ऋषिकेश में आवास से लेकर पर्यटन और यातायात तक बदलेगी तस्वीर, विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी रखा जाएगा ध्यान

देहरादून। धार्मिक और पर्यटन नगरी ऋषिकेश के सुनियोजित और सर्वांगीण विकास को लेकर धामी सरकार ने कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आवास विभाग ने ऋषिकेश महायोजना को जल्द अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज करते हुए इससे जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर दिया है। इसी क्रम में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल के संबंधित विकास प्राधिकरणों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में भवन ऊंचाई, सड़क चौड़ाई, यातायात, आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों सहित महायोजना से जुड़े विभिन्न तकनीकी और नियोजन संबंधी विषयों पर चर्चा की गई।

तीनों प्राधिकरणों के प्रस्तावों पर शासन स्तर से होगी कार्रवाई
ऋषिकेश महायोजना का क्षेत्र तीन जिलों से जुड़ा होने के कारण देहरादून, टिहरी और पौड़ी के विकास प्राधिकरणों से प्रस्ताव मांगे गए थे। पूर्व में शासन स्तर पर हुई बैठक में संबंधित प्राधिकरणों को अपने-अपने बोर्ड से अनुमोदित प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके अनुपालन में टिहरी और पौड़ी प्राधिकरणों ने अपने प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराए। बैठक में प्राप्त प्रस्तावों और संबंधित अधिकारियों की टिप्पणियों का परीक्षण किया गया। क्षेत्र की आवश्यकता और सड़क की चौड़ाई के अनुरूप भवनों की ऊंचाई निर्धारित करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

टिहरी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग की मौजूदगी और विकासात्मक

आवश्यकताओं को देखते हुए भवन ऊंचाई को मैदानी क्षेत्रों के मानकों के अनुरूप रखने का अनुरोध किया गया है। वहीं, पौड़ी जनपद का क्षेत्र राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से सटा होने के कारण यहां पर्यावरणीय संवेदनशीलता और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भवन ऊंचाई सीमित रखने के सुझाव को उपयुक्त माना गया।

विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर जोर

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को महायोजना से जुड़े सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र के लिए महायोजना केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के शहरी और आर्थिक विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश देश-विदेश के पर्यटकों के लिए प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र है। यहां पर्यटकों की संख्या के साथ शहरी आबादी, यातायात दबाव और व्यावसायिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसी विकास योजना तैयार करना जरूरी है, जो शहर के विस्तार को व्यवस्थित दिशा देने के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी बनाए रखे।

पार्किंग, सड़क और यातायात को मिलेगी नियोजित दिशा

महायोजना में आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के साथ पर्यटन गतिविधियों, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, सड़क नेटवर्क और आधारभूत ढांचे के विकास को भी समग्र रूप से शामिल किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि बढ़ते पर्यटन और शहरीकरण के बीच ऋषिकेश में नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलें और यातायात व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया जा सके।

स्थानीय जरूरतों और क्षेत्र की पर्यावरणीय

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विकास का संतुलित मॉडल तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। खासतौर पर राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से लगे क्षेत्रों में निर्माण और विकास गतिविधियों के नियोजन में पर्यावरणीय पहलुओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

अनावश्यक देरी पर सख्त रुख

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने ने संबंधित विभागों और विकास प्राधिकरणों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी या विभागीय स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए। महायोजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

धार्मिक पर्यटन के साथ आधुनिक सुविधाओं पर फोकस

धामी सरकार की मंशा ऋषिकेश को धार्मिक पर्यटन के साथ आधुनिक, सुविधायुक्त और सुव्यवस्थित पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की है। महायोजना के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र में भविष्य के आवासीय, व्यावसायिक, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के विकास को स्पष्ट दिशा मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार के अनुसार ऋषिकेश का विकास ऐसा होना चाहिए, जिसमें पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले, लेकिन शहर की पर्यावरणीय संवेदनशीलता और स्थानीय नागरिकों की आवश्यकताओं से समझौता न हो। इसी संतुलन के साथ महायोजना को शीघ्र अंतिम रूप देने की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

दूनः समाधान दिवस में 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त, डीएम ने दिए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में जन समाधान दिवस आयोजित किया गया। जन समाधान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। इस दौरान 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। जिनमें कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता एवं संवेदनशीलता के साथ करना सुनिश्चित करें तथा शिकायतकर्ता को भी कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

शिकायतकर्ता प्रस्तुत शिकायत में तहसील विकासनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत पापड़ियांन में ग्राम प्रधान द्वारा वर्ष 2023 से 2026 तक आपदा के अंतर्गत किए गए कार्यों में कथित फर्जीवाड़े एवं अनियमितता की शिकायत पर जिलाधिकारी ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिला विकास अधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को संयुक्त रूप से प्रकरण की जांच करते हुए 7 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उपलब्ध अभिलेखों, कराए गए कार्यों एवं संबंधित मद में हुए व्यय का परीक्षण करते हुए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए।

