कुंभ से संबंधित सभी तैयारियां, अक्टूबर माह तक पूरी हो: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में कुम्भ मेला-2027, हरिद्वार की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ से संबंधित सभी तैयारियों को अक्टूबर माह तक पूरा किया जाए। साथ ही कुंभ की आवश्यकताओं को देखते हुए सभी प्रकार के निर्माण कार्य तय समय के अंदर पूरे हों। सभी निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। शासन स्तर पर कुंभ से संबंधित कोई भी कार्य/फाइल लंबित न रहे। किसी भी कार्य को लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता है की कुंभ मेले का भव्य दिव्य और सफल आयोजन हो।

मुख्यमंत्री ने सचिव, पीडब्ल्यूडी को अगले 24 घंटे के अंदर कुंभ मेले के लिए टेक्निकल पद के अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का ऑडिट किया जाए। साथ ही कुंभ क्षेत्र में स्थित सभी घाटो का सौंदर्यकरण और आवश्यकता अनुसार पुनर्निर्माण कार्य भी किया जाए। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं के लिए हर की पैड़ी के साथ ही अन्य सभी घाटों में भी स्नान की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। सभी प्रमुख स्थानों पर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था हो। पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों, जल पुलिस की तैनाती हो। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन, सीसीटीवी , एवं अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी हो। उन्होंने कहा मेले के दौरान कानून व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्य योजना अलग से बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों को भूमि आवंटन तय समय पर किया जाए। इसकी मेलाधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग करें। साथ ही सभी अखाड़ों, मठों ,संत समाज, संस्थाओं, समितियां एवं स्थानीय लोगों से परस्पर्म समन्वय किया जाए। साथ ही उनके सुझावों के अनुरूप मेले की तैयारी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए कुंभ क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अतिक्रमण की खिलाफ अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संबंधित मामलों पर जल्द अनुमति ली जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य प्रदेशों से भी परस्पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा मेले से संबंधित सभी विकास कार्य कागजों के साथ धरातल में भी दिखाई देने चाहिए। मुख्यमंत्री ने आवास व टेंट सिटी की तैयारी समय से पूरी करने एवं मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ मेला हमारी संस्कृति, आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा धार्मिक आयोजन है। इस आयोजन को सफल बनाना हम सभी का कर्तव्य है। जो भी श्रद्धालु राज्य में आए वह अच्छा अनुभव यहां से लेकर जाएं।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक रेनू बिष्ट, विधायक अनुपमा रावत, विधायक रवि बहादुर, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव नितेश झा, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका सिंह एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सीएस ने हरिद्वार में घाटों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुम्भ मेला 2027 के लिए प्रस्तावित कार्यों की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला 2027 से सम्बन्धित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने फेज-1 में अति आवश्यक प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता पर लेने की बात कही। कहा कि कार्यों को समय से पूर्ण कराए जाने हेतु लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, शीघ्र शासनादेश जारी किए जाएं। जिनके शासनादेश जारी हो गए हैं, और टेण्डर प्रक्रिया हो चुकी है, उन कार्यों को शीघ्र शुरू कराया जाए। उन्होंने मनसा देवी मंदिर के फेज-1 का कार्य शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह के अंदर इसका शासनादेश जारी किया जाए। उन्होंने कांगड़ा घाट में महिलाओं के लिए घाट की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि घाटों पर श्रद्धालुओं का प्रवेश और निकास अलग-अलग स्थान पर होता है, जिससे जूते और सामान वापस लेने के लिए श्रद्धालुओं को फिर से वहीं वापस आना पड़ता है, जिससे अनावश्यक भीड़ होती है। उन्होंने घाटों के पास श्रद्धालुओं को जूते और सामान रखने के लिए एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार किए जाने निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को एग्जिट पॉइन्ट पर उनके जूते और सामान मिल जाए। उन्होंने सचिव लोनिवि को इसकी जिम्मेदारी सौंपी।

