यालय के निकट आएंगे और जैसे ही ब्रांच-आईएसआई के सदस्य, जो रिमोट कंट्रोल ट्रिगर लिए हुए हैं, परिसर के 100 फीट के दायरे में आएंगे, IED अपने आप फट जाएंगे। यदि किसी कारणवश वे सक्रिय नहीं होते हैं, तो सदस्य स्वयं इमारत के अंदर आकर खुद को और सभी कर्मचारियों को श्रीलंका के ईस्टर ऑपरेशन की तरह ही उड़ा लेंगे। हम एक संदेश देना चाहते हैं और आपका कोर्ट फिलहाल सबसे आसान निशाना है।

आईआईएफएल बैंक की मनमानी, डीएम के एक्शन पर सम्पति नीलाम; शाखा पर तालबन्दी तय

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन महिला, बुजुर्ग बच्चों, असहायों के शोषण पर निरंतर कड़ा एक्शन ले रहा है। जिलाधिकारी सविन बसंल के समक्ष बैंक से बीमित ऋण धनराशि उपरान्त महिला को बैंक द्वारा वसूली लिए प्रताड़ित करने का मामला सामने आया जिस पर जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी ने सम्बन्धित बैंक से वसूली कर शेष ऋण धनराशि का भुगतान करते हुए पीड़ित का न्याय दिलाया।
नवाबगढ़ निवासी विधवा ज्योति ने जिलाधिकारी के समक्ष गुहार लगाई कि कि उनके पति दान सिंह ने वर्ष 2021 में आईआईएफएल बैंक से होम लोन लिया गया था, जिसका बीमा भी कराया गया था। अगस्त 2023 में उनके पति की हृदय गति रुकने से आकस्मिक मृत्यु हो गई। पति द्वारा जीवित रहते हुए ऋण की किस्तों के रूप में धनराशि रू0 2,71,278 जमा कराए गए थे तथा पति की मृत्यु के उपरांत विधवा ज्योति द्वारा धनराशि 39,470 की अतिरिक्त किस्त भी जमा की गई।
शिकायत के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी बजाज फाइनेंस द्वारा बैंक को बीमित ऋण की धनराशि रू0 14,61,375 का भुगतान किए जाने के बावजूद बैंक द्वारा भूमि के मूल अभिलेख वापस नहीं किए गए। इतना ही नहीं, बैंक के वसूली एजेंटों द्वारा विधवा ज्योति एवं उनकी दो मासूम पुत्रियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है तथा वसूली हेतु दबाव और दुर्व्यवहार किया गया, जिससे परिवार भय एवं तनाव की स्थिति में आ गया।
जिलाधिकारी ने प्रकरण की गंभीरता पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। जांच में पाया गया कि बीमित ऋण की राशि प्राप्त होने के बावजूद बैंक द्वारा शेष धनराशि के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था।
जिलाधिकारी के निर्देश पर शेष धनराशि रू0 2 लाख की वसूली राजस्व वसूली की भांति कराते हुए जिला प्रशासन की टीम ने बैंक से संबंधित देयता का निस्तारण कराया। साथ ही बैंक को तत्काल नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करने एवं भूमि के मूल अभिलेख ज्योति को सुपुर्द करने के कड़े निर्देश दिए गए। निर्देशों का अनुपालन न करने की दशा में संबंधित शाखा पर तालाबंदी, संपत्ति कुर्की एवं अन्य कठोर विधिक कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी बैंक, वित्तीय संस्था या वसूली एजेंट द्वारा आमजन, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं असहाय परिवारों के साथ किसी प्रकार की अभद्रता, दबाव या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में जिला प्रशासन कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। जिला प्रशासन का यह एक्शन न केवल जनमानस के प्रति जिला प्रशासन की संवेदनशीलता एवं जवाबदेही को दर्शाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि जनपद में किसी भी प्रकार के आर्थिक शोषण, अन्याय या मनमानी के विरुद्ध प्रशासन दृढ़तापूर्वक खड़ा है।