मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में किया साइंस सिटी के निर्माण कार्यों का निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) में साइंस सिटी परियोजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति परिसंवाद कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून साइंस सिटी का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में ये साइंस सिटी केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगी। उन्होंने कहा कि इस साइंस सिटी में हमारे युवाओं को अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जो उनके सपनों और विचारों को नई उड़ान देने का कार्य करेंगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विज्ञान सेतु परिकल्पना के अंतर्गत सामुदायिक विज्ञान रेडियो श्विज्ञान वाणी (88.8 मेगाहर्ट्ज), विज्ञान दृश्यम तथा विज्ञान धारा का लोकार्पण करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रयोगशालाओं के जटिल ज्ञान को उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

तकनीकी में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय प्रदेश में हरेला सप्ताह मनाया जा रहा है। हरेला केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारे दायित्व का ष्प्रतीक पर्वष् भी है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरणीय संकट की चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में हरेला पर्व पूरी दुनिया को ये संदेश देता है कि विकास और प्रकृति साथ-साथ चल सकते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज पूरी दुनिया एक अभूतपूर्व तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब रोबोट्स कारखानों से लेकर अस्पतालों तक में काम कर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। वहीं, डेटा साइंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और बायो-टेक्नोलॉजी जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकियां आज दुनिया की दिशा और दशा तय कर रही हैं। ऐसे समय में, हमें इस बदलाव को न केवल स्वीकार करना है, बल्कि इसका नेतृत्व भी करना है।

उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिस को मिल रही सराहना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज देश के कई राज्य उत्तराखंड को कई क्षेत्रों में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में देख रहे हैं। सिलल्यारा टनल में फंसे श्रमिकों का सुरक्षित निकालने का अभियान इसमें शामिल है। जिसे ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में पेश किया गया। इसीलिए सरकार ने अब से हर वर्ष 28 नवंबर को आपदा प्रबंधन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में अद्भुत प्रतिभा और मेधा है। इसलिए अब हमें प्रदेश में ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है जहाँ हमारी इस युवा प्रतिभा को सही दिशा मिले ताकि वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

विकसित भारत का आधार- विज्ञान, अनुसंधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने विकसित भारत 2047 का जो अमृत संकल्प रखा है, उसकी सबसे मजबूत आधारशिला विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान ही है। इसीलिए प्रधानमंत्री ने जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के नारे में जय अनुसंधान जोड़कर देश के वैज्ञानिकों और युवाओं को एक नया मंत्र दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और नेशनल क्वांटम मिशन जैसे बड़े अभियानों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से भारत में अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। वहीं, सेमीकंडक्टर मिशन के माध्यम से भारत अब इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर होने की राह पर है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को विज्ञान, तकनीक और आधुनिक अनुसंधान का एक वैश्विक हब बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य की पहली श्विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीतिश् लागू हो चुकी है। इस नीति का उद्देश्य एक ऐसा आत्मनिर्भर इकोसिस्टम विकसित करना है जहाँ हमारा युवा केवल रोजगार खोजने वाला न रहे, बल्कि अपने इनोवेटिव आइडियाज के दम पर जॉब क्रिएटर बने। ये नीति विज्ञान को केवल प्रयोगशालाओं की सीमाओं तक नहीं रखेगी, बल्कि उसे आम जनजीवन से जोड़ते हुए जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

चुनौतियों का स्थानीय समाधान तलाशने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां हमारे सामने कई कठिन चुनौतियां खड़ी करती हैं। लेकिन हमारा हिमालय ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और हमारी जैव-विविधता, अमूल्य औषधीय वनस्पतियां, बारहमासी जल स्रोत, जैविक कृषि और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हमारी असली पूंजी हैं। इसलिए यदि हम अपनी स्थानीय समस्याओं के स्थानीय और वैज्ञानिक समाधान विकसित कर लें, तो उत्तराखंड पूरे देश के लिए विकास का एक आदर्श मॉडल बन सकता है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने नई पॉलिसी तैयार की है। साथ ही सरकार प्रदेश में तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला एक मजबूत इकोसिस्टम भी विकसित कर रही है। इसी तरह वैज्ञानिक अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देते हुए उत्तराखंड को श्साइंस बेस्ड नॉलेज इकॉनॉमीश् के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।

