सीएम धामी ने 1456 युवाओं को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर युवाओं के दिलों में अपनी जगह बना चुके हैं। देहरादून में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने आज 1456 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें सचिवालय प्रशासन विभाग में चयनित 109 समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी और शिक्षा विभाग में चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एलटी) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में अब सरकारी नौकरी केवल मेहनत और योग्यता के आधार पर मिलेगी, न कि किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार से।

पिछले चार वर्षों में धामी सरकार ने 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर देकर यह संदेश दिया है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील, पारदर्शी और प्रतिबद्ध है। इन नियुक्तियों के पीछे मुख्यमंत्री धामी का गहन मंथन, स्पष्ट नीति और दिन-रात की मेहनत है। उन्होंने खुद भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी मशीनरी के साथ बैठकर व्यापक रूपरेखा तैयार की, ताकि एक ऐसी व्यवस्था बने जिसमें केवल मेहनत और ईमानदारी ही सफलता की कुंजी हो।

जब उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का पेपर प्रकरण सामने आया, तो विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। पर उस कठिन समय में मुख्यमंत्री धामी भागे नहीं, बल्कि युवाओं के बीच जाकर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। युवाओं की मांग पर विवादित परीक्षा को रद्द कर मात्र तीन माह में पुनः परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश देकर उन्होंने यह साबित किया कि उनके लिए राजनीति नहीं, युवाओं का भविष्य सर्वाेपरि है।

विपक्ष ने जहां फेक नैरेटिव तैयार करने और भ्रम फैलाने में समय गँवाया, वहीं सीएम धामी ने सिस्टम के भीतर झांककर उसे दुरुस्त करने का साहस दिखाया। परिणामस्वरूप, आज उत्तराखण्ड में भर्ती प्रक्रिया इतनी पारदर्शी, तेज़ और निष्पक्ष है कि विपक्ष के सारे आरोप खुद बेमानी साबित हो रहे हैं। अभिमन्यु की तरह विपक्ष के सियासी चक्रव्यूह में उतरने वाले मुख्यमंत्री धामी ने एक ही वार में युवाओं का विश्वास जीत लिया। आज इतने बड़े पैमाने पर हुई यह नियुक्ति उन सबके लिए करारा जवाब है जो सरकार पर सवाल उठा रहे थे।

मुख्यमंत्री धामी का यह कदम केवल नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की युवा नीति, रोजगार सृजन और सुशासन की भावना को भी दर्शाता है। चार साल में 26,500 सरकारी नौकरियाँ देकर उन्होंने साबित किया है कि उत्तराखण्ड में योग्यता को सम्मान मिल रहा है, मेहनत को पहचान मिल रही है, और युवाओं के सपने अब साकार हो रहे हैं। धामी सरकार का यह संकल्प ही उसे अन्य सरकारों से अलग बनाता है

824 बहनों को नवरात्रि के प्रथम दिन मिली स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में नियुक्ति

नवसंवत्सर और चौत्र नवरात्रि के अवसर पर प्रदेश की 824 बहनों को स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में विभिन्न जनपदों में नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 187 एएनएम को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। नारी शक्ति उत्सव के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, ग्राम्य विकास एवं कृषि मंत्री गणेश जोशी एवं परिवहन मंत्री चंदन राम दास भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चयनित सभी एएनएम को बधाई देते हुए कहा कि हमारी इन बहनों को जन सेवा करने का भगवान ने सुनहरा अवसर दिया है, जन सेवा करने से इनको जो संतुष्टि मिलेगी एवं लोगों का जो आशीर्वाद मिलेगा उससे इनका जीवन पूर्णतः सफल होगा। प्रदेश के सुदूर गांवों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले इसके लिए इन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्ति प्रदान की जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं व शिशुओं की भी देखभाल करने की इन पर जिम्मेदारी होगी। स्वास्थ्य कार्यकर्ता बहनें अपने क्षेत्र के उपकेन्द्र के आस-पास की आबादी को उपचार प्रदान करने की जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी। प्रसूती माताओं को सहयोग करने के साथ-साथ गर्भावस्था की जाँच, पंजीकरण सहित नवजात शिशु की देखभाल आदि कार्यों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका हमारी एएनएम निभाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृ शक्ति को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश मातृ शक्ति के जीवन में कल्याणकारी परिवर्तन लाने और उनके भविष्य को उत्कृष्ट बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। राज्य में महिलाओं को 30 प्रतिक्षत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। आज हमारी बहन-बेटियों ने हर क्षेत्र में अपना एक अलग स्थान बनाया है और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का जो सरकार ने लक्ष्य रखा है, उसमें हमारी मातृशक्ति का सहयोग एवं आशीर्वाद जरूरी है। उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी विभागों द्वारा आगामी 10 साल के रोडमैप पर कार्य किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज जिन एएनएम को नियुक्ति दी गई हैं, ये सभी अगले पांच सालों तक प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देंगी। अब प्रदेश में 92 प्रतिशत एएनएम उपलब्ध हो गये हैं। जल्द ही मेडिकल कॉलेजों में 171 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की जा रही है। इससे अल्मोड़ा, श्रीनगर एवं हल्द्वानी में असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी दूर हो जायेगी। जल्द ही 300 एमबीबीएस डॉक्टर पासआउट हो रहे हैं। उन्हें भी जल्द नियुक्ति पत्र दिये जायेंगे। राज्य सरकार का प्रयास है कि 2024 तक प्रदेश में शत प्रतिशत एमबीबीएस डॉक्टर की नियुक्ति हो जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य चौपाल लगाये जायेंगे। इसके लिए पूरा रोस्टर बनाया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी नवनियुक्त एएनएम को बधाई देते हुए कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में हमारी ये बहने महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जिस सेवा भाव से स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किये बिना लाखों लोगों की जान बचाई, इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में एएनएम की नियुक्ति होने से, वहां लोगों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी राहत मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को अग्रणी बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। युवाओं एवं मातृशक्ति को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने में सतत प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार का कल एक साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है, इस दौरान जनहित में अनेक निर्णय लिये गये हैं। समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए कार्य किये गये हैं।
इस अवसर पर कुलपति हे.न.ब. चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमचंद्र पाण्डे, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह, प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आशुतोष सयाना, अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।