शिकायतकर्ता मोहम्मद शाहिद राव, खुर्शीदा बेगम एवं इकराम, मिहूवाला निवासी द्वारा अपनी पैतृक भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा मारपीट कर कब्जा करने का प्रयास किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रकरण में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा शिकायतकर्ता की शिकायत पर तथ्यात्मक जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

ग्राम झीवरहेड़ी, विकासनगर क्षेत्र में आबादी के बीच अवैध रूप से हैवी वेल्डिंग मशीनें लगाकर फैक्ट्री संचालित किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी विकासनगर एवं महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (जीएमडीआईसी) को संबंधित फैक्ट्री को तत्काल सील करने के निर्देश दिए। प्रकरण में जिला उद्योग केंद्र द्वारा पूर्व में किए गए निरीक्षण में पाया गया था कि संबंधित स्थल औद्योगिक उपयोग के लिए वर्गीकृत नहीं है। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं अग्निशमन विभाग की आवश्यक एनओसी भी प्राप्त नहीं की गई थी। जिलाधिकारी ने इस स्थिति के बावजूद फैक्ट्री संचालन तथा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिकायतकर्ता सूर्य प्रकाश द्वारा दोनों पैरों में कृत्रिम अंग लगवाने हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में प्रस्तुत शिकायत पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई करते हुए 15 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए।

नगर निगम एवं ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर एवं तहसीलदार सदर को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। शिकायत में चार मंजिला मकान के निर्माण का भी आरोप लगाया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौके का स्थलीय निरीक्षण करते हुए भूमि एवं निर्माण से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए तथा यदि अतिक्रमण अथवा अवैध निर्माण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

विशेष बच्चे प्रिंस अग्रवाल के लतिका राय फांउडेशन में प्रवेश के संबंध में प्राप्त शिकायत का जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। शिकायतकर्ता बच्चे के पिता एवं एकमात्र अभिभावक द्वारा बताया गया कि फाउंडेशन में प्री-एडमिशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण किए जाने के बावजूद प्रवेश प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई तथा बार-बार अनुरोध के बाद भी उचित समाधान नहीं हो पाया। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करते हुए बच्चे के हित में आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को संयुक्त रूप से मामले की जांच कर 7 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डीएम ने प्रकरण के सभी तथ्यों की निष्पक्षता से जांच की जाए तथा बच्चे के हित एवं उसके सर्वांगीण विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिक रूप से निस्तारित न किया जाए, बल्कि शिकायत की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समयबद्ध निस्तारण, पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने परेड ग्राउंड में किया ध्वजारोहण

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सामूहिक गायन से हुआ। इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान जन गण मन का सामूहिक गायन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया तथा फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 14 पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया। जिसमें 7 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा के आधार पर एवं 6 को विशिष्ट कार्यों के आधार पर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों, वीर बलिदानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों, अर्धसैनिक बलों एवं पुलिस के बहादुर जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले राज्य आंदोलनकारियों एवं शहीदों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक शीघ्र राहत पहुंचाना, घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना तथा जिन लोगों ने अपने घर एवं आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करना है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव सामग्री पहुंचाने के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल एवं विद्युत लाइनों को शीघ्र दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 अनेक दृष्टियों से ऐतिहासिक है। इस वर्ष देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है तथा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इसी वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती तथा सिक्ख पंथ के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष भी मनाया जा रहा है। उन्होंने विभाजन विभीषिका के दौरान अमानवीय यातनाएं झेलने, अपनों को खोने और विस्थापन का दर्द सहने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। देश विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा उत्पादन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान, अनुसंधान, स्टार्टअप, खेल, योग एवं आयुर्वेद सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ वीरभूमि भी है। राज्य सरकार अपने वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये तथा परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की अनुग्रह राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है। प्रत्येक बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित करने के साथ सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री की माणा, आदि कैलाश, हर्षिल एवं मुखबा की यात्राओं तथा राष्ट्रीय खेलों में सहभागिता से उत्तराखंड को विकास, पर्यटन एवं खेल के क्षेत्र में नई दिशा मिली है। राज्य के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री ने आगामी 25 वर्षों के लिए उत्तराखंड के विकास का स्पष्ट विजन भी प्रदेशवासियों के सामने रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में केदारनाथ की पावन धरती से प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा’ के मंत्र को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार ने वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल एवं रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे तथा विभिन्न रोपवे परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी को नई गति मिली है। जमरानी, लखवाड़, किशाऊ एवं सौंग बांध परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास एवं शीतकालीन यात्रा जैसी पहलों से प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के साथ पर्यटन एवं अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है, जबकि इस वर्ष कांवड़ मेले में 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र कांवड़ लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। शीतकालीन यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ महापर्व में नया रिकॉर्ड बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब धार्मिक पर्यटन के साथ वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग एवं वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु एवं पर्यटक यहां से एक अनूठा अनुभव लेकर लौटे और राज्य का ब्रांड एंबेसेडर बने। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। होम-स्टे योजना एवं मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से भी युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। प्रथम चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा तथा इसके लिए 7 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड ने खेलों के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के अंतर्गत 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के साथ खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण, औद्यानिकी, विज्ञान एवं नवाचार तथा सुशासन के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश की 3 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को 3 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा निःशुल्क नहर सिंचाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की गई है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट इन्फॉर्मेशन सेंटर एवं स्टैम लैब्स जैसी पहलें राज्य में विज्ञान एवं तकनीक को बढ़ावा दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं तथा स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1,750 हो गई है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक एवं इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। उत्तराखंड को लगातार चार वर्षों से ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ का गौरव भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून एवं नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिली है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां विकास के साथ विरासत, रोजगार के साथ पलायन का समाधान, आधुनिकता के साथ संस्कृति और पहचान की मजबूती सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने की सात महत्वपूर्ण घोषणाएं

