राष्ट्र निर्माण में संतों का रहता है अहम योगदानः मेयर अनिता ममगाई

मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि संतों एवं महापुरुषों ने सदैव राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधा है। समाज को एक नई दिशा देने का काम किया है। राष्ट्र निर्माण में संतों का अहम योगदान रहा है।
आज कबीर चैरा आश्रम में आश्रम के ब्रहमलीन 108 महंत प्रदीप दास महाराज की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान आयोजित हुआ। मेयर अनिता ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मानव सेवा के लिए समर्पित रहें संतों का जीवन निर्मल जल के समान होता है। संतों के उपदेश सदैव प्रेरणादायी होते हैं जिन्हें आत्मसात कर व्यक्ति को अपना जीवन लोक कल्याण के कार्य में समर्पित करना चाहिए। इसी तरह महापुरुषों ने सदैव समाज का मार्गदर्शन कर मानव कल्याण के लिए प्रेरित करने का काम किया है। कहा कि मनुष्य को परोपकार के कार्य करने चारिए। गरीबों एवं असहायों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य हैं। व्यक्ति महान नहीं होता, व्यक्ति का कर्म महान होता है।

ऋषिकेश बदरीनाथ मार्ग पर स्थित कबीर चैरा आश्रम में महेंद्र कपिल मुनि की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में षड्दर्शन साधु समाज के अखिल भारतीय अध्यक्ष महंत गोपाल गिरी, रघुनाथ मंदिर के मंहत मनोज द्विवेदी, स्वामी महंत प्रकाशानंद, आचार्य मदन, स्वामी धर्मानंद, सविंद्र सिंह, महिमानंद, महंत बलवीर सिंह, महंत कृष्णानंद, मोनी बाबा, पंडित रवि शास्त्री, आनंद गिरी, स्वतंत्र मुनि, पंकज शर्मा, अभिषेक शर्मा आदि उपस्थित रहे।

राम मंदिर निर्माणः विहिप 5.25 लाख गांवों में 14 करोड़ हिंदू परिवारों से दान के लिए करेगा संपर्क

देहरादून। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा करने खातिर विश्व हिंदू परिषद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण अभियान की शुरुआत कर रहा है। इस अभियान के तहत वीएचपी देश के 5.25 गांवों में 14 करोड़ रामभक्त हिंदू परिवारों से दान के लिए संपर्क साधेगा। वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी ने इस बात की जानकारी दी।

तिवारी ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए वीएचपी हर एक राम भक्त की मदद लेगा। वीएचपी के कार्यकर्ता संतों के साथ इनके घर जाएंगे। 15 जनवरी से शुरू हो रहा यह अभियान 27 जनवरी तक चलेगा। उत्तराखंड के 73 शहर और 14 हजार 526 गांवों के 24 लाख परिवारों से इस अभियान के तहत संपर्क किया जाएगा।

वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने बताया कि यह अभियान बिल्कुल पारदर्शी होगा। हमने अभियान में एकत्र किए जाने वाले दान की देखभाल के लिए कई समितियों का गठन किया है। इसके तहत गांवों का दौरा करने वाली टीम को 18 घंटे के भीतर बताए गए बैंक में पैसा जमा करना होगा।

उन्होंने कहा कि लोग 10 रुपए से लेकर 2 हजार रुपए तक का दान कर सकेंगे। इसके लिए 10, 100, 1000 और 2000 रुपए के कूपन बनाए गए हैं। अगर कोई दो हजार से अधिक की राशि दान करना चाहता है तो उसे अलग से रसीद दी जाएगी। इसके अलावा लोग सीधे भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट में पैसे जमा करा सकते हैं।

शारदीय नवरात्र के नौवें दिन होगा दशहरा, अस्त्र-शस्त्र की पूजा का यह रहेगा समय

कोरोना काल के बीच इस वर्ष शारदीय नवरात्र के नौवें दिन विजयादशमी पर्व पड़ रहा है। इसके अलावा अष्टमी और नवमी की तिथियों की दुर्गा पूजा भी एक ही दिन होगी। नवरात्र को लेकर भक्तों में उत्साह है। सितंबर और अक्टूबर में आने वाले नवरात्र को शरदीय नवरात्र कहा जाता है।

17 अक्तूबर से शुरू होने जा रहे शारदीय नवरात्र में इस बार अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन पड़ रही हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, 24 अक्तूबर को सुबह 6रू58 बजे तक अष्टमी है और उसके बाद नवमी लग जाएगी। ऐसे में अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन करने वाले भक्त इसी दिन पूजा कर सकते हैं। अष्टमी और नवमी तिथियों की दुर्गापूजा एक ही दिन होगी। नवमी की तिथि को विजयदशमी पर्व मनाया जाएगा।

अधिमास, मलमास या पुरुषोत्तम मास 16 अक्टूबर को संपन्न होने जा रहा है। इसके बाद माता की भक्ति और उपासना का मुख्य पर्व 17 अक्तूबर से शुरू हो जाएगा, जो इस बार नौ की जगह आठ दिन का रहेगा। 17 से 24 अक्तूबर तक नवरात्र और उसके अगले दिन 25 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।

नवरात्र के नौवें दिन दशमी अर्थात दशहरा होगा। 23 अक्टूबर को सुबह 6ः55 बजे अष्टमी लगेगी, जो 24 की सुबह 6ः54 तक रहेगी। इसके बाद 6ः55 पर नवमी लग जाएगी। उन्होंने बताया कि हवन और कन्या पूजन नवमी को होगा। इसके बाद विजयदशमी पर मध्याह्न में अस्त्र शस्त्र पूजन होगा और दशहरा पूजन का समय दोपहर 1ः52 से 2ः38 तक रहेगा।

मुहूर्त का समय
अश्विनी घटस्थापना शनिवार, 17 अक्टूबर, 2020, घटस्थापना मुहूर्त – प्रातः 06ः23 से प्रातः 10ः12 तक, अवधिः 03 घंटे 49 मिनट