सरकार कर्मचारियों की हितैषी, समस्याओं का होगा शीघ्र समाधान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश भर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों से जुड़े पदाधिकारिकारियों ने भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री से कर्मचारी संगठनों ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हित में हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार सरलीकरण और समाधान के सूत्र वाक्य पर कार्य कर रही है, जो मुद्दे सरकार के सामने हैं उनका त्वरित गति से समाधान किया जाएगा।
इस दौरान अरुण पांडेय, प्रताप सिंह पंवार, बी.एस. रावत समेत विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

तीन दिवसीय दौरे से देहरादून लौटे धामी का देहरादून में भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तीन दिवसीय लखनऊ दौरे के बाद शनिवार को देहरादून पहुँचे। मुख्यमंत्री के देहरादून आगमन पर पुलिस लाइन से मुख्यमंत्री आवास तक पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच 21 साल से चल रहे परिसम्पत्ति विवाद को लेकर हुई इस बैठक को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के हितों के लिए यह दौरा ऐतिहासिक रहा। उन्होंने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि पिछले 21 सालों से उत्तर प्रदेश के साथ परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही थी परंतु समाधान तक नहीं पहुंच पा रही थी। लेकिन दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ मुख्यमंत्री स्तर की बैठक में एक-एक करके परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर एक-एक बिंदु पर सहमति बन गई। मुख्यमंत्री ने परिसंपत्तियों के बंटवारे से उत्तराखंड व क्षेत्र को होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उल्लेखनीय है बीते गुरुवार को हुई अहम बैठक में किच्छा में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की बस स्टैंड की भूमि को उत्तराखण्ड को 15 दिन के अन्दर हस्तांतरित किया जाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा वन विभाग के अवशेष 90 करोड़ के देयकों का भुगतान भी तत्काल उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को दिए जाने का निर्णय हुआ है। जनपद उधमसिंह नगर स्थित धौरा, बैगुल, नानक सागर जलाशय में पर्यटन एवं वाटर स्पोर्ट की अनुमति दी गई। ऊपरी गंग नहर में वाटर स्पोर्ट की अनुमति भी दी गई। हरिद्वार स्थित अलकनंदा पर्यटक आवास गृह का लोकार्पण दिसम्बर 2021 में किया जाएगा और तत्समय पूर्व पर्यटक आवास गृह उत्तराखंड को हस्तांतरित किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि सिंचाई विभाग की 5700 हेक्टेयर भूमि और 1700 आवासों में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के उपयोग हेतु आवश्यक भूमि एवं भवन के आकलन के लिये संयुक्त सर्वे कर शीघ्र चिन्हीकरण किया जायेगा। दोनों राज्यों के मध्य सहमति बनी कि न्यायालयों में लम्बित विभिन्न वादों को वापस लिया जायेगा और आपसी सहमति से मामलों को हल किया जायेगा। दो बैराज भारत नेपाल सीमा पर बनबसा बैराज तथा किच्छा का बैराज जो आपदा से नुकसान के कारण जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, इन बैराजों का निर्माण उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा किया जायेगा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा उत्तराखण्ड परिवहन निगम को 205 करोड़ का भुगतान करने पर सहमति बनी। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद् की उत्तराखण्ड में अवस्थित परिसम्पतियों के निस्तारण से होने वाली आय एवं देनदारियों का दोनों राज्यों को 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बंटवारा होगा।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक बड़ी संख्या में आम जनता और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सैनिक सम्मान कार्यक्रम में राजनाथ ने फिर की धामी की प्रशंसा