स्टार्टअप सेंटर विकसित करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना केंद्र, स्टेम लैब्स और जीआईएस आधारित आधुनिक तकनीकी प्रणालियों का भी विस्तार कर रही है। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर तथा प्री-इन्क्यूबेशन लैब जैसी भविष्य की तकनीकों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने यूकॉस्ट परिसर में स्टार्टअप सेंटर विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। मुख्यमत्री ने इस अवसर पर पौधारोपण भी किया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव नितेश झा, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित हुए।

राज्य में 1930 के रिस्पॉंस टाईम को कम करने के लिए 1930 कॉल सेंटर की मैनपावर बढ़ायी जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में साईबर क्राइम को लेकर सचिव गृह एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर प्रदेश के साईबर अपराधों की स्थिति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने प्रदेश में स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर शीघ्र स्थापित किए जाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि इसे शीघ्र से शीघ्र नोटिफाई किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना से केन्द्र राज्य एवं जनपदों के मध्य आपसी सहयोग में आसानी होगी, पीड़ितों को शीघ्र से शीघ्र राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी साईबर पुलिस स्टेशनों को भी मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने 1930 हेल्पलाईन को भी मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि 1930 के रिस्पॉंस टाईम को कम करने के लिए 1930 कॉल सेंटर की मैनपावर बढ़ायी जाए। उन्होंने प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर सिस्टम को भी मजबूत किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने ई-जीरो एफआईआर को शत-प्रतिशत एफआईआर में परिवर्तन एवं इसका सीसीटीएनएस के साथ एकीकरण कार्य में तेजी लाये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर फ्रॉड हो जाने के बाद, जानकारी के अभाव में अधिकतर लोग न तो समय से शिकायत ही कर पाते हैं और न ही मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल का लाभ लेते हुए अपनी मनी वापस ले पाते हैं। उन्होंने इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा प्रो-एक्टिव होकर पीड़ितों की सहायता उपलब्ध कराए जाने की बात कही। कहा कि शिकायत निवारण मॉड्यूल और धनराशि वापसी मॉड्यूल के प्रति जनजागरूकता लाए जाने के लिए आमजन के बीच लगातार मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से संवाद किया जाए, ताकि आमजन साइबर फ्रॉड से बच सकें और फ्रॉड हो जाने पर पीड़ित को क्या-क्या करना है, इसकी जानकारी मिल सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि शिकायत निवारण मॉड्यूल (जीआरएम) पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साईबर क्राइम के दृष्टिगत पुलिस विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की कैपेसिटी बिल्डिंग करने के साथ ही, साईबर कमांडो की संख्या बढ़ाये जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह एवं अपर सचिव गृह तृप्ति भट्ट भी उपस्थित थीं।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए विशेष रेल के जरिए 700 श्रद्धालु छह दिवसीय हुए शामिल, सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेलवे स्टेशन हर्रावाला, देहरादून से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में वेरावल (सोमनाथ) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए इसे केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि छह दिवसीय इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न वर्गों से लगभग 700 श्रद्धालु सहभागी बन रहे हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माताएं-बहनें, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने इस पहल के लिए संस्कृति विभाग की सराहना करते हुए सभी यात्रियों की मंगलमय, सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की कामना भगवान सोमनाथ और बाबा केदार से की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा भारत की हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट आस्था, अदम्य विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक शक्ति एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि श्सोमनाथ स्वाभिमान पर्वश् राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने वाला विशेष अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में अभूतपूर्व सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर चल रहा है। अयोध्या से सोमनाथ, केदारनाथ से काशी विश्वनाथ, महाकाल से बद्रीनाथ धाम तक मंदिरों का व्यापक पुनरुद्धार और विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की जीवनरेखा हैं। लंबे समय तक जिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की उपेक्षा हुई, आज उन्हें पुनः सम्मान और गौरव प्राप्त हो रहा है, जो बदलते भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में श्सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीजश् की स्थापना भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है, जो केवल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान नहीं बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता की रक्षा का प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधारात्मक कदम उठाते हुए 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है, ताकि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां आधुनिक विकास और सनातन संस्कृति दोनों समान रूप से आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य साकार होगा।

