खटीमा से लेकर नंदानगर तक हर जगह जनता के बीच रहे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरा दिन जनसेवा में व्यतीत किया। इस दौरान वो ऊधमसिंह नगर से लेकर चमोली तक लोगों से मुलाकात करते हुए, उनकी समस्याओं का निराकरण करते नजर आए।

शनिवार सुबह नौ बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सबसे पहले खटीमा (ऊधमसिंहनगर) में आम लोगों से मुलाकात करते हुए अधिकारियों को जन समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने आपदा प्रभावित चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र का दौरा किया, जहां पीड़ितों से मिलकर उनके दुख दर्द को साझा किया, सीएम ने पीड़ितो को सहायता राशि प्रदान करने के साथ ही जीवन को फिर संवारने में सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने जनपद रुद्रप्रयाग और चमोली के अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण कर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर पुनर्निमाण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। यहां से लौटते समय सीएम ने श्रीनगर के पास धारी देवी के दर्शन करते हुए, प्रदेशवासियों की कुशलता के लिए प्रार्थना की। शाम को देहरादून लौटने पर मुख्यमंत्री धामी ने भाजपा नेताओं के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। साथ ही शासन को विभिन्न विषयों पर दिशा निर्देश दिए।

उत्तराखंड में धामी की 109 तो देश के विभिन्न राज्यों में की 95 बड़ी जनसभाएं, रोड शो आदि कार्यक्रम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के सबसे व्यस्त स्टार प्रचारकों में से एक साबित हुए हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते 60 दिनों में धामी ने देशभर में 204 चुनावी कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। इनमें नामांकन, रोड शो, जनसभायें इत्यादि कार्यक्रम शामिल रहे। महत्वपूर्ण यह भी की मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान देश के अनेक स्थानों पर 95 बड़ी जन सभाओं, रोड शो में भी प्रतिभाग किया।
समान नागरिक संहिता कानून, सख्त नकल विरोधी कानून, सख्त धर्मांतरण कानून, सख्त दंगा नियंत्रण कानून। ये कुछ ऐसे बड़े फैसले रहे, जिनसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता का ग्राफ देश भर में तेजी से बढ़ा है। खासतौर से उत्तराखंड में जिस तरह से धामी ने समान नागरिक सहिंता को लागू किया, उसके बाद से लगातार उनके चर्चे देश भर में रहे। भारतीय जनता पार्टी ने भी इन लोकसभा चुनाव के मेनिफेस्टो में समान नागरिक सहिंता को देश में लागू करने को गारंटी के रूप में शामिल किया। यह एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला रहा जिसके चलते मुख्यमंत्री धामी की धमक पूरे देश में देखने को मिली। छोटे राज्य का मुख्यमंत्री होने के बावजूद जिस तरह के बड़े और अहम निर्णय धामी ने लिए उसे भाजपा आलाकमान ने भी भुनाने में कसर नहीं छोड़ी। देश में सात चरणों में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनावों में धामी ने 60 दिन की अवधि में ताबड़तोड़ 204 कार्यक्रम देशभर में किये। इनमें तमाम नामांकन कार्यक्रम से लेकर रोड शो, रैली, जनसभा शामिल रही। देश के विभिन्न से ज्यादा राज्यों में उन्होंने चुनाव प्रचार किया और जहां जहां उनके कार्यक्रम हुए वहां हजारों की संख्या में युवाओं, महिलाओं की भीड़ उन्हें सुनने के लिए उमड़ती रही। मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान तेलंगाना सहित दिल्ली, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब, बंगाल, मुंबई, झारखंड, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में प्रचार किया। तेलंगाना में तो उनकी इतनी डिमांड रही कि उन्हें वहां से दोबारा चुनावी कार्यक्रमों के लिए बुलावा आया।
उत्तराखंड में भी विगत 60 दिनों में उन्होंने कुल मिलाकर 109 कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया तो इसके साथ-साथ ही वे देश के तमाम राज्यों में भी बिना रुके-बिना थके चुनावी कार्यक्रमों को धार देते रहे। मुख्यमंत्री धामी के साथ उनके चुनावी कोऑर्डिनेटर के रूप में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला भी हर पल उनके साथ मौजूद रहे।

वनाग्नि से लेकर चारधाम की चुनौती से भी पार पाया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जहां देश मे चुनाव प्रचार में व्यस्त थे तो उनके समक्ष अपने राज्य से वनाग्नि से लेकर चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन के रूप में चुनौतियां भी पेश आयी लेकिन उन्होंने इन चुनौतियों पर भी पार पा के दिखाया। मई की शुरुआत में जब उत्तराखंड के जंगल धधकने लगे तो धामी चुनावी व्यस्तताओं को छोड़ देहरादून लौटे और सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठकें कर जरूरी निर्देश जारी किए। इस का नतीजा यह रहा कि पूरा सिस्टम हरकत में रह और वनाग्नि पर तेजी से काबू पाया जा सका। इसी प्रकार से जब 10 मई से चारधामों के कपाट खुलने शुरू हुए तो अप्रत्याशित भीड़ धामों में उमड़ने लगी। ऐसे में बगैर देर किए सीएम धामी ने न केवल देहरादून लौटकर बैठकें की बल्कि स्थलीय निरीक्षण कर तंत्र को सक्रिय किया। नतीजा एक सप्ताह में सारी व्यवस्थायें सुचारू रूप से संचालित होने लगीं।