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पिथौरागढ़ के मूनाकोट में शहीद सम्मान यात्रा का शुभारम्भ किया एवं इस अवसर पर शहीद सैनिकों के परिजनों को किया गया सम्मानित भी किया।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक परम्परा है कि जो देश के लिए अपनी जिंदगी न्यौछावर करते हैं, उनको देवतुल्य माना जाता है। जननी और जन्मभूमि दोनों स्वर्ग के समान होते हैं। उत्तराखण्ड, देवभूमि, तपोभूमि और वीरभूमि है। उत्तराखण्ड में पांचवा धाम सैन्यधाम बन रहा है। सैन्यधाम में शहीद सैनिकों की आंगन की मिट्टी आयेगी और भविष्य में भी जो वीर सपूत देश के लिए शहीद होगें, उनके आंगन की मिट्टी भी सैन्यधाम में लाई जायेगी। सैन्यधाम में इस तरह की व्यवस्था हो कि सभी शहीदों के नाम और गांव का नाम सैन्य धाम में अंकित हो। उत्तराखण्ड की हर गली, हर शहर अपने में पवित्र है। उत्तराखण्ड में सैन्यधाम का निर्माण एक अच्छी सोच है।

1962 भारत-चीन युद्ध में कुमाऊं बटालियन के जवानों ने किया करिश्माई काम
केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ दिन पूर्व मुझे पीठसैंण में वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा का अनावरण करने का सौभाग्य मिला। रेजांग-ला पर जो उत्साह देखा वह अद्भुत था। 1962 भारत-चीन युद्ध में कुमाऊं के 13वीं बटालियन के 124 जवानों जो करिश्माई काम किया, उसे भारत कभी भूल नहीं सकता। जब हमने उनके शौर्य और पराक्रम की गौरव गाथा सुनी तो मैंने वहां जाने का निर्णय लिया। वहां भव्य स्मारक बनाया गया है। भारत के हर नागरिक के मन में शहीदों के परिवारों के प्रति एक सम्मान का भाव होना चाहिए।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे पूर्व सैनिकों की जो वन रैंक वन पेंशन की समस्या थी उसका समाधान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। सैनिकों एवं उनके परिवारों की समस्याओं के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये गये हैं। बैटल कैजुवल्टी को 02 लाख से बढ़ाकर 08 लाख रूपये किया गया है। पूर्व सैनिकों की भी हर समस्या का समाधान करने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये गये हैं। सैनिकों के सम्मान के लिए जो भी करना होगा, सरकार हमेशा उसके लिए तत्पर है। आजादी के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, भारत आजादी धूमधाम से अमृत महोत्सव मना रहा है। रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर झांसी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कर रहे हैं ताबड़तोड़ बैटिंग-केन्द्रीय रक्षा मंत्री
केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने प्रदेश एवं जनहित में 4 माह में 400 से अधिक निर्णय लेने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ताबड़तोड़ बैटिंग कर रहे हैं। अभी तो मुख्यमंत्री 20-20 मैच खेल रहे हैं। इनका पांच साल का टेस्ट मैच होना चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महेन्द्र सिंह धोनी की तरह अच्छे फिनिशर हैं। केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में रूद्रपुर, हरिद्वार एवं पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। उत्तराखण्ड में सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। लिपुलेख-धारचूला-मानसरोवर जाने का रास्ता बन गया है। सांस्कृतिक दृष्टि से यह रास्ता बहुत महत्वपूर्ण है। भारत और नेपाल के बीच रोटी और बेटी का रिश्ता है।