मुख्य सचिव ने पंतद्वीप और चमगादड़ टापू का ड्रेनेज प्लान सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किये जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग रानीपुर मोड़ और भगतसिंह चौक के जल भराव की समस्या का समाधान निकालते हुए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करे।

मुख्य सचिव ने हरिद्वार में घाटों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसका स्थायी समाधान निकाले जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर की पैड़ी का वेस्ट मैनेजमेंट गंगा सभा करती है। अन्य घाटों के लिए भी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी मूल्यांकन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता की लगातार जांच की जाए, मूल्यांकन एजेन्सी से साप्ताहिक रिपोर्ट संकलित की जाए एवं उसका अध्ययन कराया जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दिलीप जावलकर, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अद्धांकी, युगल किशोर पंत एवं मेलाधिकारी सोनिका सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे

सीएस बर्द्धन ने सचिवालय में कुम्भ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में कुम्भ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। इस दौरान मुख्य सचिव ने कुम्भ क्षेत्र में कराए जा रहे और कराए जाने वाले विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले से सम्बन्धित सभी स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के कार्यों की प्राथमिकता तय की जाए।

मुख्य सचिव ने नोडल अधिकारियों की तैनाती शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग नहर बंदी के समय कराए जाने वाले कार्यों को समय से पूरा कराने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करा लें। उन्होंने नहर बंदी का समय बढ़ाए जाने हेतु यूपी से लगातार संवाद किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार की अनापत्ति प्रमाण पत्रों के लिए तत्काल कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने रेलवे स्टेशनों का सौन्दर्यीकरण के लिए शीघ्र कार्यवाही कराये जाने हेतु डीआरएम मुरादाबाद संग्रह मौर्य से भी अनुरोध किया, साथ ही जीआरपी थानों में मानक व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की बात कही। उन्होंने पुलिस एवं रेलवे विभाग को संयुक्त रूप से यातायात प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस का सर्विलांस सिस्टम एवं अस्थायी थानों की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ के दौरान घाटों को लगातार साफ रखना चुनौतिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्य घाटों में लगातार सफाई के लिए प्रणाली विकसित की जाए। उन्होंने कुम्भ मेला क्षेत्र की आंतरिक सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंतरिक सड़कों का कार्य नगर निगम के माध्यम से करवाया जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग द्वारा घाटों के सौन्दर्यीकरण में ग्रीन ओपन स्पेस का प्रावधान अनिवार्य रूप से किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को उनके द्वारा कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेला अधिकारी को थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, एडीजी डॉ. वी मुरूगेशन, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे, मेला अधिकारी सोनिका, सचिव सी. रविशंकर एवं युगल किशोर पंत सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।

