एम्स ऋषिकेश में नियुक्तियों, दवा और मशीनों की खरीद में धांधली की जांच में जुटी सीबीआई

एम्स ऋषिकेश में सीबीआई की टीम ने पिछले तीन दिन से डेरा डाला हुआ है। सूत्रों के मुताबिक एम्स में नियुक्तियों, दवा और मशीनों की खरीद में धांधली की शिकायत पर सीबीआई जांच कर रही है। देर शाम तक एम्स प्रशासन इस मामले में कुछ भी कहने से बचता रहा।
जानकारी के मुताबिक वीरभद्र पशुलोक मार्ग पर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सीबीआई की चार टीमें पिछले तीन दिन से विभिन्न दस्तावेजों को खंगाल रही हैं। सीबीआई की छापेमारी की कार्रवाई से एम्स में हड़कंप की स्थिति है। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक एम्स में पिछले काफी समय से विभिन्न पदों पर नियुक्तियों से लेकर दवा और मशीनों की खरीद में धांधली की शिकायतें आ रही थी। इस पर सीबीआई ने औचक छापेमारी की कार्रवाई की है। हालांकि अभी तक किसी तरह की गड़बड़ी मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। छानबीन जारी है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सीबीआई टीम में निरीक्षक, उपनिरीक्षक से लेकर कांस्टेबल तक शामिल हैं।

मामूली विवाद में भाई ने भाई को मारा चाकू, मौत

ऋषिकेश कोतवाली पुलिस के मुताबिक चंद्रेश्वर नगर में रहने वाले शिवा का अपने ही कमरे में रहने वाले रिश्तेदार में भाई छोटू के साथ खाना खाने के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बात इतनी बढ़ गई कि छोटू ने शिवा की छाती पर चाकू से हमला कर दिया।
लहूलुहान हालत में शिवा को राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए शिवा को एम्स के लिए रेफर कर दिया। इलाज के दौरान एम्स में शिवा ने दम तोड़ दिया।

आखिरकार मेडिकल स्टोर को ड्रग इंस्पेक्टर ने लगाया ताला

एम्स ऋषिकेश के पास न्यू साईं मेडिकल स्टोर को अग्रिम आदेश तक के लिए ड्रग इंस्पेक्टर ने ताला लगाकर बंद कर दिया है। ड्रग इंस्पेक्टर ने यह कार्रवाई मेडिकल स्टोर के संचालक और कर्मचारियों के द्वारा लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने और दवाइयां नहीं देने कि शिकायत मिलने के बाद की है।
बता दें कि कुछ दिनों पहले एम्स में भर्ती एक मासूम के इलाज के लिए दवाइयां नहीं देने का आरोप मेडिकल स्टोर संचालक पर लगा था। उससे पहले भी कई बार मेडिकल स्टोर संचालक पर इसी प्रकार के आरोप लगते रहे हैं। लगातार कई बार शिकायत मिलने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने निरीक्षण कर मेडिकल स्टोर संचालक को हिदायत भी दी। बावजूद इसके मेडिकल स्टोर संचालक अपनी हरकत से बाज नहीं आया। आखिरकार ड्रग इंस्पेक्टर को उच्चाधिकारियों के आदेश पर मेडिकल स्टोर पर ताला लगाना पड़ा। कार्रवाई के दौरान मेडिकल स्टोर संचालक और कर्मचारी ड्रग इंस्पेक्टर के साथ भी बहस करते हुए दिखाई दिए। ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने बताया कि लगातार मेडिकल स्टोर संचालक की शिकायतें स्वास्थ विभाग को मिल रही थी। इसको लेकर कई बार मेडिकल स्टोर संचालक को चेतावनी देकर छोड़ा गया। लेकिन मेडिकल स्टोर संचालक ना तो खुद सुधरा न हीं अपने कर्मचारियों को सुधारने की नसीहत दी। आखिरकार मजबूरी में स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल स्टोर पर ताला लगाना पड़ा है।