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास एवं जनकल्याण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं –

’’1.’’ चमोली, पौड़ी एवं अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।

’’2.’’ प्रदेश के प्रथम ‘युवा आयोग’ की स्थापना की जाएगी।

’’3.’’ सीमावर्ती ग्रामों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों एवं अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा।

’’4.’’ वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा का विस्तार कर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।

’’5.’’ प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राज्यांश 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।

’’6.’’ 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। आईआईटी एवं आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जाएगी।

’’7.’’ प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों का विश्वास सरकार के लिए राजनीतिक समर्थन मात्र नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ कार्य करती रहेगी।

दून विवि में सीएम धामी ने युवाओं से किया संवाद, कहा बदलती तकनीक के अनुरूप फ्यूचर के लिये रेडी हो युवा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं से संवाद किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने पलायन रोकने, युवाओं को रोजगार से जोड़ने, उत्तराखंड को उच्च शिक्षा का हब बनाने, विज्ञान, तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में रोजगार की नई संभावनाओं तथा देहरादून में यातायात जाम की समस्या के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल पूछे।

पलायन रोकने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने से संबंधित सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब रिवर्स माइग्रेशन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं सौर स्वरोजगार योजना सहित पर्यटन, उद्योग और फिल्म नीति के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और उनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उच्च शिक्षा को मजबूत करने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध होंगे तथा युवाओं को आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

विज्ञान, तकनीक एवं एआई के दौर में रोजगार की संभावनाओं से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी बदलावों के साथ रोजगार के स्वरूप में परिवर्तन हो रहा है और नई संभावनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें बदलती तकनीक के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करते हुए ‘फ्यूचर रेडी’ बनना होगा। सरकार भी युवाओं को आधुनिक कौशल एवं नई तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

देहरादून में यातायात जाम की समस्या के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इसके स्थायी समाधान की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। बिंदाल और रिस्पना नदी के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से देहरादून शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और जाम की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी।