हरिद्वार में मुख्य सचिव ने कुंभ मेला क्षेत्रों का निरीक्षण कर दिए निर्देश

2027 के कुंभ को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से तथा आने वाले श्रद्धालुओं को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं किए जाने वाले निर्माण कार्यों का आज मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने मेला क्षेत्र का स्थलीय किया,निरीक्षण के दौरान मेला अधिकारी सोनिका,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा नजीबाबाद हाईवे पर गौरी पार्किंग स्थल में मल्टी मॉडल हब बनाये जाने हेतु कार्य का निरीक्षण, चण्डी देवी मन्दिर तक रोपवे का निर्माण हेतु स्थलीय निरीक्षण, दिव्य प्रेम मिशन आश्रम के समीप नीलधारा में कल्चरल हब के निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,नमामिः गंगे घाट नीलधारा में लेजर शो हेतु स्थिल निर्माण की योजना का निरीक्षण, बैरागी कैम्प क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों एवं धार्मिक संस्थाओं के कैम्पिंग की योजना का निरीक्षण, बैरागी कैम्प क्षेत्र, दक्षद्वीप क्षेत्र में मायापुर स्कैप चौनल के दोनो 15 और नये घाटों के निर्माण कार्य की योजना का निरीक्षण, आईरीस सेतु से श्री यंत्र मन्दिर होते हुए मातृ सदन तक मार्ग के सुदृढ़ीकरण योजना का एवं उक्त मार्ग के मध्य 700 से 800 मी0 की कच्ची सड़क को पक्की सड़क बनाने जाने की योजना कार्य का निरीक्षण, नक्षत्र वाटिका के समीप कनखल ऐरिया कैनाल फ्रन्ट डेवलपमेन्ट योजना जिसके अन्तर्गत नक्षत्र वाटिका के पास पार्किंग ऐरिया, लैण्ड स्कैपिंग, पैदल स्थाई पुल चौड़ाई 7.0 मी0 (01 पुल दक्ष मन्दिर को जोडने हेतु एवं 01 पुल बैरागी क्षेत्र से सतीघाट को जोड़ने हेतु) कार्य का निरीक्षण, शमशान घाट कनखल के सामने 01 नग अतिरिक्त स्थाई सेतु के निर्माण कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से जान्ह्वी डेल होटल तक सिल्टइजैक्टर के ऊपर सड़क निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से झंडा चौक कनखल है होते दक्ष मन्दिर मार्ग का निरीक्षण एवं झंडा चौक कनखल के चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण,भीमगोड़ा स्थित खड़खड़ी शमशान घाट को चमगाद्ध टापू से जोड़ने हेतु स्थाई सेतु निर्माण कार्य का निरीक्षण एवं हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने मेलाधिकारी, जिलाधिकारी एवं संबंधित कार्यदाई संस्थाओ के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि 2027 का कुंभ दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाए। इसमें जिस स्तर से जो भी स्थाई एवं अस्थाई निर्माण कार्य एवं घाटों का विस्तारीकरण आदि कार्य किए जाने है, उन कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिए जाए तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टिगत जिन घाटों पर रेलिंग लगाई जानी है उन घाटों पर प्राथमिकता से रेलिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जो कार्य किए जाने है उन कार्य को तत्परता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं।

जनपद आगमन पर मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुष्प गुच्छ भेंट कर मुख्य सचिव का स्वागत किया। मेलाधिकारी सोनिका एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी दिशा निर्देश दिए गए उनका संबंधित अधिकारियों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता सिंचाई सुभाष चंद पांडे, मुख्य अभियंता सिंचाई चंद्र शेखर सिंह, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा, एसपी सिटी पंकज गैरोला, सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीके सिंह, अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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मेला के सफल आयोजन को विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से लिये गए सुझाव

2027 कुंभ मेले को सुव्यवस्थित एवं दिव्य व भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सीसीआर सभागार में जनप्रतिनिधियों,स्टेक होल्डर,श्री गंगा सभा,व्यापार मंडल, प्रेस क्लब एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जिसमें सभी सुझाव लिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संस्थाओं से आए पदाधिकारियों का स्वागत किया, उन्होंने कहा कि कुंभ मेला का सफल संचालन एवं भव्यता के साथ आयोजित किए जाने के लिए सभी का सहयोग बहुत जरूरी है ताकि सभी सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को ठीक किया जा सके।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए सभी का सहयोग हर कुंभ मेले में उपलब्ध हो रहा है तथ्य आगामी कुंभ मेले को भी सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है जिससे कि सभी के सहयोग से कुंभ मेले को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जा सके।

उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी सुझाव दिए गए हैं तथा जो भी व्यवस्थाएं कराई जानी है उसके लिए मेला अधिकारी एवं जिला अधिकारी द्वारा बैठक में आए सभी सुझावों को शामिल किया जाएगा तथा उन पर जो भी कार्यवाही की जानी है वह कार्यवाही संबंधित विभाग द्वारा तत्परता से कराई जाएगी।