पिथौरागढ़ जनपद हमेशा से रणबांकुरों की भूमि रही-सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश की एकता, अखण्डता एवं रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों को नमन करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज अपनी जन्मभूमि सौर घाटी की धरती को नमन करने का अवसर मिला है। उन्होंने सैनिकों के हित में लिए जा रहे निर्णयों एवं उनका उत्साह बढ़ाने के लिए किये जा रहे सराहनीय प्रयासों के लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ जनपद हमेशा से रणबांकुरों की भूमि रही है। उत्तराखण्ड सैनिक बहुल प्रदेश है। वीर भूमि पिथौरागढ़ में वीर सैनिकों के परिजनों एवं वीरांगनाओं का सम्मानित कर हम सब सम्मानित हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा जनहित एवं प्रदेशहित में अनेक निर्णय लिये गये हैं। सभी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। सभी की समस्याओं का समाधान करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए राज्य में हो रहे हैं कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ युवा स्वस्थ उत्तराखण्ड योजना उत्तराखण्ड में शुरू की जा रही है, जिसके तहत प्रत्येक ग्राम सभा में एक जिम खोला जायेगा। इसका शासनादेश हो चुका है। आपदा के समय केन्द्र सरकार का राज्य को पूरा सहयोग मिला। सेना के 3 सेना के हेलीकॉप्टर केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड भेजे गये, इससे हम 500 से भी अधिक लोगों की जान बचा पाये। इस वर्ष राज्य में बरसात ने कई रिकॉर्ड तोड़े, लेकिन सरकार, शासन एवं प्रसाशन के प्रयासों से जान मान का नुकसान नहीं हुआ। सभी को मौसम के पूर्वानुमान पर अलर्ट किया गया। आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हमने लगातार दौरा किया एवं जन समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किये गये। कोविड के दौरान प्रभावितों के लिए राहत पैकेज देने का कार्य राज्य सरकार द्वारा किये गये।

2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जायेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षानुसार हमारा लक्ष्य है कि 2025 में हम उत्तराखण्ड को देश का हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनायेंगे। उन्होंने इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि पिथौरागढ़ क्षेत्र में पहले बी.आर.ओ. काम करता था, जो यहां से शिफ्ट हो गया, इस बी.आर.ओ. केन्द्र की यहां पर पुनः स्थापना होनी चाहिए। यह सैनिक बहुल एवं सीमांत क्षेत्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सम्मान यात्रा का पहला शुभारम्भ सवाड़ मे किया गया। सवाड़ में केन्द्रीय विद्यालय की लंबे समय से मांग है, उसके लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर केन्द्रीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जायेगा। सवाड़ में स्मारक की देखरेख के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने सैनिक स्मारकों के जीर्णाेधार एवं जनपद पिथौरागढ़ में नये सैनिक विश्राम गृह के लिए धनराशि तत्काल जारी की जायेगी।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जिस प्रकार सैनिक सीमाओं में रहकर देश की रक्षा करता है तथा देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर देता है, इससे बड़ा बलिदान और कुछ नहीं हो सकता है। यह भूमि वीरों की भूमि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उत्तराखण्ड में 5वें धाम के रूप में सैन्यधाम होना चाहिए। देहरादून में भव्य सैन्यधाम बनाया जा रहा है।
केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि शहीद सम्मान यात्रा वीर सैनिकों के सम्मान को बढ़ाने का कार्य कर रही है। देश की रक्षा के लिए उत्तराखण्ड के जवानों ने हमेशा अपना सर्वस्व अर्पित किया है। यह देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है।

खटीमा को करोड़ो रुपये की योजनाओं और सीएसडी कैंटीन की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खटीमा में सीएसडी कैंटीन का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 12220.19 लाख की 52 योजनाओं का लोकार्पण एंव शिलान्यास किया। जिसमें 11425.43 लाख की 43 योजनाओं का शिलान्यास व 794.76 लाख की 9 योजनाओं का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि खटीमा क्षेत्र में कैंटीन के खुलने से पूर्व सैनिकों एवं सभी सैनिकों को आसानी से क्षेत्र में ही सामान उपलब्ध हो सकेगा तथा अन्य स्थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और लंबी लाइनों में भी नहीं लगना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो कभी सपना सा लगता है, वह सब पूर्ण होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेन भी तोड़ेगी। सभी क्षेत्रों में राज्य का चहुमुखी विकास किया जा रहा है। राज्य अपने रजत जयंती के अवसर पर सभी क्षेत्रों में देश का उत्कृष्ट एवं आदर्श राज्य होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा है कि तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। इसके लिए सभी को एकजुट होकर प्रदेश को आदर्श एवं उत्कृष्ट राज्य बनाने में भूमिका निभानी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिताजी से अनुशासन तथा समयबद्धता सीखी है। आलोचनाएं उन्हें शक्ति प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि खटीमा में स्टेडियम हेतु 17 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है, उन्होंने बताया कि बाईपास निर्माण हेतु 46 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृत हो गई है, और केंद्रीय विद्यालय हेतु 8 एकड़ भूमि भी मिल गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल का उच्चीकरण करते हुए 100 बेड के स्थान पर 200 बेड का बना रहे हैं।
कार्यक्रम में विधायक नानकमत्ता प्रेम सिंह राणा, मेजर जनरल एस. खाती, कर्नल वीएम नैथानी, मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत, मंडलायुक्त सुशील कुमार, सचिव एल फ़ैनई, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी रंजना राजगुरु, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर आदि उपस्थित रहे।