इंजेक्शन लगाने के बाद झोलाझाप मौके से फरार, युवक की मौत

मुनिकीरेती के शीशम झाड़ी क्षेत्र में स्थित एक झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के बाद एक युवक की कुछ ही देर में मौत हो गई। पेट में दर्द की शिकायत लेकर यह युवक क्लीनिक पहुंचा था।
सूचना पाकर मौके पर भीड़ जमा हो गई और क्लीनिक में लोगो ने तोड़फोड़ कर दी। झोलाछाप मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूछताछ की। मृतक के घर जमा भीड़ ने ऐसे झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, शीशम झाड़ी मुख्य मार्ग गली नंबर-12 निवासी सुनील पाल (35 वर्ष ) पुत्र घसीटू पाल को सोमवार की सुबह पेट में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद वह बगल में स्थित एक क्लीनिक में गया, जहां स्वयं को डाक्टर बता कर श्री हरि मेडिकल एंड क्लीनिक के नाम से क्लीनिक का संचालन कर रहे मृत्युंजय ने उसका इलाज किया।
स्वजन के मुताबिक मृत्युंजय ने सुनील को दो इंजेक्शन लगाए।इंजेक्शन लगवाने के बाद जैसे ही सुनील 50 कदम की दूरी पर स्थित अपने घर पहुंचने को निकला तो सड़क पर ही गिर गया। उसे राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोग ने झोलाछाप की क्लीनिक पर तोड़फोड़ की। झोलाछाप मृत्युंजय मौके से फरार हो गया। कैलाश गेट पुलिस चौकी को सूचना दी गई, जिसके बाद चौकी प्रभारी योगेश पांडे मौके पर पहुंचे। मृतक के पिता घसीटू पाल ने बताया कि सुनील शादीशुदा है, उसके दो बच्चे हैं, वह आटो चलाता है। गुस्साए लोग झोलाछाप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

1292 केस मिलने के साथ आज 5 संक्रमित लोगो की मौत

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद अब मरीजों की मौत के आंकड़े भी बढ़ गए हैं। सोमवार को विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे पांच संक्रमितों की मौत हो गई। कोरोना से एक ही दिन में इतनी संख्या में मरीजों की मौत का आंकड़ा 23 जून 2021 के बाद सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार सोमवार को एम्स ऋषिकेश में तीन, दून मेडिकल कॉलेज में एक जबकि पौड़ी जिले में एक संक्रमित की मौत हुई है।
इसके साथ ही राज्य में कोरोना से मरने वालों का कुल आंकड़ा अब 7429 हो गया है। सोमवार को देहरादून में 441, हरिद्वार में 254, नैनीताल में 220, यूएस नगर में 193 नए मरीज मिले। इसके अलावा अल्मोड़ा में 36, बागेश्वर में सात, चमोली में 15, चम्पावत में सात, पौड़ी में 56, पिथौरागढ़ में 12, रुद्रप्रयाग में 14, टिहरी में 28 और उत्तरकाशी में नौ नए संक्रमित मिले हैं।
राज्य भर के अस्पतालों से सोमवार को 294 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया जिससे एक्टिव मरीजों की संख्या 5009 हो गई है। राज्य में कोरोना संक्रमण की दर 7.57 प्रतिशत जबकि मरीजों के ठीक होने की दर 94 प्रतिशत से अधिक चल रही है। सोमवार को कुल 15 हजार सात सौ के करीब सैंपलों की रिपोर्ट लैब से मिली जबकि 21 हजार के करीब सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

पर्यटकों सहित कोरोना के 30 नए मामले मिले
मुनिकीरेती, ऋषिकेश में कोरोना की रफ्तार नहीं थम रही है। सोमवार को दिल्ली के पांच पर्यटकों समेत 30 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। सभी मरीजों को आईसोलेट कराने की प्रक्रिया में स्वास्थ्य विभाग की टीम जुट गई है। मुनिकीरेती में कोविड नोडल अधिकारी डा. जगदीश जोशी ने बताया की 16 लोगों के एंटीजन रैपिड टेस्ट लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। जबकि चार लोगों की रिपोर्ट निजी लैब से आई है। मरीजों को आईसोलेट किया जा रहा है। वहीं, ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल में हुई जांच में 10 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एसएस यादव ने बताया कि अस्पताल में 137 लोगों की आरटीपीसीआर और 50 लोगों का एंटीजन रैपिड टेस्ट हुआ था, इनमें 10 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। दो लोगों को कोरोना दवा की किट दी गई है। सभी को होम आईसोलेट किया गया है।