सीएम धामी ने दून विवि के बॉयोलॉजिकल साइंस प्रयोगशाला भवन और केंद्रीय पुस्तकालय भवन का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ सत्र 2026-27 एवं युवा संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल कक्षा और परीक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, नई सोच विकसित करने और जीवन की दिशा निर्धारित करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दून विश्वविद्यालय में 11 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित बॉयोलॉजिकल साइंस प्रयोगशाला भवन तथा 17 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से निर्मित केंद्रीय पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया। साथ ही, दून यूनिवर्सिटी कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 88.4 एफएम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ये संस्थागत सुविधाएं विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को नई गति देने के साथ ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि दून विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जायेगा। दून यूनिवर्सिटी कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 88.4 एफएम के सफल संचालन के लिये कार्यक्रम समन्वयक एवं तकनीकी सहायक के 02 पद सृजित किये जायेंगे। दून विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 02 इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था की जायेगी। दून विश्वविद्यालय में विदेशी भाषा विभागों को सुदृढ़ किया जायेगा। ताकि वे राज्य के अन्य शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने और राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध हो सके। विदेशी भाषाओं स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, चाईनीज एवं जापानी भाषा विभागों के लिये यथोचित पदों का सृजन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। जिस देश का युवा सपने देखने का साहस, उन्हें पूरा करने का संकल्प और कठिन परिश्रम करने की क्षमता रखता है, उस देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। भारत की विशाल युवा आबादी विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया जैसी महत्वपूर्ण पहलें संचालित की जा रही हैं। आज युवा नौकरी तलाशने के साथ-साथ उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युग नवाचार का है। राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में एआई, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसी परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ही शिक्षा और शोध की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में नए महाविद्यालयों और मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, आईटी लैब एवं परीक्षा भवन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नई भर्तियों के माध्यम से भी प्रयास किए जा रहे हैं । मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के माध्यम से प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है तथा उत्कृष्ट शोध कार्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी सरकार द्वारा आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। यूपीएससी, एनडीए और सीडीएस जैसी परीक्षाओं की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें युवाओं की मेहनत के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो। राज्य में देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानूनों में से एक लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि इसी पारदर्शी व्यवस्था के परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का युवा विकास संबंधी विजन केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे, ऑर्गेनिक फार्मिंग, पर्यटन और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं, ताकि रोजगार की तलाश में युवाओं को अपनी मिट्टी और घर-परिवार से दूर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की जवानी और पानी दोनों उत्तराखंड के काम आएं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएं, अपनी क्षमताओं को पहचानें, नई सोच के साथ आगे बढ़ें और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के संदेश का उल्लेख करते हुए युवाओं से लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर प्रयास करते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

बाल लिंगानुपात में सुधार और बेटियों के प्रति सकारात्मक सामाजिक वातावरण बनाने की डीएम की पहल

बाल लिंगानुपात में सुधार एवं बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से जनपद के समस्त शैक्षणिक संस्थानों में 15 अगस्त 2026 को कन्या भ्रूण संरक्षण प्रतिज्ञा दिलाई जाएगी।

जिला समुचित प्राधिकारी, पीसीपीएनडीटी/जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के क्रम में जनपद के समस्त डिग्री कॉलेजों, विद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 15 अगस्त को अपने-अपने स्तर पर कन्या भ्रूण संरक्षण प्रतिज्ञा दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रतिज्ञा के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को लिंग भेद, कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने, बेटियों को बेटों के समान प्यार, पोषण, सुरक्षा एवं आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने तथा बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन के लिए सदैव प्रयासरत रहने का संकल्प दिलाया जाएगा।

प्रतिज्ञा में यह भी संकल्प लिया जाएगा कि घर, समाज एवं आसपास ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां प्रत्येक बेटी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे तथा गरिमा और सम्मान के साथ जीवन जी सके।

जिला प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कार्मिकों को कन्या भ्रूण संरक्षण के प्रति जागरूक करें।

भाऊवाला से लौटते समय नंदा की चौकी पहुंचे सीएम धमाी, एप्रोच रोड के पुनर्निर्माण कार्य का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सहसपुर के भाऊवाला में आयोजित महिला संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम से वापस लौटते समय प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी पुल के एप्रोच रोड के पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यस्थल पर पहुंचकर पुनर्निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा यातायात संचालन की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

उल्लेखनीय है कि नंदा की चौकी पुल का एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशन में युद्धस्तर पर कार्य करते हुए एप्रोच रोड का पुनर्निर्माण मात्र 12 घंटे के भीतर पूर्ण कर लिया गया, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था शीघ्र सामान्य हो सकी और आमजन को होने वाली असुविधा से राहत मिली।

मुख्यमंत्री ने पुनर्निर्माण कार्य में सलंग्न अधिकारियों, अभियंताओं एवं कार्मिकों के त्वरित एवं समर्पित प्रयासों की सराहना भी की।