मुख्यमंत्री ने यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे जहां भी जाएं, देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और श्अतिथि देवो भवःश् की भावना का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि सभी यात्री इस यात्रा के माध्यम से केवल सोमनाथ के दर्शन करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के भी प्रतिनिधि हैं। उन्होंने सभी से अपने आचरण, व्यवहार और विचारों से राज्य की सकारात्मक पहचान को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विधायक बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

डिस्ट्रिक्ट लेवल और स्टेट लेवल पर सभी एसटीपी की रियल टाइम मॉनिटरिंग अगले एक महीने में तैयार कर देंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य गंगा समिति की 19वीं बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने राज्य गंगा समिति और जनपद गंगा समितियों की बैठकें निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा के हेडक्वार्टर स्तर पर लगातार निगरानी के लिए मैकेनिज्म विकसित किया जाए।

मुख्य सचिव ने राज्यभर के सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की 24Û7 निगरानी के लिए मैकेनिज्म तैयार किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसटीपी के इनलेट और आउटलेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए। डिस्ट्रिक्ट लेवल और स्टेट लेवल पर सभी एसटीपी की रियल टाइम मॉनिटरिंग अगले एक महीने में तैयार करके दें। उन्होंने पीसीबी को औचक निरीक्षण कर प्रदेशभर की एसटीपी की नियमित निगरानी किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने गंगा और उसकी ट्रिब्यूटरीज़ किनारे के बड़े शहरों हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश और देहरादून को सीवरेज नेटवर्क को बढ़ाए जाने की बात कही। कहा कि एसटीपी से निकलने वाले उपचारित जल के सुरक्षित उपयोग को सिंचाई एवं अन्य उद्योग से संबंधित कार्यों में उपयोग किए जाने पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव एवं सदस्य सचिव यूकेपीसीबी डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव रोहित मीणा एवं जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

एक्टर आमिर खान ने की आधिकारिक घोषणा, उत्तराखंड सिल्कयारा टनल रेस्क्यू पर बनाने जा रहे फिल्म

आमिर खान प्रोडक्शंस, ऑस्ट्रेलिया की माइंड ब्लोइंग फिल्म्स और कबीर खान फिल्म्स ने अपनी नई फिल्म ‘सिल्कयारा 41’ का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह फिल्म उत्तराखंड के चर्चित सिल्कयारा टनल रेस्क्यू मिशन से प्रेरित है। खास तौर पर इसमें उस ऐतिहासिक बचाव अभियान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध टनलिंग एक्सपर्ट अर्नाेल्ड डिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा।

कबीर खान करेंगे निर्देशन, एंड्रयू अनास्टासियोस ने लिखी कहानी
फिल्म का निर्देशन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके निर्देशक कबीर खान करेंगे, जिन्होंने इससे पहले ‘बजरंगी भाईजान’ और ‘83’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। वहीं, इसकी कहानी ऑस्ट्रेलिया के चर्चित स्क्रीनराइटर एंड्रयू अनास्टासियोस, जिन्हें ‘द वॉटर डिवाइनर’ के लिए जाना जाता है, ने लिखी है। यह परियोजना भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई फिल्म इंडस्ट्री के बीच रचनात्मक सहयोग का एक अहम उदाहरण मानी जा रही है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के सहयोग को मिलेगा नया आयाम
निर्माताओं के मुताबिक, सिल्कयारा 41 सिर्फ एक रेस्क्यू मिशन की कहानी नहीं होगी, बल्कि यह दो देशों के बीच बढ़ते सहयोग, साझा मूल्यों और मानवीय भावना का भी प्रतीक बनेगी। फिल्म के जरिए भारत और ऑस्ट्रेलिया की कहानी कहने की परंपरा, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रोडक्शन क्षमता को एक मंच पर लाने की कोशिश की जाएगी।

ऐसे समय में हुआ ऐलान, जब दोनों देशों के रिश्ते हो रहे मजबूत
फिल्म की घोषणा ऐसे दौर में की गई है, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में श्सिल्कयारा 41श् को दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और रचनात्मक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है। निर्माताओं का मानना है कि यह फिल्म सहयोग, साहस और इंसानी जज्बे की प्रेरणादायक कहानी दुनिया के सामने पेश करेगी।