खटीमा में गंगा स्नान मेले का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर खटीमा स्थित 22 पुल झनकईया में लगने वाले गंगा स्नान मेले का शुभारंभ किया तथा शारदा के गंगा घाट पर गंगा आरती की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले हमारी कला एवं संस्कृति को संजो कर रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं उन्होंने कहा कि बचपन से ही मेले का लगाव रहा है, जिस कारण मैं कक्षा चार से ही 22 पुल झनकईया मेले में शामिल होता रहा हूं। उन्होंने कहा कि इस मेले से मेरा बचपन से ही लगाव एवं जुड़ाव होने के कारण समिति के कहने पर व्यस्ततम कार्यक्रम के बावजूद मेले में शामिल हुआ हूँ। यह मेरा सौभाग्य है कि गंगा स्नान पर्व यहाँ मना रहा हूँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 21 सालों से उत्तर प्रदेश के साथ परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर वार्ताएं चल रही थी परंतु समाधान तक नहीं पहुंच पा रही थी। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कि मुख्यमंत्री स्तर की बैठक में एक-एक करके परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर एक-एक बिंदु पर सहमति बन गई। मुख्यमंत्री ने परिसंपत्तियों के बंटवारे से उत्तराखंड व क्षेत्र को होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर मेला कमेटी ने मोमेंटो भेंट कर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने बगूलिया दुर्गा मन्दिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश वासियों की सुख-समृद्धि एंव खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने वन शक्ति मन्दिर में भी पूजा की।
इस अवसर पर विधायक नानकमत्ता प्रेम सिंह राणा ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान मेला कमेटी अध्यक्ष शेर सिंह दानू, उपाध्यक्ष ओमनाथ यादव, प्रबन्धक पूरन सिंह धामी, जिलाधिकारी उधम सिंह नगर रंजना राजगुरु, एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई, परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी, अपर जिलाधिकारी जयभारत सिंह सहित क्षेत्रीय जनता उपस्थित रहीं।

धामी ने खटीमा में एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नागरिक चिकित्सालय खटीमा पहुंचकर ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू एंव सीसीयू का शुभारंभ किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दो एंबुलेंस जिनमें पहली एंबुलेंस को बग्घा चौवन व दूसरी एम्बुलेंस को दिया चाँदपुर के लिए हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पाँच आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों मीनू जोशी, पुष्पा मेहता, रश्मि जोशी, हेमंती तथा विद्यावती को प्रशस्ति पत्र देकर व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर बहुत संजीदगी से कार्य कर रही है। गढ़वाल के साथ ही अब शीघ्र ही कुमाऊं वासियों को भी कुमाऊं में एम्स का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा की ऑक्सीजन प्लांट के बनने से ऑक्सीजन की कोई कमी नही रहेगी तथा आईसीयू व सीसीयू के बनने से मरीजों का और भी बेहतर ढंग से इलाज हो सकेगा।
इस अवसर पर नानकमत्ता विधायक श्री प्रेम सिंह राणा भी उपस्थित थे।