अचानक सेवाओं से हटाने पर कर्मचारियों का हंगामा, कनक धनाई ने संभाली कमान

शनिवार को ऋषिकेश एम्स परिसर में एम्स प्रशासन मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा। उत्तराखंड जनएकता पार्टी के संस्थापक सदस्य एवम ऋषिकेश विधानसभा सीट से प्रत्याशी कनक धनाई, निष्काषित 98 कर्मचारियों समेत सैकड़ों की संख्या में लोग एम्स परिसर में एकत्र हो विरोध के नारे लगाने लगे।
बता दें कि एम्स में रोजगार में भ्रष्टाचार एवम इलाज में अव्यस्थाओं को लेकर लोग आए दिन परेशान रहते हैं। एम्स से त्रस्त कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से एम्स प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। ऐसे में 98 कर्मचारियों को एक साथ नौकरी से निकाल दिया गया, उपरोक्त सूचना जैसे ही धनाई तक पहुंची वे तुरंत 98 निष्काषित कर्मचारियों समेत एम्स प्रसाशन का घेराव करने पहुंच गए एवम कर्मचारियों को निकाले जाने के स्पस्टीकरण को लेकर नारेबाजी करने लगे। इतने में उजपा के तमाम समर्थक एवम इलाज कराने आये हुए लोग भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। लंबे समय की इंतज़ार के बाद जब कोई प्रतिक्रिया नही दी गई तो भीड़ प्रशासनिक कक्ष के बाहर पहुंचकर नारेबाजी करने लगी। स्थिति अनियंत्रित होती देख मौके पर पुलिस बल भी पहुँच गया। काफी देर तक बातचीत का आश्वाशन देकर भी जब कोई बातचीत करने हेतु नही आया तो प्रदर्शन उग्र हो गया। पुलिस ने भी जब स्थिति हात से निकलती देखी तो भारी मात्रा में पीएससी बुलानी पड़ी। परिस्थिति को भांपते हुए मौके पर तहसीलदार समेत उप जिला प्रशाशन भी पहुंच गया।
इस मौके पर कनक धनाई ने कहा कि एम्स में रोजगार में हो रही दलाली, स्वास्थ्य सुविधाओं में अव्यवस्थाओं एवम पार्किग में मची लूट को लेकर हम लंबे समय से समाधान एम्स अभियान चला रहे हैं। ऐसे में जैसे ही निकाले गए कर्मचारियों में से ही किसी ने सूचना दी कि टीडीएस कंपनी द्वारा 98 अटेंडेंट को एक साथ हटा दिया गया है तो हम सभी निष्काषित कर्मचारियों के साथ सुबह ही एम्स प्रशासन से जवाब मांगने आ गए। परंतु हमे बस लटकाया जा रहा है कोई संतोषजनक निष्कर्ष नहीं निकाला जा रहा, आवाज को दबाने हेतु पुलिस बल का सहारा लिया जा रहा है। परंतु हम सभी लोग बिना अपना हक लिए यहां से हटने वाले नहीं हैं।
एम्स प्रशासन की ओर से कार्यवाही हेतु 1 हफ्ते का समय मांगा गया है तथा यह निश्चित हुआ है कि 30 जनवरी तक 98 की अटेंडेंट की तनख्वाह यथावत मिलती रहेगी तथा निकाले गए अटेंडेंट को टीडीसी कंपनी उत्तराखंड में किसी भी विभाग में रोजगार मुहैया कराएगी।
मौके पर गुरुमुख सिंह, सोम अरोड़ा, हिमांशु पंवार, चंद्रकांत कलूडा़, रवि कलूडा़, शिवम प्रजापति, अभिषेक शर्मा, शिव प्रसाद रतूड़ी, नितिन पोखरियाल, अभिषेक रावत, निखिल वर्मा, सचिन सेमवाल समेत उजपा के तमाम कार्यकर्ता तथा इलाज कराने आये लोग एवम उनके परिजन प्रदर्शन में मौजूद रहे।

खरोला ने एम्बुलेंस में ईधन भराने पर 50 प्रतिशत मूल्य माफ़ करने की मांग की

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने जानकारी देते हुए बताया कि आज ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एम्स एंबुलेंस यूनियन के शपथ ग्रहण समारोह में बतौर समिति संरक्षक जाने का अवसर प्राप्त हुआ। इस अवसर पर समिति द्वारा दीपिका अग्रवाल को अध्यक्ष बनने व सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं और बधाई दी।
खरोला ने कहा कि एम्बुलेंस एक आपातकालीन परिस्थिति में उपयोग होने वाला वाहन है। मरीजों को अस्पताल ने जाने और लाने के काम आती है। इसमें आपातकालीन उपकरण उपलब्ध होते है जो मरीजों को तुरंत राहत पहुंचाते है। यह मरीजों को जल्द से जल्द चिकत्सा संस्थानों और अस्पताल तक ले जाती है।
खरोला ने कहा कि एम्बुलेंस के ड्राईवर रात दिन मरीजो को अस्पताल तक जल्द से जल्द पहुचाने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालकर तीव्र गति से पहुंचते है और मरीजो की जान को बचाते है उसकी उनकी जितनी तारीफ़ की जाए कम है।
खरोला ने कहा कि कोरोना काल के दौरान जब सब महामारी के डर से घर पर थे तो वही एम्बुलेस में कार्यरत ड्राईवर और एम्बुलेंस के सहायक कोरोना के संक्रमित मरीजो को अस्पताल तक ले जाने में अपने कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कर रहे थे।
खरोला ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि एम्बुलेंस की गाड़ी में लगने वाले समस्त टैक्स को माफ़ करे और हर बार ईधन भराने पर 50 प्रतिशत मूल्य कम करे।