बैठक के दौरान महापौर किरण जैसल, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके सिंह, एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा, एसपी सिटी पंकज गैरोला, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, सेक्रेटरी होटल एसोसिशन अमित चौहान, अध्यक्ष धर्मशाला समिति महेश गौड़, अध्यक्ष प्रेस क्लब हरिद्वार धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री दीपक मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष राज्य व्यापार मंडल तेज प्रकाश साहू, जिला महामंत्री प्रदेश व्यापार मंडल संजय त्रिवाल, जिलाध्यक्ष महानगर व्यापार मंडल सुनील सेठी सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।

कुंभ मेला सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सरकारी भूमि, सड़कों पर से अतिक्रमण हटाएंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में कुम्भ मेला 2027 के भव्य आयोजन की सभी तैयारियां समय रहते हुए स्थायी प्रकृति के कार्य अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किये जाएं। कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर उन्हें पूर्ण किये जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यों को आगे बढ़ायें।

आज सचिवालय में हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी के क्रम में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भव्य और दिव्य कुंभ का आयोजन कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेला संबंधित सभी कार्य विस्तारित क्षेत्र और मास्टर प्लान को ध्यान में रख कर किए जाएं। मास्टर प्लान में सभी सेक्टर, मार्ग, पार्किंग, घाट, कैम्प स्थलों को स्पष्ट तौर पर चिन्हित किया जाए, ताकि इसके अनुसार आवश्यक भूमि का अधिग्रहण करने के साथ ही संबंधित भूमि का अस्थायी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही भीड़ का दबाव कम करने के लिए नए घाटों का निर्माण, कांगड़ा घाट का विस्तार और मौजूदा घाटों की मरम्मत भी समय से पूरी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सरकारी भूमि, सड़कों पर से अतिक्रमण सख्ती के साथ हटाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईआईडीबी द्वारा हरिद्वार गंगा कॉरिडोर में जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें कुंभ को देखते हुए प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन बहादराबाद – श्यामपुर बाईपास को जल्द पूरा किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ कुंभ के दौरान मिल सके। इसी तरह श्यामपुर, गैंडीखाता एवं चण्डीघाट क्षेत्र में विशेष टेंट लगाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इसी तरह कुंभ क्षेत्र में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक डायवर्जन योजना, पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए। पार्किंग दूर होने पर शटल सेवा की व्यवस्था पर विचार किया जाए। कुंभ क्षेत्र में आंतरिक मार्गों को भी समय से ठीक किया जाए, इसका लाभ स्थानीय निवासियों को भी मिलेगा। मंसा देवी, चंड़ी देवी पैदल मार्ग के सुदृढीकरण का कार्य समय से पूरा कर लिया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ठोस कचरा अपशिष्ट के लिए जीरो वेस्ट कॉन्सेप्ट अपनाया जाए, कुंभ क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डस्टबिन, रीसाइक्लिंग सिस्टम और मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पिंक टायलेट और चेंजिंग रूम की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों और गंगा तटों पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था की जाए। हरकी पैड़ी में श्रद्धालुओं के लिए आरती और बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा से संबंधित सभी इंतजाम समय से पूरी कर ली जाएं। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था के साथ ही पार्किंग स्थलों पर सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाए जाएं। श्रद़धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक घाट पर लाइफगार्ड, सुरक्षा रस्सी और मोटर बोट की उपलब्धता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि श्रद्धालु उत्तराखंड से अच्छे अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। इसके लिए कार्मिकों को अभी से प्रशिक्षण दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ रखी जाएं। मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था की जाए। मेला प्रबंधन में आईटी व डिजिटल सेवाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए। श्रद्धालुओं को रियल-टाइम सूचना देने के लिए मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुख्य सचिव को कुंभ मेला तैयारी की समीक्षा 15 दिन में करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में विधायक मदन कौशिक, प्रेमचंद अग्रवाल, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, रवि बहादुर, अनुपमा रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फेनई, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, डॉ पंकज पांडेय, डॉ आर राजेश कुमार, धीराज सिंह गर्ब्याल, युगल किशोर पंत, मेलाधिकारी सोनिका और वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।