14 महीने बाद जिन काूननों को लिया केन्द्र ने वापस, जानिए उनके बारे में

किसानों के हठ के आगे आखिरकार मोदी सरकार को झुकना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों विवादित कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया है। इस ऐलान के लिए दिन चुना गया प्रकाश पर्व का। पीएम ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम 18 मिनट के संबोधन में यह बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ये कानून किसानों के हित में नेक नीयत से लाई थी, लेकिन हम कुछ किसानों को समझाने में नाकाम रहे।

मोदी के संबोधन की 5 बड़ी बातें

1. सबसे पहले प्रकाश पर्व और देव दीपावली की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरे प्यारे देशवासियों आज देव दीपावली का पावन पर्व है। आज गुरु नानक देव जी का भी पावन प्रकाश पर्व है। मैं विश्व में सभी लोगों और सभी देशवासियों को बधाई देता हूं। यह भी बेहद सुखद है कि डेढ़ साल बात करतारपुर साहिब कॉरिडोर फिर से खुल गया है।

2. हमारी सरकार देशवासियों का जीवन आसान बनाने में जुटी
मोदी ने कहा कि गुरुनानक देव जी ने कहा है कि संसार में सेवा का मार्ग अपनाने से ही जीवन सफल होता है। हमारी सरकार इसी सेवा भावना के साथ देशवासियों का जीवन आसान बनाने में जुटी है। न जाने कितनी पीढ़ियां जिन सपनों को सच होते देखना चाहती थीं, भारत उन्हें साकार करने की कोशिश कर रहा है।

3. कुछ किसानों को समझाने में नाकाम रहे
मोदी ने कहा कि हमारी 10 हजार एफपीओ किसान उद्पादक संगठन बनाने की प्लानिंग है। हमने एमएसपी और क्रॉप लोन बढ़ा दिया है। यानी हमारी सरकार किसानों के हित में लगातार एक के बाद एक कदम उठाती जा रही है। इसी अभियान में तीन कृषि कानून लाए गए थे, ताकि किसानों को फायदा हो। हम पूरी विनम्रता से किसानों को समझाते रहे। लेकिन इतनी पवित्र बात कुछ किसानों को समझा नहीं पाए।

4. कानून वापसी का फैसला, इसी महीने शुरू होगी प्रॉसेस
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने किसानों को समझने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिन प्रावधानों पर उन्हें ऐतराज था उन्हें बदलने को भी तैयार थे। साथियों आज गुरु नानक देवजी का पवित्र पर्व है। यह समय किसी को दोष देने का नहीं है। मैं आज देशवासियों को यह बताने आया हूं कि हमने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया है। इसी महीने इनकी वापसी की प्रक्रिया पूरी कर देंगे।

5. किसान कल्याण हमारी सरकार की प्राथमिकता
देश के हर 100 में से 80 किसान छोटे किसान हैं। उनके पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है। इनकी संख्या 10 करोड़ से भी ज्यादा है। उनकी जिंदगी का आधार यही छोटी सी जमीन का टुकड़ा है। हमने किसान कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। हमारी सरकार ने फसल बीमा योजना को प्रभावी बनाया गया। आज छोटे किसानों को फसल बीमा का लाभ मिल रहा है। 22 करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिए गए हैं। छोटे किसानों को ताकत देने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।

तीनों कृषि कानून, जिनके खिलाफ आंदोलन कर रहे थे किसान
तीनों नए कृषि कानूनों को 17 सितंबर, 2020 को लोकसभा ने मंजूर किया था। राष्ट्रपति ने तीनों कानूनों के प्रस्ताव पर 27 सिंतबर को दस्तखत किए थे। इसके बाद से ही किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया था। ये तीनों कानून इस तरह हैं..

1. कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020
इस कानून में एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने का प्रावधान है, जहां किसानों और कारोबारियों को मंडी के बाहर फसल बेचने की आजादी होगी। कानून में राज्य के अंदर और दो राज्यों के बीच कारोबार को बढ़ावा देने की बात कही गई है। साथ ही मार्केटिंग और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च कम करने की बात भी इस कानून में है।

2. कृषक (सशक्तिकरण-संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020
इस कानून में कृषि करारों (एग्रीकल्चर एग्रीमेंट) पर नेशनल फ्रेमवर्क का प्रावधान किया गया है। ये कृषि उत्पादों की बिक्री, फार्म सेवाओं, कृषि बिजनेस फर्म, प्रॉसेसर्स, थोक और खुदरा विक्रेताओं और निर्यातकों के साथ किसानों को जोड़ता है। इसके साथ किसानों को क्वालिटी वाले बीज की आपूर्ति करना, फसल स्वास्थ्य की निगरानी, कर्ज की सुविधा और फसल बीमा की सुविधा देने की बात इस कानून में है।

3. आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020
इस कानून में अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेल, प्याज और आलू को आवश्यक वस्तुओं की लिस्ट से हटाने का प्रावधान है। सरकार के मुताबिक, इससे किसानों को उनकी फसल की सही कीमत मिल सकेगी, क्योंकि बाजार में कॉम्पिटीशन बढ़ेगा।

परिसम्पत्ति विवाद में दिखा, धामी के नेतृत्व में सुरक्षित है उत्तराखंड का भविष्य

उत्तराखंड के अब तक के सबसे युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वो कर दिखाया, जो उत्तराखंड के दिग्गज सीएम भी 21 सालों में नहीं कर पाए, इसकी मुख्य वजह युवा मुख्यमंत्री की युवा सोच और सरलता से मसले सुलझाने वाली वो बुद्धिमता है, जो किसी को भी अपना कायल बना सकती है।
उत्तर प्रदेश के अलग होने के बाद उत्तराखंड को 21 सालों तक अपने हक के लिए इंतजार करना पड़ा। यह कार्य राज्य के गठन के तुरंत बाद हो जाना चाहिए था, लेकिन दोनों राज्यों के नेताओं और नौकरशाहों के बीच कई बार की बैठकों के बाद भी इस मामले में सहमति नहीं बन सकी। उस वक्त भी नहीं, जब दोनों राज्यों की सत्ता की बागडोर बीजेपी के हाथों में थी। ऐसे दौर कई बार आये, लेकिन मसला सुलझ नहीं सका। हालांकि इससे पहले ही ये विवाद आपसी सुलह-समझौते की संभावनाओं को दरकिनार करते हुए सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा था। दोनों राज्यों के बीच विवाद बढ़ने पर करीब एक दशक पहले सुप्रीम कोर्ट को दखल देकर यथास्थिति कायम रखने के आदेश देने पड़े थे।

राजनैतिक नहीं बल्कि पारिवारिक समझौते से हल हुआ परिसंपत्ति विवाद
समय बीतता गया और साल दर साल मुख्य सचिव से लेकर मुख्यमंत्री स्तर तक बैठकों के दौर चलता रहा। इस सब क़वायदों के बाद नतीजा वही ढाक के तीन पात। वक्त गुजरने के साथ-साथ यूपी से अपने अधिकार वाली सम्पत्तियों को हासिल करने की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही थी। योगी सरकार के कार्यकाल में भी शीर्ष स्तर पर बैठकें हुईं, लेकिन कामयाबी सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री धामी ने हासिल की।
मुख्यमंत्री धामी ने परिसम्पत्तियों विवाद की पहली बैठक में ही कह डाला कि “यूपी और उत्तराखंड बड़े भाई छोटे भाई की तरह हैं, और आज ही और विवाद का हल निकाल दिया जाए” धामी की सूझबूझ और सटीक तर्कों से योगी आदित्यनाथ संतुष्ट नज़र आए और “ऑन दा स्पॉट” फ़ैसला हो गया। धामी की ये विशेषता उनकी सरलता और मिठास के साथ मिलकर एक ऐसे सफर का आगाज करती हैं जो आम आदमी के ख्वाबों से जुड़ा है।
ये पूरा घटनाक्रम सब उस दौर में हुआ है, जब उत्तराखंड का आवाम यूपी के साथ सम्पत्तियों का न्यायसंगत बंटवारा होने की राह देखते देखते निराश होने लगा था। ऐसे दौर में सीएम सिंह धामी की यह ऐतिहासिक कामयाबी लोगों के दिलों में यह विश्वास पैदा करने वाली है कि उत्तराखंड अब ऐसे हाथों में है, जो राज्य के हितों की रक्षा करना जानते हैं।