महिलाओं को निर्णय लेने वाली शक्ति और नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के भाऊवाला में तीज उत्सव के अवसर पर आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया तथा बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उनके विचार, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से खुलकर संवाद करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां तभी अधिक प्रभावी बनती हैं जब उनमें जनता की आवाज और अनुभव शामिल होते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड की मातृशक्ति आने वाले समय में भी राज्य के विकास और समृद्धि की सबसे बड़ी शक्ति बनेगी तथा ‘सशक्त नारीदृसमृद्ध उत्तराखंड’ का संकल्प साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को तीज पर्व और स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की वास्तविक शक्ति उसकी मातृशक्ति है, जिसने कठिन परिस्थितियों में परिवार, समाज और राज्य को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के संघर्ष से लेकर आज के विकास यात्रा तक महिलाओं की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं केवल घरेलू दायित्वों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों, स्वरोजगार, स्थानीय उत्पादों, कृषि, बागवानी, होमस्टे, उद्यमिता और तकनीक आधारित गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि उन्हें अवसर, सम्मान, नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिली है। उज्ज्वला योजना, मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, लखपति दीदी योजना, मिशन शक्ति, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी अनेक पहलों ने महिलाओं के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का मूल उद्देश्य महिलाओं को विकास की सहभागी और देश की आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी महिलाओं की शिक्षा, स्वरोजगार, कौशल विकास, आजीविका, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत तथा सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। एकल महिला स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और लखपति दीदी योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे मंच विकसित किए जा रहे हैं, जबकि ‘ड्रोन दीदी’, ‘सोलर सखी’ और ‘महिला सारथी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आधुनिक तकनीक और नए आर्थिक अवसरों से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति के स्वास्थ्य और सम्मान को सरकार सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। ईजा-बोई शगुन, महालक्ष्मी किट, पोषण योजनाएं, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि, नंदा गौरा योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क धार्मिक यात्रा जैसी पहलें इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सम्मानित और सशक्त नागरिक के रूप में स्थापित करना है।

इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

कांवड़ यात्रा के दौरान ईंधन एवं रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाने हेतु जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल की अध्यक्षता में ऋषिकेश क्षेत्र के समस्त पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान ईंधन एवं एलपीजी की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी गैस एजेंसियों को घरेलू एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं को समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा अवधि के दौरान रविवार को भी सभी गैस एजेंसियां अनिवार्य रूप से खुली रहेंगी, ताकि श्रद्धालुओं एवं स्थानीय उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देशित किया गया कि गैस वितरण में प्रयुक्त सभी लोडर वाहनों पर एजेंसी की स्पष्ट फ्लैक्सी/बैनर लगाए जाएं। प्रत्येक वाहन में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) एवं तौलने का कांटा अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। साथ ही सभी डिलीवरी कर्मियों के पास ड्रेस एवं पहचान पत्र (आईडी कार्ड) होना भी सुनिश्चित किया जाए।

जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा की संपूर्ण अवधि में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखें तथा सभी पेट्रोल पंप 24×7 (दिन-रात) संचालित किए जाएं, जिससे श्रद्धालुओं, आपातकालीन सेवाओं एवं आम नागरिकों को निर्बाध ईंधन उपलब्ध हो सके।

बैठक के दौरान पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालकों ने जिला पूर्ति अधिकारी के समक्ष सुझाव रखा कि कांवड़ यात्रा के दौरान ईंधन एवं गैस के टैंकरों के निर्बाध आवागमन के लिए प्रतिदिन रात्रि 10 बजे से प्रातः 05 बजे तक मार्ग को खुला रखा जाए, जिससे आवश्यक आपूर्ति समय पर विभिन्न केंद्रों तक पहुंचाई जा सके।

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों तथा आवश्यक सेवाओं को निर्बाध रूप से ईंधन एवं रसोई गैस उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में वरिष्ठ पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली, संजीव कुमार गोयल, अनिरुद्ध गोयल, अशोक जैन, सुनील अग्रवाल, नवनीत नागलिया, दिवंबर प्रसाद लखेड़ा, मुकुल दलाल, कमल सिंह सहित क्षेत्र के अनेक प्रमुख व्यवसायी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी सरकार की त्वरित कार्रवाई, नंदा की चौकी में मात्र 12 घंटे के भीतर बहाल हुआ आवागमन

देहरादून। भारी वर्षा के चलते आज प्रातः लगभग 6ः30 बजे नंदा की चौकी स्थित पुल की एप्रोच रोड का एक छोटा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल अधिकारियों को मौके पर राहत एवं मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए लगातार अभियान चलाया और मात्र 12 घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत कर मार्ग को पुनः सुचारु रूप से आवागमन के लिए खोल दिया। मार्ग खुलते ही स्थानीय लोगों को राहत मिली तथा आवश्यक सेवाओं का संचालन भी सामान्य हो गया। एक एम्बुलेंस भी बिना किसी बाधा के मरीज को अस्पताल पहुंचाने में सफल रही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि आपदा की स्थिति में राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुल, एप्रोच रोड एवं संबंधित निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार से स्पष्टीकरण तलब करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तेजी से सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण पाया और मात्र 12 घंटे में मार्ग को पुनः चालू कराया, उससे लोगों को बड़ी राहत मिली। नागरिकों ने इसे संवेदनशील, जवाबदेह और त्वरित निर्णय लेने वाली सरकार का उदाहरण बताया।

धामी सरकार ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और जनहित सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा आपदा की हर स्थिति में सरकार पूरी तत्परता के साथ जनता के साथ खड़ी है।