आमिर खान बोले- इस कहानी ने मुझे भीतर तक प्रभावित किया
फिल्म के ऐलान पर आमिर खान ने कहा कि माइंड ब्लोइंग फिल्म्स और आमिर खान प्रोडक्शंस के बीच इस खास सहयोग की घोषणा करते हुए उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उनके अनुसार, सिल्कयारा टनल रेस्क्यू मिशन की कहानी ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया क्योंकि यह कठिन परिस्थितियों में साहस, सूझबूझ, मानवता और टीमवर्क की मिसाल पेश करती है।

उन्होंने आगे कहा कि यह उनके लिए और भी खास अवसर है क्योंकि फिल्म की घोषणा ऐसे ऐतिहासिक समय पर हो रही है, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने द्विपक्षीय संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। आमिर ने विश्वास जताया कि दोनों देशों के संयुक्त प्रयास से बनने वाली यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय सहयोग और इंसानी जज्बे की जीत को प्रभावशाली तरीके से दर्शकों तक पहुंचाएगी।

उत्तराखंड में ‘सेवा ही संगठन’ का भाव और सुदृढ़ः तरुण चुग

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने आज देहरादून में भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखंड की संगठनात्मक बैठक में प्रदेश में चल रहे संगठनात्मक कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए उपस्थित पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा पूर्व सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल भी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल ने किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, प्रदेश महामंत्री कुन्दन परिहार, प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज सहित सभी कैबिनेट मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, विधायक, जिला प्रभारी, सह-प्रभारी एवं जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे।

बैठक से पूर्व चुग की देवभूमि उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से आत्मीय भेंट हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने तथा श्सेवा ही संगठनश् की भावना को और अधिक मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

मीडिया को संबोधित करते हुए तरुण चुग ने महाराष्ट्र के यशस्वी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को किसानों के लिए रूपये 36,585 करोड़ की ऐतिहासिक कर्जमाफी योजना लागू करने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों किसानों को बड़ी राहत देने वाला यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की किसान-हितैषी सोच का सशक्त प्रमाण है।

चुग ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे बताएं कि किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी का चुनावी वादा आखिर कब पूरा होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब का किसान आज भी कर्ज, फसलों के संकट और झूठे आश्वासनों के बोझ तले दबा हुआ है, और वादे करने वाली सरकार जवाबदेही से आखिर कब तक भागती रहेगी।

लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्र के साथ साझेदारी करने वाला उत्तराखंड बना देश का पहला राज्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित छठे लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। 11 से 15 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी एवं पाक कला विशेषज्ञ अपनी पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। महोत्सव में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी करने वाला वह देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक समन्वय का परिणाम नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड राष्ट्रीय विकास और जनकल्याणकारी पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन में सदैव अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस आयोजन के लिए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विविध भाषाएँ, लोक परंपराएँ, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं, बल्कि कारीगरों, शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार, नए अवसर और नई पहचान भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव उत्तराखंड सहित पूरे देश के शिल्पकारों और युवा उद्यमियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार श्सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासश् के मंत्र पर कार्य करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समाज के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। छात्रवृत्ति, मेधावी बालिका प्रोत्साहन, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री हुनर योजना तथा अल्पसंख्यक क्षेत्रों के विकास जैसी पहलें समाज के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही मदरसों में आधुनिक तकनीक एवं आईटी आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हाउस ऑफ हिमालयाज तथा एक जनपद दो उत्पाद जैसी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों और देवभूमि आने वाले पर्यटकों से लोक संवर्धन पर्व में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के माध्यम से शिल्पकारों और कारीगरों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार पारंपरिक शिल्प, हस्तकला, लोक संस्कृति और अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के अंतर्गत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड इस आयोजन में साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बना है, जो राज्य की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार डॉ. श्रीवत्स कृष्णा, संयुक्त सचिव एस.पी. रॉय, विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण उत्तराखंड डॉ. पराग मधुकर धकाते, देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, लोक कलाकार, हस्तशिल्पी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान से शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वासः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल, सहसपुर में सेवा, सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार जनसेवा शिविर में प्रतिभाग करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाना है। सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध कराए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वाेपरि है और सुशासन का वास्तविक अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनकेंद्रित प्रशासन है। उन्होंने कहा कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान ने शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान लगभग 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें पांच लाख से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। देहरादून जनपद में आयोजित 46 शिविरों में 60 हजार से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की तथा लगभग 39 हजार लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया गया।

उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन एवं समर्पण के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़े के तहत प्रदेशभर में जनसेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। 4 जुलाई से प्रारंभ हुए सेवा पखवाड़े में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया है। इस दौरान प्राप्त 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का समाधान सुनिश्चित किया गया है तथा 2,522 नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं सेवाओं से लाभान्वित किए जाने की प्रक्रिया संचालित की गई है।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित शिविर में 01 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस अवसर पर पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत प्रमाण-पत्र एवं अन्य सहायता वितरित की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजन को योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा का विजन आज तेजी से साकार हो रहा है। राज्य में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश एवं हवाई संपर्क सहित प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों, शीतकालीन यात्रा तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे ऐतिहासिक आयोजनों का सफल आयोजन हुआ। राज्य की अर्थव्यवस्था निरंतर सुदृढ़ हो रही है तथा निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड नई पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, सड़क, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा तथा कृषि के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखण्डश् के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा प्रत्येक नागरिक तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही दिए जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन, सम्पर्ण ‘जन जन की सरकार, जन जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ना सिर्फ जन समस्याओं को सुना बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को जन समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।

कारबारी ग्रांट निवासी सुमन बासकंडी ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में साईलोक कारबारी ग्रांट में 30 सोलर लाइट लगाने की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को 2 माह के भीतर सोलर लाइट लगाने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह स्थानीय निवासी बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री को जूट बैग बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के लिए मांगपत्र सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आज ही सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसी तरह सेलाकुईं नगर पंचायत के सभासद अनिल नौटियाल ने आंतरिक मार्ग, नालियां, जल निकासी व्यवस्था, इंटरलॉकिंग सीसी मार्ग सहित अन्य विकास कार्यों की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने शहरी विकास निदेशालय को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गोकुल फाउंडेशन चौरिटेबल ट्रस्ट की मांग पर मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह नंदन संह कंडारी ने भाऊवाला पुल किनारे श्मशान घाट निर्माण की मांग उठाई, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीएम को दो माह में श्मशान निर्माण के निर्देश दिए। यशपाल सिंह नेगी ने अटकफार्म और सेंट्रल होपटाउन में बंदोबस्त कार्य पूरा न होने के कारण, पेश आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग की, मुख्यमंत्री ने सचिव राजस्व को इस समस्या का 15 दिन में समाधान करने के निर्देश दिए। शिविर में शांति विहार सुधार एवं विकास समिति ने भगवानपुर बहुगुणा मार्ग में डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी के नाम पर पार्क और ओपन जिम निर्माण की मांग की, मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को कार्रवाई को कहा है। इसी तरह उन्होंने ग्राम बडोवाला में डिस्पेंसरी और एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग पर भी स्वास्थ्य विभाग को एक माह में जरूरी कार्रवाई के लिए कहा।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुण्डीर, दायित्वधारी विनय रोहिला, पुनीत मित्तल, ओमवीर सिंह, भुवन विक्रम डबराल, भाजपा के जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह एवं जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने बैंकर्स से राज्य के कम ऋण जमा अनुपात वाले जनपदों में विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 97वीं बैठक में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बैंकों से आम लोगों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों तक ऋण की पहुंच आसान बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य में ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जनपदों में कम ऋण-जमा अनुपात पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि इन जिलों में नियमित रूप शिविर लगाए जाएं। जिला प्रशासन, लीड बैंक और संबंधित विभाग मिलकर पात्र लोगों की पहचान करें और उन्हें समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य का ऋण-जमा अनुपात आगामी राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी भी पात्र व्यक्ति को परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी आवेदन में कोई कमी हो तो उसे केवल तकनीकी आधार पर निरस्त करने के बजाय संबंधित व्यक्ति का मार्गदर्शन कर कमियों को दूर कराया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में बैंक सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत लगभग 96 प्रतिशत उपलब्धि और एमएसएमई क्षेत्र में 111 प्रतिशत उपलब्धि राज्य की बेहतर आर्थिक प्रगति का संकेत है। राज्य का ऋण-जमा अनुपात बढ़ना भी सकारात्मक है, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए सभी बैंकों को मिलकर प्रयास करने होंगे।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2.0, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं में पात्र लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए बैंकिंग सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान को गांव-गांव तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने वित्तीय समावेशन को और मजबूत बनाने तथा प्रधानमंत्री जनधन योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार और बैंक मिलकर कार्य करेंगे तो रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी तथा राज्य का समग्र विकास और तेजी से होगा।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), आईसीआईसीआई बैंक तथा एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए, ताकि साइबर ठगी से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक से पूर्व उप समिति (सब-कमेटी) की नियमित बैठक आयोजित की जाए, ताकि विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा कर समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बैंकों से आजीविका संवर्धन तथा औद्योगिक क्षेत्र को ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार, लघु उद्योग, एमएसएमई तथा अन्य उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाकर राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को और गति दी जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु , डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, नितेश झा, डॉ बी.वी. आर. सी पुरुषोत्तम, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, श्री श्रीधर बाबू अदांकी, धीराज गर्ब्याल, क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक अरविन्द कुमार, मुख्य महाप्रबंधक हर्ष कुमार गौतम, महा प्रबंधक नाबार्ड पंकज यादव, अध्यक्ष इन्डस्ट्रीज एसोसियेशन ऑफ उत्तराखंड पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक नई दिल्ली प्रभास बोस, महाप्रबंधक शैलेश कुमार, उप महाप्रबन्धक एसबीआई देहरादून राजीव रंजन, उप महाप्रबन्धक एसबीआई हल्द्वानी राजीव रंजन रतन, सहायक महाप्रबन्धक, एस.एल.बी.सी. उत्तराखंड शैलेन्द्र कुमार उनियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सेवा पखवाड़ा बना जनसेवा का महाअभियान, प्रदेशभर में हजारों नागरिकों ने उठाया सरकारी योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा, सुशासन एवं समर्पण तथा जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर, थीम आधारित जनजागरूकता कार्यक्रम एवं विकास प्रदर्शनी का व्यापक आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन-प्रशासन की सीधी पहुंच सुनिश्चित करते हुए हजारों नागरिकों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया।

अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल तथा ऊधम सिंह नगर सहित विभिन्न जनपदों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में आमजन ने प्रतिभाग किया। विभागीय स्टॉलों के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, स्वरोजगार, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, शिक्षा, राजस्व, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयुष, सेवायोजन, दुग्ध विकास, मत्स्य, सहकारिता सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क औषधि वितरण, आधार एवं प्रमाण-पत्र निर्माण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महालक्ष्मी किट वितरण, कृषि एवं उद्यान सहायता, पशुपालन एवं डेयरी योजनाएं, रोजगार पंजीकरण, छात्रवृत्ति, किसान योजनाएं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।

प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में प्राप्त जनसमस्याओं एवं शिकायतों का बड़ी संख्या में मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए।

विभिन्न जनपदों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान जनप्रतिनिधियों, आयोगों एवं परिषदों के अध्यक्षों, विधायकों, सांसदों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों ने शिविरों का निरीक्षण कर लाभार्थियों से संवाद किया और विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

शिविरों में उद्योग एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने, कृषि एवं पशुपालन में नवाचार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा किसानों एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने से संबंधित योजनाओं का विशेष रूप से प्रचार-प्रसार किया गया। कई स्थानों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया तथा लाभार्थियों ने योजनाओं से प्राप्त लाभ के अपने अनुभव साझा किए।

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा भी विभिन्न जनपदों में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रचार सामग्री एवं ष्मेरी योजनाष् पुस्तिका का वितरण कर नागरिकों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई।

प्रदेशभर में आयोजित इन जनसेवा शिविरों के माध्यम से लगभग 5,300 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की तथा 4,470 से अधिक पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविरों में 415 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 179 से अधिक मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

अल्मोड़ा में लगभग 1300, बागेश्वर में 205, उत्तरकाशी में 185, पौड़ी में 128, चमोली के कर्णप्रयाग में 200 से अधिक, कनोल में 150 से अधिक, चम्पावत में 440, हरिद्वार में 1130 प्रतिभागियों (386 लाभार्थियों), नैनीताल में 510 तथा ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में 1150 प्रतिभागियों (951 लाभार्थियों) ने विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक सुशासन और जनसेवा की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ष्सेवा, सुशासन एवं समर्पणष् केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सरकार की कार्यसंस्कृति है। जनसेवा शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों का समय, श्रम और धन बच रहा है तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।