विंटर पर्यटन को बढ़ावा देगी राज्य सरकार-सतपाल महाराज

उत्तराखंड के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि चार धाम की यात्रा के बाद अब हमारा ध्यान प्रदेश में विटंर टूरिज्म को प्रमोट करने पर है। हजारों लोग उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को देखने आते हैं इसलिए हम ऐसे डेस्टिनेशन को प्रचारित कर रहे हैं जो लोगों की आस्था से भी जुड़े हों। इसके साथ ही पर्यटक सर्दियों में उत्तराखंड की वादियों का लुत्फ भी उठा सकेंगे। सतपाल महाराज ने प्रगति मैदान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में शुक्रवार को उत्तराखंड डे का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर सतपाल महाराज ने कहा कि व्यापार मेले में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की छटा देखने को मिल रही है। लोगों का उत्साह देखकर लग रहा है ​कि उत्तराखंड के उत्पाद लोगों को बहुत पसंद आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हथकरघा तथा हस्तशिल्प उत्पाद, बाल मिठाई, पहाड़ी दालें, मसाले तथा जड़ी-बूटियां, शहद बैम्बू प्राकृतिक रेशा रामबॉस तथा भीमल से बने उत्पाद भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ​कोविड19 के पश्चात पहली बार आयोजित हो रहे भारतीय अंतराष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्य दिवस के अवसर पर सतपाल महाराज ने बताया कि राज्य सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने तथा रोजगार सृजन के लिए कृत संकल्प है। राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार कर अधिकाधिक निवेश आक​र्षित करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। एकल खिड़की व्यवस्था के अंतर्गत् उद्योगों को निर्धारित समय सीमा में सभी प्रकार की स्वीकृतियां तथा अनापत्तियां प्रदान किए जाने हेतु एकल खिड़की अधिनियम लागू किया गया है। इज आफ डुइंग बिजनेस कार्यक्रम में राज्य देश के अग्रणी औद्योगिकी राज्यों के साथ शीर्ष राज्यों में शामिल है। महाराज ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा मैया के प्रवास मुखबा और यमुना मैया के लिए खरसाली गांव को विशेष रूप से सजाया जाता है।
सतपाल महाराज ने कहा कि एक ओर जहां बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है वहीं दूसरी ओर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य के युवाओं विशेषकर कोविड 19 से प्रभावित राज्य के प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना तथा नैनो स्वरोजगार योजना लागू की गई है। हरित प्रदेश की अवधारणा को मूर्त रूप देने में सरकार सतत प्रयत्नशील है और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना लागू ​की गई है।
राज्य के समस्त जनपदों के पोटेंशियल को देखते हुए एक जनपद दो उत्पाद योजना लागू की गई है​ जिससे राज्य के विशिष्ट उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करने में सफल होंगे। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान है राज्य सरकार प्रसिद्व पर्यटन स्थलों के अतिरिक्त 13 जनपद 13 डेस्टिनेशन के अंतर्गत तेजी से कार्य कर रही है।
बुनियादी ढांचे के अंतर्गत राज्य में रेल लाइन, वायुसेवा तथा राजमार्गों के निर्माण के क्षेत्र तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष मेले की थीम है आत्मनिर्भर भारत और राज्य सरकार इसी तर्ज पर आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है।
भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में प्रगति मैदान के हॉल नंबर 4 में उत्तराखंड पैवेलियन में इस वर्ष हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के तत्वाधान में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के कुल 34 स्टाल लगे हैं। इस वर्ष मेले का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड के शिल्प आधारित सोवेनियर उत्पाद हैं, जिन्हें उत्तराखंड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा विस्तृत स्तर पर शोध एवं भ्रमण कर राज्य के परंपरागत विभागों में पर्यटन, हिमाद्री, हिलांस, बैम्बू बोर्ड, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, ग्राम विकास एवं सिडकुल मुख्य रूप से प्रतिभाग कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन एस.एस संधू, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग रोहित मीणा निदेशक उद्योग सुधीर चंद्र नौटियाल, उप निदेशक उद्योग शैली डबराल, उप निदेशक, राजेंद्र कुमार, मेलाधिकारी के.सी. चमोली, प्रदीप सिंह नेगी, गिरिश चंद्र आदि उपस्थित थे।