एम्स कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नही किया जायेगा-खरोला

एम्स के सुरक्षा कर्मियों का धरना रविवार को भी जारी रहा। उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने उत्पीड़न के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
रविवार को वीरभद्र रोड पर एम्स कर्मचारियों के धरने को कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि एम्स कर्मचारियों का उच्च अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा शोषण किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब से एम्स बना है, तब से कई दफा कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। यहां आए दिन छोटे कर्मचारियों के शोषण की खबरें सामने आती रही हैं। भर्ती में धांधली का मुद्दा भी उछला है। कहा कि कांग्रेस कर्मचारियों के साथ है। अगर इनकी मांगों का संज्ञान नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। मौके पर राजेन्द्र गुसाईं, प्रदीप कुमार, भारत सिंह पयाल, पंकज रावत, मेहरबान सिंह राणा, प्यार सिंह राणा आदि मौजूद रहे।

मोबाइल चुराने वाला गिरफ्तार, एम्स की लाईब्रेरी से किया था चोरी

कोतवाली पुलिस के मुताबिक शिकायकर्ता इति जैन पुत्री डॉक्टर पंकज जैन निवासी न्यू आवास विकास जेवी जैन डिग्री कॉलेज रोड, सहारनपुर उत्तर प्रदेश हाल निवासी एमीबीबीएस अंतिम वर्ष एम्स, ऋषिकेश ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया कि उसका और एक अन्य का मोबाइल एम्स की लाइब्रेरी से अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर लिया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धारा में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। छानबीन के बाद संदिग्ध की पहचान की गई। जिसे यूपी के बरेली से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को मोबाइल चोर की पहचान वीरपाल पुत्र ओमपाल सुमन निवासी ग्राम सेमी, खेड़ी बहेड़ी देवरनिया, बरेली यूपी के रूप में कराई है। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि चोरी का माल बरामद होने पर धारा 411 की भी बढ़ोत्तरी की गई है।

स्थानीय लोगों ने कूड़े के ढे़र को हटाने की मांग की

जहां एक तरफ भारत में स्वच्छता अभियान जोरो से चलाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर कूड़े का ढेर राहगीरों का मुसीबत बना हुआ है। यह कहना है स्थानीय लोागों का।
उन्होंने बताया कि टिहरी विस्थापित कॉलोनी के निकटतम क्षेत्र कृष्णा नगर कॉलोनी की ओर जाते हुए मार्ग पर कई वर्षों से कूड़ा का जमा हो रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों के लिए बीमारी जैसे समस्या उत्पन्न हो रही है। बड़े ही चिन्तनीय विषय है कि जिस मार्ग पर कूड़े के ढेर पड़े हुए हैं यह मार्ग ’अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ को जोड़ते हुए कोयल घाटी ऋषिकेश के लिए निकलता है। लगभग प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग इस मार्ग पर आवागमन करते रहते है, जो ग्रामीणों के लिए एक मुसीबत बना हुआ है, जिससे अनेकों प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो रही है।
समाजसेवी नवीन नेगी ने बताया कूड़े का ढेर विगत वर्षों से जमा हो रहा हैं, जिसकी ओर प्रशासन का ध्यान बिल्कुल नहीं जा रहा है, जो राहगीरों के लिए बड़ी समस्या का कारण बना हुआ है। कूड़े का ढेर कृष्ण नगर कॉलोनी के 350 मीटर के दायरे में पड़े हुए हैं।
समाजसेवी अनिल रावत ने बताया ग्रामीणों को इस मार्ग पर चलना मतलब बीमारी को निमंत्रण जैसा प्रतीत हो गया है, जो राहगीरों के लिए बडी समस्या हो रही है, सड़क पर लबालब कूड़े के ढेर ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो रहा है।