किसान संगठन धरना समाप्त कर पीएम पर विश्वास जताये-बंसल

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुरु नानक देव के प्रकाश उत्सव पर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर सभी किसान संगठनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करना चाहिए और अब धरने को समाप्त कर देना चाहिए व अपने नियमित कामों में लगना चाहिए। सासंद बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में यह भी बात कही कि यह सभी कानून विशुद्ध रूप से और पूरी ईमानदारी के साथ किसानों के हित में लगाए गए थे। लेकिन कुछ किसानों को यह समझ नहीं आए या हम उनको नहीं समझा पाए। अब किसानों के हित को ध्‍यान में रखते हुए आगामी संसद सत्र में इनको वापस लेने का फैसला लिया है।
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास सबका प्रयास का यह सटीक उदाहरण है। मोदी सरकार देशहित में जनहित में काम करती आई है व देश के धरना देने वाले किसान संगठनों की मांग को भी आज माना गया है। उन्होंने कहा कि देश के किसानों के विकास को यह सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों की आए दुगुनी करना का संकल्प खुद पीएम ने लिया है व उसके विभिन्न प्रयास जारी है जिनके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं।
सासंद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष बस गुमराह करने का काम कर रहा है व राजनीतिक लाभ के लिए काम कर रहा है पर जनता सब देख रही है व जानती है कि कौन विकास की गाथा लिख रहा है व देश के सर्वांगीण विकास को यह सरकार प्रतिबद्ध है। सासंद बंसल ने कहा कि भाजपा को समाज के सभी वर्गों का अप्रत्याशित समर्थन मिला है। साथ ही युवाओं का अपार समर्थन भी हर्ष का विषय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार का हर क्षण देश के लोगों के कल्याण तथा समृद्धि को समर्पित है। पीएम मोदी सवा सौ करोड़ भारतीयों को सबल बनाने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मोदी विरोध करतें करते देश विरोधी हो गए हैं पर मोदी सरकार ने इन सबकी दुकान बंद कर देश को विकास पथ पर आगे बढ़ाने का काम किया है।
सासंद राज्यसभा उत्तराखंड नरेश बंसल ने इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे किसानों को घर वापस लौटने की भी अपील की है।उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की ने इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे किसानों को घर वापस लौटने की भी अपील की है। प्रधानमंत्री ने कानून वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा कि हम किसानों के हित में यह तीनों कानून लेकर आए थे, ताकि छोटे किसानों को और ताकत मिले। सालों से ये मांग देश के किसान और विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री मांग कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि शायद उन्ही की तपस्या में कोई कमी रह गई ।
सासंद बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी ने आज के मौके पर यह ऐलान कर देश के आंदोलनरत किसानों को बहुत बड़ी खुशी दी है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी दिया है।